मिथिलाक लोक देवता’ श्रुति प्रकाशनक सौजन्यसँ 2010ईं.मे बहार भेल।
टी.एस. इलियटक Tradition and the individual talent (1917 AD) क अनुसार कोनो कवि, कथाकार वा कलाकार स्वयंमे पूर्ण अर्थ नै स्पष्ट करैत छथि। हुनक कलाक तुलना मृत कवि वा कलाकारक रचनासँ कएलाक बादे हुनक मूल्यांकन कएल जा सकैछ। जौं ऐ मतकेँ प्रासंगिक मानल जाए तैयो प्रीतिजी अतुलनीय छथि किएक तँ हिनकासँ पूर्व ऐ प्रकारक चित्रात्मक आ लयात्मक शैलीमे बाल गद्य पहिने मैथिलीमे लिखल नै गेल। ई अक्षरश: सत्यो थिक किएक तँ आदि पुरुषक माथपर पाग रखबाक साहस कियो नै कऽ सकल। संगहि ऐ तथ्यकेँ जानब सेहो आवश्यक जे अन्य भाषा समूहसँ तुलनाक बाद प्रीतिजी कतए छथि?
‘सामा चकेबा’ परम्परागत जनश्रुति आ पौराणिक कथाक आधारपर मिथिलाक गाम-गाममे प्रचलित कार्तिक पूर्णमासीक पावनि िथक। ऐ कथाकेँ ऐ पोथीमे सम्मिलित कऽ प्रीतिजी कोनो नव रचनात्मक कार्य नै कएलनि परंच अनचोकेमे नवका पिढ़ीकेँ अपन संस्कृतिसँ अवश्य अवगत करा देलखिन। अनचाेेके शब्दक प्रयोग ऐ दुआरे कएलौं किएक तँ बहुत रास गामसँ ई पावनि लुप्त भऽ रहल अछि शहरमे तँ एकर अस्तित्वक कल्पना करब सेहो असंभव। आन ठाम जकाँ मिथिलामे सेहो पलायनवाद हाबी भऽ गेल छैक। कोनो आवश्यक नै जे पलायनक बाद लोक अपन संस्कृितकेँ दड़भंगिया प्रभावमे झाँपि कऽ राखि सकथि। तँए एहेन पावनिक चर्च आधुनिक पिढ़ी लग आवश्यक। जखन चर्च हएत तँ भऽ सकैछ जे प्रवासी नेनामे ऐ प्रकारक संस्कृतिसँ जुड़ल रहबाक प्रेरणा जागए। मधुश्रावणी वा कोजगराक सदृश सामा चकेबा कोनो जाति विशेषक पावनि नै थिक वरन् ई सम्पूर्ण मिथिलाक प्रतिनिधित्व कएने अछि।
साहित्यानुरागी लोकनि ऐ पोथीकेँ रचनात्मक कथा (creative story) नै मानताह ई ध्रुव सत्य किएक तँ एकर कथा सभा नूतन कल्पना नै भऽ कऽ परम्परागत शैली आ कथाक प्रतिरूप थिक। ऐ दुआरे रचनाकारक आलोचना सेहो संभव अछि। मुदा ई धियान राखब सेहो आवश्यक जे अबोध नेनाकेँ क्लिष्ट साहित्यसँ कोनो सिनेह नै होइछ। आे तँ महाकाव्यक पाँतिसँ बेसी ‘आनी-मूनी हम नै जानी’ सदृश अर्थहीन पाँतिसँ सिनेह रखैत अछि। तँ चालनि बाढ़नि डेढ़ बितना, जेहन करनी, चारि बटोही बगियाक गाछ आदि जनश्रुतिसँ संबंधित कथानककेँ बाल मनोविज्ञानसँ संबंधित माननाइ उचित हएत। लेखिका पहिनहि इमानदारीसँ ई स्वीकार कएने छथि जे बाल कालमे बूढ़-पुरानक मुखसँ जे सुनने छलीह तकरा अपन शब्दमे कथाक रूप दऽ देलखिन।
ऐ पोथीक सबल पक्ष अछि कथा चित्रात्मक विवेचन। मोती सायर, लालवन बाबा, गरीबन बाबा, बिहुला, सीता आ सुग्गा, आयाची मिश्र, पक्षधर मिश्र आ उगना सन कथा चित्रकेँ तैयार करबामे कतेक मेहनति आ समए लागल हेतनि ओ तँ लेखिके कहि सकैत छथि। परंच ई चित्र अपन विविध मूक शैलीमे नेना-भुटकाक संग अवश्य वार्तालाप करत। आलोचनात्मक पक्षसँ जौं देखल जाए तँ एकरा आन भाषा साहित्यक कॉमिक्ससँ बेसी नै मानल जाएत। मुदा एहेन दीर्घसूत्री आलोचके कऽ सकै छथि। किएक तँ ई कोनो कम्प्यूटरक खेल नै अपन मस्तिष्कमे उपजल बालउद्वोधनक चित्रात्मक शैली थिक जे समालोचनाक भयसँ मुक्त रहैत लेखिका मात्र नेनाक लेल कएने छथि।
रंग समंजन सेहो नीक लागल। अंतिम किछु चित्र श्वेत-स्याम रूपेँ देल गेल जइमे नेना स्वयं रंगरोगन कऽ सकैत छथि।
