विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

पिरामिडक देश मे

योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ · 2021-09-15 · अंक 330

योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’
पिरामिडक देश मे (पहिल खेप)
हमरा सबहिक सनातन धर्म दर्शनक अनुसार मनुष्य योनि मे जन्म लेनिहारक सबसँ पैघ इच्छा रहैत छैक पुनर्जन्मक चक्र सँ छुट्टी भेटब आ मोक्षक प्राप्ति जाहि मे मनुष्य वैकुण्ठलोक पहुँचि जाइत अछि। विभिन्न शास्त्र पुराणक अनुसार मोक्ष प्राप्त भेला सँ पहिने लोक निरन्तर जन्म लैत रहैत अछि। अगिला जन्म मे कोन योनि मे जन्म लेत से ओकर कर्मक फल पर निर्भर करैत छैक।
ओना तऽ ई कहब कठिन छैक जे कोन तरहक कर्म केला सँ लोक मोक्ष प्राप्त करैत अछि आ यदि ककरो मोक्ष भेटियो जाइत छैक तऽ ओकर की परिचय अथवा चिन्ह होइत छैक मुदा मानि लेल जाइत छैक जे कोनो बहुत धर्मात्मा व्यक्ति कें एहि तरहक गति भेटैत हेतनि। जे किछु होइ, मुदा मृत्युक बाद एहि पार्थिव शरीर कें सनातन धर्म मे कोनो महत्व नहि छैक तें एकरा आगि मे जरा देल जाइत छैक।
आब सोचियौक यदि मोक्षक बदला अपने कें कहल जाए जे बहुत नीक कर्मक फल सँ अपने फेर अगिला जन्म मे कहियो ओही शरीर मे आबि जाएब, तखन कोन तरहक तैयारी करबैक ? शरीर कें बचा कए राखब तखन जरूरी भऽ जेतैक ने। एहि पार्थिव शरीर कें बचा कए राखब कतेक कठिनाह हेतैक ? ठंढा प्रदेश मे किछु बेसी दिन तक तऽ सुरक्षित राखलो जा सकैत छैक मुदा गर्म जलवायुक प्रदेश मे तऽ मुश्किले। देखिते छिऐक जे किछुए घंटा मे मृतक के शरीर अकड़ि जाइत छैक आ एकाध दिनक बाद ओकर क्षय शुरु भऽ जाइत छैक, ओहि सँ दुर्गन्ध बहराए लगैत छैक।
प्राचीन मिस्र मे एहि तरहक मान्यता छलैक जे नीक काज केला सँ राजा मृत्युक बाद फेर कहियो ओही शरीर मे प्रवेश करैत जन्म लेताह। तें खास कऽ कए राजपरिवारक बीच एहि लेल प्रयास कएले गेलैक आ ओहि समाज मे शरीर कें सुरक्षित रखबाक फर्मूला ताकि लेल गेल। सुरक्षित शव कें, जकरा ‘ममी’ कहल गेलैक, कएक तह के ताबूत मे बन्द कऽ कए विशेष कक्ष मे राखल जाइत छलैक जकरा उपर पैघ पाथर राखि देल जाइत छलैक जे कोनो तरहें यदि कनियो दुर्गंध निकलबो करतै तऽ सियार कुकुर आदि कें ओहि शव तक गेल नहि होइक। एहि पाथर कें मस्तबा कहल जाइत छलैक।
अफ्रिका मे जीवनदायिनी नील नदीक कछेर मे विकसित मिस्र देशक सभ्यता प्राचीन तऽ छैके, कतेको हिसाबें प्राचीनतम सभ्यता सब मे अद्वितीय सेहो। ओतुका पिरामिड संसारक सात आश्चर्य मे एक मानल जाइत रहलैक अछि। मिस्रक सभ्यताक बारे मे बच्चा मे इतिहास मे जे पढ़ने छलहुँ ताहि सँ ओतए जाकए देखबाक इच्छा तऽ छलेहे, हाल मे इंटरनेट पर अनेको सामग्री उपलब्ध भेला सँ मिस्र भ्रमणक उत्सुकता बढ़िते गेल।
भ्रमण लेल हम पहिने अपन विश्वासी ट्रैवल एजेंट बंगलोरक वियोन्डर सँ सम्पर्क कएल। वियोन्डरक टीम मे श्रीनिवास सेनॉय मिस्रक विशेषज्ञ छथि आ मिस्र टूर पर कतेको ब्लॉग लिखने छथि। मुदा छोट संस्था रहलाक कारणें ओ कम्पनी हमरा लेल कोनो एहन टूर ग्रुपक जोगार नहि कऽ सकल जे सुविधाजनक होअए। अन्त मे श्रीनिवास अपनहि सुझाव देलनि जे हम थोमस कूक टूर कम्पनीक मिस्र पैकेज मे यात्रा करी।
टूर पर जेबा सँ पहिने श्रीनिवास हमरा मिस्रक दर्शनीय स्थल, इतिहास, आदिक बहुत जानकारी देलनि। ओएह बतौलनि जे एकटा प्रख्यात अमेरिकन ईजिप्टोलॉजिस्ट श्रीमान बॉब ब्रॉयर अठतालीस लेक्चर के एकटा ऑडियो बुक बनौने छथि, ओहि ऑडियोबुक कें फोकटे मे कोना डाउनलोड कएल जा सकैत छैक। हम सेहो कएल। बॉब ब्रायर लिखित ओही ऑडियोबुक के संक्षिप्त रूपरेखा के एकटा पीडीएफ सेहो इंटरनेट पर भेटि गेल। एहि स्रोत सबसँ मिस्रक प्राचीन सभ्यताक आधुनिक ज्ञान सँ परिचित भेलहुँ।
