उमेश मण्डल
जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश-२
जगदीशप्रसादमण्डलकरचना-संसारसँ
विचारोत्तेजकपद्यांश
जन्म : 5 जुलाई 1947, बेरमा, जिला- मधुबनी (बिहार), शिक्षा : एम.ए. द्वय (हिन्दी, राजनीतिशास्त्र), जीविकोपार्जन : कृषि (मुख्यत: तरकारीखेती), रूचि : 2001 तकसमाजसेवा (रूढ़िएवम्सामन्तीव्यवहारकखिलाफलड़ाइ, केस-मोकदमा, जहलयात्रा) पछाइतसाहित्यलेखन।नाटक, एकांकी, गीत, काव्य, कथा, उपन्यासइत्यादि–साहित्यकमौलिकविधामेअनवरतलेखन।करीब 100 पोथीकलेखन/प्रकाशन।सम्मान/पुरस्कार : ‘विदेहसम्मान’, ‘विदेहभाषासम्मान’, ‘टैगोरलिटिरेचरएवार्ड’, ‘वैदेहसम्मान’, ‘यात्रीसम्मान’, ‘विदेहबालसाहित्यपुरस्कार’, ‘कौशिकीसाहित्यसम्मान’तथास्व. बाबूसाहेवचौधरीसम्मानोपाधिसँसम्मानित/पुरस्कृत।
एखन धरि मण्डलजीक जे कोनहुँ पोथी पद्य विधामे प्रकाशित छन्हि ताहि सभ पोथीसँ प्रस्तुत अछि विचारोत्तेजक/भावोत्तेजक पद्यांश-
सभदिनकमला-कोसीडुमलौं
अन्हर-बिहाड़ि, दानो-दुखसहलौं
कानि-खीजसंगे-संगरहलौं।
किसान-बोनिहारकवंशगढ़ि
धरती-अकासकबीचखेलेलौं।
आबोबुझियोमिथिलाकेहेन
अहींकहूभायमिथिलाकेहेन?
अहींकहूभाय...।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 57
गामकमाटिकजँदशाएहेन
मिथिलाराजकेहेनहेतइ।
बाहरे-बाहरकसुसकारीसँ
गहुमनकबीखकेनाझड़तै।
विचारइमानककेकराकहबै
खोलिदेखूमातृकोष।
अपने-आपप्रश्नपुछि
विचारकरूसम्हारिहोश।
रहसा चौरी, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 20
पुरनाकेँपुराणकहि-कहि
नवकाचालिसिखबैतएलौं।
धर्मसनातनकहि-कहि
अर्थ-जालफेकैतएलौं।
इचनापोठीछानि-छानि
डेलीवाइडेलीभरलौं।
गुबदीमारिबिहुसैछी
मनकनैत, हँसैततन
कठहँसीहँसिहँसैछी।
अपनेपरहँसैछी।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 36
वाण-वाणिचेत-अचेत
चाल-चालिचलबएलगलै
बीचमानबनिबिचमानि
नीर-छीरमिलबएलगलै।
दूध-पानिमिलबएलगलै।
दूध-पानिमिलबएलगलै।
सत-चित...।
कामधेनु, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 11
पएरपञ्जपबितेपबैत
पैजनचाहकरैए।
तहिनाचाहिचेतकुण्ड
धारणजिनगीकरैए।
काया-मायासंगसदए
मिलिसंगजिनगीपबैए
शिवसदृशसीमासिरैज
राति-दिनकरूपधड़ैए।
राति-दिन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 13
सुखलेमेसभपिछैड़रहलछै
मुँह-कानसभतोड़िरहलछै।
सुखलेमेसभपिछैड़रहलछै।
सुखलजानिजेतइपएररोपै
काह-कूहसभतेतइजमलछै।
सुखलेमेसभपिछैड़रहलछै
मुँह-कानसभतोड़िरहलछै।
सुखलेमेसभ...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 17
नजैर-नजैरमेतफरकाभैया
सभदिनहोइतएलैए।
कहियोनावपरगाड़ी
तँकहियोनावचढ़ैतएलैए।
नजैर-नजैरमेतफरकाभैया
सभदिनहोइतएलैए।
नजैर-नजैरमे...।
अकास गंगा, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 07
गालकसितारबना-बना
राग-पुराणकस्वरसाधैछी।
राग-तानमिला-मिला
वेद-पुराणगबैछी
