विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश

उमेश मण्डल · 2020-01-01 · अंक 289

उमेश मण्डल
जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश
जन्म : 5 जुलाई 1947, बेरमा, जिला- मधुबनी (बिहार), शिक्षा : एम.ए. द्वय (हिन्दी, राजनीतिशास्त्र), जीवि‍कोपार्जन : कृषि (मुख्यत: तरकारीखेती), रूचि : 2001 तकसमाजसेवा (रूढ़िएवम्सामन्तीव्यवहारकखिलाफलड़ाइ, केस-मोकदमा, जहलयात्रा) पछाइतसाहित्यलेखन।नाटक, एकांकी, गीत, काव्य, कथा, उपन्यासइत्यादि–साहित्यकमौलिकविधामेअनवरतलेखन।करीब 100 पोथीकलेखन/प्रकाशन।सम्मान/पुरस्कार : ‘विदेहसम्मान’, ‘विदेहभाषासम्मान’, ‘टैगोरलिटिरेचरएवार्ड’, ‘वैदेहसम्‍मान’, ‘यात्रीसम्मान’, ‘विदेहबालसाहित्यपुरस्कार’, ‘कौशिकीसाहित्यसम्मान’तथास्व. बाबूसाहेवचौधरीसम्मानोपाधिसँसम्मानित/पुरस्कृत। हिनक रचना कौशलक सन्दर्भमे कतेको विद्वजन कहैत छथि जे मण्डलजीफुसियाँहीक रचनाकार नहि छथि, हिनक एक-एक वाक्य महत्वपूर्ण होइत छन्हि। एहि तरहक रचना कौशल कोनहुँ रचनाकारमे तखनहि आबि सकैछ जखन मांसा-वाचा ओ कर्मणाक सतह एक हो...। अत: प्रस्तुत कय रहलहुँ हेन हुनक विभिन्न पोथीसँ संकलित गद्यांश-
जहिनामिथिलाकउत्तरवरियासीमापर्वतश्रृंखलासँ
भरलअछिजैबीचहिमालयपर्वतसनपर्वतोअछिआकैलाशसनभूमिसेहोअछिए, तैबीचमानसरोवरसनसरोवरोनइअछिसेहोकेनानइकहलजाएत।तहिनादच्छिनीसीमाकनदीकसमूहकबीचगंगासनपवित्रनदीसेहोअछि।जैबीचसुलतानगंज, सिमरियाघाटसनअनेको
पवित्रघाट- सेहोअछिए।
सभकिछुरहितोसीतापुरगामकेँदुश्मनकडरनइहोइछै,
सेहोबातनहियेँअछि।कोसी-कमलाकबीचबलागामकेँतँएतेडरछइहेकिनेजेजँकहींकूदि-फानिकऽकोसीएआकिकमलेचलिऔतआगामकमाटिकेँकाटिअपनघरबनागामकबासकेँउपटादेत, ईडरतँबनलेअछि।
तहिनामौसमोकडरतँबनलेअछिकिनेजेउग्ररूपछोड़िओहनमरियलेरूपबनालिअएजइसँअकालेपड़िजाए, जँसेभेलतखनतँगाछ-बिरीछकसंगमाछो-कौछआगाइयो-महींसनेपियासेपरानतियागएलगत।मुदातैयोहमरासभकेँएतेकआत्मबलतँअछिएजेज्ञानबलकसंगकर्मबलसँसेहोहमसभअपन-अपनआत्मबलकरक्षाकरितेछी।तँए, आन-आनगामकअपेक्षाहमसभअपनाकेँसबलबुझिनिर्भयछीहे।निर्भीकबनिअपनगामकरूप-रंगकेँसजौनहिछी।सजेनौंकिएनेरहब? जइपानिकगतिसभदिनाअछिओजँखिसियाकऽरूसबोकरततँएकसालरूसत, चाहेदूसालआकितीनसालरूसतसएहने, मुदाहमसभतँबारहसालकरूसलकेँबौसैकलूरिरखनेछी।ओहिनानहिनेगामकनाओंसीतापुरअछि..!
