विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

सगर राति दीप जरय: मैथिली कथा लेखनक क्षेत्रमे शान्त क्रान्ति (दोसर खेप)

डॉ. रामानन्द झा ‘रमण’ · 2008-12-01 · अंक 23

1.सगर राति दीप जरय मैथिली कथा लेखनक क्षेत्रमे शान्त क्रान्ति-डा.रमानन्द झा ‘रमण‘ 2. मिथिला विभूति पं मोदानन्द झा-प्रोफेसर रत्नेश्वर मिश्र
डा.रमानन्द झा ‘रमण‘
21.01.1990-पहिल सगर राति दीप जरय,मुजफ्‌फरपुर
64म-सगर राति दीप जरय
मैथिली कथा लेखनक क्षेत्रमे शान्‍त क्रान्‍ति
रहुआ-संग्राम-11 नवम्‍बर, 2008
डा.रमानन्‍द झा ‘रमण‘
सगर राति दीप जरय (कथा पाठ एवं परिचर्चा) संकलन-डा.रमानन्‍द झा ‘रमण‘
क.सं. स्‍थान तिथि संयोजक अध्‍यक्षता/उदघाटन पेाथी लेाकार्पण ल्‍ेाखक लेाकार्पणकर्ता अन्‍य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
1 मुजफ्‍फरपुर 21.01.1990 प्रभास कुमार चौधरी रमानन्‍द रेणु - - शैलेन्‍द्र आनन्‍दक कथा
यात्रा-डा.रमानन्‍दझा रमण'
2 डेओढ़ 29.04.1990 जीवकान्‍त प्रभास कुमार चौधरी - - - -
3 दरभंगा 07.07.1990 डा.भीमनाथ झा/प्रदीपमैथिली पुत्र,
व्‍यवस्‍था-विजयकान्‍त ठाकुर
गोविन्‍द झा
1.सामाक पौती
2.मोम जकाँ बर्फ जकाँ
गोविन्‍द झा
अमरनाथ
डा.मुनीश्‍वर झा
प्रभासकुमारचौधरी
4 पटना 03.11.1990 गोविन्‍द झा
व्‍यवस्‍था-दमनकान्‍त झा
उपेन्‍द्रनाथ झा‘व्‍यास'
एवं राजमोहन झा
- - - -
5 बेगूसराय 13.01.1991 प्रदीप बिहारी प्रो.रमाकान्‍त मिश्र 3.हमर युद्धक साक्ष्‍य मे डा.तारानन्‍द वियोगी उपेन्‍द्र दोषी -
6 कटिहार 22.04.1991 अशोक उपेन्‍द्र दोषी 4.ओहि रातुक भोर
5.अदहन
अशोक
शिवशंकर श्रीनिवास
डा.भीमनाथ झा
डा.रमानन्‍दझा रमण
विभूति आनन्‍दक कथा
यात्रा-डा.रमण
7 नवानी 21.07.1991 मोहन भारद्वाज प्रो.सुरेश्‍वर झा 6.समाड. रमेश कुलानन्‍द मिश्र -
8 सकरी 22.10.1991 प्रो.सुरेश्‍वर झा
व्‍यवस्‍था-डा.राम बाबू
ए.सी.दीपक 7.साहित्‍यालाप डा.भीमनाथ झा गोविन्‍द झा
-
9 नेहरा 11.10.1992 ए.सी.दीपक मन्‍त्रेश्‍वर झा - - - -
10 विराटनगर 14.04.1992 जितेन्‍द्र जीत डा.गणेश प्रसाद कर्ण
उद- गोविन्‍द झा
- - - नेपालमे मैथिली कथा -
डा.रमण
11 वाराणसी 18.07.1992 प्रभास कुमार चौधरी मायानन्‍दमिश्र/गंगेश गुंजन
उद-ठाकुर प्रसादसिंहएवं
पं.रमाकान्‍त मिश्र
- - - -
12 पटना 18.10.1992 राजमोहन झा स्‍ुाभाषचन्‍द्र यादव - - - -
13 सुपौल 09.01.1993 केदार कानन बुद्धिनाथ झा 8.पुनर्नवा होइत ओ छौंड़ी विभूति आनन्‍द महाप्रकाश -
14 बोकारो 24.04.1993 बुद्धिनाथ झा गोविन्‍द झा - - - -
15 पैटघाट 10.07.1993 डा.रमानन्‍द झा‘रमण‘ प्रो.उमानाथ झा 9.विद्यापतिक आत्‍मकथा गोविन्‍द झा प्रभासकुमारचौधरी -
16 जनकपुरधाम 09.10.1993 रमेश ंरंजन गोविन्‍द झा
उद-डा.रामावतार यादव
10.श्‍वेतपत्र
11.मिथिलावाणी-पत्रिका
12.गामनहि सुतैत अछि
13.मर्सिनी-उपन्‍यास
स.ंवियोगी एवं रमेश
मिलाप,जनकपुरधाम
महेन्‍द्र मलंगिया
डा.अरुणकुमार झा
डा.धीरेन्‍द्र
धूमकेतु
गोविन्‍द झा
डा.रामावतार यादव
-
17 इसहपुर 06.02.1994 डा.अरविन्‍द कुमार ‘अक्‍कू' डा.भीमनाथ झा - - - -
18 सरहद 23.04.1994 अमियकुमार झा प्रेमलता मिश्र ‘प्रेम' - - - -
19 झंझारपुर 09.07.1994 श्‍यामानन्‍द चौधरी जीवकान्‍त - - - -
20 घोघरडीहा 22.10.1994 जीवकान्‍त राजमोहन झा 14.कथा कुम्‍भ सं.बुद्धिनाथ झा गोविन्‍द झा -
21 बहेरा 21.01.1995 कमलेश झा श्‍यामानन्‍द ठाकुर
उद-चन्‍द्रभानु सिंह
15.सत्‍य एकटा काल्‍पनिक
विजय
सारस्‍वत जीवकान्‍त -
22 सुपौल,दरभंगा 08.04.1995 कमलेश झा प्रो.रामसुदिष्‍ट राय ‘व्‍याधा
उद-गोविन्‍द झा
- - - -
23 काठमांडू 23.09.1995 धीरेन्‍द्र प्रेमर्षि डा.धीरेन्‍द्र 16.नख दर्पण गोविन्‍द झा डा.यादव -
24 राजविराज 24.01.1996 रामनारायण देव डा.धीरेन्‍द्र
उद-डा.योगेन्‍द्र प्र.यादव-
मुख्‍य-गजेन्‍द्रनारायणसिंह,
मन्‍त्री, नेपाल सरकार
- - - -
25 कोलकाता
रजत जयंती
28.12.1996 प्रभास कुमार चौधरी गोविन्‍द झा
उद-यमुनाधर मिश्र
17.निवेदिता
18.कथाकल्‍प
सुधांशु‘शेखर' चौधरी
डा.देवकान्‍त झा
गोविन्‍द झा
प्रभासकुमारचौधरी
-
26 महिषी 13.04.1997 डा.वियोगी/रमेश-
प्रायोजित
मायानन्‍द मिश्र 19.अतिक्रमण
20.हस्‍तक्षेप
21.शिलालेख
22.परिचिति
डा.तारानन्‍द वियोगी
डा.तारानन्‍द वियोगी
डा.तारानन्‍द वियोगी
सुस्‍मिता पाठक
गोविन्‍द झा
कुलानन्‍द मिश्र
सुभाषचन्‍द्र यादव
मोहन भारद्वाज
-
2
सगर राति दीप जरय (कथा पाठ एवं परिचर्चा)
कसं.
