VIDEHA ISSN 2229-547X  ·  First Maithili Fortnightly eJournal  ·  Since 2000  ·  www.videha.co.in
विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
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विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

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प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका — First Maithili Fortnightly eJournal

विदेह नूतन अंक
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राजदेव मंडल

शरशय्या


अदृश्य शरशय्या पर हम छी पड़ल
असंख्य बाण अछि मन मे गड़ल ।
नित नव-नव बाण रहैत अछि - गड़ैत
एकबेर नहि कते बेर रहैत छी - मरैत
पुरना पीड़ा सॅं व्यथित अछि मन
पुनः नवका सॅं बेधल जाएत तन
अदृश्य बाण करैत सन-सन
नहि देखैत अछि कियो सुधीजन ।
कखनो मूल्यहीन कखनो मूल्यवान
मोसकिल मे फॅंसल अछि जान
एकेबेर लगैत असंख्य बाण
एकेबेर मे छुटि जाएत प्राण
रहि-रहि मारै छी आ जियाबै छी
बीख मे डूमाक अमृत पियाबै छी
जाधरि चलत शरशय्याक कथा
ताधरि चलत हमर ई व्यथा
यौ आबो सुझाउ कोनो युक्ति
जाहि सॅं भेटि जाए हमरो मुक्ति ।
 

-राजदेव मंडल; Mob:9199592920; Gmail:mandalraj@gmail.com
 

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