मिथिलांचलोतँमिथिलांचलेनेथिक।जहिना
कुशाग्रबुधिकलोकअनुकूलपरिस्थितिभेटनेनीक-सँ-नीकविद्वता, नीक-सँ-नीककलाकारिता, नीक-सँ-नीकटेकनोलॉजीआनीक-सँ-नीकजिनगीकपारखीबनैएतहिनानेनीक-सँ-नीकभोगवादियोआनीक-सँ-नीकजोगवादियोबनितेअछि।
अपनासबहकमिथिलावएहनेछीजेजइपत्नीकेँसहयोगी-संगीबुझैछीओइपत्नीकेँपरिवारिककोनोक्रिया-कलापकभारनइपड़ैन, तँएभानसकरैलेभनसिया, पानिभरैलेपनिभरनी, कपड़ा-लत्तासँलऽकऽघरकनिपाइ-पोताइतकअनकेसिरे-हाथेहोइ।मुदासेनहि, ओहनोमिथिलांचलतँअछिएजैठामबेटा-पुतोहुअपनपाछूसँअबैतखनदानीपरिवारमेपिताकअनुसरणकरैतसहयोगीबनितिल-तिल, कण-कणकअनुभवकअभ्यासकरैततिले-तिल, कणे-कणअबैबलाकाल्हुकअनुकूलबनबैतअपनभविसकेँअनुकूलतामेपीअबैत, निर्माणकरैतआगूबढ़ैए।
मिथिलांचलसभदिनसँधार-धुरकइलाकारहबेकएल
अछि।दर्जनोधारमिथिलांचलकबीचअछिए।ओहूधार-
धूरमेसभधारकगति-विधिएक्केरंगसेहोनहियेँअछि।
किछुधारएहेनअछिजेबेसीकाट-खोंटकरैएआ
किछुएहेनअछिजेबहैततँअछिसालोभरि
मुदासमटलगतिये।तैसंगमरल
धारसेहोअछिए।
मरलधारकमानेभेल, ओहनधारजेबरसातमेतँकिछुदिनबोहितोअछिमुदारहैएसभदिनसुखले।जइसँनेओइजमीनमेउपजा-बाड़ीहोइएआनेउपयोगककोनोदोसरेकाज।तैसंगमाटिकरूपमेसेहोदुभाग्यरहलअछिजेउपजाउमाटिमानेउर्वरशक्तिबलाखेतकमाटिभँसिगेलआओकराऊपरदोखराबाउलभरिगेल।
कोसी-कमलानदीकउपद्रवसबहकसोझमेछेलैहे।ओकरोरोक-थामकलेलमिथिलाककिसानउठिकऽठाढ़भेला।कोसीनदीकेँदुनूभागसँबान्हिओइपानिकउपयोगसिंचाइ-लेकरैकयोजनाबनल।बान्हकसंगफाटकबलापुलोआनहरोकयोजनाबनल।तैसंगबिजलीउत्पादनलेलडैमबनबैकअवाजसेहोउठलेछल।ओना, देशनव-नवस्वतंत्रभेलेछल।जइसँदेशवासीमेस्वतंत्रताकउत्साहसेहोबनलेछेलैन।कोसीनदीकदुनूतटबन्धबनबैलेएकाएकजन-सैलावउमैड़गेल।मानेजन-आन्दोलनकरूपमेसहयोगभेल।गाम-गामसँलोकअपनश्रमदानकरैलेपहुँचल।बान्होबनल, नेपालसीमाकबीचफाटकबलापुलोबनल।सबहकमनमेबिसवासभेलजेदुनूदेशकजमीनकसिंचाइहएत।मुदाआइलक-धकसाठिबर्खबीतलोपरकोसीनहरकयोजनाककीगतिअछि, ओसबहकबीचअछिए।देशकअजादीकलड़ाइमेजेपीढ़ीबलिदानदेलैनहुनकरआइतेसरपीढ़ीगुजैररहलअछि, गाम-घरछोड़ि-छोड़िओसभपड़ाइनकएरहलाअछि।
किसानीसभ्यताजेअपनाऐठामशुरूसँचलिआबि
रहलछल, मशीनएनेओबदलल।बदललकमानेईनहिजेचित-सँ-पटभऽगेलआकिपटसँचित, बल्किओइमेथोड़ेकतोड़-जोड़भेल, जेकरासंक्रमणसेहोकहिसकैछी।तैसंगविचारमेविकासकसंगविघटनोभेल।
विघटनकअनेककारणमेएकईहोभेलजेजैठामकिसानीजिनगी-लेपानिकजेतेकजरूरतअछि, ओतेकमशीन-लेनइअछि।तैसंगबर्खाकपानिखेतकजिनगीकेँजेशक्तिदइए, ओइशक्तिकओतेखगतामशीनकेँनइछै, तँएबरखा-मौसमउद्योगजगतकलेल–मानेमशीनकसंगवेपारलेल–जेतेकनीकअछितइसँबेसीअवरोधकबनिअधलासेहोअछिए।देशकबहुसंख्यकअवादीकिसानीजिनगीधारणकेनेजेआबिरहलछला, मशीनभेनेओइमेटूटआएल।गामकश्रमशक्तिशहरदिसबढ़ल, जइसँशहरकविकासजइगतियेभेल, ठीकओकरविपरीतग्रामीणशक्तिकेँहटनेगामकभेल।मनकधारणामेसेहोघटी-बढ़ीभेल।जैठामसमयपरबरखानइभेनेहोम-यज्ञकसंगओझाइ-भगताइसेहोहोइछलओआबनइरहल।ओना, खेती-लेपानिकजरूरतमशीनसेहोपुरबएलगल, जइसँरौदीकप्रकोपमेथोड़ेकघटबीसेहोभेल।धार-धुरकपानि, जेछिड़ियाएलचलैछल, छहर-नहरभेनेओहूमेकनीकबदलावएबेकएल, जेनीक-बेजाएदुनूहोइतेअछि।आइहमसभटुटैतकिसानीसभ्यताआउदयहोइतमशीनीसभ्यताकबीचठाढ़छी, सेबुझिनेआगूदिसताकब?