वेद-भेद, भेद-वेद
आँखिमुइनदेखैछी।
मुनले-मुनलतरआँखिये
सुरतदेखझखैछी
अपनेपरहँसैछी।
अपनेपर...।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 37
राँड़कानएअहिवातीकानए
तैसंगबर-कुमारिकानएजेना।
रोजगारकानएबेरोजगारकानए
हिबडिबकरैतसरकारकानएतेना।
बेरोजगारसँदेशभरलछै
बौसबिनाकंगालबनलछै।
तैबीचरोजगारेहेराएल
तमसगीरतमाशादेखरहलछै।
राति-दिन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 21
जहिनाबारहदिनबजैछै
तहिनानेरातियोकहैछै।
बीच-बिचौबलिबीछि-बेड़ा
दुनूमेसमतूलभरैछै।
दुनूमेसमतूलभरैछै।
जहिनाबारहदिनबजैछै।
तहिनानेरातियोकहैछै।
जहिनाबारह...।
कामधेनु, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 19
शीलाशीलदेखि-देखि
हंसकानिकहैतएलैए।
एकशीलश्रृंगचढ़ि-चढ़ि
दोसरश्रृंगारबनैतएलैए।
शीलाशीलदेखि-देखि
हंसकानि...।
चढ़िश्रृंगगढ़िधनुखी
अकाससिरबेधैतएलैए।
हंसराजराजहंसरमैक
सिरश्रृंगारसजैतएलैए।
शीलाशीलदेखि-देखि
हंसकानि...।
गीतांजलि, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 09
चेतु, आबोचेतु, जेदिनबीतल
सेदिनबीतल।
उठाआँखिआगूबढ़त
तखनेपएबभविष्य-फल।
तखनेपएब...।
रहसा चौरी, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 24
आइयेनहि, सबदिनेसबदिन
जिगनीकखेलबाड़होइतएलैए।
केतौजाति-जतियारेतँकेतौ
धर्म-सम्प्रदायधड़ैतएलैए।
भेदकभेदियाभेदभेदि
दानव-मानवलुटैतएलैए।
केतौधनधर्मकहितँकेतौ
धन-धर्मात्माबनैतएलैए।
इज्जतकेँधनधर्मकहि
धर्मइज्जतलुटैतएलैए।
संगजिनगीखेलहोइतएलैए।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 07
अनुकूल-प्रतिकूलबनैकपाछू
उठिजिनगीजीवनदेखैछै।
जीवनजीवजीनबनैले
संघर्षजिनगीकरएपड़ैछै।
संघर्षजिनगी...।
चुनौती, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 07
अपनाबलेजहियाजीअब
बलगरजिनगीतहियापेबब।
अपनकल-बलजहियाअपने
तहियाअप-अपनजीवनपेबब।
तहियाअप-अपनजीवन...।
बलोकीओहिनाअबैछै
बुधि-कलसिरजएपड़ैछइ।
बुधिकलसिरसीरपकैड़
सिरचढ़िकहएलगैछइ।
सिरचढ़िकहए...।
सतबेध, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 07
दीनकदिनकेनाकऽघुरतै
मनकहाँकहियोमानैछै।
रतुकेकाजेदिनोगमाकऽ
बढ़तीकहाँबढ़िपाबैछै।
बढ़तीकहाँबढ़िपबैछै।
दीनकदिनकेनाकऽघुरतै
मनकहाँकहियोमानैछै।
दीनकदिनकेना...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 19
सात्त्विकभावउगैओतएछै
जेतएसात्त्विकभूमिउर्वरछै।
हवा-पानिजेतएसात्त्विकछै
तेतएभावलहलहाइतरहैछै।
जेतएदोसरहवाचलैतहो
मटियाएलपानिकधारबहैतहो
चसगर, चटगरबोलजेतएनित
तेतएकेनासात्त्विकभावजगैतहो।
तेतएकेनासात्त्विकभावजगैतहो।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 43
केकरोसाँझकेकरोभोर
केकरोउदयकेकरोअस्त
दिनकअस्तसाँझअगर
रातिकतँउदइएछी।
बारहेघण्टादिनोचलैछै
तेतबेटानेरातियोहोइछै।
एकबराबररहितोरहैत
दूरंगकिएबनलछै?
