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VIDEHA ISSN 2229-547X  ·  First Maithili Fortnightly eJournal  ·  Since 2000  ·  www.videha.co.in
विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
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विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

विदेह नूतन अंक
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आशीष अनचिन्हार
दू टा गजल

१

ई बात बुझले रहै ई बात जनले रहै
जे दुश्मनक भीड़मे किछु लोक अपने रहै

आएल जहिया जखन आँगन अचानक कियो
किछु नोर पोछल रहै किछु नोर बचले रहै

मजबूर जीहो रहल मजबूर ठोरो रहल
किछु बात संगे रहै किछु बात अलगे रहै

ईहो तमाशा बहुत भेलै हमर देशमे
किछु लोक जागल रहै किछु लोक सुतले रहै

खरिहानमे खेतमे आँगन दलानो बुझू
किछु जीह कटले रहै किछु मूँह दबले रहै

सभ पाँतिमे 2212-212-2212-212 मात्राक्रम अछि।

२

बसबिट्टी सन घनगर दुख
बाँसे सन छै नमहर दुख

गोपी बनि ललचाबै सभकेँ
ई टिकुला ई मज्जर दुख

हुनका हिस्सा सीसो सभ
हमरा हिस्सा पीपर दुख

हारल दुख हमरा भेटल
जीतल जीतल हुनकर दुख

बहुते दिन सुख लग रहितो
रहिए गेलै असगर दुख

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। दू अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। ई बहरे मीर अछि।

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साहित्य अकादेमीक संकीर्ण मैथिली भाषा विभागसँ विदेह (मैथिली साहित्यक समानान्तर मंच) ऐ अर्थमे सेहो फराक अछि जे विदेहमे ठेठी, अंगिका आ बज्जिका सन सहभाषाकेँ संग लऽ कऽ मिथिलाक बोली-वैविध्यक समग्र चित्र देल जाइत अछि। विदेहमे ठेठी, अंगिका आ बज्जिकाक भाषा विज्ञान, रचना आ व्याकरण मैथिलीक संग देल गेल अछि मैथिलीक एकटा समानान्तर व्याकरण, रचना आ भाषा विज्ञान (ठेठी, अंगिका आ बज्जिकाकेँ संग लऽ कऽ)- गजेन्द्र ठाकुर, संगे विदेहमे ठेठी, अंगिका आ बज्जिकाक साहित्य ई-प्रकाशित आ समीक्षित सेहो होइत अछि।– गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक, विदेह ISSN 2229-547X
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