स्‍थान तिथि संयोजक अध्‍यक्ष पेाथी लेाकार्पण ल्‍ेाखक लेाकार्पणकर्ता अन्‍य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
27 तरौनी 20.06.1997
यात्रीजन्‍मदिन
शोभाकान्‍त जीवकान्‍त - - - -
28 पटना 18.07.997 प्रभास कुमार चौधरी हरिनारायणमिश्र/रामचन्‍द्र खान 23.समानान्‍तर रमेश प्रभास कुमार चौधरी -
29 ब्‍ेागूसराय 13.09.1997 प्रदीप बिहारी प्रफुल्‍ल कुमार सिंह ‘मौन' 24.कुक्‍करूकू आ कसौटी चन्‍देश प्रभास कुमार चौधरी प्रभास कुमार चौधरीक
अन्‍तिम सहभागिता
30 खजौली 04.04.1998 प्रदीप बिहारी रमानन्‍द रेणु - - - -
31 सहरसा 18.07.1998 रमेश डा.महेन्‍द्र 25.ओना मासी डा.देवशंकर नवीन कुमारी ऋचा -
उद-गोविन्‍द झा 26.चानन काजर डा.देवशंकर नवीन मायानन्‍द मिश्र -
27.प्रतिक्रिया रमेश गोविन्‍द झा -
32 पटना 10.10.1998 श्‍याम दरिहरे राजमोहन झा
उद-गोविन्‍द झा
28.भरि राति भोर के.डी.झा,श्‍यामदरिहरे एवं प्रदीप
बिहारी
उपेन्‍द्रनाथझा‘व्‍यास'
33 बलाइन, नागदह 08.01.1999 पदम सम्‍भव जीवकान्‍त - - - -
34 भवानीपुर 10.04.1998 डा.जिष्‍णु दत्त मिश्र कामिनी 29.काल्‍हि आ आइ डा.धीरेन्‍द्र जीवकान्‍त -
35 मधुबनी 24.07.1999 सियाराम झा ‘सरस‘
व्‍यवस्‍था-डा.कुलधारी सिंह
राजमोहन झा
उद-डा.जयधारी सिंह
30.काजे तोहर भगवान शैलेन्‍द्र आनन्‍द विभूति आनन्‍द -
36 अन्‍दौली 28.10.1999 क्‍मलेश झा चन्‍द्रभानु सिंह - - -
37 जनकपुरधाम 25.03.2000 रमेश रंजन डा.धीरेन्‍द्र
उद-डा.राजेन्‍द्र विमल
- - - -
38 काठमांडू 25.06.2000 .धीरेन्‍द्र प्रेमर्षि डा.रमानन्‍द झा‘रमण‘ 31.मकड़ी प्‍ा्रदीप बिहारी महेन्‍द्र मलंगिया
उद-महेन्‍द्र कुमार मिश्र, सांसद 32.मिथिलांचलक लोक क्रथा डा.गंगा प्रसाद अकेला डा.रमानन्‍दझा‘रमण‘
33.शिरीषक फूल-‘अनुवाद अकेला डा.रमानन्‍दझा‘रमण‘
34.हम मैथल छी-कैसेट सियाराम झा‘सरस‘ डा.रामावतार यादव
35.मंडनमिश्र अद्वैतमीमांसा रमेश/दीनानाथ/सुरेन्‍द्रनाथ डा.रामावतार यादव
39 धनबाद 21.10.2000 श्‍याम दरिहरे एवं रामचन्‍द्र लालदास राजमोहन झा
उद-कीर्तिनारायण मिश्र
36.मनक आड.नमे ठाढ़ डा.भीमनाथ झा राजमोहन झा
40 बिटठो 21.01.2001 डा.अक्‍कू बलराम 37.मातवर अशोक डा.धीरेन्‍द्र म्‍ैाथिली कथाक
व्‍यवस्‍था-प्रो.विद्यानन्‍द झा उद-कुलानन्‍द मिश्र 38.दृष्‍टिकोण सुरेन्‍द्रनाथ डा.भीमनाथ झा समस्‍या डा.भीमनाथ झा
41 हटनी,घोघरडीहा 19.05.2001 प्रो.योगानन्‍द झा/अजित कुमार
आजाद
सोमदेव - - - -
42 बोकरो 25.08.2001 गिरिजानन्‍दझा‘अर्धनारीश्‍वर दयानाथ झा 39.निष्‍प्राण स्‍वप्‍न दयाकान्‍त झा हरेकृष्‍ण मिश्र
व्‍यवस्‍था-मिथिला सां.परिषद उद-हरेकृष्‍ण झा,भा.आ.सेवा 40मिथिलादर्पण(1925/2001) पुण्‍यानन्‍दझा
स.डारमानन्‍द झा ‘रमण‘
फूलचन्‍द्र मिश्र ‘रमण‘
43 पटना
किरण जयन्‍ती
01.12.2001 अशोक सोमदेव 41.प्रलाप गोविन्‍द झा सोमदेव
च्‍ेातना समिति, पटना 42युगान्‍तर विश्‍वनाथ गोविन्‍द झा
43एकैसम शताब्‍दीकघोषणा पत्र रमेश/श्‍याम दरिहरे/मोहन यादव राजमोहन झा
44 राँची 13.04.2002 कुमार मनीष अरविन्‍द साकेतानन्‍द 44चानन घन गछिया विवेकानन्‍द ठाकुर मोहन भारद्वाज
उद -परमानन्‍द मिश्र 45.शुभास्‍ते पन्‍थानः परमानन्‍द मिश्र साकेतानन्‍द
45 भागलपुर 24.08.2002 धीरेन्‍द्र मोहन झा योगीराज 45.कथा सेतु सं.प्रशान्‍त डा.बेचन
उद-डा.बेचन 47.प्‍ृाथा नीता झा राजमोहन झा
48.आउ, किछु गप्‍प करी कुलानन्‍द मिश्र डा.करुणाकर झा
3
सगर राति दीप जरय (कथा पाठ एवं परिचर्चा)
क.सं. स्‍थान तिथि संयोजक अध्‍यक्ष पेाथी लेाकार्पण ल्‍ेाखक लेाकार्पणकर्ता अन्‍य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
46 विद्यापतिभवन,
पटना
16.11.2002 अजित कुमार आजाद मोहन भारद्वाज
उद.राजनन्‍दन लाल दास
