चेतना समिति ओ नाट्यमंच (दोसर भाग)
विगत शताब्दा् क नवम दशक में संचित एकांकी/नाटक: तिथि नाटक नाटककार अमिनीत स्था न अवसर निर्देशक 22 फरवरी1961 पाथेय गुणनाथ झा आइ. एम. ए. हॉल अमरनाथझा जयन्तीत रमेश राज हंस 11 नवम्ब9र 1981 अागिधधाक रहल छै अरविन्दक अक्कू बाल उदद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व मादनाथ झा 22 फरवरी चौबहियापर/बुधिबधिया गंगेश गंजन आइ. एम. ए. हॉल अमरनाथझा जयन्ती् विभूति आनन्दब 28 नवम्बौर1982 अन्तिम प्रणाम गोविन्दि झा बाल उद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व जावेद अखतर खाँ 28 नवम्बौर 1982 बेचारा भगवान अनुवादक शैलेन्द्र पटनिया बाल उद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व कौशलदास दास 28 नवम्बौर 1983 भर्तृहरि अनुवादक शारदानन्द् झा बाल उद्यान प्रांगण विद्यापतिपर्व जावेद अख्त र खाँ 8 नवम्बवर1984 प्रायश्चित छात्रानन्दरसिंह झा बाल उद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व विनोद कुमार झा 8 नवम्बवर 1984 नवतुरिया उषाकिरण खाँ बान उद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व त्रिलोचन झा 8 नवम्बवर 1984 टूलेट रवीन्द्र नाथ ठाकुर बाल उद्यान प्रागंण विद्यापति पर्व रवीन्द्र नाथ ठाकुर 26 नवम्बथर 1985 रनाकतेदिन ? अरविन्दर अक्कू बाल उद्यान प्रांगण अमरनाथ झा जयन्तीब प्रशान्तर कान्त 5 नवम्ब्र 1907 जादूजंगल अनुवादक रोहिणी रमण झा बाल उद्यान प्रांगण विद्यापतिपर्व अरविन्दर रंजनदास 23 नवम्बरर 1988 विद्यापति बैले सरोजा वैद्यनाथ बालउद्यान प्रांगण विद्यापतिपर्व सरोजावैद्यनाथ 23 नवम्बरर 1988 जखते कहल कक्काक हो रवीन्द्र नाथ ठाकुर बालउद्यानक प्रांगण विद्यापतिपर्व मनोज मनु 23 नवम्बार 1988 रूकमिणी हरण गोविन्दह झा बाल उद्यान प्रांगण विद्यापति पर्व कुणाल 18 सितम्बपर 1989 अयाची मिश्र हरिमोहन झा विद्यापति भवन हरिमोहन झा जयन्तीण रोहिणी रमण झा
पॉंच पत्र हरिमोहन झा विद्यापति भवन हरिमोहन झा जयन्तीह 13 नवम्बहर 1989 आतंक अरविन्दज अक्कून बाल उद्यानक प्रांगण विद्यापतिपर्व त्रिलोचनझा 2 फरवरी1990 अपनयनाकभोज तन्त्रिनाथ झा विद्यापति भवन ललितनारासणमिश्र जयन्तीच भवनाथ झा 4 मार्च 1990 तितिरदाइ रूपकार विभूति आनन्दझ विद्यापति भवन जयनाथ मिश्र जयन्तीन किशोर कुमार झा 18 सितम्बनर1990 आदर्श कुटुम्ब रूपकार छात्रानन्दण सिंह झा विद्यापतिभवन हरिमोहनझा जयन्ती् उमाकान्तआ झा 2 नवम्ब्र 1990 राजा सल्हेकस रोहिणी रमणझा मिलरहाइस्कूणल प्रांगण विद्यापतिपर्व प्रशान्ततकान्तज अपन अस्तित्ववक एक दशक पूर्ण