विदेह नाट्य उत्सव- 2012 ::
मधुबनी जिलान्तर्गत चनौरागंजक जे.एम.एस. कोचिंग परिसरमे विगत 28-29 जनवरी 2012केँ सरस्वती पूजाक अवसरपर दु-दिवसीय ‘विदेह नाट्य उत्सव’क आयोजन विदेह ई-पत्रिकाक नाट्य-रंगमंच-फिल्मक संपादक बेचन ठाकुर जीक संयोजकत्वमे कएल गेल। श्री बेचनठाकुर लिखित ‘बिसवासघात’, श्री गजेन्द्र ठाकुर लिखित ‘उल्कामुख’ आ श्री जगदीश प्रसाद मण्डल लिखित ‘बिरांगना’ नाटकक मंचन श्री बेचन ठाकुरक िनर्देशनमे भेल। नाट्य रंगमंच-फिल्मपर परिचर्चा, शिशुकला प्रदर्शन, काव्य गोष्ठी, एकर अतिरिक्त नाटक अभिनय, गीत-संगीत, हास्य–कला, नृत्य-कला, मूर्ति-कला, शिल्प-वस्तुकला, काष्ठ-कला, किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति एवं चित्र-कला क्षेत्रमे 2012क ‘विदेह सम्मान’ सेहो प्रदान कएल गेल। ऐ अवसरपर विशिष्ट अतिथि रहथि साहित्यकार जगदीश प्रसाद मण्डल, कवि जनककिशोर लाल दास, झंझारपुरक वरीय उपसमाहर्ता सह प्रभारी एस.डी.ओ. चेतनारायण राय, डी.सी.एल.आर; कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व जिला पाषर्द बलराम साहु, डॉ. उषा महासेठ, कुमार रामेश्वर लालदास, रामवृक्ष सिंह, ब्रज किशोर साह आ अवकाश प्राप्त शिक्षक हरिनारायण झा। हजारो दर्शक-श्रोताक अालाबे दूर-दूरसँ आएल साहित्य-संगीत प्रेमी सबहक उपस्थिति सेहो छल। मंचक संचालन रामसेवक ठाकुर, दुर्गानंद मंडल आ दयानंद कुमार केलनि। विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी मंचक दहिना भाग लगाओल गेल रहए जे आकर्षक रहल।
दिनांक 28/01/2012 अर्थात उत्सवक पहिल दिन दुटा नाटक क्रमश: बिसवासघात आे उल्कामुख’क प्रदर्शन भेल। जतए पहिल नाटक हालेमे एन.एच. िनर्माणमे भेल घोटालासँ उपजल षड्यंत्रक प्रभावकेँ उघार केलक ओतहि दोसर नाटक जादू वास्तविकतावादी उल्कामुख जइमे ऐतिहासिक षड्यंत्रकेँ उघारल करैत खचाखच दर्शकदीर्घामे दाँते ओंगरी कटबाक स्थिति बनौलक।
गुरु: ब्रह्मा गुरु: विष्णु... मंगलाचरणसँ उद्घाटन सत्र प्रारम्भ भेल। विधिवत् दीप प्रज्वलित कऽ अवकाश प्राप्त शिक्षक कुमार रामेश्वर लाल दास उद्घाटन केलनि। रंगमंचीय अध्यक्ष डाॅ. उषा महासेठ एवं श्री ब्रज किशोर साहक अभिभावकत्वमे कार्यक्रमकेँ आगाँ बढ़ाओल गेल। एकटा सुन्दर स्वागत गीतसँ सुश्री शिल्पी कुमारी ओ आशा कुमारी स्वागत केलनि।
नाटक मंचनसँ पूर्व काली माताक झाँकी प्रस्तुत कएल गेल जइमे काली केर प्रदर्शन केलीह सुश्री आरती कुमारी हाथक सहयोग केने रहनि सुश्री उजमा निहकत। ऐ अवसरपर गीत गाओल गेल छल- जय जय भैरवि....., जेकर गायक कलाकार रहथि कुष्ण कुमार यादव ओ कमल िकशोर ‘पंकज’। एकर अतिरिक्त जल स्वच्छता अभियानपर आधारित गीत ‘जल स्वच्छता बढ़बैत चलू....’ एवं जट-जटीन, ‘जब जब पढ़ए कहलियौ गे जटीन.....; फगुआ ‘सरस्वती पूजामे नव उमंग आनल वसन्त.....; रागिनी कुमारी, विभा कुमारी, ललिता कुमारी आ सुधीरा कुमारी द्वारा प्रस्तुत कएल गेल।
बिसवासघात नाटकक प्रमुख पात्र- राम किशुन, बीरू, एस.पी, कलक्टर, उमाशंकर, गंगाराम, लक्ष्मी, ओम प्रकाश, बिलट, राजा आ हरिकिश्वर जेकर अभिनय केने छलाह क्रमश: दुर्गानंद ठाकुर, श्रवण कुमार महतो, सुनील कुमार महतो, नवीन कुमार मण्डल, अमित रंजन, सर्व नारायण महतो, नवीन कुमार, अभिनव कुमार सागर, मो. टॉसिफ, रमेश कुमार यादव, आ जीतेन्द्र कुमार पासवान।
उल्कामुख नाटकक प्रमुख पात्र- गंगेश, वल्लभा, देवतत्त, आचार्य सिंह, भगता आ गंगाधर। अभिनय केने रहथि क्रमश: अंजली िप्रयदर्शिनी, प्रीति कुमारी, सुलेखा कुमारी, श्वेता कुमारी, पूजा कुमारी आ शिल्पी कुमारी।
अंतमे हास्य कलाकार श्री दुर्गानंद ठाकुर द्वारा अद्भुत समाचारक प्रस्तुति कऽ रातिक 11 बजे कार्यक्रम शेष भेल।