श्रीनिवास थोमस कूक के पैकेज मे दूटा परिवर्तन सेहो करौलनि — दोसर दिनक एलेक्जेन्ड्रिया टूरक बदला गीजाक आसपास के सकारा आ दहसुर नामक जगह, जतए प्राचीनतम पिरामिड छैक। सकारा मे तऽ बहुते किछु छैक जे हम आगू लिखब। दोसर परिवर्तन छल टूर कें एक दिन बढ़ा कए लक्जर के आसपास डेन्डारा आ आबीदोस मे प्राचीन मंदिर सब देखब। यद्यपि एहि लेल हमरा अतिरिक्त खर्चा लागल मुदा एहि लेख कें अन्त तक पढ़लाक बाद अपने कें विश्वास भैये जाएत जे ओ अतिरिक्त खर्चा बहुत उपयोगी छल आ हम कहि सकैत छी जे ओकरा बिना टूर किछु हिसाबें अपूर्णे रहि जइतए।
थोमस कूक के सात-राति-आठ-दिनक पैकेज मे तीन दिन राजधानी काहिराक उपनगर गीजा मे पाँच सितारा होटल मे रहबाक, तकर बाद तीन राति नील नदी पर ओहने बहुत नीक जहाज पर रहबाक आ अन्तिम राति लक्जर शहर मे फेर पाँच सितारा होटल मे रहबाक व्यवस्था छलैक। खर्चाक चर्चा हम एतए नहि करैत छी कारण एहि मे करीब आधा भाग विदेशी मुद्रा के छैक आ ओकर विनिमय दर बदलैत रहैत छैक।
कहबा लेल मिस्रक टूर बारहो मास चलैत छैक मुदा नीक समय नवम्बर सँ फरवरिए तक रहैत छैक। तकर बाद गर्मी। हमर टूर 17 सँ 24 सितम्बर 2019 तक छल। माने भेल 17 सितम्बर कें पहुँचनाइ आ 24 कें भोरे बिदा भऽ गेनाइ। एकरे कहल जाइत छैक सात-राति-आठ-दिनक (7N8D) पैकेज।
बिदा हेबाक तिथि सँ मात्र चारि दिन पहिने टिकट आ मेडिकल इन्स्योरेन्स पेपरक संग सातो राति लेल होटल के नाम, यात्राक एडवाइजरी आदि सब किछु थोमस कूक ईमेल सँ पठा देलक - सबटा सॉफ्ट कॉपी। प्रिंट अहाँक काज छी लेबाक होअए तऽ लीअए नहि तऽ सॉफ्ट कॉपी सँ काज चलाउ। ओना एडवाइजरी मे कहल गेल छल जे प्रिंट जरूरे लऽ लेब। उचिते, कारण यदि कतहु मोबाइल हरा गेल अथवा भंगठा गेल तखन सॉफ्ट कॉपी कतए सँ आओत ? जे किछु, एक प्रति सब चीजक प्रिंट लऽ कए रखलहुँ।
हमरा 16 सितम्बर कें साँझ मे कलकत्ता सँ मुम्बइ जेबाक छल, ओतए छओ घंटाक प्रतीक्षाक बाद 17 सितम्बर कें तीन बजे भोर मे ईजिप्ट एयर सँ काहिराक यात्रा। कहल गेल जे काहिरा एयरपोर्ट पर टूर मैनेजर प्रतीक्षा करैत रहताह। ओतहि ग्रुपक अन्य सदस्य सब सँ भेंट होएत।
सबेरे स्थानीय समय ठीक साढ़े पाँच बजे हम सब काहिरा एयरपोर्ट पर उतरि गेलहुँ। आश्चर्य लगैत छल जे एतेक सबेरे पहुँचलाक अछैतो थोमस कूक आजुक भरि दिनक कोनो कार्यक्रम नहि रखने छल। अस्तु, हवाइ जहाज सँ बहराइते थोमस कुक के एकटा स्थानीय प्रतिनिधि अपन बैनर लेने भेटला, कहलनि, चलू चेकइन लगेज लेबाक बेल्ट लग सब गोटे प्रतीक्षा करू।
एतए गोटागोटी ग्रुपक किछु सदस्य सँ भेंट होइत गेल। सबकें एकत्रित करबा मे कने समय तऽ लागिए गेलैक। अन्त मे करीब साढ़े सात बजे हम सब बाहर निकलि बस मे सबार भेलहुँ। एखन मात्र अठारह गोटे ग्रुप मे छलहुँ। एतए बस मे थोमस कूकक भारतीय टूर मैनेजर पहिल बेर उपस्थित भेलाह, ओ अपन परिचय देलनि इन्द्रजित देशमुख नाम सँ। बर बेस, आगू बिदा भेलहुँ। हमरा सबहिक होटल काहिरा शहरक उपनगर गीजा मे छल आ प्रसिद्ध पिरामिड सँ मात्र एकाध किलोमीटर के दूरी पर। मुदा एयरपोर्ट सँ बेस दूर। रस्ता मे एकठाम बस ठाढ़ कऽ कए यात्री लेल जलपान लेल गेल। एहि मे सैंडविच सदृश एक प्रकारक स्थानीय स्टफ्ड ब्रेड, जकरा फलाफेल कहल जाइत छलैक, के दू पीस आ किछु फल, लतामक जूसक डिब्बा आदि छलैक। एकर अतिरिक्त पीबाक लेल डेढ़ लीटरक जलक बोतल सेहो देल गेल। हमरा सबकें बुझा देल गेल जे आजुक दिन भरिक लेल जलपान आ लंच सब किछु इएह भेल।