कमलाक पश्चाुत् नाट्यमंच द्वारा 26 नवम्बूर 1984 ई. में ई एक नाट्य प्रतियोगिताक आयोजन कमलक जाहि में प्रतिभागी नाट्यसंस्थावहि नाट्याभिनय कमलक। पटनामे प्रादुर्भुत रंगकर्मी सहमागी बनल। भंगिमाक प्रस्तुितिछल प्रायश्चित छात्रानन्दमसिंह झा द्वारा लिखित आ विनोद कुमार झा द्वारा निर्देशन ई नाटक अति प्राचीन कथ्थक संग झा मंचस्थल भेल। सीताक पाताल प्रवेश चिरपरिचित कथानन् केँ नारी-मुक्ति-आन्दो लन चश्साभ सँ देखला पर एहि नाटकक कथानक प्रासंगिक छल अन्यनथागीत गाओत्व् छल। नाटकक सम्वाचद अतयधिक सशक्तप रहलाक कारणेँ रांग शरीर निर्देशकक राम-कथाक स्प।ष्टा अघ्यययन दिस प्रश्नर चिंहृ उपस्थित करैछ। एहि नाटक केँ दर्शनीय बनयबाक पाछॉं विशिष्ट चमत्कारिक संवाद-योजना। प्रकाश-परीकल्पँना आ प्रभावोत्पािदक घ्वतनिक माघ्यस से सीताक जताल प्रवेश देखाओज गेल। एकर मंच-सज्जा पटना में अद्यावि मंचित मैथिली नाटक में सर्वोत्कृतष्ट् छल। अरिपनक प्रस्तुीति छल वैद्यनाथ मिश्र यात्रीक उपन्यामस नवतुरिया (1954) कनाट्य रूपान्तपरण कयने छलीह उषाकिरण खॉं जकर निर्देशन कयने रहथि त्रिलोचन झा। मृतपाय समस्याुवला कथ्यउ आ छोट-छोट रेडियो टाइप दृश्य क रहितहुँ निर्देशक अपन प्रतिभाक बलेँ नीक प्रस्तु ति कयने छनहि। अभिनेता लोकति में चुनि-चुनि क’संवाद बजबाक प्रवृति छल। किछु कलाकार क अभिनय अतीब प्रभावशाली छल,किन्तुझ शेष कलाकार पिछडि गेजाह, मंच-सज्जाश नाटकक अनुरूप छल तथा पार्श्व -संगीत तथा प्रकाशव्यछवस्था सामान्यअ छल। नवनिर्मित नाटय-संस्था अभिनव भारतीक प्रस्तुनति छन टूलेट जकर लेखक आ निर्देशक रहथि रवीन्द्र नाथ ठाककुर,निर्देशक केँ कलाकार लोकति पर कोनो नियंत्रण नहि छलनि आ ओ सभ मंच पर क फूलदान सँ अत्यठन्तप हल्लुँक हास्य उत्पतन्नर करबा से सफल भेलहि। एकर प्रस्तुफति ग्रामीण मंच सदृश प्रहसनक श्रेणी में आबि गेल। उपर्युक्तल प्रतियोगिता में भंगिमा केँ प्रथम, अरिपन केँ द्वितीय आ अभिनव भारती केँ तृतीय घोषित क’ कए क्रमश: दूहजार एक सह, एकहजार पॉंच सम आ एकहजार एकसभक पुरस्का र चेतना समिति प्रदान कयने छल जे नाटक आ रंगमंचक क्षेत्र में एक साहसिक प्रयास कहल जा सकैछ। बिगत शताब्दीरक अन्तिम दशक में मंचित एकांकी/नाटक तिथि नाटक नाटककार अभिनीत स्थामन अवसर निर्देशक 21 नवम्बार 1991 रक्तं अरविन्दक अक्ककम मिलर हाइ स्कूदल प्रांगण विद्यापतिपर्व मनोजमनु 10 नवम्बनर 1992 लीडर वनदेवी पुत्र भवनाथ मिलर हाइ स्कूएल प्रांगण विद्यापति पर्व रघुनाथ झा किरण 28 नवम्बनर 1993 ओरिजन काम महेन्द्र मलंगिया मिलर हाई स्कूाल प्रांगण विद्यापति