विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

हमर सपना केर मिथिला

सुशान्त झा · 2009-01-15 · अंक 26

२.६. सुशांत झा-हमर सपना केर मिथिला
सुशांत झा
हमर सपना केर मिथिला
हमर सपना के मिथिला केहन अछि...हम भविष्य के दीस टकटकी लगा कय देखि रहल छी आ एकटा सुन्दर आ समृद्ध इलाका के तस्वीर मोने मोन बना रहल छी। हमर सपना के मिथिला में एखनतक किछुए रंग भरल गेल अछि-जेना दरभंगा में एकटा यूनिवर्सिटी आ मेडिकल कालेज, जयनगर तक बड़ी लाईन आ नेशनल हाईवे के तहत बनय बला चारि लेनवला सड़क जे मिथिला के हृदयस्थली बाटे गुजरत। हम कल्पना कय रहल छी जे एहि हाईवे के किनार में दर्जनों इंजिनीयरिंग आ मेडिकल कालेज खुजि जायत। हम ई सोचिं रहल छी जे झंझारपुर के बायोट्कनालाजी के कालेज में केरल के बच्चा सब जखन एडमिशन लेत त कतेक नीक हेतै।
हम ओहि दिन के कल्पना कय रहल छी जखन नार्थ-इस्ट आ दक्षिण भारत के बच्चा सब गाड़ी रिजर्व कय काठमांडू के टूर पर निकलत तखन लौकहा-जयनगर के नजदीक कोनो ढ़ावा पर ओकरा सबके डोसा खाइके सीन केहेन हेतैक। एखन जकरा हमसब कस्बा कहैत छियैक से झंझारपुर, निर्मली, सकरी, सुपौल आ उदाकिसुनगंज में ढे़र रास उद्योग धंधा खुजि जायत।हम सोचि रहल छी जे ओ दिन केहन हेतैक जखन मिथिला के इलाका में अपन घर लग सबके रोजगार भेटि जेतै, ,सबके अपने घर लग इंजिनीयरिंग आ एमबीए कालेज में एडमिशन भेटि जयतैक आ बड़का बड़का कंपनी अपन कार्यालय दरभंगा आ पूर्णिया में खोलत। हम ई सोचि रहल छी जे हमर मखान के दुनिया भरि में ब्रांडिग भय जेतैक आ ओकरा ईस्ट-वेस्ट कारिडोर बला हाईवे के द्वारा गोवाहाटी आ ओतय सं इंडोनेशिया तक भेजल जा सकैछ। कखनो ई सोचैंत छी जे हाईवे बनि गेलाक के बाद सिक्किम आ दार्जिलिंग तक 3-4 घंटा के रास्ता भ जेतैक। तखन मिथिला के बच्चा सब सेहो दार्जिलिंग पढ़य जा सकत, आ युगल लोकनि हनीमून मनबय के लेल सिक्किम।
हमर मिथिला में मानव श्रम के कोनो कमी नहि, पानि के कोनो कमी नहि, मेधा के कोनो कमी नहि-कमी अछि त नियोजन के। अगर हम अपन मानवशक्ति के रोजगार प्रदान क दी त हमरा सं बेसी विकसित कियो नहि भ सकैत अछि।
कोसी पर रेलवे पुल सेहो बनि रहल अछि, आ हाईवे के तहत सड़क पुल सेहो बनबे करत। एहि तरहे ई दुनू पुल फेर सं मिथिला के जोड़ै बला साबित होयत-कोसी नदी मिथिला के दू फांक में बांटि कय राखि देने छल। हम ई सोंचैत छी जे एही तरहक एक टा फोर लेन हाईवे अगर मोकामा सं जयनगर तक भाया समस्तीपुर बनि जयतैक त केहेन बढ़िया होयतैक। सरकार के चाही जे मुजफ्फरपुर सं बरौनी आ आगू गोहाटी जायबला हाईवे नंबर 28 के सेहो फोर लेन बना दैक-ताकि अहि इलाका के समग्र विकास संभव भ जाईक। हम ईहो कल्पना क रहल छी जे नेपाल में जल्दीए शांति आ सुव्यवस्था कायम भ जेतैक आ नेपाल सं प्रचुर मात्रा में बिजली मिथिला के इलाका के जगमगैत।
नेपाल आबैबला अंतराष्ट्रीय टूरिस्ट लोकनि सेहो मिथिला के रुखि करताह। लेकिन हुनका सबके आकर्षित करैक लेल हमरालोकनि के अपन पर्यटन स्थल के विकास करय पड़त। मिथिला में बहुत रास ऐतिहासिक स्थल नहि छैक-लेकिन हमसब अपन संस्कृति के नीक पैकेजिंग कय क टूरिस्ट लोकनि के आकर्षित कय सकैत छी। सीता के जन्मस्थान आ मिथिला के प्राचीन राजधानी जनकपुर, वैशाली आ पाटलिपुत्र-बोधगया-नालंदा के जोड़यबला सर्किट के ढ़ंग सं विकास कयल जाय त झुंड के झुंड टूरिस्ट सबके आकर्षित कयल जा सकैत अछि। मिथिला के लोककला, गीत आ पेंटिंग पर आधारित कार्यशाला आ म्यूजियम बनबैके आवश्यकता छैक।
हमरा इलाका में पोखरि के कोनो कमी नहि। हम अगर एकरा ढ़ंग सं व्यवस्थित करी त ई माछ-मखान के उत्पादन के पैघ आधार त भइये सकैये, संगहि एकरा सौन्दर्यीकरण कय हम कय तरहक आर्थिक गतिविधि के सेहो बढ़ावा दय सकैत छी। हम इहो कल्पना कय रहल छी जे दरभंगा आ पूर्णिया मेडिकल हब के रुप में उभरत आ मुजफ्फरपुर निर्णाण आ मोटर उद्योग के केंद्र के रुप में। भागलपुर फेर सं सिल्क आ हस्तकला के क्षेत्र में ख्याति अर्जित करत आ मधुबनी में कला पर आधारित पैघ-पैघ अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार होयत। कखनो क हम सोचैत छी जे अगर कोसी के बाढ़ि पर काबू भय जयतैक त केहेन बढ़िया सोलो भरि कोसी में स्टीमर चलैल जा सकैत छलैक-एकटा एहने स्टीमर में हम अपन सबस प्रिय मित्र के संगे कलकत्ता तक के यात्रा करितहुं। भारत-आ नेपाल के बीच ओहने संबंध भ जयतैक जेहेन अमेरिका आ कनाडा के बीच छैक-आ दूनू देश के संसाधन के उपयोग इलाका के विकास में कयल जयतैक।

Suggested citation: सुशान्त झा. “हमर सपना केर मिथिला.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 26, 2009-01-15. https://www.videha.co.in/research/2009/26/हमर-सपना-केर-मिथिला.htm

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