करीब डेढ़ घंटाक बाद होटल पहुँचलहुँ। होटल नाम गुण पाँच सितारा बला छलैक। बेस पैघ लॉबी। हमरा सब एतेक पैघ लॉबी मे जेना हरा गेलहुँ। एतए रूम भेटबा मे मुदा बेस देरी लागल। तकर कारण जे साधारणतः एतेक सबेरे रूम सब तैयार नहि रहैत छैक। मिस्र मे होटलक चेकइन समय दुपहरिया मे दू बजे छैक। इन्द्रजित हमरा सबहिक पासपोर्ट आ रिटर्न टिकटक छापल प्रति जमा केलनि आ एकटा होटल स्टाफक संग लगला रूम दिएबाक तैयारी मे। लोक कें फ्री वाइफाइ होटल मे प्रवेश करिते भेटि गेल छलैक तें सोचिये सकैत छिऐक सब अपन अपन मोबाइल फोन पर व्यस्त भऽ गेल। रूम भेटबाक ओतेक हड़बड़ी आब नहि छलैक। आइ बीस साल पहिने लोक कें प्रतीक्षा अखरितैक, लॉबी मे लोक टहलैत रहैत, मात्र किछु स्थानीय अखबार अथवा कोनो मैगजीनक पन्ना उनटबैत रहैत मुदा आब ई मोबाइल आ वाइफाइ सब व्यवहार कें बदलि देलक। कोनो शिकाएत नहि। स्थानीय मुद्रा लेल होटलक लॉबीए मे एटीएम मसीन छलैक। लोक सब अपना आवश्यकताक हिसाबें डॉलर भजा कए मिस्रक ईजिप्सियन पौंड लैत गेल। हमहूँ एक सौ डॉलर के ईजिप्सियन पौंड लेल। इन्द्रजित बुझा देने छलाह जे विनिमय दर सबतरि एके छैक।
अस्तु, करीब दस बजे हमरा चाभी देल गेल। बुझा देल गेल जे एखन भरि दिन अपनहि पर छी, जे मोन होअए से करू। साँझ मे साढ़े छओ बजे ग्रुप जाएत ‘साउन्ड एन्ड लाइट’ शो देखबा लेल। तकर बाद एही होटल मे आबि हम सब अलग सँ भारतीय भोजन करब। माने साढ़े छओ बजे सँ थोमस कूकक जिम्मा मे सब यात्री आबि जेताह।
रूम गेलहुँ, स्नानादि सँ निवृत्त भेलहुँ। तकर बाद पैकेट मे बचल सामान सधा देलियैक। भारतीय समयक अनुसार एखन करीब अढ़ाइ बाजि रहल छलैक तें लंचक बेर तऽ भैए गेल छलैक। आब आगूक दिन खाली छल। होटलक रूम मे बैसि दिन बिताएब अखरि रहल छल। थोमस कूकक प्रोग्रामक हिसाबें पिरामिडक दर्शन तेसर दिन कराओल जाइत। ताहू मे समस्या छल जे पैघ ग्रुप मे रहैत कतेक फैल सँ सब किछु देखि सकब। अपन कम्बोदिया यात्रा मे एकसर टूर करबाक लाभ देखिये लेने छलिऐक। मोन मानैत नहि छल।
नीचा उतरि होटलक ट्रैवेल डेस्क पर पुछारी कएल। कहल गेल जे दू घंटाक लेल कार सँ घुमला पर करीब 600 पौंड लागत। बेसी समय भेला पर प्रति घंटा 200 पौंड अतिरिक्त। बर बेस। हम एकटा गाड़ी कऽ लेलहुँ। ड्राइवर अंग्रेजी बजैत छलाह। ईहो नीके। एखन ओएह हमर गाइड भऽ गेलथि। ओना तऽ ई ड्राइवर महोदय ईजिप्टोलॉजी पढ़निहार कोनो प्रशिक्षित गाइड नहि छलाह मुदा जखन मंडन मिश्रक गामक परिचारिका सब शास्त्र चर्चा कऽ सकैत छलीह तखन ई मिस्रवासी ड्राइवर, जे टूरिस्टे सबकें घुमबैत रहल छथि, किएक ने जरूरी ज्ञान रखताह ? से ओ हमरा बहुत किछु बुझबैत गेलाह।
पिरामिड परिसर कें बुझबा लेल मिस्रक किछु इतिहास बूझब जरूरी। तखने ईहो बुझबा मे आओत जे टूरिस्ट पिरामिडक भीतर जेबा लेल किएक उत्सुक रहैत छथि आ ओकर की महत्व छैक ? मिस्रक इतिहास पर कतेको हजार पोथा सब लिखल गेल छैक आ ईजिप्टोलॉजी एखनहु महत्वपूर्ण शोध विधा छैक जकर अध्ययन चलिते छैक आ पोथा सब लिखाइते छैक। तथापि एहि भ्रमण लेख कें बुझेबा लेल जे लघुरूपक इतिहासक जानकारी चाही से हम लिखैत छी।
विद्वान लोकनि प्राचीन मिस्रक इतिहास कें तीन भाग मे बँटैत छथि — प्राचीन साम्राज्य (old kingdom), मध्य साम्राज्य (middle kingdom) आ नवीन साम्राज्य (new kingdom) जे प्रायः ईसा पूर्व 3500 वर्ष सँ शुरू होइत ईसा पूर्व 300 वर्ष तक चलल। एहू तीन साम्राज्यक भीतर अनेक वंश (dynasty) के शासन रहलैक। तकर बाद तऽ यूनानी शासन आबि गेलैक, सिकन्दर (Alexander) आ हुनक वंशज राज्य करए लगलाह, एलेक्जैन्ड्रिया शहर अस्तित्व मे आएल आ कतेको शताब्दी तक देशक राजधानी सेहो रहल। तकर बाद अबैत गेलाह रोमन साम्राज्यक राजा लोकनि।
मिस्रक इतिहास कें बुझबा लेल कने ओकर भूगोल पर सेहो ध्यान देबए पड़त। दक्षिण सँ उत्तर जमीन नीचा ढाल पर छैक, तें नील नदी दक्षिण सँ उत्तर दिस बहैत भूमध्यसागर मे मिलैत छैक। नील नदीक पूब पच्छिम दूनू कात किछु दूर तक, जतेक मे नदीक जल बाढ़िक कारण पसरि जाइत छलैक आ लोक कें जलक सुविधा उपलब्ध रहैत छलैक, एकटा पातर पट्टी जकाँ क्षेत्र मे सभ्यताक उदय भेलैक। सागर मे समाहित हेबा सँ पूर्व नदी कें अनेक भाग मे बँटि गेला सँ ओहि क्षेत्र मे डेल्टा जकाँ बनैत छैक, बस बूझि लिअऽ जहिना गंगा कें समुद्र मे मिलबा काल सुन्दरवनक डेल्टा बनल अछि। ई डेल्टा क्षेत्र तऽ उन्नत कृषिक उपजाउ क्षेत्र रहबे केलै। मिस्रक वर्तमान राजधानी काहिरा (Cairo), गीजा प्लेटो, सकारा आदि एही इलाका मे अवस्थित छैक। नील नदीक कछेरक उपजाउ इलाका कें छोड़ि पूब आ पश्चिम दूनू कात विशाल मरुभूमि — अफ्रिकाक नामी सहारा मरुभूमिक अंग। मिस्रक दछिनबरिया भाग कें Upper Egypt आ उतरबरिया भाग कें Lower Egypt सेहो कहल जाइत छैक। कबीलाइ साम्राज्यक समय ई दूनू भाग अलग शासन के कब्जा मे छल आ दूनू भाग मे परस्पर युद्ध चलिते रहैत छलैक।