लोककमन-बुधिकेँईपकैड़नेनेअछिजेशहर
बजारमेओहिनालोककेँमुँह-मंगाभेटैए।ओना, जीवन
यापनकरैकसाधनगामकअपेक्षाशहर-बजारमेबेसी
भइयेगेलअछि।हजारोरंगककारोबारपसरल
अछिए, जेगाममेनइअछि...।
प्रश्नउठैतअछि, कीगामकेँओहिनातरमुहाँछोड़ि
देबै आकिपितृभूमि, मातृभूमि, मिथिलाभूमिबुझिविचारिकिछुकरबोकरबै? कीखिखिरकफलकलनाँगैरजकाँसोझेफलकलछीआकिलुक्खीकनाँगैरजकाँसुर्राइतोछी?
खाएरजेछी, जेतएछी, मौजसँछी, नीकछी।
हमसभकिसानछी, माटि-पानिकबीचबसलधरतीपरओहनजीवबनिमाटि-पानिसँबनलोछीआमाटिये-पानिपरजीवोकरैछी।सालभरिकचक्रमेकिछुदिनपानिधरतीकनिच्चाँमेरहैएआकिछुदिनधरतीकऊपरोमेसेहोपसैरजाइए।माने, किछुदिनपानिकछातीपरचढ़िमाटिसवारीकसैएआकिछुदिनमाटिकछातीपरचढ़िपानिसवारीकसैए।बरसातकसमयबाढ़ि-बर्खासँधरतीकऊपरपानिपसरलरहैएआरौदीपाबिपानिकेँतरकरैतमाटिऊपररहैए।मुदादुनूमेजहिनाउपजशक्तिछैतहिनासंहारशक्तिसेहोछइहे।जइरूपकसंगमदुनूकबीचजखनहोइएओइरूपकजीवधारीकजन्महोइएजइसँधरतीकशोभा-सुन्दरनिखारैए।गाछ-बिरीछबलाशोभा-सुन्दरगामहुअएआकिदहाइत-भँसियाइतउजरल-उपटलगाम, ओइमेमाल-जालसँलऽकऽगाछ-बिरीछकसंगलोको-वेदआचिड़ैयो-चुनमुनीरहबेकरत।तइमेजहिनाचिड़ै-चुनमुनीआकिमाल-जालकेम्हरोमटिबसूअछिआकेम्हरोपनिबसू, तहिनानेमनुखोकसंगअछि, जेमनुखककाजोआबुधियो-विचारमेदेखलजासकैए।खाएरजेअछि, जेतएअछि, तेकरातेतैरहएदियौ, अपनासभअप्पनविचारकरू...।
पानिपतालमेबसैए, हवाअकासमेआअपनासभ
बीचमेधरतीपरछी।जरूरतदुनूकअछि, जहिनापानिपीलाकपछातियेजीबसकैछीतहिनाबिनुहवोकतँनहियेँजीबसकैछी।तँए, जरूरतदुनूकअछिए।मुदासेदुनूसमुचित
ढंगेकेनापेबब, ईतँअपनेसभनेविचारबै..?
जइगाछ-बिरीछ, माल-जालआलोक-वेदपेबजेधरतीजेहेनसुसम्पन्नबनलओओतेकनीकभेलआजइमेजेतेकउजारअछिओओतेकश्रीहीनअछि।
धरतीपरचाहेजेकोनहुगाछे-बिरीछआकिअन्ने-तरकारी
लगबैछी, सभकेँअपन-अपनसिररूपमेऐधरतीसँशक्तिलइकशक्तिछै, ओओतेमेपसैरअपनदुनियाँगढ़िलइए।
तँएईकहबजेमिरचाइगाछकेँताड़कगाछबनैकइच्छा
नइछै, सेनहि! सेछइहे।मुदाजइदेहमेजेतबे
शक्तिरहतैतेतबेदूरनेपसैरसकत।
जहिनाकोनोअन्नकसिर (जड़ि) छहओंगरीगहींरधरिकनमी (जलशक्ति) पीबअपनजीवनठाढ़केनेअछि, आकोनोकोनोहाथ-भरिगहींरधरिकरसपीबजीवनकदुनियाँगढ़नेअछि।ओना, मेवालालकेँअपनासंगअपनगामकेँआअपनइलाकाकेँजइनजरियेचिन्हबाचाही, सेनहिचिन्हसकला, तइमेकनीकमीछेलैन।मुदादूसालकरौदीमेवालालकजिनगीकहालकेँदूहाथगहराइदिसनइधकेललकसेहोबातनहि, मुदाओअलगभेल।ओना, समाजिकोरूपमेकिछु-ने-किछुधकलेबेकएल।मिथिलांचलछी, सभअयाचीएमिश्रनइहेता।मुदातँएकिहुनकोपान-सालककिसालसालकआकिबारहसालकरौदीआफाटल-फाटलमेघकबोरा-बोरेपानिउझलबसँभेँटनहिभेलहेतैन, सेहोतँनहियेँकहलजासकैए।तँए, ओकेनागाछ-बिरीछसँसम्पन्नधरतीकरक्षाकरैछलाआकेनाकेलैन..? खाएर, आयाचीजेकेलैन, जेतबेकेलैनमुदाअपनविचारकजिनगीकघोड़ाकेँनमहरजिनगीनहिदेलैनसेहोतँनहियेँकहलजासकैए।