एहिना दोसर दिन माने 29/ 01/ 2012क कार्यक्रम शुभारम्भ भेल ‘विदेह सम्मान समारोह’सँ ऐ सत्रक उद्घाटन उपसमाहर्ता सह प्रभारी एस.डी.ओ. चेत नारायण राय, डी.सी.एल.आर. कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, साहित्यकार जगदीश प्रसाद मंडल, कवि जनक किशोर लाल दास, डॉ. उषा महासेठ एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक हरिनारायण झा सम्मिलित रूपसँ दीप प्रज्वलित क’।
नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प-वस्तुकला, काष्ठ-कला, किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति एवं चित्रकला क्षेत्रमे 2012क विदेह सम्मानसँ सम्मानित प्रतिभागी सबहक सूची ऐ तरहेँ अछि-
अभिनय-
सुश्री शिल्पी कुमारी, उमेर- 17 पिता श्री लक्ष्मण झा
श्री शोभा कान्त महतो, उमेर- 15 पिता- श्री रामअवतार महतो,
हास्य-अभिनय-
सुश्री प्रियंका कुमारी, उमेर- 16, पिता- श्री वैद्यनाथ साह
श्री दुर्गानंद ठाकुर, उमेर- 23, पिता- स्व. भरत ठाकुर
नृत्य-
सुश्री सुलेखा कुमारी, उमेर- 16, पिता- श्री हरेराम यादव
श्री अमीत रंजन, उमेर- 18, पिता- नागेश्वर कामत
चित्रकला-
श्री पनकलाल मण्डल, उमेर- 35, पिता- स्व. सुन्दर मण्डल, गाम छजना
श्री रमेश कुमार भारती, उमेर- 23, पिता- श्री मोती मण्डल
संगीत (हारमोनियम)-
श्री परमानन्द ठाकुर, उमेर- 30, पिता- श्री नथुनी ठाकुर
संगीत (ढोलक)-
श्री बुलन राउत, उमेर- 45, पिता- स्व. चिल्टू राउत
संगीत (रसनचौकी)-
श्री बहादुर राम, उमेर- 55, पिता- स्व. सरजुग राम
शिल्पी-वस्तुकला-
श्री जगदीश मल्लिक, उमेर 50 गाम- चनौरागंज
मूर्ति- कला-
श्री यदुनंदन पंडित, उमेर- 45, पिता- अशर्फी पंडित
काष्ठ-कला-
श्री झमेली मुखिया,पिता स्व. मूंगालाल मुखिया, उमेर 55, गाम- छजना
किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति-
श्री लछमी दास, उमेर- 50, पिता स्व. श्री फणी दास, गाम बेरमा
उपरोक्त प्रतिभागी सभकेँ प्रस्तीपत्र, प्रतीक चिन्ह अा मालासँ सम्मानित कएल गेलनि। उपहार स्वरूप लगभग हजार-हजार रूपैयाक नव मैथिली पोथी सेहो प्रदान कएल गेल। ऐ तरहेँ विदेह द्वारा ई एकटा नव डेग, जेकरा मैथिली साहित्यमे पहिल डेग सेहो कहबामे कोनो हर्ज नै, उठाओल गेल।
दोसर सत्र कवि सम्मेलन आ परिचर्चाक छल। ऐमे भाग लेलनि राम सेवक ठाकुर, दुर्गा नन्द मण्डल, नन्द विलास राय, कपिलेश्वर राउत, लक्ष्मी दास, रामविलास साहु, प्रो. उपेन्द्र नारायण अनुपम, जगदीश प्रसाद मंडल, जनक किशोल लाल दास, राम प्रवेश सिंह, शम्भू सौरभ, अजय कुमार दास, बलराम साहु, राम सेवक ठाकुर, अखिलेश कुमार मण्डल, शिवकुमार मिश्र आ मो. गुल हसन आदि कविमे अखिलेश कुमार मंडल आ लक्ष्मी दास छोड़ि सभ अपन-अपन स्वलिखित नूतन कविताक पाठ केलनि।
ऐ तरहेँ दोसर सत्रक समापनक पछाति तेसर सत्र जे रंगमंच-सत्र ओ विदेह नाट्य उत्सवक अंतिम सत्र आयोजित भेल। अंतिम सत्रक विशिष्ट अतिथिगण रहथि- कामेश्वर कामति, नीलकांत दास, शिव कारक, मो. असनुद्दीन, नन्द किशोर गुप्ता, कपिलेश्वर राउत। रंगमंचीय अध्यक्षता ओ मंच संचालन केलनि दुर्गानंद मंडल।
....ग्रामीण जीवनकेँ बजारोन्मुख हएब...। सस्ता श्रम-शक्ति भेटलासँ पूँजीपति वर्ग द्वारा शोषण...। श्रमक लूटसँ ग्रामीण लोक जानवरोसँ बत्तर जिनगी जीबए लेल मजबूर...। रूपैयाक लालचमे नीच-सँ-नीच काज करबाक लेल लोक केना तैयार होइए इत्यादि विषय-वस्तुपर आधारित बिरांगना एकांकी’क प्रस्तुतिक पछाति विदेह नाट्य उत्सवक समापनक घोषणा कएल गेल।
उपरोक्त समाचारक फोटो व विडियो निम्न लिंक सभपर उपल्ब्ध अछि।
http://maithili-drama.blogspot.com/
http://esamaad.blogspot.com/
http://sites.google.com/a/videha.com/videha-video
ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।
डा. रमानन्द झा ‘रमण’