िहंदी िफ>मी गीतमे बहर-5
गजलक मतलामे जे रदीफ-कािफया-बहर लेल गेल छै तकर पालन पूरा गजलमे हेबाक चाही मुदा नÆममे ई
कोनो ज{री नै छै। एकै नÆममे अनेको कािफया लेल जा सकैए। अलग-अलग बंद वा अंतराक बहर सेहो
अलग भ' सकैए संगे-संग नÆमक शेरमे िबनु कािफयाक रदीफ सेहो भेटत। मुदा बहुत नÆममे गजले जकk
एकै बहरक िनवpह कएल गेल अिछ। मैिथलीमे बहुत लोक गजलक िनयम तँ निहए जानै छिथ आ तािहपरसँ
कुतक करै छिथ जे िफ>मी गीत िबना कोनो िनयमक सुनबामे सुंदर लगैत छै। मुदा पिहल जे नÆम लेल
बहर अिनवाय नै छै आ जािहमे छै तकर िववरण हम एिह ठाम द' रहल छी-----------------
िव दे ह िवदेह Videha িবেদহ http://www.videha.co.in िवदेह थम मैिथली पािक ई पिका Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal
'िवदेह ' २६ ७ म अंक ०१ फरबरी २०१९ (वषᭅ १२ मास १३ ४ अंक २६ ७)
1
"िखलौना" िफ>म केर ई नÆम जे िक मुह¡मद रफीजी ·ारा गाएल गेल अिछ। नÆम िलखने छिथ आनंद
बÎशी। संगीतकार छिथ लßमीकत ¦यारे लाल। ई िफ>म 1970 मे िरलीज भेलै। एिहमे संजीव कुमार,
मुमताज, िजते89, शhुá िस8हा आिद कलाकार छलिथ। ई िफ>म गुलशन नंदाजीक उप8यासपर आधािरत
अिछ।
तेरी शादी पे दूँ तुझको तोâफ़ा मÉ या
पेश करता हूँ िदल एक टूटा हुआ
खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी
बेवफ़ा ही सही िदलHबा है मेरी
जा मÉ तनहा रहूँ तुझको महिफ़ल िमले
डूबने दे मुझे तुझको सािहल िमले
आज मरज़ी यही, नाख़ुदा है मेरी
उã भर ये मेरे िदल को तड़पाएगा
ददÒ िदल अब मेरे साथ ही जाएगा
मौत ही आिख़री बस दवा है मेरी
एिह नÆमक सभ पkितक माhाम 212 212 212 212 अिछ। एकर तती उदू िहंदी िनयमपर कएल गेल
अिछ। बहुत काल शाइर गजल वा नÆमसँ पिहने माहौल बनेबाक लेल एकटा आन शेर दैत छै ओना ई
अिनवाय नै छै। एिह नÆमसँ पिहने एकटा शेर "तेरी शादी पे दूँ तुझको तोहफ़ा मÉ या" माहौल बनेबाक लेल
देल गेल छै। समा8यतः दीघक बाद बला "ए" केर उचारण लघु भ' जाइत छै आ मैिथलीमे सेहो एकर हम
िEथितनुसार लघु मानबाक िसफािरश केने छी।
2
िव दे ह िवदेह Videha িবেদহ http://www.videha.co.in िवदेह थम मैिथली पािक ई पिका Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal
'िवदेह ' २६ ७ म अंक ०१ फरबरी २०१९ (वषᭅ १२ मास १३ ४ अंक २६ ७)
िखलौना" िफ>म केर ई नÆम जे िक मुह¡मद रफीजी ·ारा गाएल गेल अिछ। नÆम िलखने छिथ आनंद
बÎशी। संगीतकार छिथ लßमीकत ¦यारे लाल। ई िफ>म 1970 मे िरलीज भेलै। एिहमे संजीव कुमार,
मुमताज, िजते89, शhुá िस8हा आिद कलाकार छलिथ। ई िफ>म गुलशन नंदाजीक उप8यासपर आधािरत
अिछ।
िखलौना जानकर तुम तो, मेरा िदल तोड़ जाते हो
मुझे इस, हाल म िकसके सहारे छोड़ जाते हो
मेरे िदल से ना लो बदला ज़माने भर की बातॲ का