जमीनकनीकउपयोगभेनेनेसम्‍पैतकनीकसुखभेटै
छइ।जँओकरउपयोगेनेहएततँमाटिकधरतीमाटि
छोड़िसोनाकथोड़ेभऽजाएत।हँ, उपयोगकेला
पछाति‍माटियोसोनाबनैछइ।
तैठामकादम्बरीकहटलविचारईजेखेतबेचिबैंकमेरखनेनिश्चि‍तआमदनीपरपहुँचजाएबतइहिसाबसँपरिवारचलत।नेहाथमैलआनेपएरमैलहएत।धारकमहारटुटितेदूतरहकधारानिरमितभइयेजाइए।एकजेमुख्‍यधाराओकरजगहबनापेटमेसमटैएतँदोसरोएहेनऐछेजेअपनाधारामेआरोधफारपैदाकऽदोसरदिसरेड़ैए।ओना, अखन‍धरिदुनूपरानीकबीचकेतेकोदिनएहेनप्रश्‍नपरमतभेदहोइतरहलैन‍।समझौतौहोइतरहलैन‍,मुदाकादम्बरीकआइकप्रश्‍नरामरूपबाबूकेँकिछुदोसरदिशामेमोड़िदेलकैन‍।रंग-बिरंगकप्रश्‍नमनमेउचड़एलगलैन‍।कीअपनसमाजटुटिगेल? आकिअपनजिनगीटुटिगेल? एकराकीमानलजाए? माए-बापकसेवाइतिहासशास्‍त्र-पुराणकपन्नाकपाछूपड़िगेल? ऐउमेरमेकेकरआशा..?
कहू! जेमिथिलांचलकभूमिओहनसक्कत-सक्कतगाछ-
बिरी‍छकेँपेटमेसमेटनेअछिजेकरतख्‍तामेबन्‍दूककगोलीनैछेदसकैए, ओहनगाछजेप्रकृतिकरंगकसंगओहन-ओहनफलोदइएजेकरतुलनाकोनोआनभूमिनैकऽसकैए, तैठामजँलोककएहेन धारणाबनिजाएजेपनरह-बीससालकखेतीएकबेरपूजी लगौलासँभऽजाएत, बाँकीसालनिगरानीभरि, तखन‍
खेतबलाक हाथमेपनरह-बीसबरख
धरिकाजकीरहल?
रामरूपबाबूकविचारसुनिफुसनकाकाजेनामनकलोकसँआगूबढ़िसंकल्‍पि‍तलोकपहुँचगेला।समाजकेँअपनगाम-समाजकविचारअपनाढंगसँकरएपड़तै।मुदासेओहिनाकरतैआकिसमाजकनीक-अधलाकविचारकरैतकरत।
कोनगामएहेनअछिजइ गाममेशिक्षाकमदमेगैर
सरकारीसँलऽकऽसरकारीधरिकरोड़ोमेनहिचलिरहलअछि, मुदाशिक्षाकस्‍तरकीअछि...।
“भैया, दुनियाँकिछुहौउआगिलगौ, पाथरखसौमुदा
मनुखअपनेजिनगीकजवाबदेहहोइए।एक्केगाछकएक
डारिमेबाँझीलगलासँबँझियाजाइछै, तँदोसरचुट्टियाजाइछइ।मुदाएकरमानेईनइनेजेओकरामेफड़ैकशक्तिनैछइ।फड़बोकरैए! कियोकिछुकरैएकरह, जहिनाअखनधरिजिनगीमेकोनोलेन-देननैभेल, भाए-भैयारीजकाँरहलौं
तहिनाजीताजिनगीरहब।अहाँजेठभायतुल्य
छीजेकहब, करैलेतैयारछी।”
खुशीलालकबातसुनितपेसरोकहृदयपरसाएलआमजकाँपलपलकरएलगलैन‍,बजला- “बौआ, अपनागाममेचारिमेलकजमीनअछि।बाड़ी-घराड़ी, भीठ, मध्‍यमधनहरआचौर।एकगामकरहितोचारितरहकदामछइ।कारणोछैउपजाआउपयोगक।घराड़ीकजमीनऊँचगरहोइएजइसँघरबनबैककाजमेअबैए।भीठसीमानपरभेल।घरोबनौलजासकैतमुदाघरनैबननेउपजो-बाड़ीहोइतआबागो-बगीचालगौलजाइत।मध्‍यमधनहरमेसिरिफअन्नेउपजैतअछि।जखनकिनीचजमीनभेनेचौरीकमहतसभसँकमहोइछइ।कारणछैजेबेसीबर्खाभेनेवाबाढ़िएनेओकरफसलदहा-भँसियाजाइतअछि।चौरमेनेपानिकउपजहोइतआनेउपराड़िक।ओना, जँओकरामुँह-कानबनापानिकवस्तुउपजौलजाएतँओहोओहनेमूल्यवानहएतजेहेनदोसरहोइत।ओहोधरतीएछी, बनौलापरसभतरहकबनिसकैए।”
