ई समय ककरो निह
हम ᭫यामा भगवतीक दशᭅनक हेतु गेल रही। महाराजा रामे᳡रक िचत ापर बनल ओिह भ᳞ मि᭠दरक अ᭞भुत सौ᭠दयᭅ
अिछ। टुह-टुह ᳲसदुᳯरआ रंगमे रंगल मि᭠दरक दिहना कात पोखᳯर अिछ जकर जमकल पािनमे हाथ देलासँ ᭭व᭒छता बढ़क बदला
घᳯट सक ै त अिछ। मोन पिड़ गेल जे जखन सी.एम. कालेज दरभंगामे िव᳒ाथᱮ रही तँ एᳯठ ठाम आबी, भगवतीक दशᭅनक बाद
पोखᳯरक घाटपर बैसल करी। ओिह समय पोखᳯरक हालक बेहतर छल।
िव दे ह www.videha.co.in िवदेहᮧथम मैिथलीपािᭃक ई पिᮢका www.videha.com
Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० )
मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA
28
᭫यामा मि᭠दरमे माँकालीक भ᳞ मूᳶत ओिहना चमकै त, दमक ै त छल। भᲦगणक ᮰ा ओिहना वा ᳰक पिहनᱟँसँ बेसी
बुझाइत छल। मि᭠दरमे कै ठाम भᲦसभ पूजा पाठमे त᭨लीन छलाह।
“िमिथलेश रमेश᭭य िचतायं सुᮧिति᳧त। ᭫यामा रमे᳡रीपातु रमे᳡र क ु लोᮤवान्।”
मि᭠दरक मुय ᳇ारपर िलखल उपरोᲦ ᳣ोक कतेक बेर पढ़ैत रहलᱟँ।
᭫यामा मि᭠दरक बाहर आ अंदरमे ᮧसादक िवᮓय होइत अिछ। अ᭠दरे मे ᮧसाद ᳰकनलᱟँ। भगबतीके ँ ᮧसाद चढ़ओलाक
बाद कनीकाल ओतिह बैिस गेलᱟँ। कनी कालक बाद बाहर भेलापर ᳲ चता भेल जे ᮧसादक ेँ बानरसँ कोना बचाबी कारण एकबेर
एिहना ᮧसाद चढ़ाकए िनकलल रही ᳰक एकटा बूढ़बा बानर कहाँसँ दौरल आएल आ ᮧसाद लुᳯट लेलक। हम अबाक देखैत रिह
गेल रही। अ᭭तु, ᮧसादक ेँ अंगाक अंदर कᱟना कए नुकौलᱟँ। बाहर आगू बढ़लापर चाᱨकात को नो-ने-कोनो महराजक िचतापर
बनल मि᭠दर सभक ेँ देखैत मोनमे दरभंगा महराजक अकूत संपिᱫ आ ओकर अप᳞यपर ᭟या न हठात चिल जाएब कोनो भारी
बात निह। जँ एिह धनक उपयोग एतेक रास मि᭠दरक बजाए जनताक क᭨याणमे खचᭅ कएल जाइत तँ लोक समृ होइत, आ
महाराजो यश᭭वी होइतिथ। मुदा जे हेबाक छल से भेल। महराजक राज चिल गेल। बड़का-बड़का देबार सभ ढिह गेल। राजक
हाताक अ᭠दरक जमीन सभ िबका गेल। आब ओिहठाम होटल अिछ, दोकान अिछ, सामा᭠य ᳞िᲦ सभक घर अिछ। ने वो रामा
ने वो खटोला। महाराजाक गौरब-गᳯरमाक बखान करए हेतु ढहैत, ढनमनाइत राज पᳯरसरक दुदᭅशा अ᭠तहीन भए गेल अिछ।
᭫यामा मि᭠दरक आस-पास बनल आओर मि᭠दर सभ कतेको बेर गेल छ ी। तᱶ ᳯरसा पकिड़ सोझे शुभंकरपुर िबदा भए
गेल रही। मोनमे होइत छल जे जँ महराज वा ᱟनकर सलाहकारक जन क᭨याणमे किनको ᱨिच रहैत तँ आइ िमिथलाक लोकक
भिव᭬ये ᳰकछु आओर होइत।
काली मि᭠दरसँ आगा बढ़लापर िमिथला िव᳡िव᳒ालयक िवशालकाय पᳯरसर आएल। दरभंगा महराजक ओिह महल
सभकेँ सरकार अिधᮕहण कए ओिहमे िव᳡िव᳒ाल ᭭थािपत कए देलक। महरा जक राज-पाट नाम सभ चिल गेल। एतबो निह
भेल जे वोिह िव᳡िव᳒ालयक नाममे महराजक नाम रहैत। मुदा भावी ᮧवल। समय बलबान होइत अिछ।
“जो उया सो अ᭠तवे, फ ू ᭨या सो क ु मलाही
जो िचिनया सो ढही पड़े, जो आया सो जाही।”
कबीरदासक उपरोᲦ कथन ᭟यानमे आिब रहल छल। संसारक िनयम अिछ जेकर उदय भेल तकर अ᭭त होएत। समय
रिहते जे ᳰकछु कए गेल वएह रिह जाइत अिछ।
िव᳡िव᳒ालयक दिहनाकात बदरंग भेल इ᭠ᮤपूजा ᭭थली आ तकर साम ने बड़ीटा खाली मैदान- िबना कोनो देखरेखक ᱶ ।
आ᳟यᭅक बात िथक जे एिह ऐितहािसक, सांसक ृ ितक धरोहरक रखरखावक उिचत ᳞व᭭था ᳰकएक निह भए रहल अिछ?