49.काठ विभूति आनन्‍द डा.तारानन्‍द वियोगी -
50.एक फाँक रौद योगीराज गोविन्‍द झा -
51.तीन रंग तेरह चित्र डा.सुधाकर चौधरी सोमदेव -
52.उदयास्‍त धूमकेतु सोमदेव -
53.सांझक गाछ राजकमल,
सं.डा.दे.नवीन
रामलोचन ठाकुर -
54.सर्वस्‍वांत सकेतानन्‍द सोमदेव -
55.अभियुक्‍त.. राजमोहन झा सोमदेव -
56.यात्री समग्र सं.शोभाकान्‍त गोविन्‍द झा -
57.मैथिलीबाल साहित्‍य डा.दमन कुमार झा गोविन्‍द झा -
58.ज्‍ीम ब्‍वसवदपंस च्‍मतपचीमतलरू
प्‍उंहपदह डपजीपसं ; 1875.1955द्ध
डा.पंकज कुमार झा डा.हेतुकर झा -
59.मैथिल समाज
पत्रिका, नेपाल
स.ंधीरेन्‍द्र प्रेमर्षि - -
47 कोलकाता 22.01.2003 कर्णगोष्‍ठी, कोलकाता डा.रमानन्‍द झा‘रमण‘
उद-रमानन्‍द रेणु
60.आत्‍मालाप गोविन्‍द झा रमानन्‍द रेणु मैथिली कथाकवर्तमान
समस्‍या-.डा.वियोगी
48 खुटौना 07.06.2003 डा.महेन्‍द्रनारायण राम सोमदेव/उद-खुशीलाल
झा एवं रामलोचन ठाकुर
61.लाख प्रश्‍नअनुत्तरित रामलोचन ठाकुर सोमदेव
49 बेनीपुर 20.09.2003 कमलेश झा डा.फूलचन्‍द्र मिश्र‘रमण‘
उद-प्रो.रामसुदिष्‍ट राय ‘व्‍याधा‘
- - - -
50 दरभंगा
स्‍वर्ण जयन्‍ती
21.02.2004 डा.अशोक कुमार मेहता गोविन्‍द झा
उद-चन्‍द्रनाथ मिश्र‘अमर‘
62.दिदबल प्रभास कुमार चौधरी गोविन्‍द झा -
63.चितकावर हंसराज सोमदेव -
64.गंगा यन्‍त्रनाथ मिश्र गोविन्‍द झा -
65बाबाक विजया उमाकान्‍त मार्कण्‍डेय प्रवासी -
66.सरिसब मे भूत श्‍याम दरिहरे राजमोहन झा -
67.गहवर डा.महेन्‍द्रनारायण राम जयनारायण यादव -
68.हाथी चलय बजार डा.देवशंकर नवीन राजमोहन झा -
69.उगैत सूर्यक धमक सियाराम झा‘सरस' डा.रमानन्‍द झा‘रमण‘ -
70.आदमी के ँ जोहैत कीर्तिनारयण मिश्र मोहन भारद्वाज -
71.ओना कहबा लेल बहुत
किछु हमरा लग
कुलानन्‍द मिश्र कीर्तिनारयण मिश्र -
72.गाछ झूलझूल जीवकान्‍त गोविन्‍द झा -
73.खंजन नयन निरंजन अनंत बि.लाल.इन्‍दु' चन्‍द्रनाथ मिश्र‘अमर‘ -
74.हम भेटब मार्कण्‍डेय प्रवासी गोविन्‍द झा
75.चिन्‍तन प्रवाह डा.धीरेन्‍दनाथ मिश्र्र राजमोहन झा
76.दुर्वासा जयनारायण यादव गोपाजी त्रिपाठी
77.पाथर पर दूभि रमेश डा.शिवशंकर श्रीनिवास
78.कोशी घाटी सभ्‍यता रमेश डा.शिवशंकर श्रीनिवास
79जागि गेल छी डा.महेन्‍द्र ना.राम डा.रामदेव झा
4
सगर राति दीप जरय (कथा पाठ एवं परिचर्चा)
क.सं. स्‍थान तिथि संयोजक अध्‍यक्ष पेाथी लेाकार्पण ल्‍ेाखक लेाकार्पणकर्ता अन्‍य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
50 दरभंगा 21.02.2004 डा.अशोक कुमार मेहता गोविन्‍द झा
उद-चन्‍द्रनाथ मिश्र‘अमर‘
80.हमरा मोनक खंजन चिडैया फूलचन्‍द्र मिश्र प्रवीण‘ मार्कण्‍डेय प्रवासी
81.जयमाला जयानन्‍द मिश्र चन्‍द्रनाथ मिश्र ‘अमर‘
82.माटिक आबाज मंजर सुलेमान मोहन भारद्वाज
83.इजोरियरक अंगैठी मोर स.ं माला झा अशोक
84.बेसाहल डा.रमानन्‍द झा‘रमण मार्कण्‍डेय प्रवासी
85.यदुवर रचनावली डा.रमानन्‍द झा‘रमण गोविन्‍द झा
86सगरराति दीप जरयक इतिहास डा.रमानन्‍द झा‘रमण रमेष
87.अभिज्ञा डा.फूलचन्‍द्र मिश्र‘रमण‘ डा.रमानन्‍द झा‘रमण
88.विमर्श डा.भीमनाथ झा डा.देवेन्‍द्र झा
89.स्‍मरणक संग डा.विभूति आनन्‍द रतीष चन्‍द्र झा
90.कथा काव्‍य आ द्वादशी डा.अरुण कुमार कर्ण रमानन्‍द रेणु
91.तात्‍पर्य डा.अशोक कुमार मेहता अंजलि मेहता
92हेमलेट प्‍ा्रेा.रमाकान्‍त मिश्र नीलमणि बनर्जी
93.लोरिक मनियार चन्‍दे्रश गोविन्‍द झा
94.कनुप्रिया अनु.श्‍याम दरिहरे श्‍यामसुन्‍दर मिश्र
95.मन्‍दाकिनी प्रभास कुमार चौधरी चन्‍द्रनाथ मिश्र ‘अमर‘
96.सीता व्‍यथा कथा अनन्‍त बि.लाल दास‘
इन्‍दु'
डा.रामदेव झा
97.नागार्जुन के उपन्‍यास मोहित ठाकुर डा.सुरेश्‍वर झा
98.ैमसमबजमक च्‍वमउे वि ।उंत रमम म्‍ुारारि मधुसूदन ठाकुर .