जहिनासघनबोनमेलोकहेराजाइएजइसँकेम्हरोबढ़ैक
साहसेनेहोइतमुदाबिनानिकलनेजानोबँचैकसम्‍भावना
नहिरहैततहिनातपेसरोकेँभेलैन‍।ओझराएलमन
संगी-सहयोगीताकएलगलैन‍।
संगीतँजरूरअछिमुदादूतरहक।पहिलओहनजेजीवनकएकरस्ताबुझि‍‍अपनोकल्‍याणबुझैएआदोसरअछिदोसराककान्हपरबन्‍दूकरखिचलबैबला।..सोचैत-विचारैततपेसरकनजैरपरतीनटासंगीपड़लैन‍पहिलसमाजकसहयोग, मानेगौंआँकसहयोगआदोसरबैंकआतेसरसरकारीसहयोग।समाजमेजाति-समप्रदायऐरूपेपसैरगेलअछिजइमेकेकरोकल्‍याणहोएबकठिनअछि।सभअपनेतालेबेतालअछि।नेएकदोसरकेँसोहाइतआनेनीकदेखएचाहैत।तहिनाबैंकोकअछि।उचितसूदिपरकर्जलइमेदौड़-बड़हाआखर्चएतेपड़िजाइतअछिजइसँलोककमनटुटिजाइछइ।सरकारीमदैत‍मात्रदिखाबाअछि।जहिनाकनैतधिया-पुताकेँमाए-बापरासि-रासिकलोभदेखाचुपकरैततहिनासरकारियोअनुदानकस्थितिअछि। ..फेरतपेसरओझरागेला।प्रश्‍नउठलैन‍,कीकएलजाए? अपनोतँदूतरहकपूजीअछि।पहिलश्रमआदोसरधन।नगदनैअछि।मुदाखेततँअछि।जहिनाखेतबेच‍माइकसेवाआदुनूबच्चाकेँपाललौं-पोसलौंतहिनाकिछुआरोबेच‍लेब।जँकिछुजमीनकमबोकरततँओतेउपजोबढ़त...।
राजशाहीअन्तभयनेरसीदकमाध्यमसँऔना-पौना
दाममेजमीनबीकएलागल।बकास्तजमीनकलड़ाइगाम-गाममेशुरूभेल।एकजबरदसभूखण्डमेबटाइदारी
आन्दोलन- ‘जेजमीनकेँजोते-कोड़ेओजमीनक
मालिकछी’कनाराअकासमेउठल।
धरतीअपनजीवन-लेबलिमंगैछैथ‍‍,सेभेल।सिकमीबटाइककानूनबनिलागूभेल।जेतएबटेदारतैयारभेलओतएबटाइदारीहकभेटल।जेतएतैयारनैभेलओतएअखनोलटकलेअछि।आमजमीनसभपरदसनामासंस्थासभठाढ़हुअलगल।स्कूल, अस्‍पतालबनएलगल।मनुखकमूलसमस्‍यादिसजनमानसकनजैर‍दौड़ल।जइसँतियाग-भावनाकजन्मभेल।लोअरप्राइमरीस्कूलसँलऽकऽमिड्ल, हाइस्कूलधरिबनएलगल।गोटि-पँगराकौलेजोबनल।सरकारोकधियानशिक्षादिसबढ़ल, जइसँपढ़ै-लिखैकवातावरणबनएलगल।तैबीचभूदानआन्दोलनसेहोशुरूभेल।दानकेँधरमबुझिजमीनदानहुअलगल।
गाम-गाममेभूदानकमिटीकगठनभेल।मुदा जइ
गाममे ओ कमिटीसक्रि‍यभऽकाजकेलकओहिगामकजमीन भूमिहीनकबीचआएल, मुदाजाहिगाममेसक्रि‍यरूपमेकाज नहिभेलओहि सभठामलड़ाइकअखड़ाहाबनलअछि।
भूदान आन्दोलकउदेस‘देशकछठमहिस्साजमीन
भूमिहीनकबीच आबए’ अखनोसरकारचारि
डिसमिलबास-भूमिदइकशक्ति
नहिरखनेअछि।
गामकलोककपड़ाइनभेनेगाममेरहिखेतीकेनिहारकेँस्वर्ण-अवसरभेटल।जमीनोकरूपबदलल।प्रतिष्ठाकवस्तुबुझलजाइबलाजमीनरूपैआमेबदैल‍गेल।बैंककसूदिकहिसाबसँजमीनकउपजाबुझलजाएलगल।उपजाकअदहाबलाबँटाइदारीप्रथाढीलभेल।मनखप, पट्टा, मनहुन्‍डाइत्यादिकजन्मभेल।पनरहकिलोकट्ठाधानकउपजाआदस-सँ-पनरहकिलोकट्ठागहुमकउपजाबँटाएलगल।
कोसीनहर‍आनव-नवसड़कबननेचौक-चौराहाकसंग-संगबोनिहारकेँकाजोबढ़ल।मुआबजाकरूपैआसेहोसहायकभेल।शिक्षामित्रकबहालीकसंगएन.एच.डब्‍लू. सेहोकिछुमदैतकेलक।सड़कबननेगाड़ी-सवारीकधन्धासेहोजन्मलेलक।
