विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

अजगुत अफ्रीका (अफ्रीका डायरी)

केशव भारद्वाज · 2022-08-15 · अंक 352

अजगुत अफ्रीका (अफ्रीका डायरी)
अफ्रीका मे बोने बोन बऊआईत किछु अजगुत गप्प सब सोझा आयल। साऊथ अफ्रीका आ ईस्ट अफ्रीका दुनुके अपन अपन ढंग छई। अहुं सब के जाईन कअ अचरज होयत।
इक्वेटर करीब ग्यारह टा देश सं गुजरई छई। युगांडा, कांगो, केन्या, इंडोनेशिया आ ब्राजील अही ११ मे सअ छई। इक्वेटर के लग रहअ बाला लोक सबहक बारे मे किछु रोचक जानकारी भेटल। ई लोग सब आराम पसंद आ आलसी स्वभाव के होईत अईछ। बेशी संग्रह क प्रवृत्ति अकरा सब मे नई होई छई। कलुका चिंता बेगरता ई सब नई करईत अईछ। वर्तमान मे जीबईत अईछ। परिवार के प्रति कोनो खास प्रतिबद्धता नई रहई छई। लिव-इन मे सालों साल रहत। धीया-पुता सेहो भ जाई छई। कयेक बेर एहनो भअ जाई छई, जखईन बच्चा कालेज मे पढ़अ जोगर भअ जाई छई, तखईन बियाह करईत अईछ। कारण आगु बतायब।
पेट भरअ जोगर जंगल झार सं भेंट जाई छई, तैं उद्यम नई करबाक चाहईत अईछ।जंगल मे अनेरो के केरा सब फरल रहईत छई। ओई तरकरिया केरा के "मटोके" नामसं खाद्य पदार्थ बनबईत अईछ। ओहिना खम्हाऊर जेकां माईटक तर सं "कसावा " भेटई छई, ओकरा ओ सब खाईत अईछ।कसावा के स्वाद खम्हाऊर सं मिलईत जुलईत छई। अकर अलावा माईटक टीला सब मे कीड़ा मकोड़ा सब के ढ़ेर रहई छई। ओहो सब खा लईत अईछ। आम, लताम सब सेहो जंगल मे भरल छई। ओहिना कतेक तरहक जंगली गाछ सब छई- जेकर फर ई सब खुब चाव सं खाईत अईछ।आब भोजन के जोगार प्रकृति क देने छथिन तखईन देह कोना घुसकैत। अपन अहीना जीवन जीब लईत अईछ।
बहुत मैथिल क फलसफा त ईयाह रहईत अईछ-
सांई इतना दीजिए, जामे कुटुंब समाय।
मैं भी भुखा न रहुं, साधु ना भुखा जाय।
कतेक मैथिल लोक त बिन देह डलोने जीवन जीब लईत छईथ- जेना तेना। बिना कोनो इक्वेटर के संपर्क मे रहने, ओहने जीवन जीबईत लोक स्मृति मे आईब जाईत छईथ।
एतअ कखनो युवा मजदूर कही देत जे आई हम थाकल छी। आई काज नई करब। आगु आहां के काज देबाक हुआय त दियअ आ नई त नई दियअ। काज की त मोटरगाड़ी साफ केनाई। हल्लुक फल्लुक काजो मे कखनो ओ थाईक जाईत। बेपरवाह जेकां लोक भेटत।
हम किछु दिन पूर्व कंपाला के एकटा प्रसिद्ध शिक्षाविद जे की सफल व्यवसाई सेहो छईथ- सं सुनलऊं- � आई सं ७० साल पहिने जखईन ओ छोट छलाह त ओ अपन गाम सं राईत मे कम्पाला के कमोचा/कोलोलो महल्ला मे संगी सबहक संग अबई छलाह।�
अयबाक कारण जाईन कअ हम अचंभित भअ गेलऊं।कमोचा/कोलोलो मे भारतीय सबहक घर छलईन। उनकर सबहक घर मे बिजली जड़ई छलईन। राईत मे बिजली के ईजोत मे फतिंगा सब उड़ई छलई। ओई फतिंगा सबके ओ जमा करई छलाह। आ फेर सब संगी मिल कअ खाई छलाह। ई बहुत स्वादिष्ट आ पौष्टिक होई छई। आब त बिजली सऊंसे पसईर गेलई, तैं आब चहुंओर भेटई छई। अपनो सब कतअ जग परोजन मे पेट्रोमेक्स आ जेनरेटर के लाईट पर अहिना फतिंगा सब उड़ईत रहई छलई। ओकर प्रकोप कम करबाक लेल थोड़ेक हरियर झाईढ़ ओतई टाईंग देल जाई छलई। जई पर फतिंगा सब जमा भअ जाई। अतअ ओहिना फतिंगा के फंसावल जाई छई।युगांडा क एहन लोक सब के मिथिला मे गाम दिश आनल जाईन, तऽ रोज इनका सबहक लेल भोजे- भोज। घरबईया के सेहो ई कीड़ा- फतिंगा सब स मूक्ति। दुनु के फायदा।राईत मे जड़ल पेट्रोमेक्स आ बल्ब ट्युब सब ई फतिंगा के आकर्षित करईत छई।
अपनो देश मे पूर्वोत्तर मे विशेष कअ नागालैंड मे ओतुका जनजाति सब कुक्कुरक मास खाईत अईछ। नागालैंड के पुलिस बल जखईन कखनो दिल्ली आ उत्तरी राज्य सब मे अबईत अईछ त ओ सब कुक्कुर के तलाश मे सीधा रेलवे स्टेशन जाईत अईछ। ओकरा सबहक अनुसारे रेलवे स्टेशन कुक्कुरक अड्डा छई। ओतअ ओ सब नुका कअ कुकुरक शिकार करईत अईछ। जही शहर मे नागालैंड के बटालियन के तैनाती भअ गेलई, ओतअ लोग अनेरूआ कुकुर सं त्राण ल लईत अईछ।ओई शहर मे कुकुर नई भेटईत।
जेना भारत मे चिनिया बदाम, भुजा, पापर सब ट्रेन, मेला, बजार, चौक चौराहा सब जगह बिकाईत रही छई, ओहिना कम्पाला मे फतिंगा के पंख तोईर कअ ओकर भुजा सदरो बिकाईत भेटत। लोको सब खुब चाव सं कीनत आ खाईत देखायत। भारतीय सब सेहो खाईत भेटताह। हम जखईन पुछलियईन त उनकर ज़बाब सुनु-
" आहां ई बिसईर जाऊ कि, की खाई छी? खुब नीक लागत खेबा मे।बहुत चहटगर होई छई।"
हमरा मोन मे आयल जे बिशेष कअ बरसात क समय मे ई कीड़ा-फतिंगा सब जग मे बड्ड व्यवधान करई छई। अहिना एकटा अफ्रीकी के लाईटक लग बईसा देबअ के चाही। ओकरा भोज की, महाभोज भअ जेतई। नोतहारी सब के सेहो भोजन मे सुविधा।
पुर्वी अफ्रीका मे लोक कतेक निफिक्र रहईत अईछ तकर एकटा खिस्सा सुनु। नीक त नीक लोक, चोरो चुहार बेशी दिमाग खर्च नई करईत अईछ।
कम्पाला मे एकटा जज के सामने चोर के पुलिस पेश केलकई। पुलिस क अनुसार ई चोर, चोरी के सामान संग पकरायल अईछ। जज साहब देखईत छईथ जे चोरबा त उनके सुट पहिरने अईछ। ओ अपन सुट आ चोर, दुनु के चिन्ह गेल छलाह।
ई चोरबा छह महीना सं जेहल मे बंद छल। अकरा पर अभियोग छलई जे ई एकटा सुटकेश चोरी केने छल। जिनकर सुटकेश चोरी भेल छलईन, ओ अई शहरक नामचीन लोक छलाह। जज साहब के पुरा केशक ट्रायल मे बुझेलईन जे नाहक मे अतुका पुलिस अकरा बंद कअ देने छई। पैघ लोक के मामला छलई, केश सुलझबई लेल, अकरा जेहल कअ देलकई।
जिनकर सामान चोरी भेल छलईन, ओ कतबो नोटिस देला पर गवाही देबअ नई अयलाह। चाईर दिन पहिने जज साहब अई चोरबा के बरी कअ देलखिन आ पुलिस क खिलाफ निर्दोष के बंद करबाक बारे मे अपन फैसला मे लिखलकिन।चोरबा ईनकर जय-जयकार करईत चईल गेल छलईन।
जखन चोरबा जेहल सं छुटल त ओ जेहल के अधिकारी कतअ चोरी केलक। ओतई बगले मे जज साहब के सेहो घर छलईन। खुब बरखा भअ रहल छलई। मौसम बढ़िया देख कअ जज साहब लांग ड्राइव पर चईल गेल‌‌‌ छलाह। चोरबा मौका देख कअ ईनकर घर मे घुसल। दु टा ईनकर सुट आ पाईनक बोतल के लअ कअ परा रहल। पाईनक बोतल के ओ उजरा तेल बुईझ कअ धोखा मे लअ गेल छल।
जखईन जज साहब लांग ड्राइव सं घुरलाह त उनका बुझा गेलईन जे चोरी भअ गेल छईन। कोनो तेहन महंग वस्तु नई छलईन, तैं पुलिस मे रिपोर्ट दर्ज नई करेलाह।
ओ चोरबा समान सब लअ कअ थोरबे दुर पर एकटा घन झाड़ी मे परल छल। एक राहगीर के अकरा पर किछु शक बुझेलई। ओ पुलिस के खबर केलक। पुलिस जखईन पुछताछ केलकई त ओ जेहल अधिकारी के घर मे चोरी के बात कहलकई। जज साहब के सुट ओकरा फिट भेलई, ओही लेल पहिर लेने छल। ओ थाईक गेल छलाय तैं बेशी दुर मे नुकाय नई गेल।
जज साहब के जखईन सब वृतांतक पता लगलईन त ओ तखने कोर्ट के एडजार्न कअ देलखिन। ओ ततेक ने मानसिक तनाव मे आईब गेलाह जे सात दिन क छुट्टी पर चईल गेलाह। उनकर अपन सब बुद्धियारी घुसईर गेल छलईन।
ईयाह इक्वेटर क लग रहअ बाला लोक क खिस्सा छई। चोरबा सेहो बेशी नई सोचईत अईछ आ भलाई करअ बाला जज के सेहो नई छोड़ईत अईछ। जे आसानी सं भेंट जाई छई -अपन ल लईत अईछ।

अफ्रीका के युरोप, दक्षिण अफ्रीका अईछ। अतुका सब बात बेबसथा बड़का स्तर के अईछ। बेशी सर सम्पईत पर अंग्रेज माने गोरका चमरी बाला सब कब्जा जमौने अईछ। जहीना चम्पारण मे नीलहा अंग्रेज सबहक कोठी होईत छलई, अनमन तेहने डिजाइन के बनल कोठी दक्षिण अफ्रीका मे देखबई। भारत मे आब अंग्रेज सबहक कोठी सब ढहल ढिमलायल भेटत, मूदा अतुका सब आरो नीक स्थित मे। 1994 मे रंगभेद खत्म भेला के बाद आब ई सब अपना के बदलअ के प्रयास केलक अईछ। नई त 1994 सं पहिने कयेक टा शहर सब मे उजरे चमरी बाला रही सकई छल। दिन मे त अनुमति लअ कअ आनो चमरी वाला आईबो सकईत छल, लेकिन राईत मे उजरे चमरी देखाय के चाही।
प्रिटोरिया सं भारतीय सब के उजाईर कअ " लोडियम आ जोहानिसबर्ग सं "लेनेशिया" मे बसायल गेल छलई। जेना अपनो देश मे पहिने अछोप बस्ती होई तहिना अतुका हाल छलई। प्रिटोरिया, जोहानिसबर्ग, केप टाउन, पोर्ट एलिजाबेथ, फ्री स्टेट, ब्लुम फाउंटेन आदि कयेक टा शहर छलई, जई मे खाली गोरा सब रही सकईत अईछ। ओहिना कम्पाला, युगांडा मे सेहो "कलोलो" सन किछु एरिया रहई, जकरा भारतीय सब अपना लेल रिजर्व रखने छल। ओई मे अतुका अश्वेत मूल लोक सबहक आबाजाही पर अपरोक्ष रूप मे रोक छलई। दक्षिण अफ्रीका मे अंग्रेज सब जे बर्ताव भारतीय संग करईत छल, ऊयाह बर्ताव भारतीय सब युगांडाक मूल लोक सब सं करईत छल। ई हाल अफ्रीके टा मे नई, अपनो देश मे बड़का छोटका मे विभाजन छल। जाईतक आधार पर टोल सब बांटल छल।अई सब कुरीति सबहक पाछु अशिक्षा आ गरीबी ईयाह दु टा मुख्य कारक छल।जेना महात्मा गांधी के संदर्भ मे सबके बुझल अईछ जे दक्षिण अफ्रीका मे उनका अंग्रेजबा सब ट्रेन सं धक्का द क उतारबा सं ल कअ, कयेक बेर कुटाई केने छईन। अगर हम सब अपन अंदर झांकु त ई की भारत मे हमर आहां के समाज मे नई छल। हमरा अतुका समाज मे अई बिंदु पर कोनो अंतर नई लागल।ई साधन संपन्न समाजक, सुविधा विहीन समाजक प्रति भेदभाव स भरल अनुचित व्यवहार अईछ।
आब हम ओई बातक चर्चा कअ रहल छी जे पुर्वी अफ्रीका सं ईतर दक्षिण अफ्रीका मे अनुभव भेल। दक्षिण अफ्रीका मे समय के लोक बड्ड पाबंद होईत अईछ। बिना समय देने कियो भेंट नई करत। ज्यों एक बेर आहां समय पर नई गेलियई, त आहां के दोबारा भेंट भेनाई दुरूह बुझु। प्रिटोरिया मे हमर मकान मलकिनी एकटा संभ्रांत श्वेत महिला छलीह। ओ पेशा सं वकील छलीह आ 1500किलोमीटर दुर शहर केपटाउन मे रहईत छलीह। पैंतालीस बरख के करीब बयस रहईन आ टटके टटकी छह महीना पहिने पहिले बियाह केने छलीह। अपनानुसार पुरुख नई भेटल छलईन, तैं बियाह नई केने छलीह। ओ सब धरफरी मे कोनो काज नई करई छईथ। हम सब नब किरायेदार छलऊं त भेंट करबाक लेल अयलीह। पहिने सं रईब दिन कअ 11बजे के समय हमरा सं लेलीह। केपटाउन सं हवाई जहाज सं जोहानिसबर्ग अयलीह। ओतअ किराया पर कार बिना ड्राईवर के भेंट जाई छई। बेशी लोक के मोटर चलबअ अबई छई। पौने ग्यारह बजे एकटा मोटर हमर घरक नीचा मे रूकल। हम सब मोटर देखते पाहुन के इंतजार करअ लगलऊं। केबारी खोईल कअ ठार रही। पन्द्रह मिनट के बाद कालबेल बाजल। ओ महिला अयलीह। हम अपन 15मिनटक बेचैनी उनका कहलियईन। उनकर ज़बाब सुनु-"हम आहा़ं के ग्यारह के समय देने रही। रस्ता मे ट्रैफिक कम छल। हम जल्दी ठीके पहुंच गेल रही। लेकिन समय त समय होईत छई। हम पहिने कोना अबितऊं।हम मोटर मे बईस कअ नियत समय के इंतजार करईत छलऊं। आहां के ज्यों कोनो व्यस्तता होईताय।" ईनका की बुझल जे हम एक राईत पहिने सं उनकर इंतजार कअ रहल छलऊ। गप्पक क्रम मे पता चलल जे हिनकर पिता सेहो स्काऊट-गाईड संस्था के पैघ अधिकारी छलाह आ भारत गेल छलाह। अतुका बारे मे ओकरा किछु अचंभित करअ बाला बात बतेने रहथिन। अतअ ज्यों घर के किरायेदार ठीक सं साफ सफाई नई रखने अईछ- त मकान मालिक, किरायेदार पर फाईन लगा सकईत अईछ। ओना ओहन स्थित नई आयल।
दक्षिण अफ्रीका मे पब्लिक ट्रांसपोर्ट शहर सबहक भीतर नहिये जकां छई। मेटाडोर जेकां गाड़ी किछु किछु रूट मे चलई छई।ओई मे कंडक्टर नई होईत छई। जे सवारी दरवज्जा के कात बला सीट पर बईसत, उयाह सवारी के चढ़ला उतरला काल गेट खोलत आ किराया बसुली करत। अगर अई सवारी कंडक्टर के बीच मे उतरबा के छई त ओ अपन ई जिम्मेदारी दोसर सवारी के द देत। अहीना विश्वास मे व्यवस्था चलई छई। हमरा ई देख कअ आईजोल, मिजोरम याद आईब गेल‌‌‌। नब्बे के दशक मे ओतऊ स्वराज माजदा शहर के अंदर चलई। ओहु मे टिकट नई होई। आहां अपन गंतव्य अयला पर उतईर जाऊ आ कही दियऊ जे हम फलां जगह चढ़लऊं अईछ। ओई अनुसार किराया ओ ल लेत। किछु गैर मिजो सब कम किराया लेल झुठ बजनाई शुरू कअ देने छलाह। पता नई आब आईजोल मे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के की व्यबस्था छई?
अफ्रीका आ पूर्वोत्तर भारतक बीच मे बहुत रास समानता हमरा लागल। ताहि लेल किछु बरख सं बहुत बेशी संख्या मे अफ्रीकी आ पूर्वोत्तर भारत के लोग के बीच विवाह वा लिव-इन के समाचार आईब रहल छई। सबसं कमाल अई वैवाहिक संबंध स भेल बच्चा सब देखबा मे लगई छई।
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अफ्रीका मे हैव आ हैवनोट के बीच मे खाई बहुत छई।मध्यम वर्ग नहिये बराबर छई। ओही लअ कअ किछु लोक जिनका खोबाक कोनो डर नई, ओ बिन सोचने किछुओ कअ लई छईथ। अपराध बढ़ल रहबाक ई मूल कारण अईछ। पेटक आईग बुझेबाक लेल ओ कोनो कदम उठा लईत अईछ। उचित-अनुचित के परिभाषा ओकरा लेल गौण भअ जाई छई। अपन सब बला घर परिवार के कंसेप्ट अतऽ कमजोर छई, तैं बेशी सोच विचार के जरूरत कम पड़ई छई। मध्यम वर्ग समाजक मर्यादा के बांईध कअ रखई छई। भारत मे "लोक की कहत" अहु डरे बहुत अनुचित काज लोक नई करईत अईछ। अतअ लोकक डरे नई, तैं डिस्परेट अपराधी बेशी देखबा मे अबईत छई। भारत मे लुटेरा आ हत्यारा दु तरहक अपराधीक वर्ग छई मूदा अतअ छोट छीना-झपटी मे अपराधी हत्या करबाक सं गुरेज नई करत।ई सब परिवार आ समाज के कमजोर रहबाक कारण भअ रहल छई। भारत मे सेहो किछु अल्पसंख्यक वर्ग मे जतअ घर- परिवार जेहन कोनो बात नई छई, ओतुका लोक बेशी अपराध मे लिप्त भेटत। कोनो भाषाक अखबार उठा क पईढ़ लियअ, बेशी अपराधी के नाम एक समुदाय मे सं भेटत। कोनो भी देश मे अपराध बढ़ल रहबाक पाछु सामाजिक कारण रहई छई, अफ्रीका मे सेहो सामाजिक व्यवस्था ही मूख्य कारण अईछ।
दक्षिण अफ्रीका मे ज्यों रस्ता पेरा ककरो सं किछु पुईछ लियअ त बुईझ लिय अपराध क लेल नोत पठा देलियई।एहन पब्लिक परसेप्शन छई जे बहुत हद तक सही छई। ओहिना इन्टरनेट सं जुड़ल ATM के ट्रांजेक्शन मे ककरो मदद लेलियई तअ जबरदस्त फ्राड के आशंका रहत। अतऊ एक समुदाय क लोक अई गोरखधंधा मे सिद्धहस्त अईछ।आब त ओ सब अपन कार्यक्षेत्र भारत मे सेहो बढ़ा लेने अईछ।
दक्षिण अफ्रीका मे पैदल लोक सड़क पर चलत नई भेटत। ट्रेफिक अनुशासन जबरदस्त छई। दोकान सब माॅल मे ही भेटत। एकटा पावरोटी लेबय लेल आहां के माॅल जाय पड़त।ओना दोकान सबहक आगु मे गाड़ी पार्क करबाक लेल नियत जगह बनावल रहत। पार्किंग त मुफ्त अईछ लेकिन गाड़ी पार्क करबाक मे मदद लेल स्थानीय लोक ठार रहत। जेकरा आहां ईनाम मे किछु रकम द दियऊ। एक बेर नई देबई त दोसर बेर गाड़ी साबुत नई भेटत।
अतुका पेट्रोल पंप पर गाड़ी के भोजनक बेबसथाक संग मनुक्खक भोजन के सेहो ठीहा सब रहई छई।आहां देह सोज कअ ली ओकर पुरा सृष्टजाम रहई छई।
दक्षिण अफ्रीका मे सुदुर गाम सब मे गुजरात क लोक सब किराना के दोकान चलबईत अईछ आ मनमाना दाम लईत अईछ। ईमहर चीनी लोक सब सेहो किराना दोकान गाम सब मे खोलअ लागल अईछ। भारतीय, पाकिस्तानी आ बंगलादेशी सबहक मूंहकान एक्के रंग के रहई छई- लेकिन कहाई सब इंडियने छई। चीनी सब सेहो अई समाज मे घुईल मिल गेल अईछ। सबसं अजगुत लागत जखईन लुंगी मे चीनी दोकान पर बईसल देखायत। भारतीय सबहक रहबाक स्तर आर देशक लोक सबसं कनीक नीक छई।
दक्षिण अफ्रीका मे कतऊ जाय सं पहिने होटल बुकिंग एकदम्मे जरूरी छई। होटल बुकिंग तखने मानल जाईत छई, जखईन आहां लग पैसा ट्रांसफर क रसीद हुअय।एतअ भारत जकां गुडविल पर काज नई होई छई। ओही लेल होटल बुक भेला के बाद लोक घर सं विदा होईत अईछ। ई नई जे पटना पहुंचला के बाद होटल ताईक लेब- से अतअ नई चलत। उत्तराखंड, हिमाचल जेकां अतअ घरों मे टुरिस्ट के पाई लअ कअ ठहरावल जाई छई, लेकिन ई जतरा के अंतिम समय मे नई। कहबाक जे पुरा प्लानिंग क कअ लोक अतअ घर सं निकलईत अईछ।
"गार्डेन रूट" विश्वस्तरीय छई। समुद्र क काते काते रंग-बिरंगक फुलक बीच मे रस्ता छई। केपटाउन आ पोर्ट एलिजाबेथ के बीच मे पड़ई छई। रस्ता मे "नाईसना " मे बहुत रास स्पोर्ट्स, एडबेंचर आ फन सेंटर सब छई।पिज्जा बर्गर ज्यों खाय मे नीक लगईत अईछ त कोनो कष्ट नई, सर्व सुलभ अईछ। बहुत कम लोकक बस्ती सब छई। जेना श्रीनगर सं बालटाल जयबाक मे उदान जगह सब देखात ओहो सं बेशी अई रस्ता सब मे।
एक्को टा अंग्रेजबा सब अतेक संपईत रहबाक बावजुदो भारत मे नई रहल आ दक्षिण अफ्रीका मे सब रही गेल। अकर पाछु अतुका जलवायु आ सस्ता श्रमशक्ति कारण अईछ। दुनिया के बहुत देशक लोग ओतअ स्थायी तौर पर रहईत अईछ। अपराध बढ़ल रहबाक बावजुदो ओ सब खुब शांति आ सुख मे अईछ।
ओतअ अपराध भेला पर पुलिस सं पहिने निजी सुरक्षा एजेंसी मे लोक खबर करईत अईछ।सुरक्षा एजेंसी के धंधा खुब फलल फुलल छई। अकरा आहां एना बुझु जेना निजी सेना। जेहन अर्थ खर्च करब ओहन सुरक्षा घेरा आहां के रहत।
पुलिस के चर्चा भेल त एकटा घटना मोन पईर गेल। दक्षिण अफ्रीका सं सटल " लेसोथो" छोटछीन देश छई। भारतीय सबहक नीक संख्या एतअ रही रहल अईछ। एकगोटे कतअ किछु स्थानीय अपराधी लुटपाट खातिर आईब गेलईन। ओ ओतुका थाना मे फोन केलखिन।थाना प्रभारी कहलकईन जे हमरा लग "वाहन" नई अईछ।आहां वाहन लअ क आऊ तं हम आईब जायब। ई मोन मे सोचलाह जे लुटेरा ताबईत रूकल रहत जे हम घर सं जायब आ पुलिस के बजा कअ आनब। हमरा लुटेरा सब माईर नई देत। तखईन ओ अपन एकटा भारतीय दबंग परिचित के फोन कयलाह। उनका लग बंदुक छलईन। ओ दुर सं फायर करईत अयलाह। अपराधी सब के बुझेलई जे पुलिस फायर कअ रहल अईछ। तखईन ओ सब भागल।
दक्षिण अफ्रीका मे पुलिस के पुरा साजो सामान छई। अपन हेलिकॉप्टर तक छई। जरूरत पड़लाह पर हेलिकॉप्टर सं पीछा क क अपराधी के पकड़ईत अईछ। इनकाउंटर करअ मे सेहो अतुका पुलिस पुरा आगु अईछ। भारत जेकां इनकाउंटर भेला पर दुनिया भईर के जांच कमीशन अतअ नई बनई छई।
सबसं नीक बात जे हम अनुभव केलऊं ओ छल सामाजिक जिम्मेदारी के भाव। एक दिन हम 21/22बरखक श्वेत युवक के देखलियई जे ओ अपन मोटर मे नब टी-शर्ट सब रखने छल आ जतअ रस्ता मे कियो कम कपड़ा वा फाटल पुरान कपड़ा मे देखाई, ओकरा खुब आदर सं कपड़ा पहिरबई। हम ओकरा पुछलियई त ओ कहलक जे हमरा भगवान बहुत किछु देने छईथ। हमर फर्ज बनईत अईछ जे जरूरतमंद के किछु दी। हम कहियो काल अनायास शहर के कोनो सड़क पर निकईल जाई छी आ जेकरा जरूरी बुझाईत अईछ ओकरा द दई छियई। हमर सामने ओ एक टा 14/15बरखक बच्चा के नब टी-शर्ट पहिरलकई। हम ओ पहिरनिहार बच्चा आ ई देनिहार युवक दुनु के चेहरा पर जे खुशी आ संतुष्टि के भाव देखलियई, से कहअ सुनअ सं बाहर छल। ओ युवक कहलक जे "देबाक जे आनंद" होई छई से परमानंद थीक। अपन भारत मे लोक या तअ पुरान कपड़ा दान करत या दान मे अपन लोक के चुनत या ककरो देत त दस के कहत। दान के महिमा मंडन करत।
दक्षिण अफ्रीका के मूल निवासी ओतेक कर्मठ नई भेटत। अतअ "जिम्बाब्वे" के लोक सब बहुतायत मे लिखा पढ़ी बाला काज करईत भेटत। जिम्बाब्वे के तेज दिमाग बाला लोक के देखला पर हमरा अपन समाज के देबानजी सब याद आईब गेलाह।अतअ 6/7 टा देश के बीच वीसा के जरूरत नई परई छई। ओहिना जेना भारतीय के नेपाल जयबाक काल।
अतुका लोक सब के अपन छोटका हेलिकॉप्टर सेहो खुब छई, जकर दाम सेहो बहुत नई होई छई। करीब 20 लाख दाम होईत छई।हमरा पुछला पर छोटकी हवाई जहाज के मालिक कहलक जे एकरा उड़ेनाई हमर शौक अई। शौक पुरा केला सं हमर स्ट्रेस खत्म होईत अईछ। जईसं हम बाकी दिन नीक क्षमता सं काज करई छी।ओ हमरा शौक रखबाक बारे मे भाषण सुनबअ लागल। हम ओकरा नई किछु कहलियई।अपन देश मे संजय गांधी के शौक छलईन छोटकी हवाई जहाज उड़ेबाक आ ओही सं 1980 मे मरबो केलाह।
हमर एकटा सहकर्मी के बेटा ओतुके एकटा अंग्रेजन सं विवाह केलक। उनका सं पता लागल जे ओ अंग्रेजिन लड़की के माय बाघक बच्चा सब के पोसईत अईछ आ बेचईत अईछ। 80 के करीब ओकर घर मे बाघ बाघिन आ नेना भुटका बाघ छई। कयेक एकड़ मे फैलल ओकर घर परिसर छई। फ्रीस्टेट शहर मे रहईत छलीह ओ अंग्रेजिन। तलाकशुदा अईछ।जे बाघ पोसत ओकरा लग बर कतअ सं रही पेतई। हमरो एकबेर नोत परल छल ओकरा कतअ जायक लेल, लेकिन नई जा सकलऊं।5लाख रूपया के करीब एकटा बाघक बच्चा के दाम होई छई। सबसं बेशी गाहक खाड़ी देशक लोक अईछ। जिज्ञासा भेल जे ई 80 प्राणी के भोजन भात केना होई छई। अई पर पता चलल जे ओई क्षेत्र मे बहुत लोक भिन्न भिन्न जानवर पोसने छईथ। बाघ बाली अंग्रेजन के मोबाइल नंबर सब के देल छई। जानवर के मरला पर अतअ खबर भअ जाई छई। आ ई मोटर पठा कअ मंगा लईत अईछ। अकर अलावा बकरी सब सेहो रखने अईछ जे बाघक भोजन होई छई।
हमरा त ईयाह बुझल छल जे बाघ भुखले रही जायत मूदा दोसर के शिकार कैल नई खायत। अतअ सब उल्टा पुल्टा, बाघ मरलो जानवर खाईत अईछ।बाघक बच्चा सब एकटा नियत समय तक ओकर घरक भीतर रहई छई जेना कुक्कुर आ बिलाईर सब। ओकर बाद उमर बढ़ला के संग संग ओकर केज बनल छई। ओई मे राखल जाईत छई। हम तो ओई सहकर्मी के चेता देलियईन जे समधिन सं बईच कअ रहब। ओ बाघ के बच्चा बना कअ रखने अईछ। आहां के की बना देत से सोईच लियह।
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जहिना युगांडा मे लोक बहुत ही सुस्त स्वभाव के भेटत ओहिना साऊथ अफ्रीका मे तेज तर्रार आ समयक पाबंद भेटत। दुनु जगह भारतीय के स्थिति अलग अलग छई। एक जगह भारतीय रंगभेद के शिकार रहल अईछ तअ दोसर जगह अकरा पर रंगभेद करबाक आरोप लागल छई।
साऊथ अफ्रीका मे भारतीय मूल के लोग गिरमिटिया मजदूर सं जनई छई- ओना सच्चाई ई नई छई।ओतुका भारतीय मूलक लोकक अनुसार सबसं पहिने 1771 मे एकटा साऊथ इंडियन धनिक व्यवसाई के सजा मे डच सबहक द्वारा केप टाउन भेजल गेल छलई।ओ अतई बईस गेल। गिरमिटिया मजदूर सब तअ 1860सं एतअ एनाई शुरू केलक।
श्री एफ डी क्लार्क जे रंगभेद क समय साऊथ अफ्रीका के राष्ट्रपति रहल छथि आ उनकर स्थित कमोबेश भारतक माउंटबेटन बला छलईन। ओ अपन आत्ममकथा मे " पुर्वज के रुप मे वीर बंगाली बाला " के चर्चा केने छथि। अई सं सेहो अई बात पर जोड़ परईत अईछ जे भारतीय सब पहिने सं साऊथ अफ्रीका के श्वेत परिवार मे उपस्थित छथि।
अकर अलावा बहुत रास गुजरात क व्यवसाई सब सेहो आयल अईछ।अही व्यवसाई सब मे श्री प्रवीण गोर्डन (असली मे गोबर्धन) आ अनवर सुर्ती छईथ। ई दुनु गोटे संप्रति साऊथ अफ्रीका मे मंत्री छईथ। श्री प्रवीण गोर्डन के त भारत सरकार पद्म भूषण स सेहो सम्मानित केलकईन।
गिरमिटिया मजदूर सब मे सं सेहो कयेक गोटे राजनीति मे नीक हस्ती बना लेला अईछ। हमरा ओतुका स्वतंत्रता सेनानी "नानासीता" के वृद्ध बेटी सं भेंट करबाक मौका लागल।ओ कहली जे उनकर पिताजी सब भारतीय के कहथिन �� आहां सब भारतक प्रतिनिधि अतअ छी। एहन कोनो काज नई करू जईसं भारत के बदनामी हुअय। "नाना सीता" के नाम पर प्रिटोरिया के प्रमुख सड़क क नामकरण भेल अईछ। ई सब देख कअ गर्व होई छई। एक टा भारतक वरीय अधिकारी नाना सीता सं किछु ईच्छा पुछलकिन त ओ बजलीह �� महात्मा गांधी हमर आदर्श छथि। आहां उनकर आत्मकथा अतुका भारतीय बाहुल्य स्कुल सब मे उपलब्ध करा दियऊ जई सं भारतीय नेना भुटका सब उनका बारे मे पईढ़ सकय आ किछु बुईझ सकय।�
हम अई वार्ताक साक्षी रही। हमर सम्मान ओतुका भारतीय सब के प्रति आर बईढ़ गेल।
साऊथ अफ्रीका के रंगभेद नीति के जतेक निंदा कयल जाय से कम छई, मूदा ओ देशक विकास क लेल दूरगामी नीति सब अपनेलक। हमरा सबसं बेशी आकर्षित कयलक ओकर देश के सब शहरक विकासक द्ष्टा। प्रिटोरिया मे राष्ट्रपति क कार्यालय छई, जेकरा " युनियन बिल्डिंग" कहल जाई छई। अकर नक्शा बहुत किछु भारतक राष्ट्रपति भवन सं मिलई छई। पुछला पर पता चलल जे अतुका युनियन बिल्डिंग आ भारतक राष्ट्रपति भवन क निर्माण मे एक गोटे के योगदान छईन। ओ महानुभाव छईथ " हर्बट बेकर"। अकर परिसर मे नेल्सन मंडेला के बड़की टा मूर्ति लागल छईन। मंडेला के मूर्ति सं आशीर्वाद लई लेल नब बिबाह भेल दम्पत्ति सब रईब दिन अबई छईथ। ओना दु तीन टा बियाह अतअ मंडेला स्टेच्यू लग सब रईब क आब होईत रहई छई। हमरा जेकां पर्यटक सब मंगनी मे बियाह देखअ के मजा लईत छईथ आ नीक संस्मरण ल कअ जाई छथि।
ओतुका संसद "केपटाउन" आ सर्वोच्च न्यायालय "ब्लुमफाऊंटेन " शहर मे छई। अई कारण देश मे सब कात विकास भेलई। भारतक दिल्ली जकां एक्के शहर पर जनसंख्या क सब बोझ ई संस्था सब के रहबाक कारण नई भेलई।अगर भारत मे अहिना एक शहर मे राष्ट्रपति आ प्रधानमंत्री, दोसर शहर मे सर्वोच्च न्यायालय, तेसर शहर मे संसद आ चारिम शहर मे व्यवसायिक प्रतिष्ठान भअ जाई त ओ देश के एकसुत्र मे बंधबाक संग चहुंओर विकास क भावना के निश्चित बल देतई।
ओहिना ओतुका सब कैबिनेट के मंत्री सब के रहबाक लेल राष्ट्रपति भवनक सटले एकटा परिसर बनल छई। सब मंत्री ओही मे रहईत छईथ। सुरक्षा आ सुचिता दुनु दृष्टिकोण सं हमरा नीक कदम लागल।
भारतीय सब ओतअ बड्ड उद्यमी छईथ। बहुत विकास कअ रहल छथि। भारत के नागरिक नहियो रहला पर भारतीय राजनीति पर नजर गड़ौने रहईत छथि। HSS(हिंदू स्वयंसेवक संघ) ओतअ काफी प्रभावी अईछ।
हमरा पीटरमैरिजबर्ग यात्रा के दौरान एकटा दक्षिण भारतीय भेटलाह। ओ शिवानंद स्वामी, हरिद्वार सं जुड़ल छथि।ओ कहलाह जे उनकर प्रपितामह मजदूर रूप मे एतअ आयल छलाह। अपना संग ओ किछु मिरचाई के बिया अनने छलाह। पहिने अपन घर के चारु कात मिरचाई लगेलाह, ओकर बाद अपन अंग्रेज मालिक सं किछु जमीन लीज पर ल
कअ मिरचाई के खेती शुरू कयलाह। अतुका लोक के ईनकर मिरचाई नीक लगलईन। अई सं खुब कमेलाह। एक समय एहन आईब गेलईन जहिया उनकर सम्पईत, अंग्रेज मालिक सं बेशी भअ गेलईन। ई दिन उनका लेल सबसं खुशी के दिन छलईन। बाद मे उनकर परिवार आध्यात्म सं जुईर गेलईन।उनकर प्रपितामह नेटाल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य छलाह। पीटरमेरिजबर्ग उयाह शहर अईछ जतअ गांधी जी के ट्रेन पर सं धक्का माईर कअ उताईर देने रहईन। अतई स्टेशन मास्टर के कक्ष मे ओ राईत बितेने रहईत। अकर बाद अतअ गांधी जी रंगभेद क खिलाफ आंदोलन शुरू केने छलाह।
ओहिना गांधी जी द्वारा स्थापित फीनिक्स आश्रम जखईन गेलऊं त देखलऊं जे अकर सैकड़ों एकड़ जमीन पर स्थानीय लोक सब अवैध कब्जा कअ लेने अईछ। फीनिक्स आश्रम के आसपास क एरिया मे अपराध प्रवृति के बेशी लोक रहईत अईछ। सालो गांधी जी आ बा (कस्तुरबा) अतअ रहलीह। स्कुल चलेलीह, अखबार निकाललीह, साफ सफाई के पाठ पढ़ेलीह आर कयेक तरहक सामाजिक काज सब अतअ कयलीह। ओई जगह पर जाय मे "डरक" बात हमरा नई हजम भेल। दिसम्बर महीना मे फीनिक्स आश्रम मे आमक गाछ फर सं लदरल छल। स्थानीय केयरटेकर सं अनुमति लअ हमर श्रीमतीजी आम तोड़लीह। ओ आम छल- जर्दालु। हम अई आम के यादक रूप मे संग अनलऊं।
अखईन गांधीजी के परपोती ईला गांधी डर्बन मे रही रहल छथि। ओ गांधी जी के अलख जगौने छथि।ओना बेशी सांकेतिक छईन। ओ ओतुके स्थानीय लोक सं बियाह केलीह लेकिन बियाह बेशी दिन नई चललईन। बहुत ही सरल स्वभावक महिला छथि। उनकर बेटा डर्बन मे कम्प्युटर व्यवसाय सं जुड़ल छथि। भारत मे रहितईथ त संसद सदस्य त बईने जईतईथ। उत्सव आ सरकारी समारोह मे टा लोक याद करई छईन।
ओहिना गांधी जी द्वारा स्थापित "टालस्टाय आश्रम" के स्थित नीक नई लागल। मूल आश्रम के जमीन तक गायब भअ गेल छलई। चारु कात ई़टा भट्ठा सब के जमीन छलई। बाद मे सरकारी आग्रह पर ओ ईंटा भट्ठा मालिक किछु जमीन गांधी आश्रमक लेल देलकई। अखईन ओकर विकास क लेल प्रयास चईल रहल अईछ। ईहो जगह के चारू कात अपराधी प्रवृत्ति के लोकक बोलबाला। दिन दिन मे सरकारी समारोह खास दिन मे होईत अईछ, ओकर बाद सुन्न सपट्टा। कखनो काल हमरे जेकां कियो भूलल बिसरल ओतअ पहुंच जाईत अईछ।
ओहिना जोहानिसबर्ग मे जे गांधी जी के बैरिस्टर के रूप मे जे कार्यालय छलईन ओकरो निशानी गायब। ओ मकान बिकाईत बिकाईत आ नक्शा बदलईत आब भीर मे हरा गेल अईछ। ओतुका सरकार अकर भरपाई मे ओतअ गांधी जी के मूर्ति लगा देने अईछ आ ओई चौराहा के नाम "गांधी स्कावयर"राईख देने अईछ। ओना उनकर मूर्ति देख कअ गर्व होईत छई। आखिर हम सब ओई देशक वासी छी जतअ गांधी जी जन्म लेने छलाह।
सबसं अचरज लागल जे ओतुका मूल निवासी के गांधी जी मे कोनो दिलचस्पी नई छई। ओकरा सबहक अनुसारे गांधी जी भारतीय सबहक लेल संघर्ष आ आंदोलन कयलाह। स्थानीय लोक क लेल उनकर संघर्ष नई बराबर छईन। सच्चाई जे भी हो, ओतुका लोक के गांधी जी के याद के नीक जेकां संजो क राखअ चाही, जेकर जरूरत छई।
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दक्षिण अफ्रीका ततेक ने रंगभेद क दंश झेल चुकल अईछ जे आब ओ सब अपन बात बेबहार मे बेशी सतर्क रहईत अईछ।श्वेत सब बेशिये लिबल रहत।तखनो अश्वेत सब गाहे बेगाहे रेसियल होबाक आरोप लगबईत रहई छई। "चलता है" बला भारतीय एप्रोच सं ओ सब बचबाक प्रयास करईत अईछ।
एकटा ओतुका अश्वेत चालक अपन मोटर के सड़कक बगल मे पार्क कअ क ठार छल। तखने एकटा श्वेत मोटरबाला एलई आ अई पार्क कयल मोटर के फोटो खींचलक आ अई चालक के सेहो कहलक जे आहां अतअ किया गाड़ी लगौने छी। ई त पार्किंग के जगह नई छई।
ई अश्वेत चालक ज़बाब देलकई - "आहां तीन मे कि तेरह मे", आहां पुलिस त नई छी। हम आब जायबला छी। आहां अपना सं मतलब राखु।
बस की छलई। अगला दिनक अखबार मे ई गलत जगह मे पार्क कयल मोटर के फोटो छपलई। फेर ट्रेफिक विभाग सं चलान सेहो एलई।
अश्वेत चालक के कहबाक छलई जे ओ ज्यों श्वेत रहितय त नई कियो फोटो खीचतय आ नई बात ओतय बढ़ितय।
अतअ फफरदलाली मे अहिना लोक बीच मे कुईद पड़ई छई। "काजीजी दुबले क्यों, शहर के अंदेशे से"- बहुत लोक देश लेल चिंतित रहईत अईछ।श्वेत सब के ई होईत रहई छई जे अश्वेत सब शहरी अनुशासन के ठीक सं पालन नई करईत अईछ आ ईनका सबके सिविक सेंस सेहो ओतय नई छईन। बाजत त नई, लेकिन भाव भंगिमा सं बुझा देत।
एकटा आंखिक देखल घटना सं आर फरिछा जायत। हम राईत मे भोजनक बाद भारतक लेखे अपन गली मे टहलईत रही। हमर घर सं तीन घर छोईर कअ एकटा एशियाई युवक रहईत छलाह।ओई राईत दु टा युवती आ एकटा आर युवक उनका कतअ आयल छलईन। अई चाईर गोटे मे दु श्वेत आ दु अश्वेत छलाह।अपन बालकोनी मे बईस कं ओ सब राजनीतिक बहस करईत छलाह। गप्प सब सं बुझायल जे बेशिये पढ़ल लिखल छलाह ओ सब। एक्टिविस्ट कही सकय छी। बहस मे मतैक्य नई छलईन।बिरोध भेला पर एक दोसरा के अपन पक्ष मे किछु ऊंच आवाज मे तर्क दई छलखिन। हम टहलईत ईनकर सबहक बहसक आनन्द लईत छलऊं।तखने ईनकर पड़ोसी महिला बाहर एलीह। उनकर मूंह बिचकाबअ के ढंग सं पता चईल गेल जे ईनका ई बहस कनिको नीक नई लगलईन। नीक छोड़ु, बेसिये अधलाह लगलईन। ओ अई बहस करईत लोक के त किछु नई कहलखिन लेकिन गेट पर आईब कअ सुरक्षा कर्मी के शिकायत केलखिन। ओ सुरक्षाकर्मी तखने ओई घर बाला सब के इन्टरकाम पर कहलकई। बहस बीच मे ही रुईक गेलई। आ चारू गोटे फुसफुसा कअ थोड़े काल गप्प केलाह आ हमरा जनईत बिन निष्कर्ष के बहस मे विराम लाईग गेलई।ओ महिला हमरो कहली जे अतेक जोर सं ई सब बाईज रहल छलाह। आहां किया ने मना केलियईन। उनकर बजला सं तअ अहुं के टहलअ मे दिक्कत भेल होयत। हम ईनका सब तरफ सं माफी मंगई छी। ईनका सब के रहअ नई अबई छईन। कनी काल बाद पुरा शांति भअ गेलई।
हम उनका की कहितियईन जे जोर सं बजनाई त हमरा खराब कनिको नई लागल। हम त अई आवाज के रेहल खेहल छी। हमरा त सुन्न सपट्टा अपरतित लगईत रहईत अईछ। हम त ओई समाज सं आयल छी जतअ दु लोक के झगड़ा सुनबाक आनंदे अलग छई। लोक झगड़ा छोड़बाक बदला ओई मे नोन तेल लगबईत छई। सब बहस /झगड़ा मे तर्क होई वा नई, सबके चढ़बअ बाला लोक भेंट जाई छई। अपन घर मे हम कुरहारिये नाथब, दोसर हमरा की कहत। हमरा अतअ त खानगी अतेक जोड़ सं होई छई, बड़का बड़का लड़ाई मे ओते हल्ला नई। हम सब तअ ताश जितला हारला पर, या खेल मे बईमानी पकड़ेला पर एना गला फाड़ई छी जे जेना कीदन भअ गेल‌‌‌ होई। अपन कमी ओकरा किया बतेतियई। हम हां मे हां मिला कअ घर घुरी अयलऊं। अई मे के पार्टी बनिताय।
हमरा जे अई मे नीक लागल जे ओ चारू युवा, कोनो विरोध नई केलकई आ शांत भअ गेलई। की अपना कतअ सोसाइटी मे हमरे दरमाहा पर राखल गार्ड अतेक साहस करत जे हमरा धीरे बाजअ लेल कहत।ई सब संस्था के प्रति आदर के भाव सं अयलई अईछ, ओ एक दिन मे नई होई छई।
अतअ मोटरक हार्न कखनो नई सुनबई। आहां अपन घर क चौकीदार के गेट खोलबा मे देरी होबा पर सेहो हार्न नई बजा सकईत छी। हार्न बजेनाई आ गाईर/अपशब्द कहनाई, एक्के बुझल जाई छई। ट्रेफिक बहुतही अनुशासित छई। एहनो चौराहा सब छई, जतअ लाल बत्ती नई छई, कोनो मोटरक अवरजात नई, ओतऊ वाहन चालक सब मोटर रोकत,चारू कात देखत, तखने आगु बढ़त।
हाईवे पर इमरजेंसी लेन हरदम खाली रहत, चाहे मेन लेन मे कतबो ट्रैफिक जाम भअ जाई, अपन लेन नई कियो पार करत। गाड़ी के गति के आधार पर लेन सब निर्धारित छई।
एकटा आर परिपाटी हमर ध्यान खींचलक-ओ छल सड़क पर दुर्घटना। हमर एकटा सहकर्मी के कनिया के मोटर सं दोसर मोटर टकरा गेलईन। सहकर्मी के कनिया ओना त मूल रूप सं गोवा के छलीह, बाद मे मोजाम्बिक के नागरिकता भेटलईन। ओतअ सं होईत संप्रति भारतीय छथि। उनकर जीवनी दिलचस्प छईन, तहि लेल कनी बता दई छी। जखईन गोवा के भारत मे मिलावल गेलई, तखईन ओतुका लोक के ई आप्शन छलई कि चाहे त ओ पुर्तगाल के नागरिकता लअ सकई छी। गोवा पहिने पुर्तगाल क उपनिवेश छलई, तैं पुर्तगाल ओकरा सब के ई सुविधा देलकई। हमर सहकर्मी के कनिया के पिता पुर्तगाल जाय के निर्णय लेलाह। ओई समय मे उनकर कनिया गर्भ मे छलखिन। जखईन मोजांबिक मे उनकर जहाज पहुंचलईन त ओ सब ओतुका कोनो संबंधी कतअ गेलाह। तखने उनकर कनिया के मोजांबिक मे जन्म भेलईन। अई बीच मे ओ जहाज जा चुकल छल आ हमर सहकर्मी के ससुर किछु किछु जीविकोपार्जन करअ लागल छलाह। उनका सब के ओतअ नीक लाईग गेलईन। फेर व्यवसाय केलाह आ सुव्यवस्थित भअ गेलाह। हमर मित्र जखईन मोजांबिक गेलाह त भारतीय होबाक कारण ओई परिवार सं नजदीकी भेलईन,विवाह भेलईन आ अंततः उनकर कनिया फेर भारतीय भेलीह।
एक्सीडेंट के सुचना अयला पर हमर सहकर्मी हमरो खबर कयलाह। हम अविलंब ओतअ पहुंचलऊं। चालक सब के कम चोट मूदा मोटर दुनु मे बेशी टुईट फुट भेल छलई।दुनु दिशक लोक आयल छल। दुनु घायल के दोसर राहगीर के गाड़ी मे अस्पताल पठा देल गेल छलई। बीमा कंपनी के खबर दअ देल गेल छलई। ओ क्रेन ल कअ आईब रहल छल। अतेक ने नमस्कार पाती दुनु पक्ष मे होई छलई जे हमरा बुझबे ने करय जे के कोन तरफ सं अईछ। अपने देश जकां पुलिस के इंतजार मे किछु घंटा लगलई। जखईन ओ सब आयल त बयान दर्ज कअ कअ विदा भेल। अतअ एक्सीडेंट मे दुनु पक्ष मानवीय आ संयमित व्यवहार करईत छई। कोनो ककरो पर दोषारोपण नई। अपना सब जेकां नई जे दस लोक के आहां बजाऊ आ बीस लोक के हम बजायब। सड़क पर फैसला लेल माईर पीट करब। कयेक बेर त पढ़ल लिखल लोक दुर्घटना मे नई घायल भअ कअ ओकर बाद जे दोसर पक्ष सं माईर पीट केलाह, ओई मे घायल होईत छथि। अतुका एक्सीडेंट के बाद जे ओकरा सं निबटअ के तरीका छई, से सही मे सरल छई। सब भार बीमा कंपनी पर पड़ई छई। मोटरक बीमा ओही सं मंहग छई। सब साल मोटर के रजिस्ट्रेशन आ बीमा करबअ पड़ई छई। ज्यों अहां के कार्यालय के एक आदमी एक्सीडेंट केलाह, त बीमा के प्रीमियम ओई अनुसार सब के बईढ़ जाईत। जिनका दुआरे प्रीमियम बढ़ई छई, उनका परोक्ष मे लोक उलहन दईत रहई छईन।
