
डा. किशन कारीगर
गिनिज वर्ल्ड नाम त हम पुर पुर पादब (हास्य कथा)
बाबा बड़बड़ाइत बजैत रहै हौ भागेसर एना किए गन्हौने छहअ? कहए त सत्ते कहू
एना पादब भेलैइए? जा ने मर मैदान भऽ आबअह ने. कहए त बाबा मंदिर मे लोक समाज
पूजा अर्चना करै लै अबैइए आ तूं तखनि स ढुण ढुण पदै मे बेहाल छह. तोरा
कनियो लाज ने होइत छहअ? कहअ त बाबा मंदिर दिस पुर पुर पदबह तोरा किन्हों
भांवश हेतहअ? गन्ध स त आब ट्रेनक जेनरल बोगी के बाथरूमो स बेसी तूं गन्हौने
जाइत छह. हौ भागेसर जाह ने पोखैर दिस स भ आबह ने. कैले एते पुर पुर पदै मे
लागल छह? अखैन त पब्लिक लोक समाज आएब शुरू ने केलकैयै. सब पूजा करै लै त
बेरा बेरी एब्बे करै जेतै? तब की कहै जेतै कहअ त? राम राम आब गन्ध स मोन
औना गेल.
भागेसर पंडा बोलैत रहै यौ बाबा अहाँ एकदम चिंता नै करू. पब्लिक एनै शुरू
हेतै त हम भूस भूस पाएब. मुदा पादब जरूर. बाबा हां हां के हँसैत बोला हौ
भागेसर पब्लिक के सेहो गन्ह लगतै कीने? तोहर पेट तेज खराप छह आ कि कतौ
अछिंदरे खेलह यै की अपच केने छह जे एते भूस भूस पदै छह? हे जा आबो पोखैर
दिस भऽ आबह किए मंदिर परिसर के गन्हबै मे लागल छह? पब्लिक के सेहो दुर्गंध
लगतै त फेर कोई मंदिरो दिस घूइर के आउत? भागेसर बोललकै यौ बाबा तेकर चिंता
अहाँ जूइन करू. रमेसरा आ मुनेसरा के सबटा गप बुझहा देने छियै की. पब्लिक
आएब शुरू हेतै त हम भूस भूस पादब आ तों सब धूमन पजारने अगरबत्ती जरा के
रखने रहियैए. पदबाक गंघ केकरो ने लगतै. मैथिलीए वला सब जेंका हमर किरदानी/
यथार्थ के मुँह झंपा जेतै आ सब बुझैत जे हम प्रसिद्ध पुजेगरी छी की.
बाबा खौंजाइत बजलै जे हौ भागेसर तों सब नै मानबह एवं कहू त बाबा सोझहा सेहो
पुर पदतै? ई रमेसरा मनेसरा सेहो फिल्ड दिस भ्राम भ्राम पदै छेलै यै. हम
पुछबो केलियै जे एना किएक हौ? त ई दुनू बाजल जे यौ बाबा काल्हि मूरनक भोज
मे माउस भात फइब लागल रहैए त अनका सीरे अछिंदरे भोकैस लेलियै की. फेर सौ
पचास रसगुल्लो ध देलियै. पेट थपथपा ई दुनू भ्राम भ्राम पता छेलै यै. हई
तोरा सबके माथा थाता त खराप नै छहअ? एते कहूं पादब भेलैयैए? भागेसर रामेसर
मनेसर ई तीनू आई पाइद क मंदिर परिसर अनघोल केने अछि ओहिना जेना मैथिली
होहकार सब गिरोहक हं में हं मिलबैत रहल आ दाउ सुतारै दुआरे मिथिला मैथिलीक
हो हो केने रहै जाइए. हई भागेसर एते पदै जाइ छह से की बात छियै से कहअ ने
कनि?
भागेसर बोलैत रहै यौ बाबा अहाँ देखैत रहू आगा की की होइ छै. कनि पब्लिक के
जाए टा दियौ. बाबा पुछलकै दे पब्लिक चल जेतै तब तें सब की करबहक? भागेसर
बोललकै यौ बाबा तकरा बाद त हम निचेन स भ्राम भ्राम पदबै. हमरा संगे रमेसरा
मनेसरा सेहो पदतै आ संगे संगे अहूँ के भ्राम भ्राम पदै के प्रैक्टिस कराएब
आ नै त अहां बाबा छी त अप्पन अहाँ मैथिली वला सब जेंका बीखे पादब. आबि दियौ
कारीगर जी के मंदिर दिसा कनि उ त मीडिया वला लोक छै हुनका कहबै जे गिनिज
वर्ल्ड वला के बजबै के सरजांम करू. बाबा बजलै हइ भागेसर आई तोहर माथा थाता
खराब भऽ गेल छहअ की. हौ तूं अपना संगे हमरो की पदान पदबै मे लागल छह से वैह
जानि? कोन पदान पदेबह से कोन ठीक.