राति-दिन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 17
रचिदुनियाँबुधिबुधियार
नियामकदुनियाँबनैतएलैए।
समाजसुधारककहिकेतौ
निरमातासमाजकहैतएलैए।
जेगरजेतएगरपकड़लक
गरपकैड़गरियबैतएलैए।
भाषा-भाषीकवक्ताबनि-बनि
सुनताकेँसुनबैतएलैए।
जिनगीसंगखेलैतएलैए।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 08
सुखलधरतीजेतएपड़लछै
झल-फलनजैरतेतएतकैछै।
झलफलझल-अन्हारबनि
झलझलाएलमहजालफेकैछै।
झलझलाएलमहजालफेकैछै।
सुखलेमेसभपिछैड़रहलछै
मुँह-कानसभतोड़िरहलछै।
सुखलेमेसभ...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 17
रंग-बिरंगकरूपगढ़ि-गढ़ि
रंग-बिरंगकचालिचलैत।
रंग-बिरंगकमंत्रणादऽदऽ
शब्दमात्रसात्त्विकरहैत।
जखनेमनकलशैतसात्त्विक
किछुओनइकठिनरहिपबैत।
सात्त्विकशान्त्वनासदिखन
शान्त-चित्तसात्त्विकबनैत
शान्त-चित्त...।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 43
असंख्यकोटिजीबजीवात्मा
दुनियॉंबीचबसैतएलैए।
डाक-डकिमानवमानवकेँ
कृपा-कृपालुकभेटैतएलैए।
अपनेऑंखियेसभकिछुदेखै
नजैर-नजरानादैतएलैए।
मानव-दानवजानबमनकेँ
मनमानबमथैतएलैए।
खेलजिनगीकरचैतएलैए।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 08
जाधैरगुणनैअबैतमनुजमे
ताधैरमनुजमनुरहैए।
ऐबतेगुण, फल-फूलजहिना
नाओंअपनधड़बएलगैए।
जाधैरफूलमहकनैपाबे
कोढ़ी-वातीकहबैतरहैए।
तहिनानेमानवोकबीचमानव
मानवमनुखकहबैतरहैए।
चुनौती, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 09
जुगक-जुगजहिनापरशासन
रचि-रचिइतिहासधड़ैतएलौं।
मन-मनतरमनमनुज
संग-संगदुनूसंगी
गुल-गुलामकहाइतएलौं।
संगे-संगदुनूसंगी
गुल-गुलामकहाइतएलौं।
सपनोमेकहियोनेदेखल
अज-आजादीबुझिकहॉंपेलौं।
अज-आजादी...।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 09
समाजकबीचहमआकि
हमराबीचसमाजबसैछइ।
कियोअपनाकेँकहिसमाज
शील-सुशीलसमाजकहबैछइ।
शील-सुशीलसमाजकहबैछइ।
तँएकीकुशीलो-शील
अपनाकेँअनभुआरकहैछै
कुशील-सुशीलबीचकुवेद
हाथससारि-ससारिकहैछइ।
हाथससारि-ससारिकहैछइ।
सतबेध, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 09-10
बहैलबहीलबहिलाकहैछै
आशहमरकहियोनैकरिहह
फुलकैत-फलकैतढेनु-ढेनुआरक
तोड़िआशतेकरोरहिहह।
तोड़िआशतेकरोरहिहह।
बहैलबहीलबहिलाकहैछै
आशहमरकहियोनैकरिहह
कामधेनु, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 22
केकरोगारिसुगारिबनि-बनि
केकरोगारिकुगारिबनैछइ।
सुगारि-कुगारिबीचबुधियारि
बीचो-बीचहँसैतचलैछइ।
बीचो-बीचहँसैत...।
जहिनाधारधैड़धरि
तहिनाजिनगीजीतधड़ैछइ।
कुबाटि-सुबाटिकबीचमानि
मने-मनमतलचलैछइ।
मने-मनमतलचलैछइ।
अकास गंगा, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 10
अन्हरजालफरिच्छमानि
भोरभुरुकबासुर्जकहैछै।
अन्ह-अन्हसागरओन्हओन्हि
ओन्हाचालिचलैतरहैछै।
ओन्हचालिचलैतरहैछै।
सुखलेमेसभपिछैड़रहलछै