ऐ पोथीक कथानक परम्परागत अछि मुदा शैली आ चित्रांकन नव तँए अपन उद्देश्यमे रचनाकार सफल छथि।
दुर्बल पक्ष जे चित्रक संग जे किछु कथा देल गेल अछि ओकरा आर विस्तृत कएल जा सकैत छल। जेना मोती सायरसँ लऽ कऽ मीरा साहेब धरिक चित्रकथामे कथानक एकाएक बदलि जाइत अछि। जे सारंश जकाँ लगल। मुदा आशा करैत छी जे नेना सभकेँ नीक लागि रहल होएतनि।
ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।
नवेंदु कुमार झा/ १.एस एच जीक माध्यम सॅ आगा बढ़त बिहार प्रदेश मे गठित होयत दस लाख एच एच जी २.राज्य सभा चुनाव-भाजपा जदयू मे उम्मीदवारक भीड़ तऽ राजदक अस्तित्वक संकट
१
एस एच जीक माध्यम सॅ आगा बढ़त बिहार प्रदेश मे गठित होयत दस लाख एच एच जी
बिहार मे महिला आ ग्रामीण क्षेत्रक विकासक लेल स्वयं सहायता समूह (एस एच जी) के मजगूत हथियार बनाओल जा रहल अछि। एहि वास्ते राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनक अंतर्गत दस लाख स्वयं सहायता समूह गठित कयल जायत। एहि समूह सॅ अगिला दस वर्ष मे गोटेक एक करोड़ महिला सभके जोड़बाक लेल तैयार कार्य योजना के राज्य सरकार मंजूरि दऽ देलक अछि। मिशनक कार्यान्वयनक लेल बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति गठित कयल गेल अछि। ई व्यवस्था गरीबी रेखा सॅ नीचा रहय वाला (बीपीएल) परिवार के आर्थिक रूपें मजगूत करबाक लेल लागू कयल जा रहल अछि। तैयार कार्य योजनाक अंतर्गत जीविका, ग्रामीण विकास विभाग आ महिला विकास निगम द्वारा चलाओल जा रहल एसएचजी एकहि मॉडल पर काज करता मिशनक अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 सॅ वित्तीय वर्ष 2021-22 धरि प्रति वर्ष एक-एक लाख स्वयं सहायता समूहक गठन कयल जायत। एहि तरहे एहि दस वर्षक दरमियान दस लाख एसएचजीक गठनक समूह मे महिला सभ के स्वरोजगारक वास्ते बैंक सभ सॅ आर्थिक मदति दे आओल जायत। एहि लेल 9200.23 करोड़ टाकाक उपबंध कयल गेल अछि। संगहि समूह द्वारा उत्पादित सभ जिला मे दू-दू टा हाट विकसित कयल जायत। देखबा मे आयल अछि जे महिला सभ एस एच जीक उपयोग गरीबी सॅ लड़बाक हथियारक रूप मे कऽ रहल छथि। केरल आ तमिलनाडू आदि आन प्रदेश सभ मे सेहो एस एच जीक नीक परिणाम सोझा आयल अछि। एहि माध्यम सॅ महिला सभ घरक चेहरा बदलि देलनि अछि। एहि के ध्यान मे राखि बिहार मे सेहो गरीबी उन्मूलन आ महिला सशक्तिकरण के बढ़ाबा देबाक उद्देश्य सॅ पैघ संख्या मे महिला सभके एस एच जी सॅ जोड़ल जायत। उल्लेखनीय अछि जे जीविका, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना आ महिला विकास निगम द्वारा संचालित एस एच जी गरीब महिला सभक आर्थिक उन्नति मे महत्वपूर्ण भूमिकाक निर्वाह कयलक अछि। एहि माध्यम सॅ महिला सभ बैक सॅ कर्ज लऽ उत्पादनक काज प्रारंभ कयलक अछि। जाहि सॅ हुनक जीवन खुशहाल भेल अछि।