बाबा के बात सुनि के भागेसर हां हां के बजैत रहै यौ बाबा हम जल्दिए दिल्ली
दिस बाबा महोत्सव करै जा रहल छियै. ओइ मे बाबाक बीच पदबाक प्रकार, भागेसर
के भूस भूस पादब, रामेसर के ढुण ढुण पादब, मनेसर के भ्राम भ्राम पादब के
मंचन करा देबै. त लगले अनघोल भऽ जेतै से बाबा मंडली के पदबाक मंचन
व्याख्या, प्रदर्शन, जनकपुर, काठमांडो, मधुबनी, दरभंगा मे सगतरि भेल छै की.
दू चाइर टा होहकार सब स सेहो कहबा देबै जे बाबा मंडली के पादब मधेश मिथिला
के गामे गामे भऽ चुकल यै. ततेकरा बाद देखैत रहियौ जे गिनिज वर्ल्ड वला के
आंइख खुजै छै कीने नई अपना सबहक नाउ वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पादब लै गिनिज बुक
मे लिखाइए कीने? फेर किछ हाकरोसी स कहबा लिखबा देबै जे ई मिथिलाक लेल गौरव
के बात यै जे पुर पुर पदै लै गिनिज बुक मे नाम लिखा गेल अई स कतेके पेट
दर्द शुरू भऽ गेलै. आ मैथिलीए नाटक वला सब जेंका अपनो सबहक किरदानी/यथार्थ
के मूँह झंपा जेतै की?
एतना मे साइकिल के घंटी टुनटुनबैत हमहूँ मंदिर दिस पहुँचली. अवाज़ देलियै
बाबा हो बाबा? की हो पंडा जी कनि छहो हौ? एतना ढुण् ढुण, पुर पुर, भ्राम
भ्रम कथि हो रहलो. ओनि से पंडा जी बोलथिन आउ आउ किशन जी अहि के खोजबिन मे
बाबा मंडली लागल छेलौं. ज आबिए गेलहुँ त कनि गिनिज बुक वला स संपर्क क
दिल्ली बजाउ ओकरा. ताबे बाबा बजलै हौ जी महराज हमरा त भागेसरक गप के कोनो
भांजे नै लागि रहल. पंडी जी हां हां करैत बजलै यौ बाबा अहूँ साफे खत्म आदमी
छि अखनि तक किछो ने बुझलियै. हे कारीगर जी कनि अहिं बाबा के बुझहा दियौन जे
पुर पुर पदै मे सेहो गिनिज बुक रेड भेलै यै कीने? सैह हम सोचलहुँ जे अई बेर
बाबाक या अपने नाम दर्ज करा लै छि.
हम्मे कहलियै हो बाबा पंडा जी ठीके त कह रहलहो. बाबा एतना बात सुन के हां
हां करैत बोललकै अच्छा त से गप छियै. हमरा त बुझले नै छल. हम कहलियै हो
बाबा अखनिए सबटा गप बुझ जेबहो की. भागेसर जी से पूछने तनि जे गिनिज टीम
औताह त की सब करतै? बाबा भागेसर स पुछलकै त
उ हां हां करैत बजलै यौ बाबा हम त कहबै जे गिनिज वर्ल्ड वला सब हौ तों सब
आन्हर छह? नाम दुआरे त हौ मैथिल सब एकरो रेकड तोइड़ देतै की. पुर पुर/ ढण
ढ़ण/ भूस भूस/ भ्राम भ्राम पदै आ बिख पदै मे त मैथिल सब एक नंबर बिहाइर
होइए. जल्दी मिथिला भ्रमण क तों सब देखहक. दिल्ली टा मे बौएने किछ नै हेतह?
देखहक पुर पुर पदै के रेकड बनै छै कि ने? आ फेर पुर पुर पदबाक नबका रेकड
बनतै की.
- डा. किशन कारीगर, मूल नाम- डा. कृष्ण कुमार राय)
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