मुँह-कानसभतोड़िरहलछै।
सुखलेमेसभ...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 17-18
रंगसियाहीरोशनाइबनि
रेहे-रेहसियाहघोड़ाएलछै।
भाव-अभावकुभावबनि-बनि
गीतप्रेमलिखाएलरहैछै।
रंगसियाहीरोशनाइबनि
रेहे-रेह...।
गीतांजलि, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 11
आनक-आनकेँकीकहबै
अप्पन-अपनेदेखैतरहैछी
समाजकबीचसमाजरहितो
थाहकहॉंथहिथाहिपबैछी।
कखनोसमाजोसँसम्पन्नसमाज
सुरसासनमुँहदेखैतरहैछी।
कखनोकौछोसँकपचल
बिनुमुहेँकसमाजदेखैतरहैछी।
देखटराटकपड़लरहैछी।
देखटराटक...।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 12
लजलजबिजीबनि-बनि
लजे-लजविरहाइतगेलौं।
कहियोविरहवेदबुझि
तँकहियोविरहेरसागेलौं
मीतयौ, लाजेमेटागेलौं।
रसल-भसलपछुआपछाइत
उनैटपछुआतालदेखलौं।
अपनहालबेहालबुझि
आनकखुश-हालदेखलौं।
देख-देखलाजेपड़ागेलौं
लाजेमेटागेलौं...।
सतबेध, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 11
चलरेजीवनचलितेचल।
संगीबनितूँसंगेचल
जौवनचलजुआनीचल
जिनगानीसंगमर्दगानीचल
चिन्तनसंगचिणमयचल।
चलरेजीवनचलितेचल।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 23
हरिअन्तहरिकथाअनन्ता
हँसिगीतभागवतगबैछै।
हेरिशक्तिशक्तिहरीक
बाघचढ़िभगवतीकहैछै।
बाघचढ़िभगवतीकहैछै।
दुनियाँकजेहनेमंचमंचबै
तेहनेनेरंगमंचोबनैछै।
दुनियाँकजेहने...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 48
हेसुर्जतोड़ेपुछैछिअ?
ऊपररहितूँकिएबनौनेछह
एनादोहरीबेवहार।
अपनरश्मिआगूबढ़बैमे
धरतीकेँकिएकेनेअन्हार।
केनारोकितोरादइछह
वन-उपवनओजंगल।
आसलगौनेधरतियोबैसल
करैछहकिएमंगल-अमंगल।
राति-दिन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 27
चिड़ैसभजहिनागाछकऊपर
खोंताबनबैएअपनेलोले।
तहिनानेअपनोभऽसकत
लुइर-बुइधअपनेबले।
निर्णायकदौड़आबिरहल
अछिनिर्णायकमोड़।
मोड़मोड़िघुमाएबनइजाधैर
पएबकेनाथोड़ो-थोड़।
स्वतंत्रदेशकस्वतंत्रजनकेँ
गहिएकराधड़एपड़त।
यएहछीसोचै-विचारैक
जीबैलेलड़एपड़त।
जीबैलेलड़ए...।
रहसा चौरी, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 35-36
भाव-अभावकुभावबनि-बनि
गीतप्रेमलिखाइतरहैछै।
रंगसियाहीरोशनाइबनि-बनि
रेहे-रेह...।
गीतांजलि, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 12
कहियोदिवानिशादाबि-दाबि
तँकहियोछातीफाड़िनिशाकहैए।
भलेँजाठिजठियाजेठ
तँएकिनिशाकरपाछूहटैए।
तँएकिनिशाकर...।
राति-दिनएकबट्टबटिया
दिन-रातिनाओंधड़ैतरहैए।
कहियोविषुवतरेखमध्य
तँकहियोमकरकहबैतरहैए।
तँकहियोमकर...।
चुनौती, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 08
हलचलजिनगीहलैस-कलैश
हर-हरिचालिचलैछै।
बीर्तमानभविसकहि-सुनि
भूत-बंगलासजबैछै।
मीतयौ, भूत-बंगलासजबैछै।
हलचलजिनगीहलैस-कलैश
हर-हरिचालिचलैछै।
हलचल...।
कामधेनु, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 24