99.अंतरंग हिन्‍दी पत्रिका.मैथिली
विशेषाक
स.ंप्रदीप बिहारी रमानन्‍द रेणु
51 जमशेदपुर 10.07.2004 डा.रवीन्‍द्र कुमार चौधरी स्‍ुारेन्‍द्र पाठक
उद-राजनन्‍दनलाल दास
मु.अति..सत्‍यनारायण लाल
- - - -
52 राँची 02.10.2004 विवेकानन्‍द ठाकुर डा.रमानन्‍द झा‘रमण 100.स्‍वास स्‍वास मे विश्‍वास विवेकानन्‍द ठाकुर डा.रमानन्‍द झा‘रमण
उद-राजनन्‍दन लाल दास 101.सम्‍पर्क-4 स.-सियाराम झा ‘सरस‘ राजनन्‍दन लाल दास
53 देवघर 08.01.2005 श्‍याम दरिहरे एवं
अविनाश
दयानाथ झा
उद-यन्‍त्रनाथ मिश्र
- - - -
54 बेगूसराय 09.04.2005 प्रदीप बिहार रामलोचन ठाकुर
उद-सत्‍यनारासयण लाल
102.भजारल डा.रमानन्‍द झा‘रमण कीर्तिनारयण मिश्र
103.सरोकार प्रदीप बिहार राजमोहन झा
104.औरत म्‍ेानका मल्‍लिक ज्‍योत्‍सना चन्‍द्रम
105.अन्‍तरंग पत्रिका स.ं प्रदीप बिहारी डा.आनन्‍दनारायण शर्मा
55 प्‍ूार्णियाँ 24.06.2005 रमेश साकेतानन्‍द
56 पटना 03.11.2005 अजीत कुमार आजाद उद.गोविन्‍द झा 106.अतीतालोक गोविन्‍द झा राजमोहन झा
डा.फूलचन्‍द्र मिश्र ‘रमण' 107.गामक लोक शिवशंकर श्रीनिवास डा.रमानन्‍दझा‘रमण'
108.मैथिली कविता संचयन सं.डा.गंगेशगुंजन छठज्‍ गोविन्‍द झा
109.मैथिली कथासंचयन छठज्‍ स.ंशिवशंकरश्रीनिवास राजमोहन झा
110.बड अजगुत देखल शरदिन्‍दु चौधरी फूलचन्‍द्र मिश्र ‘रमण'
111.किछ ुपुरान गप्‍प ,किछु
नव गप्‍प
कीर्तिनाथ झा गोविन्‍द झा
57 जनकपुरधाम 12.08.2006 रमेश रंजन महेन्‍द्रमलंगिया,उद-डा.रेवतीरमण
लाल वि.अ.-डा.रमानन्‍दझा‘रमण‘
- ' - -
5
सगर राति दीप जरय (कथा पाठ एवं परिचर्चा)
क.सं. स्‍थान तिथि संयोजक अध्‍यक्ष पेाथी लेाकार्पण ल्‍ेाखक लेाकार्पणकर्ता अन्‍य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
58 जयनगर 02.12.2006 श्री नारायण यादव
अध्‍य.-डा.कमलकान्‍त झा
उदघाटन-रामदेव पासवान
मु.अ.-भगीरथप्रसाद
अग्रवाल
. . . .
59 बेगूसराय 10.02.2007 प्रदीप बिहारी नवीन चौधरी 112.स्‍नेहलता डा.योगानन्‍द झा डा.तारानन्‍द वियोगी
60 सहरसा 21.07.2007 किसलय कृष्‍ण उद.डा.मनोरंजन झा
अध्‍य.डा.रमानन्‍द झा‘रमण‘
113.अक्षर आर्केस्‍ट्रा अनु-प्रदीप बिहारी डा.रमानन्‍द झा ‘रमण‘
61 सुपौल 01.12.2007 अरविन्‍द ठाकुर उद-डा.धीरेन्‍द धीर
अध्‍य. अंषुमान सत्‍यकेतु
114.अन्‍हारक विरोध मे अरविन्‍द ठाकुर अजित कुमार आजाद
62 जमष्‍ोदपुर 03.05.2008 डा.रवीन्‍द्र कुमार चौधरी उद-विद्यानाथ झा‘विदित'
अध्‍यक्ष-विवेकानन्‍द ठाकुर
- - - -
63 राँची 19.07.2008 कुमार मनीष अरविन्‍द उद-.डा.विदित
अघ्‍य. विवेकानन्‍द ठाकुर
एवं डा.रमानन्‍द झा‘रमण'
115.समय षिला पर सुरेन्‍द्रनाथ डाविद्यानाथझा‘विदित'
64 रहुआ संग्राम 08.11.2008 डा.अषोक कुमार झा‘
अविचल'
(अगिला अंकमे)
ज्योतिकेँwww.poetry.comसँ संपादकक चॉयस अवार्ड (अंग्रेजी पद्यक हेतु) भेटल छन्हि। हुनकर अंग्रेजी पद्य किछु दिन धरि www.poetrysoup.com केर मुख्य पृष्ठ पर सेहो रहल अछि। ज्योति मिथिला चित्रकलामे सेहो पारंगत छथि आऽ हिनकर मिथिला चित्रकलाक प्रदर्शनी ईलिंग आर्ट ग्रुप केर अंतर्गत ईलिंग ब्रॊडवे, लंडनमे प्रदर्शित कएल गेल अछि। मिथिला पेंटिंगक शिक्षा सुश्री श्वेता झासँ बसेरा इंस्टीट्यूट, जमशेदपुर आऽ ललितकला तूलिका, साकची, जमशेदपुरसँ।
ज्योति झा चौधरी, जन्म तिथि -३० दिसम्बर १९७८; जन्म स्थान -बेल्हवार, मधुबनी ; शिक्षा- स्वामी विवेकानन्द मि‌डिल स्कूल़ टिस्को साकची गर्ल्स हाई स्कूल़, मिसेज के एम पी एम इन्टर कालेज़, इन्दिरा गान्धी ओपन यूनिवर्सिटी, आइ सी डबल्यू ए आइ (कॉस्ट एकाउण्टेन्सी); निवास स्थान- लन्दन, यू.के.; पिता- श्री शुभंकर झा, ज़मशेदपुर; माता- श्रीमती सुधा झा, शिवीपट्टी। ''मैथिली लिखबाक अभ्यास हम अपन दादी नानी भाई बहिन सभकेँ पत्र लिखबामे कएने छी। बच्चेसँ मैथिलीसँ लगाव रहल अछि। -ज्योति
उपसंहार :
कलकत्ता शैक्षणिक यात्रा, १९९० - ९१:
टिस्को स्कूल सऽ जे एजूकेश्नल टूर अर्थात्‌ शैक्षणिक यात्राक व्यवहार छल से किताबी ज्ञानके वास्तविक रूपसऽ सिखाबऽमे सहायक तऽ छल। संगे अहि सऽ अपन चरित्रनिर्माण मे सेहो सहायता होइत छल।सब संगे मिलिकऽ रहैमे बहुत किछु सिखैके सेहो अवसर भेटै छल।उदाहरणार्थ किछु विद्यार्थी एहेनो छलैथ जे अपने मे मस्त रहैत छलैथ। हुनका सबके विद्यालय सऽ घरक रस्ता के अतिरिक्त आर किछु बाहरी दुनियाक खबरि नहि रहैत छलैन।एहेन लोकसब जखन ऑल राउण्डर विद्यार्थी सबसऽ भेंट करैत छथि तऽ हुनका सबके आन कार्यमे र रुचि बढ़ै छैन।किछु विद्यार्थी सबके अपन अभिभावक पर आश्रित रहैके अतिशय अभ्यास होएत छैन । एहेन बच्चासबमे आत्मनिर्भता आबैत छै।अपन कैरियर आदिक चयन स्वयम्‌ करैके क्षमता आबैत छै।तथा आकस्मिक आब वला विषम परिस्थिति सऽ भीड़क आत्मविश्वास आबै छै।
