विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

हिन्दी फिल्मी गीतमे बहर—८

आशीष अनचिन्हार · 2019-07-15 · अंक 278

आशीष अनचिन्हार
हिंदी फिल्मी गीतमे बहर-८
गजलक मतलामे जे रदीफ-काफिया-बहर लेल गेल छै तकर पालन पूरा गजलमे हेबाक चाही मुदा नज्ममे ई कोनो जरूरी नै छै। एकै नज्ममे अनेको काफिया लेल जा सकैए। अलग-अलग बंद वा अंतराक बहर सेहो अलग भ' सकैए संगे-संग नज्मक शेरमे बिनु काफियाक रदीफ सेहो भेटत। मुदा बहुत नज्ममे गजले जकाँ एकै बहरक निर्वाह कएल गेल अछि। मैथिलीमे बहुत लोक गजलक नियम तँ नहिए जानै छथि आ ताहिपरसँ कुतर्क करै छथि जे फिल्मी गीत बिना कोनो नियमक सुनबामे सुंदर लगैत छै। मुदा पहिल जे नज्म लेल बहर अनिवार्य नै छै आ जाहिमे छै तकर विवरण हम एहि ठाम द' रहल छी-----------------
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फिल्म "हाँ मैंने भी प्यार किया" केर ई नज्म जे कि उदित नारायण जी द्वारा गाएल गेल अछि। नज्म लिखने छथि समीर। संगीतकार छथि नदीम-श्रवण। ई फिल्म 2002 मे रिलीज भेलै। एहिमे अक्षय कुमार, करिश्मा कपूर, अभिषेक बच्चन आदि कलाकार छलथि। एहि नज्मक सभ पाँतिक मात्राक्रम 122-122-122-122 अछि। पूरा नज्म प्रेम-विरह आ गेयतासँ भरल अछि मुदा हरेक पाँतिमे बहरक पूरा पालन भेल छै।ई नज्म ओहन-ओहन लोकक मूँहपर थापर अछि जे कहै छथि जे बहरक पालनसँ कथ्य आ गेयता घटि जाइ छै। एहि नज्मक रुबाइ "तेरे माथे की बिंदिया चमकती रहे...." माहौल बनेबाक लेल देल गेल छै। संगे-संग नज्मक अंतिम पाँति "जा मैंने भी प्यार किया है" फिल्मी सिचुएशनकेँ देखेबाक लेल छै।
तेरे माथे की बिंदिया चमकती रहे
तेरे हाथों की मेंहदी महकती रहे
तेरे जोड़े की रौनक सलामत रहे
तेरी चूड़ी हमेशा खनकती रहे
मुबारक हो तुम को ये शादी तुम्हारी
सदा खुश रहो तुम दुआ है हमारी
तुम्हारे कदम चूमे ये दुनिया सारी
तुम्हारे लिए है बहारों के मौसम
न आये कभी ज़िन्दगी में कोई गम
हमारा है क्या यार हम है दिवाने
हमारी तड़प तो कोई भी न जाने
मिले ना तुम्हें इश्क़ में बेक़रारी
के जन्मो के रिश्ते नहीं तोड़े जाते
सफर में नहीं हमसफ़र छोड़े जाते
न रस्मों रिवाजो को तुम भूल जाना
जो ली है कसम तो इसे तुम निभाना
के हमने तो तन्हा उमर है गुजारी
जा मैंने भी प्यार किया है
हाँ मैंने भी प्यार किया है
एकर तक्ती उर्दू हिंदी नियमपर कएल गेल अछि।
2
फिल्म "बाबुल" केर ई नज्म जे कि तलत महमूद ओ शमशाद बेगम जी द्वारा गाएल गेल अछि। नज्म लिखने छथि शकील बदायूँनी। संगीतकार छथि नौशाद। ई फिल्म 1950 मे रिलीज भेलै। एहिमे दिलीप कुमार, नरगिस, सुलताना आदि कलाकार छलथि। एहि नज्मक सभ पाँतिक मात्राक्रम 22-22-22-22-22-22-2 अछि। पूरा नज्म प्रेम-विरह आ गेयतासँ भरल अछि मुदा हरेक पाँतिमे बहरक पूरा पालन भेल छै।ई नज्म ओहन-ओहन लोकक मूँहपर थापर अछि जे कहै छथि जे बहरक पालनसँ कथ्य आ गेयता घटि जाइ छै।
मिलते ही आँखें दिल हुआ दीवाना किसी का
अफ़साना मेरा बन गया, अफ़साना किसी का
पूछो ना मोहब्बत का असर, हाय न पूछो
दम भर में कोई हो गया, परवाना किसीका
हँसते ही न आ जायें कहीं, आँखों में आँसू
भरते ही छलक जाये ना, पैमाना किसीका
एकर तक्ती उर्दू हिंदी नियमपर कएल गेल अछि।

Suggested citation: आशीष अनचिन्हार. “हिन्दी फिल्मी गीतमे बहर—८.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 278, 2019-07-15. https://www.videha.co.in/research/2019/278/हिन्दी-फिल्मी-गीतमे-बहर-८.htm

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