मिथिलांचलमेएकनववर्गकजन्मभेल, किसानवर्ग।मुदाऐवर्गकक्षेत्रछिड़ियाएलअछि।
हरित-क्रान्तिएलासँजमीनकभाग्यचमकल।मुदाजाहि
रूपमे चमकबाकचाहीताहिरूपमेनहि।जौंएकरूपमेचमकैततँजहिनाकहियोमिथिलादुनियाँकगुरुमानलजाइतछलतहिनापुन:प्रतिष्ठि‍तभऽजाइत मुदा ताहिमेकमीअछि।
देशमेअखनोकमक्षेत्रअछिजाहिमेमिथिलांचलएतेइंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, साहित्यकारइत्यादिअछि।दुर्भाग्यईजेओलोकैन‍मिथिलाछोड़िदुनियाँभरिमेछिड़ियाएलछथि‍।बाध्यतोछैन‍,नेकल-कारखानाअछिजेइंजीनियरओइमेकाजकरता, आनेस्‍वास्थ-लेसमुचितजगहअछिजइमेडॉक्टरअपनअँटावेशकरता।नेविज्ञानकशोधसंस्थाअछिजाहिमेवैज्ञानिकअपनचमत्कारदेखौताआनेपढ़ै-लिखैकसमुचितबेवस्थाअछिजइमेसाहित्यकारअपन
प्रतिभाकेँनिखारता।
गंगाब्रह्मपुत्रमैदानीइलाकारहैतमिथिलांचलअनेकोनदीसँसकबेधलअछि।नदियोओहन-ओहनउपद्रवीअछिजेइलाकाकइलाकाकेँसदिकालरूपबिगाड़ितेरहैए।लोककजिनगीएहेनदुब्‍बरबनिगेलअछिजेजएहलोकैनमिथिलांचलमेठाढ़छैथ‍‍ओधैनवादकपात्रछैथ‍‍।
जातिगतपेशाबदैल‍जाति-बेवस्थाकेँढीलजरूर
कएलकमुदाराजनीतिककुचक्रसमाजमेनवसमस्‍याक
रूपमेठाढ़भऽविकासकेँबाधितकऽरहलअछि।अनेकहुतरहकनव-नव बाधाउपस्थितभऽरहलअछि।मुदा
तेँकीमिथिलामरूभूमिभऽगेलजेकर्मयोगीपैदा
करबछोड़िदेलक? नहि.!कथमपिनहि।
सम्‍मि‍लितरूपमेतँनहि, मुदाछिट-फुटरूपमेएहनो-एहनोकिसानछैथ‍‍जेलाखआफत-आसमानीसँमुकाबलाकरैतसोनाकस्तम्भबनिचमैक‍रहलाअछि।निश्चि‍तक्षेत्रतँनिर्धारितनैकएलजासकैए, किएकतँसीमा-विहीनअछि, मुदाऐबातकेँनकारलोनहियेँजासकैएजेखेतमेओतेधानउपजारहलाअछिजेजापानसँमुकाबलाकरैलेठाढ़छैथ‍‍।तहिनागहुमो, दालियोकआफलोकअछि।अखनोहजारोट्रकआमबाहरजाइए।एकइलाकाकतरकारीदोसरइलाकाजाइए।हजारोट्रकमसालाआन-आनराज्यजाइए।एकइलाकाकदूधदोसर-तेसरइलाकाधरिबिकाइतअछि। अखनधरिकअनौपचारिकबैसकजेसमाजमेहोइतरहलअछिओप्रोफेसरदयाबाबूआपूर्वप्रोफेसरकमलबाबूकेँएलासँऔपचारिकरूपमेबदलएलगल।कालीस्थानपहुँचतेकमलबाबूबजला- “अखनधरिकसमाजक, गाम-गामक, इतिहासहराएलअछि, ओकरापहिनेपकड़ू।तँएजरूरीअछिजेएकटारजिष्टरकीनिलिखितरूपमेकाजकरू।”
कमलबाबूकबातसुनिमंगलसोचलैनजेलगलेरजिष्टरकेतएसँआनब, सेनइतँआइकबैसककागतकपन्नेपरकऽनिचेनसँरजिष्टरआनिओइपरलिखिदेबइ।तेकरकारणमनमेनचैतरहैनजेदुनूगोरे, दयोबाबूआकमलोबाबू, बेसीकालअँटकतानहि, जोरोकेनाकरबैन।जँजोरोकरबैनतँपट-देकहिदेताजेगाम-समाजअहाँकछी, अपनाढंगसँचलाउ।मुदागामक
लोकतेहेनगँरि-मुराहअछिजेधर्मेककाजस्कूलोआमाइयो-
बापकसेवाकेँकहताआअपनेभरिदिनबैसझूठ-फूसमेसमय
बर्बादकऽसमाजकेँतनो-भगनकरैतरहता।अन्‍यायकअखाड़ा
समाजबनिगेलअछि।एहेनपरिस्थितमेखाली‘समाजिक
न्‍यायिक’ नारादेलासँसमाजसुधैर‍जाएत..?