कनीक आगा बढ़ब तँ बड़का-बड़का देबार जे महाराजा सभ बना गेला ह, ओिहमे यᮢ-तᮢगाछ सभ जनिम रहल अिछ।
देबारक बीचमे बनल हनुमानजीक मूᳶतक ेँ लोक सभ पूजा करैत देखाइत। आ᳟यᭅक बात ई िथक जे िबना को नो देखरेखक ेँ एतेक
पुरान देबार सभ अखनो ठाढ़ कोनो अिछ?
᭫यामा मि᭠दरसँ शुभंकरपुर लौटबाक ᮓममे महराजी पूलसँ पिहने जा म लािग गेल छल। ᳯरसा आगू निह बᳰढ़ सक ै त
छल। संगिह साइकल, ᭭कू टर, ठेला, पैदलयाᮢी, कार आ पैदलया ᮢी तेना ने लदमलद भए गेलाह जे कनी काल लेल भेलैक जे
आब एतिहसँ आपस होमए पड़त। पैरे जेबाक सेहो जगह निह बाँचल छल। चुप-चाप ᳯरसा पर बैसल रिह जेबाक अितᳯरᲦ
ᳰकछु िवक᭨प निह छल।
िव दे ह www.videha.co.in िवदेहᮧथम मैिथलीपािᭃक ई पिᮢका www.videha.com
Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० )
मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA
29
जाबत ओिह जामकेँ हᳯट जेबाक ᮧतीᭃा करैत रही ताबतेमे ᳰकछु गोटे “राम नाम स ᭜य है, सबका यही गᱫ है”बजैत
एकटा मृतककेँ का᭠हपर उठौने ओतिह आिब कए अटᳰक गेलाह। ᱟनका पाछा- पा छा कतेको लोक चिल रहल छलाह जे मृतकक
अि᭠तम सं᭭कारक हेतु वएह सभ बजैत चिल रहल छलाह।
कᱟना कए कनीक जाम खुजलै। उसास पिबते अि᭠तम याᮢापर िनकलल वोिह मृतक आ तकरा का᭠ह देिनहार सभक े ँ
लोक सभ आगा जाए देलक। महराजी पूल पार करैत वो सभ आगा ब ᳰढ़ गेलाह। हम ताधᳯर ᳯरसेपर थामिह ᮧतीᭃा करैत रही
जे आब लोक आगा बढ़त तँ ताब।
कनीक े कालक बाद फ े र वएह ᭟विन। “राम नाम स᭜य है, सबका यही गᱫ है...।”
ᳰकछु गोटे मृतककेँ का᭠ह देने छलाह। आगा आगा गोरहाक सुनगैत आिग, कोहा लेने क ᱫाᭅ आ तकर पाछा पाछा मृतकक
महायाᮢाक गवाह सभ राम नामक मिहमा गबैत आगा बᳰढ़ निह सकब ाक कारणᱶ ओिहठाम ठमᳰक गेल रहिथ। हम ᳯरसापर
रही आ ठीक हमरा सामाना᭠तरमे पीता᭥बरीसँ आवृत, गेनाक फ ू लसँ लादल वोिह मृतकक िन᭬ᮧाण शरीर छल। ओिह ᳰदवंगत
आ᭜माकेँ मोने-मोन ᮧणाम कएल। ᳰकछु-ᳰकछु सोचाए लागल। मोन कनी ए महर ओमहर भेल। ताबे जाम कनी ढील भेलैक। ओ
सभ राम नाम स᭜य है, सबका यही गᱫ है, बजैत आगा बᳰढ़ गेल। आ हम ᳯरसासँ महराजी पुलपर चᳰढ़ गेलᱟँ।
कनीक े आगा पुलपर ᳯरसा चढ़ले छल ᳰक फ े र वएह ᭟विन। राम ना म सᱫ है, सबका यही गᱫ है। ᳰकछु गोटे एकटा
मृतकक शवयाᮢाक संगे राम नामक मिहमा गबैत आगा बᳰढ़ रहल छला ह। मृतकक फ ू लक मालासँ लादल चाᳯर गोटेक का᭠हापर
आगा बᳰढ़ गेल। अगल-बगल कतेको लोक मूकदशᭅक छलाह जेना कोनो खास बात निह भेल हो। तरकारी वाली तरकारी बेिच