पर्व महेन्द्र मलंगिया 17 नवम्बनर 1994 अथ अद्भुतानन्दे संजय कुन्दलन मिलर हाइ स्कूिल प्रांगण विद्यापति पर्व कुमार शैलेन्द्र4 6 नवम्बवर 1995 एकरा चिनसा विनोद कुमार मिश्र बन्धुर मिलर हाइ स्कूिल प्रांगण विद्यापति पर्व प्रशान्त कान्त 29 नवम्बार 1996 केकर ? अरविन्दा अक्कूर मिलर हाइ स्कूिल प्रांगण विद्यापति पर्व कौशन किशोरदास 27अगस्ति 1997 बारहे हम आ बाहरे हमर नाटक अरविन्द् अक्कूह विद्यापति भवन स्वततंत्रातक स्व र्णजयन्तीद विनीतझा 14 नवम्ब्र 1997 पदुआ कक्का् आण्लात गाम अरविन्दइ अक्कूव भारतीय नृत्यनकला मंदिर विद्यापति पर्व विनीतझा 4 नवम्बवर 1988 गुलाबछडी अरविन्द् अक्कूद मिलर हाइ स्कूसल प्रांगण विद्यापति पर्व विनीत झा 2 फरवरी 1999 गुलाब छडी अरविन्दर अक्कूा विद्यापति-भ्वकन ललित जयन्तीण विनीतझा 23 नवम्बार 1999 अग्निपथक सामा कुमारशैलेन्द्रद कृष्णस में मोरियल हॉल विद्यापतिपर्व किशोरकुमारझा 11 नवम्बिर 2000 सेहन्तार रोहिणीरमण झा भारत स्का्उट एण्डिगाइड प्रांगण विद्यापतिपर्व-रघुनाथझा किरण नाटक ओ रंगमंचक प्रगतिक प्रारूप भेरैछ बिगत शताब्दीरक अन्तिम दशक में प्रदर्शित नाटकादि में। यद्यपि एहि दशाब्दै में मात्र बारह नाटकक प्रस्तु ति भेल। भारतीय स्वकतन्त्र्ताक पचास वर्ष पूर्ण भेला पर विहार सरकारक कला संस्कृतति एवं युवाभ विभाग 15 अगस्तक सँ 1 सितम्बार 1977 धरि विद्यापति भवन में नाट्य समारोह क आयोजन कयलक जाहि से चेतना समितिक नाट्य मंच केँ प्रतिभागीक रूप में आमंत्रित कयलक जाहि ई प्रतिभागी भ’ मैथिली नाटकक प्रस्तु ति कयलक वाहरे हम आ वाहरे हमर नाटका एहि सँ प्रमाणित होइछ जे सरकारी स्तार पर सेहो चेतनाक नाट्य मंचक स्वीककृति प्राप्तह अछि। आधुनिक समाज में ब्याेप्त विभिन्न समस्यासदिक परिप्रेक्य्स में नाटक कार लोकति कथानक संयोजन कयलनि जकरा जनमानसक हृदय केँ स्पकर्श कयलक। एकैसम शताब्दी् क प्रथम दशक में मंचिंत नाटक: 30 नवम्बरर 2001 नवघर उठे कमल मोहल चुन्नूा भारत स्कािउट एण्ड गाइड प्रांगण विद्यापति पर्व रघुनाथ झा किरण 19 नवम्बार 2002 शपथग्रहण कुमार गगन भारत स्काहउट एण्डर गाइड प्रांगण विद्यापतिपर्व किशोरकुमार झा 8नवम्बपर 2003 राज्याथभिषेक अरविन्दा अक्कूत भारत स्काडउट एण्डि गाइड प्रांगण विद्यापति पर्व उमाकान्त झा 26 नवम्बिर 2004 छूतहा छैल महेन्द्र मलंगिया भारत स्कासउट एण्डए गाइड प्रांगण विद्यापति पर्व किशोर कुमार झा 15 नवम्बार 2005 जय जय जनता जर्नादन कुमार गगन विद्यापति भवन विद्यापति पर्व कुमार गगन 2 नवम्बवर 2006 नदी गुगिआयलजाय मनोज मनु कॉपरेटिभफेडरेशन