कबीलाइ लोक सब कें एक सूत्र मे बान्हि देश कें सुगठित शासन देब शुरू भेल प्राचीन साम्राज्य सँ जाहि मे राज्यक मुखिया कें फैरो (pharaoh) कहल जाइत छल। शुरुएहि सँ ई बात प्रचारित कएल गेल आ जनता मानि लेलक जे फैरो ईश्वरक अवतार होइत छथि, हुनका मे विशेष दैवी गुण होइत छनि। ई आस्था ओहिना छल जेना आर्यावर्त मे राजा कें इन्द्रक अवतार मानल जाइत छल।
फैरो सब कें महिमा मन्डित करबा लेल पन्डित चाहबे करी से ओतहु भेल। विभिन्न प्राकृतिक घटना सँ सम्बन्धित देवता गढ़ल गेलाह आ हुनका लोकनिक अर्चना आरम्भ भेल। एहि मे मुख्य छल सूर्यक तीन रूप मे देवता — भिनसर के बालरविक रूप, मध्यान्हक तेज रवि आ अस्त होइत समयक निश्तेज रवि। एकर अतिरिक्त जाहि जीवजन्तु सँ लोक कें भय भेलैक ओकरो देवताक मान्यता भेटलैक, तहिना जकरा बहुत उपयोगी बूझल गेल तकरो दैवीय पद भेटलैक। एहि सबहक चर्चा हम बाद मे करब।
सब साम्राज्य मे नील नदीक पुबरिया भाग आ पछबरिया भागक महत्व अलग रहलैक। पूब मे जेना कि सूर्योदय होइत छैक, एहि भाग कें उगैत जिनगीक रूप बूझल गेल। एकर विपरीत पच्छिम मे सूर्य अस्त होइत रहलाह तें एहि भागक जमीन कें सेहो जिनगीक अस्तक रूप बूझल गेल। तें सब वंश मे जतेक समाधि, पिरामिड आदि बनल से सब नदीक पछबरिया भाग मे। गीजा प्लेटो सेहो नील नदीक पछबरिया भाग मे अवस्थित अछि। तहिना सबटा पिरामिड। गीजाक तीनटा मुख्य पिरामिड प्राचीन साम्राज्यक चारिम वंश (Fourth Dynasty), जकर समय ईसापूर्व 2575 सँ 2465 तक मानल जाइत छैक, के दोसर फैरो (सम्राट) खुफु, हुनक पुत्र आ चारिम फैरो खाफ्रे आ हुनक पौत्र आ पाँचम फैरो मेनकौरे द्वारा बनाओल गेल छलैक। प्रथा छलैक जे फैरो सब अपनहि शासन काल मे अपन मृत्युस्थलक चुनाव कऽ कए पिरामिड आ मोर्च्यूअरी टेम्पल बना लैत छलाह जाहि सँ हुनका मरलाक बाद शरीर कें ममी बना कए ओहि मे राखल जा सकए।
एतुका तीनटा पिरामिड मे खुफुक पिरामिड सबसँ पैघ अछि। एकर आधार करीब 230 मीटर आ मूल ऊँचाइ 146 मीटर अछि। तहिना खाफ्रेक पिरामिडक आधार 216 मीटर आ उँचाइ 143 मीटर छलैक। मेनकौरेक पिरामिडक आधार 109 मीटर आ उँचाइ 66 मीटर छलैक। खुफुक पिरामिड कें ग्रेट पिरामिड कहल जाइत छैक।
मिस्रक इतिहास मे एकटा आर महत्वपूर्ण घटना छलैक करीब दू हजार साल पहिने भेल विध्वंसकारी भूकम्प। एहि दुर्घटना मे बहुत रास स्मारक नष्ट भऽ गेलैक आ पिरामिड सब सेहो धँसि गेलैक। तें वर्तमान मे ग्रेट पिरामिडक ऊँचाइ मात्र 139 मीटर रहि गेलैक अछि। भूकम्पक प्रभावक वर्णन एहि यात्रा कथा मे आगू बहुत ठाम भेटत।
प्राचीन मिस्र मे देवाल पर चित्र बनाएब आ पापीरस पर चित्र आ अक्षर लीखब ईशापूर्व करीब 3500 वर्ष पहिनहि शुरू भऽ गेल छलैक। एहि लिखावट कें हाइरोग्लिफ कहल गेलैक। प्रायः एही समय आर्यावर्त मे सेहो सिन्धु घाटी सभ्यताक उदय भेल आ हरप्पा आदि जगह मे लिखावट शुरू भेल होएत। भाग्यशाली रहल मिस्रक समाज जे एहि प्राचीन लिखावट कें पढ़बाक कुंजी उनैसम शताब्दी मे भेटि गेलैक आ प्राचीन मिस्रक सम्पूर्ण इतिहास आधुनिक विश्व मे जगमगा गेलैक। एकर विपरीत हमरा लोकनि हरप्पाक लिपि एखनहु पर्यन्त पढ़ि नहि सकलहुँ, ओ कुंजी हरा गेल अछि अथवा बनाओले नहि गेलैक। कतेक विरोधाभास जे खजूर खेबाक लूरि लोक मोन पाड़ने रहल आ आम खेबाक लूरि बिसरि गेल !