मुस्कीदैतमंगलप्रोफेसरदयाबाबूकेँकहलखिन- “श्रीमान्, अपनेतँचारिसालपढ़ौनेछीतँएअपनेपरअधिकारअछिजेजेनैबुझैछीओअखनोपुछिसकैछी।मुदाबाबाकेँकिछुपुछैकअधिकारतँनैअछि।भलेँओअपनेहमरामनकसभसबालकजवाबदऽदैथ‍।”
मंगलकपेटकबातजेनाकमलबाबूबुझितेरहैथ‍‍तहिनाबड़बड़ाएलगला- “रौतुकाघटनासुनिहृदयपाथरपरखसलऐनाजकाँचूर-चूरभऽगेलअछि।
...आँखिकनोरपोछैत- “मुदादोखकेकरलगौलजाएत।किछुदोखीअहूँसभछीजेबादमेकहब।
अखनएतबेकहबजेकालचक्रकेँरोकबअसाननहि।
ईकालचक्रछल।तँएप्राश्चि‍‍तकऽलेबजरूरीअछि।दूमिनटसभउठिहुनकालोकैनकक्षतिकस्‍मरणकऽलिअ।
रजिष्टरकपहिलपाँतिमेशोकप्रस्तावलिखि
काजकेँआगूबढ़ाउ।
शोकव्यक्तकऽबैसतेकमलबाबूपुछलखिन- “समितिकेतेगोरेकबनौनेछेलौं?”
“एक्कैसगोरेक?”
“एकतरहकअछि।अखनकेतेगोरेछी?”
“एगारहगोरे।”
“आरोगोरे?”
“दूगोरेहराएलेछैथ‍‍,एगारहगोरेहाजिरेछी, आठगोरेदोसर-दोसरजरूरीकाजमेलगलछैथ‍‍।”
“हूँ, रौतुकाझाँटतँसभकेँझँटनहिहेतैन।”
कहिएकाएककिछुसोचैतपुन: बजला- “बाउमंगलआअनुजदयाबाबू, जहिनाहमखुशीसँजीवन-यापनकऽरहलछी, तहिनाचाहबजेअहूँसभजीबी, ओहूसँनीकजिनगीकबाटबनाआगूकपीढ़ि-लेदिऐ।”
कमलबाबूबजितेरहैथ‍‍आकिनेंगरोआबौनोएक्केबेरबाजल- “जहिनादयाकक्कापढ़लछैथ‍‍तहिनामंगलोकौलेजकसीढ़िहोइतकोठरीतकपहुँचलछैथ‍,मुदाहमसभतँजिनगीभरिकोदारियेकिलासमेपढ़ैतरहलौंतँए...।”
ठहाकामारिउठिकऽठाढ़होइतप्रोफेसरकमलनाथसमितिकेँसम्‍बोधितकरैतबजला-
“नेंगराआबौकूकेँहमरबधाइ।जेअपनसीमादेखलक।बाउनेंगरआबौकू, बधाइऐदुआरेदुनूगोरेकेँदेलौंजेसमाजकजबरदससमस्‍याकजड़िपकड़लौं।अपनासमाजमेईभारीसमस्‍याअछिजेकियोअपनेसीमा-सरहदनैबुझएचाहैछैथ‍,
अपनासमाजमेईभारीसमस्‍याअछिजेकियो
अपनहिसीमा-सरहदनहिबुझएचाहैछथि,तखनओधारकरेतजकाँचलैतसमयसँकोनाजुटिसकता?
जहिनापानिकरेतमेठाढ़भेनेअपनोजानअवग्रहमेरहैछैजेरेतमेखसि, भँसियाकऽकहींमरिनेजाइ।तैठामजँकियोदस-बीससेरकमोटरीमाथपररखनेहुअए, ओकरगतिओइरेतपरकेहेनहेतइ? तँएजहिनाअट्टालिकाबनबैकालसभसँपहिनेईंटाकेँदेखलेलजाइछै, जँसेनइदेखलजाएततँनकटेरहीपरजहिनासभलट्टूहोइएतहिनानेहएत।
कमलबाबूबजितेरहैथ‍‍आकिदुनूगोरे, नेंगराआबौकाआँखिमेआँखिमिलाहँसएलगल।आँखिउठासभापरसभनजैर‍दौगौलैन‍।कियोगम्भीरतँकियोमुँहबाबिबुझैकपरियासकरैत।मुदादुनूकहँसीहँसादेलकैन‍।मनपड़लैन‍हुगलीनदी‍।अपनाइलाकाकजेतेधारअछिओउत्तरसँदच्छिन-मुहेँबहैएभलेँगंगाकओइकातकदच्छि‍नेसँउत्तर-मुहेँबहैतहुअए।मुदाहुगली, जेसमुद्रसँजुड़लअछि, सोलहघन्‍टाएकदिसा-सँ-दोसरदिसामेबहैएआआठघन्‍टाविपरीतदिसामे।तहिनाबाबाकआत्माआकोदारिककिलासमेपढ़निहारकआत्मा, मिलिकऽशिवलिंगसदृशनवपरमात्माकमन्दिरबनारहलाअछि।
“कोनोजाति, पंथआकिसंस्कृतिकअधारहोइछै
जिनगी।जिनगीकअधारहोइछैमनुखकबुधि, विचार
आकर्म।जखनेमनुखअपनसुपतकर्मसँजिनगीठाढ़करैए