प्रांगण विद्यापतिपर्व मनोजमनु 24 नवम्बनर2007 अलख निरंजन अरविन्दु अक्कूर कॉपरेटिभफेडरेशन प्रांगण विद्यापति पर्व कौशल किशोरदास वर्तमान शताब्दी में अद्यापि सात नाटकक मंचन भेल अछि जाहि में सभक प्रस्तुूति दिनप्रतिदिन प्रगतिक पथ पर अग्रसर अछि। प्रत्येमक नाटक अपन कश्यकक नवीनता सँ अनुप्राणित अछि सथा ओकर प्रस्तुिति में शनै: शनै: विकास भ’ रहल अछि जकर सपरिणाम भेलैक जे अलख निरंजनक प्रस्तुतति एतेक आकर्षक आ कथानकक नवीनता आ समसामियक रहबाक कारणेँ जनमानसक हृदय केँ स्पर्शकश्लर का एहि प्रस्तुसतिक सफलता सँ अनुप्राणित भ’ समितिक पदाधिकारी नोति प्रतिभागी कलाकार लोकति केँ पुरस्कृँत करबाक निर्णय कयलका ई आयोजन 14 दिसम्बार 2007 केँ विद्यापति भवन में आयोजित कयल गेल छल तथा नाटक ओ रंगमंचक लव्धतप्रति विद्वान प्रोफेसर प्रेमशंकर सिंह द्वारा प्रतिभागी कलाकार लोकति केँ नगदराशि एवं प्रमाण पत्र सँ सम्माशनित कमल गेलनि जे हुनका सभक मनोबल केँ बढयबाक दिशा में अंहभूमिकाक निर्वाह कयलक आ भविष्स क हेतु पाथेय सिद्ध हैदत। प्रकाशन: रंगमंचक क्षेत्र से चेतना समितिक नाट्यमंच प्रभाग एक प्रतिमान प्रस्तुअत कयलक जे अद्यपि कुलमिलाक’ सनतावन एकांकी/नाटक अपन तस्वारवधान में मंचित करौलक अछि जे उपर्युक्तस विवरण सँ स्पंष्टन अछि। नाट्य मंचक तत्वामवधान में जतेक नाटक अद्यपि मंचित भेज अछि तकर सूची वृहतर अछि जकरा देखला सँ अनुमान कयल जा सकैछ जे समिति नाट्य प्रेमीक समक्ष एक कीर्तिमान स्थासपित करबामें पुर्ण सफल भेल अछि। समिति कई प्रभाग द्वारा नवोदित नाट्यकारक नाट्य-कृति केँ प्रकाशित कयलक अछि यथा दिगम्ब्र झा क टूटैत लोक (1974), सुधांशु शेखर चौधरी क भफाइत चाहक जिनगी (1975) एवं दहैत देवाल/लेटाइत ऑंचर (1976),महेन्द्र मलंगिया क ओकरा आडव्न(क बारह मासा (1980), अरविन्द अक्कूधक आगिधधकि रहल छै (1981), एनाकते दिन ? (1985), अन्हाकर जंगल (1987),आतंक (1994), केककर ? (1986), बाह रे हम बाह रे हमर नाटक (1998), पटुआ कक्कार अएला गाम (1994), केककर ? (1986), बाह रे हम वाह रे हमर नाटक (1998), पटुआ कक्काम अएला गाम (1998), गुलाब छडी (1982) गोविन्दा झाक अन्तिम प्रणाम (1982) एवं रूक्मिणी हरण (1989), रोहिणी रमण झाक अन्तिम गहना (1929) एवं राजा सलहेस (1990), विभूति आनन्द, का तितिर दाइ (1994) वनदेवी पुत्र भवनाथ क लीडर (1994), कुमार शैलेन्द्रा क अग्नि पथक सामा (2000),कमल मोहन चुन्नू्क नव घर उठे (2001), कुमार गगनक शपथग्रहण (2003) एवं विनोद कुमार मिश्रक एकटा चिनमा (2006) आदि। चेतनाक नाट्यमंच पर निम्न)स्थर एकांकी/नाटक