ओना तऽ एयरपोर्ट सँ गीजा अबैत आ होटल पहुँचैते विशाल पिरामिडक दर्शन लोक कें होमए लगैत छैक मुदा परिसरक भीतर नजदीक गेला पर विश्वक एहि प्राचीन आश्चर्यक सामने ठाढ़ भेल लोक कें एक बेर विस्मय सँ जरूरे आहि बहरेतैक। ओतेक पुरान जमाना मे, जखन कोनो मसीन नहि बनल छलैक, कोनो ट्रक ट्रेलर नहि, कोनो क्रेन नहि, कोनो विशाल मालवाही जहाज नहि, मात्र छेनी हथौरी टा मजदूर आ कि कलाकारक हाथ मे रहैत छलैक, तखन कोना कए एतेक पैघ पाथरक खंड सब सुदूर दक्षिण के आसवान क्षेत्रक पाथरक खदान सँ काटि नदी मे बहा कए आनल गेल आ फेर नदी सँ निकालि समाधि स्थल तक पहुँचाओल गेल आ एक एक कए नीचा सँ उपर तक उठा कए जोड़ल गेल, से एखनहु बहुत तीव्रबुद्धि इंजीनियर लोकनि कें आश्चर्यचकित करितहिं छनि। किछु विद्वानक मत छनि जे मिस्रक इतिहास अथवा उचित कही तऽ मानव सभ्यताक इतिहास मे किछु महत्वपूर्ण अंश हेराएल अछि। पिरामिड मात्र एकटा प्राचीन स्मारके टा नहि, अपितु सब तरहें आश्चर्यक खजाना अछि। सबटा प्रवेश द्वार सटीक उत्तर दिशा मे कोना बनलैक ? कतेक सटीक ? उत्तर दिशा सँ एकर दिशाक अन्तर मात्र एक डिग्री, आधा डिग्री ? नहि, यौ ई अन्तर छैक मात्र 0।003 डिग्री। ग्राहम हैनकॉक के अनुसार एखनहु कोनो इंजीनियर एतेक सटीक दिशा निर्धारण कइए नहि सकैत छथि आ ओकरा कोनो भवन आ कि स्मारक मे उतारब तऽ असम्भवे बूझू। जतबे एकर विस्तार मे जेबैक ततबे ई आश्चर्य बढ़िते जाएत। आ एही आश्चर्य कें निहारैक लेल तऽ सब साल लाखो टूरिस्ट मिस्र दौड़ैत अछि।
अस्तु, ड्राइवरक संग पहुँचलहुँ पिरामिड परिसरक गेट पर। पिरामिड परिसर मे एक कात सँ दोसर कात जेबा मे किछु किलोमीटर के दूरी भऽ जाइत छैक। तें भीतर मे टूरिस्ट लोकनि बस, कार अथवा अन्य सवारी लैते छथि। परिसरक भीतर मात्र जेबा लेल 160 पौंड के टिकट, जाहि मे लोक परिसर मे टहलि सकैत छल, पिरामिड देखि सकैत छल मुदा ओकर भीतर नहि जा सकैत छल। पिरामिडक भीतर जेबा लेल अलग सँ 360 पौंडक टिकट, मुदा सेहो एखनहि गेटे पर लऽ लेबाक छल। तहिना अन्य किछु जगह लेल अतिरिक्त टिकट। एकर विपरीत 500 पौंडक एकटा टिकट छलैक जाहि मे लोक पिरामिडक भीतर जा सकैत छल आ एकाध अन्य दर्शनीय स्थल सेहो।
हमर ड्राइवर कहलनि जे यदि पिरामिडक भीतर जाएब तखन नीक होएत जे सम्मिलित टिकट लऽ लिअऽ। हुनके सुझाव पर हम 500 पौंडक टिकट लेल। सुरक्षा जाँच करबैत परिसरक भीतर प्रवेश केलहुँ। ड्राइवर दोसर रस्तें हमरा ओहि कात भेटि गेलाह। फेर गाड़ी मे बैसि ग्रेट पिरामिड लग बनल पार्किंग एरिया पहुँचलहुँ। अन्दर मे स्थानीय लोक टूरिस्ट लेल घोड़ाबला टमटम सेहो चलबैत अछि, किछु इलाका मे ऊँटक सवारी सेहो चलैत छैक मुदा ई सब भेल ओकरा लेल, जेना अमेरिकन आ कि यूरोपियन टूरिस्ट, जे टमटम सदृश सवारी पर नहि चढ़ल होए अथवा ओकर विशेष मजा लूटऽ चाहैत होअए। हम सब तऽ मधेपुर सँ दरभंगा तक एक्का टमटम के बीचे पैघ भेल छी तखन ओकर कोन विशेष आकर्षण ?