ठहर जाओ सुनो मेहमान हूँ मÉ चँद रातॲ का
चले जाना अभी से िकस िलये मुह मोड़ जाते हो
िगला तुमसे नहॴ कोई, मगर अफ़सोस थोड़ा है
के िजस ग़म ने मेरा दामन बड़ी मुि¸कल से छोड़ा है
उसी ग़म से मेरा िफर आज िर¸ता जोड़ जाते हो
खुदा का वाEता देकर मनालूँ दूर हूँ लेिकन
तु¡हारा राEता मÉ रोक लूँ मजबूर हूँ लेिकन
के मÉ चल भी नहॴ सकता हूँ और तुम दौड़ जाते हो
एिह नÆमक सभ पkितक माhाम 1222 1222 1222 1222अिछ। एकर तती उदू िहंदी िनयमपर कएल
गेल अिछ। उदूमे दू दीघक बीच बला संयुता¥रक एकटा लघु मािन लेबाक छूट सेहो छै मुदा ई मैिथली
सिहत आन आधुिनक भारतीय भाषामे निह भेटत। उदूमे "और" शदक माhा िनधpरण दू तरीकासँ कएल
जाइत छै "और मने 21" आ "औ मने 2"। एिह नÆमक संगे आन नÆम लेल ई मोन राखू। उदूमे "शदक
बीच बला "ह" केर उचारण पिहल शदमे मीिल क' ओकरा दीघ बना दैत छै जेना िक "लहिर" केर
उचारण "लैर" सन आिद, "महँदी" केर उचारण तेहने भ' जाइत अिछ। ज{री नै जे ई िनयम मैिथली
लेल सेहो सही हएत।
िव दे ह िवदेह Videha িবেদহ http://www.videha.co.in िवदेह थम मैिथली पािक ई पिका Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal
'िवदेह ' २६ ७ म अंक ०१ फरबरी २०१९ (वषᭅ १२ मास १३ ४ अंक २६ ७)
3
"शित" िफ>म केर ई नÆम जे िक लता मंगेशकरजी ·ारा गाएल गेल अिछ। नÆम िलखने छिथ आनंद
बÎशी। संगीतकार छिथ आर.डी.बमन। ई िफ>म Sept 22, 1982 मे िरलीज भेलै। एिहमे अिमताभ
बचन, िEमता पािटल, िदलीप कुमार, राखी आिद कलाकार छलिथ।
हम बस ये पता है वो बहुत ही खूबसूरत है
िलफ़ाफ़े के िलये लेिकन पते की भी ज़{रत है
( एिह दू पkितक माhाम अिछ 1222 1222 1222 1222)
हम ने सनम को ख़त िलखा, ख़त म िलखा
ऐ िदलHबा, िदल की गली शहरे वफा
(एिह Eथायीक माhाम अिछ 2212 2212 2212)
पीपल का ये पwा नहॴ, काग़ज़ का ये टुकड़ा नहॴ
इस िदल के ये अरमान हÉ, इस म हमारी जान है
ऐसा ग़ज़ब हो जाये ना रEते म ये खो जाये ना
हम ने बड़ी ताक़ीद की, डाला इसे जब डाक म
ये डाक बाबू से कहा हम ने सनम को खत िलखा
बरसॲ जबाबे यार का, देखा िकये हम राEता
एक िदन वो ख़त वापस िमला और डािकये ने ये कहा
इस डाकखाने म नहॴ, सारे ज़माने म नहॴ
कोई सनम इस नाम का कोई गली इस नाम की
कोई शहर इस नाम का हम ने सनम को खत िलखा
िव दे ह िवदेह Videha িবেদহ http://www.videha.co.in िवदेह थम मैिथली पािक ई पिका Videha Ist Maithili Fortnightly
ejournal
'िवदेह ' २६ ७ म अंक ०१ फरबरी २०१९ (वषᭅ १२ मास १३ ४ अंक २६ ७)
(उपरक दूनू अंतराक माhाम 2212 2212 2212 2212 अिछ) एिह नÆमक ई िवशेषता जे एिहमे "शहर"
शदक िगनती िहंदी जकk कएल गेल छै अ8यथा उदूमे शहर केर माhा दीघ लघु होइत छै। एकर तती उदू
िहंदी िनयमपर कएल गेल अिछ।