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जेना एक समय मे पाकिस्तान मे जन्म लेल मनमोहन सिंह भारतक प्रधानमंत्री आ भारत मे जन्म लेल परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान क राष्ट्रपति, ओहिना युगांडा आ रवांडा के राष्ट्रपति के छईन। ओना ओतेक दस्तावेज अई बारे मे नई छई। अतुका लोक के कहब छई जे युगांडा के राष्ट्रपति मुसेवनी के जन्म रवांडा मे भेल छलईन आ रवांडन राष्ट्रपति पौल कगामे के जन्म युगांडा मे भेल छईन। ई सब खानाबदोश जनजाति सं छईथ तैं ओहन कोनो पता ठिकाना नई होई छईन। अई सं मोन पड़ल जे मोबाईल फोन आबअ सं पहिने जेकर कोनो संबंधी पनिया जहाज पर काज करईत छलाह त उनकर घरक लोक जे चिट्ठी लिखई छलाह तअ ओई मे पता लिखअ सं पहिने पहुंचअ के तारीख अंदाज कायल जाई छलई- फलां तारीख तक मारीसस, फलां तारीख तक डर्बन, फलां तक केपटाउन के जहाजक कंपनी के पता होईत छलई। ज्यों जहाज के रस्ता मे देरी भेलई, फेर सब चिट्ठी कियो आने पढ़त।
युगांडा आ रवांडा के बीच बढ़िया संबंध अखईन नई छई। सीमा पर तनाव चईल रहल छई। जकरा जतअ मौका लगई छई, दु चाईर टा के टपका दई छई। जखने ई जन्म स्थान बाला बात पता चलल, तखने मनमोहन सिंह आ मुशर्रफ दिमाग मे घुईम गेलाह। इतिहास अपना के दोहरबईत रहई छई- बुझबा के दरकार छई। सब राष्ट्राध्यक्ष सब के अपन अपन प्रतिबद्धता रहई छईन।
भारत मे हमरे जेकां बहुत लोक के ईयाह बुझल छई जे जिनका अंग्रेजी बाजअ अबई छईन , उनका विदेश मे बड्ड सुभीता छईन।जखईन आहां रवांडा आ बुरूंडी देश जायब त सब अंगरेजिया बुधियारी घुसईर जायत। कियो अंग्रेजी नई बुझत। ओतुका भाषा फ्रेंच छई। रवांडा मे ईमहर ओमहर हाथ पाईर माईर कअ काज चलाईयो लेब, मूदा बुरूंडी मे तअ सब सफाचट।"ओझा लेखे गाम आ गऊंआ लेखे ओझा बताह" बाला स्थित भ जायत।
रवांडा हमरा ईमहरका सबसं विकसित देश लागल। खुब चिक्कन चिनमुन सड़क। सड़क सं लालु यादव के हेमा मालिनी प्रसंग मोन पड़ा जाईत अईछ।चारू कात काॅफी आ चाहक बगान सब। सड़कक कात रंग बिरंगा फुल, खुब साफ सफाई, शहर मे कोनो मोल मोलई नई, एक दाम समान सब के, सड़क पर भारतीय कंपनी के मोटरसाइकिल चारु कात छीटल, (अतुका लोक परिवहन मोटरसाइकिल छई), हफ्ता मे एक दिन सामुहिक श्रमदान, कोनो लुटपाट के डर नई,देश भक्ति के बात आर आन आन गप सब।
जखईन आहां एकतरफ ई विकास देख रहल छी त दोसर तरफ अकर यात्रा सेहो किछु जननाई जरूरी छई।अहिना सबदिना नई छलई। दुनिया के सबसं पैघ जाईतक नाम पर नरसंहार अतई भेल छलई, ओहो बेशी दिन पहिने नई- बस पच्चीस बरख पहीने। एकतरफ दक्षिण अफ्रीका मे रंगभेद शासन खत्म भेल आ पुर्वी अफ्रीका मे अतेक पैघ जाति संहार। बहुत छोट दुनिया छई ज्यों बुझई लेल सपरतीब छी, नई त दरभंगो दुर छई।
रवांडा आ बुरूंडी पड़ोसी देश अईछ। युगांडा सं सटल अईछ।1884 मे जखईन बर्लिन सम्मेलन भेल छलई, ओई मे अफ्रीका के देश सब के सीधा लाईन खींच कअ सीमांकन कयल गेलई आ युरोपीय देश सब आपस मे बांईट लेलक। ई तहिना छलई जहिना पहिलुका मिथिला के जमींदार परिवार सब मे दियादी बंटवारा मे नौकर चाकर बंटाई छलई। रवांडा आ बुरूंडी, जर्मनी के हिस्सा मे एलई। जर्मनी अतुका राजा के मिला कअ अपन काज निकलबा रहल छल, जेना अंग्रेजबा सब भारत मे करईत छल। साम-दाम-दंड-भेद, राज करबाक ई नीति छलई।
पहिल विश्व युद्ध के बाद बेल्जियम के हिस्सा मे रवांडा आईब गेल‌‌‌ छलई।अतअ तीन टा मूख्य जनजाति सब छलई- हुतु, तुत्सी आ तवा। हुतु बहुसंख्यक छल। प्रतिशत मे बंटबई तं हुतु -85 प्रतिशत, तुत्सी -14 प्रतिशत आ तवा-1प्रतिशत। एक तं संख्या बेशी, उपर सं हुतु जनजाति के मूल इथियोपिया छलई, तैं ई सब अपना के आर्य सब जेकां श्रेष्ठ बुझईत छल। इथियोपियाई मूल के अफ्रीका मे श्रेष्ठता छलई। जर्मन सब सेहो तुत्सी जनजाति के बेशी मोजर दईत छलई।
जखईन प्रथम विश्व युद्ध के बाद बेल्जियम अतुका कर्ता धर्ता भेल त ओहो तुत्सी के मोजर बरकरार रखलकई आ सब के एकटा परिचय पत्र देलकई, जईमे " जाईत" लिखल छलई। ई हाल भअ गेल छलई जे "धनिक हुतु" के " आदरणीय तुत्सी "कहल जाय लागल छलई। जखईन आहां अंखिदेखार एक टा के मोजर बेशी देबई तअ दोसर मे प्रतिक्रिया हेबे करतई।अई सब सं हुतु मे बहुत बेचैनी छलई।अकरा हवा फ्रा़ंस देबअ लगलई। अकर संग एकटा धार्मिक संस्था सेहो आईब गेल छलई। धीरे धीरे ओहो सब सत्ता मे आबअ लागल।
अही बीच मे रवांडा आ बुरूंडी, दुनु के राष्ट्रपति जे कि हुतु जनजाति सं छलाह, के किगाली मे हवाईजहाज मे मिसाइल सं माईर देल गेलईन।अही पर शुरू भअ गेल जाईतक नाम पर संहार।अई सं पहिने नाजी - जर्मनी मे आ खमेर रूज - कम्बोडिया मे जाति संहार भेल छल।
रवांडा मे 7अप्रेल1994सं 15जुलाई1994 तक नरसंहार भेल।हुतु जे की अल्प संख्यक छल ओ बहुसंख्यक तुत्सी के नृशंस तरीका सं हत्या केलक। दस लाख सं बेशी लोक परिचय पत्र देख कअ मारल गेल।पांच लाख सं बेशी महिला सब सं वीभत्स तरीका सं व्यभिचार कैल गेल। कयेक लाख लोक ओतअ सं परा गेल आ रिफ्युजी भअ गेल‌‌‌। विश्व के जानल मानल शक्ति शाली देश सबहक प्राथमिकता खाली युरोपिय लोक के बचा कअ लअ जाय पर रहईन।
अई जातिय नरसंहार गाम गाम आ महल्ले महेल्ला मे पहुंच गेल छलई। गाम मे सब एक दोसर के जाईत जनिते छलई, तैं हत्या करबाक सं पहिने सोचबो के समय नई लेलकई। पड़ोसी पड़ोसी, गऊंआ गऊंआ आ सहकर्मी सहकर्मी के हत्या केलकई।बेशी हत्या सब टांगी, खंती, कोदाईर, राड ई सब सं भेल छलई।
बाद मे अई नरसंहार के रोकबा लेल पौल कगामे, युगांडा सं सेना के एक टा टुकड़ी लअ कअ अयलाह, आ शांति बहाल करअ मे सफल भेलाह। ओतुका लोक उनका सं उपकृत भअ उनका अपन राष्ट्रपति बनेलकईन।
पुरा रवांडा मे चारु कात लाशे लाश परल छलई। ओई मृत शरीर सब के ईज्जत दईत एक जगह दफनावल गेलई आ ओतई "जेनोसाईड मेमोरियल" बनावल गेलई। अई मे
नरसंहार सं जुड़ल सब टा सुचना आ फोटो सब राखल छई। ओ देखला पर विश्वास नई होई छई जे मनुक्ख अतेक नृशंस अखनो भअ सकईत अईछ।
एकटा परिचित रवांडा मे भेंट भेला पर कहला कि हम फुलवारी मे बेशी कोरियईनी नई करई छी, कियैक कतऊ कखनो मनुक्खक हड्डी गुड्डी सब भेंट जाईया। देख क‌‌‌ जे मोन खिन्न होयत ओई सं नीक कोरबे नई करब। नरसंहार के बाद मनुक्खक लाश सब जखईन सरअ लगलई त लोक के जे जतअ जगह भेटलई, ओतई माईटक तर मे गाईर देलकई।
अई नरसंहार मे के जज, के प्रोफेसर, के वकील, के पुलिस, के आम, के खास कियो नई छुटल। पुरे रवांडा मे मात्र पचास टा वकील जीवित बचल छलाह, जे लोकक केश लड़ताह।
आब जे हम असल बात आहां सब के बतबअ चाहई छी ओ अईछ जे सब रवांडियन अई घटना के बिसईर गेल अईछ। अकर कोनो चर्चा ओ सब कखनो नई करत। जेकर संतान मरल छई, जेकर माय बाप मरल छई, जेकर कनिया वा बर मरल छई, जकर संगी साथी मरल छई, ओ सब आब अई अध्याय के बंद कअ देने अईछ। ओकरा अनुसार, अगर आहां अकरा बिसरब नई, तं नब समाज के निर्माण कोना होयत। जातिगत वैमनस्यता के ओ सब तिलांजलि दे देने अईछ।
जातिगत वैमनस्यता कतेक वीभत्स होईत छई, ओई सं आहां सबके अवगत करबअ चाहईत रही।
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अतअ अफ्रीका मे एक टा आर गुण हमर ध्यान खींचलक ओ छल "गलती गछनाई"। जखने मनुक्खक जोनि मे जन्म भेल, गलती त हेबे करत। जे गलती नई करताह/करतीह ओ त भगवान/भगवती भअ जेताह/जेतीह। तैं सब जगहक मनुक्ख सं गलती होई छई।ई स्वभाविक छई। अतअ हमरा कयेक बेर मौका लागल, जईमे स्थानीय लोक अपन गलती गछलक।
भारत मे किछु भअ जायत, गलती गछत नई। अंखदेखार गप्प होयत, तखनो नई मानत। आहां के जे करबा के अई, कअ लियअ, ओ अपन गलती नई कहत। ईमहर ओमहर के बड़की टा ढीम पलासी सुना देत, लेकिन अपन दोष नई बतैत।अकरा "थेथर" कहियो या "गलगर", ई प्रजाति अपना दिस बहुतायत मे भेटत।
साऊथ अफ्रीका के क्रिकेटर हैन्सी क्रौनिये के खिस्सा बुझले होयत। ओ गलती केलक, गछलक आ सजा भुगतलक। अपना देश मे देखु, की सब दुध के धोवल छथि। ओतेक आंगुर उठलेन, जेहलो गेलाह, मीडिया के आगु कनबो करई गेलाह लेकिन कियो नई गछलाह। ओतअ कोर्ट कचहरी मे सेहो गलती माईन कअ सजा लोक काईट लईया। कम सं कम बाकी जिनगी त शुकुन सं बीतय छई। अपना कतअ रंगे हाथ पकड़ायत, तखनो बचबाक लेल जे भी संभव होई, ओकर पाछु लागल रहत।
एकटा छोट दृष्टांत बतबई छी। एकदिनआफिस जाय काल देखई छी जे हमर मोटर के पाछु दोसर मोटर एना राखल छल जे हम अपन मोटर नई निकाईल सकई छी। चौकीदार के कहलियई। ओ ओई मोटर के मालिक कतअ गेल। मोटर के चाभी घर मे नई छलई। ड्राईवर जे स्थानीय छल, ओ चाभी संग बाहर निकईल गेल‌‌‌ छल‌‌‌। ओकर मोबाइल फोन लाईग नई रहल छलई। पन्द्रह मिनट बीत गेल। फेर हम सोसायटी के केयरटेकर के कहलियई।ओ कहलक जे फोटो खींच कअ पठा दियह, हम अई ड्राईवर के ब्लैकलिस्टेड करा देबई। ओकरा अतअ आबअ मे प्रतिबंध लाईग जेतई। हमरो ओई ड्राईवर पर क्रोध आईब रहल छल जे कतअ गेल। ओना ई बात नई छल जे हमरा बड़ड्ड देरी भअ गेल‌‌‌ छलाह। अहु सं देरी सं आफिस गेल छी। जखईन अपना सं छोट हैसियत वाला के कृत्य सं असुविधा होई छई तं क्रोध बेशी अबई छई। अगर ओ मोटर कोनो पैघ लोक के रहितई त हमहु ओकरा सामान्य बात मे लअ लईतऊं।ईयाह गुनधुन चलिते रहय त ओ स्थानीय चालक आईब गेल‌‌‌। ओ देखिते बुईझ गेल जे ओकरा कारण हमरा असुविधा भेल अईछ। ओ दुनु हाथ के जोईड़ कअ अपन गलती मानलक आ कहलक जे हमरा कारण जे आहां के असुविधा भेल, ओई सं हम दुखी छी। आहां जे सजा देब, हम ओकरा सहर्ष भुगतब।
हम जखईन कहलियई जे फोन किया नई आहां के लागल त ओकर जवाब छल-" उयाह टाकटाइम भरबअ त गेल रही। दोकान मे भीड़ छलई, तैं देरी भअ गेल"।
ओकर निश्छल ज़बाब सुईन कअ हमर क्रोध कतअ चईल गेल‌‌‌, से बुझबो नई केलियई। अहिना एकटा भारतक घटना याद आईब गेल जई मे एकटा पढ़ल लिखल लोक एहने गलती केने छलाह लेकिन मानई लेल तैयार नई भेलाह।
आब अफ्रीका के अश्वेत बिन पढ़ल लिखल लोक के नीक कहबई, कि अपन देश के शिक्षित ढीठ के।
अई सं ई नई बुझु जे ई सब राजा हरिश्चंद्र अईछ। सबसं असली जे युगांडा के स्थानीय लोक के कमी हमरा लागल ओ छई "समयक पाबंद नई रहनाई"। जेना अपनो देश मे बेशी लोक लेट लतीफ होईत छईथ, अतअ एक डेग आर आगु। समय द देत जे अतबा बजे अबई छी। समय बीतला के थोड़े देर बाद जखईन आहां फोन करबई त कहत जे रस्ता मे छी। नई अयला पर आहां फोन करबई त ज़बाब देत जे "एराउंड" छी। फेर नई आयत आ नई फोन उठायत। बाद मे फोन उठायत त कहत जे आई हम दोसर शहर आयल छी, नई आईब सकब। हमरा ई नई बुझायल जे ओ अंत मे कहई छई कि हम आई नई आईब सकब, ओ बात पहिले बेर मे कियैक नई कहई छई। हम लागल छी ई राज बुझबा लेल, जखईन पता चईल जायत त अहुं सब के बतायब।
अतअ युगांडा मे स्थानीय अश्वेत सब अंग्रेजी बड्ड सुन्नर आ लच्छेदार बजईत अईछ।लाल बत्ती सब पर लोक ठार भअ कअ अनेरो भाषण दईत रहत। जेना अपना देश मे नेता सब के नुक्कर पर भाषण होई छई, ओहिना अतअ ओ गोलम्बर आ लाल बत्ती सब पर भाषण दईत भेटत। ट्रैफिक जाम बहुत बेशी अतअ होई छई। सब ट्रैफिक चौराहा सब पर हाकर के भीड़ भेटत। खुब मोल मोलई होई छई। भारतीय एक रूपया, करीब पचास युगांडन शिलींग के बराबर होई छई। लाख दु लाख शिलिंग सं कम मे त तरकारियो के बजार नई कअ सकई छी। स्थानीय लोक क आर्थिक स्थिति पातर छई। पाकल कटहर आ केरा खुब खाईत अईछ ई सब। कटहर के तअ जंगल सब छई। तरकरिया आ कोआ बला कटहर दुनु लुधकल फरल रहई छई।
अतअ के माल जाल के सिंघ बड़की बड़की टा होई छई। गाय-बड़द सबहक सिंघ देखते बनई छई। अई बड़का सिंघ सब के रंग ढौड़ कअ कअ बेचलो जाई छई। भारत मे गाय बड़द के सिंघ बिकाईत नई देखने छेलियई। अतअ ई अजुबा लागल।
जखईन एन्टेबे एयरपोर्ट पर आहां पहुंचअ के करीब होयब तअ आहां के चारु दिश पाईने पाईन देखायत।हैत कि कोन समुद्र क कात आईब रहल छी। ई समुद्र नई थीक, ई अईछ "विक्टोरिया लेक"।बड़की टा लेक छई। समुद्र जेकां अकर "बीच" सब छई। लोक छुट्टी मनबअ वा सैर सपाटा करअ अतअ जाईत रहईत अईछ। अई लेक मे "मगरमच्छ " के हुजुम देखायत। छोट पैघ मगरमच्छ सब पकईर कअ एकटा दरबानुमा जगह सब मे राखल भेटत। बहुत रास मनुक्ख अई मगरमच्छ सबहक भोजन भअ चुकल छईथ। अखनो अई लेक के कात करौट सं लोक एकाएक गायब भअ जाईत अईछ। ओ सब अई मगरमच्छ सबहक ग्रास भअ जाईत अईछ। बाकी लेक के कात बहुतही मनोरम छई।
ओहिना रवांडा मे "लेक किवु" छई। ईहो समुद्र जेकां विशाल आ विकराल लगई छई।अई लेक मे एकतरफ त रवांडा देश आ दोसर दिस सटले कांगो देश छई। रवांडा दिश बेशी भीड़भाड़ नई छई लेकिन कांगो दिश खुब भीड़ छई। दिल्ली के चांदनी चौक जेकां लोकक भीड़। अई शहरक नाम "गोमा" छई। रवांडा मे पुरा शांति आ बगले मे कांगो मे कखईन की भअ जायत से कियो नई कही सकईत अईछ-तेहन हाल। पहिने बिहार मे "गोमा" के जैकेट के बड्ड चलती छलई। गोमा मतलब गरम जैकेट होई छल‌‌‌। ओई गोमा आ अई कांगो के बीच कोनो संबंध छई-से नई पता चलल।
लेक किवु करीब नब्बे किलोमीटर लंबा आ पचास किलोमीटर चौड़ा अईछ। लंबाई चौड़ाई बुझबाक लेल बहुत अईछ जे कतेक पैघ अईछ।अई लेक के भीतर सं "मिथेन" आ कार्बन डाइऑक्साइड निकलई छई।कयेक बेर पहिने पाईन मे सं आईग निकलई। बाद मे मिथेन गैस के पता चललई। छोटकी छोटकी नाव सब अतअ रहई छई, ओ आहां के मिथेन प्लांट के पुरा चौहद्दी घुमा देत। अई मिथेन प्लांट सं बिजली बनावल जाई छई।जे लेक पहिने अभिशाप बुझल जाई छलई, निरीह लोक आईग मे फंईस कअ जईर जाई छलाय, से आब ओतुका लेल बरदान भअ गेल‌‌‌ छई। ओई बिजली बेचला सं सरकार के पाई आ विकासक रस्ता खुईज गेल छई। रवांडा दिस एकटा बड़का होटल छई आ ओ समुद्र क "बीच" जकां सब बात बेबसथा रखने अईछ।
अई पुर्वी अफ्रीका मे सेहो एक धर्म विशेष क लोक पर आतंकवाद के प्रश्रय देबाक आरोप लगईत रहई छई। संयुक्त राष्ट्र संघ के सेहो बहुत रास विभाग सब कार्यरत अईछ। रिफ्युजी के समस्या सेहो विकराल ठार छई। कतेको लोक एहन छई जेकर कोनो पता नई। कतअ सं आयल, कतअ जायत सब अधर मे छई। तरह तरह के बीमारी नई, महामारी सब उपरईत रहई छई। हमर एकटा मित्र कहला कि अतुका देसिला बीमारी सब के अतई ईलाज छई। दोसर देसक डाक्टर बीमारी बुझबो नई करत।तैं अतई लोक टीका तीका लईत रहईत अईछ।
पुरा अफ्रीका मे सफारिये सफारी। एहन एहन सफारी जे एक देश मे घुसु आ दोसर देश मे निकलु। क्रुगर नेशनल पार्क, साऊथ अफ्रीका की, दुनिया के नामी सफारी अईछ। ओकरे सटल "गौड्स विंडो" सेहो प्रकृत के अद्भुत लीला सब छई। खूब मनलग्गु जगह सब छई। घुमअ जायब त अबिते जाईत दिन बीत जाई छई।
गुरिल्ला सब सेहो अफ्रीका मे आहां के देखायत। साऊथ अफ्रीका मे त ओकरा एकटा घेरा के अंदर रखने छई। आहां लोहा जाली सं देख सकई छी। युगांडा मे तअ आहां स्वच्छंद घुमईत गुरिल्ला के नेशनल पार्क सब मे देख सकईत छी। कनीक सावधानी अपनो बरतअ पड़ई छई। किछु दिन पूर्व एकटा अमेरिकन महिला टुरिस्ट के स्थानीय टुरिस्ट गाईड सहित अपहरण भअ गेल‌‌‌ छलई। युगांडा सं लअ कअ तरे तर केन्या चईल गेल‌‌‌ छलई। हल्ला छई जे बाद मे किछु लअ दअ कअ छुटलई। ई सब ओहिना जेना भारत सं अपहरण कअ कअ नेपाल मे लअ जाई छई।बोर्डर के तेहने हाल अतऊ छई। सब बोर्डर के नियम कानून नीक लोक लेल, अपराधी सब शार्ट कट अपन मारईत रहईत अईछ।
हम सब अपन देश मे स्ट्रीट लाईट लगबअ लेल उफान मचेने रहई छी। जतअ गली मे ईजोत, ओ नीक जगह मानल जाईत अईछ। अकर उल्टा केपटाउन, साउथ अफ्रीका मे एक गोटे कतअ गेलऊं त रस्ता मे सऊंसे अन्हारे अन्हार। उनका कतअ पहुंचला पर उलहन दैत कहलियईन जे ई मोहल्ला भारत जेकां लगईत अईछ, सदरो अन्हार। लोको अतेक कंजुस जे दलान पर एकटा डिबरियो नई जड़ेने अईछ। ओ घरबईया हंसईत कहला- ई अतुका बड़का लोकक महल्ला छई। प्रकृति के कृत्रिम ईजोत सं ओकर वातावरण मे हस्तक्षेप के अवैध अतअ घोषित कयल गेल छई। नेचर सं कोनो छेड़छाड़ क मनाही छई, तैं आहां के रस्ता अन्हार लागल। अतअ अन्हार कैल गेल छई। जे घरों मे बेशी ईजोत करता, उनका अतुका समाज दंड देतईन आ सामुहिक निंदा करतईन। ओई डरे सब अन्हार केने छईथ। आहां घर मे पार्टियों मे बेशी हो हल्ला नई कअ सकईत छी। तखईन अपना के गर्व भेल जे अपन गाम घर ,अतुका हिसाबे वी आई पी क्षेत्र भेल, कियैक जे पहिने सऊंसे अन्हार रहई छलई।
अशिक्षा रहलाक कारण अंधविश्वास बड्ड छई।अतअ लड़की बच्चा सं बेशी लड़का बच्चा के लोक रक्षा मे लागल रहईत अईछ। बेशी बच्चा सब के कान छेदल रहई छई। अकर जईड़ मे ई बात छई जे जई बच्चा के कोनो अंग भंग छई, ओकरा बलि जोगर नई मानल जेतई। ओ अशुभ भेल। अखनो गाहे बेगाहे, बच्चा के बलि के बात चर्चा मे अबईत रहई छई।अई सब सं डरबा के ओना नई छई।
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अफ्रीकी देश सब मे प्रकृति ततेक ने संसाधन देने छई जे सब विकसित देश सब शुभचिंतक बनअ लेल आफन तोड़ने रहईत छई। अई मे सबसं आगु अईछ-चीन।ओहिना जेना भारत के पहिने " सोनाक चिड़ई" कहल जाई छलई, आ कयेक देशक लोक अकरा पर कब्जा जमबई लेल आतुर छलाह।
अफ्रीका मे आहां कतऊ चईल जाऊ-"चीनी" लोक आहां के भेटबे करत। ई तहिना बुझाई छई जेना आजादी सं पहिने भारत मे सरकारी/गैरसरकारी, राजा/महाराजा आ रियासत कतऊ जाऊ, या तअ मालिक नई तं मुलाजिम अंग्रेज भेटिये जयताय। ओहिना चीनी सब हक हाल छई। दक्षिण सं पूर्वी अफ्रीका आईब गेलऊं, अतऊ ऊयाह हाल- जतअ जाऊ चीनक चर्चा। एक्सप्रेस-वे होई वा सामुदायिक भवन होई वा सरकारी भवन होई वा पुल -पुलिया, सब मे चीनी के योगदान।
भारत मे सेहो अखने सरदार बल्लभभाई पटेल के बड़का मूर्ति चीन सं बनल अईछ। आम लोक सं जुड़ल काज सब मे ओ सब बेशी सक्रिय बुझाईत अईछ।ई जनता के विश्वास जीतबाक उपक्रम भअ सकईत छई। अफ्रीका की एशियाई देश सब मे सेहो ओकर उपस्थित देखना जाईत छई।
हम जई दिश आहां सबहक ध्यान दिबावअ चाहई छी ओ अई अफ्रीका मे चीनी के बसनाई के बारे मे। ई एहन त नई अई जेना जे भुसकौल आ लफंडर अंग्रेज के इंग्लैंड, गुलाम भारत मे अधिकारी वा व्यापारी बना कअ पठा दईत छलई। अई सं एक त इंग्लैंड क अपन स्तर बनल रहईत छलई, दोसर ई युवा उच्छशृंखल लोक सब सं ओ मूक्त रहईत छल। ब्रिटेन के कम बुद्धिमता बाला अधिकारी सब के एशिया पठाओल जाई छलई। ओ सब "एक तअ राकस दोसर नोतल"। पहिनेहे सं अबंड्ड रहईत छल, उपर सं "पद " सेहो भेंट जाई भारत मे। आब की छलई, लगय आईग मुतअ भारत मे।
अहिना सब के बुझल अईछ जे चीन आबादी के समस्या सं कतेक बरख सं जुईझ रहल अईछ।ओ सब अपन देश के लोक के अफ्रीका मे बसबअ के जोगार निकाललक। जे चीनी, ओतेक तेज आ देशक लेल ओतेक फायदेमंद नई ओकरा सब के किछु आर्थिक मदद कअ व्यापार व रोजगार करबाक लेल अफ्रीका पठा दई छई। अकर अलावा,जेना ब्रिटेन सब अपराधी सब के, सजा काटई लेल अपन उपनिवेश संयुक्त राज्य अमेरिका मे पठा दई छलई, ओहिना चीन जेकरा पर संगीन अपराधक आरोप वा दोषी नई छई, ओकरा सब के अफ्रीका मे जोगार सं पठा दई छई। अई सं दु फायदा होई छई, एक त जेहल पर खर्च कम होईत छई दोसर आबादी के नियंत्रित करबा मे मदद होईत छई।
आब अफ्रीका के गाम सब मे परचुनक दोकान चीनी करईत भेटाईत।एकदम सं ओहिना जेना अपना सब दिश सब शहर की कस्बा मे राजस्थान क मारवाड़ी सब दोकान करईत भेंट जायत।
एकटा आर देश क बारे मे नब गप पता लागल। ओतअ लोकक आमदनी के आधार पर सरकारी सुविधा के मोल होई छई। जेना आहां दरभंगा सं पटना बस सं गेलऊं। जेकरा आमदनी पचास हजार महीना छई, ओकरा बसक भाड़ा पांच हजार लगतई। ओहिना जकर आमदनी पांच हजार छई, ओकरा पांच सौ लगतई। बराबर दुरी के यात्रा केला के बावजूद किराया मे दसगुणा के अंतर।
ओहिना कियो गैस सिलेंडर भरबबई आय तअ ओकर आमदनी के अनुसार ओकरा दाम लगतई।सबके एकटा कार्ड छई, ओई मे सब सुचना रहई छई। कार्ड सं ही भुगतान होईत छई। सब सरकारी सुविधा पर ईयाह पैमाना छई। दक्षिण अफ्रीका मे सेहो नगदक देबलेब कम होई छलई, सब कार्ड सं।
पहिने साम्यवादी देश सब मे सेहो जरुरत के हिसाब सं सरकारी सुविधा भेटबाक गप छलई।अगर अधिकारी के धीया पुता नई छईन तं उनका दु कमरा के घर भेंटतई आ उनके चपरासी जेकरा पांच टा धीया पुता छई त ओकरा चाईर कमरा के घर सरकार देतई।अकर ई अर्थ नई जे सब चपरासी बनबाक चाहईत अईछ।
ओहिना मारीशस मे आहां बियाह वा कोनो उत्सव मनबई छी त ओई मे कतेक लोक अऊताह आ की की भोजनक मेन्यू रहत, ओई मे सरकारक दिशा निर्देश रहईत छई। ओई फिरीस्त सं बेशी केलऊं त नोताहरी सब नीक नुकुत खेताह आ आहां के बाकी समय काल कोठरी मे बीतबअ परत। भारत मे बियाह, श्राद्ध आ जनऊ मे लम्फलम्फा आ देखाबा मे लोक के बिलाईत देखने छियई।मारीशस जे अफ्रीकी देश अईछ, ओतुका ई भोज भात पर लगामक परिपाटी हमरा आकर्षित केलक।
ओहिना कयेक देश मे गंदगी फैलाबअ पर बड्ड सख्ती छई। अगर आहां कोनो कागज के बिना कुड़ेदान के कतऊ आर फेंक दई छियई त आहां के आर्थिक दंड देबअ पड़त। दक्षिण अफ्रीका मे बच्चे सं ई संस्कार देल जाई छई जे अपन आस पास के कोना साफ राखल जा सकईत छई। स्कुली बच़्चा ओ कोनो देशक हुआय, ओकरा सब मे ई भावना कुईट कुईट कअ भईर देल जाय छई। पुर्वी अफ्रीका अई मामला मे किछु दब बुझायल।
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चोर-चुहार के बारे मे बहुत रास खिस्सा सब गोटे सुनने होयब।अपनो देश मे आर्डर पर मोटर के चोरी वाला गप गाहे बेगाहे अखबार आ समाचार मे अबईत रहई छई। कम्पाला मे एकटा चोरी के घटना बड्ड अजगुत लागल।
कम्पाला मे कम्मे जगह वैध पार्किंग छई। स्थानीय अश्वेत सब मोटर पार्क करअ मे मदद करत आ ओकर बदला मे किछु ईनामक आशा करत। ज्यों एक बेर नई देबई त दोसर बेर आहांक पार्क कैल गाड़ी मे किछु उलट फेर कअ देत।
हमर एकटा सहकर्मी कनी बेशिये काबिल छथि। ओ कखनो अई अश्वेत सब के एना पाई देबाक पक्ष मे नई रहई छथि। जखईन कतऊ गाड़ी पार्क करबाक काज रहतईन त ओ बेशी काल कोनो स्थानीय लोक के गाड़ी मे बईसा कअ लअ जेता।एक बेर बजार गेलाह आ ओहिना कार पार्क कअ क‌‌‌ चईल गेलाह। पांचे मिनट मे घुईर कअ अयलाह। ताबईत गाड़ी के साईड मिरर आ अगिला शीशा चोरबा पार कअ चुकल छलईन। स्थानीय लोक गाड़ी मे बईसले छलईन। एकटा चोरबा के आकर्षक मऊगी संगी हंईस हंईस कअ एकरा सं गप करअ लगलई आ दोसर ताबईत हाथ साफ कअ देलकईन। जखईन ओ घुरलाह त ओ मऊगी ईनको चवन्निया मुस्की दईत चईल गेलईन। ओ अई मुस्की मे लोटपोट होईत रहल आ ईमहर गाड़ी के सामान गायब भअ गेलईन।
ओतअ सं निराश आ दुखी भअ आफिस घुरलाह। अपना अफसोस होईन जे किछु रखबारी द दईतियई, तं सामान नई खोईलताय।
आफिस मे एकटा स्थानीय लोक फोन नंबर देलकईन जे आहां के जे सामान चोरी भेल अईछ, ओ अई नम्बर पर बता दियऊ। बजार सं सस्त मे ओ दोसर लगा देत। हमर सहकर्मी ओई नम्बर पर फोन कअ कअ कहलखिन।गाड़ी के मेक आ माडल ओ पुछलकईन। दोसर दिश सं ज़बाब एलईन जे काईल दिन मे आईब कअ लगा देब। अगर काईल नई आयब त परसु पक्के।
काईल ओ लोक आयल आ नबे जेकां समान लगा देलकईन। पाईयो बजार सं आधा लेलकईन। उनका ई फायदा के सौदा लगलईन। ओ लोक अपन कार्ड देलकईन आ कहलकईन जे ककरो आर अहिना जरूरी होई त हमरा कहब। हमर सहकर्मी, हमरो ओकरा सं परिचय करेलाह।
हम ओकरा ओहिना उत्सुकता मे पुछलियई जे आहां कम्म दाम मे नीक समान केना लगा दई छियई।
ओ मासुमियत सं भरल ज़बाब देलक जे गाड़ी के मेक आ मोडल जं लोकप्रिय रहई छई त ओ भेटबा मे दिक्कत आ देरी नई होई छई।हमरा जखने ओहन गाड़ी देखाईत अईछ, तखने ओई मे सं खोईल लई छी।हम एक बेर मे एक्के टा आर्डर लई छी। जखईन ओकरा सप्लाई कअ दई छी, तखने दोसर आर्डर लई छी। किछु खास माडल के गाड़ी कम्पाला मे कम छई, ओकर आर्डर आईब जाईत अईछ, तखईन डिलिवरी मे समय लगईत अईछ।आब चांस के बात छई जे आहां बेर मे केहन मेन्टेन गाड़ी भेटईत अईछ।
हमर सहकर्मी ई ज़बाब सुईन कअ एक बेर तं सहईम गेलाह लेकिन कम दाम मे नीक समान के लोभ मे चुपा गेलाह। अई मे चोरबो के फायदा आ जिनकर गाड़ी मे समान लगलईन, उनको फायदा। ओही सं नई शिकायत होई छई आ ई धंधा खुब फईल फुईल रहई छई।
आब एकटा अजगुत परिपाटी के बारे मे बुझु। अफ्रीकी देश मारीशस मे शादी व्याह मे कम खर्चा के बारे मैं पहिनेहो बतेने रही।ओतअ बियाह मे भात, दाईल,अचार, कटहरक तरकारी सहित पांच टा आईटम मात्र भोज मे रहई छई। मंत्री सं लअ कअ संतरी के बेटी के बियाह मे ईयाह पांच टा मेन्यु रहतई। खाई लेल लोक सं कम टेबुल कुर्सी राखल रहई छई। जखईन खाली कुर्सी भेटत तखईन आहां बईसु आ खेनाई लियअ आ खाऊ।बियाह के बाद "रिसेप्शन" मे ओ सब पुरा ताम झाम देखबईत अईछ। ओई मे मेन्यु के बरखा करईत अईछ। मारीशस के अई परिपाटी सं याद परल जे बिहार मे सेहो किछु भाग मे बियाह दिनक मेन्यु अतेक त नई, मूदा साधारणे रहई छई। अकर बकियौता ओतअ "मर्याद" जे बियाहक अगिला दिन होई छई, ओई मे करईत अईछ। घरबईया अपन हैसियत मुताबिक "मर्याद" मे खर्च करईत अईछ। आब जकरा बुझल आ समय रहतई, उयाह ने बियाह के अगिलो दिन रूकत। दुनु जगह मे ई समानता हमरा बुझना गेल।
मारीशस मे पैघ छोट कियो भी माय बाप जाबईत बेटा लेल अलग घर नई कीन लईत अईछ ओ बेटा के बियाह नई करईत अईछ। नई कीन सकत त ओ किरायो पर बियाह सं पहिने बेटा पुतोहु के रहबाक अलग बेबसथा करिते टा अईछ।कहबाक मतलब जे एकल परिवार के सोच ओतअ चईल रहल अईछ।
भारत मे संयुक्त परिवार क प्रथा त पहिने छलई। ई मारीशस मे रहईत भारतीय मूलक लोक बुझाईत अईछ जे पाश्चातय सभ्यता के अपनौने अईछ।
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युगांडा मे ईदी अमीन के शासनक बारे मे कयेकटा खिस्सा सब सर्वविदित छई। जहिया हमर बदली अई देश मे भेल, तहिया कयेक लोक डरबअ बाला गप्प सब कहलाह। हम अई मतक छी जे आहांक भाग मे जतअ के नोन खेबाक लिखल अईछ, ओतअ आहां पहुंच जायब। अपन चाहला आ सोचला सं किछु नई होई छई। तैं जे जतअ भाग्य लअ जाय, बिना कोनो किंतु परंतु के चईल जाई। हमरा विचारे आहां के नीके लिखल होयत।
1972 मे ईदी अमीन, सब एशियाई के युगांडा सं बाहर जाई लेल तीन महीना के समय देलकई। एशियाई कहक लेल छलई, असली निशाना तअ भारतीय सब छलई। ओकर उद्देश्य भारतीय व्यवसाई सबहक अकुत धन लेबाक छलई। एक लाख के करीब भारतीय सब तहिया अई देश मे रहई छल। ओई मे सं बेशी के ब्रिटेन अपना कतअ शरण देलकई आ अपन नागरिकता देलकई। कनाडा, अमेरिका आ आर किछु पश्चिमी देश सब सेहो थोड़ेक लोक के अपना देश मे बसेलकई। किछु लोक घुईर कअ भारत सेहो आईब गेल छल। ओ देश छोड़बाक काल गहना गुड़िया, नकदी आ संपईत लअ जाय पर पाबंदी लगेने छल। एक टा भारतीय अधेड़ महिला लग बड्ड गहना गुड़िया छलईन।ओ अपन समान मे नुका कअ देश सं बाहर लअ जाई छलीह। हवाई अड्डा पर ओ पकड़ेलीह। उनका सेनाक गाड़ी मे बांईध कअ पुरा कम्पाला मे घिसियावल गेल छलईन। अकर पाछु जे कारण छलई ओ छल- जे सब निर्वासित लोक मे डरक भावना होई आ कियो कोनो महंग वस्तु नई संग लअ जाय।
अई घटना के असर सेहो भेलई। भारतीय लोक सब मात्र दु जोड़ी कपड़ा लअ कअ युगांडा छोईर देलक। अपन अर्जित सब संपईत अतई छोईर देलक।धनक दुख, सब दुख पर भारी पड़ई छई। तखनो "जीयब तअ फेर अरईज लेब" से सोचईत लोक अतअ सं चईल गेल।
अतेक ईदी अमीन के फरमान एलाह के बादो किछु भारतीय लोक युगांडा नई छोड़लक।ओकर गुप्तचर सुचना तंत्र बड्ड मजबूत छलई। ओकरा पता लाईग गेलई जे किछु भारतीय नुका कअ रही रहल अईछ। तखईन ईदी अमीन आदेश देलकई जे ई छुटलाहा भारतीय सब एयर स्ट्रीप पर जमा होयत। भारतीय सब सोचलाह कि की करत? जाने लेत ने! अहुना मरले दाखिल छी। चलई छी। जे हेतई से हेतई। मोटर मे भारतीय प्रौढ़ मऊगी के सऊंसे शहर मे घिसियाईत ओ सब देखने छलाह। सब कियो नियत समय पर एयर स्ट्रीप पर जमा भेलाह। थोड़ेक काल बाद ईदी अमीन आयल। ओ इनका सब सं गप्प केलक। फेर कहलकईन जे आहां सब असली " हीरो" छी। हमर आदेश सं डरा कअ अमरीका, ब्रिटेन सहित सब देशक लोक परा गेल। लाखक करीब भारतीय, पाकिस्तानी, चीनी सब चईल गेल। आहां सब नई गेलऊं। ई आहां सबहक अई युगांडा क धरती सं प्रेम देखा रहल अईछ।जानक डर आहां सब के सेहो नई अईछ। ई हमर कार्ड राखु। अई मे हमर नम्बर लिखल अईछ। आहां सब के कहियो कोनो परेशानी वा कष्ट हुआय त सीधा हमरा फोन कअ सकईत छी। ई कही कअ ओ चईल गेल।
ई जे बचल भारतीय सब छलाह,ओ सब कालक्रमेण पैघ पैघ पद पर आसीन भेलाह। व्यवसाय सं बड्ड पाई कमाई गेलाह आ अखनो ओही डेग पर आगु बईढ़ रहल छैत।
किछु भारतीय अभिनेत्री सब अतई रहईत छथि। जुही चावला आ मुमताज क सासुर युगांडा मे छईन। दुनु के घरवाला प्रतिष्ठित भारतीय मूलक व्यवसाई छथि। चीनी मिल, होटल सहित कयेक टा आर उद्योग धंधा सब छईन। फिल्मी हस्ती मीरा नायर सेहो अधिककाल कम्पाला मे रहई छथि। विश्व सुंदरी रहल डायना हेडन सेहो पहिने अतई रहई छलीह।
कहबाक मतलब ई छल जे " डरक आगु जीत" छई।दोसर कड़ी मे फेर आन बात।
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युगांडा के माईट दुनिया मे सबसं बेशी उपजाऊ जमीन सब मे सं छई। कोनो बीया माईटक तर हला दियऊ, अपने ओ गाछ भअ कअ फर भअ जायत। बिना कोनो बेशी हील- हुज्जत आ मशक्कत के पेटक जोगाड़ भअ जाई छई।अकर सबहक हाल देख कअ बच्चा मे सुनल पराती मोन पईर जाईत अईछ-
" अजगर पड़ा रहा जंगल मे, तनियो ना ससरे।
सबका खर्चा रामजी दियो हैं, भूखा कोई ना मरे।।"
जखईन भोजन भेटे जाई छई, त ओ सब मेहनत केनाई छोईर देलक। अपनो सब कतअ, जिनका बिन मेहनत के प्राप्ति भअ जाई छईन, ओ सब निकम्मा भअ जाई छईथ। ऊयाह हाल अफ्रीकी सबहक छई। बेशिये आलसी अईछ ओ सब। अपना सबहक जेना किछू पाबई लेल " येन-केन-प्रकारेण " वाला मानसिकताक अभाव सगरो देखा जायत।
अतअ स्थानीय सब के दरमाहो बड्ड कम्म भेटई छई। भारतक पांच/सात हजार रूपया दरमाहा मे लोक भेंट जायत। सरकारी मुलाजमानक दरमाहा सेहो तहीना कम्मे छई।कतेक कम दरमाहा पर स्थानीय लोक भेटला के बादो, कम्पनी सब भारतीय/ चीनी के बेशी दरमाहा पर रखई छई।कम्पनी मे चोरी चकारी के कोनो मौका ओ सब हाथ सं नई जाय देत। छोट छोट चीज पर ईमान डोईल जाई छई। जकरे देबई रखबारी, ऊयाह लअ कअ चलईत बनत।
अतुका सवारी गाड़ी मोटरसाइकिल/साईकिल छई। मोटरसाइकिल के " बोडा- बोडा" कहल जाई छई। ओटोरिकशा/टेम्पो जेकां ई सऊंसे छिरियाल भेंटत। ई बोडा- बोडा क सवारी महंग होई छई। ओना " उबर" टैक्सी सेहो भेटअ लगलई अई। मूदा ततेक ने ट्रैफिक जाम होई छई जे लोक बोडा बोडा पर बेशी निर्भर रहईत अईछ। ओना किराया, मोटरसाइकिल आ उबर टैक्सी के एकरंगाहे छई। टैक्सी के थोड़बे बेशी। ई बोडा - बोडा त बुईझ लियअ जमीन पर चलअ बाला हेलिकॉप्टर भेल। एना बुझायत जे उईर उईर कअ जा रहल छई। ओहिना दिल्लीक ब्लु लाईन जेकां घातक " मटैटो" एतअ चलई छई। ई मटैटो मिनी बस जेकां भेल। ई अफ्रीका मे बेशी देश मे छई। ब्लु लाईनक बस जेकां सवारी के देखिते ब्रेक लाईग जाई छई। आहां के कर्त्तव्य अईछ जे बईच सकईत छी त बचु। कतऊ रूकल अईछ त कखन ससरत से बिधातो के नई बुझल। अकर सबहक अपन कानुन छई। ओकर गलती हेतई तअ ओ " सौरी" बाईज कअ काज चला लेत। आहांक गलती होयत त बिन हर्जाना लेने नई छोड़त।
अखईन किछु दिन पहिने कम्पाला मे एकटा युवा भारतीय, तीन टा चीनी संग मदिरापान कअ कअ मोटर चलबईत गाछ सं टकरा गेलाह। चारू युवा के मौके पर जीवन लीला समाप्त भअ गेलईन। पीयअ बला लोक के दु मिनट मे दोस्ती भअ जाई छई। पहिले बेर चीनी आ भारतीय के भेंट भेल छलईन आ चट दं पार्टी सेहो भअ गेल‌‌‌ छलई। एक्सीडेंट बाला जगह लग एकटा होटलक कैमरा लागल छलई। ओई मे जे रिकार्ड भेलई, से बड्ड वीभत्स छलई। जखने एक्सीडेंट भेलई तखने ई बोडा बोडा बाला सब पहुंचल। ओकरा सब के जे मोटर मे आ मृत शरीर पर भेंटलई, किछु नई छोड़लकई। पासपोर्ट, पर्स, अंगुठी, चेन, मोबाइल, जुत्ता, बैग, घड़ी, बेल्ट सं लअ कअ जे भी भेटलई, ओ भीड़ अस्पताल पहुंचाबअ के जगह, ई सामान सब लअ गेलई। कनिको घायलक प्रति दया माया नई, आ नई कनियो मानव शरीरक प्रति कोनो आदर सम्मान। बस ओकरा सब के समान चाही। पुलिस दोषी के पकड़अ के कोशिश करई छई, लेकिन से भअ नई सकई छई।
भारत मे सेहो पहिने अही तरहक घटना सुनबा मे अबई छलई। एकटा बस के रस्ता मे एक्सीडेंट भेलाक बाद सब घायल के अस्पताल मे भर्ती करावल गेल छलई। जखईन एकटा घायल लोक के पुछल गेलई जे कोना कोना आहां के एक्सीडेंट मे चोट लागल। ओकर ज़बाब रहई जे भगवान क कृपा सं एक्सीडेंट मे हम बाल बाल बईच गेल रही। ओ तअ ओतुका गाम बला सब जखईन घायल सब सं लुटपाट करअ लागल त हम ओकरा सब के रोकबाक प्रयास केलऊं। ओही मे ओ सब माईर कअ हमर हाथ पाईर तोईर देलक। हम एक्सीडेंट मे चोटिल नई भेल रही, हम त बादक लुटपाटक विरोध कैलाक कारण आई अस्पताल मे पड़ल छी।
अई तरहक घटना आब भारत मे सुनबा मे नई अबई छई। भअ सकई छई, अफ्रीको मे किछु बरखक बाद ई सब नई होई। सोच सुधरबा मे किछु बरख लगईत होई।
कम्पाला के सटले " जिंजा " शहर छई। अतई सं बच्चे सं सुनल सबसं लंबा नदी, " नील" नदी निकलई छईथ।ईयाह उद्गम स्थल मे महात्मा गांधी के मरलाक बाद १९४८ मे उनकर "अस्थि विसर्जन" कयल गेल छल। ओतई गांधी जी के मूर्तिक स्थापना भेल अईछ। गांधीजी के ओई मूर्तिके देखबाक टिकट अतुका करेंसी मे बिदेशीक लेल ३५००० सीलिंग छई। गांधी स्कावयर हमरा जोहानिसबर्ग मे सेहो भेटल। ओतअ चौराहा पर मूर्ति लागल छईन, आहां जते चाही, देखु। जिंजा मे महंग टिकटक कारण बहुत लोग देखअ सं बंचित भअ जाईत छईथ। सरकार के चाहियई जे टिकसक पाई कम करई, ताहि सं आरो देशक लोक गांधी के देखय आ आर किछु जानय। ओतअ चारू कात बरकी टटा " तारक " गाछ सब छई, जई मे लुधकल तार फरल छल। दु बरख पहिने भारतक उपराष्ट्रपति एकटा " अशोकक गाछ " लगेने छथि, जे ओतेक नई बढ़ल बुझायल, जतेक बढ़बाक चाही। ओतई गांधी के मूर्ति सं सटले " नील नदी" मे एकटा लोहाक पाया जेकां देखायल। पुछला पर पता चलल जे ई सामने एकटा टापु पर जाई लेल पुलक पाया अईछ। अंग्रेज सब के गेलाक बाद अतुका लोक के जे भेटलई, सब खा पका गेल। बाकी लोहा के उखाईर कअ बेच लेलक ओ सब। ई पाया पाईन मे धंसल छलई, ओ नई निकाईल सकल त ओ बांचल छई। जहिना भारत मे अंग्रेज सब रेलक जाल बिछेलक, तहिना अतऊ केलक। भारत मे रेल दऊड़ रहल छई आ अतअ ओकरा सब के जाईते पटरी तटरी उखाअईर कअ बेच बिकिन लेलक। आई कतऊ ट्रेन चलईत नई देखायत। कम्पाला मे एकटा भारतीय बैंक क शाखाक नाम रेलवे स्टेशनक नाम पर छई, मूदा ओतअ आब रेलवे के कोनो निशान नई बचलई। बैंकक शाखा ऊयाह नाम सं चईल रहल छई, अकर पाछु मे कहियो रेलवे स्टेशन रहई।भारत के पंजाब सं सिक्ख मजदूर सब रेलवे ट्रैक बनबई लेल सौ बरख सं पहिने अतअ आयल छलाह। गिरमिटिया मजदूर लोक बिहार, युपी बला के भारत मे बुझई छई। लेकिन एतअ सिक्ख मजदूर आ डरबन मे दक्षिण भारतीय मजदूर क नीक संख्या तहिया आयल छलई।