क मंच पर तँ अवश्यन मंचित भेल, किन्तु ओ पुस्त्काकार रूप में पाठक क समक्ष नहि आबि सकल अछि तकर एकमात्र कारण आर्थिक दवाब समितिक समक्ष रहलवा अन्यांन्य् भाषा सँ अनूदित वा उपन्याकस केॅा रूपान्तदरित क’ कए मंच स्थन कयल गेल हो सथा सीताराम झा श्यामक एकदिन एक राति, जनार्दन रायक एकटा अन्त र्याया एवं इन्टलरव्यूा, रवीन्द्र नाथ ठाकुरक रिहर्सल. टूलेट, एवं जखने कहल कक्काक हो, दमनकान्तल झा क ओझा जी, सच्चिदानन्दए चौधरी हॉस्टतलक गेस्टख, उषाकिरण खाँ क चानोदाइ एवं नवतुरिया, शैलेन्द्रच पटनियॉं क बेचारा भगवान, शारदा नन्दह झा क भर्तृहरि, रोहिणी रमण झा क जादू जंगल एवं सेहन्ताच,छात्रानन्द्सिंह झढा क आदर्श कुटुम्ब्, संजय कुन्द नक अथ अद्भुदानन्द्, कुमार गगनक जयजय जनार्दन, महेन्द्र मलंगियाक छूतह। छैल, मनोज मनुक नदी गोंगिआयल जाय एवं अखिनन्दन अक्कूनक अलख निरंजन आदि। समिति द्वारा मंख्थ्अक किछु नाटक एहनो उपलब्धय भ’ रहल अछि जकर प्रकाशन में निरर्थक विलम्बा देखि नाटक कार ओकरा अन्या न्यउ संस्थाधदि सँ प्रकाशित करयबाक सयत्नथ प्रयास कयलनि यथा सुधांशु शेखर चौधरी क पहिल सॉझ (मैथ्रिली अकादमी. पटना 1989) अरविन्दस अक्कूर क रक्त् (शेखर प्रकाशन, पटना 1992) महेन्द्र मलंगिया क ओरिजन काम (ललित प्रकाशन, मलंगिया 2000) एवं छात्रानन्दँ सिंह झा क प्रायश्चित/सुनूजानकी (शेखर प्रकाशन, पटना 2007) आदि। चेतनाक नाट्य प्रभाग नाट्यमंच द्वारा प्रस्तुरति एतेक बेसी लोक प्रियता अर्जित कयलक, जनमानस केँ आकर्षित कयलक जे नाटक से भाग लेनिहार अभिनेता कर अभिनेत्री केँ पुरस्कृकत करबाक घोषणा नाट्यप्रेमी जनमानस द्वारा भेल जाहि सँ नाट्ययोजना से प्रतिभागी कलाकार लोकति केँ प्रोत्सारहन भेरब प्रारम्भज भेलनि तथा ओ सभ अत्यभन्त मनोसोग पूर्वक एहि में प्रतिभागी बनब प्रारम्भ कयलनि। एहि प्रकरक दू पारितोषिक चेतनाक मंच सँ घोषित भेल जकर आर्थिक भार ओवहन कयलनि जनिक स्मृ।ति में एकर स्थांपना कयलनि। शैलवाला मिश्र स्मृपति पारितोषिक: मधुमती जिलाक चानपुरा ग्रास निवासी साइन्सव कॉलेज पटनाक प्राक्तमन प्रधानाचार्य एवं विश्वीविद्यालय सेवा आयोग क प्राक्तनत अघ्य्क्ष सूर्यकान्ता मिश्र अपन दिवंगता धर्मपत्नीलक स्मृवति में हुनक सांस्कृेतिक नाट्य प्रभाग नाट्य मंच द्वारा आयोजित विद्यापति स्मृिति पर्वोत्सृव पर अभिनीत नाटकक अभिनय में सर्वोतम अभिनय क लेल शैलवाला स्मृमति परितोषिकक घोषणा कयलनि। एहि निमित 1984 वर्षक लेल एक सय एक एवं भविष्यृक हेतु एक हजार एक टाका फिक्सह डिपो जिट में रखबाक हेतु समिति समर्पित कयलनि। तदनुसार चेतना