परिसर पहुँचि ड्राइवर पहिने विभिन्न मुद्रा मे पिरामिडक पृष्टभूमि मे हमर फोटो लेलनि। एकटा फोटो संलग्न अछि उदाहरण लेल। फोटो देखि अपनहुँ कें अन्दाज भैए जाएत जे ओ ड्राइवर ट्रेंड गाइड आ फोटोग्राफर सेहो छलाह। अन्यत्र सेहो हमर फोटो ओएह लैत रहलाह। कोनो सेल्फी सँ ई फोटो सब जरूरे नीक छैक।
बाहर सँ पहिने ग्रेट पिरामिड देखल। जेना कि पिरामिडक ज्यामितीय बनाबट सँ बुझिए गेल हेबैक, आधार वर्गाकार होइत छैक आ ऊँचाइ समान भाव सँ घटैत घटैत अन्त मे एक विन्दु रहि जाइत छैक। चारू कातक फलक त्रिभुजाकार होइत छैक। आधार आ त्रिभुजक बीच के कोण पिरामिडक उन्नत कोण (angle of inclination) कहल जाइत छैक। जतेक पैघ कोण ओतेक उँचगर ओ पिरामिड बनतैक, तखने ने चारू त्रिभुजक फलक एक विन्दु पर मिलतैक। छोट कोण रहला सँ उँचाइ कम हेतैक। ग्रेट पिरामिडक ई कोण करीब 52 डिग्री छैक। एहि मे करीब 23 लाख प्रस्तर खंडक उपयोग भेलैक, प्रत्येक घनाकार खंड करीब एक मीटर सँ कने बेसी अछि आ ओकर ओजन करीब अढ़ाइ टन छैक।
पिरामिड बनबै मे पीयर चूना पत्थर (lime stone) के व्यवहार भेलैक। बाहरी सतह कें चिक्कन बनबै लेल नीक जकाँ पालिस कएल उज्जर चूनापत्थर लगाओल गेलैक। भीतर मे कमरा सब आ ब्युरियल चैम्बर ग्रेनाइट सँ बनाओल गेलैक। बाहरक उजरा पाथर तऽ प्रायः सबटा लोक छोड़ा छोड़ा कए लऽ गेल अथवा नष्ट भऽ गेलैक। मात्र खाफ्रेक पिरामिड मे उपरका टोपी बचल छैक।
अपना गाम-घर मे यदि कोनो बहुत पैघ पोखरि रहैत छैक तऽ ओकरा लेल जनश्रुति प्रचलित भऽ जाइत छैक जे ई दैत्य अथवा राक्षस द्वारा खुनाओल गेल हेतैक। तखन सोचियौक जे पाँच हजार वर्ष पहिने बनल ई पिरामिड कोन दैत्य बनौने हेतैक ? प्राचीन यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस के अनुसार ग्रेट पिरामिड कें बनेबा मे बीस साल लगलैक आ करीब एक लाख मजदूर काज करैत रहलै। मुदा वर्तमान ईजिप्टोलोजिस्ट सबके अनुमान छनि जे एतेक मजदूर अस्थायी रूपें खाली ओहि समय मे रहैत हेतैक जखन नील नदीक सालाना बाढ़िक समय रहैत छलैक जाहि समय मजदूर सब कें खेतीबारीक काज नहि रहैत छलैक। स्थायी रूपें सब मिला कए बीस हजार के करीब लोक पिरामिडक निर्माण लेल काज करैत छलैक जाहि मे रसोइया, डाक्टर सँ लऽ कए पंडित तक सामिल छलैक।
एहि सब कें अनुमाने बूझल जेबाक चाही। पिरामिड कोना बनलै तकर समुचित इंजीनियरिंग जानकारी एखनहु नहि बूझल भेलैक अछि आ रिसर्च चलिये रहल छैक। पिरामिड परिसरक खुदाइ मे कतेको मजदूरक बस्ती, ओकरा सबहिक कब्र, कतेको हाइरोग्लाइफिक लेख आदि भेटलैक।
आब संक्षेप मे बूझि लिअऽ जे पिरामिडक भीतरे रहैत छलैक राजा अथवा रानीक ममी आ ओकरा संग आर बहुत किछु, जाहि मे छलैक ओकरा द्वारा प्रयुक्त गहना-गुड़िया, अस्त्र, शस्त्र आर अनेको वस्तु। एतेक दिन मे किछु बचल तऽ नहि छैक, सबटा चोरि भऽ गेलैक, जे किछु चोरि नहि भेलैक से ब्रिटिश शासक लोकनि द्वारा ब्रिटेन लऽ जाएल गेल। तथापि ओकर बनाबट, भीतर मे अवस्थित कब्रक विभिन्न कोठरी आदि एखनहु टूरिस्ट कें आकर्षित करिते छैक। सबसँ महत्वपूर्ण छैक भीतर जेबाक अनुभव। नहि गेलहुँ तऽ जरूरे लागत जे टूर मे किछु छूटि गेल।
ड्राइवर चेता देलनि जे एतए बहुत गाइड सब तंग करत तें अपन टिकट अनका नहि देखाएब। ठीके देखल जे जेना जेना पिरामिडक लग पहुँचैत गेलहुँ अनेको गाइड टिकट देखेबाक आग्रह करए लागल, किछु तऽ बलजोरी टिकट छीन लेबा पर उद्यत भऽ गेल। अपना कें बचबैत पिरामिडक किछु सीढ़ी चढ़ि ओहि द्वार लग पहुँचलहुँ जतए सँ भीतर जेबाक रस्ता छलैक। एतए एकटा गार्ड टिकट चेक केलक आ अन्दर जेबाक इशारा कऽ देलक।