ई तऽ भेल शैक्षणिक यात्राक विशेषता। आब हम अपन अनुभव कहै छी।हमरा अहिबेरका टूर वास्तव मे शैक्षणिक यात्रा लागल। इण्डियन म्यूज़ियम सऽ इतिहासमे, बॉटेनिकल गार्डेन सऽ वनस्पति विज्ञानमे, चिड़ियाखाना सऽ जीवविज्ञानमे, बिरला म्युज़ियम सऽ तकनीकमे, तथा पलैनेटोरियम सऽ खगोलशास्त्रमे जानकारी बढ़ल।हमरा सबके भोजनमे कोनो दिक्कत नहि भेल।जॅं कोनो छात्र छात्राके स्वास्थ्य खराब होएत छलैन तऽ शिक्षक सब पूरा ध्यान राखै छलखिन।ओ सब कखनो अभिभावक सऽ दूर हुअ के अनुभूति नहिं हुअ दैत छलैथ।शिक्षक सबके जीवनमे तऽ कतेक छात्र सब आबैत छैन।लेकिन हम विद्यार्थी सब लेल ई शिक्षकसब अविस्मरणीय छैथ।हुनकर सबसऽ जे मार्गदर्शन हमरासबके भेटैत अछि से आजीवन याद रहैत अछि आऽ काज आबैत अछि।
अनाम कथा- प्रेमचन्द मिश्र
पी. सी. मिश्र गामक एकटा कम प्ढ़ल-लिखल युवक छथि, उम्र करीब २४ वर्ष। ६ साल पहिने गामसँ दिल्ली आयल छलाह। संघर्षरत जीवनसँ सफर करैत आब ठीक-ठाक अवस्थामे छलाह यानि ताहि समयमे एकटा मध्यम् वर्गक युवककेँ तनख्वाह जे हैत से तनख्वाह पावैत छलाह आ संगे गामसँ अयलाक बाद दिल्लीमे किछु नीक लोकक संपर्कमे रहलासँ अंग्रेजी फर्राटेसँ बजैत छथि यानि कि अंग्रेजी बजैत काल कियो नहि कहि सकैत छनि जे ओ पढ़ल-लिखल कम छथि। ताहि कारण लोककेँ कहैत छथिन सत्यता- जे हम पढ़ल-लिखल कम छी- तँ लोक मजाक बुझैत अछि। एकटा प्राइवेट कम्पनी, जे ट्रैवेल एजेन्टक काज करैत अछि, मे पी.सी.मिश्र रंजीतक, जे हुनकर रिश्तामे भागिन छथिन मुदा कम्पनीमे उच्च पदपर छथिन्ह, केर संग कज करैत छथि। पी.सी.मिश्र विवाह योग्य भऽ गेल छथिन, पिताजी बुढ़ापामे प्रवेश कऽ लेने छथिन। ओऽ चाहैत छथि जे जहिना पैघ भाई सभक विवाह भऽ गेल छनि, हुनको विवाह कऽ देल जाय। कारण एकटा छोट भाई सेहो छनि, रुपैय्या पाइ कमा लैत छथि आऽ अपन आब कोन भरोस। कखन छी कखन नहि छी। चुंकि जमाना बदलि गेल छैक, ताहि हेतु पी.सी.मिश्रासँ संपर्क केलन्हि जे लोक सभ बहुत परेशान करैत छथि अहाँक विवाह लेल, से की कहैत छी। हुनकर जवाब छलनि, जे पिताजी हमर किछु शर्त अछि विवाहमे। तँ पिताजी कहलखिन- ठीक छै, रातिमे भौजीसँ गप्प करायब, ठीक छै। रातिमे भोजनक बाद पी.सी.मिश्रा जी भौजीक द्वारा अपन शर्त पठेलन्हि- एक विवाहमे रुपैय्या पैसाक आदान-प्रदान नहि, यानि बिना पैसाक विवाह-आदर्श विवाह। दोसर लड़की पढ़ल-लिखल आऽ अंग्रेजी बजनाय अनिवार्य ताकि बच्चाक शिक्षा उच्च होय। तेसर द्विरागमन जल्दी होय ताकि साल भरि जे अपन संस्कार यानी विध-विधानमे कम खर्च होयत। चारिम जिनका ओहिठाम विवाह होय ओ हमर तुलनामे गरीब होय ताकि हुनका ओहिठाम सम्मान बेसी भेटत।
ई सभ शर्त सुनि हुनकर पिताजी कहलनि- हम शर्तसँ बहुत प्रसन्न छी, लेकिन सभ शर्त हमरासँ भऽ सकत मुदा दोसर शर्त हमरा विश्वास नहि अछि की गामक लोक पूरा करए देत वा नहि। ताहि हेतु कहबनि जे एहन कुनू भेट जानि तँ ओऽ हमरा कहि देत। ई बात रंजीतकेँ पता लगलनि, तँ ओहो सोचलन्हि जे कोनो सम्पर्कक आदमीसँ पी.सी.मिश्राक विवाह करल जाय तँ उत्तम। ई दू-चारि ठाम बजलाह जाहिमे “श्रीमति महारानी मिश्रा” जे रंजीतक भाभी आऽ पी.सी. मिश्राक रिश्तामे भौजी छलथिन केँ सेहो पता लगलन्हि। अपन छोट बहिन अनीता झाक ननदि छलथिन सोनी आ हुनकर उम्र १९ साल रहनि। ओऽ अपन बाबूजी श्री भरत झाकेँ कहलथिन जे ई कथा मुफ्तमे भऽ जाएत। ओऽ अपन जमाय दिलीप झाकेँ फोनसँ संपर्क केलन्हि। दिलीप झाक बाबूजी १० साल पहिने स्वर्गवासी भऽ गेल छथिन, ताहि हेतु बहिन सोनीक विवाह दिलीप झा आऽ विनय झाकेँ करबाक छनि। ई सभ बात सुनि दिलीप झा अपन पत्नी अनीताकेँ कहलथिन जे ई काज बुझू मँगनीमे भऽ जाएत। ई बात सुनिते अनीता कहलथिन जे अहाँ देरी नहि करू आऽ जयपुर जाऊ। बुझू लक्ष्मी चलि कऽ आबि गेल छथि। ई बात ओऽ विनय झाकेँ सेहो कहलन्हि आऽ सोनीक दूटा नीक फोटो लऽ जयपुर आबि गेलाह। आब महारानी रंजीतक द्वारा पी.सी.मिश्राकेँ जयपुर बजेलन्हि। होलीक बहन्ना बना कय अपन दफ्तरसँ रंजीत आऽ पी.सी.मिश्रा जयपुर गेलाह। साँझक हवाई जहाजसँ जयपुर पहुँचलाह। पहुँचलाक उपरान्त चाय-पानिक बाद महारानी पी.सी.मिश्रासँ बजलीह- बौआ विवाह कहिया करब, आब तँ लगन आबय बला छैक आऽ विवाह योग्य भय गेल छी। हम काकासँ बात करू? पी.सी.मिश्र हँसैत कहलन्हि- जे भौजी हमर किछु शर्त अछि, से जँ पूरा भय जायत तँ हम विवाह एखन कय लेब। ई गप सुनि महारानी कहलथिन बुझू बौआ जे अहाँक विवाह भऽ गेल आऽ अपन बातसँ पलटब नहि। पी.सी. एकरा एकटा मजाक बुझि ठहक्का लगा कऽ हँसऽ लगलाह। तावत लगभग रातिक ११ बाजि गेलैक। महारानी कहलथिन- चलू खाना खाऽ लिअ, रुकू हम खाना लगावैत छी। रातुक भोजनमे दू तोर भेल, एक बेर भोजनक लेल बैसलाह पी.