विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

एकैसम शताब्दीक प्रारम्भ: जनवृद्धिमे भारत प्रथम आ चीन दोसर

डॉ. बचेश्वर झा · 2018-08-15 · अंक 256

एकैसम शता‘दीक Cारंभ जनवृि­मे भारत Cथम आ चीन दोसर
Cाय: कहल जाइत अिछ जे ‘बहुलोका: दोषा:’
भारतक िवशाल जनसंÄया आ एकर लगातार वृि­क गित एक समÅूा बिन सभसँ भयावह आ
िव6फोटक िस­ भेल अिछ। जतए भारतक हेतु सव<माbय िसर दद< एवम् गहॴर िचbतनक िवषय बिन गेल
अिछ, ओतए इएह सम6या भारतमे गरीबी, वेरोजगारी, कुपोषण संगिह भूिम िवखvडन एवम् अपखvडनक
सम6याकS िदनानुिदन अित शोचनीय ि6थितमे पहुँचा देलक अिछ।
एतबे निह, भारत जनािध—यक सीमापर आिब गेल अिछ। ई जनािधकय पिछला दू दशा‘दीक आिथ<क
िवकासक सुखद CयासकS पकािर देलक अिछ। गरीबी आ बेकारीक सम6या एकरे Æारा प›लिवत भऽ रहल
अिछ।
खेदक संग कहए पड़ैत अिछ जे एक ओर तँ भारी जनसंÄया हमरा सभक गरीबीकS बढ़ा रहल अिछ तँ
दोसर ओर गरीबी सेहो जनसंÄयामे वृि­ कऽ रहल अिछ। जोसेफ डी. का6²ो अपन Cिस­
पोथी ‘Geognaphy of hunger’ मे चीन, जापान आ भारतक उदाहरण C6तुत करैत एहन िवचार Cगट
कएल अिछ। 1981 क जनगणनाक अनुसार भारतक जन संÄया अड़सिठ करोड़कS पार कऽ गेल अिछ।
जािहमे आसाम, ज£मू एवम् कžमीरक जनसंÄया शािमल निह अिछ। एक करोड़ चािलस लाख मानबक वृि­
Cित वष< भारतमे भऽ रहल अिछ। देखल जाइछ जे आ6²ेिलयाक IेKफल भारतक IेKफलसँ दोबरसँ अिधक
अिछ। एखन तक भारत चीनक बाद संसारमे सव…िधक जनसंÄयाबला देश अिछ। संसारक कुलजन संÄयाक
15 Cितशत भाग भारतमे रहैत अिछ। जखन संसारक कुल IेKफलक अढ़ाइ Cितशत भू-भाग माK एकरा
Cा´त छैक। तS जॱ भारतक ई जन संÄया अपन व‹<मान अढ़ाइ Cितशतक दरसँ बढ़ैत गेल तँ वॴसवी
शता‘दीक अbत तक एक अरबक जनसंÄयाकS छूिब लेत।
सन् 1831 इ6वीक बादसँ भारतक जन संÄयामे जे वृि­ आरंभ भेल अिछ ओकर गितकS देखैत
भारतक आजादीक बाद 6वतंK भारतक आिथ<क िवकासक योजनामे सत<कता बरतल गेल। इएह कारण भेल
जे सन् 1952 ई.मे पिरवार िनयोजन नीितकS सरकारी काय<µमक ¡पमे अपनाओल गेल आ िवlक पिहल
देश छल जे अपन आिथ<क िवकासक योजनामे पिरवार िनयोजनकS 6थान देलक। एकर बावजूदो एिह काय<-
µमक Cित उदासी देखल गेल जे क¸Cद िवषय िथक। य^िप Cथम आ िÆतीय पंचवषÂय योजनामे पiच
करोड़ पÉसिठ लाख टाकाक Æारा एकर संगठन कएल गेल जािहमे शोध, संचार एवम् केbc आ राªय
सरकारक अbतग<त िचिकसा सेवा Cदान करैत राखल गेल। समय-समयपर जनगणना देशमे भेलासँ सरकार
आ समाजकS जगाओलक। तS तेजीसँ एिह ओर Cयास चलल। गभ< िनरोधक Cचार-Cसार शु¡ भेल। तेसर
योजनामे 25 करोड़क लागत आयल। एिह तरहS बीचक तीन वािष<क योजनामे पिरवार िनयोजनकS‘King fin
of the plan’ मानल गेल। संगिह काय<µमकS Cय…´त रािश Æारा Time bound एवम् Target
oriented क ¡पमे अपनाओल गेल।
भारतक चतुथ< योजनामे बहुत अिधक Cाथिमकता देल गेल। एिह काय<µमपर 315 करोड़ टाका खच<
कएल गेल तथािप bयून सफलता भेटल। पiचमी योजना 516 करोड़ टाकाक आवंटन कऽ जbम दरकS 35-