भीतर जाएब कठिनाह छैक, यद्यपि पूरा रस्ता इजोत रहैत छैक तथापि रस्ता एकटा संकीर्ण सुरंग जकाँ छैक जाहि मे लोक कें उतरए आ चढ़ए पड़ैत छैक। सुरंगक उँचाइ एतेक कम जे बहुत लिघुरि कए, कतहु कतहु बूझू घुसकि कए, जाएब जरूरी। एतेक जे पीठ पर राखल बैग सेहो उपर के देबाल मे सटि जाइत छलैक आ आगू बढ़ब कठिन भऽ जाइत छलैक। बैग राखब जरूरी मात्र एही कारण जे जलक बोतल अति आवश्यक। अन्दर गर्मी बहुत छैक, मोन औलबालि तऽ हेबे करत, घाम छुटबे करत। जिनका ठेहुनक दर्दक शिकाएति रहए अथवा संकीर्ण जगह मे जेबा मे डरक अनुभूति होनि ओ नहिए जाथि से नीक।
किछु दूरक रस्ता तऽ सामान्य उँचाइ बला छलैक, तकर बाद आबि गेल सुरंग। सीढ़ी बनल, प्रकाशित मुदा उँचाइ बड़ कम। अस्तु, लिघुरैत घुसकैत चढ़ए उतरए लगलहुँ। बेस लम्बा रस्ता। लोक सेहो बहुते कम। कियो कियो भीतर अबैत आ कि बाहर जाइत। अस्तु करीब दस-बारह मिनट के बाद भितरका कक्ष मे प्रवेश केलहुँ आ ठीक सँ ठाढ़ भेलहुँ। एतए कक्ष तऽ सामान्ये मुदा एक कात मे एकटा पैघ हौज जकाँ बनल। इएह जगह छलैक ममी-युक्त ताबूत कें रखबा लेल, एकरा ब्यूरियल चैम्बर कहल जाइत छैक। एतए किछु सेल्फी लेल, एकटा टूरिस्ट कें अनुरोध कएल जे हमर फोटो लऽ लेथि, एवम् प्रकारें फोटो लैत फेर बहार होएब शुरू कएल। करीब आधा घंटा लागल।
पार्किंग तक अबैत अबैत अनेको फेरीबाला सब घेरैत रहल अपन सामान सब बेचबा लेल। सब सामान ओएह चीन सँ आयातित नकली अनुकृति आदि। एतुका लोक भारतीय सिनेमा स्टार सबसँ खूब परिचित छथि। भारतीय मुह-कान सदृश यात्री कें आकर्षित करै लेल ओ लोकनि सलमान खान, अमिताभ बच्चन, करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा आदि हीरो हीरोइनक नाम लैत आ किछु तऽ कोनो गीतक एकाध पाँती सेहो गबैत। हम अपना कें बचबैत गाड़ी तक पहुँचलहुँ।
तकर बाद ड्राइवर संग गाड़ी मे बैसि बाकी दूटा पिरामिड देखैत एकटा उँचगर जगह पर गेलहुँ जतए सँ तीनू पिरामिड एक रेखा मे दृष्टिगोचर होइत छलैक। एहि जगह कें ‘पैनोरैमिक भ्यू’ बला जगह कहल जाइत छैक। एतए सँ किछु भग्न पिरामिड सेहो देखबा मे अबैत छैक। एतहु किछु फोटो लेल।
हमर 500 पौंडक टिकट मे परिसर मे अवस्थित सोलर बोट म्यूजियमक दर्शन सम्मिलित छल। एतहु गेलहुँ। एतए फैरो खुफ्रुक सोलर बोट राखल छैक। पिरामिड परिसर के खुदाइ के समय 1954 इo मे जखन साफ-सफाइ चलि रहल छलैक तखन अकस्मात एकटा पाथरक देबालक भीतर करीब 1200 टुकड़ी मे ई नाओ भेटलैक। एकरा निकालि कए फेर सँ जोड़ल गेल आ एकटा आधुनिक म्यूजियम बनाए ओहि मे प्रदर्शित कएल गेल। बोट म्यूजियम मे मोट पातर विभिन्न साइजक पापीरसक रस्सी आ काठक तखता सब कें कोना कए ओहि डोरी सब सँ जोड़ि कए नाओ बनाओल जाइत छलैक तकर विधि सेहो प्रदर्शित अछि।
बोट म्यूजियम के बाद ड्राइवर हमरा लेने गेलाह प्रसिद्ध स्फिंक्स लग। गीजाक ई स्फिंक्स सेहो अद्भुत छैक। बैसल सिंहक विशाल मूर्ति मुदा मानव मुखाकृति बला चूनापत्थर के एकहि शिलाखंड सँ बनल ई 73 मीटर लम्बा आ 20 मीटर ऊँच स्मारक विश्व मे अद्वितीय अछि। विद्वान लोकनिक कहब छनि जे मुखाकृति फैरो खाफ्रे सँ मिलैत छैक। एहि मे राजकीय सिरस्त्राण सँ युक्त फैरो कें देखाओल गेल अछि। एतहु किछु फोटोग्राफी भेल।
पिरामिड परिसरक भ्रमण एतहि शेष भेल। तकर बाद घुरती रस्ता मे ड्राइवर हमरा लेने गेलाह एकटा पापिरस (papyrus) गैलरी मे। पापीरस अपना इलाकाक मोथी जकाँ पानि मे उपजैबला वनस्पति छिऐक। एकर पौधा डेढ़ मीटर के उँचाइ तक होइत छैक, उपर मुह पर फुलाएल, एकर डाँट गोल नहि, त्रिभुजाकार होइत छैक। एही पापीरस सँ पुरान जमाना मे मिस्र मे लिखबा लेल कागत बनाओल जाइत छलैक।