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनक काज गामक सभ सॅ निर्धन टोला सॅ प्रारंभ होइत अछि। एकर अंतर्गत मात्र समूहक गठन नहि कयल जाईत अछि बल्कि हुनका सभके खेतीक उपज बढ़ायब, श्री विधि सॅ खेती करब, सभ नेता के विद्यालय पढ़ायब आ अपन दस्तखत करबाक लेल प्रेरित कयल जायत। बिहार मे मिशनक क्रियान्वयनक लेल जीविका के नोडल एजेन्सी बनाओल गेल अछि। एहि माध्यम सॅ एस एच जी गठित कयल जायत। संगहि बेरोजगार सभके रोजगारक सृजनक लेल प्रशिक्षित सेहो कयल जायत। आजीविका मिशन मे जीविकाक कतेको प्रारूप के सम्मिलित कयल गेल अछि। मिशनक अंतर्गत जीविका प्रदेशक सभ 534 प्रखंड मे स्वयं सहायता समूह गठित करत। प्रदेश मे जीविकाक प्रारंभ वर्ष 2006 मे 42 प्रखंड मे कयल गेल छल। बाद मे वर्ष 2010 मे कोसी क्षेत्रक 13 प्रखंड मे एकर विस्तार कयल गेल छल। जीविकाक माध्यम सॅ महिला सभ अपन पयर पर ठाढ़ होयत। एहि समूहक माध्यम सॅ महिला सभ मे जागृति आओत आ आधा आबादी अपन हुनक तथा ज्ञानक प्रयोग कऽ बिहार के आगां बढ़ौतीहा जीविकाक मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रक अर्थव्यवस्था के मजगूत कऽ बिहार के आगा लऽ जयबाक अछि। जीविकाक प्रबंध निदेशक अरविन्द कुमार चौधरीक कहब छनि जे प्रदेश मे स्वयं सहायता समूह महिला सभक तकदीर बदलि देलक अछि। एस एच जीक माध्यम सॅ बिहार मे नव कहानी लिखल जा रहल अछि। जीविकाक कार्यक्रम महिला सशक्तिकरणक दिशा मे बेसी प्रभावित साबित भेल अछि। आब महिला सभ घर सॅ बाहर निकलि रहल छथि आ दस्तखत कऽ बैकक संग कारोबार सेहो कऽ रहल छथि।
जीविकाक अंतर्गत प्रत्येक समूहक सफलताक अपन कहानी अछि। एहि कहानी के मीडिया मे सेहो जगह देबाक आवश्यकता अछि जाहि सॅ ई आन महिलाक लेल प्रेरणाक अस्त्र बनि सकय। बिहार मे गठित उठाओल पैघ डेंग होयत। बिहार सरकार द्वारा चलाओल जा रहल जीविकाक अनुकरण कऽ भारत सरकार एकरा देश भरि मे लागू करबाक निर्णय लेलक अछि आ एकर नाम आजीविका राखल गेल अछि। जीविकाक माध्यम सॅ महिला सभ मे जागृति आओत आ ओ गरीबी सॅ मुक्तिक कारगर हथियारक रूप मे एकर अपनाओत। महिला सभक आर्थिक उन्नति मे एकर महत्वपूर्ण भूमिका होयत। प्रदेश मे ग्रामीण विकास विभाग महिला विकास निगम आ जीविका द्वारा गोटेक एक लाख स्वयं सहायता समूह संचालित कयल जा रहल अछि। गोटेक पचास हजार एस एच जी के बैक सॅ मदति दे आओल गेल अछि। महिला सभ बिना डर समूह सभक संचालन कऽ रहल छथि।
२
राज्य सभा चुनाव-भाजपा जदयू मे उम्मीदवारक भीड़ तऽ राजदक अस्तित्वक संकट
प्रदेश मे राज्य सभाक छह सीटक लेल होमय वला मतदानक लेल नामांकन पत्र भरबाक काज प्रारंभ होयबाक संगहि भाजपा आ जदयू मे राजनीतिक गतिविधि मे तेजी आबि गेल अछि। नामांकन पत्र 19 मार्च धरि भरल जायत आ मतदान 30 मार्च के कराओल जायत। विधानसभा मे संख्याक समीकरण राजगक पक्ष मे अछि आ छओ सीट पर भाजपा आ जदयूक कब्जा होयबाक संभावना अछि। पछिला 22 वर्ष मे पहिल बेर राष्ट्रीय जनता दल अपन एकटो उम्मीदवार के उच्च सदन मे पठैबाक स्थिति मे नहि अछि। छह सीट पर भाजपा आ जदयूक मध्य एखन धरि सीटक बॅटवारा पर अंतिम निर्णय नहि भेल अछि।