ई कम्पाला केन्या रेलवे लाईनक रस्ता मे आदमखोर बाघ सब सेहो छलई। कतेक भारतीय सिक्ख मजुर सब ओकर ग्रास बनल।ओही समयक गुरूद्वारा सेहो युगांडा आ केन्या मे भेटत। जे ई पुरान सरदार सब छथि उनका " सिंघा " कहल जाई छईन।अई पुरान सिक्ख/सरदार सब मे जे अतुका अफ्रीकी सब सं बियाह कयला पर जे संतान सब भेलईन, ओकरा " काला सिंघा" कहल जाई छई। सिंघा आ काला सिंघा के नीक संख्या एतअ भेटत।
सरदार सब कयेक टा शब्द अतुका लोक के सीखा देलकई। जेना " दुकान" के अतुका भाषा मे "दुक्का " कहल जाईत छई। "अनानास" के "नानास"। ओहिना आर कतेक शब्द अई सौ बरख मे अतअ के स्थानीय सबहक बोली बानी मे आईब गेल छई।
"आंईखक पपनी" के उपर खींचनाई मतलब " नई" भेलई। आब बात बात मे ओकर आ़ईखक पपनी देखईत रहु कि कखईन नई कहलक। अहिना कयेक टा गप्प के अर्थ मुंहक भंगिमा सअ लगई छई। अपनो सब मे बहुत लोक के खीस बरला पर नाक-कान लाल भअ जाई छईन।
जिंजा मे पहिने पुरा भारतीय सबहक वर्चस्व छलई। कयेक टा सड़कक नामकरण भारतीयक नाम पर भेल छई। घरों सब भारतीय शहर जकां छई। कतेक घरक अखनो कियो वारिस नई छई आ भारतीय नामक पट्टी लागल छई। ईदी अमीनक समय मे जे लोक सब परेलई, ओई मे बहुत नहिये घुरलई। ओकरे सबहक घर सब बियाबान पड़ल छई। ओतुका मंदिर आ गुरूद्वारा मे सेहो स्थानीय सब कब्जा जमा लेने छल। आब धीरे-धीरे भारतीय सब अपन पुजारी आ ग्रंथी सब रखलाह अईछ। बहुत रास दोकान दऊरी पर अखनो स्थानीय सब कब्जा जमौने अईछ।ई अवैध कब्जा ओहिना लगईत अईछ जेना दक्षिण अफ्रीका मे गांधी के फीनिक्स आश्रमक सैकड़ों एकड़ जमीन मे स्थानीय सब कब्जा जमौने अईछ। सही आ प्रर्याप्त कागजात नई रहबाक कारणे ओकरा सब के भारतीय सब नई हटा पाईब रहल छथि।
ई बेनामी संपत्ति आ कब्जा देख कअ दिल्ली मेट्रो के ओ घटना सब याद आईब गेल‌‌‌। जखईन हम ओतअ आठ बरख प्रतिनियुक्ति पर रही त कयेक बेर नब लाईन बिछबअ लैल घर आ जमीनक अधिग्रहण कैल जाईत छलई। अई मे बहुते एहन संपईत लेल गेलई, जेकर कब्जाधारी के कोनो कागज पत्तर नई रहई। ओकरा सब के दिल्ली मेट्रो के मुआवजा नई देबअ परलई। अहिना किछु जगह किछु मकान मालिक के किरायेदार सब नई किराया दई आ नई कब्जे छोड़ई। ओ जमीन/ मकान के मालिक सब आगु बईढ़ कअ ई जमीन/मकान मेट्रो के देबई लेल दौड़ बरहा करईत छल। कम सं कम ओकरा सब के सरकारी मुआवजा त भेंट जेतई। अहिना अतुका संपईतक हाल छई।
जिंजा शहर विक्टोरिया लेक आ नील नदी के संगमक कात मे छई। अतअ आहां विक्टोरिया लेक क शांत पाईन आ नील नदीक बहईत धारक संगम देख सकईत छी। ओई संगम स्थल पर जाई लेल सिने अभिनेत्री मुमताज क परिवारक माधवानी ग्रुप सं स्टीमर बुक कअ कअ जा सकईत छी। ओई संगम स्थल पर ज्यों कोनो वस्तु के ओई धार मे छोड़बई, तं तीन महीना बाद ओ वस्तु मिश्र( ईजिप्ट) मे जा कअ भेटत। अगर कोनो रस्ता मे व्यवधान नई भेलई तअ। कहबाक अर्थ जे तीन महीना लगई छईअतअ सं पाईन के ईजिप्ट पहुंचअ मे। अतअ नील नदीक उद्गम लग ईजिप्ट सरकार अपन आफिस खोलने अई- ई नदी के बहाव क निगरानी क लेल। कहीं कियो अई बहाव के रोईक वा छेड़छाड़ तअ नई कअ रहल अईछ। ई देख नीक लागल, मूदा अफसोसो भेल कि काश हमहु सब नेपाल आ चीन सं उद्गम भेल नदी सब पर नजर रखबाक लेल कोनो बेबसथा केने रहितऊं त आई सब साल मिथिला मे नेपालक मनमानी सं पाईन छोड़ला सं, एहन त्रासदी नई होईतई।
जिंजा सं तीस किलोमीटर दूर " ईटिंडा फाल" छई।ई शहर सं दुर कच्चा रस्ता सं जुड़ल छई। अतअ जायब तअ आहां के बीहड़ जंगल मे डाकु सबहक अड्डा जकां लागत।बुझायत जे अपहरण कअ कअ लोक लअ जा रहल अईछ। सैकड़ों एकड़ मे फैलल आ निजी प्रतिष्ठान एकरा चला रहल अईछ। मेन गेट पर खाकी बर्दी मे वाकी टाकी आ हथियार सं लैश लोक भेटत। पहिने सं बुकिंग भेला के बादो, सट्ट सं नई दरवज्जा खोलत। पुछताछ क बादे आहांक मोटर अंदर जा सकईत अईछ। ओकर बाद किछु दुरी तय केलाक बाद नदीक किनारा होयत। ओतअ दोसर लोक भेटत। मोटर ओतई छोड़अ परत। फेर छोटकी नाव मे तेजी सं बहईत धार मे लअ जायत। लाईफ जैकेट पहिरला के बादो नावक यात्रा डरबईत रहत। हिलईत डुलईत आहां एकटा घनघोर जंगल सं घिरल टापु पर पहु़चब। ओतअ खाकीधारी महिला आहां के नाव सं उताईर कअ पगडंडीक रस्ता सं पाछु पाछु अयबाक निर्देश देतीह। थोड़ेक दुर गेलाक बाद पाईनक हनहनाईत धारा देखायत। ओ धारा आगु जा कअ नील नदी मे मिल जाई छई। ई टापु बियाबान जंगल सं भरल अईछ। थोड़ेक दुर पर राफ्टिंग क सुविधा सेहो छई। लेमाला वाईल्ड वाटर्स लौज सेहो अकरा कहल जाई छई। अगर किनको अपहरण क कअ बीहर मे डकैत सब ल जाईत हेतईन, त ओ अहिने होईत हेतई।
ओहिना युगांडा मे बड़का बड़का चाहक बगान सब छई। आहां मोटर रोईक कअ चाहक पात तोईर सकईत छी। कियो रोकत टोकत नई।चाहक पात के तोड़बाक सेहो तकनीक छई। सोंझे तोईर कअ सुखा कअ चाह बनायब त ओई मे सुआद नई आयत।आहां जेना" बेलपात" के तीन पातक गुच्छा एक संग तोड़ई छी आ भोलेनाथ पर चढ़बई छियैन। ईयाह तीन पात के महात्म्य छई। ओहिना चाह के तीन टा के जुड़ल पात के संग खोंटब, तखैन सुखायब आ फेर चाह बनायब त स्वाद लागत। हमरा एकटा मऊगी ई सब तकनीकी पक्ष बतबई छलीह। ओ तीन टा के पात सं हमरा बेलपात मोन पईर गेल।
ओहिना अतअ चीनीक मिल सब छई। भारत जेकां चीनी मिल सीजनल नई होई छई। ईक्वेटरक लग रहबाक कारण सालों भईर एक्के ऱंगक मौसम रहई छई। एना बेबसथा छई जे एक तरफ सं कुसियार रोपईत एक ग्रुप आगु बईढ़ रहल अईछ आ दोसर तरफ सं तैयार कुसियार कटाअ रहल अईछ। जे कुसियार रोपअ बाला टीम अईछ, ओ सालों भईर रोपिते रहईत अईछ आ काटअ बाला सालों भईर कटिते अईछ, ढोबअ बाला ढोईते रहईत अईछ। अहिना सालों भईर कुसियार क मिल चलिते रहई छई। भारत जेकां अलग-अलग कुसियार क चलान नई कटईत छई। कुसियार मिलक मालिक के अपने सब जमीन होई छई। भारतीय मूलक लोक सब अई चीनी मिल सबहक मालिक छथि, जई मे जुही चावला आ मुमताज क सासुर प्रमुख अईछ।
अहिना आम आ लतामक बगान सब अईछ, जतेक मोन खाईत रहु। ई देखला सं हमरा दक्षिण अफ्रीका के स्ट्रोबेरी के फार्म मोन पईर गेल। आहां पाई के अनुसार पथिया लियअ, फार्म मे जाऊ, जतेक मर्जी खाऊ आ पथिया भईर कअ लअ जाऊ। अहिना ज्यों अपनो दिश आमक गाछी मे होईतई जे जाऊ, गोपी आम तोड़ु, खाऊ आ बाकी बचल पथिया मे भईर कअ लअ जाऊ।
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युगांडा मे जे सत्ताधारी दल छई, ओकरा राजधानी कम्पाला मे बढ़त नई छई। ओतुका लोकक कहब छई जे ताहि दुआरे ओतेक आधारभूत संरचना के विकास नई भेलई, जतबा राजधानी रहबाक कारणे होबाक चाही। कम्पाला मे सड़क सबहक स्थिति ओतेक बढ़िया नई छई, जतेक कम्पाला सं बाहर निकलला के बाद भेटत।सड़कक नीक स्थिति नई रहबाक ईहो कारण भअ सकई छई जे सड़क पर गाड़ीक दबाव बेशी छई। जे भी कारण होई, ई सत्य थीक जे अतुका सड़क, स्तरीय नई छई। बढ़िया सड़क त दक्षिण अफ्रीका मे छई.......... भारत मे सेहो ओहन नई छई।
आब जे हम कहअ चाहई छलऊं, से छई सड़क परक गड्ढा। अतअ अई गड्ढा सबहक भराई शईन / रईब कअ होई छई। ओई सं पहिने गड्ढा के आर खोईद दई छई जे भरअ मे सहुलियत होई। हमर एकटा सहकर्मी कम्पाला शहर सं कनी बाहर दिश रहईत छथि। नबका धनिक सब ऊमहर घर बना कअ रही रहल छथि। उनकर गली मे अहिना गड्ढा सब भअ गेल छलईन। बहुत दिन सं ओकर भराई नई भेल छलई। किछु पड़ोसी के चढ़ेला पर नबका धनिक ओई गड्ढा सब के बढ़िया सं भरबा देलखिन। सब गली बाला सब बाहबाही देलकईन। ओहो बड़ाई सुनला सं अघा नई रहल छलाह। ओही बीच मे ओतुका नगर निगम बला ई पता कअ कअ,जे के बनेलक अईछ..... घर पहुंचलईन। सरकारी सड़क के निजी व्यक्ति द्वारा मरम्मत करवेनाई नियम आ व्यवस्था के खिलाफ भेलई। ओ निगमक अधिकारी अई नबका धनिक के चेताअ गेलईन जे या तअ सड़क जेना गड्ढा बाला छलई, ओना बना दियऊ.......या भारी जुर्माना भरबा लेल तैयार रहु। आब कियो पड़ोसी हालचाल पुछहो नई एलईन। जुर्माना क रकम बेशी होबाक संभावना छलई, तैं फेर मजुर बजा कअ सड़क पर गड्ढा करबा कअ जान बचेला। फेर मोने मोन कसम खेलाह जे आब फेर लोकक कहला पर नई चढ़ताह। ई नियम ओतअ पुरान लोक सब के बुझल छलई।उनकर पड़ोसी सब के सेहो बुझल छलईन। मूदा मजा लई लेल ईनका सब मूर्गा बना देलकईन।
जेना किछु फल जे अतअ बहुत रास भेटत - पैशन, अवाकाडो, केरा, कटहर, आम,लताम........... ओहिना किछु बैक्टिरिया सब सेहो छई, ओ आहां के दहेज मे भेटत।
" बिलहारजिया " ई बीमारी एतअ होई छई आ ईलाज सेहो अतई टा छई। तैं लोक अतअ सं जाय सं पहिने, एकर जांच करा लईत अईछ। ज्यों रिपोर्ट पोजिटिव अबई छई, तं तखने अकर टीका लगा लईत अईछ। बीमारी लाईलाज नई छई, लेकिन पते नई चलई छई। हमर एकटा पूर्व सहकर्मी एक बरख सं कोनो ने कोनो बीमारी सं ग्रसित रहलाह। "बीमारी कोनो आ ईलाज कोनो" चईल रहल छलईन। बाद मे ककरो सलाह पर जांच करेलाह, त बिलहारजिया निकललईन। दवाई खेलाह......आब पूर्ण स्वस्थ छईथ आ न्युयार्क मे आनंद लअ रहल छथि।आई सं करीब सौ बरख पहिने अई बैक्टिरिया जनित बीमारी के पता लगलई। कालक्रमेण दवाई सेहो निकललई।अफ्रीका छोरबा सं पहिने अकर जरूर जांच करालीह। बाहरक डाक्टर के नई ई बीमारी आ नई एकर ईलाज बुंझल छईन। तैं फोंसरी के भोकन्नर होबअ सं पहिने दवाई लअ रोग के काईट ली।
आब सुनु अकर होबाक कारण- ई अतुका बहईत पाईन मे होई छई। नील नदी के पाईन मे सेहो अकर बैक्टिरिया पायल जाई छई। पाईन के छुला मात्र से ई बीमारी भअ सकई छई। एक बेर ज्यों अकर बैक्टीरिया देह मे भीतर आईब गेल‌‌‌ त ओ तीसो बरखक बाद आहां के अपन शिकार बना सकइत अईछ। ई बैक्टीरिया आईब कअ सुईतो रहई छई आ कयेक बरखक बाद जाईगो जायत।अकर सिमटम सामान्य जर बोखार जेकां शुरू मे रहई छई। बढ़ला पर तअ बाद मे खुनक उल्टी तक होईत छई। फेर कोनो ईलाज नई। ओही लेल अतअ आबअ जाय बला लोक अकर बचाव करईथ। जांच करा कअ निश्चिंत सं जाईथ। दक्षिण अफ्रीका मे अई बीमारी के बारे मे नई सुनने रही।
अहिना यलो फीवर के टीका तअ अतअ आबअ सं पहिने अनिवार्य छई। टीका के बादे आहां के इमीग्रेशन अई देश मे घुसअ देत। ओना एक बेर यलो फीवर के टीका लगा लियह त ओ दस बरख तक वैध छई।
अतुका लोग सब खुब हृष्ट पुष्ट होईत अईछ। शरीरक अंगक प्रतिरोधक क्षमता सेहो बढ़ल रहईत छई।हमरा अतअ अबिते एकटा सहकर्मी कहला जे कोनो बीमारी भेला पर अतुका डाक्टर जे दवाई लिखत, ओकर आधे गोटी खायब। ओ सब अपन शरीरक क्षमता के अनुसार दवाई लिखईत अईछ। हमर सबहक शरीर दोसर रंगक अईछ, तैं ई गांठ बाईंध लियह जे आधा या चौथाई दवाई खेबाक अईछ। एक बेर ओ जतेक लिखलकईन, ओतैक खा लेने छलाह तं तेसरे परेशानी भअ गेल छलईन। ओना एशियाई डाक्टर सब सेहो छई, ओ सब भारतीय लोकक शरीरक क्षमता सं अवगत अईछ। तैं ओ सब जे लिखय त ओ खा लेब। शुरू मे त हमरा ई गप सुनबा मे केना दन लागल, लेकिन आब हमहु ऊनकर सलाह सं सहमत छी।
युगांडा समुद्र सं नई जुड़ल अईछ। तैं अतुका लोक नोन सं बेश दिन बाद परिचित भेल। नोन क स्वाद ओ सब बड बाद मे लेलक। कहल जाई छई जे अतअ पहिने सोना बड्ड रहई आ नोन क स्वाद चखने नई छल। ओई समयका व्यापारी सब नोन लअ कअ अतअ जेना तेना पहुंचय आ नोनक मोटरी बराबर " सोन" लअ कअ अतअ सं जाय।अतअ नोनक मोल छलई, सोन त अहिना रहई।
मनुक्खक शरीर नोन लेल नई बनल छई। बहुत बाद मे धीरे-धीरे मनुक्ख नोन खेनाई शुरू केने अईछ। बाद मे नोन मनुक्खक जीन मे पीढ़ी-दर-पीढ़ी एलई। आब त शरीर अभ्यस्त भअ गेल छई। नई त पहिने नोन देहक भीतर जाईते जहर भअ जाई छलई। ओई देशी नोनक बदला मे व्यापारी सब अतुका संसाधनक बड्ड शोषण केलकई। नोनक एहन स्वाद छई जे अकरा चीखला के बाद आहां अई बिनु नई रही सकईत छी। अकरे फायदा दुनिया के व्यापारी सब लईत अईछ। पहिने सस्ता सुभिस्ता बेबसथा कअ कअ आदत लगाओत। ओ आदत बाद मे लत भअ जाई छई। तखन ओई लत सं ओ फायदा लेनाई शुरू करत। अतुका स्थानीय लोक संग व्यापारी सब ईयाह केलकई।
दुनिया बड्ड अजीब छई। एकटा सहकर्मी कहईत छलाह जे एकटा देश मे त चोरी के रिपोर्ट लिखेबाक पाई देबअ के परई छई। ई पाई सरकारी फीस छई। जेना आहां के पर्स चोरी भअ गेल। ओई पर्स मे आहां के पाई, आई कार्ड, ए टी एम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आ क्लब मेम्बरसिप कार्ड छलाय।सब वस्तु खातिर बीस बीस स्विस फ्रैंक देबई, तखने रिपोर्ट लिखत।आहां के कुल जमा पर्स लगा कअ छह टा चीज चोरी भेल। आहां के बीस जमा छह, एक सौ बीस स्विस फ्रैंक देबअ परत। आब आहां देबई कतअ सं? आहांक पर्स आ कार्ड दुनु चोरी भअ गेल अईछ। अई सं ओकरा कोनो मतलब नई छई। आहां आब पहिने घर वा आफिस जाऊ....... पाई लअ कअ आऊ........ तखने पुलिस रिपोर्ट लिखैत। हमर सहकर्मी कहला जे एक त चोरी भेल, ऊपर सं आरो पाई दियऊ। एतअ सं ओतअ बऊआईत रहु।अई सं नीक जे चुपचाप घर जा कअ बईस रहु। ओ ईयाह केलाह। हमरा जहां तक मोन परईत अईछ जे ई बेबसथा स्विट्जरलैंड के छई।
ई सब सुनला पर होई छई जे अपन भारत देश नीक अईछ। देर सबेर रिपोर्ट त लिखाईये जाई छई।अतऊ कम्पाला मे पुलिस के कोनो काज लेल बजेबई, त ओकर ओ कोनो ने कोनो रूप सं आहां के जेबी ढीला करबायत। आहां स्विट्जरलैंड जेकां नाक सीधा छुबु वा युगांडा जकां हाथ घुमा क छुबु। बात एक्के।
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अफ्रीका मे जे सबसं बढ़िया परम्परा हमरा लागल ओ छल बियाह मे बर बाला दिश सं कनिया बाला के दहेज देनाई।ई पहीने अपनो समाज मे छल। बाद मे ऊल्टा भअ गेलई। अखनो पुर्वोत्तर भारत मे ई बेबसथा छई।मऊगी के सामाजिक स्थिति बहुतही बढ़िया छई।
कम्पाला मे स्थानीय सबहक बियाह मे एकटा प्रथा बड रोचक लागल - कनिया के "मामी", खास बरियाती सब के खेनाई अपने बनबई छई। खास बरियाती मे बरक पिता, कका, बहनोई, पीसा, मौसादि सब होई छई। बाकी बरियाती त अपने सब जेकां हलुआई वा केटरर बनबई छई, लेकिन खास लोकक अपने सब बनेनाई, पारिवारिक संस्था के मजबुती दई छई। कन्या पक्ष सब तरहक पेय पदार्थ क बेबसथा केने रहई छई। सबसं पहिने कनियाक बाप के सब ड्रिंक्स चीखैल जाई छई। ओ जकरा जकरा नीक कहई छई, ऊयाह ओतअ परसल जाई छई। बाकी गाना बजाना आ नाच ठुमका त सब जगह एकरंगाहे छई।बरक बाप अपन जे सब सामग्री अनने रहईत अईछ, से सब कन्या पक्ष के दई छई।बरक पक्षक खास लोक के अलग सं घर मे बईसा कअ खुवावल जाई छई। अपनो सब कतअ अहिना पैर धुएनाई सं लअ कअ, नबका स्टाईल मे पंडाल मे खास लोक के घरबईया अलग सं खुआबई छईथ।
दहेज मे अखनो गाय प्रमुख छई। पांच टा गाय वा दस टा गाय लड़की के बाप के, लड़का तरफ सं प्रस्ताव अबई छई। लड़की के बाप अपन बेटी के बजार भाव देखई छई। मोल मोलई सेहो होई छई। कयेक टा लड़की के बाप, बस अतबे देखई छई जे, के ओकरा बेशी गाय दअ रहल अईछ। ई त ओहिना अईछ जेना अपना कतअ बरक बाप, बेशी पाई गनअ बाला वा भरिगर कुटुम्ब के तकई छथि। उनका आर कोनो गुण नई, बस आ बस, पाई वा स्टेटस चाही।ईयाह परम्परा हम जिम्बाब्वे, लेसेथो आ दक्षिण अफ्रीका मे सेहो देखलियई। लड़की के बाप सब सीना चौड़ा क कअ घुमत। अपन गाय आ समान सब लेलक, बाकी जाय चुल्ही मे।
युगांडा मे किछु जनजाति मे लड़का सब सं पहिने लड़की के पीसी लग अपन दावेदारी पेश करई छई। अपन ईच्छा जतबई छई। लड़की के पीसी, लड़की सबहक ट्रेनर होई छई। ओ चौका बर्तन , घर सईंतनाई सं लअ कअ बैबाहिक जीवन कोना जीबल जाई छई, सब सीखबईत छई। अतबे नई, ओ लड़का के दान दहेज के गप केला के बाद, ओकर पौरुष के सेहो जांच करई छई। लड़की के पीसी संग लड़का के सुतअ पड़ई छई। ओकर बादे लड़की के पीसी अपन सहमति दई छई। बिना ओकर सहमति के बियाह निश्चित नई होई छई। लड़का पहिने लड़की तकईया, फेर लड़की के पीसी के गाम ठाम, फेर अपन गाय आ समान सबहक सुचीक संग प्रस्ताव, फेर मर्दानगीक परीक्षा, तखईन जा कअ गप आगु बढ़ई छई। लड़की के पीसी, तखईन लड़की के पिता के सब बात निश्चित भेला पर अपन सहमति दई छई। कयेक बेर एहन भेलईया जे लड़का धन संपईत रहला के बावजुदो पौरूष परीक्षा मे नई पास कअ चुकल। ज्यों लड़की के कयेक टा पीसी छई, त ओकरा स्वतंत्रता छई कि ओ कोनो लग प्रस्ताव लअ कअ जा सकईत अईछ। "विधकरी" त सेहो मैथिल समाज मे अहिनाहे भेल, संग सुतनाई छोईर कअ। ओकरा सब मे बियाह सं पहिने, अतअ बियाहक दौरान मददगार भेल।
लड़की ज्यों सासुर मे विधवा भअ गेल त ओकर भार लड़का परिवार मे कियो उठा लई छई। विधवा ओई परिवार क संपईत भेलई। लड़का बाला दहेज दअ कअ अनने अईछ। तैं पहिल हक ओई मऊगी पर ओकर सबहक छई।बाल बच्चा सहित ओ मऊगी ओई परिवार के दोसर पुरूख संग रहअ लगईत अईछ। अगर ओकर पहिलका बर किछु संपईत छोईर गेल अईछ,त ओकर हक ओई पर छई। नई तअ दोसर पुरूख संग रहला पर, ओई पुरूख के विवेक पर छई जे ओ चाहे तअ हिस्सा दई वा नई दई।
अतअ अही लअ कअ सांझा आ वृहत परिवार के चलन छई। अई सं सामाजिक सुरक्षा सेहो छई। किछु ऊंच नीच भअ गेला पर बेलेल्ला नई होबअ परई छई।पच्चीस तीस लोक त अतअ सामान्य परिवार मे संग रहईत अईछ। दोसरो के कनिया बच्चा के सेहो संग रखईत छई। पारिवारिक मामला मे सरकार क कानुन बड्ड लचर छई। अकर फायदा कयेक लोक उठबईतो अईछ। कतऊ आ कखनो बियाह कअ लेलक......जखन मोन तखन छोईर देलक.........ककरो संग रहअ लागल.......धीया पुता के जन्मेला के बाद परवरिश क जिम्मेदारी सं बचबा लेल पराअ कअ चईल गेनाई.........फेर जहिया मोन भेल, मूंह उठा कअ घर घुईर एनाई।
भारत मे सेहो अहिना कयेक तरहक प्रथा आ परम्परा छई, से सब मोन पड़ल। केरल मे तअ मामा आ भगिनी मे बियाह होई छई। ओहिना मेघालय मे लड़का, बियाहक बाद सासुरे मे रहई छई। ओकर सार के जखईन बियाह हेतई त ओ घर छोईर अपन सासुर चईल जायत। तलाक सेहो ओहिना आसान छई। कनिया के माथ पर घईल राईख दियऊ, बर ढेपा फेंक कअ ओई घईल के फोईर देतई। घईल फुटिते, संबंध खत्म......भअ गेल छुट्टा छुट्टी कही वा तलाक कही।
अहिना युगांडा मे बरियाती सब घईल जेकां माईटक बर्तन मे देशी मदिरा लअ कअ अबईत अईछ, आ कन्यागत के पीबई लेल दई छईन। उनका पीयला मे स्वाद नीक लगलईन त ओ प्रसन्न हेताह। फेर आगु के कार्यक्रम नीक हेतई। घईलक कोनो ने कोनो रूप मे सब काज मे उपयोग होईत अईछ।
ओहिना मिजोरम मे चर्च मे किछु हजार खर्च कअ कअ बियाह भअ जाई छलई। बहुते बच्चा के पिता के नामो नई छई। पुछला पर कहत- "ललपा दिया है।" ललपा माने भगवान।
अरूणाचल मे बड़का बड़का अपराध मे ओतुका समाज किछु "मिथुन" के दंड लगबई छई।मिथुन, भैंसा जेकां जानवर होई छई। मिथुन के मांसक भोज भेल, सब अपराध खत्म। ई पंचायत क संरचना ततेक ने सुदृढ़ छई, जे कोनो गप बाहर नई जाई छई। ओहिना अतुका लोक सबहक अपन समाज क ढर्रा छई जे की झांपल तोपल छई। अखुनका स्वघोषित सभ़्य समाज अकरा नीक नई कहई छई, लेकिन अई लोक के परवाह नई छई। पूरा आजादीक संग जीवन छई। जकरा आहां लोक लाज कहई छी- ओकर परिभाषा किछु आर छई।
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अफ्रीका मे आहां बहुत तरहक एकटा क्षेत्रीय समानता देखबई। उत्तरी अफ्रीका के देश सब इस्लाम बहुल भेटत आ ओहिना दक्षिणी अफ्रीका के देश सब ईसाई धर्मावलंबी। जे सब खाड़ी देश सब सं सटल अईछ ओतअ मुसलमान बेशी आ जे अफ्रीकी देश ब्रिटिश उपनिवेश छल ओई सब मे ईसाई धर्म बेशी फैलल।
पुर्वी अफ्रीकी देश सब मे एशियाई बिशेष कअ भारतीय बेशी भेटताह। ई सब व्यापार सं जुड़ल काज सब मे संलग्न भेटताह। अतअ भारत सं मतलब बिभाजन सं पहीलका भारत सं अईछ। देखला- सुनला आ बोली- बानी सं आहां प्राचीन भारतक लोग के अखुनका एशियाई देश मे बांईट कअ नई देख सकई छी। हमरा कयेक लोक एहन भेटल, जेकरा हम कतुका कहबई, से स्पष्ट नई भेल। एकटा लोकक बारे मे आब पढ़ु।
प्रिटोरिया, साऊथ अफ्रीका मे, हमर घरक अगली बगली भारतीय मूलक घर छलाय। एक मे लोक रहईतो छल। वो परिवार आईब कअ भेंट केने छल। जेना अपना दिश‌ होई छई जे नब पड़ोसी के आश्वस्त कैल जाई छई -कोनो वस्तु के बेगरता हुआय त कहब- से भरोसा दअ कअ ओ परिवार गेल। ई परिवारक पूर्वज गिरमिटिया मजदूर बईन कअ डर्बन, साऊथ अफ्रीका आयल छल‌‌‌। आम भारतीय जकां ईनकर रहन-सहन लागल।अई पर कहियो आन विस्तृत चर्चा करब।
हमर दोसर कातक घर मे किछु रिनोभेशन चईल रहल छल।ओई मे कियो रहईत नई छल।जखईन हम आफिस जाई लेल निकली तअ हैट-सैट लगा कअ एकटा महिला कखनो फोल्डिंग कुर्सी तअ कखनो ठार भेल काजक देखरेख करईत रहई छलीह। दु टा भारतीय जेकां देखअ-सुनअ बाली मऊगी, उनकर आगु-पाछु करईत रहई छलईन। हम घर सं निकली, मोटर स्टार्ट करी-आवाज त होई, लेकिन ओ कनखियो आंईखे हमरा दिश नई तकई छलीह। हमहु उनका दिश कियैक तकबईन। हल्का आभास उनकर लअ लीह। हैट आ गुगल्स मे उनकर मुंह झापल तोपल रहई छलईन, ऊपर सं कखनो कअ छत्ता सेहो, कखनो गर्दा सं बचई लेल नाक -कान सेहो झंपने रहई छलीह। गुगल्स मे आंईख झापल रहला सं ई पते नई चलई छई जे ओ कतअ ताईक रहल छई। आंईख सं आंईख मिलतय, तखने ने हम नमस्कार-पाती करितयईन।
ओना साऊथ अफ्रीका मे एक दोसर के हाय-हेलो कहबाक परिपाटी छई। सुन्नर मऊगी एक अंजान पुरूख के सेहो नमस्कार करत आ हाल-चाल पुछत। ऊपर सं लाबा-दुआ मे मुस्की सेहो छोड़त। नब नब भारत सं आयल लोक तअ अई मुस्किये पर लोटपोट भअ जाईत अईछ। आहां दोकान मे जाऊ वा टैक्सी-ड्राईवर के बजाऊ वा सिक्युरिटी गार्ड हुआय वा काजबाली हुआय, पुलिस कर्मी होई वा पड़ोसी होई वा कोनो राही-बटोही होई वा डाक्टर-कम्पाऊंडर होई वा रिसेप्शनिस्ट होई वा अधिकारी होई वा स्कुलक गुरुजी होईत वा प्रिंसिपल होईत, कियो भेटत आहां के पहिने प्रणाम-पाती करु......फेर हाल-चाल पुछियऊ.......ओकर बाद मूल बात पर आऊ। आहां सोझे काजक गप्प शुरू करब त एक त ओ आहांके जाहिल गंवार आ बिना एथिक्स बाला बुझत आ दोसर ज़बाब सेहो अनमने ढंग सं देत। ओकर बस मे हेतई तअ टरकाईये देत। ओही लेल शुरूये सं साकांक्ष रहु। चवन्निया मुस्की जबरदस्तिये सही, बनने रहु आ बिन बजायले सही बहिनक सासुर के कठपिंगल पाहुन जेकां उनका सं आदर स बेबहार करु।ओई पाहुन के बिदा होईते " हअ हअ हअ" कअकअ त्राण लियह।
अतअ ई हैटसैट वाला मउगी त तकबे नई करय। हमहु त किनको सं कम थोड़बे छी। हम तोहर देश आयल छियऊ.......तु मान वा नई मान, हम त अपना के पाहुन मानई छी..........पहिने प्रणाम -पाती तोरे करअ परतऊ.........। अहीना करीब एकाध मास बीतलई। ओकरा हमर जाय आबअ के समय ठेकना गेल छलई।हमहु ओकरा कतऊ कतऊ ठार बैसल देखबा के अभ्यस्त भअ गेल छलऊं। हफ्ता दु हफ्ता ओ नईयो देखाई छल।
एक दिन रईब कअ घर मे काल बेल बाजल। हम ओकरा कनी काल पहिने नीचा मे ठार देखने रहियई। अकरा सिवाय दोसर के भअ सकईत अईछ। बिना एप्वाइंटमेट के तअ दोसर कियो ककरो कतअ अबिते नई छई। आई कनीक ढंग सं तकने छल.......अंदाज सहिये भेल। ऊयाह छल।
आई बिना हैट आ गुगल्स के ओ छलीह। उनका सब बुझल छलईन जे हम कतअ आ की काज करई छी। धीया पुता हमर कतअ पईढ़ लिख रहल अईछ। ओ ई सब गप्प कहअ लगलीह। हमहु तखईन हुनका कहलियईन जे आहां फलां सं फलां दिन नई छलऊं। उनको आश्चर्य आ नीक लगलईन जे कियो अयबाक तारीख मोन रखने छईन। ओ कहलीह जे उनकर दरमाहा पर राखल सहायक के सेहो नई मोन हेतईन जे ओ कहिया कखईन एलीह आ कहिया नई एलीह।ईयाह भेलई ओ अपन सहायिका के बजा कअ पुछलकिन आ ओ ज़बाब देबअ मे सकपका गेल। दिन कन्फर्म करअ लेल मोबाइल मे सर्च करअ लागल। ओ ओकरा कहलखिन- भअ गेल,हमरा जे बुझबा के रहय से बुझा गेल। आहां जाऊ, काज देखुगअ।
ईनका बुझले नई जे हम तअ ओतअ के छी जतअ किनका कतअ कोन पाहुन एलईन, किनकर जमाय- ननिदोस रुसल छथिन, के कतेक पाई डोनेशन दअ कअ बच्चा के एडमिशन करेलाह अईछ,किनका किनका सं घुट्टा सोहार छईन, के बेशी आ कियैक फलां सं चौल करअ लगलाह, बेटाक सासुर सं आयल भार के नुका कअ बेचलीह आ किनका कतअ नोत मे फलां कियैक नई एलखिन, फलां साल भदबारी मे अपना छोईर कअ किनकर बारी मे कतेक फुट बाईढ़क पाईन आयल छलईन आ अहिना आर खोद-बेद सब, बईसले बईसले थाह लगा लेल जाई छई।
ओ अपन नाम " सायरा" बतेलीह। भारत कयेक बेर घुईम फिईर चुकल छलीह।हमर बिहार कहलाह पर "बोधगया" घुमला के अपन अनुभव बतेलीह। चाह - काफी के आग्रह केला पर दुध आ दुध सं बनल खाय पीबाक वस्तु सं एलर्जी के बात बतेलीह। ओ पूर्व मे ब्रेस्ट कैंसर सं पीड़ित रहल छलीह। हमरा किछु कहबाह सं पहिने ओ आपरेशन कैल अंग सेहो देखा देलीह। पहिले दिन खुब गप्प ठहक्का भेल। ओ सम्प्रति ब्रिटीश नेशनल छलीह। हिंदी बढ़िया सेहो बजई छलीह। हनकर पतिदेव साऊथ अफ्रीका के एकटा पैघ प्रतिष्ठित कंपनी के सी ई ओ छलखिन। हमर ई कहला पर जे उनका नई कहियो एतअ अबईत देखलियईन। उनकर ज़बाब छलईन- ओ व्यस्त छथि। कहियो काल अबई छथि , अतुका कतेक काज बढ़ल अईछ , से देखई लेल। ओना हम सब काजक बारे मे बतबईत रहई छियईन। ई काज हमरे जिम्मा अईछ। जखईन हम काज देखिये रहल छी तअ उनकर कोन काज। ई समय ओ आन काज मे लगेताह। कतेक सहज ढंग सं ओ ई बात बजलीह।
हमरा मोन पड़ल अपना कतअ त घर बनअ काल घरक लोक के तअ छोईर दियह, सर संबंधी आ टोल समाज सेहो बिन बजेने टहलईत आयत , आ दस टा सलाह दअ कअ चईल जायत। नई किछु हेतई त ई जरुरे कहत- "बाकी सब तअ ठीक अईछ लेकिन आहांक घर मे सुरजक ईजोत कम आयत, अन्हार बेशी रहत।"
ओकर अपन घर मे एक्को टा खिड़की नई रहला सं सदरो अन्हार होई लेकिन आहां के तअ कनी ज्ञान दअ कअ चईल जायत। एक्को कोठरी जे जीवन मे नई कहियो बनेने हेताह ओहो घर बनेबाक आ वास्तुक एक्सपर्ट जेकां सलाह दअ कअ चईल जेताह। एतअ तअ सद्य ओकर घरबाला छथिन लेकिन उनका अकर अनुभव नई , तैं ओ सलाह नई दई छथिन। अपना सब कतअ " फलां बुझिते कतेक छथिन" बाला भाव सं ई सब ऊपर उईठ गेल अईछ।
आब शईन रईब कअ बेशी काल सायरा हमरा कतअ आबअ लगलीह। हुनकर अपन घर मे काज चईल रहल छलईन। उनका प्रिटोरिया मे सेहो पैघसन घर पहिने सं छईन- जतअ ओ अखईन ई दुनु नौकरानी सब संग रहई छथि।एकटा तलाकशुदा बेटी छईन ओ इंग्लैंड आ साऊथ अफ्रीका अबईत जाईत रहई छईन। बेटी सं जुड़ाव त छईन लेकिन धृतराष्ट्र बाला संतान प्रेम नई छलईन।
हम कहलियईन- अतेक टा घर त पहिनेहे सं प्रिटोरिया मे अईछ, तखईन ई घर किया कीनलऊं।
हमर घरबाला के ईच्छा छलईन जे " युनियन बिल्डिंग" के लग रही। कहिया सं ताक मे रही। युनियन बिल्डिंग के लग ईयाह घर भेटल तैं कीन लेलहुं।
युनियन बिल्डिंग अतुका राष्ट्रपति भवन भेल। ई तअ ओहिना भेल जेना इंडिया गेट के लगीच रहअ के सब भारतीय के सपना रहई छई।
हमरा डांर मे दर्द रहईत अईछ, सीढ़ी नई चईढ़ सकई छी, तैं लिफ्ट लगबा रहल छी। अई एरिया के ई पहिल दुमंजिला घर होयत जइमे लिफ्ट होयत। अकरे सरकारी परमिशन सब लेबअ मे दिक्कत भअ रहल अईछ। हमरा त पुरने घर नीक लगईत अईछ। ओ पैघ परिसर मे अईछ। मूदा घरबाला के ईच्छापूर्ति के लेल हमरा ई घर बनबावअ के पईर रहल अईछ।
अतअ हम एकटा बात जोईर दी जे हमर घर मे बैठकी दोसर मंजिल पर छल आ सायरा खुशी-खुशी अपने चईढं कअ अबई छलीह।
तरह तरह के टाईल्स आ लकड़ी के काज घर मे भअ रहल छलईन। चारु कात फूल पत्ती सब लगा चुकल छलीह।हमर सहकर्मी सब सं सेहो हमरा कतअ हुनका भेंट गांठ भअ गेल छलईन।
एक दिन बहुत शिकायत के लहजा मे बजलीह जे आहां के सहकर्मी के कनिया सब तअ बिदेशी भअ गेल छथि। हम कारण पुछलियईन तअ ओ कहलीह-
हम आहां कतअ आयल रही। सब स्त्रीगण सब हमरा सं अंग्रेजी मे बाजअ लगलीह। हम हिंदी मे ज़बाब दियईन आ ओ सब अंग्रेजी मे बजई छलीह। हमरा नई रहल गेल हम कहलियईन - आहां सब नार्थ इंडियन भअ कअ हिंदी नई बजई छी। तखईन ओ सब लजेलीह। फेर हिंदी मे गप सरक्का भेलईन।
ओ राफ- साफ, ठांई पर ठांई बाजअ बाला लोक छलीह। जखईन किछु दिन ओ नई अबईत त हमरा सब के खाली खाली लागय। उनका हमर धीया- पुता सं सेहो दोस्ती भअ गेल छलईन। हर महीना उनका लंदनक यात्रा रहबे करईन। बाद मे ओ कहलीह जे हुनक ईत्र के कंपनी ब्रिटेन मे छईन आ ओकर सप्लाई भारत, दक्षिण अफ्रीका सहित कतेक देश मे छईन।
उनकर घर पर आबअ सं पहिनेहे माली, केयरटेकर, गार्ड, सफाईकर्मी के चहलकदमी शुरू भअ जाई छलई, तई सं पता लाईग जाई जे ओ आबअ बाली छईथ। ओ कहई छलीह जे जहिया हम काज केनाई छोईर देब, पागल भअ जायब। हमरा जीबा लेल काज चाही। जोहानिसबर्ग मे सेहो कयेक टा घर कीन कअ रखने छईथ। अकरे सब के देखअ सुनअ मे समय बीतई छईन।
किछु दिन बाद ओ अपन पचहत्तरमा जन्मदिन इस्तांबुल,टर्की मे मना कअ घुरलीह। ओतई उनकर सब संबंधी जन्मदिन मनबई लेल दुनिया के अलग अलग देश सं पहुंचल रहईन। हमरो लेल केक अनने छलीह। हमरा सं ओ हाथ नई मिलबई छलीह। ओ गर लगा कअ हमरा सं मिलई छलीह ।
जखईन हमरा प्रिटोरिया सं कम्पाला, युगांडा बदली भेल त ओ कहलीह-
हमर जन्मभूमि कंपाला अईछ। उनकर पिता एकटा सिक्ख (सरदार) भारतीय छलखिन। जहिना उनकर पिता निरक्षर आ जाहिल छलखिन ओहिना उनकर मां पढ़ल लिखल, गुणी आ व्यवहारकुशल छलखिन। दुनु के एक्को टा गुण आपस मे नई मिलईन। तखनो चाईर टा संतान भेलईन। ओही मे सं एकटा सायरा छलीह।
हम कहलियईन जे आऊ अपन जन्म भूमि देखई लेल। ओ कहलीह किछो ओतुका याद नई अईछ।हमरा साहस नई भेल जे हुनका सं " पिता" के नाम पुईछतियईन।
सायरा के देेहक गोराई आ सौम्यता देखला सं बुझा रहल अईछ जे ब्रिटीश गोरी मेम हुनकर मां हेथिन, जे बाद मे ब्रिटेन घुईर गेल हेथिन।
जखईन प्रिटोरिया सं कंपाला अंतिम बेर अबई छलऊं त हुनकर फोन आयल आ ओ हमरा सब के बिदा होबा काल अपन दुनु सहायिका संग ठार छलीह।हमहु सब भारी मन सं प्रिटोरिया सं एकटा नीक यादगारी लअ कअ चईल एलऊं।
कतऊ ने कतऊ भारतीय कनेक्शन हमरा सब के सायरा सं जोड़लक। अहन सह्रदय लोक अफ्रीकी माईट मे पनईप सकईत अईछ। दोसर समाज तअ अकरा ठुंठ कअ दईतई।
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हमर प्रिटोरिया के एकटा पड़ोसी सायरा के बारे मे आहां सब के बुझल अईछ। आब दोसर कातक जे भारतीय मूल क पड़ोसी छलाह, ऊनकर नाम किशोर रामलाल छलईन। रामलाल ऊनकर सरनेम छलईन। तीन खाड़ी पहिने रामलाल नामक ऊनकर पूर्वज गिरमिटिया मजदूर बईन कअ नेटाल प्रांत, साऊथ अफ्रीका आयल छलखिन।ओ सब बस्ती, ऊत्तर प्रदेशक मूल निवासी छलाह।ओकर बाद ऊनकर परिवार मे सबहक सरनेम रामलाल भअ गेल छईन। उनका अपन पूर्वजक संघर्ष के प्रति बहुत सम्मान छईन।
डर्बन मे जखईन भारतीय मूलक लोक के उच्च शिक्षा ग्रहण करबाक अनुमति भेटलई, तं ऊनका फर्स्ट बैचक इंजीनियरिंग क छात्र होबाक गौरव प्राप्त भेलईन। ओई बैचक सब भारतीय मूलक लोक सब नीक नीक पद पर साऊथ अफ्रीका मे अईछ। ई ओतुका स्थापित व्यवसाई छथि। मूलतः डर्बन मे रहईत छथि। अपन प्रतिष्ठान ओतई छईन। प्रिटोरिया मे उनकर इकलौता बेटा डाक्टरी के पढ़ाई कअ रहल छईन,ओकरे सहुलियत लेल घर कीनने छथि। हुनकर श्रीमतीजी, बेटा लग रहई छथिन। अपने शईन रईब मे डर्बन प्रिटोरिया दऊर बरहा करईत रहई छथि।अतऊ बेटा आ कनिया लेल फराक फराक बी एम डब्ल्यू रखने छथि। अपने तअ एयरपोर्ट सं टैक्सिये स़ं अबई जाई छथि।ईनकर डर्बन प्रिटोरिया के दौरहट सं हमरा कयेक टा अपन लोक स्मृति मे आईब जाई छथि, जे धीया पुता के पढ़ाई के लेल अही सं गुजरल छथि।
ईनकर बाप- पित्ती सब बढ़ई के काज बाद मे करअ लागल छलखिन। नेने सं उनका ठोक ठठाक काज मे मोन लगईन। ईयाह बाद मे इनका इंजीनियरिंग पढ़बा लेल उत्साहित केलकईन। तहिया भारतीय मूलक लोक के इंजीनियर भेनाई साऊथ अफ्रीका लेल बड्ड भारी एचीवमेट छलई।
ई अपन मोन सं अपन भारतीय मूलक संगी के बहिन आशा सं बियाह केने छलाह। आशा के पुरखा सुखलाल एतअ आयल छलाह। ईनकर सबहक सरनेम सुखलाल छईन। ईनकर बाबा गिरमिटिया मजदूरी के बाद किराना के दोकान खोलने रहथिन। ओ समय समय पर भारत सेहो जाईत अबईत छलाह। उनकर मृत्यु सेहो भारते मे भेलईन। आजमगढ़ जिला घर छलईन। आशा के पिता प्रगतिवादी छलाह। ओ कर्ज बर्ज लअ कअ "बस" कीनलाह आ अपने ओकर ड्राईवरी करईथ। बस के मैकेनिक सेहो ओ अपने छलाह। अई बस सं ओ चिक्कन पाईयो कमेलाह आ धीया पुता के पढ़ेबो केलाह। सुखलालक परिवार क सब लोक सिनेमा देखबाक शौकीन छलाह। ओ अपन सब धीया- पुता के नाम हिन्दी फिल्म के हीरो- हीरोईन पर रखने छलाह। बाद मे ओ मोटर सेहो कीन लेने छलाह आ मोटर सं ओ सब सनीमा हाल तक जाई छलाह।ओई समय मे मोटर सं सनीमा हाल गेनाई बड़का गप छलई। हिन्दी सिनेमा डर्बनक सनीमा हाल मे लगईत रहई। एक दु बेर भारत सं हीरो हिरोइन सेहो डर्बन आयल छलई।ओकरो सं ई सब तहिया भेंट केने छलाह। तकर खिस्सा ठोरे पर रहई छईन।
ई रामलाल आ सुखलाल सरनेम सं हमरा अपन गाम याद आईब गेल‌‌‌। ओतऊ रमललवा आ सुखिया छल।रमललवा के माय मनोरिया पहिने हमरा सबहक कतअ खबासिन छल। ओकरे बिकलांग बेटाक नाम राम लाल छलई जकरा सब रमललवा कहई छलई।
सुखलाल, हमर सबहक असामी रामलगन के बेटा छलई। ओई असामी सं सिकमी बटाई लअ कअ केस मोकदमा बाद मे सेहो चललई। सुखलाल के सब सुखिया कहई आ ओ गामक बाबु भैय्या कतअ काज नई कअ कअ चिरान मिल मे लकड़ी मशीन सं चिरई छल।
रामलाल के नाम बिगाईर कअ रमललवा, सुखलाल के सुखिया आ मनोर के मनोरिया, भारतीय समाज कअ देने छलई।
कहबाक मतलब अतबे अईछ जे अई सरनेम सं ओकर सबहक तहिया के सामाजिक स्थिति के बारे मे अनुमान लगा सकईत छी।
आशा के एकटा भाई जे पहिने प्रोफेसर छलाय ओ आब दक्षिण अफ्रीका सरकार मे राजदूतक पद पर विराजमान अईछ।ई सब राजनीतिक नियुक्ति छई। पुरा दक्षिण एशिया के प्रभारी अईछ। प्रधानमंत्री आ राष्ट्रपति सनक लोक के एला गेला के कार्यक्रम के प्रभारी उयाह रहईत अईछ। बाकी ओकर दु टा भाई, दु अलग अलग प्रमुख देशक साऊथ अफ्रीका दुतावास मे पदस्थापित अईछ। बनारस मे भेल प्रवासी भारतीय दिवस मे सुखलाल के सम्मान सेहो कयल गेलई। एकटा बहिन आशा जे परम सुन्नईर छलई, ओकर बियाह ईयाह किशोर रामलाल सं भेल छई।आशाक माय गीता बेशी काल बेटी कतअ प्रिटोरिया मे रहईत अईछ।हमरा बुझाईत अईछ जे गीता बुढापाक कारने दोसराईत लेल बेटी कतअ रहईत अईछ। ओकर बेटा सबहक पैर मे तअ चकरी लागल छई, घुमिते रहई छई। दोसर रामलाल समझदारो छई आ सब के देखअ सुनअ ......संग डेबअबाला अईछ। रामलाल आ आशाक बियाह मे गीताक सहमति बेशी छलई, सैह रामलाल कर्जा, ओकरा पर ध्यान राईख कअ, चुका रहल अईछ।भारत जेकां गीता के सेहो बेटी कतअ सबदिना रहनाई ठीक नई लगई छई। रहत बेटी कतअ, मूदा बड़ाई हरदम बेटे सबहक करईत रहत। जोहिया कअ बेटा आबअ बला रहई छई, ओई सं सात दिन पहिने सं सबके कहने घुरत।ई सब हमरा भारते जकां लगईत अईछ।
भारतीय मूलक लोक सब जे गिरमिटिया मजदूरक रूप मे दक्षिण अफ्रीका गेल अईछ, अखनो पैघ- छोट जाईतक भ्रम मे जीब रहल अईछ।हमरा सं एकदिन गीता, जे भोजपुरी अखनो ठीक-ठाक बाईज लई छथि,पुछलीह- " भारत मे महाराज कोन जाईत होई छई?