गेटे पर एकटा नवयुवती पापीरस के गाछ, एकटा ट्रे मे जल मे डुबाओल ओकर किछु ओदारल टुकड़ी आदि रखने पर्यटक कें कागत बनेबाक विधिक प्रदर्शन हेतु। लिखबाक नीक सतह बनेबा लेल बूझू सीकी सदृश पातर पातर किन्तु आठ-दस मिलीमीटर चाकर एक फुट लम्बा टुकड़ी सब कें तानी भरनी के क्रॉस स्टाइल मे बना कए एकटा समतल काठक पटरी पर राखि खूब जोड़ सँ बेलन चलाओल जाइत छैक जाहि सँ ओ पूरा समतल भऽ जाइ।
एहि गैलरी मे एहने कागत पर चित्रकारी कएल अनेक कलाकृति प्रदर्शित छल। ओ महिला एहि कलाकृति कें देखबए लगलीह आ संगहिं मिस्रक प्राचीन इतिहास सेहो बुझबए लगलीह। कलाकृति सब तऽ ओही इतिहासक विविध प्रसंग कें चित्रित करैत छलैक तें ई बुझाएब जरूरी। हमरो लेल ई नीके रहल। एतहि बूझल जे अगिला जीवन मे लोकक नीक बेजाए काजक लेखाजोखा करबा लेल ओकर हृदय कें एकटा काल्पनिक पाँखि, जकरा “फेदर ऑफ जस्टिस” कहल जाइत छलैक, के ओजन सँ तुलना कएल जाइत छलैक। पाँखिक तुलना मे जाहि फैरोक हृदय हल्लुक पाओल गेलनि ओ नीक काज केने छलाह तें हुनका देवत्व भेटैत छलनि। एही चित्र सब सँ बूझल जे फैरो लोकनि अपन नाम चित्र पर अथवा देवाल पर बेलनाकार घरक भीतर लिखैत छलाह, जकरा प्राचीन मिस्रक भाषा मे शेन (shen) कहल जाइत छलैक। एहि बेलनक एक कात मे रेखा खीचल रहैत छलैक जाहि सँ पता चलै जे कोन दिशा मे पढ़बाक चाही। नेपोलियनक सिपाही लोकनि एकर नाम कारतूस देलखिन कारण ओहि बेलनक आकार बन्दूकक गोली भरै बला कारतूस सदृश छलैक आ सएह नाम आब प्रचलित भऽ गेलैक।
गैलरी मे टाँगल चित्र सबके दामो लीखल मुदा आश्चर्य लागल जे सरकारी नाम रहितहुँ दाम मे मोलाइ सम्भव छलैक। एहू वस्तु मे चीन सँ बनल नकल बहुत घुसिया गेल छैक आ कहब कठिन जे कोन मूल अछि आ कोन चीनी नकल। तैयो एकटा कलाकृति मोला कए 200 पौंड मे कीनल। ओहि मे कारतूस बनल छलैक जाहि मे पर्यटक अपन अथवा कोनो आत्मीय के नाम लिखबा सकैत छल। हाइरोग्लिफ्स अक्षर मे हमर नाम Y P VIYOGI लीखि देलनि ओएह नवयुवती।
करीब तीन घंटा समय नीक जकाँ बिताए हम होटल घुरि एलहुँ। साँझ मे फेर थोमस कूक के बस मे पूरा दल गेलहुँ “लाइट एण्ड साउन्ड” शो देखबा लेल। ई जगह स्फिंक्सक ठीक सामने उँच चबूतरा पर बनल छैक। सैकड़ो कुर्सी लागल। कतेको टूरिस्ट ग्रुप संगहि ई प्रोग्राम देखैत अछि। करीब पचास मिनटक अंग्रेजी भाषा बला ई प्रोग्राम साढ़े सात बजे शुरू भेलैक। विभिन्न कालखंडक मिस्रक इतिहास बतबैत ई प्रोग्राम पूरा पिरामिड परिसर कें चित्रित आलोकित करैत रहल। एखन स्फिंक्स बहुते जीवंत भऽ गेल छलैक। एतेक सुन्दर स्फिंक्स दिनक रौद मे कोना देखि सकत लोक?
घुरती बस मे चेन्नै सँ आएल बीस बाइसटा पर्यटक हमरा सबहिक ग्रुप मे जुड़ि गेलाह। ई लोकनि साँझ मे काहिरा उतरल छलाह आ एयरपोर्ट सँ सीधे लाइट एण्ड साउन्ड प्रोग्राम देखबा लेल अबैत गेलाह। आब बस पूरा भरती भऽ गेल। होटल पहुँचि ओकर विस्तृत डाइनिंग हॉल मे कन्टिनेन्टल बुफे भोजन सँ अलग एक ठाम हमरा सब लेल भारतीय भोजनक बुफे व्यवस्था छल। थोमस कुक एकटा भारतीय रसोइया अपना टीम मे राखब शुरू केलक अछि। सूप सँ लऽ कए मिठाइ तक, नीक व्यंजन सब। लोक किछुओ खा सकैत छल — कन्टिनेन्टल आ कि भारतीय। लोक अपना अपना रुचिएँ डिनर लेलक आ रात्रि विश्राम लेल जाइत गेल। एहि प्रकारें हमर मिस्र यात्राक पहिल दिन शेष भेल।
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Suggested citation: योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’. “पिरामिडक देश मे.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 330, 2021-09-15. https://www.videha.co.in/research/2021/330/पिरामिडक-देश-मे.htm

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