सी.मिश्रा, रंजीत ठाकुर आऽ रामानन्द मिश्रा। भोजनक उपरान्त ओऽ तीनू गोटे पहिल तलपर गेलाह सुतक लेल। दोसर बेर फेर भोजन लागल जाहिमे भरत झा, दिलीप झा, राजू झा व नूनू झा – राजू आ नूनू झा महारानीक छोट भाई छथिन-, फेर सभ अपन-अपन बिस्तरपर सुतक लेल गेलाह। भोर भेल चायक आयोजन भेल। सातू गोटे भरत झा, दिलीप झा, रामानन्द मिश्रा, राजू झा, नूनू झा, रंजीत ठाकुर, पी.सी.मिश्रा व महारानी चायक पश्चात् गप्प करए लगलाह। महारानी बजलीह-बौआ विवाह कहिया तक करब। मजाकक स्वरमे पी.सी.मिश्रा बजलाह- देखियौक आब जल्दी करब, कारण जे बाबूजीक फोन आयल छल जे लोक सभ परेशान करैत अछि विवाहक लेल, तँ आब जल्दी भऽ जाएत। ई सुनिते भरत झा बजलाह जे कतेक पैसा लेताह। पी.सी.मिश्रा कहलथिन जे एहन कोनो बात नहि छैक। ई शब्द पूरा होइसँ पहिने बीचेमे रंजीत बजलाह- लड़की जँ नीक भेटत तँ कोनो पाई-रुपैया नहि। ई शब्द सुनिते पाछूसँ महारानीक माय बजलीह- जे कही तँ अनीताक ननदिसँ करा दियौन, लड़की तँ बड़ भव्य छथिन, सज्जन-भव्य व धार्मिक प्रकृतिक घरक, सभटा काज आ लूरि-व्यवहार जनैत छथिन्ह। ई बात पूरा भेलाक बाद महारानी बजलीह जे ओझा ओतेक पाई कतएसँ देथिन्ह। ताहिपर रंजीत बजलाह- पाइक कोनो प्रश्न नहि छैक, हुनकर किछु शर्त छन्हि ओऽ चारूटा शर्त दोहरेलन्हि। ताहिपर दिलीप झा बजलाह- हम चारू शर्तसँ परिपूर्ण छी। ई बात सुनि रामानन्द मिश्र बजलाह जे जल्दीमे काज नहि होयबाक चाही। पहिने ई शर्तपर चिन्तन कैल जाऊ। कारण जे सवाल दू टा जिनगीक अछि आ शर्तक कोनो जवाब नहि अछि। एहन सोच तँ बहुत कम लोकक होइत छनि, ताहि हेतु पुनर्विचार करू।
ई बात पूरा भेलाक बाद दिलीप झा बजलाह जे लड़कीक फोटो देख लेल जाओ आऽ हमहु पढ़ल-लिखल छी आऽ पेशासँ एकटा प्राइवेट शिक्षक छी ताहि हेतु शिक्षाक महत्व बुझैत छी। ई बात सुनिते भरत झा बजलाह- रंजीत ई (फोटो दैत) लिअ आऽ अहाँ सभ देख लिअ। हम भीम बाबू (समधि) सँ बात कऽ लैत छी। बिच्चेमे रंजीत फोटो लैत आऽ पी.सी.मिश्राक हाथ पकड़ैत पहिल तलसँ ऊपर छतपर गेलाह आऽ मजाकक तौरपर बजलाह जे देखू भाई जँ अहाँ नहि करब तँ हमही दोसर विवाह कय लेब। हमरा तँ लड़की बहुत पसन्द अछि। ई कहैत पी.सी.मिश्रकेँ हाथ फोटो पकड़ेलन्हि। फोटो बहुत आकर्षक छल। पी.सी.मिश्र कहलथिन- फोटो तँ बहुत आकर्षक अछि, हमरा किछु सन्देह भऽ रहल अछि। रंजीत उत्तर देलन्हि- भाभी झूठ नहि कहतीह। संदेहक मतलब अछि भाभीपर शक करब। ताहिपर पी.सी.मिश्रा जवाब देलन्हि- हम शकक नजरिसँ नहि देखैत छी, चलू जे छथि, ई तँ हमर शर्तमे नहि शामिल अछि। लेकिन लड़की पढ़ल-लिखल अवश्य चाही। सुन्दर-खराब कोनो बात नहि अछि ई बात करैत दुनू नीचाँ अएलाह। एतबामे महारानी पुनः चाह अनलन्हि, फेर चाहक चुश्की लैत रंजीत बजलाह- देखू सभ बात बुझू भऽ गेल। आगू बात जे बरियाती ६५-७५ तक जाएब आऽ सत्कारमे कोनो तरहक शिकायत नहि। ई बात सुनैत दिलीप झा बजलाह जे सरकार हम गरीब छी, हमरासँ संभव नहि अछि ७५ टा बरियाती, हमरा किछु छूट देल जाऊ! लेकिन सत्कारमे कोनो त्रुटि नहि होएत। ई बातक बिच्चेमे महारानी बजलीह जे लड़काकेँ एकटा अंगूठी आऽ दू भरीक सोनाक चेन (सीकरी) आऽ लड़कीक नामसँ ५१,०००/-क फिक्स डिपोजिटक कागज ओझाजी दऽ देथिन, बरियाती ५१ टाक बात फाइनल, बस आब ने बौआ। ने ई किछु बजताह आऽ ने ओझा किछु बजताह! आर खान-पीन दिन घरक प्रत्येक सदस्यकेँ नीक आऽ ५ टूक कपड़ा। बस रंजीत आब किछु नहि बाजू आऽ ओझाजी अहूँकेँ एतेक तँ करए पड़त। रंजीत किछु बजैक उत्सुकता देखबैत छलाह की बिचमे भरत झा बजलाह जे फेर विवाहसँ एक साल तक दुनू दिस लड़की वलाक काज छैक, रंजीत ताहि हेतु आब बुझू जे ई बहुत महग भऽ गेल।
(अगिला अंकमे)
Top of Form
१. नवेन्दु कुमार झा पटनासँ आऽ २. ज्योति लन्दनसँ
Bottom of Form
नवेन्दु कुमार झा (१९७४- ), गाम-सुवास, भाया-केवटसा बरुआरी, जिला-मुजफ्फरपुर। समाचार वाचक सह अनुवादक (मैथिली), प्रादेशिक समाचार एकांश, आकाशवाणी, पटना।
शिक्षा दिवस समारोह-छात्र-छात्रा आ बाल वैज्ञानिक देखौलनि अपन प्रतिभा
देशक पहिल शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलामक १२०म जन्म दिवस बिहारमे शिक्षा दिवसक रूपमे मनाओल गेल। मौलाना आजादक जन्म दिवस मनेबाक लेल सरकारी स्तरपर कतेको कार्यक्रम सम्पन्न भेल। राजधानी पटनाक गाँधी मैदानमे दू दिवसीय शिक्षा दिवस सेहो सम्पन्न भेल। दू दिनक एहि कार्यक्रमक अन्तर्गत सरकार द्वारा शिक्षाक क्षेत्रमे कएल जाऽ रहल काज आऽ सरकारक उपलब्धि जनताक सोंझा आनल गेल। स्कूली छात्र सभक कला सांस्कृतिक कार्यक्रमक माध्यमसँ आऽ हुनक प्रतिभा एहिमे लागल विज्ञान प्रदर्शनीमे दृष्टिगोचर भेल। आकर्षक ढंगसँ बनल कतेको पैवेलियनमे विभिन्न संस्थान अपन प्रकाशन आऽ पाठ्यक्रमक जानकारी सेहो उपलब्ध करौलक।