हम कहलियईन- राजा-महाराजा के कोनो जाईत- धरम थोरे होई छई। कतऊ मुसलमान छलई, मुगल छलई, राजपूत छलई, ब्राह्मण छलई, भुमिहार छलई, किस्तान छलई,आरो कयेक तरहक जाईत छलई। सब जाईत आ धर्मक राजा होईत छलई। बड़का राजा जकरा पर प्रसन्न,ओकरा छोटका राजा बना दई छलई।आब तअ कियो राजा नई। जिनका लग पावर- पैसा, सैह भेल महाराजा।
ओ बजलीह-
से तअ हम बुझिते छी। हम पुछलऊं जे "महराज टाईटिल" बला कोन जाईतक भेल।
महराजगंज, सुरी जाईतक महल्ला छई, दोकान दौरी ओ सब करईत अईछ।हमरा बुझल छल। हम कहलियईन- बनिया बुझु।
बनिया तअ ब्राह्मण नई भेल।
हम कहलियईन- नई भेल।
अतअ एकटा महराज अईछ, ओ अपना के बड़का जाईत बाला कहईत अईछ।
हमरा जन्तवे बड़का तअ नई भेल। मूदा आब तअ भारतो मे जकरा धन सम्पईत, सैह बड़का।
नई नई ओ कहईत अईछ जे हम सब बड़का छी। आ अखनो ओ सब हरसट्ठे कतऊ नई खाईत पीबईत अईछ।अपना के बड़का बनईत अईछ। ओना नौकरी त रामलाल के कम्पनी मे करईत अईछ।
हम कहलियईन-आहांक जमाय रामलाल ओकर मालिक छथिन। मालिक ने बड़का भेल।
हम उनका जाईत के जंजाल सं बाहर आनअ चाहई छलियईन। ऊनका बेशी पाछु परला पर कहलियईन-कतऊ कतऊ ब्राह्मण भ़सिया के काज सेहो करई छलई- ओई भंसिया के सेहो "महराज" कहल जाई छलई। भअ सकईत अईछ, ओ ऊयाह भंसिया ब्राह्मण बाला मे सं होईत।
हमर भंसिया बाला तर्क उनका दिमाग मे ठीक जगह चोट केलकईन।
ओ बजलीह-
आहां ठीक कहलऊं। ई भंसिया बाला ब्राह्मण छथि। अगर ओतैक रहितईन तं मजुर बईन कअ डर्बन किया अबितईथ।ओ अपन बेटी आशा के सेहो बजा कअ हमर भन्सिया वाला गप बतेलकई।
उनका आब संतोष भेलईन।फेर महराज सरनेम बला हमरे हमनाम क्रिकेट खेलाड़ी केशव के गप होबअ लगलई। ओ केशव महराज साऊथ अफ्रीका के क्रिकेट टीम मे अईछ। ओकरा ओ सब जनई छलखिन।
हमरा ई जाईन कअ आश्चर्य लागल अतेक रंगभेदक दंश झेलबाक बादो‌ भारतीय मूल क लोक सब मे पैघ छोट जाईतक प्रपंच अखनो छई। ओना आब के जेनेरेशन अकरा सब के तिलांजलि द देने अईछ। थोक मे अंतर्रंग, अंतर्रजातिय आ अंतरराष्ट्रीय विवाह भारतीय मूलक लोक कअ रहल अईछ।
एकटा गुत्थी नई सुलझल जे कयेक भारतीय मूलक लोक सब के मारीशस मे संबंधी सब छई। एक दोसर देश मे जा कअ बियाह दान सेहो करईत अईछ। हमरा बुझा रहल अईछ जे जेना अपनो सब कतअ एक्के घर मे कियो बम्बई, कियो दिल्ली, कियो सुरत आ कियो लुधियाना मे सेट्ल कअ जाईत छईथ, ओहिना एक्के घरक कियो साऊथ अफ्रीका, कियो मारीशस, कियो फिजी आ कियो सुरीनाम मे गिरमिटिया मजदूर बईन कअ चईल गेल हेताह। माइग्रेशन सेहो कयेक परिवार के सदौं सं प्रवृत्ति होई छई। ओ नीक जिनगी लेल पलायन करईत रहईत अईछ। बाद मे सब देश मे व्यवस्थित भेलाक बाद एकदोसर के संपर्क मे आयल होयत। फेर आन-जान आ अपेक्षा बढ़ल हेतई।
एकटा ईहो संभावना छई जे एकटा मालिक के कयेक शहर मे कम्पनी रहईत छई। एक भाई अई शहर बाला कम्पनी मे, दोसर भाई दोसर शहर आ तेसर भाई तेसर शहर मे नौकरी करअ लगईत अईछ। अंग्रेज मालिक के सब देश मे उपनिवेश छलई। तु़ं अई मे जो आ तुं ओई मे जो।
हमरा खोचाईर कअ पुछलाक बादो ओ सब कोनो खोईंचा छोड़ावल ज़बाब नई देलक।
ईहो भअ सकईत छई " दुनिया के मजदूरों एक हो" के नारा जेकां सब गिरमिटिया अपना के एक्के बुझईत होई। ओना अई गिरमिटिया मजुरक जीवन तअ सब जगह एकरंगाहे छलई।
किशोर रामलाल बहुतही सहज आ सह्रदय लोक छथि।उनका अपन संघर्ष क दिन याद छईन।साऊथ अफ्रीका मे अपन एशियाई चेहरा मोहराक कारण घुअईल मिल नई सकईत छथि।कयेक बेर भारतीय मूलक लोक के खिलाफ स्थानीय लोकक आंदोलन देखने छथि। उनका अंदेशा छईन की आबअ बाला समय मे उनका सब के ई देश छोड़अ परतईन।ओ अही लेल ओ सी आई कार्ड बनौने छथि। हरिद्वार मे घर सेहो कीनने छथि। शिवानंद स्वामी के परम शिष्य छथि। ओकर फालोवर सबहक मानी तअ शिवानंद आश्रम, डर्बनक अगिला मठाधीश किशोर रामलाल नियुक्त हेताह। अकर मुख्यालय जे हरिद्वार मे छई, से तअ इनका ई जिम्मेदारी देबअ लेल तैयार अईछ लेकिन ई अखईन बेटाक डाक्टरीक पढ़ाई लेल रूकल छथि। ओकर बाद पुर्णकालिक स्वामी भअ जेताह।अतअ डाक्टरी के पढ़ाई पुरा करअ मे करीब आठ बरख लाईग जाई छई। एक्के टा नीक बात छई जे भारत जेकां कठिन इन्ट्रैन्स परीक्षा नई छई। बारहवीं के नंबर के आधार पर सीधा नाम डाक्टरी आ इंजीनियरिंग मे लिखा जाई छई।
अपन कंपनी मे ओ महराज भारतीय के आगु के पढ़ाई के खर्चा सेहो ऊठौने छथि। उनका अपना पढ़बा काल पाई के दिक्कत भेल छलईन ओही लेल भारतीय मूलक विद्यार्थी के पढ़अ लेल मदद खातिर सदिखन तैयार रहईत छथि। अई महराज सरनेम बाला विद्यार्थी, जकर जातीय दंभ सं ऊनकर साऊस गीता सेहो खुश नई छथिन, तखनो किशोर ओकरा मदद करईत छथिन। अतअ भारतीय मूल बाला भाव , सब भाव पर हावी भअ जाई छई।
एकटा आर समानता हमरा साऊथ अफ्रीका आ युगांडा मे देखायल। भअ सकईत छई जे आनो अफ्रीकी देश मे ई सब होई। हम जखईन केपटाउन, साऊथ अफ्रीका मे एकटा मंदिर मे दर्शन करअ गेलऊं त हमरा ओही परिसर मे राम-जानकी मंदिर क अलावा गुरूद्वारा, जैन मंदिर आ मस्जिद सेहो भेटला। सब के पुजारी, ग्रंथी, आ मौलवी के रहबाक घरो फराक फराक रहई।
ओहिना कम्पाला, युगांडा मे एक्के जगह एस डी एम मंदिर, जैन मंदिर, गुरुद्वारा आ मस्जिद भेटल। सब सटले सटल। पुछला पर पता चलल जे सौ बरख सं पहिनेहे अंग्रेज सरकार ई जगह धार्मिक आस्था के नाम पर देने छलई। आब श्रद्धालु के संख्या सब जगह बईढ़ गेल छई। मोटरक पार्किंग भारी समस्या भअ गेल छई। ओकर समाधान लेल अतुका गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी सरकार सं गुरुद्वारा आ मंदिर क बीचक सड़क सौ बरख के लीज पर पाई दअ कअ लअ लेलक अईछ।आब अई सड़क के मोटर पार्किंग मे बदलबा के काज चईल रहल अईछ। मंदिर कमेटी वाला के या तअ नई फुरेलईन या पैसा आरे हाथ एलईन या ढीला ढाला छलाह.........मौका हाथ सं निकईल गेलईन।
धार्मिक सहिष्णुता के एकटा आर उदाहरण केपटाउन के सुनबई छी। दक्षिण भारतीय एकटा पुजारी अपन जागृत मंदिर मे लअ गेलाह। ओ कहलाह जे ई पहिने अकटा क्रिश्चनक प्रार्थना स्थल छल......आहां चर्च बुझु। ओ अतअ सं चईल गेल‌‌‌। ओकर बाद बन्ने छलई। हम सब ओकरा सं मंदिर बनबाव के नाम पर ई जगह कीनलऊं आ आई ई भव्य मंदिर आहांक सामने ठार अईछ। हम सोचअ पर मजबुर भेलऊं कि भारत मे कोनो मंदिर मस्जिद के चर्च मे बदलनाई संभव छई। अतअ कतेक आसानी सं सड़क आ चर्च के उपयोगिता बदला गेलई। काश हमरो सबहक उदार समाज होईता तअ भव्य राममंदिर अयोध्या मे बनल रहितै।
ई एक परिसर मे सब धार्मिक स्थल सबके देखला सं हमरा भारतक बड़का अस्फतालक आपरेशन थियेटर के बाहर बनल प्रार्थना कक्ष मोन परल। ओतअ भगवान भगवती, गिरजाघर, मक्का मदीना आ गुरूद्वारा सबहक फोटो राखल रहई छई। आहां अपन अपन धार्मिक आस्था के अनुसार अपन रोगी के आपरेशन सफल होबाक गोहार लगबईत रहु।
नदी सब तअ कतऊ के हुआय, अपन धारा बदलईत रहईत अईछ।अतअ युगांडा आ कांगो के बीच मे सेमुलिकि नदी छई। नदी सीमा बांटई छई। अकर धारा हर बरख बदलईत रहई छई। एक किलोमीटर करीब सब साल युगांडा तरफ बढ़ल जा रहल छई। ओई कारण नदी मे बनल द्वीप सब के स्वामित्व पर विवाद होईत रहई छई। मोटा मोटी नदी के धारा कांगो मे आ किनारा युगांडा मे छई।
अई सीमा के बिबाद सं हमरा दिल्ली मे पुलिस थानाक सीमांकन बिबाद मोन परल।यमुना नदी के पाईन तक के भाग नदी के पश्चिम तरफक पुलिस थाना के छई। बरसात मे यमुनाजी अपन असली रुप मे रहईत छईथ, तखईन पश्चिम कतका थाना के क्षेत्र बईढ़ जाई छई। जखईन पाईन कम भअ जाई छईन, त क्षेत्राधिकार कम भअ जाई छई। सीमा त मनुक्खक बनायल छई। नदी धार कतऊ के हुआय, ओ कतऊ ककरो अनुसार बहतई।
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साऊथ अफ्रीका मे ओतुका लोकक बीच भारतीय मसाला आर भोजन मे "कढ़ी" के बड खोज पुछारी रहई छई।हमरा कयेक स्थानीय लोक अई बारे मे जिज्ञासा केलक। एक तरह सं ओ मसाला मंगलक आ "कढ़ी" खुआबअ लेल कहलक।
अई दुनुं के अतबे महात्म्य छई जे आहां "भारतीय मसाला " दअ कअ आ " कढ़ी " खुआ कअ कअ ककरो पटा सकई छी।
हमरा एकटा अंग्रेजन मीटिंग मे भेटलीह, ओ मीटिंग क बाद अपने आगु बईढ़ कअ कहलीह जे ऊनकर बर भारतीय छथिन। हम कनी खोज पुछारी केलीयैन जे भारत तअ बरकी टा छई, ओ कतुका छथि।
ओ चुपा गेलीह। ज़बाब सोचअ लगलीह।
हम ऊनकर मोन मे चलईत अंतर्द्वंद्ध के बुईझ गेलियईन। पुछलियईन-
खेनाई मे ईडली डोसा खाई छथि कि भात रोटी।
ओ बुधियार छलीह, कहलीह- ओ भारतीय मूलक छथि। कहियो भारत गेल नई छथि।ओना दक्षिण भारतीय छथि।
ई बिदेश मे बसल भारतीय सब टा मे ई देखलियई जे ओ सब अतऊ बिखरल छथि-,जेना मराठी समाज, आंध्रा एशोसिएशन, तमिल संगम, बंगाली संघ, ऊत्तर भारतीय समाज, केरला संघ,कन्नड़ संघ, ऊड़ीसा संघ, हिंदु समाज, इंडियन क्रिश्चियन एशोसिएशन, पहाड़ी समाज, गुजराती समाज, पाटीदार, लोहानी, कश्मीरी, आसामी आर आर कतेक रास।
भारतीय अस्मिता गौण, क्षेत्रिय/भाषाई/धार्मिक पहचान हावी।
बाकी देशक एकटा संघ रहई छई-पाकिस्तानी, बंग्लादेशी, चीनी, ब्रिटिश,रशियन आर आर।
हम गप के आगु बढ़बईत पुछलियईन- आहां ऊनकर कोन गुण देख कअ आकर्षित भेल रही?
हम जे देख कअ आकर्षित भेल रही, आहां से सुनब तअ हंसी लाईग जायत, कियैक तअ भारत मे अखनो अकरा गुण नई मानल जाई छई।
हमरा भेल कि बाईज कअ, कोन "बम " फोरतीह।
हम कहलियनि- आहां कहुं ने , हमरा सब सुनबाक हिस्सक अईछ।
कहलीह- ओ खेनाई बढ़िया मसालेदार बनबई छथि। पहिने मरचाई बेशी दई छलखिन, से हमरा बाद मे दिक्कत करय। आब मरचाई कम कअ बनबई छईथ। बहुतही लजीज।
हम कहलियईन- आंगुर त नई चटिते रही जाई छी,?
नई। हम चम्मच सं खाई छी- हंसईत बजलीह।
ईयाह गुण पर बियाह कअ लेलऊं?
आब की चाही। रोज बढ़िया मसाला बाला भोजन भेटईत अईछ । ओ कढ़ी सेहो बढ़िया बनबई छथि। हम आहां के बजायब।
हम कहलियईन- हमरा सामने ओ बनबअ सं लजेताह।
कहलीह- हं। आहां ठीक कहई छी। उनकर मां जखईन रहई छथि , ओ खेनाई नई बनबई छथि, तखईन हम सब बाहरे खाई छी।
हम मोने मोन कहलऊं, भारतीय मूल छईन तैं छजई छईन। नै तं कै गाम ढ़िढोंरा पिटा जईतईन।
उनका कहलियईन-
भारत मे "बर" , खेनाई नई बनबई छई।ज्यों बनबईतो छई, तं नुका चोरा कअ, पर्दा खसा कअ, चुप्पे चाप।
अतुका भारतीय मूलक लोक सब पश्चिमी देश सबहक जेना खुईल कअ घरक काज करई छथि।दाई/खबासिन सब दक्षिण अफ्रीका मे भारतक लेखें महंग परई छई।घंटाक अनुसार पाई देबअ परई छईन। लेकिन पुर्वी अफ्रीका मे बड्ड सस्ता छई। युगांडा मे गृहणी सबके मौज छईन।
दक्षिण अफ्रीका मे भारतीय होटल सब बहुतही कम छई। नीक नुकुत भारतीय भोजन करअ लेल लंबा दुरी तय करअ परई छई।अकर ऊल्टा कम्पाला मे ढेरी ढाकी भारतीय होटल सब छई। नौ छौ खाईत रहु।
दक्षिण अफ्रीका मे डाक्टर सं देखेनाई बड्ड महंग।एक तअ, इमरजेंसी छोईर कअ, बिना एप्वाईंटमेट के नई देखत। दोसर केहनो डाक्टर हुआय - कम सं कम चाईर हजार भारतीय रूपया के बराबर खाली देखबाक फीस छई। जांच तांच तअ बाद मे।बिना डाक्टर के पर्ची के मथदूक्खी के गोटियो नई देत। पेट मे किछु गड़बड़ भेला पर पांच हजारक नाम सं भारतीय लोक एक टाइम खेनाई अंठिया दईत अईछ। पेटो ठीक भअ जाई छई, आ पांच हजार रूपियो बचा लईत अईछ।
बहुत रास भारतीय मूलक लोक सब बेशी मोन खराब मे वा डिलीवरी के समय मे भारत चईल जाईत अईछ।ओतबे पाई मे घुमियो लईत अईछ, अपन लोक सं भेंटो भअ जाई छई, बढ़िया डाक्टरी जांचो भेटई छई। ई सब आम लोकक बारे मे कही रहल छी।
ओना दुनिया मे पहिल हार्टक बाईपास सर्जरी, दक्षिण अफ्रीका के हास्पिटल मे भेल छई।
कम्पाला मे स्थानीय डाक्टर सब अपन देह दशाक मोताबिक दबाई दई छई। हमरा अतअ अबिते एकटा सहकर्मी बता देने छलाह, जे डाक्टर दवाई लिखय ओकर चौथाई या आधा गोटी खायब। पुरा गोटी हम आहां नई पचा सकई छी। ई सब अपन देहक शक्तिक अनुसारे दवाई लिखई छई। ओकर हिसाब सं ज्यों गोटी खेलऊं, त बाद मे पहिलुका बीमारी त कात भअ जायत, अई गोटी के असर कम करबाक बाला बीमारी के ईलाज शुरू भअ जायत।
दक्षिण अफ्रीका मे भारतीय मूल क लोक सब, बियाह दान गोरो सब सं, ओतुका स्थानीय लोक( जकरा हम सब श्यामसुन्दर कहई छीयई ) सं सेहो, भारतीय मूलक लोग सब सं सेहो आ भारत जा कअ सेहो करईत अईछ।हमरा तअ ओतुका HSS( हिंदू स्वयंसेवक संघ) के शीर्षस्थ पदाधिकारी अपने अपन मसियौत बहिन के बर सं परिचय करेलाह। ई उनकर कुटुम्ब अंग्रेज छलखिन।
एकटा आर भारतीय मूलक महिला अधिकारी भेटलीह , जे हाल मे भारत सं आयल व्यवसाई सं बियाह केने छलीह। लड़का कहलक जे हमरा दुनु गोटे के हिंदी सिनेमा के शौक अईछ, अही सं दोस्ती भेल आ बाद मे बियाहो केलऊं। लड़की कहलीह जे हमर मां के हिंदी बाजअ कनी मनी अबई छलईन। पहिने ऊनके ईनका सं परिचय भेलईन। फेर ई घर आबअ जाय लगलाह त हमरा सब के हिंदी फिल्म के कामन शौक के बारे मे पता चलल।हम त आब भारत छुट्टी मे सासुर जाईत रहई छी।
कहबाक जे साऊथ अफ्रीका मे भारतीय मूलक लोक के बियाह दान मे प्रथम वरीयता भारतीय अखनो छई।ओना कतऊ आरो करबा मे कोनो पूर्वाग्रह नई छई।
युगांडा मे स्थिति ईतर छई।अतअ त झुठ की सच, अखनो लोक दबले ज़बान मे सही, चर्चा करईत भेटायत जे ई " बियाहक " कारण भारतीय सब के 1972 मे अतअ सं पराय परलई।
अकर दु टा समानांतर खिस्सा छई।ईदी अमीन के बारे मे " The last king of Scotland" सनीमा बाद मे बनबो केलई। मुमताज हीरोइन के नाम तअ सुनने होयब। ओकर बड़की दियादिनी " मीना जयंत माधवानी" 1971, मे बिधवा भअ गेल छलीह। ओकरा सं ईदी अमीन 1972 मे बियाह करअ के प्रस्ताव पठेने छलई।ईदी अमीन के खौफ एहन छलई जे कियो ओकरा सीधा नई नई कही सकई छलई। मीना माधवानी टरकबईत रहलई ,आ बाद मे ओकरा सं बचअ लेल युगांडा सं परा रहली। एकटा बुझअ बाला गप छई जे ईदी अमीन के बाप जखईन ओकर माय के छोईर देलकई , तअ ईयाह माधवानी परिवार ओकरा ठांव देने छलई।
दोसर खिस्सा छई जे एक टा भारतीय कतअ बियाह मे ईदी अमीन गेल छलाय। भारतीय सब के सबदिना देखेबाक आदत रहईत छईन, जे हमरा कतअ जग मे फलां फलां आयल।ईदी अमीन ओतअ एकटा सुन्नर लड़की के अबईत देखलकई। जखईन ओ लड़की एक जगह बईसलई तअ ईदी अमीन अपन बाडीगार्ड के ओकरा बारे मे पता करअ के कहलकई। ओ लड़की ओतुका फेयरवे होटलक मालिक के बेटी छलई।ईदी अमीन ओकरा बियाहक समाद पठेलकई।
ई भारतीय होटल मालिकक जान अवग्रह मे पईर गेलई। ईदी अमीन के पहीने सं कतेक रास कनिया छलई।अई होटल मालिक के घरक लोक राजी नई भेलई।ओ लड़की घरक लोक संग चुप्पे चाप नुका कअ केन्या भाईग गेल। ईमहर ईदी अमीन के जखईन पता लगलई त ओ अग्निश्च वायुश्च। ओ तअ ब्रिटेन, अमेरिका, इजरायल, कनाडा किनको किछु नई बुझई छल। एकटा अदना होटल बाला ओकरा गपक गोली मे ओझरा कअ लड़की के भगा देलकई। अही सब लअ कअ ओ नब्बे दिनक अंदर सब एशियाई के युगांडा छोड़बाक हुक्म सुनौने रहई।
ओना ई सही छई जे युगांडा के भारतीय समाज क दरबज्जा, साऊथ अफ्रीका जेकां खुजल नई छई। युगांडा के भारतीय अतुका स्थानीय श्यामसुन्दर सब सं बियाह नई करई छथि। युगांडन लड़की के तअ घर लअ एताह लेकिन अपन बेटी के कोनो स्थिति मे ओकरा सब सं बियाह के स्वीकृति नई देताह। अतुका स्थानीय सब के कहब छलई जे ब्रिटीश, चीनी, अमेरिकी सब सं संबंध स्थानीय लोक के छई, ई भारतीय सब जखईन संबंधक काबिल नई बुझई छथि तअ देश छोईर दैश।
ओना पूर्व मे किछु भारतीय लड़की के बियाह अतुका स्थानीय लोक सब सं भेल छलई, लेकिन ओ नई चईल पेलई।
ओना जतअ जतअ ब्रिटिश कालोनी छलई ओतअ ब्रिटिश सब वर्गीकरण केने छल।जेना फर्स्ट क्लास बोगी मे टिकट रहलाक बादो गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका मे गाड़ी पर सं धक्का माईर कअ उताईर देबअ बाला घटना तअ सब के बुझल अईछ, लेकिन अंग्रेज सब एक नम्बर पर अपना लेल, दु नम्बर पर भारतीय/एशियाई के लेल आ तीन नम्बर पर अफ्रीकी सब के रखने छल। ट्रेन मे फराक बेबसथा त
छलईये, जेलो मे अलग छलई। हम कन्सट्युचिशन हिल, जोहानिसबर्ग मे जखईन जेल घुमअ गेलऊं त ओतअ सबहक खुराकी आ सुविधा के तख्ती लागल देखलियई।अही जेल मे गांधी जी आ नेल्शन मंडेला दुनु बेश दिन गुजारने छथि। अंग्रेज क ईहो सब नीति स्थानीय श्यामसुन्दर सब के भारतीय के खिलाफ भरकाबअ मे हवा देलकई।
युगांडा मे जे स्थानीय सबहक स्वाहिली भाषा छई ओई मे कयेक टा भारतीय शब्द आईब गेल छई, जेना कुर्सी के ओहो सब कुर्सी कहत,साबुन के साबुनी, दोकान के दुकां, साहब के सेबो।
बहुत लोक तअ अतेक तक कहई छई जे ईदी अमीन भारतीय सब के धने टा लुटलकई ने, अतुका तअ करीब तीन लाख स्थानीय लोकक हत्या ओकर दौर मे भेलई। भारतीय सब तअ अई सं बांचल।
जहां तक भारतीय संग बियाहक बात छई, ओ जबरदस्ती कतऊ नई केलक।ओ अपना के सीधा अल्लाह के दुत मानय आ कहई -अल्लाह हमरा कहला अईछ जे एशियाई सब के अतअ सं भगाऊ।
माधवानी के घरक एक लोक जे अतअ रही गेल छलाह, उनका तअ जेहल मे दअ देने रहईन।कहल जाई छई जे जखईन 1980मे ओ सब घुरलाह तअ खेती के लेल राखल 120 ट्रैक्टर मे सं एकटा बांचल रहईन। ओहिना जतेक मोटर रहईन, ओ सब ओतुका लोक आपस मे बांईट लेने छल।फैक्ट्री , घर नई महल कहु ,जई मे इंदिरा गांधी सेहो रहल छलीह, सब लुअईट लाईट कअ लअ गेलईन।अहिना आरो भारतीय सबहक लुटलकई।जिनका बेशी छलईन, ऊनका बेशी लुटेलईन।
भारत मे रानी पद्मिनी आ अलाऊद्दीन खिलजी बाला खिस्सा पर तअ सनीमा सेहो बईन गेल छई। मुगल सब तअ राजस्थान के स्थानीय राजा सबहक बेटी सं बियाह कअ कअ कुटनीतिक चाईल चलिते छल, रानी जोधाबाई के बारे मे सुनने होयब। भारतीय इतिहास मे नई भेटत जे मूगल वा मुस्लिम राजकुमारी के एना बलात बियाह भेल छई।
ईदी अमीन के अई तरहक बलात बियाहक बात भारतीय तक नई छलई। ओकर आरो कतेक अवैध संतानक चर्चा छई। ओकर अतुका एकटा राजकुमारी
संग अहिने बेबहार क खिस्सा सेहो फैलल छई। ओई राजकुमारी के नाम छलई " बगाया"। ओ अतुका विदेश मंत्री सेहो रहल। अकर ईदी अमीन के पक्ष मे संयुक्त राष्ट्र संघ मे देल भाषण एतिहासिक कहल जाईत छई। अकरो पाछु अहिना ईदी अमीन पईर गेल‌‌‌ छलई। ईहो बाप बाप कअ कअ जान बचा कअ भागल।
अई सब मे एक्के टा भागबा मे सफलताक कारण भेलई- "पोरस सीमा"। केन्या, तंजानिया, रवांडा , सुडान आ कांगो सीमा सं लोक भागअ मे सफल भअ जाई छल। आई तअ " लुक आउट सर्कुलर" जारी भेलाक बाद देश छोरनाई असंभव जेकां छई। चिंता अई बातक दुनिया के करबाक चाही जे आई के समय मे ज्यों एहन शासक भअ जाई, त की हेतई? अत्याचारक स्तर के अंदाजा लगा कअ सोईच सकई छी।
ईदी अमीन बाद मे अपने भाईग कअ चाईर कनिया आ तीस धीया पुता क संग सऊदी अरब मे निर्वासित जीवन बीतबईत छल। 2003 मे ओकर मरलाक संग ओ अध्याय, जकरा अतुका भारतीय नई पढ़बाक चाहईत छथि, समाप्त भेल।
साऊथ अफ्रीका के खुजल भारतीय समाज आ युगांडा के ठेपी लागल भारतीय समाज अईछ। युगांडा मे तअ अथाह सम्पईतक मालिक भारतीय सब छईथ। जे बड़का घर देखियऊ, भारतीय के छई। साऊथ अफ्रीका क अंग्रेज जेकां युगांडा के भारतीय अईछ। ओना भारत मे सेहो कतेक तरहक समाज छई।ओई पर कखनो आर चर्चा।
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ई आहां सब पईढ़ चुकल छी जे युगांडा मे बिबाह योग्य लड़की के व्यवहारिक प्रशिक्षण ओकर पीसी/बुआ दई छई, जकरा ई सब आंटी कहई छई। अई आंटी के बहुत प्रभाव ओई लड़की पर ताउम्र रहई छई।ई आंटी बिबाह खातिर चुनल दुल्हाक संग बेशीतर सुतई सेहो छई, जई सं ओई लड़का के सेक्स क्षमता पता चलई। लड़का के जेना परीक्षा होई छई, ओहिना लड़की के सेहो जंचबाक ढंग छई।अतअ मोट डांट लड़की के नीक मानल जाई छई।
अकरा सबहक मान्यता छई जे जई मऊगी के पोन पैघ, ओकरा मे संतानोत्पत्ति के बेशी शक्ति होई छई। अई पईघ पोन बाला मऊगी सं जन्म लेल संतान के स्वस्थ होबाक प्रबल संभावना रहई छई।जकर पोन पैघ ,ओकर उन्नत स्तन सेहो होईत छई। परिवार आ संतानक महत्व छई, ओई लेल ई सब गुण पर बियाह सं पहीने विशेष कअ आ बाद मे सेहो ध्यान देल जाई छई।अपन पारंपरिक उत्सव मे अई सब के कोनो ने कोनो रूप मे देखेबाक चेष्टा करईत ई सब भेटत।अकरा सब के केश होई नई छई, तैं सब बिग पहिरने भेटत।सुंदरताक परिभाषा अतअ बहुत सीमित छई। ओई सं जल्दिये फरिछा जाई छई।अतुका सुंदरी प्रतियोगिता, आन देश जेका़ं कठिन आ लंबा नई होई छई।
जेना दुनिया मे विश्व सुंदरी क प्रतियोगिता होई छई,ओहिना अतअ पोनक कर्वक नुमाइश सेहो होई छई। अई सब आयोजन मे सहभागिता लेल लोक उफान तोड़ने रहईत अईछ। अतेक ने आवेदन आईब जाई छई जे कोनो ने कोनो आधार बना कअ आयोजक के छंटनी करअ परई छई।अई सब मे भाग लेनाई गर्वक बात होई छई।
अतअ संतान के स्तनपान पर बहुत जोर छई, परम्परागत संस्कार सेहो अकरा बल दई छई। आब तअ सरकार आर ढंग सं लागु करई लेल कानुन सेहो बनबअ जा रहल छई।अई मे छह महीना तक बच्चा के मायक दुध पियेनाई अनिवार्य रहतैक। जे कियो अकरा नई मानताह, उनका लेल जेहल मे जगह आरक्षित रहतईन।
जहिना ह्रष्ट पुष्ट मऊगी पुर्वी अफ्रीका मे भेटत, ओकर उल्टा खियाल मियाल बेशी मऊगी साऊथ अफ्रीका मे भेटत। ओतुका लोकक अनुसार मोटापा बीमारीक घर ,आ अतअ मोटापा फर्टिलिटी के लक्षण। के सही के गलत? ई के कहत। ओहिना पुरुख सब गरिष्ठ मांसाहारी होबाक कारण भारी शरीर बाला अक्सरहां भेटत।
दुनु देश मे तरह तरह के मांस ओ सब खुब खाईत अईछ। उपर सं सुरा के पान सेहो। दक्षिण अफ्रीका मे एकटा ट्रेंड देखलियई जे लोक कसरत आ जिम के अलावा दौरईत बड्ड अईछ। अई दौरबाक कोनो निश्चित समय नई छई। जखने समय भेटई छई, दौड़नाई शुरू कअ दई छई।ओकरा सबहक अनुसार गरिष्ठ मांसाहार भोजन के बाद अगर शारीरिक श्रम नई करत तअ ह्रदय रोगक संभावना बईढ़ जाई छई। ओही गरिष्ठ भोजन के पचबई लेल ओ सब दौरईत रहईत अईछ। अपन भारत मे तअ भोर सांझ लोक दौरत। ज्यों कोनो कारण सं राईत मे देरी सं सुतल तअ ओई दिनक दौरनाई अंठिया देत। ईहो बात छई जे साऊथ अफ्रीका मे सब जगह फुटपाथ पर दौड़बाक जगह छोड़ल छई, युगांडा मे फुटपाथ छईये नई, आ भारत मे लोकक भीड़ अतेक जे भोरुकबा छोईर कअ दौड़अ के जगह सड़क पर नई भेटत।दिल्ली मे किछु पार्क सब मे विदेशी सब दुपहरिया मे दौराईत देखा जायत।ई सब ऊयाह अईछ, जकरा दौरबाक छई, समय जखईन भेटई।
दक्षिण अफ्रीका मे लोक अपन वजन के प्रति बहुत सजग अईछ। अकरा नई बढ़अ देत। लेकिन युगांडा मे तअ वजन बढ़बई लेल जी जान लगेने रहत, बिशेष कअ बिबाह योग्य लड़की सब।
दक्षिण अफ्रीका मे एक हजार सं बेशी सड़क, चौक- चौराहा सबहक नाम बदईल देल गेल छई।1994 मे रंगभेद शासन खत्म भेलाक बाद, अई नाम बदलला पर बड्ड काज भेल छई। अकर उल्टा साऊथ अफ्रीका सं तीस बरख पहिनेहे युगांडा आजाद भेल, अखनो सोईचिये रहल अईछ। अई सोचनाई पर पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव याद आईब गेलाह। उनकर एकटा बेटा कुमारे रही गेल छलईन। कियो कहलकईन जे कियैक नई बियाह केलाह। ज़बाब भेटलईन- ओ अपन पिता नरसिम्हा राव सं बियाहक अनुमति लेल पुछला। अखईन तक ज़बाब नई देलखिन। ओही इंतजारी मे बेटा कुमारे रही गेलखिन।
युगांडा मे तअ प्राइवेट फर्म सब के पाई लअ जाई लेल सेहो चाईर बेर कहअ परई छई। आहांक चेक बईन कअ राखल अईछ, लअ जाऊ। ओ कहत - आईब रहल छी। दोसर दिन पुछला पर कहत-रस्ता मे छी, तेसर दिन कहत-एराऊंड छी, चारिम दिन कहत-जाह बिसईर गेलऊं।
आब लियह। आहां के जे करबाह के अई, से करु।
ओहिना सड़कक नाम बदलबा के सोचा रहल छई।
अखईन सड़क आ चौक सब पुरना कोलोनियल अधिकारी सबहक नाम पर अईछ। ईदी अमीन क समय मे क्षेत्रीय अस्मिता क नाम पर किछु नाम सब बदलल गेल छलई। भारत मे सेहो नाम बदलबाक काज शुरू भेल अईछ , लेकिन अखईन बहुत बाकी अईछ।ई सब गुलामी के चेन्हा के जल्दी सं जल्दी मिटबअ के चाही।नब पीढ़ी के स्वस्थ आ सार्वभौमिक बिकास लेल ई सब जरूरी मानल जाई छई।
युगांडा मे जलखई मे स्थानीय लोक के पाकल कटहर के धीपा कअ खाईत देखलियई। ओई सब जगह, जतअ बहुत लोक काज करअ अबई छई, कटहरक ठीहा भेटत, ओतअ ओरहा जकां कटहर के पकबईत रहत।
चिनिया बदाम सेहो खुब लोक खाईत अईछ। कनी आईग मे नोन संग भुजल भेटई छई। भात दाईल तरकारी जेकां ई सब खेनाई नई खायत, ओकर बदला ईयाह सब किछु किछु खाईत रहत।
साऊथ अफ्रीका मे पैघ पद बाला के तअ कात करु, छोट छोट काज करअ बाला सब सेहो मौल मे जा कअ बनल बनायल नान वेज खायत। युगांडा मे कोनठा सब मे छोट छीन खाय पीयअ के दोकान बजार आ आफिस बला एरिया मे भेंट जायत।
कम बिकसित देश भेलाक बादो युगांडा मे ट्रैफिक नियम तोड़ला पर फाईन बहुत देबअ के परई छई। ओहु डरे भारतीय सब अपने मोटर नई चलबईत छथि। कम पाई मे ड्राईवर भेंट जाई छईन। ओना भारत के ड्राइविंग लाइसेंस रहला पर अलग सं तीन बरखक ड्राइविंग लाइसेंस फीस देला पर बईन जाई छई।
दक्षिण अफ्रीका मे भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के मान्यता छई। तखनों नाहक मे ओतुका पुलिस रोकत तअ परेशान करत। ओई सं बचबाक लेल भारतीय हाई कमीशन सं एकटा ड्राइविंग सर्टिफिकेट बनबावक प्रावधान छई। अई सर्टिफिकेट रहला पर तंग होबाक संभावना कम भअ जाई छई। ओना पुलिस त पुलिस छई, कतुको होई, आमना सामना भेला पर, भारते जेकां लागत।
युगांडा के भारतीय मूलक लोक सब सेहो, स्थानीय लोक सब सं कम नई छथि। कयेक तअ, गुण मे एक डिग्री ऊपरे। बाकी कहियो आर।
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केपटाउन, साऊथ अफ्रीका घुमबाक क्रम मे " डिस्ट्रिक्ट सिक्स " नामक एक टा म्युजियम टकरायल। ई "सिक्स " नम्बर , दिल्ली मे रहअ बाला के सुनल जानल बुझाई छई। दिल्ली के जखईन पिनकोड के हिसाब सं अंग्रेज बंटलकई तअ अजुका " पुरानी दिल्ली " दिल्ली-६ " छई। दिल्ली ६ के अपन अलग सभ्यता, संस्कृति, खान-पान, रहन- सहन, बात - बिचार, पहनावा- सुनावा, बोली- बानी छई।सब धर्म- सम्प्रदाय के लोक आपस मे मिल कअ एकटा अलगे ढंगक भाईचारा ओतअ भेटत। दिल्ली ६ बला आहां के अलगे सं बुझा जायत। एकटा हिन्दी मे सनीमा सेहो " दिल्ली छह " के नाम सं बनल छई।ओहिना ई डिस्ट्रिक्ट सिक्स हमरा अपना ओर खींचलक।
ई डिस्ट्रिक्ट सिक्स अपना संग कयेक टा उजरनाई आ बसनाई के इतिहास समेटने अईछ।जतअ जतअ रंगभेद रहल अईछ, ओतुका सरकारक पहिलुक चाईल ईयाह रहई छई जे लोक के आपस मे नई घुलल- मिलल दियऊ।ज्यों संग रहत तअ , दोस्ती यारी हेतई, सुख दुख मे एक दोसर के लगीच आईब जेतई, फेर संगठन बईन जेतई,ओकर बाद ओकरा मे ताकत आईब जेतई, फेर मनमानी चलेनाई मोश्किल भअ जेतई- अही लेल रंगक नाम पर लोक के अलग अलग कैल गेलई। ओना अपनो समाज मे जाईत धर्मक नाम पर गाम सनक छोट युनिट मे सेहो विभाजन देखबई। गाम सब मे आहां के कैथटोली, बभनटोली, बढ़ईटोली, ततवाटोली, मलहाटोली, डोमटोली, दुसधाटोली,चमारटोली, सोनारपट्टी, लोहारपट्टी,कुम्हारपट्टी, मियांटोली........ भेंट जायत। अकर पाछु कारण उयाह, जे आपस मे बांईट कअ रखबाक छई। गाम नामक कोनो संस्था मजगुत नई भअ जाई।अकरा हम सब अपन अपन अस्मिता सं जोईड़ कअ , बांटल रहअ मे ही आनंद महसूस करई छी।ई सब अंगरेजिया चाईल हमरा बुझाईत अईछ, जकर लसाईर साऊथ अफ्रीका सं लअ कअ भारत तक मे देखा रहल अईछ।
1867 मे केपटाउन मे डिस्ट्रिक्ट सिक्स बनलई।अई क्षेत्र मे भारत सं आयल गिरमिटिया मजुर के अलावा आरो एशियाई लोक, अंग्रेज, मलेशियाई, इंडोनेशियाई, आ डच कालोनी के लोक सब रहईत छल।ककरो डच सब जबरदस्ती एतअ आईन कअ पटईक देलकई त कियो अपना मोने गिरमिटिया मजुर बईन कअ, तअ कियो कोनो आन कारणे एतअ आईब कअ रहअ लागल छल।
1901 मे पुरा साऊथ अफ्रीका मे प्लेग बीमारी फैललई।अई मे ई पुरा क्षेत्र तबाह भेलई। गांधीजी जोहानिसबर्ग मे ओई समय छलाह, ओतअ अई बीमारी सं लड़बा लेल बड्ड काज केलाह। उनकर संघर्ष जोहानिसबर्ग, प्रिटोरिया आ डर्बन के आसपास के क्षेत्र मे रहलईन। केपटाउन के तरफ रहअ बाला भारतीय सब छुईट गेलईन। अतुका भारतीय मूलक लोक सब गांधी जी के नटालक आ जोहानिसबर्ग क गांधी कहई छईन। एक देश के दोसर हिस्सा मे , उनकर योगदान नहिये के बराबर ओतुका लोक मानई छईन। 1905के आसपास ओना उनकर केपटाउन जेबाक चर्चा छईन।
डिस्ट्रिक्ट सिक्स के लोकेशन बहुतही प्रमुख छलई। ओकरा सब के जगह ख़ाली करेबाक छलई।अई प्लेग बीमारी के एकटा मुख्य कारण गंदगी होई छई।अकरे आर मे जे अई सं बीमारी फईल रहल छई, लोक सब जुआ, नशा आ वेश्यावृत्ति कअ रहल अईछ..........ओतुका सरकार, सब के अतअ सं हटाईये नई देलकई........पुरा एरिया पर बुलडोजर चला देलकई।
अकर बाद फेर सं ओई डिस्ट्रिक्ट सिक्स के बसेलकई।लोक के वर्गीकरण के आधार बुझबई तअ अजगुत लागत। ई छलई-"पेंसिल टेस्ट"। अई मे व्यक्ति के माथक केश मे पेंसिल घुसा कअ घुमाओल जाई।जकर केश मे आसानी सं पेंसिल घुईम जाई, ओकरा "श्वेतक" दर्जा भेंट जाई।अई डिस्ट्रिक्ट सिक्स मे ततेक ने आपसी समधियाना भेल छलई जे खाली देखला सं आहां निर्णय नई लअ सकई छलऊं।सब रंगक लोक मिल कअ अलगे रंग मे रंगा गेल छल।
श्वेत वर्ग मे अबिते, ओई व्यक्ति के सब सरकारी सुविधा भेटअ लगई छलई।जेना सोईत सब के दरभंगा महाराज के समय मे भे़टबाक चर्चा छई।बाकी अश्वेत के डिस्ट्रिक्ट सिक्स सं हटा देल गेलई। करीब साईठ हजार अश्वेत, जई मे भारतीय मूलक नीक संख्या छलई, अतअ सं हटा देल गेलाह।हमरा अई "पेंसिल टेस्ट" सं भारत मे हाल तक चलईत " टु फिंगर टेस्ट" मोन पड़ल। ई टु फिंगर टेस्ट, बलात्कारक जांच के सिलसिला मे होईत छलई, जे अमानवीय आर बिना कोनो वैज्ञानिक आधार के छई। आब जा कअ सरकार सख्ती सं रोकलकई अईछ। ओहिना ई पेंसिल टेस्ट क कोनो वैज्ञानिक आधार नई छलई, लेकिन तहिया अही पर फैसला भेलई।
अई निर्वासनक नियम के बड्ड सख्ती सं लागु कैल गेल छलई।ई पेंसिल टेस्ट सअ सांय बहु मे कियो श्वेत भअ गेल तअ कियो अश्वेत। एक दोसर कतअ जाई लेल परमिट लेबअ परई।
बाद मे 1994 मे रंगभेद खत्म भेला पर डिस्ट्रिक्ट सिक्स म्युजियम बनलई।ओई समयक वस्तुजात , फोटो, अखबारक रिपोर्ट आर माईर रास चीज सब ओतअ राखल छई। हम जई वस्तु के देख कअ चौंकलऊं, ओ छल- गाम दिशक चौक चौराहा पर बनल केश कटाय बला- " सैलुन"।ओहिना बड़का चाईर टंगा लकड़ी बला कुर्सी , फिटकिरी, पुरना हजाम लग रहईत छोटकी शीशा, लकड़ीक छोटकी बक्शा आ कांसा सनक द्रव्यक कटोरी । ओकर बाद अन्न कुटअ बाला जांत,ऊखल- लोढ़ी, पीढ़िया आ किछु मऊगियाही श्रृंगारक आ भंसा घरक वस्तु सब हमरा देखायल।पुरनका भारतक गरीब गुरबाक गाम घर छल। अई म्युजियमक गाईड उयाह लोक सब छईथ जे या तअ अपने वा उनकर पुरखा अई विस्थापन के झेलने छथि।ईनकर सबहक मुंहकान तअ भारतीय जेकां लगईन, लेकिन ओ सब भारतीय मूलक सवालक ज़बाब मे हंईस कअ टाईर देलाह।
हमरा ई देख कअ आश्चर्य लागल जे कतेक जल्दी रंगभेद खत्म भेलाक बाद ओतुका लोक अपना के बदईल लेलक आ नीक बेजाय सब के संग्रहालय बना कअ रखने अईछ। ई सब देखला के बाद, ओतुका नब पीढ़ी एहन कुकृत्य आब नई कअ सकईत अईछ।हम सब तअ गाम घर मे अखनो जाईतक टोल मे बांटल छी।कियो बाहरी ज्यों आईब जाई छईथ कोनो कारणवश, तं उनकर स्वीकार्यता बड मोश्किल।
एकटा केपटाउन क डिस्ट्रिक्ट सिक्स अईछ जे पूर्व मे कयल गेल गलती के म्युजियम बना कअ रखने अईछ आ एकटा "दिल्ली छह " अपनो अईछ , जतअ अखईन पार्किंग विवाद मे मां दुर्गा क मूर्ति के खंडित कयल जाईत अईछ। पिछला गल्ती सुधारबा के जगह पर नब गलती हम सब करईत रहब, त समाज आ देश कतअ आगु बढ़त।
अपनो सबहक समाज मे शान क बात बुईझ कअ अखनो लोक कहईत छई- फलां बाबु, फलमा के घरारी पर हर चलबा देने छलखिन।माने ओकरा घर छोड़अ पर मजबूर कअ देलखिन। देश - दुनिया संग चलबा लेल,अई सोच के बदलबाक जरुरत छई। साऊथ अफ्रीका सं अई लेल हमरा सब के सीख लेबाक जरुरत अईछ।
आब सीख के बाद ई नबका ट्रेंडक बारे मे दोसर विषय वस्तु पर सुनु।
डर्बन सं कनी हईट कअ " उमालांगा " एकटा नब शहर बिकसित भेल छई। आहां अतअ बेशी नबका धनिक सब के देखबई। अई नबका धनिक मे भारतीय मूलक लोक सेहो छथि। ओना अतअ रहअ बाला बेशी गोर चमरी बाला सब अईछ। समुद्र क कात मे फैलल ई शहर अपना आप मे खुब खुबसूरती समेटने अईछ। नई महानगर बाला हो हल्ला , आ नई भीड़भाड़। बहुमंजिला इमारत आ कोठी दुनु के नीक संख्या हमरा देखायल। समुद्र सेहो अतअ शांत बुझायल। जेना डर्बन सं हाईर थाईक कअ अतअ आराम कअ रहल हुआय।
हम गीता, जे सुखलालक माय छईत, उनकर आग्रह पर ओतअ गेल रही। हमरा ओतअ अबई लेल दुराग्रह रहय। आहां अयबे करु।
हम पहिने लिख चुकल छी जे प्रिटोरिया मे गीता हमर पड़ोसी रामलाल क साऊस छथि। गीता अधिककाल प्रिटोरिया मे बेटी कतअ रहई छथि। गीता के अपन अपार्टमेट ईयाह उमालंगा मे छईन। हम उनका ई नई बुझियईन जे ओ कोनो पाईयक दिगदारी लअ कअ बेटी कतअ रहई छथि........उनका भगवान सब किछु देने छथिन........आबेश लअ कअ ओ प्रिटोरिया मे छथि। ई सोभाव हमरा भारत मे सेहो देखाईत रहईत अईछ, जेतअ जे कियो बुढ़ा बुढ़ी, अपन बेटी कतअ रहता, ओ आहां के चाईर बेर जरूरे सुनेताह जे ओ मजबुरी मे अतअ नई छथि, उनका अपन गाम मे बड़का चास-बास छईन।
गीता के बार बार आग्रह सं हमरा बुझा गेल छल जे ओ अपन चास बास देखेतिह। आखिर छईत तअ भारतीय मूलक ने।
जेना कोठी बाला एरिया के लग मे झुग्गी-झोपड़ी उगिये जाई छई, ओहिना उमालंगा मे सेहो सर्वहारा लोकक किछु घर सब देखायल। स्थानीय अश्वेत सब बेशी दाई, रारिन आर अहिना छोट छीन काज मे लागल बुझायल। हमरा कम बैसक छौंड़ी सब सेहो काज करअबाली अभरल। ई कनी प्रिटोरिया सं अलग बुझायल।
हमर ई जिज्ञासा पर बुढ़ी गीता जे हमरा टुटल फुटल भोजपुरी मे कहली से सुईन कअ हम अवाक रही गेलऊं।
अतुका लड़की बच्चा सब बड्ड संख्या मे बिन बियाहल मां बईन रहल छई। ई पहिने अई देश मे नई छलई। ई नबका ट्रेंड छई।कनिये पैघ होईते ई छौंड़ी माय बईन जायत, फेर थोड़बे काज करत!