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ejournal 'िवदेह ' २५६ म अंक १५ अग᭭त २०१८ (वषᭅ ११ मास १२८ अंक २५६ )
मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA
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30 Cित हजार कम करबाक ल¬य राखल गेल जेकरा हेतु वb®याकरण हेतु C6तुत भेल नर-नारीकS तकरा
चbc िक6मक Cलोभन देल गेल। एतए तक जे छठवॴ सातवॴ योजनामे तँ »ूण हया गभ<-पात आिदक वैध
करार कऽ देल गेल। जइसँ जनसंÄयाक वृि­मे Ìास आबए।
सन् 1974 ई.मे िवl जनसंÄया िनयंKण स£मेलन ¡मािनयॉंक राजधानी बुखारे6टमे भेल। भारतक
ताकालीन पिरवार िनयोजन मंKी डॉ. कण< िसंह ओिह स£मेलनमे बाजल छलाह जे िवlक गरीबी तखने दूर
होयत जखन िवlक जनसंÄयामे कमी आओत।
भारतमे जनसंÄयाकS िनयंिKत करबाक संक›पकS दोहरबैत 6व: Cधान मंKी इिbदरा गiधीक बीस-सूKी
काय<µमकS पिरवार िनयोजनपर िवशेष जोर देल गेल।
पiचम योजनामे Minimum needs programme क अbतग<त 6वा6Íय, पिरवार िनयोजन एवम्
पौि¸क आहारकS एक संग िवकिसत करबाक Cयास कएल गेल। एिह समेिकत योजना Æारा बाल-मृयुकS कम
कऽ संगिह माताकS 6वा6थ बनाकए कम ब“चा उप– करबाक Cवृि‹कS जगाओल गेल। सरकार Æारा सव³‹म
गभ<-िनरोधक दवाइकS उपल‘ध करएबाक Cयास जारी राखल गेल अिछ।
एतबे निह, कमसँ कम मू›यपर हरेक ठाम गभ< िनरोध उपल‘ध करेबाक {यव6था कएल गेल अिछ।
गरीब देशमे एिह काय<-µमक अbतग<त वb®याकरणक हेतु आिथ<क Cलोभन सेहो देल जाय रहल अिछ।
जनसंÄया वृि­मे 80 Cितशत देहातक योगदान रहैछ। जकरा हेतु रेिडयो, िसनेमा, टेलीिवजन आिद Æारा
Cचार-Cसारसँ देहाती नर-नारीकS िनयोजन करएबाक हेतु अbमूख कएल गेल अिछ।
ऐं ई 6वीकार निह काएल जा सकैछ। जे भारतमे पिरवार-िनयोजन काय<-µम पूण< ¡पेण असफल
रहल, मुदा एतेक Cय·क बावजूदो जनसंÄयाक वृि­ िदनानुिदन चौगु–ा होइत जाए रहल अिछ तS लऽ कऽ ई
कहल जाए रहल अिछ जे अणु िव6फोट ओतेक खतरनाक निह जतेक जनसंÄयाक वृि­ िव6फोट भऽ
सकैछ।
आइ जनसंÄयाक वृि­मे संसारक सा£यवादी देश चीन अपन जनसंÄयाकS िनयोिजत करबामे कमाल
हािसल कएलक अिछ। हमरो सभकS एिहसँ Cेरणा लेबाक चाही। 1953 ई.मे चीन अपन िवकासक अिभ–
अंगक ¡पमे पिरवार-िनयोजन लागू कएलक। एिह काय<-µमक अbतग<त देरसँ िववाह, ब“चाक जन£मे अbतराल
संगिह अिbतम ¡पसँ दू ब“चाक ल¬य जन तÎिKक अिधकार कायम कऽ देलक। एतए तक जे िववाहक
संगिह Contraceptative क Cयोग करबाक Cेरणा देल गेल। तेतबे निह, मुÏतमे Contraceptives क
िवतरण करा कए जनसंÄयामे Ìास आनबाक महती Cयास कएलक अिछ। नव िववािहत द£पितक हेतु अिनवाय<
िनयम लागू कएने अिछ जे Contraceptives क Cयोग ओ लोकिन करए। एतबे निह, बूढ़-बुढ़ानुस Æरा
सामािजक सभामे युवक युवतीक ®यान एकर लाभक ओर आकृ¸ करोओल जाइछ। ई काय<-µम चीनमे
{यि—तकS छोट पिरवार राखक ओर सराहनीय काय< कएलक अिछ। छोट पिरवारक CवृितकS जगेबामे सरकारक
Æारा उठाओल गेल कानूनी Cयास कम महवपूण< निह अिछ। पिस­ अथ< शा6Kी J.Myrdalसेहो Asian
drama मे चीनमे सरकार Æारा एिह IेKमे उठाओल गेल कानूनी Cयासक चच… कएलिbह अिछ। जकरा हेतु
सरकार एक Grash family planning programme अपनौलक अिछ तािक 2000 ई. तक ¡सक

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समान जनवृि­ शूbय Cितशत तक लाओल जाय सकैछ। आब ओिहठाम दू ब“चाक बदलामे एक ब“चाबला
पिरवारक {यि—तकS वेतनमे वृि­ आवासीय सुिवधा, संगिह प™शन आिदमे सुिवधाक Cलोभन देल अिछ।
दोसर ओर एक ब“चाक बादसँ वेतनमे आंिशक दरसँ कटौती तथा अbय सुिवधासँ वंिचत कऽ देबाक
िनयम लागू कऽ देल गेल छैक। एिह तरहS चीन अपन जनसंÄयाक वृि­ गितमे 1975 ई.मे 25 Cितशत Cित
हजारसँ 1979 ई.मे 18 Cितशत q

Suggested citation: डॉ. बचेश्वर झा. “एकैसम शताब्दीक प्रारम्भ: जनवृद्धिमे भारत प्रथम आ चीन दोसर.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 256, 2018-08-15. https://www.videha.co.in/research/2018/256/एकैसम-शताब्दीक-प्रारम्भ-जनवृद्धिमे-भारत-प्रथम-आ-चीन-दोसर.htm

मूल विदेह अंक / Original issue