समिति क नाट्य प्रभाग नाट्यमंच द्वारा शैलवाला स्मृपति पारितोषिक योजना प्रारम्भय कयलक जकरा अन्तार्गत निम्नमस्थआ सर्वोतम कलाकारकेँ सर्वोतम अभिनयक हेतु प्रस्तु त कयल गेल अछि, यथा वर्ष नाटक नाटककार पुरस्कृपत कलाकार 1984 नवतुरिया नाटयरूपकार उषाकिरण खॉं हेमचन्द्रे लाभ 1985 एनाकते दिन? अरविन्दि अक्कूच त्रिलोचन झा 1986 अन्हाेर जंगल अरविन्दख अक्कू् अशोक चौधरी 1987 जादू जंगल रोहिणी रमण झा प्रशान्त कान्त 1988 रूकमिणी हरण गोविन्दि झा प्रेमलता मिश्र प्रेू 1990 राजा सलहेस रोहिणी रमण झा सुनील कुमार झा 1991 रक्त अरविन्दर अक्कूु शारदा सिंह 1992 लीडर वनदेवी पुत्र भवनाथ शरारदा सिंह 1993 ओरिजनलकाम महेन्द्र मलंगिया सुभद्रा कुमारी
1994 अथ अद्भुदानन्दव संजय कुन्देन लक्ष्मीानारायण मिश्र 1995 एकटा चिनमा विनोद कुमार मिश्र शारदा सिंह 1996 के केकर ? अरविन्दु अक्कूद रघुवीर मोची 1997 पठुआ कक्का अएलागाम अरविन्दद अक्कूव अनीता मन्नूश 1998 गुलाबछडी अरविन्दअ अक्कूि अनीता मन्नूम 1999 अगिनपथक सामा कुमार शैलेन्द्रि रश्मि 2000 सेहन्ताप रोहिणी रमण झा रश्मि 2001 नवघर उठे कमल मोहन चुन्नूर कुमार गगन 2002 शपथ ग्रहण कुमार गगन मिथिलेश कुमार मिश्र 2003 राज्यारभिषेक अरविन्द अक्कूग कुमार गगन 2004 छूतहाछैल महेन्द्र मलंगिया रामश्रेष्ठम पासवान 2005 जय जय जनता जनार्दन कुमार गगन उमाकान्तर झा 2006 नदी गोगिंआयल जाय मनोजमनु रामश्रेष्ठे पासवान 2007 अखख निरंजन अरविन्दज अक्कूष रामश्रेष्ठझ पासवान कामेश्वेरी देवी पुरस्कामर: मिथिलाक सर्वांगीन विकासर्श अपन जीवनक आहूति देनिहार मिथिलाक वरदपुत्र ललित नारायण मिश्र क धर्मपत्नीअ कामेश्व री देवीक निधनोपरान्तल हुनक स्मृशति में हुनक ज्येयष्ठ पुत्र विजयकुमार मिश्र चेतना समितिक वर्तमान अघ्यनक्ष एवं हुनक परिवार क सहयोग सँ नाट्यभिनय में प्रतिभागी कलाकार केँ विद्यापति स्मृिति पर्वोत्स व पर अभिनीत नाटकक लेल सर्वश्रेष्ठभ अभिनयक लेल पुरस्कृरत करबाक परम्पषराक शुभारम्भ भेल एकैसम शताब्दीसक प्रथम दशक में। 2002 शपथ ग्रहण कुमार गगन आरती 2003 राजयभिषेक अरविन्दग अक्कू गुडिया 2004 छूतहा छेल महेन्द्र मलंगिया गुडिया 2005 जय जय जनताजलार्दन कुमार गगन स्वाती सिंह 2006 नदी गुगुआएल जाय मनोज मनु सपनाकुमारी 2007 अलचानिरंजन अरविन्दा अक्कूा विजय लक्ष्मी मैथिली रंगमंच केँ व्यावस्थित स्वुरूप प्रदान करबा में चेतना समिति क मालनस पुत्र नाट्यमंच प्रभाग वर्तमान परिप्रेक्ष्यस में मिलक पाथर बनिगेल अछि जे जाहि दिशा से एकर प्रयास प्रारम्भत भेलैक आ ओकरा मूर्तरूप प्रदान