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VIDEHA ISSN 2229-547X  ·  First Maithili Fortnightly eJournal  ·  Since 2000  ·  www.videha.co.in
विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
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विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

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विदेह नूतन अंक
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राजदेव मंडल
हम अड़ल छी


जीनगी भरि भागैत छी हम
मुदा आब भए गेलौं बेदम
पाछू सँ खेंगहारिते छी
अहूँ नै छी कम ।
अहर्निश चलि रहल अहाँक खेल
एहि सँ छी अकच्छ भेल
रहै छी केहेन चुप
मुदा बदलैत अपन रूप
पाछू सँ डेराबै छी
भागै छी हमरो भगाबै छी
देखते हम भअ जाए छी कात
तइयो करै छी हमरे पर आघात ।
जीअब आकि मरब नै सोचि रहल छी
तामसे अपने देह केँ नोंचि रहल छी
टांगसँ माटि केँ खोखैर रहल छी
मुँहसँ बीख जेकाँ गौंज बोकैर रहल छी
खोखरल माँटि तर झाँपल जाएत
अहूँक शक्ति नापल जाएत
नै भागब हम अड़ल छी
आब नै हम डरल छी ।

-राजदेव मंडल, mandalraj151960@gmail.com
 

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