टीवी इंटरनेट के लअ कअ तअ नई?
नई नई। सरकार सब करवा रहल छई। स्कुल जाई छई लड़की सब अही लेल। बस बच्चा भअ गेल, पढ़ाई खत्म।ओकर बाद बईस कअ खाईत रहत।हमर बच्चा सब तअ पैघ भअ गेल। आब जे छईथ, धीया पुता बाली, से सब समारईथ।
हम अकचका गेलऊं। एहन की सरकार केलकई।
आहां फरीछा कअ कहु।
ओ जे बतेलीह आ दोसरो लोक सब सं अई बारे मे गप भेल, ओई अनुसार साऊथ अफ्रीका मे रंगभेदक समाप्ति के बाद जे सरकार बनलई, ओ सब सामाजिक सुरक्षा क नाम पर किछु कदम नीक उद्देश्य सं उठेलकई। लेकिन ओकर दुष्परिणाम सेहो सोझां आईब रहल छई।
बिनबियाहल बच्चा, नीक संख्या मे भअ रहल छई। अकर पाछु ईयाह " चाइल्ड सपोर्ट ग्रांट " छई।हम ई सब मिजोरम मे सेहो अनुभव केने रही। ओतअ बच्चा के बाप के बारे मे पुछला पर मऊगी ओई पुरूख के बर्दी के बारे मे बतबई छलई। अकर बाप सी आर पी एफ , त कियो कहत जे अकर बाप बी एस एफ, त कियो कहत एस एस बी, त कियो ग्रीफ , त कियो आर्मी। अईसं बेशी नई ओई मऊगी के बुझल रहई छई आ नई ओकरा बुझबअ के मतलब होई छई। ओकर समाज लेल ई सामान्य छई। ओहिना साऊथ अफ्रीका मे ई सब सामान्य छई।
अकर अलावा ओतअ कयेक देशक खिचड़ी लोक सब सेहो भेटत। ओकर कागज पत्तर बाला नागरिकता कोनो देश के, माय कतऊ के, बाप कतऊ के, संगी कतऊ के, रहईत कतऊ अईछ। अपना सब जेकां गाम ठाम पुछला पर ओ सब ज़बाब देबअ मे लड़खड़ा जाइत अईछ। जखईन नई किछु फुरेतई तअ ठठा कअ हंईस पड़त।
युगांडा मे सेहो अहिना बिन बापक नाम के संतान सब छई, लेकिन अतअ सरकार द्वारा कोनो तरहक मददक बेबसथा नई छई। सरकारी मदद भेटअ लगई, तअ लाइन लगा देतई।
साऊथ अफ्रीका मे ओना कम बैस मे बच्चा सब सेक्सक प्रति आकर्षित भअ जाईत छई। जकरा "टीन एज फर्टिलिटी" कहल जाई छई- ओ अतुका बड्ड बेशी छई।
अतुका बेशीतर १५/१६ बरखक बच्चा सब सहवास कअ चुकल रहई छई। अतबे नई, १८/ १९ के होईत होईत, ४०%के करीब लड़की गर्भधारण कअ लेने रहई छई। भारतीय मूलक लोक सब अई सब सं बड्ड बचल नई अईछ।ओना बियाहक पचड़ा मे सब फंसहो नई चाहईत अईछ।
ओना अपनो देश मे पुरनका जमाना के हीरोईन सारिका बिन बियाहल बच्चा के माय बनल छल......... कमल हासन बाद मे अपन नाम देने रहई। ओहिना नीना गुप्ता सेहो बिन बियाहे माय बनल। बाद मे विवियन रिचर्ड्स के नाम लोक जनलकई। ई सब अभिजात्य वर्ग सं संबंधित छलई तैं अकरा देखबाक नजरिया लोक के दोसर भअ जाई छई। साऊथ अफ्रीका मे गरीब तबका के स्थानीय अश्वेत सं जुड़ल ई बिन बियाहल बच्चा बाला बात गाहे बेगाहे सामने अबईत रहई छई, तैं लोक अकरा व्यंग्य मे लई छई।
हमरा जे मूल कारण अकर चर्चा के पाछु लगईत अईछ ,ओ नौकरानी के भेटबा मे होबअ बाला दिगदारी छई।अही सं नबका धनिक सब के बच्चा पोसई लेल जे अनुदान भेटई छई, ओई सं परेशानी छईन।
ई सरकारी अनुदान छह टा बच्चा तक मे भेटई छई। जाबईत तक बच्चा अठारह बरखक नई होई छई, ताबईत पाई भेटईत रहई छई।ओना अई मे किछु बंधन सेहो लागल छई, जेना बच्चा के स्कुल पढ़बाक लेल पठेबाक छई, माय बापक आमदनी के एकटा सीमा छई। ई भारतक बी पी एल बुझु। जकरा कार्ड बईन गेलई ,ओकरा चाऊर गहुम चीनी मटिया तेल सब सस्त वा किछ मूफ्तऊओ भेटिये जाई छई।
आब जखईन बिन देह डोलेने, पेट भरिये जाई छई, तखईन कोन काज छई काज करबाक। ईयाह छई सरकार के कल्याणकारी योजना के प्रतिफल। साऊथ अफ्रीका मे बहुत लोक अई कम बयसक अश्वेत बिन बियाहल बच्चा के जन्म देबाक बढ़ईत स़ख्या सं चिंतित बुझेलाह।
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केपटाउन, साऊथ अफ्रीका के सबसं जीवंत शहर छई। अकर कारण अतऽ दुनु महासागरक संगम छई। जेना विक्टोरिया लेक आ नील नदी के संगम हमरा युगांडा मे लागल , ओहिना दुनु महासागरक मिलन केपटाउन मे छई। दुनु जगह मे जे अंतर छई, ओ छई केपटाउन मे दुनु महासागरक जलक रंग आ अतअ विक्टोरिया लेकक शांत जल आ नील नदीक बहईत धाराक संगम।
केपटाउन मे " कैशल आफ गुड होप " पहिने समुद्र क कात मे डच सब सत्रहवीं शताब्दी मे बनबौने छल। कालक्रमेण ई समुद्र सं कने दुर भऽ गेल। ई ओहिना जेना दिल्ली क लालकिला पहिने जमुनाजी के कात मे छल, आब कने दुर भऽ गेल।
हमरा जखईन ई पता चलल जे डच ईस्ट "इंडिया" कम्पनी, अकरा बनबौने अईछ, तखईन हमर जिज्ञासा अकरा प्रति बढ़ल। "इंडिया" नाम मे लागल शब्द आहां के परदेश मे खींचबे टा करत।ई साऊथ अफ्रीका के पहिल संरक्षित स्मारक अईछ।
ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम तअ हर भारतीय के बुझल छई।हमर सबहक गुलामी के सुत्रपात ईयाह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी केने अईछ। व्यापारक नाम पर देश मे घुसल , बाद मे हमरे सब के धकिया कऽ राज केलक। ई ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी कनिकबा टा नई छल। अकर अपन निजी सेना छलई। कहल जाई छई जे ताहि जमाना मे भारत मे ढ़ाई लाख लोग ओकर सेना मे भर्ती छलाह।गाम गाम तक मे अकर सैनिकक प्रवेश छलई।तहिया ब्रितानी सेना मे अई सं आधे सैनिक छलई। कहबाक मतलब जे ई कम्पनी सब सरकार सं बेशी नई तअ कम्मो शक्तिशाली नई छल। ईयाह हाल पुर्तगाल के सेहो छलई। ओतुका बड़का बड़का लोकक अई कम्पनी सब मे हिस्सेदारी होई आ ओ सब बईसल राज करईत छल। ऐश मौज ओकर हिस्सा मे आ गुलामी एशियाई आ अफ्रीकी के भाग्य मे। जे भी कारण होई " इंडिया" नाम मे तअ किछु खास छेबे केलई।
अई कैसल के आहां सब "किला" बुझु। ताहि जमाना मे ई पंचाकार बनावल गेल छल‌‌‌। सामने बड़का बड़का तोप राखल गेल छलई। अतअ अबई लेल ईयाह किनारा छलई। जखने कोनो जहाज के अबईत देखई, तोप सं ओकरा उड़ा दई। अकरा सब के होई जे ओ सब आक्रमण करऽ आईब रहल अईछ। केप टाउन के किनारा एहन छई जे जलमार्ग सं जायबाला भूतिया कऽ ईमहर आईब जाई छलाय।ओकरा सब के अतअ अयबा के नई रहई छलई। दुर सं बुझाई जे ई जहाजक रस्ते छई, लेकिन एतअ आईब कऽ ओ सब फंईस जाय।आहां केपटाउन मे समुद्र क कात मे जगह जगह "तोप" स्थापित कैल देखबई। ई तोप सब ऊयाह रस्ता भुलेलका जहाज सब पर आक्रमण मे धुराझार प्रयोग होई छलई।
एकदम अहिना दु टा तोप बेतिया मे राजड्योढी मे पहिने राखल छलई। आब पता नई, छई या नई? हमरा केपटाउन क तोप अनमन बेतिया के तोप जेकां लागल। भअ सकईत छई, एक्के जगह बनल होई!
अई किला के सबसं विशेख बेबसथा हमरा ई लागल जे पर्यटक के अतऽ पहिलुका राजा महाराजा जेकां आनल जाई छई। नियत समय पर बैंड बाजत, सेनाक टुकड़ी परेड करईत आयत, तखईन झंडा सब लअ कअ ओ सब रहत,फेर किला के बड़का गेट खुजत आ पर्यटक सब तखईन किला मे शानदार ढंग सं घुसई जेताह।
ओकर बाद ओतऽ तोप के संरक्षित करअ बाला संस्था के लोक सब आओत। ओ सब आहां के सोझां मे तोप चलायत। आहां चाहु तअ तोप चलबअ मे ओकरा मददक नाम पर अकर आनंद लअ सकई छी।जेना अपना सब कतऽ जे सी बी के खुदाई मे किछु किछु एतिहासिक मूर्त्ति सब भेटईत रहईत अईछ, ओहिना अतअ तोप भेटाईत रहई छई। ओ सब एकटा तोप बचेबाक समाज बनौने अईछ।अही माध्यम सं तोप सब के सहेज कअ आ ज्यों संभव होई तअ ओकरा चालु हालत मे रखने अईछ।
अई किला मे तखुनका राजा रानी सब के रहबाक घरक संग, विस्फोटक रखबाक अन्हार घर सब बनल छई। अकर अलावा कैदी सब के यंत्रणा कक्ष सेहो भेटल। जतअ कतऊ राजमहल जेकां किछु छई, ओतअ भंसाघर होई वा नई होई, यंत्रणा कक्ष जरूर भेंट जाईया।
अही सबहक बले डच सब अतअ राज करई छल। ईयाह समुद्री रस्ता छलई युरोप सं भारत दिश जयबाक। आब डच सबहक चर्चा भऽ रहल अईछ, त बिन वास्कोडिगामा के ई कोना पुरा होयत।
सबके बुझल अईछ जे वास्कोडिगामा , डच छल आ अही रस्ते भारत गेल छल।हिन्द महासागर बाटे भारत जेबाक रस्ता ओ तकलक। कहल जाई छई जे ओ मात्र तेईस दिन मे भारत पहुंच गेल छल।ओकर पुरा घरक लोक जहाजी सब छल। ओकरा भारत मे पुरा सम्मान भेटबे केलई, अकर अलावा ओकरा अपन देश घुरलो पर बड मान सम्मान भेलई। भारत मे रहईत रहईत ओ बाद मे अकच्छ भऽ गेल छल‌‌‌। मौसम प्रतिकुल रहलाक बादो ओकरा एहन ने घर घुरबाक मोन केलकई जे लाख लोक रोकईत रहलई, ओ विदा भअ गेल‌‌‌। घुरती मे एक तअ मौसम खराब, दोसर ओ रस्ता भूतिया गेल।तेईस दिन मे आयल छल आ एक सौ बत्तीस दिन मे घुरल। आधा सं बेशी ओकर जहाजी लोक सब रस्ते मे मईर खईप गेल छलई। अपने कहुना कअ पुर्तगाल पहुंचल। बाद मे अपने माईट पर मरल। ईयाह देशक माईटक लगाव छई। भारत मे ओ छोट छीन राजा जेकां छल, लेकिन सब छोईर छाईर कअ ओ अपन देश विदा भअ गेल।
डच सब बड्ड साहसी आ दुर्गम यात्रा क प्रेमी संग, पराक्रमी आ दुर दृष्टि बला व्यापारी सब छल। नाना प्रकारक तोपक अलावा विस्फोटक बनबअ मे ओकरा सब के ताहि जमाना मे महारथ हासिल छलई। एतनी टा के छोटकी आ चालु हालत मे तोप हमरा ओतई टा देखबा मे भेटल। हजार सं ऊपरे तोप ओकर सबहक समाज मे अखनो सहेज कऽ राखल छई। किला सेहो अहन सुरक्षित आ अभेद्य बनौने अईछ। अकरा देख कअ हमरा कनी मनी गोलकुंडा, हैदराबाद के किला मोन पड़ल। गोलकुंडा मे सेहो गेट पर ताली बजाऊ त ऊपर महल लग आवाज गुंजईत पहुंच जाई छलई पहिने।
ईस्ट इंडिया कंपनी के बनावल ई किला हमरा बेश आकर्षित केलक।सेहन्ता भेल जे अहिना पुरा सेरेमोनियल ढंग सं भारत मे एतिहासिक धरोहर के पर्यटक के देखाओल जाय तअ लोक के अपन इतिहास के बारे मे जानकारी हेतई आ विदेशी पर्यटक सं बढ़िया आमदनी सेहो हेतई।
पुरा केपटाउन डचशैली मे बनल घर सं भरल अईछ। सुन्नर सुन्नर लोक, समुद्र क कात मे पेंग्विनक संग पटायल भेटत।हुजुम मे पेंग्विन सब, जतअ कतौ कनिको झाड़ झंखाड़ भेटत, ओई मे बसेरा बनेने अईछ। पेंग्विन बहुत ही कोमल, लजकोटर, सुकुमार आ मासुम जल- चिड़ई अईछ।अकरा संग किछु घंटा बितेनाई हमेशाक लेल यादगार रहत। ओना हजारों के संख्या मे समुद्र क भीतर टापु पर " सील " सेहो भेटल।अई पर बाद मे।
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पुर्वी अफ्रीका मे पुरूख सब के स्थिति अपन घर मे राजा बाला छई। जे भी घर मे पुरुष प्रधान छथि, उनकर ठाट बाट के खिस्सा अजगुत लागत। जतअ एक दिश पुरूख अतेक फायदेमंद स्थिति मे छथि, तअ अकर उल्टा दयनीय स्थान मऊगी सब के भेटत।पुरूख सब अपन पेट कईस कऽ भईर लेत, बाकी घरक बच्चा आ मऊगी सबहक लेल भोजन बचलो छई की नई? अई सं निफीकिर।
जेना अपना सब मे प्रणाम, नमस्कार, गोर लगई छी, से सब कहीये कअ चलई छई, ओना अतअ सांय बहु के बीच ग्रीटींग्स के अजबे ढंग छई। कनिया रोज सुईत उईठ कअ, अपन घरवाला के अभिवादन करतई। अभिवादन करअ के तरीका पर ओना एतऊ बहस चईल रहल छई। कनिया अपन ठेहुन पर बईस कऽ, बर के अभिवादन करतई। ई ओकर बराबरी मे नई बईस सकईत अईछ। बर सेहो ओहिने अंईठल रहत घर मे, ओ एहन नमस्कारो भेटला पर, कनियो दया भाव मे नई रहत। ओ एकरा अपन अधिकार बुझईत अईछ।
अई सब के पाछु जे ओतुका पुरूख सब के तर्क छई जे हम सब कनिया के कीन कऽ अनने छी। कमोबेश कनिया के हालत नऊरी बाला छई।आहां बंधुआ मजुर सेहो कहीं सकईत छी।
बरागत के , कनिया के पिता के , लड़की के बदला गाय देबऽ परई छई।गायक संख्या लड़की के गुण पर निर्भर करई छई।ओहीं सं, बर , अपन अधिकार ताउम्र कनिया पर जतबई छई। देबलेब तऽ अपनो समाज मे अईछ।
अपना कतऽ, कनिया सब दहेज दऽ कऽ, लड़का सऽ बियाह करईत अईछ। ज्यों लड़की सब अहिना अपन बर के बंधुआ बुझअ लागय,तऽ केहन मजेदार समाज बईन जायत। ओना समाज अपनोआप बदलईत रहईत छई। एहन स्थिति जल्दिये आईब जाय, अई मे संदेह नई।
घर मे भोजन बनला पर सबसं पहिने घरबाला पुरुख के परसल जाई छईन। बेशीतर संयुक्त परिवार होई छई, ओई लऽ कऽ, पुरुख प्रधान आ सब वयस्क पुरुख सब के खेनाई देल जेतई। अई आन पुरूख सब मे वयस्क बेटा सेहो आईब जाई छई। पुरूख सब के खेला के बाद, स्त्रीगण आ बच्चा सब खाईत अईछ। लड़की बच्चा के सबदिना , पुरुख के बादे खयबाक बात मोन मे बईसायल जाई छई।
दु टा पईघ बाऊल कहु या बड़का बट्टा, ओई मे एक्के जगह खेनाई बीच मे राईख देल जाई छई। एकटा बट्टा मे अन्न सं बनल या एहने किछु रहई छई, आ दोसर बट्टा मे झोर कहु या रस कहु या जुस कहुं, अहीना किछु तरी बला पदार्थ रहई छई। ओही झोर मे डुबा डुबा कऽ ओ सब खायत।
ईस्लाम के मानऽ बाला के नीक संख्या अफ्रीका मे छई। अकरा सब मे ओना चाईर टा तक वियाह देखबई। बाकी जे अफ्रीकी जनजाति सब छई, ओ सब नियमतः एकटा कनिया रखईत अईछ। अकरे कानुनन मान्यता सेहो छई। ओना ओई पुरुख के क्षमता पर छईन, ओ कतबो मऊगी के अपना संग राईख सकईत छईथ। एक्सटेन्डेड परिवार के अतऽ सामाजिक परिपाटी आ मान्यता दुनु छई। अई मे सामाजिक सुरक्षा छई। दहेज दऽ कऽ जे औरत अनने अईछ, ओई लऽ कऽ सहज रूप मे पति के मरला पर, ओकरा पर घरे के बाकी लोग अधिकार जतबई छई।
मऊगी सब एतअ पुरुख के नजर मे,संतान जन्म करई लेल ,घरक साफ सफाई आ खेनाई बनबऽ लेल छई। आहां वस्तु जेकां आ भोग्या बुईझ सकई छी।अतुका मऊगी सब शुरूये सऽ अई स्थिति सं समझौता कऽ लेने अईछ। ओ सब बहुतही‌ मेहनती आ पुरूख के जीवन मे कम सं कम हस्तक्षेप करईत अईछ।
गरीबी आ अशिक्षा के कारण ई सब प्रथा चईल रहल अईछ। घर मे बराबरी के स्थान भेटऽ मे समय लगतई, ओना आंतरिक संघर्ष चईल रहल छई।
ठेहुन‌ पर बईस कऽ अभिवादन केनाई तऽ हम अतुका पढ़ल लीखल समाज मे सेहो देखलियई। अई सब प्रथा के बादो, भारत मे जे क्रुरतम सती प्रथा छलई, ओई सऽ तऽ कम्मे छई।
असली मे एतऽ पुरुष प्रधान समाज अखनो छई,जतऽ स्त्री के दोयम दर्जा देल गेल छई।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः।
पुर्वी अफ्रीका मे परिवार सर्वोपरि छई। पश्चिम सब जेकां एकल परिवार आहां के नई भेटत। अतुका जनजाति सब ओना आब नगर, महानगर मे सेहो रहऽ लागल छई। अकर बावजूद ओ सब अपन मूलगाम आ समाज सं जुड़ल अईछ।
जेना मैथिल सबहक अपन मूल होई छईन, कूलदेवी/ देवता छथिन, ब्रह्म बाबा छथिन, देवी माई छथि, दीन भदरी आ राजा सलहेश के पुजा करई जाई छथि।पुजा के देवता आ पद्धति संऽ बहुत रास बात ओई व्यक्ति विशेष के बारे मे आहां जाईन सकई छी। ओहिना अतऊ छई। कयेक टा जनजाति छई आ सबहक किछु पृथक मानदंड आ लोकाचार छई।
दुनिया मे अदौं सऽ चलईत सामाजिक व्यवस्था सब आब अर्रा कऽ खईस रहल छई, ओतऽ युगांडा मे आर बेशी मजगुती सं टीकल छई।
सांय बहु मे छुट्टा- छुट्टी सरकारक हाथ मे नई भऽ कऽ, समाजक हाथ मे छई। बियाह के एकटा पवित्रता छई। आहां अपना मोने नई कईये सकई छी आ नई छोरिये सकई छी। ई पुर्णतः समाजिक दायित्व के अंदर अबई छई।
जेना बर पक्ष जे उपहार, कनिया के दई छई,ओ मूख्यत: बरक बापक दिश सऽ देल जाई छई। ई बापक जिम्मेदारी छई जे बेटा के नीक कन्या संऽ बियाह हुआय।
जखईन कखनो सांय बहु मे झंझट अतेक बईढ़ जाई छई,जे तलाकक नौबत आईब जाई छई। सबसं पहिने दुनु पक्षक नामचीन लोक सब बईसई छथि। बर कनिया के पृथक पृथक, आ जरूरत पड़ला पर आमने-सामने बईसा कऽ मामला के सुलझायल जाई छई। जकर गल्ती रहई छई, ओकरा समाज दंड सेहो दई छई। जेना मैथिल मे जघन्य गलती कयला पर, समाज सं बारऽ के प्रथा छलई(आब बिलुप्त), ओहिना अतऽ अखनो छई।
अगर लड़की, लड़का के अपना मोन सं छोड़ई छई, तऽ ओही स्थिति मे ओकरा सनेश मे भेटल सबटा गाय आ आन सामग्री सब घुरबऽ पड़तई।
अगर लड़का, लड़की के अपना मोन सं छोड़ईत अईछ, तऽ ओकरा द्वारा लड़की के देल सनेश, वापस नई भेटतई।
सांय बहु मे झगड़ा भेला के नीक ओ सब नई मानई छई। जतऽ भी अई तरहक परिस्थिति रहई छई, अकरा सबहक अनुसार, अकर दुष्फल आबऽ बला संतान पर पड़ई छई।कलह आ प्रताड़ना सं देवता पितर नाराज भऽ जाई छथिन, फेर उनकर प्रकोप अनिष्ट कऽ दई छई। तैं अई सं बचबाक प्रयास ओ सब करईत अईछ।
जेना अपना सब मे प्रवासी सब, सुख दुख मे अपन मूल गाम समाज के लोग के शामिल करई छईथ। मुंडन, उपनैन, बियाह, श्राद्ध आदि बाहर मे केलाक बादो गामो मे किछु भोज भात करई छथि, भगवती के पातईर, ब्रह्मबाबा के पुजा, देवी माई के आराधना, कुल देवी/देवता आ सत्यनारायण भगवान के पुजादि के परिपाटी छई, ओहिना अतुका जनजाति कोनो भी शुभ काज जेना संतानोत्पत्ति, बियाहादि नगर/महानगर मे केलाक बादो अपन कूलक लोग के भोज दईत अईछ।
अफ्रीकी सब मे भोज सामुहिक होई छई। जे भी मांसाहार भोजन बनई छई, ओ सबसं पहिने गामक बुजुर्ग के खाई लेल देल जाई छईन। ओ खाईते टा नई छथि, एकर सुआद सेहो लई छथि। ज्यों ऊनकर मनोनुकूल भोजनक स्वाद रहतई, तखईन ओ एकरा पास करताह। फेर बाकी लोग क्रमानुसार भोज मे शामिल होयत आ खायत। अकरा सब मे बुजुर्ग के सामाजिक प्रतिष्ठा बहुत बेशी छई। ई समय के जरूरत छई। जई भी घर, परिवार आ समाज मे बुजुर्ग उपेक्षित छथि, ओतऽ शांति नई भेटत। ई अकर सबहक मान्यता छई आ हमहुं भारतीय समाज मे अई दृष्टिकोण सं देखई छी, तऽ बात पुरा सत्य लगईत अईछ।
सामाजिक प्रतिष्ठा मे अर्थ के एक सीमा सं बेशी महत्व अतुका समाज मे नई छई। भारतक समाज पहिने अहिना छल, लेकिन आब तअ अर्थक ईर्द गिर्द सम्पुर्ण समाज रेंग रहल अईछ।
बियाह दान मे जे गाम मे ई सब अपन समाज के भोज करईत अईछ, ओही बदला मे समाज अकरा सब के बैबाहिक जीवन मे ज्यों कोनो दिक्कत अबई छई, ओकरा सोझराबो मे समाज आगु अबई छई।
समाजिक व्यवस्था बहुतही मजगुत छई। पुरुषप्रधान समाज भेलाक बादो स्त्रीगण मे परिवारक प्रति स्वतः समर्पणक भाव रहईत छई। ओ सब अपन स्थिति के शोषण नई बुईझ कऽ, घर परिवार लेल योगदान बुझईत अईछ।
तलाक के ई सब निकृष्ट बुझईत अईछ। ओना एहन निकृष्ट लोकक संख्या बईढ़ रहल छई।
मैथिल समाज मे आई सं पचास बरस पहिने, तलाक धोखो धोखी, नई सुनबा मे अबई छलई। आब एहन कोनो परिवार नई बांचल अईछ, जे अई सं मूक्त अईछ।
संबंध त्यागे पर टीकल होई छई।घर परिवार के लेल अफ्रीकी सब, विशेष कअ स्त्रीगण सबहक त्याग स्तुत्य अईछ। अपनो सबहक समाज पहिने एहने छल, लेकिन पश्चिम के नकल आ फुसिया बराबरी के होड़ आ चलन, एकर आधार के धखोईर रहल अईछ।
ई अफ्रीकी समाज बाहर सं जतबे खुजल बुझाई छई, भीतर सं ततबे बान्हल छई। परिवार के सही परिभाषा देखऽ मे आबत, लेकिन ओईला लगीच सं देखऽ पड़त।
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अफ्रीकी सब के आर किछु अंगरेजबा सब सीखेलकई की नई, एकटा के लत लगा देलकई। ई छई- पैंट शर्ट, कोर्ट आ टाई( गरदन लंगोट)। मौसम ठंडा होई वा गरम, ऊनी होई वा नाईलोन,पढ़ल होई वा सफाचट, साऊथ अफ्रीका होई वा पुर्वी अफ्रीका, सब जगह ई सुटबुट धारी लोग भेटायत।
काज ओना कोनो छोट पईघ नई होई छई। रिक्शा चलबऽ बाला हुआय वा खेत मे काज करऽ बाला जन हुआय वा बोडा बोडा चालक हुआय वा कोनो छोटछीन मेहनत कश मजुर हुआय, सब ई सुट मे भेटत। भारत मे ज्यों कोई रिक्शा- टांगाबाला, आटो बाला, घरक भंसिया, जन मजुर आ कोनो कारीगर एना सुट बुट आ टाई मे भेटत,तऽ एकबेर हंसी अवश्ये छुटत। अनकट्ठल लगबे करऽत।
टाई पहिने लोग ग्रैजुएट भेलाक बाद, लगबऽ के जोगड़ बुझल जाई छलई। बाद मे अंगरेजिया सकुल सबहक नकल मे आब बच्चे सं चुटपुटिया बटन बाला टाई प्राईवेट स्कूल क बच्चा सब पहिरई छई।‌ टाई बाला बच्चा सबके लोग अंगरेजिया बाबू के भ्रम मे रहईत अईछ। टाई के नाॅट बान्हऽ अखनो अपन देश मे बेशी लोक के नई अबई छईन। कमोबेश, जतबा लोक के टाई के नाॅट बान्हब अबई छईन, ओतबे लोक अपने सं धोती पहिर सकई छथि। अहिना बुईझ सकई छी, जिनका टाई के नाॅट बान्ह अबई छईन, उनका धोती पहिरऽ नई अबई छईन आ जिनका धोती पहिरऽ अबई छईन, उनका टाई के नाॅट बान्ह नई अबई छईन। युरोपीयन सब ईनका सबके सुटेड बुटेड कऽ निकम्मा बना देने छईन। आहां सुट मे सब काज नई कऽ सकई छी।
दोसर ई सब कनीके पाईन बुन्नी आ ठंडा भेलई की नई, चट सं सोईटर पहीर लेत। हमरा पुछला पर कहलक- हमरा सब के ठंडा के हीस्सक नई अईछ।भारत मे तऽ ठंडो अतीये आ गर्मीयो अतीये पड़ई छई। आहां सब के देह ई ठंडा गरमक आदी अईछ,हमर सबहक नई।
जार मास भारत मे रऊद मे लोग ठार होईत अईछ।गाम घर मे नार- पुआर बीछा कऽ ओई पर सुतल लोग भेटियो जायत।जेना जेना रऊद दिन बीतलाक संग, भगईत रहत, ओहिना लोक अपन पटिया, चादर, दरी जे भी होई, ओकरो खिसकेबईत रहईत अईछ। पुरा रऊद के आनंद लेत । मंगनी के विटामिन डी भेट रहल छई, भईर छांक भोग करत।
एकर उल्टा, साऊथ अफ्रीका मे जखने हम कनी मोसम ठंडा भेला पर रऊद मे ठार होई छलऊं, सहकर्मी सब डरा दई छलाह। एतऽ ओजोन लेयर बहुत पातर छई। सूर्य क किरण सं चमरा मे इन्फेक्शन भऽ जाई छई। चर्म रोग के आशंका, रऊद मे रहला सं प्रबल भऽ जाई छई।फेर की करितऊं,मोन मसोईस कऽ छाहईर मे चईल जाई। ई प्रिटोरिया के हाल छलाय।
ऊयाह साऊथ अफ्रीका मे आहां केपटाउन आ डर्बन मे समुद्र क कात मे जाऊ, दोसरे हाल छई।डर्बन मे तऽ कम सम, मूदा केपटाउन मे समुद्र क बीच सब पर टहटहऊआ करकरऊआ रऊद मे, नंग-धड़ंग अंगरेजबा सब अखरे बालु पर पड़ल भेटत। अई सुतलाहा लोग मे हमरा दु तिहाई मऊगी बुझायल,आ एक्के तिहाई पुरूख। लऽग मे जा जाऽ कऽ नई देखलियई। ओना कनीक दुर सं मऊगीये सनक बेशी लागल। ओना मऊगी पुरूख मे अंतर बेशी नई छई। ऊपरका दिस निर्वस्त्र रहत आ उल्टा दिस पड़ल रहत। आब मूंहे नई देखायत तऽ चिन्हबई कतऽ सं। बहुत टुरिस्ट तऽ, समुद्र क सौंदर्य सं बेशी सुतल पड़ल लोग के देखईत रहत। टिकट बाला बीच पर बेशी निर्वस्त्र सुतल गोरका चमरी बाला भेटत। हमरा तऽ बुझाईत अईछ, जे पाई दऽ कऽ, मऊगी सब के ऊल्टा सुतवने रहई छई। ओकरे सब के देखई लेल टुरिस्ट तुफान मचवने रहईत छथि। असली बात जे हम बतबऽ चाहई छलऊं जे ई सब तऽ बिना कपड़ा के रऊद मे बालु पर पड़ल रहईत अईछ, तखईन कियैक ने, चर्म रोग एकरा सब के होई छई। हमरा पुछला पर बतायल गेल जे सनक्रीम होई छई, ई सब ओ पोतने रहई छई, जे सूर्यक किरण पड़ला‌ सं आर देदीप्यमान भऽ जाई छई।जे भी होई, हम मोन भेलो पर रऊद मे कम ठार भेलऊं। ओजोन लेयर के भारी भरकम शब्द, हमरा अतेक साहस नई देलक, जे ओकर परीक्षा लईतियई।
आब युगांडा आईब जाऊ। एतऽ जनजाति के संख्या बहुत बेशी, आ गोरका चमरी बाला सब भुलल भटकल भेटताह। अतऽ रऊद मे मौका बेमौका हम देह सेकलऊ, कियो मना नई केला अईछ अखईन तक।अतुका ओजोन लेयर के की हाल, से पता नई।
युगांडा मे स्कीन ईन्फेक्शन के जगह पर एकटा दोसरे वायरस के खतरा। एतऽ बजार मे आलु माईट सहित भेटत। खेत सं सीधा ऊखारल। ओना माॅल सब मे धोवल धावल पैक कैल भेटऽ लगलईया। भारतीय सब आलु के तरकारी एतऽ, आलु के छीलला के बाद बनायत। मिथिला मे जेना सरसों मशाला बाला आलु के तरकारु बीन छिलले बनई छई। आलु भुजियो खोंईचा सहित बनई छई। अतऽ भूजिया हुआय वा कोनो आन आलु के तरकारी, छिल्का हटाईये कऽ भेटत। छोटकी आलु के खोंईचा सहित दु भाग मे मोश्किल सं काटल आलु भुजिया आहां के नई कियो खुआयत। आलु के माईट आ छिल्का मे वायरस आ ओई सं इन्फेक्शन- सत्त की फुईस, के फरिछौता करत।सीधा बात- छिल्का बाला आलु नई खाऊ।
बाजार सं आलु कीनला के बाद लोग पहिने खुब पाईन मे रगईर रगईर कऽ धोअई अईछ। फेर आमक पाल जेकां, बिछा कऽ सुखबई अईछ। ओकर बाद निश्चिंत भऽ जे, वायरस के समुल धोला पर नष्ट भऽ गेल हेतई, तखईन तरकारी बनबईया। ओई सं पहिने फेर आलु के छिल्को छीलत। अतेक सावधानी भारतीय सब रखईत छथि। ई तऽ ओहिना भऽ गेल,जेना प्लेग सं पहिने अ़गरेजबा सब डेराय। इंग्लैंड मे फुसिये के अफवाह फईला देल जाई की फलां गाम मे प्लेग बीमारी फईल गेलई अईछ, गामक गाम अंगरेज सब घर छोड़ी कऽ पराऽ जाई।
एतऽ कम्पाला मे कटहर के गाछ चारू कात छिरियाल छई।अतुका लोक सब खाली पाकल कटहर कोआ खाई छई, अकर तरकारियो होई छई, से अकरा सब के नई बुझल। हमर एकटा बंगाली सहकर्मी कहला जे ओ अतुका सरकारी अस्पताल गेल छलाह। ओतऽ सड़कक कात नीचा सं ऊपर तक लुधकल फरल कांच कटहर। ओ एकटा ओतई ठार स्थानीय लोग के पुछलखिन जे अई गाछ के मालिक के?
ओ कहलकईन- कियो नई। हम आहां सब मालिक।
आहां के कटहर चाही?
ई कहलखिन- हं चाही।
किछु हमरा बख्शीश दऽ दियऽ। हम तोईर कऽ दऽ देब।
ई भारतक मात्र बीस रूपया बराबर अतुका करेंसी सीलिंग देलखिन, ओ कटहर तोईर कऽ मोटर मे राईख देलकईन।
खुशी खुशी सस्ता मे भेटल कटहर लऽ कऽ घर घुरलाह। आब बड़का कटहर के काटल केना जायत। शहरुआ कनिया स़ं कटहर काटल नई भेलईन।हांसु घर मे छलईन नई आ छोटकी चक्कु सं ओ कटलई नई। परेशान भेलाह। दुनु बेगत मे ई कटहर अनला पर झंझट ऊपर सं भऽ गेलईन। फेर कटहर के बख्शीश के तेबर एकटा लोक के पाई देलखिन, तखईन ओ घर आईब कऽ कटहर काटलकईन।ओकर आबय जाय के चार्ज, काटऽ सं बेशी छलई।
अतुका मौसम सब दिना एकरंगाहे, ओहीं सं सब चीज सालों भईर भेटई छई।
ओहिना पोर्ट फोर्टल, युगांडा के रस्ता मे लतामक बगान सब छई। बड़की बड़की टा लताम पाईक कऽ खसल रहई छई। कियो देखऽ बाला नई। ओतुका स्थानीय लोक के किछु बख्शीश दियऊ, ओ टटका टटकी तोईर कऽ बिना मोल के दऽ देत।
अहिना एक गोटे कहला कि उनका तऽ आमक गाछी भेटेलईन। ओहो ओतुका बच्चा सब के बख्शीश देलखिन। गोपी आम सं मोटर भईर देलकईन।
साऊथ अफ्रीका मे अबाकोडा फलक गाछ सबतर भेटत। युगांडा मे कम छई। साऊथ अफ्रीका मे कियो अकरा पुछत नई, आ युगांडा वा भारत मे महंग फल मे ई आयत। अबाकोडा, प्रिटोरिया मे हमरा ओहिना लागल, जेना गाम मे देसिला लताम। युरोप मे ओहिना सेव के हाल छई। सगरो खसल पड़ल भेटत।
भारत मे सब अफ्रीकी देश के लोग एक्के रंग लागत। देशक नाम पर चिन्हनाई मुश्किले टा नई, नामुमकिन।सब हब्शी कहायत या नाईजेरियन। हमरा जे अफ्रीकी सब मे अलग अलग रंग ढंग लागल ओ अईछ- नाईजेरियन सब बेशी ह्रष्टपुष्ट आ आक्रामक, इथियोपियाई सब के माथ मे थोड़ बहुत केश आ रंग कने साफ, यूगांडान सब कनी लंबाई कम आ हल्लुक डील-डौल, रंग बेशिये झामर आ सुस्त स्वभाव, भाषण देबऽ मे माहिर, रवांडन सब के नाक कनी ठार आ चेहरा ब्राउनीश, जिम्बाब्वे बाला सब दिमाग सं तेज आ लंबा, लेसेथो बाला कनी छोट छीन आ शांत।
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ब्रिटेन के जतऽ जतऽ उपनिवेश रहलई, ओतऽ ओतऽ कला, संस्कृति, साहित्य, नाटक, भाषा , पोशाक,सोच सब मे ओकर सबहक एकटा निच्छन्न प्रभाव हमरा देखाईत अईछ। साहित्य आ ओकर सब आन आन विधा पर तऽ अखनो ओही रस्ता पर डेग बढ़बईत देख रहल छी।
किछु दिन पूर्व हमरा युगांडा के संग्रहालय मे " रोमियो आ जुलियट " नाटक होबाक बारे मे सुचना भेटल। ओई नाटकक टिकसक दाम सेहो आन जगह सं कनी बेशी छल।
नाटक जे बाद मे आगु बढ़ईत सिनेमा भऽ गेलई, ओ ओई समयक सब सामाजिक व्यवस्था के दर्शऽबई छई। हम एकटा सहकर्मी संग रोमियो आ जुलियट के देखऽ नियत समय पर संग्रहालय पहुंचलऊं।
ओतऽ बाहरे मे एकटा स्थानीय लोक ठार छलाह। ओ बड्ड उत्साहक संग हाथ मिलेलाह आ हमरा सब के लऽ जाऽ कऽ एकटा छोट छीन हाल मे बईसा देलाह। ओतऽ पहिने सं किछु भाषण भुषण चलई छलई। हमर ईच्छा जे पाछुये दिश बईसी, मूदा ओ अश्वेत आयोजक समिति के सदस्य हमरा सब के अगिला पांती मे बईसेला। ताबड़तोड़ हमर सबहक फोटो खींचाय लागल। माईक पर जे व्यक्ति छलाह ओ बहुत खुशी सं उद्घोषणा कयलाह जे हमर सबहक कार्यक्रम के विदेशी सब सेहो उपस्थित भऽ कऽ सहयोग कऽ रहल छथि। हमर कान ठार भेल।ई कोन नाटक छी। ताबईत एकटा महिला खाली फार्म अनलीह। ओई मे अपन बारे मे नाम, पता, फोन नम्मर सब लिखबा के छलई।
आब हमरा बुझा गेल छल, जे भी होई, अतऽ नाटक तऽ कीन्नहु नई हेतई। हम धीरे सं ओई महिला सं पुछलियईन- रोमियो आ जुलियट के नाटक कतऽ होबऽ बाला छई।
ओ कहली- आहां बईसु। हम पता कऽअबई छी।
हमर सबहक खुसुर फुसुर सं बाकी लोक के भेलई जे हम सब पूर्व परिचित छी। ईयाह हमरा बजा कऽ अनलीह अईछ।
ओ हमरा मदद करई लेल तैयार आ हमर जान एतऽ अवग्रह मे। हम कहुना ढंग सं विदा होबाक चाहई छलऊं।
हम कहलियईन-
आहां आयोजन देखु। हम घुईर कऽ अबई छी।
ओ सहर्ष अनुमति दऽ देलीह।
हम सब एखईन तक टिकस नई कटौने रही। अतऽ टिकसक के कोनो ऊचावर्चे नई छलई। तैं बुझा गेल जे गलत जगह चहुंपल छी। टिकस बाला जगह पर आहे - माहे नई होई छई।
संग्रहालय मे थोड़ेक भीतर घुसलऊं, तऽ ईदी अमीनक समय फोटो सब चारू कात डरबईत टांगल छिरियाल छल।दरवज्जे लग एक गोटे टिकसक गड्डी लऽ बईसल छलाह। उनका रोमियो-जूलियट शो के बारे मे पुछारी केलियेन। ओ कहलाह-
पहिने टिकस तऽ लऽ लियह। अखईन शो नई शुरू भेल अईछ। बाद मे पता लागल जे टिकस बाला गड्डी लऽ कऽ बईसऽ बाला लोक अई शो के कर्त्ता धर्त्ता छलाह।
अकर बाद एकटा खियाल मियाल अंगरेजबा भेटायल। ओ दु टा खाली कुर्सी के तरफ इशारा केलक। ओतई जा कऽ बईस गेलऊं। बाद मे पता चलल जे ईयाह शो के निर्देशक छथि।
थोड़ेक काल बाद एकटा ऊंचका टेबुल हमरे बगल मे लगेलक। कहलक - अतई कलाकार बईसताह। आहां उनकर बगले मे बईसब।
ओई टेबुल पर एकटा छोटकी रैक जेकां राईख देलकई आ ओई मे थोड़ेक वाईनक बोतल सब सन्हिया देलकई।
आब रोमियो जूलियट के खेला शुरू भेल। छह टा मांजल अश्वेत कलाकार छलाह।दु टा महिला छलीह आ चाईर टा पुरूख छलाह।ईयाह सब अलग अलग रोल मे बदलईत रहई छलाह।एक टा जुलियट, बाकी दु टा उनकर माय बाप, एक टा रोमियो,बाकी दु व्यक्ति आन आन रोल मे छलाह।ई सब युगांडा मे जगह जगह अई शो के आयोजन करईत रहई छथि।
पहिल बेर हम श्वेत सब के अतेक बेशी संख्या मे एक जगह युगांडा मे देखलियई।गपशप सं पता लागल जे ओ सब अई तरहक शो देखईत रहईत अईछ। सोलहवीं सदी मे समाजक की प्रारूप छलई, ओ जानई बुझई आ ओई समय मे अपना के राईख कऽ देखबाक लेल, नाटक सं बढ़िया दोसर की भऽ सकईत छई। ओना अई नाटक मे किछु वयस्क दृश्य के सेहो अभिनय केलकई। मूदा ओई समय बच्चा बुतरु के आंईख पर हाथ राईख कऽ अढ़ कऽ दई छलई।बच्चो सब, सबटा बुझईत, हंसईत अपन आंईख मुईन लई छलाय।ओई समयक समाज मे हिंसा, क्रोध, छल-कपट, अपराध के प्रमुख स्थान छलई। अई सब के बहुतही सशक्त रूप सं अश्वैत सब युगांडा के धरती पर अभिनय कऽ कऽ देखबईत अईछ आ एकरा सहेज कऽ रखने अईछ- ई एकटा नीकक द्योतक अईछ।
हम सुनने छी कि करीब सौ बरस पहिने मिथिला के गाम मे सेहो रोमियो-जूलियट के मंचन होईत छल‌‌‌। आब कतऊ नई भेटत।अमिताभ बच्चन के बारे मे सेहो कहल जाई छई जे ओ शिमला मे स्कुल मे पढ़बाक समय " रोमियो आ जुलियट " नाटक मे भाग लेने छलाह। उनकर मास्साहब ओई समय स्कुल मे शशि कपुरक ससुर छलखिन, उयाह नाटक केनाई बच्चा सब के सीखबई छलखिन। कहबाक तात्पर्य ई छल जे बच्चा मे नाटक मे भाग लेला सं ओकर भीतर नुकायल कलाकार बाद मे सामने उभईर कऽ आईब जाय के संभावना प्रबल रहई छई।
ई बात नई छई जे पुरान नाटक सब नई लिखल छई। जरुरत छई जे जेना अंग्रेज सब जतऽ कतऊ अईछ, ओतऽ रोमियो जूलियट के मंचन कऽ कऽ अपन सभ्यता संस्कृति के जियेने अईछ। अपना के ओ सब अई नाटक सं जोईड़ कऽ देखईत अईछ।ओहिना पुरान एतिहासिक नाटक सब के मंचन फेर सं शुरू कयल जाय, तऽ किछु नब जरूर सामने एतई।
हाल मे फेसबुक पर इंग्लैंड मे श्री हरिमोहन झा के खिस्सा पर आधारित मंचन देखऽ मे आयल आ नीक लागल। एही तरहक प्रयोग आन आन शहर मे जतऽ कतऽ मैथिल सब छथि, होई से अभीष्ट।
आब हम किछु अतुका शिक्षण संस्थान सब के बारे मे बता रहल छी।अमेरिकन आ ब्रिटीश दु टा मूख्य पैटर्न छई। अई स्कुल सबहक फीस बुझ सुझऽ सं बाहर।एक टा बच्चा के एक महीना के स्कुलक फीस करीब दु लाख भारतीय रुपया के बराबर छई। आब सोईच लियह जे अतेक महीनवारी फीस देबऽ बाला कतेक गोटे भारत मे भेटताह। ओई स्कुल सब मे पढ़ऽ बला बच्चा सबहक एकटा भिन्ने वर्ग बईन जाई छई। पढ़ाई मे सामाजिक उत्तरदायित्व आ मानवीयता पर बहुत जोड़ रहई छई। ग्यारहवीं बारहवीं क्लास के बच्चा सब गरीब घरक बच्चा सब के पढ़बई छई। सामाजिक काज मे सहभागिता एकटा विषय होईत छई। बच्चा सब अही बहाने ई सब सं अवगत होईत छथि।
दक्षिण अफ्रीका मे तऽ अई तरहक इन्टरनेशनल स्कुल सब मे स्थानीय बच्चा बहुत रास देखलियई, लेकिन युगांडा मे कम छई। अई सं ई निष्कर्ष निकाईल सकई छी जे पाई पढ़ाई-लिखाई पर खर्च करऽ बाला दक्षिण अफ्रीका मे बेशी छथि, युगांडा क तुलना मे।
अई इन्टरनेशनल स्कुल पर एकटा गप मोन पड़ल।द्वारका, दिल्ली मे अहिना एकटा इन्टरनेशनल स्कुल छई। फीस आन स्कुल सं कनी बेशी।
बिदेशक कतेक बच्चा स्कुल मे पढ़ईत अईछ?