राज्य सभाक एहि द्विवार्षिक चुनाव मे जदयूक चारि आ भाजपाक दू उम्मीदवारक जीत सुनिश्चित अछि मुदा भाजपाक तेसर सीटक दाबा कयला पर जदयू विधान परिषद चुनाव मे बेसी सीट राखि सकैत अछि। हालांकि भाजपा मे उम्मीदवारक बढ़ैत संख्या के देखि भाजपा नेतृत्व तेसर सीटक प्रति एखन धरि कोनो सक्रियता नहि देखौलक अछि आ दू सीटक लेल 16 उम्मीदवारक पैनल केन्द्रीय नेतृत्व के पठा देलक अछि जाहि पर 14-15 मार्च के नव दिल्ली मे पार्टीक केन्द्रीय चुनाव समितिक बैसक मे अंतिम निर्णय लेल जायत। प्रदेश इकाई द्वारा पठाओल गेल नाम मे पार्टी प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद, राष्ट्रीय कार्य समितिक सदस्य आर.के. सिन्हा, प्रदेश महामंत्री मंगल पाण्डेय, पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुनीलाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, विधान पार्षद गंगा प्रसाद, बालेश्वर सिंह भारती आ किरण घई, मृदुला सिन्हा, बिन्दा प्रसादक नाम प्रमुख अछि। ओना राष्ट्रीय महामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान आ अरूण जेटलीक नामक चर्चा सेहो चलि रहल अछि। हालाकि श्री जेटलीक नाम गुजरात सॅ सेहो चर्चा मे अछि आ झारखंड से निवर्तमान सदस्य एस एस अहलुवालियाक समीकरण झारखंड मे फिर नहि बैसला पर ओ बिहारक बार धऽ नव दिल्ली जा सकैत छथि ओना ज्यो पार्टी दू सीटक लेल अपन उम्मीदवार देलक तऽ रवि शंकर प्रसाद, आर.के. सिन्हा आ धर्मेन्द्र प्रधान मजगूत दावेदार छथि। उम्मीदवारक एहि भड़ मे ज्यो पार्टी के तेसर सीट हाथ लगैत अछि तऽ ओहि स्थिति मे विधान पार्षद संजय झाक मजगूत दावेदारी भऽ सकैत अछि। श्री झाक नाम पर जदयू सेहो सकारात्मक रूख देखा सकैत अछि।
दोसर दिस, जदयूक संभावित दावेदार मुख्यमंत्री नीतीश कुमारक आशीर्वाद प्राप्त करबाक लेल एड़ी-चोटी लगौने छथि। जदयू उम्मीदवार पर अंतिम मोहर मुख्यमंत्री स्वयं लगौताह। उम्मीदवारक चयन मे जदयूक राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादवक भूमिका औपचारिक भऽ सकैत अछि। विधान परिषद्क भेल चुनाव मे जाहि तरहे जदयू कोनो सदस्य के दोबारा अवसर नहि देलक ज्यों एहि फार्मुला पर राज्य सभाक उम्मीदवार तय भेल तऽ दलक निवर्तमान सदस्यक उम्मीदवारी पर तलवार लटकि सकैत अछि। दलक सूत्र सॅ भेटल जनतबक अनुसार जदयू चारि सीट पर चुनाव लड़बाक तैयारी कयने अछि जाहि लेल कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह, ग्रामीण कार्य मंत्री डा. भीम सिंह, पूर्व मंत्री राम नन्दन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी पत्रकार फरजंद अहमद, पूर्व मंत्री रामनाथ ठाकुर, आ शकील अहमद प्रदेश वशिष्ठ नारायण सिंह मजगूत दावेदार छथि। संगहि प्रदेशक आन कतेको नेता एहि मजगूत दावेदारक खेल मे अपन गोटी लाल करबाक जुगत भिड़ा रहल छथि। सूत्र सॅ भेटल जनतबक अनुसार आंध्र प्रदेश सॅ कांग्रेसक पूर्व राज्य सभा सदस्य गिरीश कुमार संघी सेहो संभावनाक द्वार खूजल अछि तऽ निवर्तमान सदस्य महेन्द्र सिंह उर्फ किंग महेन्द्र सेहो उच्च सदन मे अपन स्थान सुरक्षित रखबा मे सफल भऽ सकैत छथि। राज्य सभाक ई द्विवार्षिक चुनाव जदयूक अनिल सहनी, अली अनवर आ महेन्द्र सिंह, भाजपाक रविशंकर प्रसाद आ राजदक राजनीति प्रसाद आ जाबिर हुसैनक कार्यकाल समाप्त होयबाक कारण कराओल जा रहल अछि। राजदक एक वर्ग एहि चुनाव मे राजदक दिस सॅ मजगूत उम्मीदवार देबाक मे अछि मुदा पार्टी नेतृत्व फजीहत सॅ बचबाक लेल एखन धरि मौन अछि।
ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।
शिवकुमार झा ‘टिल्लू’