सरकार द्वारा एहि कार्यक्रमक आयोजनक उद्देश्य पछिला तीन सालक सुशासनमे शिक्षा क्षेत्रकेँ प्राथमिकता दऽ जे सभ काज कएलक अछि ओहिसँ बिहार जनताकेँ अवगत करा प्रदेशमे शिक्षाक नव वातावरणबनाएब छल। एहि अवसरपर विविध क्षेत्रमे अपन उत्कृष्ट प्रतिभासँ देश-विदेशमे बिहारक नाम रौशन कएनिहार छात्रकेँ सम्मानित कएल गेल जाहिमे आइ.आइ.टी.क टॉपर शिति कंठ, सी.एल.टी.क पी.जी.मे प्रथम स्थान प्राप्त भावना सिंह, ए.आइ.आइ.एम.एस.मे सफल मधुकर दयाल, आइ.आइ.टी. जमशेदपुरक परीक्षामे तेसर स्थान प्राप्त प्रणव कुमार सिंह, निफ्टमे तृतीय स्थान प्राप्त रोहित कुमार, यू.पी.एस.सी. सी.पी.एफ.२००८क परीक्षामे द्वितीय उत्तम कश्यप आऽ अन्तर्राष्ट्रय ज्योतिष ओलम्पियाडमे स्वर्ण पदक विजेता शांतनु अग्रवाल “बिहार गौरव सम्मान”सँ अलंकृत भेलाह। एकर अतिरिक्त बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षामे एकसँ तीन रैंक प्राप्त करऽबाला छात्र, आइ.आइ.टीमे नामांकित तेरह टा छात्र आऽ माध्यमिक परीक्षामे प्रदेश आऽ जिला स्तरपर टॉपर नौ टा छात्रकेँ सेहो प्रशस्ति-पत्र आऽ टाका दऽ सम्मानित कएल गेल। एहि वर्षक माध्यमिक परीक्षाक टॉपर कुणाल प्रतापकेँ सरकार पचीस हजार टाका दऽ सम्मानित कएलक। सभकेँ शिक्षा देएबाक लेल चलाओल जाऽ रहल सर्व शिक्षा अभियानमे उत्कृष्ट काजक लेल “प्रथम मौलाना आजाद शिक्षा पुरस्कार” श्रीमती रुक्मिणी बनर्जीकेँ देल गेल। माध्यमिक आऽ इंटरमीडिएट परीक्षाक एहि वर्षक सभ संकायक टॉपरकेँ प्रशस्ति पत्र आऽ २५-२५ हजार टाका दऽ सम्मानित कएल गेल। दू दिनक एहि कार्यक्रमक क्रममे गोटेक १५० सँ बेसी आयोजित शैक्षिक गतिविधि आऽ प्रतियोगिता सभमे चयनित डेढ़ दर्जन छात्रकेँ स्मृति चिन्ह आऽ प्रशस्ति-पत्र दऽ पुरस्कृत कएल गेल। एहि मेलामे आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियिगिताक विजेता नीतेश, क्वीज प्रतियोगिताक विजेता शिवानन्द गिरी आऽ अनुराधा कुमारीकेँ पुरस्कार स्वरूप लैपटाप प्रदान कएल गेल।
एहि समारोहक अवसरपर ३६म राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू बाल विज्ञान प्रदर्शनीक आयोजन सेहो कएल गेल जाहिमे बाल वैज्ञानिक सभ द्वारा बनाओल गेल गोटेक १०० मॉडलक प्रदर्शन कएल गेल। राज्य शिक्षा शोध आऽ प्रशिक्षण परिषद् द्वारा आयोजित एहि प्रदर्शनीक विषय छल “वैश्विक संपोषणीयता के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी”। विज्ञानक प्रति छात्र-छात्रा आऽ जनसामान्यमे सहज आऽ स्वाभाविक अभिरुचि उत्पन्न करैत एहि प्रदर्शनीमे बाल वैज्ञानिक सभ खूब उत्साहित छल। एहि माध्यमसँ सर्वश्रेष्ठ तीन मॉडलक बाल वैज्ञानिकक चयन पूर्वी भारत विज्ञान मेला आऽ राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी लेल कएल गेल। एहि ठाम लागल मैथिली, भोजपुरी, हिन्दी, मगही आऽ उर्दू अकादमीक स्टॉलपर लोक सभ भाषा अकादमी सभक प्रकाशन आऽ गतिविधिक जानकारीक संग किताबक खरीद सेहो कएलनि। चाणक्य लॉ युनिवर्सिटी, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, काशी प्रसाद जायसवाल शोध संस्थान, पटना विश्वविद्यालय, इग्नू, माइक्रोसाफ्ट, इंटेल, एडुकैम्प आदि कतेको संस्थान अपन पाठ्यक्रम आऽ गतिविधिक जनतब देलक। बिहार विद्यालय परीक्षा समितिक स्टॉलपर माध्यमिक आऽ इंटरमीडिएटक कला, विज्ञान आऽ वाणिज्यिक टॉपर छात्रक उत्तरपुस्तिका सेहो पैघ संख्यामे छात्र सभ खरीदलनि।
पछिला किछु वर्षसँ प्रदेशक शिक्षा-व्यवस्था ध्वस्त भऽ गेल छल। प्रदेशमे नीतीश सरकारक सत्तारूढ़ भेलाक बाद एहिमे सुधारक आश बनल छल, जाहिमे प्रगति देखल जाऽ रहल अछि। प्रतिभासँ भरल एहि प्रदेशक छात्रकेँ शिक्षा दिवसक अवसरपर सरकारक उपलब्धि आऽ कार्यक्रमसँ एकटा किरण देखाई पड़ल अछि, मुदा ई उपलब्धि मात्र कार्यक्रमक आयोजन धरि सीमित नहि रहए एकर ईमानदारीसँ सरकारी स्तरपर प्रयास चलैत रहल तँ शिक्षाक क्षेत्रमे बिहार गौरव फेरसँ लौटि सकैत अछि।
३२म राष्ट्रीय पुस्तक मेला-पुस्तक प्रेमीमे भेल नव उत्साहक संचार
