सगर राति दीप जरए: ६६म आयोजन :३० मई,२००९: मधुबनी
- मिथिलेश कुमार झा
सगर राति दीप जरए नामे आयोजित होमएबला कथा गोष्ठीक ६६म आयोजन तीस मई शनि दिन मधुबनीमे आयोजित भेल। मिथिला साहित्यिक एवम् सांस्कृतिक परिषद, मधुबनीक तत्वाधानमे श्री दिलीप कुमार झाक संयोजनमे आयोजित ई कथा गोष्ठी कथा-उत्सवक नामसँ माध्यमिक शिक्षक संघ भवन, मधुबनीक सभा भवनमे संध्या ६ बजी सँ आयोजित कयल गेल। एहि कथागोष्ठीक उद्घाटन दीप जरा कए कयलनि डॉ. देवकान्त झा। मिथिलाक परम्परानुसार गोसाउनिक गीत गयलनि श्री प्रवीण कुमार मिश्र। एहि कथागोष्ठीक अध्यक्ष प्रस्तावित कयल गेलाह प्रसिद्ध कथाकार श्री हीरेन्द्र कुमार झा। अतिथि लोकनिक स्वागतमे स्वागत गान गओलन्हि श्री प्रवीण कुमार मिश्र। एहि आयोजनक प्रति दुइ शब्दक संगहि स्वागत भाषण देलनि संयोजक श्री दिलीप कुमार झा।
एहि कथा-उत्सवमे श्री शैलेन्द्र आनन्दक कथा संग्रह “घरमुहा”क लोकार्पण डॉ.रमानन्द झा “रमण”क हाथे भेल। ॠषि वसिष्ठक लिखल मैथिली बाल कथाक एकटा पोथी“झुठपकड़ा मशीन” केर लोकार्पण सेहो डॉ. रमानन्द झा “रमण” कयलनि। एहि उद्घाटन सत्रक संचालन कयलनि श्री दमन कुमार झा।
एहि कथागोष्ठीमे स्थानीय आ बाहरी कथाकार सभक लगभग ४२ गोट कथा पढ़ल गेल। कथाकार लोकनि छलाह:
१.जगदीश कुमार भारती- बिन टिकटक यात्रा
२.श्रीमती रानी झा- परिवर्तन
३.योगानन्द सुधीर- पाठकक गाछ
४.अजित कुमार आजाद- रोग
५.जगदीश कुमार मंडल- बिसंध
६.शैलेन्द्र आनन्द- सरहुलक सुगन्ध
७.कामेन्द्रनाथ झा “अमल”- गामक मोह
८.मिथिलेश कुमार झा -ब्रह्मसत्य, टीस
९.अमलेन्दु शेखर पाठक- विद्रोह, प्रहरी, चानसागर
१०.उमेश मंडल- बाइस भोजन, कर्तव्यनिष्ठ
११.नारायण यादव- अंधविश्वास, सुविधाक टैक्स
१२.अनमोल झा- रिलेशन १, रिलेशन २
१३.रघुनाथ मुखिया- बुद्ध, अजगरवृत्ति, धर्मनिष्ठ
१४.मनोजराम आजाद- बड़की बहुरिया
१५.चन्डेश्वर खान- सुशासन
१६.दुर्गानन्द मंडल- अपराजित
१७.उमाकान्त- अन्हार घरक साँप
१८.फूलचन्द्र झा “प्रवीण”- परिवर्तित स्वर
१९.उग्रनारायण मिश्र “कनक”- साय सुतारि
२०.दीनबन्धु- गाँधीक सात रंग
२१.रमाकान्त राय “रमा”- अप्पन हारल बहुक मारल
३०.डॉ.कमल कान्त झा- एखन छुट्टी नहि अछि
३१.ऋषि वशिष्ठ- ओ नाबालिक
३२.सुभाष चन्द्र झा “स्नेही”- अन्हार
३३.देवकान्त मिश्र- अपनत्व
३४.अशोक अविचल- गाम हमरो छी
३५.महेन्द्र पाठक “अमर”- परिवर्तनक संकल्प
३६. डॉ.हेमचन्द्र झा- निष्ठावान व्यक्तिक कन्यादानक अनुभव
३७.महाकान्त ठाकुर- अनुभूति
३८.विनय विश्वबन्धु- रहीम काका
३९.डॉ. सुरेन्द्र लाल दास- घण्टी घनघनाए उठल
४०.उमेश नारायण कर्ण- विधानक लेख
४१.शत्रुघ्न पासवान- सहयात्री
४२.अनिल ठाकुर- दुःख
भोर भय जएबाक कारणेँ चन्द्रपति लाल, भोगेन्द्र मिश्र “रमण”, विजेन्द्र कुमार मिश्र, पं.यन्त्रनाथ मिश्र आदि कैक गोट कथाकार अपन-अओपन कथा पढ़ि नहि सकलाह।
कथा सत्रक संचालन सम्मिलित रूपेँ अशोक कुमार मेहता आओर अजित कुमार आजाद कयलनि। पठित कथा सभ पर तत्काल आलोचना कयल गेल। प्रमुख आलोचक छलाह डॉ. महेन्द्र नारायण राम, फूलचन्द्र झा “प्रवीण”, डॉ. श्रीमती रंजना झा, कमल मोहन चुन्नू, डॉ. देवकान्त झा, उदयचन्द्र झा “विनोद”, डॉ. कमलानन्द झा, डॉ. फूलचन्द्र मिश्र“रमण”, नित्यानन्द गोकुल, शैलेन्द्र आनन्द, अशोक अविचल आदि।
गोष्ठीक अन्तमे हीरेन्द्र कुमार झा अपन अध्यक्षीय वक्तव्यमे पठित समस्त कथापर अपन समवेत दृष्टिकोण रखलनि।
सगर राति दीप जरए केर अगिला आयोजन रमाकान्त रॉय रमाक आयोजनमे मन राइ टोल (सिंघिया घाट, समस्तीपुर) मे हेबाक निर्णय सर्वसम्मतिसँ लेल गेल तथा गोष्ठीक दीप रमाकान्त बाबूकेँ अर्पित कय देल गेल। एहि संग एक बेर फेर नव साहियारक संग उपस्थित होयबाक उल्लासक संग कथाकार लोकनि प्रस्थान कयलनि। (३१.०५.२००९)।
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Dr. Ajit Mishra said...
"Sagar rati ker dip jaral
chahu dis san nav mit jural.
man maithilik din ghooral
sabhak aash man bhari pooral.
Reply06/13/2009 at 05:03 PM
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रघुबीर मंडल said...
mithilesh ji, sagar ratik report lel dhanyavad,
ahank katha kahiya dhari etay padhbak lel bhetat?
Reply06/08/2009 at 09:51 AM
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Usha Yadav said...
सगर राति दीप एहिना जरैत रहए से शुभकामना। मिथिलेशजीकेँ रिपोर्टक त्वरित प्रेषण लेल धन्यवाद।
Reply06/07/2009 at 12:19 PM
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मनोज.सदाय said...
sagar rati deep jaray ker report bad nik
Reply06/06/2009 at 11:25 PM