अकर ज़बाब भेटल- एक गोटे।
ओ विद्यार्थी कोन देश के?
नेपाल।
ई तऽ हाल छई अपन देशक इन्टरनेशनल स्कुल आ विदेश क इन्टरनेशनल स्कुल के।
अतुका इन्टरनेशनल स्कुलक पहील कलासक बच्चा के आत्मविश्वास आ सक्रियता के एकटा दृष्टांत बतबई छी। छह/ सात बरखक बच्चा घर सं पठायल टिफिन रोज घुराऽ कऽ अनईत छल।
आईयो खेनाई घुरा कऽ अनलऊं?
हं। समय नई भेटल।
भूख नहीं लागल।
ईयाह सब बात घर पर कही दई बच्चा।
ओकर माय के भेलई जे ई पकवान नीक नई लागल हेतई। हर दिन बदईल कऽ खेनाई दई।
तखनो उयाह हाल।
किछु दिन बाद जखईन ओई बच्चा के माय बाप स्कुल गेलाह, तऽ पता लगलईन जे उनकर बेटा कैंटीन के नियमित भोजन करऽ बाला बच्चा मे अपन नाम लिखौने अईछ।
ओ रोज कैंटीन मे भोजन कऽ लईत अईछ। ओकरा कतऽ सं भूख रहतई जे घरक टिफिन खायत।
ओना बच्चा के माय बाप के नित्य कैंटीन मे खाई लेल स्वीकृति के औपचारिकता छई। मूदा छह बरखक छोट बच्चा कैंटीन मे खाई लेल चईल जेतई, तऽ ओकरा बिना खुऔने घुरेनाई मानवता के विरुद्ध भेलई। बाद मे ओई बच्चा के पिता कैंटीन के बकियौता पाई जमा केलाह आर ओई बच्चाक नाम नित्य कैंटीन मे खाय बला बच्चा मे जोड़वेलाह।
आब अई कैंटीन के खेनाई पीनाई सुनु। सबदिनक अलग अलग मेन्यू छई। तरह तरह के निरामिष भोज्य पदार्थ रहई छई। ईयाह तरह तरह के मांसाहार सबहक लेल भारतीय सब अपन बच्चा के कैंटीन सं दूर रखने छलाह।
हालही मे स्कुलक प्रबंध समिति, हफ्ता मे एक दिन बुध कऽ कैंटीन मे शाकाहारी भोजन खातिर नीयत केलकई। स्कुलक खातिर शाकाहार एकटा नब प्रयोग छलई। बच्चा सब अई एकदिनक शाकाहारी भोजन के जईम कऽ विरोध कऽ रहल छई। पर्ची, ई मेल, व्यक्तिगत रूप सं, बहस कऽ कऽ,बच्चा सबहक हस्ताक्षर लऽ कऽ,अई नियम के विरोध मे माहौल बना रहल छई। एखईन तक ओना प्रबंध समिति झुकलई नई अईछ।आर किछु होई वा नई होई, ई बच्चा सबहक स्कुलक समय सं ई विरोध क आवाज बुलंद करबाक मानसिकता बनबऽ मे स्कुल सफल तऽ भईये गेल अईछ।
जेना भारत मे बहुत रास भाषा सब बाजल जाई छई, ओहिना साउथ अफ्रीका मे सेहो। अपना कतऽ संविधान क अष्टम सुची मे भाषा सब देल गेल छई। साऊथ अफ्रीका मे ग्यारह टा अधिकृत भाषा छई आर चालीस टा सं बेशी भाषा विभिन्न क्षेत्र मे बाजऽल जाई छई।
ओतऽ जनजाति सबहक अपन अपन राज पाठ छई। थोड़ेक के ओतुका सरकार मान्यता दऽ देने छई। ओकरा सब के खोरिस जेकां किछु बजट भेटई छई।ओहीं सं अपन मंत्रालय, सहायक, कार्यालय, प्रोटोकॉल आ आन लटरम सटरम सब जोतने रहईत अईछ। हमरा एकबेर एहने जनजाति के राजा सं भेंट भेल। ओ अपन विशुद्ध आदिम जनजाति बाला भेष-भूषा मे छलाह। उनका संग एकटा निजी सहायक कहु वा गाईड कहुं, से भेटला। ई गाईडक मूंह कान अपने सबहक जेना छलईन।
ओ कहला - हम ईनकर सहायक नई "पोसपुत " छियईन। हमरा ओ अपन वारिस बनौने छथि।
ई कहीं ओ माईर अखबारक कतरन सब देखबऽ लगलाह। इ महाशय चलता पुर्जा बुझेलाह। ओ राजा के अंगरेजी बाजऽ नई अबई छलई। ई ओकर मार्केटिंग करई छलाह।
उनकर प्रपितामह बिहार के छलखिन।जखईन बुझला कि हमहु ओतुके छी तऽ कनी बेशी हेम क्षेम जतबऽ लगलाह।
दक्षिण अफ्रीका के सब जनजाति के मुखिया सब पारंपरिक पोशाक मे रहईत अईछ। हमरा लेसोथो के राजा, एकबेर हवाई जहाज मे सुट- बुट मे भेटल छल।ओ बहुतही भद्र लोक बुझायल।
क्रमशः।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः।
पुर्वी अफ्रीका मे जंऊआ( जुड़वां) लोक बड्ड देखाईत अईछ। पहिने हमरा भेल की हमरे देखबा मे धोखा होईत अईछ, मूदा जखईन पुछपाछ लोक सब सं केलऊ, तऽ नब गप सब पता चलल। अतुका भारतीय सब के सेहो जंऊआ बच्चा सब सेहो खुब देखाईत अईछ। हर उत्सव सब, जई मे भारतीय सब सपरिवार शामिल होई छथि, ढेरी ढाकी जंऊआ बच्चा की, चेतन सब सेहो भेट जाई छथि। हमरा नाम कहऽ चिन्हऽ मे हमेशा गड़बड़ा जाई छलाय। तखईन ओ सब कहई छथि-
आहां के कोनो दोष नई, फलमां हमर जंऊआ छथि।
किछु अतुका माईट- पाईन मे छई ई गुण?
कहीं इक्वेटर के तऽ नई कोनो करामात?
जंऊए तक बात रही कऽ थईम जईतई तऽ नई कोनो अतेक अचरज।
तीन, चाईर आ पांच पांच टा बच्चा अतऽ एक बेर मे जन्म लई छई।
फर्टिलिटी खातिर हम पहिने लिख चुकल छी जे " वृहत्त पोन" अकर द्योत्तक भेलई।अतुका समाज मे बेशी बच्चा जन्म देबऽ बाला के महत्व छई, तैं विवाह योग्य कनिया के अई अंग के मोजर बेशी छई। अई पैघ पोनबाली जच्चा सं नवजात के स्वस्थ्य होबाक सेहो संभावना बेशी मानल जाई छई।
हम एकटा चालीस बरखक स्थानीय अश्वेत मऊगी के खिस्सा बतबई छी। इनकर नाम " मरियम नबातांजी" छईन। इनका पुरा पूर्वी अफ्रीका मे सबसं फर्टाईल मऊगी के दर्जा देल गेल छईन। ई चौआलीस( 44) नवजात के जन्म दऽ चुकल छथि। मरियम, युगांडा के मुकोनो जिला मे रहईत छथि।
मरियमक बियाह बारह(12) बरख मे एकटा चालीस( 40) बरखक अधेड़ सं 1993 ईस्वी मे भेल छलईन।
बारह बरखक निरक्षर बच्चा के बियाह बारे मे तहिया बुझले कतेक होई छलई। उनकर कहल -
" हमरा कतऽ किछु लोक आयल छलाह। हमर पिता खातिर किछु वस्तुजात अनने छलाह। पिता के ओ सब वस्तु देख कऽ बहुत प्रसन्नता भेल छलईन। हमर पीसी सेहो पहिने सं आयल छलीह।ओई लोक सब सं पीसी के पहिने सं जान चिन्ह रहईन। जखईन ओई आगंतुक सबहक जाय के समय भेलईन, हम अपन पीसी संग उनका सब के अरियातऽ गेल रही।थोड़ेक दूर आगु गेलाक बाद, पीसी हमरा ओकरा सबहक संग कऽ देलीह।"
मरियम जखईन ओकरा सबहक संग ओकर घर पहुंचलीह, तखईन उनका पता चललईन जे उनकर बियाह अई मनुक्ख सं भऽ चुकलईन। उनकर बर पहिनेहे सं कै टा संग बियाहल , आ कयेक टा धीया पुता छलई।मरियम के ओई सब धीयापुता के देख रेख करऽ पड़ई छलई। कयेक टा बच्चाक माय जन्म देलाक बाद पराऽ चुकल छल। मरियम के बर बहुतही क्रुर स्वभावक छलई।ओ ओकरा बात बात पर मारई पीटई छलई। अकर पाछु तर्क ई छई जे ओ मरियम के कीन कऽ अनने छल। ओकर पुरा हक छलई, चाहे जे करई। किछु अनर्गल गप के बारे मे जखईन मरियम विरोध करई या सलाह दई, सेहो ओकर बर के बर्दाश्त नई छलई।ई तऽ भेल ओकर घरक हालात के पृष्ठभूमि।
अहु स्थिति मे 1994 मे ओ सबसं पहिने जंऊआ बच्चा के जन्म देलक।ओकर दु साल बाद ट्रिपलेट आ फेर डेढ़ बरखक बाद चाईर टा बच्चा के एक्के बेर जन्म देलक। अकर बाद क्रम लगले रहलई।
मरियम के पिता सेहो पैंतालीस ( 45) टा बच्चा के बाप छथि, मूदा ई बच्चा सबहक जन्म अलग अलग मऊगी सं भेल छलई। मरियम के बईमातर सब सेहो अहिना जंऊआ, तीन, चाईर आ पांच एक्के बेर मे भेल छलई।
मरियम छठम बेर जच्चा बनलाक बाद डाक्टर लग रोकबाक लेल गेल छल। डाक्टरक कहब छई -
"ई जेनेटिक छई। एकर ओवरी मे अंडा बनबा के संख्या दर, बहुत बेशी छई। अगर ओ जच्चा बनऽ सं बचऽ के प्रयास करतीह तऽ ई इनका लेल जान पर बईन जेतईन।"
जीबाक ईच्छा तऽ सबके रहई छई, चाहे कहुना जीबी। जच्चा नई बनबाक विचार मरियम बदईल लेलीह। तेईस (23) बरखक होईत होईत ओ पच्चीस (25) बच्चा के जन्म दऽ चुकल छलीह।
आई चालीस बरखक बयस मे चौआलीस टा धीया- पुता भऽ गेलईन।
भारतीय सब मे कोनो जीनेटिक बाला गुण नई बुझाईत अईछ। तखनो ईहो सब जंऊआ बच्चा के खुब जन्म अतऽ दऽ रहल छथि। आन देश बाला संग की सेहो एहने ट्रेंड छई?
अखईन पता कऽ रहल छी। जखईन किछु निष्कर्ष पर पहुंचब, अवश्ये सांझा करब।
अखईन तक आहां सब के कयेक टा स्त्री सं अतुका पुरूख के बियाह करबाक बारे मे बतौने छी। एकटा मऊगी के तीनटा पुरूख सं बियाह केनाई आ संगे रखनाई के खिस्सा बड्ड तेजी सं एतऽ अखईन चर्चा मे अईछ।
ई मऊगी के नाम छई " अगुती"।ई गाम अमुगगारा , जिला नगोरा, युगांडा छई।
ई मऊगी, अपन तीनु बर के अलग अलग झोंपड़ी नुमा घर रहऽ वास्ते दऽ देने छई।अगुती के अपन घरक परिसर मे सात टा अलग अलग झोंपड़ी छई। ओहीं मे तीनटा के ई अपन घरवाला के रहबाक लेल देने छई।
सबसं कमाल ई बात छई जे अई तीनु के कोनो परेशानी नई छई। ओ सब अगुती के अपन घरक मुखिया माईन लेने अईछ। अगुती कहिया केकरा घर मे सुततई, की खेनाई बनतई या आरो कोनो बात के, ई सब फैसला अगुती लेतई। ओ तीनु पुरूख सहर्ष स्वीकार बाला भूमिका मे रहईत छई।पहिने किछु आर " बर " के ओ रखने छल। मूदा ओ सब अनुशासन भंग केलखिन। अगुती के ई बर्दाश्त नई। ओ तखने उनका सब के भगेलक।
लोकक अनुसार चाईर टा अखईन झोंपड़ी खाली छई। ई सप्ताह के सात दिनक हिसाब सं बनौने अईछ। हिसाब बाड़ी मे दिक्कत नई होई।जेना अपना दिस जकर सोम कऽ जनम भेल ओ सोमना, मंगल बाला मंगला, बुध बाला बुधिया........................... बिरहसपतिया, शुकराही, शनिचरी आ रबिया होई छलई।
ई अगुती अपन "बर" सब कोना तकलक? अकरो खिस्सा अलगे छई।
एक टा तऽ रिटायर पुलिसबाला छई।बगले के गाम मे ओ रहईत छलई। ओकरा दस (10) टा चेतन धीया पुता छई। एक बेर अगत्ती बैंक सऽ किछु काज कऽकऽ घर घुरईत छल।ओकर साईकिल रस्ता मे खराब भऽ गेल छलई। ई पुलिस बला मंसा ओकरा मदद लेल कहलकई आ ओकर साईकिल ठीक कऽ देलकई। अही मे माईर गप शप भेलई। फेर की छलई- अगत्तीक संग इहो मंसा ओकर घर आईब गेल। एकटा झोंपड़ी अकरो भेंट गेलई। तहिया सं ओ अतई अईछ।
दोसर आदमी अगत्ती के गामक छई। ओ माल - जाल के चरबईत एकदिन अगत्ती सं भेंट भेलई। मजाके मजाक मे ओ कहलकई-
" केकरा कहा दन रंखई छें। हमरो रखमे तऽ किछु घईट जेतऊ?"
अगत्ती के अकर गप सड़क्का नीक लगलई। माल जाल के चरईत छोईर ओ अगत्ती के झोंपड़ी मे आईब गेल।एक बरख अकरो रहईत भऽ गेलई।
अहिना तेसर सब सं पुरान अईछ। ओकरा लेखे अगत्ती सबसं बेशी ओकरे मानई छई। अई बीच मे कतेक अगत्ती के घरवाला बईन कऽ एलई आ गेलई। ई अपना के " सस्ता, सुन्नर आ टिकाऊ" बुझईत अईछ।
अखईन अगत्ती छह महीना के गर्भ सं अईछ। तेसरकाक के होई छई जे उयाह अई आबऽ बला संतानक पिता छई। असली तऽ अगत्तिये बतायत?
अगत्ती के गाम मे कियो वेश्या कही दई छई, से ओकरा पसिन्न नई। ओकर कहब छई-
" हम तऽ पहिने ओकरे सं बियाह केलऊं, जतऽ समाज करेलक। हमरा मोन एहन " बरक" अईछ जे हमरा सं प्रेम करय, हमर सब जरूरत के वस्तु के बेबसथा करय आ कनिया जेकां राखय। हमर बर ई सब नई कऽ पयलाह। जखईन हमहीं उनका कमाऽ कऽ खुयेबईन, तऽ हम अपन पसिन्न के कीया नई बर करब। हमर तकनाई अखनो चालु अईछ।"
अखनो नेपाल, चीन आ भारतक किछु जनजाति सब मे ई प्रथा चईल रहल छई।
अफ्रीका मे अई प्रथा के ओतुका समाज निंदा करई छई। ओना चौदहम आ पन्द्रहम सदी मे अफ्रीका मे भुखमरी भेल छलई आ बहुत रास मऊगी मईर गेल छलई। तखईन एकटा मऊगी के एकटा सं बेशी पुरूख सं बियाहक प्रथा शुरू भेल छलई। बाद मे पुरूखक संख्या बड सं बड पांच( 5) निश्चित कैल गेलई। बाद मे समयक संग अई तरहक बियाह बन्न भऽ गेल छलई।
सब जनजाति सबहक अपन प्रथा होई छई। सब समाज मे तालिबान होई छई।अगत्ती " टेसो" मूल के अईछ। अकरा सब मे एक तऽ अपन मूल मे बियाह नई होई छई आ दोसर मऊगी के एक स़ बेशी बियाह पर रोक छई। पुरूख कतबो मऊगी सं बियाह कऽ सकईत अईछ। अगत्ती के बाप आ भाई अपन गोत के मुखिया लग शिकायत लऽ कऽ गेल।
पंचायत मे फैसला भेलई-
" अगत्ती के अई सब बियाह के अनुमति नई भेटलई आ सब बर सब के अखने गाम छोड़अ के छई।
ई फरमान लऽ कऽ अगत्ती के बाप , बेटी लग अयलाह।
बापक कहब छईन-
" ई सब अगत्ती के बर सब ओकर झोंपड़ी आ धनक लेल ओकरा संग छई। ई अनैतिक छई। हमर परिवार मे आर बेटी सब अईछ। ई सब नई हटत तऽ माईर कऽ भगेबई।"
अगत्ती सं बहुत बहसा- बहसी भेलई। अगत्ती अपन बर सबहक ढाल बईन सामने ठाढ़ आ अड़ल रहल।
अंत मे समाजक लोक फेर एलई। आब फैसला भेलई-
" ई सब बर सब अखईन वापस अपन घर जास। तकर बाद बियाहक प्रस्ताव लऽ कऽ समाज आ अगत्तीक बापक सामने आबस। फेर विचार कैल जेतई।"
अगत्तीक तीनु बर के कुमोन सं जाय पड़लई। अगत्ती ओकरा सब के विदा करऽ काल कहलकई-
" हम आहां सब सं बहुत प्रेम करईत छी। आहां सब के हम नई भगा रहल छी। आहांके ससुर आ अतुका समाज आहां के भगा रहल अईछ।आहां सब कतऊ रहुं मूदा हमरा जुईन बिसरब।हमर अई घरक बड़ेरी छलऊं आहां सब, ओही पर हमर चाड़ टीकल छल।आहां सब अबईत जाईत हमर खोज पुछाड़ी करईत रहब , नई तऽ हम असकरूआ भऽ कऽ अई घर मे मईरे जायब"।
ई एकटा खिस्सा नई हकीकत छलई।तीनुं ओकर घरवाला अतऽ सं गेल जे हम सब प्रस्तावक संग आयब।
सबसं पहिने ओकर तेसरका बर जे सबसं पहिने सं रहईत छल आ गर्भक बच्चा के बाप अपना के बुझईत छल, से बियाहक प्रस्ताव लऽ कऽ आयल। ओ फेर सं अगत्ती के झोंपड़ी मे रहऽ लागल।
क्रमशः।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः
29 जुलाई, 2019 कऽ हम अई ग्रुप मे दक्षिण अफ्रीका मे चाईर पीढ़ी संऽ रहईत " रामलाल परिवार" के बारे मे लिखने रही। ओ हमरा आशंका जतौने रहईत �
" अतऽ हमरा सब के चेहरा मोहरा आ पाबईन तेहार के लऽ कऽ दंश झेलऽ पईर सकईत अईछ। कयेक बेर अतुका स्थानीय सबहक आंईख मे हमरा सबहक प्रति विद्वेष देखाईत रहईत अईछ। रामलाल प्रवासी भारतीय कार्ड के धारक सेहो छथि। हरिद्वार मे अपन घर सेहो कीनने छथि। समय समय पर भारत जाईत अबईत रहई छथि। हिन्दी बाजऽ टा नई अबई छईन, बाकि हिंदू सभ्यता संस्कृति के संजो कऽ रखने छथि। रोमन लिपि मे अंगरेजिया टोन मे संस्कृत मे मंत्रोच्चार कऽ कऽ पुजा पाठ नियमित करईत छथि। ओ हमरा कहईत रहई छलाह-
" हम बहुत जल्दी अपन व्यापार कोनो नीक लोक के दऽ कऽ, शेष जीवन भारत मे बितायब। ओतऽ हमरा शुकुन भेटइत अईछ। साऊथ अफ्रीका मे अतेक सुख सुविधा रहलाक बादो, ओ बात नई छई।"
उनका लेखे, उयाह ई पीड़ा बुईझ सकई छई, जे विस्थापन के दंश झेलने हुआय।
हमर आलेख लिखला के तीन महीना नई बीतल, उनका संग रंगभेद के घटना दिवाली मनबऽ काल घईट गेलईन।
दूरक ढोल सोहावन लगई छई। चमक-दमक आ खुशहाली के पाछु बड़का दर्द रहईत छई। युगांडा तऽ 1972 मे ई सब भोईग चुकल अईछ।
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काईल खन गेल रही - "स्टेट हाऊस"।जेना भारतक राष्ट्रपति भवन भेलई, तहिना युगांडा के स्टेट हाऊस छई। जयबाक प्रयोजन छल- "दीया बाती"।
पिछला आलेख मे हम बता चुकल छी जे अई बरखक दिवाली मे प्रिटोरिया मे भारतीय समुदाय के एकटा मरखाह लोक सं सामना भेलई। ई मरखहवा लोक, भारतीय समुदाय के पटख्खा फोरईत काल गाईर गंजन तऽ केबे केलकई, पटख्खो सब तोईर फोईर देलकई। ई देखबा मे रग्बी के खेलारी लगईत छलई। जेना अपना सब कतऽ ह्रष्ट पुष्ठ लोक के पहलमान कहल जाई छई, ओहिना साउथ अफ्रीका मे रग्बी के खेलारी कहल जाई छई।जतऽ ई घटना घटलई, ओ साऊथ अफ्रीका के राष्ट्रपति भवन के सटले महल्ला छई। आहां सब के बुझल हेबे करत जे भारत सं बाहर सबसं बेशी भारतीय मूल क लोग जई शहर मे रहईत अईछ- तकर नाम " डर्बन " छई। डर्बन ,साऊथ अफ्रीका के एकटा प्रमुख शहर छई। भारतीय मूलक लोग कम बेशी जे होई, दिवाली सबतर मनबई छथि। हं ! दिनक निर्धारण अपन सुविधानुसार करईत छथि।
अतऽ युगांडा मे ढेरी ढाकी भारतीय सबहक संगठन छईन।कतेक राज्य के सेहो संगठन छईन। आ एक राज्य के सेहो कयटा संगठन छई। जेना गुजरात के लोहाना समाज, पटिदार संघ, पटेल समाज, बहावी समाज, गुजराती समाज, गुजराती ब्यवसायी संघ अहीना कतेक रास।
ई सब संगठन इंडियन एसोसिएशन के छतरी के नीचा काज करईत अईछ। विदेश मे सब जगह " इंडिया डे " मनबऽ के फैशन छई। ई तहिना जेना मैथिल सब " विद्यापति पर्व" सब शहर मे मनबईत छथि। विद्यापति के बारे मे किछु ज्ञान होईन वा नई, पर्व जरूर मनौताह। ओहिना इंडियन एसोसिएशन बाला सब स्पौन्सरक दरीयादिली के विलाप करईत रहत। स्तुति गान मे अपन सब क्षमताक झोंकने रहत। अई बहाने चाईर लोक सं जान चिन्ह सेहो भऽ जाई छई। कनीक रमन चमन, रुसा फुली, नब लोक के परिचय पात सब भऽ जाई छई। ई सब होबाक चाही। सामाजिक काज विदेश मे केनाई अतेक आसान नई छई। तखनो छोट पैघ सब देश मे भारतीय सबहक संघ छईन आ ओ सब किछु किछु करईत रहई छथि।
युगांडा मे अतुका राष्ट्रपति भवन मे राष्ट्रपति संग दिवाली मनावल जाई छई। अई बेर काईल नवंबर 7, 2019 कऽ मनावल गेल। पांच सौ सं बेशी भारतीय मूल के लोक सब अई मे सम्मिलित भेल छलाह। बरख मे ईयाह एक दिन अबई छई जहिया स्टेट हाऊस मे अयबाक नोत भेंटई छईन।सब गोटे नीक नुकुत भोज सेहो पबई छथि। राष्ट्रपति संग गप सड़क्का सेहो होई छईन। राजा-रंक के सम भाव मे हम अतई देखलियई। राष्ट्रपति के सामने तऽ सब लोक नोतिहारिये भेल। भारतीय सब के बरियातिये बुझु, तुलसीक पात। सबहक मान बरोबईर। सिनेमाक हीरोइन मुमताजक धनाढ्य सासुरबला होखस वा जुही चावला के, दिहारी भारतीय मजूर होईस वा परचुन चलबऽ बाला छोट कारोबारी, फैक्ट्रीक निजी सुरक्षाकर्मी होबस वा भारतीय बैंक प्रबंध निदेशक, सबके एकरंग मोजर।
अतुका राष्ट्रपति ततेक ने सहज , भारतीय लोकक बीच छलाह जे बुझाई जे गाम मे कोनो जगक बीतलाक बाद घरबईया सब समांग कर कुटुम्ब संग बईसल होईथ।बहुतो भारतीय सब के ओ नाम सं चिन्हई छलखिन। किछु भारतीय मूलक खेलारी 1960 के करीब मे मेडल जीतने छलाह, उनकर सबहक नाम कंठस्थ छलईन। जहिया ओ स्कूल मे पढ़ई छलाह , तहिया अतुका स्थानीय लोक सब फुटबॉल खेलाईत छल, आर भारतीय बच्चा सब " हाकी " आ क्रिकेट। अहु बारे मे अपन अनुभव साझा केलाह।
एकटा भारतीय मूल के लोक के भीड़ मे सं बजेलाह आ कहलखिन-
" इनका आहां सब चिन्ह लियऊन। 1956 मे जहिया हम किछु नई छलऊं, हमरा ई आर्थिक रूप सं मदद केलाह आ
आईयो कऽ रहल छईथ।"
भारतक पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह संग दुनु देशक बीच व्यापार संबंधी वार्ताक चर्च सेहो केलाह।
"अमेरिका 6500 वस्तु पर अफ्रीका सं आयात मे कोनो कर नई लगौने छई। अहिना भारतक संग सेहो संधि प्रगति पर छई। बस वस्तु के जाय लाबऽ मे खर्च बड्ड छई। सबसं सस्त जलमार्ग होई छई। ओही लेल अतुका सरकार प्रयासरत छई। जई सं व्यापार बढ़ौ आ खुशहाली आबई।"
राष्ट्रपति कहलखिन- " हमर देश मे जनजाति के बाईढ़ अईछ। भारतीय सब सेहो अकर मांग कऽ रहल छईथ। हमरा अतेक स्थानीय जनजाति संग रहबाक हिस्सक अईछ। अहुं सब के अतुका जनजाति बनबाक मांग हम गछईत छी।हम सब एशियाई, अफ्रीकी आ अमेरिकी एक्के छी।भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, म्यानमार सब एक भेलई। हम सब बहुतही शोषित रहृलऊं। ई बड़का समानता अईछ आ ईयाह हमरा सब के आपस मे जोड़ने अई।"
अई आलेख लिखबाक अभिप्राय एक्के टा अईछ जे युगांडा क सरकारक विशाल ह्रदय देखियऊ।स्टेट हाऊस के भीतर गेलाक बाद भारत जेकां संऊसे संगीनक साया आ गमला जेकां स्थापित पुलिस कर्मी नई छल।ई बेबसथा माहौल के सहज बनबऽ मे मदईद करई छई।
- हम सब की कोनो अफ्रीकी देश के लोक सब के जनजाति मे स्वीकार करबाक लेल तैयार हेबई?
-भारत मे राष्ट्रपति भवन मे अफ्रीका के पाबईन मे ओकरा सब के नोत दऽ कऽ बजेबई?
- हम सब कहिया " हबसी " कहनाई छोड़बई आ आदरसुचक शब्द प्रयोग करबई?
सत्त मे अफ्रीका अजगुत अईछ। भारतीय सब सेहो एना ने हिलमिल गेल छईथ जे देख कऽ मोन प्रफुल्लित भऽ जाईत अईछ।दोसर देशक लोक आ समाज के आत्मसात अफ्रीकी समाज कऽ सकईत अईछ। हमर आहांक रूढ़िवादी सोच, अपन सब उर्जा खिन्नांसक पाछां बर्बाद करऽ मे लागल अईछ।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः।
अफ्रीका मे बहुत रास जनजाति सब छई। सबहक अपन फराक रीति रिवाज आ संस्कृति छई।अई सब मे सऽ किछु रिवाज, आजुक समय के देखईत विकृति छई।ई रिवाज छई-" बाल विवाह "। लड़की बच्चा के पढ़ौनी के अखनो विलासिता ओतुका समाज मानई छई।जखने विलासिता आईब गेलई, तऽ ई सिमईट कऽ किछु घरे मे रही गेलई।गाम घर कतऊके होई, सम्पन्न लोक कम्मे होईत छई। कानुन रहलाक बादो, अठारह साल सं कम अवस्था के लड़की बच्चा सब के बियाह भऽ रहल छई।
ई कानुन ओहिना छई जेना मैथिल समाज मे सरकारक दहेज विरोधी कानून रहलाक बादो दहेज कोनो ने कोनो रूप मे अखनो चईल रहल अईछ। अतबे नई, बाल विवाह सेहो हाल तक खुले आम होईत छल‌‌‌। कानुनक पहुंच गाम गाम तक नई छलई। बहुत पुरान गप नई छई, एकटा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सेहो अठारह बरस सं कम बयसक कन्या सं विवाह केने छलाह। तहिया तर्क ई देल गेलई - " फलां बाबु आयल छलाह। नई कोना कहितियईन। उनको तऽ धीया भेलईन। ओ जे करथिन, से नीके करथिन। अपन बेटी के ओ अधलाह करथिन।"
आई ऊयाह सब तर्क अतऽ अफ्रीकी समाज मे दईत सुनई छीयई।
युगांडा के ग्रामीण समाज, हमरा पुरनका मैथिल समाज लगईत अईछ। जतऽ भोजक जुठ पर लुधकईत लोग देखाईत छलई। अकर पाछु छलई- " गरीबी"।
आहां सब पुरनका मैथिल विशेष कऽ अशिक्षित सोलकनक आ कट्टरवादी बड़हनक, गाम घर के स्मृति मे आईन कऽ आगु पढ़ब, तखईन लिखबाक भाव बुझायत।
अतुका गाम घर मे लड़की बच्चा के स्कुल भेजबाक बारे मे नई सोचल जाई छई।अकरा सब के किछू लिख पईढ़ कऽ अपन बियाह मे माय बाप के दहेज रूप मे बेशी सं बेशी धन दऽ जयबाक छई।
पढौनी सं बेशी घरक काज धंधा सिखनाई, बजार गेनाई, बुढ़ - बच्चा के नीक सं डेबनाई, घर चलौनाई छई। अही लऽ कऽ लड़की बच्चा के स्कुलिया पढ़ाई छुईट जाई छई आ ओकर बियाह करा देल जाई छई।
आजुक सुचना क्रांति के समय मे, पंचवां छट्ठा मे पढ़ईत लड़की सब अपन माय बाप के घर सं पराऽ कऽ कोनो शहरक संबंधी कतऽ चईल अबईत छई। कारण- ओ बच्चा आगु पढ़बाक चाहई छई। बियाह सं ओकर पढ़ाई छुईट जेतई।
ओकर घरबाला के कहब छई-
" ई आब समर्थ भऽ गेल छथि। बियाह आवश्यक छईन।"
बाजु पांचम छट्ठम वर्ग मे पढ़ईत बच्चा समर्थ!
गामक एतनी टा बच्चा के भाईग कऽ शहर एनाई आ रहनाई अतेक आसान हरदम नई होई छई।ओकरा अपन गाम घर, लोक वेद याद अबईत रहई छई। ओकर कहब छई-
- " हमर गाम मे १२/१३ बरखक बुच्ची के अपन बच्चा के आहां कोरा मे लऽ कऽ घुमईत देख सकई छी।"
एकटा अतुका बुच्ची के पिता के कहबाक छईन-
" हमरा सब मे किछु लोक पर अर्थक दबाव बहुत रहईत अईछ। गरीबी एहन गुण/ अवगुण होई छई जे वो आहां सं कोनो निर्णय करबा सकईत अईछ, बिशेष कऽ जखईन आहां के कुमाईर बेटी अईछ।ओना आब हमरो समाज बदईल रहल अईछ, हम सब बेटी बेचनाई बन्न कऽ रहल छी। पढ़ल लिखल गुणल बेटी बेशी अवलम्ब होईत अईछ।"
ओना बाल बियाह सं भागहो बला के संख्या कम नई छई। बहुत रास बुच्ची सब बियाह के बाद परा कऽ शहर अबई छथि आ फेर सं नब जिनगी शुरू करईत छईथ।शहर मे स्वयंसेवी संस्था के माध्यम सं कतेक बुच्ची पढौनी सेहो करईत छईथ।
युगांडा के मराचा जिला मे एकटा सर्वे भेलई। ओई अनुसार 12-17 बयस के बीचक 11365 बुच्ची सब नब शिशु के जन्म देलखिन। ओहिना 10-17बयसक बीचक 1124 बुच्ची के बियाह भेलईन। कहबाक जे अतेक बाल विवाह साल भईर मे भेलई।
बाल विवाह क संग संग बिन बियाहल माय बननाई सेहो बड़का सामाजिक समस्या भऽ गेल छई।अई लेल अतुका लोक के कहब छई- गाम मे पाईनक खातिर बेशीतरहां सांझु पहर दुर दुर जेबाक पड़ई छई। ओहीं रस्ता पेरा ईनका सबके गलत लोकक शारीरिक भूखक शिकार होबऽ पड़ई छईन। दुर्भाग्य क गप जे अतऊ लोक लाज सं घटना के रिपोर्ट नई करवबई छई।
एकईसम सदी अयला के बादो अई तरहक कुमाईरक गर्भधारण कयला सं युगांडा के समाज आ सरकार दुनु व्यथित अईछ।ई गर्भवती बुच्ची सब अपन जीवन मे उड़ान लेबऽ सं बंचित रही जाईत छईथ।कयेक गोटे तऽ वयस कम रहबाक कारणे रोगी बईन बाकी जीवन बीतबई छईथ।
जेना भारत मे बाल विवाह, सती प्रथा, दहेज प्रथा, विधवा विवाह सब पर काज भेलई, ओहिना बाल विवाह वा कम बयस मे गर्भ धारण पर युगांडा मे बहस छिड़ल छई।बुच्ची सबहक अधिकार के बारे मे विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम सं बात पहुंचावल जा रहल छई। कम बयस मे गर्भ धारण करबा सं होबऽ बाला खतरा सं सेहो आगाह कैल जा रहल छई।
पुरा युगांडा मे देखबई तऽ 40% के करीब बुच्ची के बियाह अखनो 18सं कम बयस मे होई छई।पढ़ाई के जाबईत तक ई सब समयक बरबादी बुझईत रहतई, ताबईत ई स्थिति नई बदलतई। दक्षिण अफ्रीका के स्थानीय जनजाति सब मे सेहो ईयाह बिन बियाहल कम बयस मे गर्भधारण समस्या बनल जा रहल छई। ओतऽ तऽ भेटल सरकारी सुविधा अकरा बढ़ावा दई छई, मूदा युगांडा मे तऽ कानुन बनलाक बादो रूईक नई रहल छई।
अतुका किछु जनजाति मे तऽ लड़की बच्चा के छाती मे उभार एनाई के बियाहक लेल तैयार मानल जाई छई। कुल मिला कऽ गरीब आ अशिक्षित लोक मे ई सब कुरीति बेशी देखाई देत। अतुका धनीक आ पढ़ल लिखल समाज मे ई सब कम देखायत।
अई विषय पर ततेक तरह तर्क सुनबा मे अबई छई जे आहां ओई मे ओझरा जायब। किछु लोक के कहब छईन-
" युगांडा, दुनिया के सबसं बेशी रिफ्युजी के आश्रय देबऽ बाला देश सुडान, कांगो आ इथियोपिया मे सं एक छई। ई रिफ्युजी सब के बियाह भेलाक बाद कानुनी स्थित मजगुत भऽ जाई छई। अठारह बरख सं कम बयसक लड़की सं सेक्स अपराध मानल जाई छई, ओही सं बचबा लेल बाल विवाह के प्रचलन बईढ़ गेल छई।
जे भी होई, भारत मे आब बाल बियाह पुरा तरह सं बन्न भऽ गेल छई। युगांडा सेहो बाल बियाह आ बलात् बियाह दुनु के बन्न करबाक लेल संकल्पित अईछ। उम्मेद छई जे जल्दिये ई सामाजिक विकृति अतऽ सं खत्म भऽ जेतई।
बाल विवाह क रंग-ढंग मिथिला बला हमरा लगईत अईछ। हमरा नई बुझाईत अईछ -
जे मिथिला मे बाल विवाह के बिरोध मे कोनो आंदोलन भेल होई?
कानुन बनलाक बादो बाल विवाह मे ककरो सजा भेटल होई?
समयक संग लोक मे स्वतः जागरण एलई आ देखते देखते ई कुप्रथा अपने बंद भऽ गेलई। ओहिना हमरा लाईग रहल अईछ जे बहुतही जल्द युगांडा सं ई कुप्रथा समाप्त भऽ जेतई।
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युगांडा मे मऊगी सबहक प्रजनन क्षमता बहुत बेशी छई।बाल विवाह आ बिन ब्याहल माय बनबाक दृष्टांत अतऽ खुब भेटत। अतऽ लोक सब सं गप होयत तऽ ओ अई कुरीति सब के खत्म करऽ के बदला मे ओ ओई परिस्थिति के जिम्मेदार बतावत। ओकर सबहक गलती नई, समये एहन छलई जे एना भऽ गेलई। एकटा गप कहई छी ओ आर स्पष्ट करऽत।
युगांडा मे माछ मारबाक बड्ड कहबी छई। ओना साऊथ अफ्रीका मे सेहो अंगरेजबा सब अकरा फैशन मे लई छई। एक बेर हम पिकनिक मनबऽ प्रिटोरिया सं सटले एकटा उद्यान मे गेल छलऊं। ओतऽ पहिल बेर बंशी सं माछ मारईत भारतीय मूलक परिवार भेटायल। ओतऽ माछ बंशी मे फंसलाक बाद घर नई आनल जाई छई। आनंद लेल माछक शिकार करू आ पकड़लाक बाद फेर ओकरा ओतई पाईन मे छोईर दियऊ। मैथिल लेल बंसी मे फंसल माछ के वापस छोड़नाई सं पैघ कष्टकर की हेतईन?
युगांडा मे गाम गाम मे गड़हा गुड़ही, खत्ता, चभच्चा, पोखईर, झील सब जगह माछ मारईत देख कऽ मिथिला मोन पड़ल।
अतऽ बड़का बड़का झील छई आ बहुत लोक के रोजगार माछे सं जुड़ल छई। झीलक लग पासक गाम बला तऽ बुझु अही पर निर्भर अईछ। जेना अपना कतऽ मलहा आ मलाहिन के काज बांटल रहई छई, ओहिना अतऊ देखलियई। मलहबा आर पुरूख बच्चा सब नाव लऽ कऽ भोरे माछ मारऽ चल जाई छई।मलाहिन आ लड़की बच्चा सब माछ सब के सुखायत, जाल के ठीक करऽत आ अहिना माछक मादे आर काज सब करई छई। जखईन सांझु पहर मलहबा सब घुरई छई तखईन ईयाह बुच्ची सब ओकर आगत स्वागत करई छई। अही सब मे नजदीकी पनईप जाई छई। किछु बुच्ची सब मलाह संग बियाह कऽ लई छई आ किछु बिन ब्याहले माय बईन जाई छई। अई बाल बियाह आ बिन बियाहल गर्भधारण, दुनु स्थिति मे बुच्ची सबहक पढ़ाई तऽ छुटिये जाई छईन। अई सब घटना के लेल, ओतुका लोक व्यक्ति के नई, परिस्थिति के जिम्मेदार बुझई छई।
कखनो कऽ अपना के कारण नई बुझबा के मानसिकता फायदेमंदो रहई छई। अतऽ आत्महत्या के घटना बहुतही कम अभरई छई। ई तहिना भेल जेना अपना दिश राही दाही भेला सं जे फसलक नोकसान होई छई, ओकरा लोग भाग्य सं जोईर दई छई। भाग्य मे नई छलाय, तैं नई भेल। ई सोच नैराश्य भावना के नई पनपऽ दई छई। ओहीं सं लोक आत्महत्या कम करईत अईछ। भारत के दोसर भाग मे आत्महत्या के दर बिहारक मुकाबला मे बहुत बेशी छई।
युगांडा मे मऊगी सब के फर्टिलिटी बेशी रहबाक कारणे एकटा नब धंधा अतऽ फलय फुलय लाईग रहल अई। ई धंधा छई- " किराया पर कोख देनाई"।अकरा सारा दूनिया "सरोगेसी " के नाम सं जनई छई।
युगांडा मे गरीबी छई। गरीबी सं निकलई लेल ई कोख के किराया पर देबऽ मे लोक संकोच नई कऽ रहल छई। अकर सबसं पैघ बजार अखईन चीन भऽ गेल छई।
आहां सब मे बहुत लोक के बुझलो होयत जे 2015 मे चीन मे एक बच्चा बाला सरकारक नियम बन्न भऽ गेल छई।आब जे चीनी "सांय - बहु" के बैस बेशी छईन ओ सब सरोगेट माय लेल युगांडा के मऊगी के चुनई छईथ।
ओना पिछला बीस बरख मे चीनी मऊगी सबहक फर्टिलिटी दर कम भेल जा रहल छई। एकर की कारण छई? प्रदुषण या आर कोई वजह? ई सब चीनी लोक बतेताह। युगांडा मे तऽ चीनी के किरायाक कोखक बजार बईने गेल छई।
युगांडा मे दु तरह सं ई कारोबार चलई छई। एक तऽ जईमे युगांडन मऊगी चीन वा आर दोसर देश जतअऽ सं प्रस्ताव आयल रहई छई, ओतई कोनो ने कोनो ढंग सं चईल जाईत अईछ। आ दोसर जे युगांडा मे रही कऽ ही सरोगेसी सं बच्चा के जन्म दईत अईछ। बच्चा के जन्मईते, ओकरा जन्म देबऽ वाली माय सं अलग कऽ देल जाई छई। कियैक ई सरोगेट माय बाला केस मे ई डर बनल रहई छई जे कखईन अकर ममत्व के भाव जाईग नई जाय। ओई सं अई धंधा सं जुड़ल लोक साकांक्ष रहईत अईछ।
दुनिया के किछु धनिक लोक मे सरोगेसी के अपनाबऽ के एकटा चलन आईब गेल छई। ओ सब माय बनबाक प्रसव पीड़ा आ ओकर पुरा यात्रा सं कंछी काईट रहल छईथ। तेहन सोचक धनीक लोक सब के युगांडा मे बजार भेंट रहल छईन। अई मे मोल भाव सेहो होबऽ लगलई अईछ।
जखईन " किराया के कोख " चिकित्सा विज्ञान मे आयल छलई तखईन अकर उद्देश्य किछु आर छलई।
भारत मे सेहो शुरू मे अकर दुरूपयोग के बात सामने आयल छलई। बाद मे सरकार कठोर कानून बना कऽ अकरा पर नियंत्रण कयलक। अखनो कखनो काल किछु गैरकानूनी सरोगेसी के बात सामने आबिये जाई छई। ई धंधा पर रोक लगेनाई मे सबसं बाधा ई छई जे अई सं जुड़ल सब गोटे लाभान्वित होईत छथि, तैं शिकायत के करतई।
युगांडा मे अखईन अई विषय पर कानुन नई छई। अतुका सरकार के एकर भऽ रहल व्यवसायिक इस्तेमाल के सुचना छई आ अई विषय पर कानुन बनबऽ के प्रक्रिया चईल रहल छई। जाबईत कानुन बनतई आ समाज अकरा अपनवतई ,ताबईत ई धंधा बदस्तुर जारी अईछ। युगांडे नई, कयेक आर अफ्रीकी आ एशियाई देश अकर जद मे आईब चुकल अईछ।
ई धंधा मानवता के लेल एकटा धब्बा जेकां अईछ। उम्मेद अईछ जे जागरूकता संग अफ्रीकी समाज अई सं अपना के जल्दिये विलग करऽत।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः।
आई काईल युगांडा मे ई चर्चा जोड़ पकड़ने छई कि कियैक ने " स्मृति दिवस " अतऊ मनावल जाय। अकर समय ग्यारह बजे, ग्यारह तारीख आ ग्यारहवां महीना छई।
जखईन हम ई 11 के बारे मे जानकारी लेलऊं तऽ पता चलल जे ई तऽ हमरो देशक संबंध मे सेहो ओहिना प्रासंगिक अईछ। तखईन हमरा कतऽ कियैक नई कईयो कोनो बहस वा चर्चा सुनलियई।
हम सब स्थानीय राजनीति आ गाम घरक बुढियाक फुईस बिषय पर तऽ अपन उर्जा खुब बर्बाद करब, लेकिन देश दुनिया आ इतिहास सं हम सब दुर जा रहल छी।
अखईन इंग्लैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया, न्युजीलैंड, साऊथ अफ्रीका आ केन्या मे स्मृति दिवस मनावल जा रहल छई।अई कार्यक्रम मे बुढ़ सं लऽ कऽ बच्चा सब भाग लईत छथि।अई मे प्रथम विश्व युद्ध, दोसर विश्व युद्ध आ आर कोनो महत्त्वपूर्ण युद्ध के बहादुर सिपाही सब के याद कैल जाई छई। संयुक्त राज्य अमेरिका ओई दिन " वेटरन डे " मनबईत अईछ।
आहां सब के भऽ सकईत हुआय , बुझलो हैत, 11 बजे 11/11/1918 कऽ प्रथम विश्व युद्ध मे शांति समझौता पर हस्ताक्षर भेल छलई। तहिये सं कामनवेल्थ देश सब आ मित्र देश युद्धक हीरो सब के याद करईत दु मिनट के मौन उनकर सबहक सम्मान मे रखईत अईछ।
कनाडा मे तऽ ओई दिन सरकारी कर्मचारी सब घरे पर रहईत अईछ। स्कुल सब अई सं खुजल रहई छई जे बच्चा सब " स्मृति दिवस " उत्सव मे भाग लऽ सकय आ सब शहीद के सम्मान मे श्रद्धा सुमन अर्पित कऽ सकय। अई दिन युद्ध सं जुड़ल कविता पाठ, देशभक्ति के गीत आ जीवित सैनिक के अनुभव आदि सांझा कयल जाई छई।बच्चा सब अपने उत्साह सं भाग लई छई। ओकरा सब पर थोपल नई जाई छई।ओ सब युद्धक हीरो सब के बारे मे बहुत रास बात जनईत रहई छई।
युगांडा के हाल भारते जेकां छई। हमहु सब विश्व युद्ध क हीरो के बारे मे नहिंये बरोबईर जनई छी।
भारत आ युगांडा दुनुं ब्रिटेन क उपनिवेश छल आ दुनुं देशक स्थानीय लोग विश्व युद्ध मे बईढ़ चईढ़ कऽ हिस्सा लेलक। युगांडा मे किंग्स अफ्रिकन राईफल आ भारत मे ब्रिटिश इंडियन आर्मी छलई।
सबसं कमालक बात जे भारतीयक ब्रिटिश इंडियन आर्मी सब पुर्वी अफ्रीका मे सेहो आईब कऽ लड़़ल आ युगांडक किंग्स अफ्रिकन राईफल सब तहियाक सीलोन आब श्रीलंका, बर्मा आब म्यानमार आ ओकर आस पास जगह मे युद्ध मे भाग लेलक।
युगांडा क बाम्बो बैरक के सेहो अतुका युद्धक इतिहास मे नीक स्थान छई। हमरा तऽ " बाम्बो " नाम एकरा बारे मे जानई लेल उत्सुक कैलक। भारतक बाम्बे आ अतुका बाम्बो मे की कोनो कनेक्शन?