रहल छल। माछक दोकानपर ओिहना माछक ख᭛ड िबका रहल छल। को न पर चाहक दोकानपर लोक चाह पीिब रहल छलाह।
कतᱟ कोनो ᮧकारक आलाप, ᮧलाप निह। ᳯरसाबला ग᭡पक ᮓममे कह लक जे एिहठाम तँ िन᭜य एहने दृ᭬य रहैत अिछ। आगा
बनल ᭫मशान घाटमे ओकर दाह सं᭭कार होइत अिछ।
संभवत: मृत ᳞िᲦ सभ वृ छलाह जािहसँ वातावरणमे, संगे कᳯटहार ी गेिनहार लोकोमे कोनो भाव िव᭮लता देखबामे
निह आएल।
ओिह ᳰदन साँझमे ओही सड़क बाटे फ े र जेबाक अवसर भेटल। हम सभ बᳯरआती जा रहल छलᱟँ। महराजीपुलसँ पिहने
जाम लािग गेल छल। लोक ठसाठस भरल छल। हमरा आगा पाछा दो सर िबआहक बᳯरआती छल। लोकक ेँ आगू पाछू घसकबाक
र᭭ता निह भेᳯट रहल छल। सजल- धजल बरक कार ठामिह छल ᳰक आ गूसँ अबैत कोनो दोसर गाड़ी पᲂ-पᲂ’क आबाज करए
लागल। क े आगा बढ़त, के पाछा जाएत, कोनो ठेकान निह। आधा घ᭛टा धᳯर ई ि᭭थित बनल रहल। फ े र क े ना-ने-केना र᭭ता
खुजल। लोकसभ आगा बढ़ल। हम अपन कारमे आगा बढ़लᱟँ। शेष बᳯ रआती, बर पाछा छुᳯट गेल छल, तथािप ओिहठाम ठाढ़
भाए ᮧतीᭃा करब उिचत निह छल। एᲥ े ᳰदनमे एकिहठामसँ तरह तर हक दृ᭬य गुजᳯर गेल छल। राम नाम स᭜य है’सँ लए
शहनाइक धूनपर नचैत गबैत जाममे थकमकाएल बᳯरयातीक धमाचौकरी देखएमे आिब रहल छल। मुदा ओही ᭭थानक
चाᱨकात बैसल, ठाढ़ लोक सभ हेतु धिन सन। ने हषᲃ न च िव᭬मय :।
असलमे कोनो घटना िवशेष अपने आपमे ताधᳯर कोनो माने निह रखैत अिछ जाधᳯर हम ओिहसँ कोनो- ने-कोनो
कारणसँ जुिड़ जाइत छी। ता᭜पयᭅ ई जे कोन व᭭तु हमरा क᳥ देत आ ककरासँ सुख होएत ओ पूणᭅत: ओिह व᭭तु िवशेष वा घटना
िवशेषक ᮧित हमर ᱨिखपर नभᭅर करैत अिछ। अ᭭तु, एकिह ᳰदनमे ᭫यामा मि᭠दरसँ शुभंकरपुरक म᭟य कतेको तरहक दृ᭬य
देखबामे आएल। कतेको पुरान घटना सभ ᭭मृित पटलपर फ े रसँ उिग आएल। ई समय ककरो निह अिछ। दरभंगा महराजक निह
अिछ, आम आदमीक निह अिछ। मोन हो कᳯठआरी जाउ, मोन हो बᳯ रयाती भए जाउ। मुदा समय ठाढ़ निह रहत। भोर साँझमे
बदिल जाएत। छोिड़ जाएत मोनक कोनो कनतोसमे एकटा आओर िनसा न जे ᳰदन भᳯरक घटनाक ᮓम देने गेल। काि᭨ह फ े र
ᮧ:काल ओिहना सूयᭅ उगताह, ᳰदन भᳯर ᳰकछु ने ᳰकछु होइत रहत , साँझ होएत। सभटा होएत, मुदा हमर अहाँक िजनगीक
िव दे ह www.videha.co.in िवदेहᮧथम मैिथलीपािᭃक ई पिᮢका www.videha.com
Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० )
मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA
30
एकटा आओर ᳰदन कम भए जाएत। समयकेँ कᳱ हेतै? ओ तँ एिहना आगू चलैत जाएत। गुजᳯर जाएब हम ओिहन ा जेना कतेको
गुजᳯर गेलाह आ लोक राम नाम स᭜य है..., कहैत महराजीपूलक एिह पारसँ ओिह पार भए जाएत।q
२/११/२०१७