जेहेनमुँहतेहेनहँसी
सभदिनहँसैतएलैए।
मुँहकजेहेनगढ़ैन-मढ़ैन
तेहनेतानभरैतएलैए।
जेहेनमुँह...।
जाधैरडोरनैबनि-बनि
घाससाबेकहबैतएलैए।
बनितेडोरीसमेट-बटोरि
गृहवानकहबैतएलैए।
गिरहबानकहबैतएलैए।
जेहेनमुँह...।
तीन जेठ एगारहम माघ, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 56
ग्रहनक्षत्रसभटाचलैछै
सूर्जतरेगनसेहोचलैछै
दोहरीबाटपकैड़चान
अन्हार-इजोतकबीचचलैछै।
देखा-देखीचलितेचल।
चलरेजीवनचलितेचल।
इन्द्रधनुषी अकास, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 23
टकटकताकतकैछीहेमइए
आहाँकिएआँखिमुननेछी।
गड़-गड़गालगबैछीमइए
तखैनकिएकानखोलनेछी।
तखैनकिएकानखोलनेछी।
टकटकताकतकैछीहेमइए
आहाँकिएआँखिमुननेछी।
टकटक...।
कामधेनु, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 25
मनकडायरीलिखएबैसलौं
उपहारकडायरीनिकाललौं।
रंग-रूपदेखडायरीक
ऊपरे-ऊपरेभसएलगलौं।
भसैत-भसैत-भसैत
मनकबातबिसरएलगलौं।
छपलफूलगुलाबकली
बिहिया-बिहियादेखएलगलौं।
सुर-सुरकरैतसुरसुरीआबि
नाकरछोरखिचएलगलौं।
राति-दिन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 85
नवपथकअनुकूलपथिककेँ
सहीसवारीसुपथ-पथचाही।
तहिनाखुशीखुदखुदबैले
मुस्कीसजलशब्दकविताचाही।
उपयोगीनव-नववस्तुक
जोड़ि-जाड़िछिहलैतडगरचाही।
हेराएलरसिकप्रेमी-ले
बेराएलभावकविताचाही।
बेराएलभावतहिएसजैत
जहिएभेटैतछिड़ियाएलभंडार।
चुनि-चुनिचुनियाचुनैबिते
नुकाएलपबैतशब्द-संसार।
रहसा चौरी, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 38
जखनेमनमणिकबन
तखनेविचरणधारबहैछइ।
धारकधारधड़िधैड़धए
धैर्यधीरजधीरबनैछइ।
धैर्यधीरजधीर...।
अकास गंगा, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 10
अपनेहाथकखेलमीतयौ
अपनेहाथखेल।
संगे-संगदुनूचलैए।
इजोत-अन्हारबनैतरहैए।
हँसि-हँसिकानि-कानि
पटका-पटकीकरैतरहैए।
एकेगाछकडारिछी
दुनूसुफल-कुफलफड़ैतरहैए।
रसरंगसुआदगढ़ि-गढ़ि
तीत-मीठबनबैतरहैए।
अपनेहाथकखेलमीतयौ
संगे-संगखेलैतरहैए।
सतबेध, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 24
केकेकरहितकेकेकरमुद्दै
दिन-रातिदेखैतरहैछी।
गरदेनपकैड़जेकानएकलपए
पकैड़गरदेनतोड़ैतदेखैछी।
किछुनेबुझैछी।
सतबेध, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 30
इच्छुक-इच्छितइच्छाबनि-बनि
मनमानवमोहैतएलैए।
मोहकमोहैनमोहि-मोहि
नीक-अधलामनबनैतएलैए।
कोण-धारपकैड़इच्छितइच्छा
धार-धारामनबनैतएलैए।
झील, सरोवरपर्वतचढ़ि-चढ़ि
पयोनिधि-पर्वतसिरजैतएलैए
अप्पन-अप्पनसीम-सीमागढ़ि
पर्वतबीचसागरकहबैतएलैए।
पवैतबीच...।
मन मथन, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 18
अपनसभकिछुउपटा-बिलटा
मिथिलाकजय-जयकारकरैछी।
भाषासाहित्यककथेकी
नमगर-चौड़गरभागवतबचैछी।
पकड़ैमुसबाखाएयुनूसबा
दिन-रातिकलीलाचलैए।
चुनौती, जगदीश प्रसाद मण्डल, पृष्ठ संख्या- 14