भारतक राष्ट्रपति भवन आ साऊथ अफ्रीका के राष्ट्रपति भवन ( युनियन बिल्डिंग ) हमरा एक्के डिजाइन मे लागल छल। बाद मे पता चलल जे एक्के वास्तुकार दुनु बनौने छई।
युगांडा के बाम्बो बैरक मे तहिया युद्धबंदी सब के राखल जाई छलई। 1942 मे माल्टा जे ब्रिटेनक संरक्षित राज्य छल,ओतुका 47 टा युद्धबंदी के युगांडा मे निर्वासित कयल गेल छलई। ई सब इटालियन मूलक लोक छलाह।इनका सब पर अभियोग छलईन जे माल्टा के गुप्त बात सब दुश्मन देश के बता देथिन। इटालियन मूलक भेनाई इनकर सबहक ई त्रासदी के कारण बुझाईया छलई।
माल्टा के संसद मे अई विषय पर बड्ड गरमा गर्मी संग बहस भेल छलई। माल्टाक पूर्व प्रधानमंत्री सर युगो मिफसुद अई निर्वासन के खिलाफ ओतुका संसद मे एतिहासिक आ भावनात्मक भाषण देने छलाह। ओ भाषण दईत ततेक भावुक भऽ गेल‌‌‌ छलाह जे संसद के फ्लोरे पर उनका ह्रदयाघात भऽ गेलईन। अगिला दिन उनकर मृत्यु भऽ गेल‌‌‌ छलईन। मात्र 53 बरखक अवस्था मे ओ शरीर छोईर देलाह।
अई सब घटना के तहियाक ब्रिटिश सरकार पर कोनो असर नई भेलई।सैतालिसो निर्वासित के जहाज सं अलेक्जिंड्रिया भेज देल गेलईन। ओतऽ सं ट्रेन सं ई सब कैरो, ईजिप्ट जाई गेलाह। तखईन फेर नील नदी के रस्ता सं महीनो बाद युगांडा पहुंचई गेलाह।तकर बाद इनका सब के बाम्बो बैरक मे राखल गेलईन। भारत मे सेहो स्वतंत्रता सेनानी सब के अंडमान आ रंगुन, बर्मा भेजबाक दृष्टांत भेटत। हमरा सब के अंडमान आ रंगुन के निर्वासन बहुत कठोर बुझाई छल। जखईन ई बाम्बो बैरक मे माल्टा के इटालियन मूलक लोक के निर्वासनक पता लागल तऽ बुझायल दुनिया मे एक सं एक घटना घटल छई।
ई माल्टाक युद्धबंदी सब बाम्बो बैरक मे अबिते मलेरिया ज्वर स़ं ग्रसित भऽ गेल‌‌‌। तखईन ईनका सब के "मुलागो अस्पताल" मे भर्ती करावल गेल।अई युद्धबंदी मे एकटा आर प्रमुख नाम जुईड़ गेलई। ई छलाह - बर्माक पूर्व प्रधानमंत्री यु साव।ईनका ईजीप्ट मे पकड़ल गेल रहईन। जापानक संपर्क मे रहबाक अभियोग लागल छलईन।ई सब युद्धबंदी सब मलेरिया के प्रकोप के कारण एक जगह सं दोसर जगह स्थानान्तरित होईत रहलाह। सुपकक भांटा जेकां डगरईत रहलाह। बाद मे सीरिया आ आर कय देश सं युद्धबंदी सब एतऽ आईब गेल छलई। जखईन 1945 मे विश्व युद्ध खत्म भेलई, तखईन माल्टा बला सब वापस अपन देश घुरल।
ई अस्पताल हमर घर आ आफिस जाय के बीच मे पड़ईत अईछ। अबिते जाईत मुलागो अस्पताल देखते ओ समय के परिकल्पना घुमऽ लगईत अईछ।
ब्रिटेन अपन सब उपनिवेश के युद्ध मे झोंईक दई छलई आ ओतुका सब साजो सामान आ सुविधा के फायदा उठबईत छल। युद्ध मे शहीद भारतीय सैनिक सबहक याद मे इंडिया गेट मे वार मेमोरियल बनल छई। ओहिना कंपाला, युगांडा मे कंस्टीट्यूशन स्कावयर मे दुनु विश्व युद्ध मे शहीद युगांडन सैनिक के याद मे स्मारक बनल छई।
जेना युगांडा मे ग्यारह बजे, ग्यारह तारीख आ ग्यारहवां महीना ( नवंबर ) मे स्मृति दिवस के मांग जोड़ पकईर रहल छई, ओहिना भारत मे अई दिन विश्व युद्ध के अलावा भारत-चीन, भारत-पाक,कारगिल युद्ध सब मे भेल शहीद सैनिक के सम्मान मे मनावल जा सकई छई।
युगांडा मे अई तऽरहक चर्चा बहस होईत देख नीक लागल। हम सब अफ्रीका कही कऽ अकरा सब के पिछड़ल मानई छी, मूदा ओतुका नब पीढ़ी बहुतही संवेदनशील आ विश्व के अग्रिम पंक्ति के देशक लोक जेकां सोच रखबाक प्रयास कऽ रहल अईछ। प्रति व्यक्ति आय भले ही कम होऊ, शहीदक प्रति श्रद्धा सुमनक मामला मे आगु रहबाक प्रयास तऽ कऽ रहल अईछ।"अफ्रीकन प्राईड " के फीलिंग बईढ़ रहल छई। अकर ईतर एशियन प्राईड टुकड़ा मे बंटल हमरा बुझा रहल अईछ।
अजगुत अफ्रीका-क्रमशः।
युगांडा मे राजधानी तऽ कम्पाला छई मूदा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट " एन्टेबे " मे छई। अतुका स्टेट हाऊस( राष्ट्रपति भवन ) सेहो एन्टेबे मे छई।
अहिना साऊथ अफ्रीका मे यूनियन बिल्डिंग ( राष्ट्रपति भवन ) तऽ प्रिटोरिया मे छई , मूदा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जोहानिसबर्ग मे छई। प्रिटोरिया मे एकटा छोट हवाईअड्डा लैन्सेरिया मे बनल छई। ई सब महानगर पर बोझ कम करबाक मे सहायक होई छई। अही लेल दुरगामी विजन के जरूरत छई। वोटक प्रमुखता अई सब मे नई होबाक चाही। भारत मे जेना जेवर,( दिल्ली लग) मे हवाई अड्डा बईन रहल छई। आगु देखबाक छई जे कतेक सफल होईत छई।
एन्टेबे , युगांडा मे अपन अलग स्थान रखईत अईछ।एक तऽ अतुका राष्ट्रपति के रहबाक कारणे आ दोसर हवाईअड्डा होबाक कारणे सेहो छई। ई शहर के, दुनिया के इतिहास मे अपन अलग स्थान छई।
एन्टेबे दु शब्द " ई" आ " न्टेबे " के मिला कऽ बनल छई। " लुआंडा " अतुका मूख्य भाषा छई जेना "जुलु " साऊथ अफ्रीका के भाषा छई। लुआंडा भाषा मे " ई " मतलब " एक " आ " न्टेबे " मतलब गद्दी ( सीट ) होई छई।
अठारहवीं सदी मे " मुगुला " नामक एकटा स्थानीय जनजाति के प्रमुख अतई अपन गद्दी जमौने छल। ओ अतई विक्टोरिया लेक के पाथर पर बईसईत छल। ओकर समाजक लोग न्याय के गोहार लऽ कऽ ओकरा लग अबईत छलई। " मुगुला " के न्याय त्वरित होई छलई। ओकरा द्वारा देल गेल सजा मे आर्थिक दंड सं लऽ कऽ मृत्यु दंड तक होई छलई। ओकर सजा ऐलान के बाद कोनो अपील नई छलई।
मृत्यु दंड तहिया एतऽ विक्टोरिया लेक मे डुबा कऽ मारनाई के रूप मे होई छलई। ओना एकटा " सेसे " नामक द्वीप सेहो छलई, जतऽ खातिर निर्वासित कऽ देल जाई छलई। सेसे द्वीपक नरभक्षी जानवर सब मनुख के अपन ग्रास बना लईत छल। आई " सेसे " द्वीप एकटा पर्यटन स्थल बनल अईछ। किछु भारतीय मूलक लोग आ ब्रिटिश सब सेहो ओतऽ जमीनक बंदोबस्ती करा कऽ विकसित केने अईछ। पर्यटक सब ओतऽ किछु दिन शेष दुनिया सं कईट कऽ समय बीतबऽ जाईत छईथ।
ओई जमाना मे लोक सब जे ईमहर अबई छलई, पुछला पर कहई- " हम मुगुला के गद्दी पर जाई छी।"
ईयाह मुगुला के गद्दी बाद मे लुआंडा भाषा मे बजईत बजईत " ई न्टेबे " सं " एन्टेबे " भऽ गेलई। अहिना दुनिया के आर शहर सबहक नामकरण भेल छई। हमेशा सं शहरक नामक पाछु के खिस्सा हमरा दिलचस्पी पैदा करईत अईछ।
हमरा होईत छल जे कोनो अंग्रेजक नाम पर अई शहरक नाम एन्टेबे परल हेतई। ई शहर विक्टोरिया लेक के कात मे योजनाबद्ध ढंग सं बसल अईछ, आ रईस अ़ग्रेज सब अतऽ रहईत छल। ब्रिटिश शैली के पुरना घर सब अतऽ भेटत। ई ओहिना हमरा लागल जेना हिमाचल, गढ़वाल आ भारतक ठंडा मौसम बला क्षेत्र मे अंगरेजिया बाबु सबहक रिहाईश देखबा मे अबई छई।
अंग्रेज सब के ई शहर अपन मौसम आ सुविधा के हिसाब सं बेश नीक लगलई। युगांडा के राजधानी ओ सब 1894 मे कम्पाला सं एन्टेबे कऽ देलकई। ई ओहिना जेना अंग्रेज सब भारतक राजधानी कलकत्ता सं दिल्ली कऽ देलकई।
1894 सं युगांडा के राजधानी एन्टेबे मे ही छलई। जखईन 1962मे युगांडा के आजादी भेटलई, तखईन ओ फेर अपन राजधानी कम्पाला अनलक। राष्ट्रपति भवन , एयरपोर्ट आ किछु आर सरकारी संस्था सबहक कार्यालय अखनो एन्टेबे मे ही छई। भारत सेहो आजादी के बाद अपन आवश्यकता के अनुसार राजधानी दोसर जगह बना सकईत अईछ। अखुनका प्रदुषण क समस्या एहन विकराल भेल जा रहल छई, जे ओ दिन दुर नई जखईन दुतावास सब दिल्ली सं बाहर चईल जाय।
आतंकवाद के बारे मे देश दुनिया जानऽ बला लोक खातिर एन्टेबे एकटा बड़का अध्याय छई।
27 जुन, 1976 कऽ एयर फ्रांस क जहाज के अपह्रत कयल गेल छलई।तेल अबीब सं ई जहाज पेरिस के लेल उड़ान भड़लक।अई हवाई जहाज मे 258 टा यात्री छलाह। चाईर टा फिलिस्तीनी आ जर्मन, हवाईजहाज के अपहरण क कऽ एन्टेबे हवाईअड्डा पर लऽ एलई। अपहरण कर्ता सबहक मांग छलईन जे 40टा फिलिस्तीनी स्वतंत्रता सेनानी सब इजरायल आ आन आन देशक जेहल मे बन्न छईथ, उनका सब के छोड़ल जाईन। भारत मे सेहो हवाई जहाजक अपहृत कऽ कऽ आतंकवादी के छोड़बाक घटना भेल छई।दुनु जगह कोना एकरा डील कैल गेल, सेह तुलनात्मक दृष्टि सं देखबाक काज छई।
आई एन्टेबे हवाईअड्डा के ओई जगह मे अतुका सेना आ संयुक्त राष्ट्र संघ के बेस बनल छई। तहिया अई सब अपहरण क योजना मे तत्कालीन राष्ट्रपति ईदी अमीन के संलिप्तता कहल जाईत छलईन।
ई आतंकवादी सब गैर इजरायली सब के तऽ छोईड़ देलकई मूदा इजरायल के सरकार के चेतावनी देने रहई-" हमर मांग नई मानला ऊपर इजरायली अपह्रत सवारी के जान सं हाथ धोयब।"
तत्कालीन इजरायली सरकार कोनो तरह के बातचीत के प्रस्ताल सं मना कऽ देने रहई।अकर परिणाम किछु भऽ जाई, आतंकवादी सं कोनो बातचीत नई हेतई।
इजरायली सेना के सायरत मत्कल युनिट के कमांडो सब के अपन नागरिक के छोड़बऽ के आपरेशन के भार देल गेल छलई। ओ कमांडो सब तेल अबीब सं चाईर टा C-130 हवाई जहाज मे भईड़ कऽ एन्टेबे हवाईअड्डा पर 4 जुलाई, 1976 कऽ भोरु पहर पहुंचल। अई यात्रा मे कोनो तरहक रेडियो सिग्नल के प्रयोग नई कैल गेल छलई।
इजरायली कमांडो सब अपना संग ब्लैक मर्सिडीज आ लैंड रोवर गाड़ी अनने छल। अही गाड़ी मे ओ सब हवाईअड्डा मे घुसल। युगांडा मे ईदी अमीन आ सेना के शीर्षस्थ अधिकारी सब ईयाह गाड़ी के उपयोग तहिया करई छलाह। ओही सं इजरायली कमांडो ईयाह गाड़ी के आपरेशन मे प्रयोग केलक। जईसं आसानी सं परिसर मे प्रवेश भऽ जाई।
अतबे नई, जे इजरायली कम्पनी एयरपोर्ट के भवन बनने छलई, ओकरो सं कमांडो सब ब्रीफिंग आबऽ सं पहिने लेने छल।
इजरायली कमांडो के ई योजना सफलो भेलई। अई आपरेशन के नाम इजरायली सरकार " आपरेशन थंडरबोल्ट " रखने छलाय।अई मे 45 टा युगांडन सैनिक आ चारू फिलिस्तीनी आतंकवादी मारल गेल।चाईर टा अपह्रत इजरायली आ आपरेशन क इजरायली कमांडर सेहो अई मे मारल गेलाह।ई इजरायली कमांडर छलाह योनाथन नेतान्याहू। ईनकर छोट भाई बेंजामिन नेतन्याहू छईथ जे बाद मे इजरायल के प्रधानमंत्री सेहो भेलाह आ भारत के कतेक बेर राजकीय यात्रा केलाह। बेंजामिन नेतन्याहू आपरेशन थंडरबोल्ट के 40 बरखक बाद एन्टेबे थोड़बा काल लेल आयल छलाह आ ओ जगह देखलाह, जतऽ उनकर जेठ भाई अई आपरेशन मे शहीद भऽ गेल‌‌‌ छलाह। गोली लगला के बाद उनकर मृत शरीर के सेहो, छोड़ायल अपहृत नागरिक सबहक संग हवाई जहाज मे राईख कऽ इजरायल लऽ जायल गेल छलईन।
अई आपरेशन मे इजरायल अपन लगभग सब अपह्रत नागरिक के एन्टेबे हवाईअड्डा सं सुरक्षित लऽ जाय मे सफल रहल। मात्र चाईर टा ओकर नागरिक अई गोली बारी मे मारल गेल छलई।पुरा आपरेशन मात्र 53 मिनट के छलई।
इजरायली कमांडो सब युगांडा वायु सेना के ओधबाध तहिया कऽ देने रहई। सोवियत संघ द्वारा देल गेल ग्यारह टा मिग 17 आ मिग 21 विमान के एयरपोर्ट पर नष्ट कऽ देल गेल छलई।
अई थंडरबोल्ट आपरेशन पर तहिया संयुक्त राष्ट्र संघ मे बड्ड बहस भेल छलई। किछु सदस्य देश अई आपरेशन के युगांडा के संप्रभुता के खिलाफ मानई छलाह आ किछु सदस्य देश अकरा अपन रक्षा के लेल उठावल जरुरी कदम मानई छलाह।
इजरायल के सरकार के आतंकवाद के खिलाफ उठायल कदम इतिहास के पन्ना मे दर्ज भऽ गेलई आ एकर गवाह बनल एन्टेबे हवाईअड्डा।
अई तरहक आपरेशन के फैसला के लेल दृढ़ इच्छा शक्ति के आवश्यकता होई छई।अपन देश भारत सेहो आतंकवाद के दंश झेल रहल अईछ। जरुरत अईछ अहिना कार्यवाही के। अकर दुरगामी प्रभाव , निश्चित देशहित मे हेतई। अही तरहे एन्टेबे हवाई अड्डा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लेल दुनिया मे जानल जाई छई।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः।
युगांडा मे विक्टोरिया लेक के विशालता के तऽ वर्णने नई करू। कतऊ सं कतऊ तक। जतऽ भी घुमऽ जाऊ, ओतई विक्टोरिया लेक भेट जायत। ओतुका लोकक अनुसार ज्यों अई मे सऽ नील नदी के उद्गम नई होईतई तऽ युगांडा के किछु आर भौगोलिक स्थिति होईतई।जे भी पाईन होई छई, से नील नदी अपना संग बहा कऽ मिश्र नेने जाई छईथ। अगर ई पाईन अतई रही जईतई तऽ ई सब टापु सबहक सुड्डाह भऽ जईतई। विक्टोरिया लेक के भीतर कयेक टा आईलैंड सब छई। अई मे स्थानीय जनजाति सब अद्दौं संऽ रही रहल छई।
"एन्टेबे" के नामकरण के संग हम बतौने रही जे ओई समय मे सेहो जनजाति के मुखिया न्याय करबाक समय दोषी के ईयाह टापु सब पर पठा दई छलई। अई सब आईलैंड मे सबसं पैघ " सेसे आईलैंड" छई, जकर चर्च हम अघोषित जेल के रूप मे पहीने के भाग मे लिख चुकल छी।
अई जेल सं मोन पड़ल जे अपनो देश मे अंगरेजबा सब " अंडमान-निकोबार द्वीप" के जेल बना देने छल। किछु लोक सजा पुरा केलाह के बाद भारतक मूख्य भूमि मे नई घुरलाह। ओही मे सऽ किछु लोक आई ओतुका प्रतिष्ठित लोक बनल छथि। ओहिना पुरा आस्ट्रेलिया के इतिहास सेहो कहल जाई छई। दक्षिण अफ्रीका मे नेल्सन मंडेला के अहिना राबिन आईलैंड के जेहल मे ओतुका रंगभेद सरकार बन्न कऽ कऽ रखने रहई। दुनिया मे अहिना टापु सब के जेल बना कऽ तखुनका सरकार सब रखलकई। आहां जेल सं भागब तऽ जायब कतऽ?
सेसे आईलैंड मे ओना कोनो जेल हमरा नई भेटल, लेकिन ओतुका लोकक हाव-भाव आ अखुनका स्थित जरूर आकर्षित कयलक। विक्टोरिया लेक मे करीब 84 टा पैघ पैघ द्वीप सब छई। ओई मे सबसं पैघ " सेसे आईलैंड" छई।आई ई जगह जेना भारत मे अंडमान-निकोबार एकटा पर्यटन स्थल के रूप मे स्थापित भऽ गेल छई, ओही रस्ता मे बढ़ी रहल छई।
पहिने तऽ नाव सं लोक ओतऽ जाय छलाय। आब पनिया जहाज चलई छई।
रोज दिन मे 2 बजे कलांगा जहाज एंटेबे सं छुटई छई आर सांझ मे सेसे आईलैंड पहुंचई छई।अगिला दिन भोर मे 7 बजे ओतऽ सं घुरई छई। आहां के कम सं कम दु राईत ओतऽ रूकऽ के पड़त, ज्यों ओतुका आनंद लेबऽ चाहई छी। खाली जा कऽ छु कऽ आबऽ के अई तऽ एको राईत के कार्यक्रम बना सकईत छी।
हमरा सब के जाय सं एक दिन पहिने ओतुका रिसोर्ट सं फोन आयल जे आहां भोरका सात बजे एंटेबे सं जहाज पकईर सकई छी?
हम सब तऽ घुमऽ के कार्यक्रम मे जाई छलऊं। ई तऽ आर नीके मौका छल, बेशी समय रहबाक भेटत। हम सहर्ष आफर स्वीकार कऽ लेलऊं।
ई कलांगला जहाज के रोज दु चक्कर ओही दिन सं पर्यटक के संख्या बढ़ला कारण कैल गेल छलई।
भोरे पांचे बजे अपन कम्पाला सं बिदा भेलऊं। अतऽ सात बजे फरीछ होयत आ सात बजे सांझ होई छई। बुझु अन्हारे भोरूकबा मे घर सं चललऊं। एक घंटा मे कलांगला जहाज के घाट पर पहुंच गेलऊं। ओतऽ सं साढ़े तीन घंटा के पनिया जहाज के सफर छई।करीब साढ़े दस बजे सेसे आईलैंड पहुंचलऊं।कलांगला जहाज बड़की टा छई। करीब छह सौ सवारी आ आठ टा मोटर कार के ओ अपना संग ढो सकईत अईछ।
हमहु सब अपन मोटर कार अई जहाज पर लऽ कऽ जाय चाहई छलऊं लेकिन बुकिंग पहिनेहे भईर गेल छल। मजबुरन ओतई पार्क करऽ पड़ल।
सेसे आईलैंड के रस्ता देख कऽ केपटाउन के सील आईलैंड मोन पड़ल।पनिया जहाज के यात्रा के अपने अलगे लुत्फ होई छई। पहिने करीब एक महीना लाईग जाई छलई कलकत्ता सं डर्बन आबऽ मे।चारु कात पाईने पाईने देखईत मोन मे सद्भाव आबऽ लगई छई।पाईनक संग संग मोनक पापो धोआ जाई छई। कलांगला जहाज जखईन अपन रफ्तार पकड़लकई, तखईन ओ विक्टोरिया लेकक धार मे एकटा रूपरेखा बनाऽ रहल छलई। उपर सं डेक पर सं देखला मे लगई जे दुधक जलेबी छनाऽ रहल छई, बस चाशनी मे डुबावऽ के देरी छई। ईयाह सब देखईत सुनईत सोचईत सेसे आईलैंड पहुंच गेल रही।
हमरा सबहक संग ओतुका पहिल रिसोर्टक मालिक इक्कासी वर्षीय विलियम्स सेहो छलाह। बाद मे उनकर कनिया जोईस सेहो संग भेलीह। केना उनका अतऽ रिसोर्ट खोलबाक भाव मोन मे एलईन आ अई सुनसान द्वीप पर अई व्यवसाय के सफल संचालन के सफर केहन रहलईन, ओई बारे मे दोसर अंक लिखब।
हमर सबहक रिसोर्ट ओतुका चिड़िया घर के भीतर छई। तखनो सबसं पहिने जाईते चिड़िया घर सं बेशी जानवर घर कहु, से घुमलऊं। ओतऽ युगांडा के राष्ट्रीय पक्षी युगांडन क्रेन के स्वच्छंद घुमईत देखलऊं।अई पक्षी के माथ मे सुनहरा मुकुट जेकां रहई छई। अई बारे मे एकटा अजुबा जानकारी भेटल। अई नर-मादा क्रेन के आपसी संबंध समर्पण सं भरल रहई छई। एक तरह सं ई सब एक जोड़ा मे रहई छई। स्वच्छंद काम-क्रीड़ा ई पक्षी नई करत। मादा क्रेन,अपन नर क्रेन के मरलाक बाद दोसर नर क्रेन सं सहवास नई करत। ओना एकर सबहक औसत आयु 20बरस होईत छई, लेकिन जोड़ा मे एकटा के मरलाक बाद दोसर क्रेन बेशी दिन नई जीबई छई। ओ पक्षी विछोह नई सईह पबई छई। ओतुका गाईड बता रहल छलाह जे ई क्रेन अखईन कम सं कम पांच बरख आर जीयत, मुदा ज्यों नर क्रेन अखईन मईर जाई तऽ ई साल भईर के अंदर मईर जाईत। ई कखनो अपन गर्दन के नस झटका सं तोईर लईत अईछ आ आत्महत्या कऽ लेत।अतेक सुन्नर पक्षी के आत्महत्या करबाक बात हमरा दुखी कऽ देलक।
सेसे आईलैंड मे पुरा सौर ऊर्जा के सुविधा छई। ओतऽ सातटा विभिन्न धर्मावलंबी सब रही रहल छथि। मस्जिद सेहो देखायल। ओतुका राजा जखईन सेसे आईलैंड पर अबई छईथ तऽ उनका लेल एकटा छोटछीन भवन बनल छईन, ओई मे उनकर रहबाक सं संबंधित सामग्री सब राखल छईन। ओना राजा खुला आसमान के नीचा रहई छईथ। ई परिपाटी अखनो ओतऽ चलई छई। करीब साल भर सं राजा अतुका आईलैंड पर नई अयलाह अईछ।
स्थानीय जनजाति सबहक एकटा गुफानुमा जगह के अपन आस्था के प्रतीक बनौने अईछ। ई हमरा गामक ब्रह्मबाबा के स्थान जेकां लागल। गुफा के भीतर के फोटो लेनाई मना छलई। बाहर सं फोटो लऽ सकई छी। पवित्र जगह पर त्रिशूल जेकां लौहक किछु समान सब गाड़ल छलई। बलि प्रथा अतऽ चलई छई।
तारक(पाम ) खेती अतऽ व्यवसायिक स्तर पर एकटा कंपनी कऽ रहल अईछ। तारक तेलक उत्पादन भऽ रहल छई। स्थानीय लोक सब सेहो अपन तारक फर के बेच कऽ धनार्जन करईत अईछ।तारक बगान मे कम्पोस्ट खाद बोरा मे बान्हल संऊसे छिड़ियाल राखल देखायल। पुछला पर पता चलल जे पाईन बेशी पड़ला के कारण खाद सब दहा जेतई । तै़ बोरा मे बाईन्ह कऽ राखल छई। धीरे धीरे गाछ सब मे पहु़चतई।
अतुका बीच मे रेत/ बालु भेटत। जखईन कि एन्टेबे के बीच मे माईटक मात्रा बेशी छई। अतुका लोकक अनुसार अतऽ झीलक पाईन सबसं बेशी साफ छई।
ओहिना काफी के सेहो खेती पैघ स्तर पर शुरू भेल छई। अई मे दिक्कत ईयाह छई जे बाहर के लोक टापु सब परहक जमीन के अपना नाम सं आबंटित करा लईत अईछ आ स्थानीय लोक मजुरी करईत अईछ। ग़रीबी तऽ बहुत छईये लेकिन संतुष्ट लोक सब अईछ।
ओना माछक शिकार पर प्रतिबंध छई, लेकिन अपन खाई लेल माछ माईर सकई छी। ई ओहिना भेल जेना भारत मे जंगल के लकड़ी काटनाई मना छई, लेकिन ओतऽ रहनिहार जंगलक लकड़ी काईटते अईछ आ ओही सं खेनाई बनबईत अईछ। " तिलैपिया " माछ अतऽ खुब भेटई छई। माछक स्वाद बढ़िये कहबई।अतऽ बारी झाड़ी मे अरिकोंचक पात हमरा देखायल। ओ सब अकरा " यम " कहई छई।अरिकोंच हमरा साऊथ अफ्रीका मे सेहो भेटल छल । ओतऽ अकर " पुरी पत्ता " प्रसिद्ध छई।
सबसं अजगुत अनुभव अतुका राईत छई। निःशब्द राईत आ तरह तरह के चिड़ई चुड़मुन आ जानवर के आवाज रोमांच भईर दई छई। अतेक शांति के अनुभव जीवन मे कहियो नई भेल रहय। ओना आब मोबाइल के कवरेज अतऊ भऽ गेल छई, ओई सं पुरा तरह सं दुनिया सं नई कईट सकई छी। तखनो शांति आ चिड़िया सबहक चहचहाहट मोन मोहि लेत। चारु कात विशाल विशाल जंगली गाछ सब राईत मे सांय सांय हवा बहला पर अलगे माहौल बनौने रहई छई। अतऽ सब किछु पैघे पैघे भेटत। मच्छर सब सेहो बड़की टटा, जानवर के सिंघ बड़का बड़का, गाछ सब विशाल विशाल, माछ सब सेहो पैघे, चिड़ई चुनमुन सेहो सामान्य सं पैघ मूदा आकर्षक, बरखाक बुन्नी सेहो बड़का।आब गोल्फ कोर्स सेहो बड़की टा बईन गेल छई।
मोटर बोट सं करीब दु घंटा लगई छई जे सेसे आईलैंड के चारू कात घुमबई छई। विहंगम दृश्य सब आंईखक सोझा सब आयत, जई पर एकबेर मे विश्वास नई होयत।
आब तऽ जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका आ ब्रिटेन के लोक सेहो अपन घर अई सेसे आईलैंड पर बना लेने अईछ आ नियमित रहईत अईछ। ओना किछु आईलैंड पर मादक पदार्थक उपलब्धता सं लोक विदेशी सब के जोईड़ कऽ देखई छई। हमरा एको टा भारतीय या भारतीय मूलक लोक नई देखेला। जहिया घुरई छलऊं तऽ एकटा हैदराबाद के मुस्लिम परिवार सं भेंट भेल। ओ सब पिछला तीन बरख सं क्रिसमस के समय मे अई आईलैंड पर छुट्टी मनबऽ अबई छईथ।
चुंकि हम " बिल्जेहरिया " बीमारी के बारे मे पहिने पईढ़ लेने छी, ओई सं विक्टोरिया लेक के पाईन संग खेलाय के साहस नई हम, आ नई हमर परिवार क लोक जुटा सकल। ओना ओतुका लोक सब विक्टोरिया लेक मे खुब धींगामुश्ती क कऽ हमरा सब के ललचबईत रहल।
सच मे अफ्रीका अजगुत अईछ। सेसे आईलैंड के यात्रा यादगार रहल।विपासना करबाक लेल सेसे आईलैंड सं बेशी नीक हमरा हिसाबे कोनो आर जगह नई भऽ सकईत अईछ। अपना संग बहुत रास खुशनुमा पल के संग कंपाला घुईर गेलऊं।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः।
अफ्रीका मे हाल के बरख मे पर्यटनक कयेक टा स्थान चिन्हित कयल गेलई आ ओकरा ओई अनुरुपे विकसित सेहो कैल गेलई। हमरा कय टा एहन जगह सब भेटल, जेकर विकास निजी व्यक्ति द्वारा कैल गेलई। ई सही छई जे अई मे हाथ लगेला, ओ दु पाई कमेबो केलाह। अपना सब दिस अई तरहक सब काज हम सब सरकार पर छोईड़ दई छियई। " गप्प लियह हमरा सं आ काज लियह फलमा सं " - अई सिद्धांतक लोक अपना दिस गामे गाम भेट जायत। गाम तऽ पैघ इकाई भऽ गेल, एहन व्यक्ति टोले टोल भेट जेताह।
युगांडा मे सबसं धनिक लोक श्री सुधीर रूपरेलिया के कहब छईन - "अतऽ कोनो नब काज शुरू करबा सं पहिने ज्यों ओकर साध्यता, उपयोगिता आ लाभ- हानि पर विचार करब, तऽ कहियो काज शुरू नई कऽ सकब। जखने जतऽ जई क्षेत्र मे मौका बुझाय, सीधा काज शुरू कऽ दियऊ। तखने आगु बईढ़ पैब।"
ओ अपनो ब्रिटेन सं अतऽ आईब कऽ शुन्य सं व्यवसाय शुरू केने छैथ।
सेसे आईलैंड घुमबा के क्रम मे " सेसे आईलैंड बीच होटल " के मालकिन - मालिक सं गप सड़क्का भेल। ई आईलैंड के पर्यटन स्थल मे बदलनाई, कोनो पुरना समय के बात नई छई। 1991 मे तऽ जोईस पहिल बेर एतऽ आयले छलीह। ओकर बादे अई जगह के अतेक विकास भेलई। अतेक रमणीक जगह, कोना दुनिया के नजर सं छुटल रहई, सेह विश्वास नई भऽ रहल अईछ।
जोईस एकटा इसाई मिशनरी सं जुड़ल छलीह।उनकर धार्मिक संस्था के एकटा बैसार सेसे आईलैंड पर होयबाक निश्चित भेलईन। उनका बच्चे सं पाईन सं डर लगईन। जखईन एतऽ जयबाक बात भेलई, तऽ ओ आर चिंता मे पईर गेल छलीह।
एक सौ के करीब जोईस जेकां लोक आ पादरी सब नाव सं कहुना अतऽ आयल। एक भोर के घर सं चलल, दस बजे राईत मे ई सब गोटे सेसे आईलैंड पहुंचलीह। ओतेक नीक बेबसथा नई रहबाक कारण राईत भर जगले रहलीह। जखने कनीक फरीच बुझेलईन, ओ घर सं बाहर निकईल कऽ देखऽ लगलीह जे आखिर आयल कतऽ छी?
कनीक आगु बढ़लीह तऽ नील कंचन विक्टोरिया लेकक पाईन देखेलईन। ओ चारु कातक प्रकृतिक अई दृश्य देखी कऽ आसक्त भऽ गेलीह।उनका मोन मे तखने भाव एलईन- ," की बाकी जीवन हम एतऽ नई गुजाईर सकई छी?"
ओकर बाद ओ सभा स्थल पर घुईर आयल छलीह।ओतऽ की विमर्श होई छलई, ओई पर इनकर एको रत्ती ध्यान नई छलईन। ईनकर मोन मे तऽ कोना अतऽ रही, से नाईच रहल छलईन।
कनी काल मे सभा के अध्यक्ष, लोक के शक शुबहा के बारे मे पुछलकई तऽ जोईस बाईज उठलीह- " हमरा अतुका जगह बड्ड सुन्नर लागल, हम कोना अतऽ जमीन लऽ सकई छी?"
सभा मे सब लोक इनकर सवाल सुईन कऽ आश्चर्य मे पईर गेल। किछु लोक हंसऽ लागल।
सभा के मूख्य अतिथि कहलखिन- " हम आहां सं जमीनक बारे मे नई पुछने रही। आहांक जबाब अप्रासंगिक अईछ।"
फेर के की कहलकई, जोईस के किछु मोन नई छईन।अतबे याद छईन जे मूख्य अतिथि अलग सं उनका बजौने छलखिन।
अध्यक्ष जे ओतुका अधिकारी छलाह, ईयाह सवाल फेर पुछलखिन- " आहां एतऽ जमीन कियैक चाहई छी? आहां के अतुका जमीन कोन काजक?
जोईस के जवाब छलईन- " हम अतऽ होटल खोलब।"
" कोन मनुक्ख अई सुनसान जगह पर आहां के होटल मे आयत?"- अधिकारी कहलखिन।
" ई हमरा नई बुझल अईछ, मूदा भगवान लोक के हमर होटल मे पठेतिन।" - जोईस प्रत्युत्तर देलखिन।
जोईस के दृढ़ संकल्प देखी कऽ ओ अधिकारी कहलखिन -" ठीक छई।आहां जगह ठेकनाऊ।"
ओकर बाद जोईस हाथे सं एकटा जमीनक नक्शा बना कऽ ओई अधिकारी के दऽ देलखिन।
इनकर दृढ़इच्छा देख कऽ, अधिकारी इनका आवेदन पत्र अतुका बोर्ड के समक्ष दई लेल कहलखिन जे स्वीकृत सेहो भऽ गेलईन।
जोईस अपन होटल बनबऽ के काज मे लाईग गेलीह। बहुत दुर सं भवन निर्माण लेल बालु सब मजुर सं ढोआ कऽ जमा केलीह। अगिला दिन सं देवालक जोड़ाई शुरू होबाक छलईन। जखईन अगिला दिन भोर मे ओई निर्माण जगह पर जाई छईथ तऽ एको कनमा बालु ओतऽ नई छलईन। राईत मे भारी बरखा भेल छलई आर सब रेता दहा कऽ विक्टोरिया लेक मे चईल गेल छलई।
जोईस अई सं बहुत दुखी भऽ गेलीह। ओई समय मे अई चौरासी टा आईलैंड मे संऽ सिर्फ सेसे आईलैंड पर एक टा टेलिफोन बुथ, पोस्ट आफिस मे छलई। ओतऽ बात करऽ बाला के बड़की टा लाईन लगई। आहां के जल्दी बात खत्म करबाक होई, कियैक तखने दोसर के मौका भेटतई।तहिया मोबाइल के बारे मे अतऽ लोक सोचितो नई छल।
जोईस टेलिफोन पर अपन पति विलियम्स के सब गप कहलखिन आ होटल के निर्माण के विचार त्यागऽ के बात कहलखिन। विलियम्स उनका बोल भरोस देलखिन आ नई घबराई लेल कहलखिन।
विलियम्स आई सं करीब साईठ बरस पहिने सोवियत संघ सं इंजीनियरिंग के पढ़ाई कऽ कऽ युगांडा घुरल छलाह आ अतुका सरकारी विभाग मे कार्यरत छलाह। ऊनकर उपनाम इंजीनियर विलियम्स भऽ गेल छलईन। विलियम्स इनका अपन निर्णय नई छोड़ऽ कहलखिन। आब ओ दुनु गोटे मिल कऽ होटल बनबऽ मे लाईग गेलाह।
आब समस्या एलईन पाई के। बैंक मे कर्ज खातिर आवेदन केलाह। बैंक कर्ज दई लैह तैयार भऽ गेलईन। ई सब कर्ज नई लेलाह। सोचलाह कि देखई छी कतेक तक काज खींचा रहल अईछ।ज्यों कर्ज लऽ लीह आ काज नई सफल भेल, तऽ की होयत?
आब सबसं पैघ समस्या ठार छलईन पाईनक रूप मे। ओतेक बजट छलईन नई, जे नब धातु के कुंआ खोदबईतईथ। विलियम्स अपन इंजीनियरिंग के दक्षता अई मे लगेलाह।
विलियम्स कम्पाला मे पुरना ट्रेनक बोगी के दरवज्जा सब कबाड़ मे कीनलाह आ ओकरा सब के वेल्डिंग कऽ कऽ पाईनक टंकी बनेलाह।अई टंकी सं उनकर होटल तक पाईन आइबीये बला छलई कि ओतुका सरकारी जल निगम इनका सब के अई आईलैंड के किछु दुरस्थ भाग मे पाईन के पहुंचबई लेल सहयोग मंगलकईन।
ई सब सहर्ष तैयार भऽ गेलाह।आब सेसे आईलैंड के आरो भाग मे चलईत पाईनक बेबसथा भऽ गेलई।बिना बिजली के पाईनक आपुर्ति एकटा नब घटना छलई। स्थानीय लोकक सहयोग आब आर बेशी इनका सब के भेटऽ लगलईन।
अतुका दोसर परेशानी छलई रौशनी के अभाव। राईत मे ओ सब लालटेन सं काज चलबई छलीह। निर्माण काज धीरे धीरे चईल रहल छलउन।1994 मे एक दिन एक गोटे दरवज्जा खटखटेलकईन। कहलकईन- हम अमेरिका सं एलऊं अईछ सेसे आईलैंड मे ईजोत करऽ बास्ते। फलां जगह सेहो लगेने छी। आहां सब जा कऽ देख सुईन लियह।
जोईस दौड़ल गेलीह विलियम्स के उठबई लेल।ओकर बाद ओई सोलर लैंप के लागल देखलीह।ओहो सब दु टा सोलर पैनल लगेलीह। राईत मे जखईन ईजोत भेलई तऽ दुर दुर सं लोक ईजोत देखऽ एलई। आश्चर्यक बात ई जे आईयो ओ दुनु सोलर पैनल काज कऽ रहल छईन।
करीब चालीस एकड़ मे इनकर पुरा होटल छईन। बाद मे पर्यटक के दबाव बढ़ला पर 2013 मे गोल्फ कोर्स सेहो खोईल लेलीह। वाइल्डलाइफ सेन्टर सेहो परिसर मे ही छईन। एकर परिकल्पना उनका सब के कुआलालम्पुर, मलेशिया मे लंगकावी वाइल्डलाइफ पार्कक भ्रमण के दौरान बनलईन।
अस्सी बरख सं बेशी दुनु के बयस छईन, तखनो कतऊ किछु देखाई छईन वा जानकारी मे अबई छईन तऽ ओ सब अपन होटल परिसर मे ओकर प्रयोग करई छईथ। जोईस युवावस्था मे छह महिना दिल्ली मे रहल छईथ। आब ओतेक दिल्ली के स्मृति मोन नई छईन। हमरा सब के ओ भारतीय बुईझ कऽ बहुत आदर सत्कार देलीह। ईनकर सब सखा-संतान सब विशेष कऽ ब्रिटेन आ आन युरोपीय देश मे सम्प्रति रहि रहल छईन।
ई सब आहां सब सं सांझा करबाक अभिप्राय ई छल जे हम सब अस्सी बरखक बाद अपना के बेकार आ मृत्यु के इंतजार मे लाईग जाई छई। अफ्रीका के लोक जेकर बौद्धिक आ आद्यात्मिक स्तर हम सब अपना सा न्युन मानई छी, ओकरा मे ई समर्पण आ कर्मठता के देखी कऽ हम नतमस्तक छी।
अपने ओ हमरा सब संग कम्पाला सं चईल कऽ सेसे आईलैंड आयल आ यथासाध्य सुविधा उपलब्ध करौलक।ओ सब अई काज के काज नई मिशन बुईझ कऽ करई छईथ।
एकटा दम्पत्ति, एकटा आईलैंड के रूपरेखा बदईल देलकई। आब इनकर देखा-देखी कयेक टा आधुनिक रिसोर्ट सब अतऽ खुईज गेल छई। ई "पर्सनल टच" हमरा बहुत नीक लागल। तैं हम ईनकर सबहक संघर्ष गाथा आहां सब सं सांझा कऽ रहल छी। कोनो भी काज मनोयोग सं कयला सं आगु पाछु सफलता भेटिते टा छई।
आई सेसे आईलैंड पर्यटन के क्षेत्र मे स्थापित नाम बईन गेल अईछ। अफ्रीका मे अहिना कतेक जगह पर अई तरहक संभावना तलाशल जा रहल अईछ। भीड़भाड़ बला देश सं पर्यटक सब अई तरहक निर्जन जगह पर रही कऽ एकान्तता के आनंद लऽ रहल छईथ। सच मे अफ्रीका आ ओतुका लोक अजगुत अईछ।
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पुरा अफ्रीका मे दिसंबर महिना मे उत्सव बला माहौल रहई छई। विशेष कऽ क्रिसमस के समय , ई अपन चरम पर आईब जाई छई। सड़क सब सुनसान लागत। कहियो तऽ एहन बुझायत जे कहीं सड़क पर कर्फ्यु तऽ नई लाईग गेल छई।अई समय अतुका स्थानीय स्कुल सब मे सेहो छुट्टी रहई छई। सरकारी आ गैर सरकारी संस्थान सब मे उपस्थिति अपन न्यूनतम स्तर पर आईब जाई छई। बाकी सब तऽ बन्ने रहई छई।
ई ओहिना भेल जेना अपना सब कतऽ दुर्गा पूजा सऽ लऽ कऽ छईठक परना तक जे छुट्टी होई छलई। माहौल बदलऽ मे छुट्टी के बड्ड पैघ योगदान होईत छई। छुट्टी होईते प्रवासी सब कियो गाम, तऽ कियो मातृक, तऽ कियो सासुर, तऽ कियो नैहर, तऽ कियो आन संबंधी कतऽ जाईत छलाय। अयला गेला सं संबंध मे सेहो गर्माहट रहईत छलई। कोनो जगहक मेला, कतऊ के नाटक, कतऊ के पुजा- पद्धत्ति, कतऊ के नटुआ , कतऊ के रसन- चौकी प्रसिद्ध रहई छलई। ओही बहाने लोक जाई- अबई छलाय, आ पाबईन तेहार लोक संग मनाबऽ के प्रथा छलई।
हमरा अहिना साऊथ अफ्रीका मे लागल। दिसंबर मास मे सब शहरिया लोक , कोनो ने कोनो गाम मे चईल जायत। गाम सं अतऽ मतलब फार्म हाउस सऽ सेहो होई छई। श्वेत सब बेशीतर फार्म हाउस जायत आ स्थानीय अश्वेत सब अपन मूल गाम जायत। भारतीय मूलक लोक सब के पर्यटन स्थल जेना केपटाउन, डर्बन आ पोर्ट एलिजाबेथ जायत देखबई। बिदेशी सैलानी सब सेहो अई समय मे खुब अबई छई।
श्वेत सब के अपन किछु अपने सनक लोकक अनौपचारिक वर्ग बनल छई। कोनो साल ईनकर फार्महाऊस तऽ कोनो साल उनकर फार्महाउस पर सब जमा होयत आ सामुहिक छुट्टी मनायत। जिनका अपन फार्म हाउस नई छईन, उनकर अवश्य कियो ने कियो संगी वा सहकर्मी वा रेफरेंस रहई छईन, जतऽ ओ छुट्टी मनबई छईथ।
साऊथ अफ्रीका मे छुट्टी मनबऽ के एकटा आर नब ढंग देखलियई जे अपन सबहक पिकनिक सं कने हईट कऽ छई।ई सब कै कै दिन टेंट लगा कऽ बोन मे रहत। ओतऽ बहुत रास घर/ ठीया/ होटल सब छई जतऽ आहां के सर्व सुविधायुक्त भंसा घर सेहो भेटत। बर्तन बासन, चुल्हा चक्की, गैस सं लऽ कऽ थारी- बाटी चम्मच तक भेटत। आहां के जे खयबाक मोन करय, अपन बनाऊ आ खाऊ।अतुका लोक बेशी अही तरह सं छुट्टी मनबई अईछ।पिज्जा बर्गर , फास्ट फूड वा मांसाहार के अपना ढंग सं पकायत आ खायत। अपना सब जेकां सचार के आदत अकरा सब के नई छई।
ओना छुट्टी के असर व्यक्ति के कार्यक्षमता पर बहुत असर डालई छई। दुनिया मे अई पर समय समय पर अध्ययन होईत रहई छई। सफ्ताह मे ओही सं दु दिनक अवकाश देबय जाय लगलई। अखईन फिनलैंड मे घोषणा भेलई छई कि ओतऽ हफ्ता मे चाईरे दिन काज हेतई, बाकि तीन दिन छुट्टी रहतई।
आकलैंड मे एकटा प्रतिष्ठित कम्पनी ई प्रयोग कऽ चुकल अईछ। सोम मंगल काज करू, बुध कऽ छुट्टी रहत‌‌‌। ओहिना वृहस्पति आ शुक्र काज करू, शईन रईब छुट्टी। अई छुट्टी के नब फार्मुला अपनेला पर ओई कम्पनी के उत्पादन पैंतीस प्रतिशत बढ़बा के बात सुनने छी। ओ दिन कोनो आश्चर्य नई, जहिया अपनो देश मे अहिना छुट्टी भेटऽ लागय।
ई छुट्टी सब हक बात ओकरे लेल प्रासंगिक छई जे सब नीक नौकरी मे छईथ। बाकि लोक खातिर तऽ मृग मरीचिका कहु वा दिवा स्वप्न। ओई मजुर के कल्पना करियऊ, जेकरा जीवन मे कोनो छुट्टी नई छई। काज नई करतई, तऽ की पेट मे ताला लगेतई। ओकरा लेखे तऽ रोज काज भेटबाक चाही। ओहिना घुमनाई फिरनाई के शौक एकटा वर्ग विशेष के शगल बईन कऽ रही गेल छई। खुशी आ दुःख, दुनु के मनबऽ के ढंग अपन सबहक देश आ विदेश मे फराक फराक छई।
अई समय मे सब नीके नीक नई छई। अपराधक दर अई समय मे सबसं बेशी रहईत छई। अपना सब जेकां सोनक गहना वा आर कीमती वस्तु पहिरऽ आ देखाबऽ के लत एतऽ नई छई, मूदा छीना झपटी आ लुटमार के घटना अई समय मे बढ़ले जा रहल छई। अपराधी के सेहो नीक सं छुट्टी मनेबा के छई। ओई लेल पाई चाही। आसानी सं पाई तऽ अहिना भऽ सकई छई। अई समय मे दुरदराज के अपराधी सब सेहो अतुका महानगर मे डेरा खसौने रहईत अईछ।ओ सब सदिखन नीक शिकार के तलाश मे रहईत अईछ आ ओतुका पुलिस अई अपराधी सबहक खोज मे। दुनु मे लुकाछिपी होईत रहई छई। जेना अक्टूबर अपन सब पाबईनक महिना कहाईत अईछ, ओहिना अतुका दिसंबर भेल।
दिसंबर मे बाहरी लोक के छुट्टी भेटनाई अतऽ कनेक मोश्किल रहईत छई। हमहुं जखईन साऊथ अफ्रीका मे रही तऽ छुट्टी आसानी सं नई भेटल छल। संशय बनल रहत जे भेटत की नई भेटत। घुमऽ जाय सं एक दिन पहिने छुट्टी भेटल छल।"अफ्रीका मे होटल भेटनाई अतेक आसान नई छई"- सुनई छलियई, मूदा पहिल बेर अनुभव भेल।
अतऽ दिसंबर मे होटल, गेस्ट हाउस, रिसोर्ट सब महिनो पहिने बुक भऽ जाई छई। हमरा अपन देश बला आत्मविश्वास छल जे जेबी मे पाई रहबाक चाही, होटल तऽ भेटिये जायत। बहुत प्रयास कयलाक बाद केपटाउन मे होटल तऽ नई, मूदा एकटा अंग्रेजिन महिलाक घर B& B ( bed & breakfast ) के तहत न्युलैंड मे भेटल।ईहो एकटा ओतुका अपेक्षित लोकक अनुशंसा पर भेटल। ई अपेक्षित लोक हमरा बारंबार परिवार संग केपटाउन घुमबाक लेल आग्रह करई छलाह। हम अपन संभावित आगमनक तिथि बतौने रहियईन। उनका जखईन होटल नई भेटलईत, तऽ कहला - " हमर घर तऽ अईछे ने, अतऽ आहां रही जायब।"
हमरा उनकर अई प्रस्ताव मे अपनापनक कमी बुझायल। हम कहलियईन- " नई, आहां होटल लेल प्रयास करु।"
तखईन ई न्युलैंड बला घर भेटल।न्युलैंड क्रिकेट स्टेडियमक लेल जानल जाई छई आर केपटाउन के नवधनाड्यक क्षेत्र मे सऽ अबई छई।
प्रिटोरिया सऽ केपटाउनक दुरी करीब पन्द्रह सौ किलोमीटर छई। अतऽ लांग ड्राइव पर लोग जाई छई। हमहुं अपने मोटरकार सं केपटाउन जाय के निर्णय लेलऊं। दुरी बेशी छलई, तैं रस्ता मे कतऊ रात्रि विश्रामक लेल बुकिंग करबाक प्रयास कयलऊं।अई मे सफलता नई भेल। अंत मे ईयाह सोईच कऽ की , रस्ता मे होटल भेटिये जायत, प्रिटोरिया सं भोरे भोर पुरा खेनाई पीनाई के इंतजामक संग सपरिवार विदा भेलऊं।
अपन आत्मविश्वास छल, जे होटल भेटबे करऽत। अगर भाग्य मे सड़क पर राईत बितेबाक लिखल होयत तऽ अतेक लंबा जतरा मे हम बुकिंग कैल होटल पहुंचे नई सकब। जेना गाड़ी खराब भऽ जाय, एक्सीडेंट भऽ जाई, मौसम खराब भऽ जाई, रस्ता जाम भऽ जाई, ट्रैफिक जाम भऽ जाई, किनको मोन खराब भऽ जाय, राजनीतिक आंदोलन मे सड़क संपर्क बन्न भऽ जाई। ई सब संभावना छई। ऊपरवाला हम राईत कतऽ बितायब, ओ निश्चित कयने छईथ। हम अपन प्रयास करईत रहब। जतऽ भेंट जायत, ओतऽ रात्रि विश्राम कऽ लेब।
जोहानिसबर्ग होईत N1 हाईवे पकड़लऊं। ई सीधा रस्ता ब्लुमफाऊंटेन तक जाई छई। ओतऽ सं एक रस्ता पोर्ट एलिजाबेथ के तरफ जाई छई आ दोसर केपटाउन। आहां पोर्ट एलिजाबेथ होईत भी केपटाउन गार्डेन रूट सं जा सकई छी। ई रस्ता लंबा पड़ई छई। हमरा सब के तऽ टार्गेट केपटाउन छलाय। तैं नजदीक बला रस्ता पकड़लऊं।
अई हाईवे पर दु दु सौ किलोमीटर पर पेट्रोल पम्प कतऊ कतऊ छई। ओही लेल जखने गाड़ी के टंकी अधियाय, चट दं पेट्रोल पम्प अईबते फुल करवा लई छलऊं। जेना पेट भड़ल रहला पर मोन निश्चिंत रहई छई, ओहिना मोटर कारक टंकी के सुईया ऊठल देखी कऽ हमरो मोन निश्चिंत रहय।
ब्लुमफाऊंटेन साऊथ अफ्रीका के एकटा महत्वपूर्ण, सुन्नर आ व्यवस्थित शहर छई। अतुका सर्वोच्च न्यायालय अतई छई। अकर अलावा ई फ्री स्टेट राज्यक राजधानी सेहो छई। अई शहर के बाहरे बाहर सं बाईपास रस्ता निकल जाई छई।
रस्ता मे मोन मे कनीक चिंता सदिखन बनले छल जे अजुका रात्रि विश्राम कतऽ होयत। बीच बीच मे मोबाइल एप्प सं खाली कमरा भजियबईत छलऊं, मूदा सफलता नई भेंट रहल छल। सब जगह बुकिंग भरल छलई।
एकटा मित्र कहने छलाह जे रस्ता मे कारु नेशनल पार्क छई। ओकर भीतर रहबाक बढ़िया काटेज सब छई, लेकिन ओई लेल कम सं कम दु महिना, नई तऽ छह महिना पहिने बुकिंग करेनाई नीक रहई छई। कारु नेशनल पार्क करीब एक हजार किलोमीटर दुर प्रिटोरिया सऽ पड़ई छलई। अई सं सटले ब्यूफोर्ट वेस्ट शहर छई। ओतऽ बहुत होटल सब छई। अही मे हम सब संभावना ताईक रहल छलऊं।सोचने रही जे अन्हार होबा सं पहिने विश्रामक जगह ठेकनाय लेब।
सांझु पहर के करीब N1 के पर कारू नेशनल पार्क के तख्ती लागल देखलियई। बिन किछु सोचने बुझने सीधा ओकर गेट मे गाड़ी घुसा देलियई।
उतईर कऽ सीधा रिसेप्शन तरफ बढ़लऊं। हमर आत्म विश्वास देखी कऽ रिसेप्शनिस्ट श्वेत महिला के भेलईन जे हमर बुकिंग पहिने सं भेल अईछ। ओ बुकिंग के बारे मे पुछऽ लगलीह।
हम कहलियईन-" हमरा बुकिंग नई अईछ। हम तऽ बुकिंग के उम्मीद सं अयलऊं अईछ।"
ओ मुस्कियाईत बजलीह- " आहां भाग्यक जोड़गर छी।"
हम कहलियईन-" से तऽ हम छी।"
ओ कहलीह- " अखने एकटा बुकिंग निरस्त करबाक सुचना आयल अईछ। वेटिंग मे तऽ कय लोक छईथ। आहां चुकि सद्यः ठार छी आ वास्तविक पर्यटक छी। ई बुकिंग आहां के नाम हम कऽ रहल छी।"
हमरा लोकईन के ख़ुशी के ठेकान नई। अंजान शहर मे अतेक नीक बंदोबस्त अकस्मात भऽ जायत, प्रसन्नता के विषय छल। पाई ताई जमा कऽ जल्दी सऽ कमरा के चाभी लेलऊं। मोन मे भेल कि कहीं हमरो सं भाग्यक जोड़गर कियो आईब जाय, तऽ ओकरा ई कमरा नई भेंट जाय।
ई एकटा जानकारी देबऽ चाहब जे विदेश मे छोटऽ कर्मचारी जे कही देलकई, ओकर बातक आदर ऊपर तक होईत छई। अपन देश जेकां नई जे फलां अधिकारी वा फलां बाबु आईब रहल छईथ, सबहक बुकिंग कैंसिल। आब अई मे ऊयाह रहताह।
भारतक एकटा अनुभव बता रहल छी। एकटा सरकारी अतिथि गृह के सब कमरा पन्द्रह दिन तक अई लेल खाली राखल गेलई जे ओई विभाग के सर्वोच्च अधिकारी के बेटा के विवाह छईन। अगर पाहुन अतऽ रहऽ आईब जाई, तखईन कमरा खाली नई भेटई, से जुलुम ने। भेलई ई जे एको टा पाहुन अई सरकारी अतिथि गृह मे रहऽ नई एलई।
कीछु समान सब गाड़ी सऽ उताईर कऽ कमरा मे अनलऊं ओकर बाद ओतुका दृश्य सबहक आनंद लेलऊं। पहिल दिन छल, तैं अपन खेनाई पीनाई के सृष्टजाम संगहि छल। आब बुझायल जे शुरुआत एहन अई, तऽ अई भ्रमणक पुर्णाहुति नीके होयत।
भोरे " चाह- चाह " के आवाज पर निन्न खुजल। बाकी लोक सुतले छल। हम जिमहर सं आवाज अबई छल, ऊमहर बढ़लऊं। देखई छी किछु भारतीय सब ओतऽ हंसी ठिठोली कऽ रहलाह अईछ।
हमरा देखीते ओ सब ठमईक गेलाह। परिचय पात भेल। ओ सब सम्प्रति बोत्सवाना मे रहई छथि आ गुजरातक मूल निवासी छईथ। पहिल बेर केपटाउन नववर्ष मनबऽ जा रहल छईथ। हमरा चाह पीबाक आग्रह करऽ लगलाह मूदा जल्दी निकलबाक छलाय। तैं आग्रह स्वीकार नई केलियइन। अखईन पांच सौ किलोमीटर आर दुर जयबाक छल।
जखईन घुईर कऽ कमरा पर अयलऊं। घरक सदस्य सब चिंतित जे हम कतऽ गेलऊं?