करैत गेल तकर श्रेय आ प्रेय एकर समर्पित कलाकार लोति केँ छनि। समिति क ई प्रयास कतेक सार्थक भेलैक जे नाट्य मंचक स्थाकपनोपरान्त। नव-नव तकनिक सँ संयुक्तन कथ्थक नवीनतासॅा संयुक्तय एक सँ एक कलाकार केँ मंच पर आनि हुन्तका अपन यथार्थ प्रतिभाक प्रदर्शनार्थ स्वसर्णिम अवसर प्रदान कयल। चेतना द्वारा नाटक ओ रंगमंच क विकास यात्राक मार्ग केँ प्रशस्ता करबाक हेतु जे अभियान चलौलक ओ साहि त्येंतिहास से स्व्र्णक्षर में अंकित होयबाक योग्य थिक। एकरा इहो श्रेय आ प्रेय छैक जे एकर समिर्पित कलाकार लोकति अपन अभिनय कौशलक प्रदर्शनार्थ समितिक नाट्यमंच सँ अनुप्राणित भ’ कतिपय नव-नव नाट्य-संस्था्दि स्थामपित भेलैक अरिवन (1982), भंगिमा (1984), कलासमिति, आडव्नल, भाव तरंग, अभिनव भारती आदि-आदि रंगकर्मी संस्थाअदिक जन्ममक मूल से चेतना समितिक नाट्य मंच प्रभाग अछि। चेतना क नाट्यमंचक नियमित प्रदशनिक फलस्वंरूप जनमानस केँ नाटक देखबाक लुतुक पडि गेलैक अछि जाहि सँ दर्शकक संख्याव में अपार वृद्धि भेलैक ताहि में सन्देपह नहि। मैथिली रंगमंचीय गतिविधिक ब्यौ रा अछि जे रंग कर्मक क्षेत्र से चेतनाक नाट्यमंच प्रभाग क अवदान सँ हमरा परिचय करबैत अछि जे इति हासक दृष्टिऍं उल्लेमखनीय अघ्यासय थिक। एहि में सन्देगह नहि जे मैथिली रंगजगत केँ चेतनाक देनक चर्चा-अर्थ रंगमंचक इतिहास में सतत स्मिरणीय रहत, कारण एकरा स्थाेयित्वक प्रदान करबाक दिशा में ई एहन ठोस कार्य कयलक अछि एकर नाट्य प्रभाग आ करैत आबि रहल अछि आ आशा कयल जाइत अछि जे भविष्यर में से हो उज्जआवल आ कर्मरत हैत से विश्वा स अछि। वस्ंातुत: चेतना समिति नाटक ओ रंगमंचक माघ्यआम में मिथिलाक सांस्कृयतिक, साहित्यिक आ कलाक प्रचार-प्रसारक सुकार्य करैत आबि रहस अछि। समिति रंगमंचक माघ्य् में सांस्कृ तिक आ साहित्यिक आन्दोलन चलौलक ले जन चेतना जगयबा में सहायक सिद्ध भेल। एकर प्रयासक फलस्वतरूप नाट्य-लेखन आ मंचनक विकासक दिशा में लोकक प्रतिवद्धता बढलैक। निजी निर्देशक, निजी तकनिशियन आ विशुद्ध मैथिल अभिनेता-अभिनेत्रीक सहयोग सँ नाट्य-प्रस्तुीति करबा में निजी व्यअक्तित्वय निर्माण कयलक अबि संगहि अपन प्रदर्शन सँ राष्ट्री्य स्ततरक कतिपय कलाकार बनलहि। समितिक सत्प्रियासक फलस्वषरूप नवनाटक, नव-शैली आ नव-कश्ययक जन्मा द’ कए नव जागरण क शंखनाद कयलक अछि। एकरासँ प्रेरित भ’ नव-नव संस्थाैदिक उदय आविकास रंगमंच केँ निस्सअन्देरह स्मृ द्धि कयलक अछि। एकरा ई श्रेय आ प्रेय छैक जे नाट्यान्दोमलन में तीव्रता अनलक आ रंगमंच केँ स्थाीयीतत्वय प्रदान करबाक निमित अत्यााधिक क्रियाशील अछि।