बिहार सरकार आऽ पटना जिला प्रशासनक सहयोगसँ नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित ३२म राष्ट्रीय पुस्तक मेलामे उमरल पुस्तक प्रेमी सभक भीड़सँ एक बेर फेर साबित भेल जे प्रदेशक जनतामे पढ़बाक जिज्ञासा एखनो बनल अछि। ई पुस्तक मेला छात्र-युवा नेनासँ बुजुर्ग धरि सभ पुस्तक प्रेमीमे एकटा नव उत्साहक संचार कएलक। जखन कि पहिनहिसँ एकटा आन पुस्तक मेला एहि गाँधी मैदानमे चलैत छल तथापि एहि पुस्तक मेलामे जाहि तरहक भीड़ उमड़ल ओहिसँ लगैत छल जे पाठक कतेक दिनसँ किताबक भूख मेटेबाक लेल बेचैन छलाह। एहि मेलामे लागल स्टॉल सभपर पुस्तक प्रेमीक भीड़ देखि प्रसिद्ध कवि अशोक वाजपेयीक ई टिप्पणी जे “साहित्यक पाठक आऽ रसिक एखनो बिहारमे छथि आऽ बिहार नहि होइत तँ हमरा सभमे सँ कतेकोकेँ ई पता नहि चलैत जे हमरा सभक लिखल केओ पढ़बो करैत अछि” स्पष्ट करैत अछि जे गरीब बिहार शैक्षणिक रूपसँ एखनो अमीर अछि। एहि मेलामे विविध विषयक पुस्तक प्रकाशक द्वारा तँ उपलब्ध कराओल गेल संगहि एन.बी.टी. हिन्दी, उर्दू, मैथिली आऽ आन भाषाक कतेको लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकारसँ सोझां-सोझी अनौपचारिक गप-सप करा पाठक आ लेखकक बीच संवाद स्थापित करा लेखक साहित्य रचना, प्रक्रिया आऽ हुनक साहित्यिक यात्रा आऽ पाठकक मनक जिज्ञासाकेँ शान्त करौलक। ट्रस्ट अधिकारी देवशंकर नवीन जनतब देलनि जे एहि मेलामे देशक गोटेक १५० प्रकाशकक पुस्तक १७५ स्टॉलपर पुस्तक प्रेमीक लेल उपलब्ध कराओल गेल।
एहि मेलामे सभक लेल हुनक मन पसन्दक पुस्तक उपलब्ध छल। महान् विभूतिक जीवन यात्रा हो कि आत्म-कथा, नव-पुरान साहित्यकारक संग कालजयी साहित्यकारक कहानी-संग्रह, कविता-संग्रह, उपन्यास सभ एक संग मेलामे पुस्तक-प्रेमीकेँ अपना दिस ध्यान आकृष्ट कएलक। पाठक सेहो एहि अवसरक पूरा लाभ उठौलनि आऽ अपन रुचिकर पुस्तकक खरीददारी कएलनि। मेलामे आधा आबादीक प्रतिनिधित्व सेहो पैघ संख्यामे देखल गेल। महिला साहित्यकार आऽ लेखकक साहित्यिक कृति तँ उपलब्ध छल संगहि हुनक रुचिवाला खान-पान, सौंदर्य आदिसँ संबंधित पुस्तक लेनाई प्रकाशक नहि बिसरल छलाह। प्रतियोगी छात्र आऽ नेना सभक लेल सेहो पुस्तक पर्याप्त उपलब्ध छल। जहिना साहित्य प्रेमी एहि मेलाकेँ गंभीरतासँ लेलनि तहिना प्रकाशक सेहो साहित्यिक पुस्तकक पूरा सेटक प्रदर्शन कएलनि। मेलामे विज्ञान संकायक पुस्तकक अभाव विशेष रूपसँ छात्र सभकेँ खटकल।
मैथिली भाषीक लेल ई पुस्तक मेला पुस्तक खरीदबाक लेल नीक अवसरपर रहल। साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक अकादमीक स्टॉलपर पचास प्रतिशत छूटक संग उपलब्ध रहल आऽ एकर लाभ उठबैत मैथिली प्रेमी पैघ संख्यामे पुस्तकक खरीद कएलनि। मैथिली अकादमीक सेहो नव रूप एहि मेलामे देखल गेल। एहि सभक मध्य हरियाणा पुलिस अकादमीक स्टॉल आकर्षणक केन्द्र बनल रहए जतए संवेदी पुलिस सजग समाजक नारा बुलन्द करैत अकादमीक अधिकारी पुलिस आऽ जनताक मध्य संवाद स्थापित करबाक लेल कएल जाऽ रहल अभ्यास आऽ विभिन्न कानूनक जानकारी उपलब्ध कराओल गेल।
प्रकाशक सभक लेल सेहो ई पुस्तक मेला एकटा नव अनुभव दऽ गेल। मेलामे भेल बिक्रीसँ उत्साहित प्रकाशक कहलनि जे जतेक पाठक बिहारमे छथि ओतेक आर कतहु नहि अछि। गरीबी आऽ अशिक्षाक बावजूद पुस्तकक प्रति भूख अपना आपमे एकटा मिशाल अछि। ओऽ आशा जतौलनि जे अगिला साल एहि ठाम अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक मेलाक आयोजन भऽ सकैत अछि।
एहि पुस्तक मेलामे बंग्ला भाषाक साहित्यकार नजरुल इस्लाम, तेलुगु कवि बरबर राव, हिन्दीक अरुण कमल, केदारनाथ सिंह, गंगा प्रसाद विमल, अशोक वाजपेयी, उर्दूक हुसैनुल हक, अब्दुस्समद, मैथिलीक मोहन भारद्वाज, पं गोविन्द झाक अलावा जुबैर रिजवी, कीर्ति नारायण मिश्र, अवधेश प्रीत, कर्मेन्दु शिशिर आदि कतेको साहित्यकार पुस्तक प्रेमी सभसँ संवाद कएलनि। मेलाक समापनक अवसरपर बहुभाषी कवि गोष्ठीमे हिन्दी, मैथिली उर्दू आऽ भोजपुरीक कतेको कवि अपन कविताक पाठ कएलनि।
२. ज्योति लन्दनसँ
लन्दनक चित्रकला प्रदर्शनी
लन्दनक एक प्रसिद्ध आर्ट गैलेरीमे ईलिंग आर्ट ग्रुपक ९३म वार्षिक चित्रकला एवम्‌ हस्तकला प्रदर्शनीमे माननीय सदस्यगण सहित हमहुं अपन चित्रकला शामिल केने रही।हम तीनटा मधुबनी मिथिला चित्रकला आ एकटा महाकवि स्वर्गीय विद्यापतिजीक पेसिंल स्केच प्रदर्शित केने रही।ओतय २०० सऽ बेसी अनेको प्रकारक उत्कृष्ट नमूना उपलब्ध छल।अहिमे लगभग ३' बाइ ५' के विशाल आकारक कैनवास पर बनल ऑयल पेण्टिग एक्रिलिक पेण्टिग आदि मिडियासऽ बनल आकर्षक चित्र सब उपस्थित छल। किछु मात्र प्रदर्शनी लेल छलै आ बेसी विक्रय हेतु उपस्थित छलै। न्युनतम दाम £ ५० छल।
देखनाहरक भीड़ सेहो खूब छल।अंग्रेज सब सेहो मिथिला पेण्टिग लग रूकै छलैथ आ हमरा सऽ किछु जानकारी प्राप्त करैके कोशिश सेहो केलैथ। विदेशमे अहि कलाक प्रति लोकक रूचि सराहनीय अछि।

Suggested citation: डॉ. रामानन्द झा ‘रमण’. “सगर राति दीप जरय: मैथिली कथा लेखनक क्षेत्रमे शान्त क्रान्ति (दोसर खेप).” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 23, 2008-12-01. https://www.videha.co.in/research/2008/23/सगर-राति-दीप-जरय-मैथिली-कथा-लेखनक-क्षेत्रमे-शान्त-क्रान्ति-दोसर-खेप.htm

मूल विदेह अंक / Original issue