तखनेधर्म, संस्कृति, विचारआआचारसभकिछुबदैल,
सहीमनुखकनिर्माणकरैए।जेकराहममहामानव,
धर्मात्माआउच्चकोटिकमनुखबुझैछी, जे
मिथिलांचलमेक्षीणभऽरहलअछि! ओना, सोलहन्नीमरलनइअछिमुदादबाइत-दबाइतदुब्बरभऽगेलअछि।
मिथिलाकजेमूलबासीछैथहुनकासभकेँअभिजातवर्गवाकहीतँपरजीवीवर्णवाबाहरीलोकआबिसभकिछुकेँबदैलएहेनसमाजिकढाँचामेढालिदेलकैनजेअदौसँअबैतसंस्कृतिकेँदाबिअभिजात-संस्कृतिकेँबढ़ादेनेअछि।
जिनगीकसच्चाइकेँदाबिबनौआजिनगीमेबदैलदेनेअछि।जइसँलोककजिनगीवास्तविकतासँहटिवौआगेलअछि।ओना, निर्मूलनष्टनैभेलअछिमुदाएतेकक्षीणजरूरभऽगेलजेनीक-अधलाकेँबेराएबकठिनअछि।हमसभमनुखकेँमनुखबुझैछी।नेकियोकारीअछिआनेकियोगोर।मुदाजिनगीकढाँचाएहेनबनिगेलअछिजेस्पष्टरूपमेएक-दोसरसँपैघआछोटबनिगेलअछिआबनलोजारहलअछि।
ओना, देखबैतँबुझिपड़तजेसभएकदोसरसँपैघआएक-दोसरसँछोटअछि।मगरमकड़ाजकाँअपनेपेटसँसूतनिकालिअपनेसँजालबुनि, ओइमेसभओझरागेलछैथ।”
आइकजेएकाकीपरिवारबनिगेलअछि, ओकुम्हारक
घराड़ीजकाँभऽगेलअछि।जहिनाकुम्हारकघराड़ीबेसीदिनधरिअसथिरनैरहैततहिनाभऽरहलअछि।बाप-माएकेतौ, बेटा-पुतोहुकेतौआधिया-पुताकेतौरहएलगलअछि।मानवीयसिनेहनष्टभऽरहलअछि।
सभजनैछीजेकाँचबरतनजकाँमनुखहोइए।कखनकीऐशरीरमेभऽजाएततेकरकोनोगारंटीनहि।स्वस्थअवस्थामेतँमनुखकेतौरहिजीबसकैएमुदाअस्वस्थकअवस्थामेतँसेनइभऽसकैतअछि।तखन‍केहेनकष्टकरजिनगीमनुखकसामनेउपस्थितभऽजाइछइ।तोहूपरतँनजैरदिअपड़त।”
कोनसुखकपाछूबेहालछीसेबुझिएनेरहलछी।
टी.भी. घरमेअछिमुदादेखैकसमयनइभेटैए।खाइलेबैसै
छीतँचिड़ैजकाँदू-चारिकौरखाइत-खाइतमनउड़िजाइए, जेफल्लाँकेँसमयदेनेछिऐ, नैजाएबतँआमदनीकमिजाएत।तहिनासुतैयोमेहोइए।मुदाएतेफ्रिसानीकलाभकीभेटैएतँसिरिफपाइ।कीपाइएजिनगीछी..?”
महेन्द्रकबदललविचारसुनि, मुस्कियाइतसुबुधबजला- “भाय, पाइजिनगीचलबैकमात्रसाधनछी, नइकिजिनगी।
पाइकभीतरएतेपैघदुर्विचारछिपलअछिजेमनुखकेँ
कुकर्मीबनादइए।कुकर्मीबनलापरमनुषत्वसमाप्तभऽजाइछइ।जइसँचीन-पहचीनसेहोसमाप्तभऽजाइछइ।तेतबेनहि, अपराधिकवृत्तिसेहोपनपएलगैछइ।
अपराधिकवृत्तिमनुखमेएलापरपैघ-सँ-पैघअपराधमेस्वत: धकलाजाइए।तँएअपनजिनगीकेँदेखैतपरिवारआसमाजकजिनगीदेखबजिनगीछी।ओना, मनुखमात्रकसेवा-लेसेहोसदिखनतत्पररहकचाही, जहाँधरिभऽसकए, करबोकरी।मुदाकर्मकदुनियाँबड़कठिनअछि।एतेककठिनअछिजेकर्मठ-सँ-कर्मठलोकरस्तेमेथाकिजाइछैथ।मुदाओथाकबहारबनहि, जीतबछी।जेसमाजरूपीगाछमौलागेलअछिओइजड़ि‍मेतामि-कोरि-पटाकऽनवजिनगीदेबाकअछि।जइसँओअनवरतफुलाइतरहत।ऐकाजमेअपनाकेँसमरपितकऽदेबाकअछि।”

Suggested citation: उमेश मण्डल. “जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 289, 2020-01-01. https://www.videha.co.in/research/2020/289/जगदीश-प्रसाद-मण्डलक-विचारोत्तेजक-गद्यांश.htm

मूल विदेह अंक / Original issue