थोडंबा काल बाद तैयार तैयार भेल हम सब कारु सऽ आगु लेल विदा भेलऊं। आब हम सब जोश मे आईब गेल रही।
रस्ता पेरा रूकईत, खाईत पीयईत केपटाउन के लगीच पहुंच गेल छलऊं।
साऊथ अफ्रीका मे पेट्रोल पम्प जे होई छई से छोटछीन्ह बजारे होई छई। खेनाई पीनाई सऽ लऽ कऽ देह सोज करबाक सब बेबसथा।
रस्ता मे बड़का बड़का अंगुरक बगान सब छलई। अतबे नई, हाईवे के कात मे जे चरागाह सब छलई , ओ सब तार सं घेरल। जतऽ कतऽ माल- मवेशी के सड़क पार करबाक छलई, ओतऽ पहिने सं निशान बनल छलई। अपना सब जेकां नई जे सड़कें पर धान गहुम के दऊनी होयत।जकर घरक सामने सड़क ओ अकरा खरिहान जेकां उपयोग करत। सब चीज सड़के पर सुखायत आ गहुमक गोलरी सेहो वाहन सबहक चक्का सं चिपायत चिपायत अलग भऽ जायत। अई लऽ कऽ कोनो एक्सीडेंट भऽ जाई, हम सब अहिना रहब।ई व्यवस्थित सड़क मार्ग देखी कऽ बड्ड नीक लागल। 120 किलोमीटर/घंटा के गति सं कम चलेनाई के धीरे गाड़ी चलबऽ बाला कहल जाई छलई।
सही समय पर केपटाउन पहुंच गेलऊं। न्युलैंड मे ओ घर एकटा कोठी छलई। अधेड़ श्वेत दम्पत्ति ओकर मालिक छलाह। गर्मजोशी सं स्वागत केलुह।मेन गेट के एकटा स्वचालित रिमोट दऽ देलीह। बाद मे अपन घरबाला सं सेहो परिचय करेलीह ओ कमरा देखा देलाह। भोर मे जलखई के समय बता देलाह। स्वीमिंग पुल आ पुस्तकालय के बारे मे सेहो किछु बात बतेलाह।
अगिला दिन जखईन जलखई लेल डायनिंग हॉल मे जाई छी तऽ देखई छी जे ऊयाह महिला नाश्ता सेहो परईस रहल छलीह। किछु भारतीय के स्वादक अनुसार ओ नाश्ता तैयार केने छलीह। किछु उनका सं गपशप भेल ओकर बाद हम सब घुमऽ निकईल गेलऊं। एकटा ओतई रहनिहार उड़ीसावासी भारतीय के हम घुमबा मे सहयोगक लेल आग्रह कयने रहियईन। ओ नियत समय आ जगह पर पहुंचल छलाह।हमर सबहक केपटाउन भ्रमण शुरू भऽ गेल।
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युगांडा मे एकटा बियाहक खुब चर्चा भऽ रहल छई।अपना तरहक ई अजुबा घटना छई।
शेख मुतुम्बा, कयुंगा जिला के चैम्पिसी मस्जिद मे इमाम छईथ।ओई मस्जिद मे तीन टा इमाम छई। शेख मुतुम्बा पिछला चाईर बरस सं इमामक पद पर अईछ। ओकर बयस बढ़ल जा रहल छलई, मूदा बियाह नई भऽ रहल छलई। आब घरक लोक के भरोस छोईर, ओ अपने कनिया ताकऽ लागल छल।
एक दिन हिजाब पहिरने एकटा सुन्नर स्त्री के ओ मस्जिद मे देखलक।मुतुम्बा ओई स्त्री के देखिते आकर्षित भऽ गेल। ओ स्त्री अपन नाम स्वाबुला नाबुकीरा आ अपना के अविवाहित बतेलकई। शेख मुतुम्बा के बुझेलई जे ईयाह ओ स्त्री छई, जकरा लेल ओ अखईन तक कुमार अईछ। मुतुम्बा, नाबुकीरा सं प्रेम निवेदन केलकई। नाबुकीरा अकरा स्वीकार केलकई। अकर बाद मुतुम्बा बियाहक प्रस्ताव देलकई, सेहो पर नाबुकीरा रजामंदी दऽ देलकई।ओ एकटा प्रतिज्ञा सुनेलकई - " सहवास बिना ओकरा मोन के नई हेतई।"
मुतुम्बा सोचलक जे जखईन पत्नी भऽ जायत, तखईन कोन प्रतिज्ञा बाला बात।
नाबुकीरा के आवाज बड्ड मधुर आ चाईल मे नजाकत छलई।ओ मुतुम्बा के कहलकई-
" जाबईत तों हमर माय बाप के दहेज नई देबहक, ताबईत निकाह नई हेतई।"
युगांडा मे वर पक्ष के तरफ सं दहेज देबऽ के प्रथा छई। मुतुम्बा विवाहक प्रस्ताव लऽ कऽ नाबुकीरा के आंटी नुबु नाबुकीरा लग गेल। ओकरा दु बोरा चीनी, दु टा बकरी, कपड़ा लत्ता आ किछु आर सनेश देलाक बाद स्वीकृति लेलक।
मुतुम्बा के बियाह भऽ जाई, ओई लेल मस्जिद के आरो लोक दहेज जुटबऽ मे ओकर मदद केलकई। बहुत दिन सं ओ कुमार छल, तैं मस्जिद सं जुड़ल सबके अभीष्ट छलई जे अकर कहुना बियाह होई।
बियाहक बाद दुनु संग रहऽ लागल। अगल बगल के लोकक कहब छई जे ओ सब नाबुकीरा के सामान्य पत्नी जेकां देखलकई। ओ घर मे झाड़ू पोंछा करई, कपड़ा लत्ता धोवई, खेनाई बनबईत आ बर्तन बाशन धोवईत देखाईत छलई।सहवास के बात अयला पर कोनो ने कोनो बहाना बना दई।
करीब पन्द्रह दिन अकरा सब के संग रहईत भेल छलई। एक दिन अकर पड़ोसी ओतुका पुलिस थाना मे शिकायत दर्ज करेलकई- नाबुकीरा छड़देवाली टईप कऽ ओकर घर मे आईब कऽ चोरी केलकई। ओ ओकर घर सं टेलीविजन, कपड़ा आ किछु पाई के चोरी केलक अईछ।
पुलिसबला जखईन एलई ओई समय नाबुकीरा असकरे छल। ओकरा पकईर कऽ पुलिस लऽ गेलई। जखईन नाबुकीरा के महिला वाला सेल मे लऽ जाय सऽ पहिने महिला सिपाही जांच केलकई, तऽ ओकरा किछु शक भेलई। फेर ढंग संऽ जांच केलकई। नाबुकीरा महिला नई बल्कि पुरूख छल।
पुलिसक पुछताछ मे नाबुकीरा अपन अपराध गईछ लेलक।ओ पुरूख संऽ पईसा ठगबाक लोभ मे स्त्री के रूप बनेने छलाय।नाबुकीरा के असली नाम रिचर्ड तुमुसाबे छलई। ओ तऽ स्त्री के भऽल केने छल।
रिचर्ड के जे आंटी नुरू नाबुकीरा छलई, ओकरो पुलिस गिरफ्तार केलकई। ओकर कहब छई जे दु महिना पहिने साबुला नाबुकीरा ओकर घर पुछईत पाछईत आयल छल।ओ कहलक-" ओकर स्वर्गवासी माय ओकरा कहने रहई जे नुरु नाबुकीरा के भाई ईशाक मतोऊ ओकर बाप छई।"
आब नई ईशाक आ नई ओकर स्त्री जीवित छई, नुरू ओकरा पर विश्वास कऽ कऽ अपन घर मे राईख लेलकई। दुनु महिला होबाक कारण एक्के संग सुतबो कैल।साबुला ओहु समय बुर्का मे छल।एक हफ्ताह अतऽ रहला के बाद ओ चईल गेल।
फेर एक महिना पहिने आयल छल।कहलक जे हमरा बियाह के प्रस्ताव अईछ।
शेख मुतुम्बा के कहब छई जे अई नुरू नाबुकीरा के पीसी होबाक कारण प्रस्ताव लऽ कऽ गेल रही आ अकरे दु टा बकरी, दु बोरा चीनी, एक बोरा नुन, कपड़ा आ कुरान देने रहियई।
आब शेख मुतुम्बा के खबर भेलई। ओ दौड़ल थाना आयल। ओकरा पहिने विश्वासे नई होई।तखईन पुलिसबाला सब नाबुकीरा के निर्वस्त्र कऽ कऽ देखा देलकई।आब मुतुम्बा के सामने आर कोनो चारा नई बांचल छलई।
मस्जिद के समिति सब अलग सं अई घटना के जांच कऽ रहल छई। अई निकाह मे खींचल गेल फोटो आ उपस्थित लोक सब सं पुछताछ भऽ रहल छई। सब के आश्चर्य लाईग रहल छई जे मुतुम्बा कोना ठका गेल।
अफ्रीका मे सच मे अजगुत घटना सब घटईत रहईत छई।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः ।
अफ्रीका मे बहुत रास द्वीप सब छई। अई द्वीप सब के अपन अपन व्यापारिक आ सामरिक महत्व सेहो छई। बहुत कम लोक के बुझल छई जे मारीशस सेहो अफ्रीके मे छई। भारतीय मूलक लोक आई मारीशस पर भारतीयता के अक्षुण्ण रखने अईछ।अहिना " जंजीबार " द्वीप के चर्चा अखईन अतुका अखबार मे चईल रहल अईछ। जंजीबार मे हिंदू देवी देवता के मंदिर आ हिंदू धर्मावलंबी सब सेहो रहईत छलाह। ई सब मूलतः गुजराती आ किछु दक्षिण भारतीय व्यापारी सब छलाह। भारतीय हिन्दू सबहक बारे मे अतुका स्थानीय अफ्रीकी लोकक ई कहब छई- " ई सब अपन धर्म के दोसरा पर थोपई नई छथिन।अकरा अपन निजी आ पारंपरिक रूप मे संजो कऽ रखने छईथ।" अई लऽ कऽ धर्मक आधार पर द्वेश इनका सब के नई झेलऽ पड़लईन।
अखुनका चर्चाक मूल मे ११ जनवरी, १९६४ के घटना, जे एकटा युगांडा के स्थानीय लोक " जान ओकेलो " सं जुड़ल छई। स्थानीय अस्मिता एहन मूद्दा छई जे इतिहास के दिशा मोईर दई छई।
जंजीबार द्वीप समूहक के बारे मे भारतक पाठयपुस्तक मे सेहो लिखल गेल छई। वास्कोडिगामा के समुद्री यात्रा के समय मे ई एकटा पड़ाव होईत छलई।अतऽ जखईन जंजीबार के बारे मे सुनलऊं, तऽ आर जनबाक उत्सुकता बढ़ल। जंजीबार के डाक व्यवस्था, ब्रिटिश भारत के डाक विभाग द्वारा शुरू कैल गेल‌‌‌ छई। ताहि समयक भारतीय डाक टिकट सबहक प्रचलन अतऽ होईत छलई।
जंजीबार के शाब्दिक अर्थ अश्वेतक भुमि भेलई। अतऽ पहिने अश्वेत सब रहईत छलई । बाद मे जेना भारत मे भेलई, ओहिना अफ्रीका युरोपीय देश सबहक गुलाम भऽ गेल छलई।
पहिने पन्द्रहवीं शताब्दी के करीब पुर्तगाली सब अपन उपनिवेश अकरा बनेलक, फेर बाद मे ब्रिटिश हुकूमत के अधीन ओमानक सुल्तान के राज- पाट अतऽ रहलई।हिन्द महासागर के ई महत्वपूर्ण बंदरगाह छलई।अफ्रीकी, अरबी, फारसी, इंडोनेशियाई, मलेशियाई, भारतीय आ चीनी व्यापारी सब अतऽ अबई छलाह।अतुका लौंग विश्व प्रसिद्द होईत छल। भारतीय व्यापारी सब के प्रोत्साहन अतुका सुल्तान सेहो करईत छलईन।ईयाह भारतीय व्यापारी सब अपना संग अपन हिंदू धर्म आ संस्कृति सेहो अनलाह। कयेक लोक अपन ठीया अतऽ बना लेने छलाह। मसाला के व्यवसाय के संग संग ई जगह गुलाम आ हाथी दांत क सबसं पैघ बजार छल। अतऽ एकटा व्यापारी लग एक समय मे दस हजार तक गुलाम/ दास छलई।
अतुका शासन अश्वेत के हाथ मे नई रहबाक कारण स्थानीय अश्वेत सब समय समय पर विरोध करईत छल। ओतुका आबादी ओई समय मे करीब तीन लाख छलई, मूदा अरबी सब ओई मे सं मात्र चालीस हजार छल।ई अरबी सबहक प्रभुत्व अई द्वीपक राजनीतिक, सामाजिक आ आर्थिक सब क्षेत्र मे रहई। स्थानीय अश्वेत के मजबुरी मे अरबी सबहक परंपरा अपनावऽ के परईत छलई।अई लऽ कऽ स्थानीय सब मे भारी असंतोष छलई।
ओकेलो, द्वितीय विश्व युद्ध के खिस्सा सब सं बहुत प्रभावित छल।ई द्वीप युगांडा सं सटले रहई।ओकरा अरबी सबहक राज नई सोहाई।ओ जंजीबार के गाम गाम मे घुमई आ कहई- " भगवान जंजीबार अफ्रीकी के देने छलखिन, किछु लोक एकरा चोरा नेने अईछ। ई बुझबाक बात छई। लेकिन एखईन नई किछु करबाक काज छई। जखईन अंगरेजबा सब जंजीबार के स्वतंत्र कऽ देतई, तखईन हम सब अतऽ क्रांति करब।"
१० दिसंबर,१९६३ कऽ अंगरेज जंजीबार के स्वतंत्र घोषित केलकई आ अरबी के ओतुका राजा बना देलकई। ठीक एक महीना बाद ११ जनवरी, १९६४ कऽ छह सौ के करीब अपन समर्थक संग ओकेलो, जंजीबार के अरबी सुल्तान के हवेली पर धावा कऽ देलक। किछुये घंटा मे ओकेलो के जंजीबार पर कब्जा भऽ गेलई।ओकेलो रेडियो पर बाजल- " आब अतऽ साम्राज्यवाद समाप्त भेल। अश्वेत सब जागु, हथियार उठाऊ, साम्राज्यवाद के सब निशानी के खत्म करु। हम अतुका सुल्तान के बीस मिनट के समय दई छियईन, जईमे ओ कनिया, बच्चा आ अपने आप के कत्ल कऽ लैस, नई तऽ हमरा हाथे ई भऽ जेतईन।" ओतुका सुल्तान बाल बच्चा सहित पराऽ गेल। सांझ होईत होईत बारह हजार के करीब अरबी सबहक कत्लेआम भऽ गेलई। बाकी बचल सब लोक ओकेलो के सामने आत्मसमर्पण कऽ लई गेलाह।
ओकेलो अपने राष्ट्रपति नई बनल। ओतुका दु टा स्थानीय अश्वेत सेनानी, जे निर्वासित जीवन बिता रहल छलाह, के राष्ट्रपति आ प्रधानमंत्री बना देलक।
ओकेलो जे ईसाई धर्मावलंबी छल, ई दुनु राष्ट्रपति आ प्रधानमंत्री जे इस्लाम के मानऽ बला लोक छलाह, के आंईखक किड़किड़ी बनऽ लागल। जंजीबार मे इस्लाम के मानऽ बला संख्या बहुत बेशी छलई,ओ सब अई बात के हवा देबऽ लगलई कि इस्लाम बहुल द्वीप पर इसाई कोना राज करऽत?
ओकेलो के बढ़ईत प्रभाव देखी कऽ ओई समयक शक्तिशाली देश सब सेहो सशंकित भऽ गेल छल। तंजानिया के राष्ट्राध्यक्ष के आमंत्रण पर जखईन ओ तंजानिया गेल छल, तखने ओकरे बनावल जंजीबारक राष्ट्रपति, ओकेलो के , देशक दुश्मन घोषित कऽ देलकई। ओकेलो के जंजीबार घुरनाई पर प्रतिबंध लगा देलकई। ओकरा अवांछित अप्रवासी बना देल गेलई। कोनो भी पड़ोसी देश ओकेलो के संग नई देलकई। अंत मे ईमहर ओमहर डऊआईत ओ घुईर कऽ अपन देश युगांडा मे शरण लेलक। कयेक बेर दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद के खिलाफ ओ संग्राम मे शामिल होवह चाहलक, लेकिन ओतऽ तक नई पहुंच पैल।
१९७३ तक ओकरा देखल जाय के बात कहल जाई छई, मूदा ओकर बाद के कोनो समाचार ओकेलो के संबंध मे नई एलई।
मात्र पच्चीस बरखक अवस्था मे अफ्रीकी अस्मिता के भाव लऽ कऽ ओ जंजीबार द्वीप पर सत्ता कब्जा केलक, मूदा ओकरा किछुये महिना मे अंतरराष्ट्रीय साज़िश के तहत निर्वासन भऽ गेलई। जान ओकेलो अगर सत्तासीन रहितै, तऽ पुर्वी अफ्रीका के इतिहास किछु आर लिखईतई।
११जनवरी कऽ हर बरख युगांडा के समाचार पत्र सब ओकेलो के बारे मे लिखि कऽ ओकरा जीवंत बनेने छई।ओकेलो जे अफ्रीकी योद्धा छल, इतिहास के पन्ना मे हरा गेल अई।
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साऊथ अफ्रीका मे रंगभेद सरकारक समय भारतीय मूल के लोक के प्रिटोरिया सऽ उजाईर कऽ लौडियम नामक जगह पर बसायल गेल छलई। अई भारतीय मूलक लोग आब भारतीय आ पाकिस्तानी मे बेशी बंटल अईछ। बंगलादेशी हमरा लौडियम मे नई टकरेला।भऽ सकईत होई,कम संख्या मे होबाक कारण ई सब भारतीय वा पाकिस्तानी कोनो एक वर्ग सं मिल गेल होईस।
आई भारतीय मूलक लोक सबहक खुन पसीना सं लोडियम सेहो नीक विकसित भऽ गेल‌‌‌ छई। दक्षिण भारतीय बहुल क्षेत्र आई ई जानल जाईत छई। अतऽ दक्षिण भारतीय शैली के मंदिर आ भोज्य सामग्री सब भेट जाई छई। किछु विशेष तरहक तरकारी जेना रामतोरई, गोलका सजमईन, देशिला भांटा आ साग सब लेल भारतीय सब अतऽ जाईत अबईत छईथ। अतुका डोसा सेहो प्रसिद्ध अईछ। प्रिटोरिये टा नई, जोहानिसबर्ग सं सेहो भारतीय सब अतऽ दक्षिण भारतीय व्यंजन खाई लेल अबई छईथ।
प्रिटोरिया सऽ लोडियम अबईत काल हम " नानासिता मार्ग" बला रस्ता सदिखन ली। ओना आरो रूट सब छलई। नानासिता भारतीय मूलक ओतुका स्वतंत्रता सेनानी छलाह। ओ महात्मा गांधी सं बहुत ही प्रभावित छलाह। अप्पन संपुर्ण जीवन रंगभेद के खिलाफ संघर्ष मे लगा देने छलाह। जखईन साऊथ अफ्रीका मे रंगभेद खत्म भेलई, तऽ ओतुका सरकार प्रिटोरिया के लोडियम सं जोड़ऽबला मूख्य सड़कक नाम " नानासिता " के नाम पर कऽ देलकई। 2017 मे हमरा नानासिता के करीब पचासी वर्षीय अविवाहित वृद्धा बेटी सं भेंट करबाक मौका लागल। ओ कहलीह-" हमर पिता नानासिता सदिखन भारतीय सब के ईयाह कहथिन जे आहां सब वास्तव मे भारतक राजदूत छी। एहन कोनो काज नई करब जईसं भारतक नाम मे बट्टा लागई।" अई वृद्धावस्था मे लोडियम मे ओतुका भारतीय लोक सब उनकर देखरेख करई छईन। हम जखईन कखनो ओई दिश जाई, अपनाआप पर भारतीय भेला के गर्व हुअय।ईयाह भावना ज्यों हर मैथिल के भऽ जाईन, जे अपन बात, बिचार, व्यवहार, भाषा आ संस्कृति के माध्यम सं अपना के सब ठाम प्रतिनिधित्व करईथ, तऽ अकरा आगु बढऽ आ समृद्ध होबाक मे कवनो टा भांगठ नई।
अही तरहे हमर जिज्ञासा युगांडा अयलो पर भारतीय मूलक लोक सबहक अतुका देश समाज मे कैल गेल‌‌‌ योगदान पर रहल। भारतीय एहन विवेकशील समुदाय छई, जे परिणामक चिंता सं ईत्तर, अन्याय के खिलाफ पहिल लाईन मे ठार भऽ कऽ लड़ाई लड़ल अईछ। गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका मे कैल गेल संघर्ष आ ओकर बाद भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन मे क्रमिक योगदान उनका शिखर तक लऽ गेलईन। विदेश मे आनोआन भारतीय मूलक लोक के संघर्षक बारे मे जनबाक खगता छई।अई कड़ी मे "श्री यश टंडन " के बारे मे हमरा जानकारी भेटल, जे हम आहां सबसं सांझा कऽ रहल छी।
यश टंडन के जन्म अतई युगांडा मे 1939 मे भेल छलईन। प्रारंभिक पढ़ाई अतऽ केला के बाद ,लंदन स्कुल आफ इकानिमिक्स सं ग्रेजुएट भेलाह। ओकर बाद मास्टर्स इन इकानॉमिक्स आ अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर डाक्टरेट कैलाह। युगांडा घुरलाह पर 1964 सं 1972 तक अतुका मकरेरे विश्वविद्यालय मे अध्यापन के काज कैलाह।लोक उनका आई " गैंग आफ फोर " के सदस्य के रूप मे जनई छईन। भारत मे लोक " गैंग " के नकारात्मक अर्थ मे लईत अईछ। अतुका गैंगक संदर्भ देश के नवनिर्माण सं छई।अई गैंगक आर बाकी तीन सदस्य छलाह प्रोफेसर एडवर्ड रूगुमायो, ओमओनी ओजोक आ दानी नाबुदेरे।
ईदी अमीन के शासन मे एशियाई सब के अतऽ सं निष्कासित कऽ देल गेल छलई। बहुत लोक तऽ सब बिसईर कऽ नब देश मे अप्पन रोजी-रोटी के जोगाड़ मे लाईग गेल छलाय। किछु लोक एहनो छलाय जे अई निष्कासन के स्वीकार नई कैलक, ओई मे सं यश टंडन सेहो छलाह। दिल्ली मे अखनो रिफ्युजी भऽ कऽ भारत घुरल बहुत लोक छईथ। ओ सब जखईन ओई समयक खिस्सा सब कहताह तऽ सुनिते सऊंसे देहक रोईयां सब भुलईक जायत। अहिना चम्पारण मे वर्मा, श्रीलंका आ बंगलादेश सं निष्कासित भेल रिफ्युजी सब के सरकार द्वारा बसावल गेल छईन। ओ सब अपना संग अपन संस्कृति के सेहो जियौने छईथ। अकर अनुभव करबाक हुअय तऽ स्थिर सं कखनो इनका सबहक बीच जाऊ आ सुख दुःख बांटु, तखईन निष्कासन के दंश बुझायत।
यश टंडन अई निष्कासन के खिलाफ संघर्ष करबाक मोन बनेलाह।ओ युगांडा सं भाईग कऽ पहिने केन्या गेलाह। ओतऽ तीन महिना के करीब रहला बाद ब्रिटेन चईल गेलाह। ब्रिटेन मे नौ महिना रहला के बाद ओ पुर्वी अफ्रीका घुरलाह आ युगांडा आ तंजानिया मे भऽ रहल घटनाक्रम पर नजर गड़ौने रहलाह।
तंजानिया मे उनका दारे-सलाम विश्वविद्यालय मे राजनीति शास्त्र विषय के व्याख्याता के नौकरी भेट गेलईन। ओ नौकरी के संग संग दुनिया भर मे बिखरल निष्कासित युगांडन के लेल नुकाछुपा कऽ राजनीतिक काज करऽ लगलाह। ईनकर सबहक मकसद छलईन - ईदी अमीन के शासनक अंत आ सब युगांडन के घर वापसी। संघर्षक समय मे ई सब देश मे निर्वासित युगांडन के बीच सेतु के रूप मे काज कऽ रहल छलाह।संघर्षक अंतिम समय मे पुर्वी अफ्रीका के देश सब, ब्रिटेन आ अमेरिका मे रहनिहार सब युगांडन लोक के नैरोबी मे जे सभा भेल छलई, ओकरो मूख्य कर्ता धर्ता यश टंडन छलाह।
ईदी अमीन के शासन के बाद युगांडा के विकासक रोडमैप लेल युगांडा नेशनल लिबरेशन फ्रंट बनावल गेल। अकर दु भाग छलई। एकटा NCC( National Consultative Council) आ दोसर NEC ( National Executive Committee )। विधायिका काज NCC आ कैबिनेट काज NEC के जिम्मा देल गेल छलई।यश टंडन ईयाह NCC के सदस्य छलाह।अही समय ई गैंग फोर बनलई आ टंडन के प्रभुत्व युगांडा मे बहुत बेशी भऽ गेल छलईन। किछु समय ओ अतुका मंत्री मंडल मे सेहो रहलाह।
टंडनक कयेक टा आलेख अफ्रीकी अर्थशास्त्र आ अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर लिखलाह।अकर अलावा सौ सं बेशी लेख आ पोथी सब ईनकर प्रकाशित भेलईन।अपन कैरियर मे ई युगांडा आ तंजानिया के कयेक शैक्षणिक संस्था के महत्त्वपूर्ण पद पर रहलाह।अकर अलावा बहुत रास विश्व स्तरीय संपादकीय समिति के सदस्य सेहो रहलाह। उनकर एकटा बौद्धिक पहचान छलईन आ युगांडा के लेल कैल गेल संघर्ष के अतुका लोक याद रखने छईन।
1980 मे जखईन UNLF के सरकार के अपदस्थ कऽ देल गेलई तऽ टंडन अपना के युगांडा के सक्रिय राजनीति सं अलग कऽ लेलाह। तखुनका सबसं शक्तिशाली गैंग फोर के ईयाह एकटा सदस्य छईथ जे फेर राजनीति के पचड़ा मे नई पडलाह। ईनकर राजनीति सं विरक्ति सं हमरा भारतक महर्षि अरविंद मोन पड़लाह जे बाद मे अपन उर्जा के पांडिचेरी आश्रम के कार्यकलाप मे व्यस्त कऽ लेलाह।
श्री टंडन सम्प्रति ब्रिटेन मे रही रहल छथि। अफ्रीकी विषय पर उनकर विचार के दुनिया के आन देश अखनो तवज्जोह दई छईन।
अतुका लोकक कहब छईन जे युगांडा के प्रति अखनो उनका स्नेह छईन, तैं युगांडन पासपोर्ट ओ रखने छईथ। भारतीय मूलक लोक जिनकर विद्वता के सामने दुनिया के आन देशक लोक नतमस्तक अईछ, ओई बारे मे भारत मे सेहो लोक के जनबाक चाही।सच मे अफ्रीका के दोगे दोग मे भारतीय सब समाहित छईथ आ संबल बईन अतुका सामाजिक आ आर्थिक विकास मे योगदान कऽ रहल छईथ।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः ।
अतऽ कम्पाला मे रोज अबईत जाईत मुलागो अस्पताल रस्ता मे परईत अईछ। जाबईत युगांडा ब्रिटिश उपनिवेश छलई, अई अस्पताल मे राजनैतिक कैदी सब एक ने एक भर्ती रहिते छलई। बीमार होबाक सबसं पैघ कारण मलेरिया ज्वर छलई। ई मलेरिया तहिया की, अखनो अपन असर रखने अईछ। भारत मे जेना मलेरिया नियंत्रण केंद्र के एक समय मे सऊंसे जाल बिछा कऽ ओई पर बहुत हद तक नियंत्रण कऽ लेल गेलई, अफ्रीका मे अखनो अकर प्रकोप छई।
अई मुलागो अस्पताल मे सबसं प्रमुख राजनैतिक बंदी के रूप मे बर्मा के पूर्व प्रधानमंत्री यु शाॅ के नाम अबई छईन। हम जखने मुलागो टपई छी, हमरा यु शाॅ कियै नई कियै मोन पड़ईत अईछ। ई मोन पड़िते, अपनो देशक एकटा सेनानी याद आईब जाई छईथ।दुनु मे एकटा बड़का समानता ई छल जे दुनु ब्रिटिश अधिपत्य के खत्म करबा लेल द्वितीय विश्व युद्ध के घटनाक्रम के आधार पर आगुक निर्णय लई छलाह आ दुनु के जीवनलीला मात्र 48 बरख के रहलईन। दुनु के अकाल मृत्यु भेलईन । जखईन उनका बारे मे पुरा पढ़ब, तऽ उमेद अईछ जे अहुं सब के भारतक ओ स्वतंत्रता सेनानी याद आईब जेताह।
यु शाॅ के विद्वता के बारे मे बहुत तरहक खिस्सा सब छई। पंचमा क्लास तक पढला आ सीधा वकालत कैलाह।ओ बर्मा के प्रमुख दैनिक अखबार के सम्पादक आ स्वामी दुनु छलाह। यु शाॅ के बिना कानुनक डिग्री लेला के बादो, बर्मा के कोर्ट - कचहरी मे केश लड़बाक अनुमति छलईन।ओ ओतुका मंत्री मंडल के सेहो सदस्य रहलाह आ बाद मे 1940-42 के बीच मे ओतुका प्रधानमंत्री सेहो बनलाह।
1941 मे जखईन द्वितीय विश्व युद्ध भऽ रहल छलई,ब्रिटीश बर्माक प्रधानमंत्री के रूप मे यु शाॅ लंदन जा कऽ ओतुका प्रधानमंत्री चर्चिल सं किछु विशेष अधिकारक मांग कैने छलाह।ई कमोबेश ओहिना छल, जेना कनाडा के ब्रिटिश सरकार सं डोमिनियन भेटल छलई।दु घंटा धईर चर्चिल संग वार्ता चलईत रहलईन। चर्चिल अंत मे आश्वासन देलखिन-" विश्वयुद्ध जीतलाक बाद देखबई।"
यु शाॅ अई सं बहुत निराश भेलाह। ओ ओतऽ सं अमेरिका गेलाह आ ओतुका राष्ट्रपति रूजवेल्ट के चर्चिल के बुझबं लेल कहलखिन। रूजवेल्ट अई मामला मे पड़बा सं मना कऽ देलखिन। ओकर बाद यु शाॅ लिस्बन,पुर्तगाल गेलाह।ओतह जापानक राजदूत सं हुनकर बर्मा के विषय मे बातचीत भेलईन। अई मे युद्धक दौरान जापान के मदद पहुंचेबाक बात छलई।
ओतऽ सं घुरती मे हईफा जे आब इजरायल क हिस्सा छई, ब्रिटिश सेना द्वारा पकड़ल गेलाह आ ओतई सं उनका युगांडा मे युद्ध बंदी के रूप मे राखल गेल छलईन।
विश्व युद्ध के बाद ओ घुरी कऽ बर्मा गेलाह आ ओतऽ के राजनीति मे फेर सं सक्रिय भऽ गेलाह। अही क्रम मे ओ एकटा समझौता लेल फेर 1947 मे लंदन गेलाह। ओतह समझौता के शर्त उनका मंजूर नई भेलईन। ओ ओईपर हस्ताक्षर करबा सं मना कऽ देलखिन।ओकर बाद वापस वर्मा आईब कऽ संघर्ष मे लाईग गेलाह।
किछु दिन बाद उनका पर एकटा राजनीतिक हत्या मे शामिल होबाक आरोप लगलईन आ 1948 मे उनका मात्र 48 बरखक उमीर मे फांसी पर लटका देल गेल।
यु शाॅ के देशभक्ति हमरा उनकर व्यक्तित्व के बारे मे जनबाक लेल आकर्षित कैलक। ओ युगांडा मे युद्ध बंदी के रुप मे रहलाक बादो अपन मिशन के कमजोर नहीं होबऽ देलकई।बर्माक अस्मिता आ स्वतंत्रताक लेल दुनिया के आन देश सबसं समझौता के प्रयास देखी कऽ, हमरा भारतक स्वतंत्रता सेनानी याद आईब गेलाह। भऽ सकईत छलई उनको विश्व युद्ध के समय पकडे़ला पर युद्ध बंदी के रूप मे अहिना अफ्रीका मे जरूर पठायल जईतईन। विश्व युद्ध मे निर्णय अंततः ब्रिटेनक पक्ष मे ही भेलई।
की सही, की गलत - हम ओई पर नई जा रहल छी , मूदा भारतीय स्वतंत्रता संग्रामक इतिहास आई किछु आर लिखईतई आ अफ्रीका के ओई मे स्थान रहितई। मुलागो अस्पताल मे कोनो भारतीय युद्धबंदी जरूर राखल गेल होयत। हम लोक सब सं पुछईत आ अतुका पोथी सब मे भारतीयता के तकईत रहई छी। आई लेल अतबे। बकियौता दोसर किस्त मे।
भारतक ओ स्वतंत्रता सेनानी के छलाह?
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युगांडा मे भारतीय सबहक रहबाक इतिहास बहुत पुरान रहल अईछ। अतुका छोट- छोट कस्बा मे ई सब रहई छलाह। युगांडा मे भारतीय सबहक स्थिति कमोबेश बिहार मे मारवाड़ी सबहक जेना अईछ। जेना राजस्थान के मारवाड़ ईलाका के लोक सब व्यवसायक लेल बंगाल- बिहार सहित भारतक आन- आन भाग मे चहूंपल, ओहिना भारतीय सब सम्पुर्ण अफ्रीका मे जहां तहां गेल। कतऊ व्यवसाय मे सफलो भेल आ कतऊ सं बोरिया बिस्तर लऽ कऽ भागहो पड़लई।जहिना मारवाड़ी सबहक इतिहास मिथिला- मैथिल सं जुड़ल छई, ओहिना भारतीय सब अफ्रीकी जनमानस मे समायल छईथ। मारवाड़ी सबहक जेना ई सब अतुका भाषा- संस्कृति सब के सम्मान देबाक संग अप्पन भारतीयता के सेहो अक्षुण्ण रखने छईथ। युगांडा मे भारतीय अलीदिना विश्राम के नाम सबसं पुरान व्यापारी मे सं अबई छईन। बहुत लोकक अनुसार विश्राम पहिल भारतीय छलाह जे युगांडा मे दोकान खोलने छलाह।
अलीदिना विश्राम के जन्म कच्छ, गुजरात मे 1851 मे भेल छलईन। मात्र 12 बरख के उमीर मे , जेबी मे बिना एक्को नबका पाई के ई 1863 मे जंजीबार पहुंचल छलाह।केना आ कोना पहुंचलाह, ई अपना आप मे अलगे कथा होयत।एत्ते कम ऊमीर मे जंजीबार मे अई दोकान सं ओई दोकान पर टेल्हवा वाला काज करईत पैघ होईत रहलाह।ओ काजक संग संग व्यवसाय के सफलता के पाछु के तकनीकी पक्ष सेहो सीखईत रहला। जखईन ओ 26 बरखक भेलाह तऽ अपन अलग दोकान खोललाह। बहुत जल्दिये इनकर दोकानक बिक्री बढ़ऽ लगलईन। ई मूख्यतःलौंग, मोम आ हाथी दांतक ब्यापार करई छलाह।अकर बदला ओ कपड़ा लई छलाह। ईनकर व्यवसाय दिन-दुना आ राईत चौगुना बढ़ऽ लगलईन।अखईन तक ओ बंदरगाह बाला जगह पर अपन व्यवसाय सीमित कैने छलाह। आब ओ अफ्रीका के भीतर भी अपन व्यवसाय के बढ़बऽ लगलाह।
समय बलवान होई छई तऽ मौकों तेहने भेंट जाई छई। अही समय ब्रिटिश सरकार भारते जेना युगांडा-केन्या रेलवे लाईन बनेनाई शुरू केलकई। अही रेलवे परियोजना मे खेनाई-पीनाई सं जुड़ल वस्तु सं लऽ कऽ, ठेकेदार सब के बाकी समान के आपुर्ति ई करऽ लगलाह।अई परियोजना के मजदुर सब भारतीय छलाह। ओई मे बेशी सिख रहईत। पंजाबी सब मजुर बईन कऽ अफ्रीका आयल आ बेशी अतई रही गेल। भारतीय मजदूर के खान पीयन मे कोन वस्तु क उपयोग होई छई, विश्राम भारतीय होबाक कारण अई सं फायदा उठेलाह। हर रेलवे टीशन पर ई व्यवसायिक केन्द्र आ दोकान सब सेहो बनेलाह।
रेलवे के ठीकेदारी सं हमरा मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह याद आईब जाई छईथ। सुनल कहई छी-ओहो ब्रिटिश राज मे रेलवे के काज मे ठीकेदारी सं चीक्कन पाई कमेलाह। बाद मे उनकर योगदान सं लंगट सिंह कालेज मुजफ्फरपुर मे खुजल। ई महाविद्यालय शिक्षा जगत मे अपन भवन, विभाग, व्यवस्था आ विद्वानक लेल जानल जाईत अईछ।
जखने रेलवे के परिचालन शुरू भऽ गेलई, ई अपन व्यापारक शाखा एंटेबे, जिंजा, मशाका आ कम्पाला मे खोललाह। अतऊ उनका सफलता भेटऽ लगलईन। फेर ओ अपन व्यापार के कांगो आ सुडान तक लऽ गेलाह।
आब अलीदिन विश्राम तत्कालीन बाजार के देखईत अपन हाथ दोसरो दोसरो क्षैत्र मे आजमावह लगलाह।ओ तेल, साबुन, कपास आ फर्निचर उद्योग सेहो शुरू कयलाह।कपासक बीया सब भारत सं मंगबा कऽ बढ़िया मुनाफा कमेलाह।फर्निचरक लकड़ी के तऽ अतऽ खाने छलई।
जखईन अहु मे नीक धनोपार्जन होबऽ लगलईन तऽ ओ बैंकिंग सेक्टर मे सेहो आईब गेलाह। ब्रिटिश औपनिवेशिक युगांडा क पहिल व्यवसायिक बैंक खोलबाह के गौरव ईनका भेटलईन।अपना जीबईत ओ 60टा के करीब बैंकक शाखा पुर्वी आर मध्य अफ्रीकी देश मे चलबई छलाह।उनकर बैंक सऽ बेशीतर कर्ज व्यवसाय आ व्यापार लेल देल जाईत छलई।ईनकर बैंक द्वारा देल कर्ज सं बहुत रास लोक बड़का व्यापारी सेहो भेल।
सबसं बेसी फायदा तऽ भारतीय मूलक लोक सब के भेलई। ईनकर कम्पनी सब मे एशिया सं जे भी लोक नौकरी के तलाश मे ओतऽ तक पहुंच जाई छल, ओकरा योग्यतानुकुल नौकरी भेट जाई छलई। अतबे नई, जे अपन व्यवसाय करऽ चाहईत छलाह, उनका सब के बैंक सऽ आसान दर पर कर्जो भेंट जाई छलईन। अतुका लोकक अनुसार युगांडाक बिड़ला परिवार, माधवानी ग्रुपक फाउंडर मुजीब भाई माधवानी के कका विट्ठलदास हरिदास पांच बरख तक अलीदिना विश्रामक दोकान मे काज कैने छलाह।अतई काज करबाक दौरान "माधवानी ग्रूप " जन्म लेलक आ आई दुनिया के प्रतिष्ठित व्यापारिक प्रतिष्ठान मे गिनल जाईत अईछ।
जखईन जिंजा शहर जाई छी आ ओतुका मूख्य शहरक नाम एकटा भारतीय अलीदिना विश्राम के नाम पर देखई छियई तऽ अपना आप पर भारतीय होबाक कारण गर्व होईत अईछ।
अलीदिना विश्राम सामाजिक सरोकार सं सेहो जुड़ल छलाह। अतुका प्रमुख ईसाई अस्पताल आ शिक्षा संस्थान सबहक स्थापना मे ईनकर योगदान छईन। बहुत तरहक सम्मान ईनका ताहि समयक संस्था सब सं भेटल छईन। अखनो ईनकर परिवारक लोक ईनकर व्यवसायिक प्रतिष्ठान सब चला रहल अईछ। अकर अलावा आरो कयेक तरहक सामाजिक जिम्मेदारी अतुका स्थानीय जनजाति के लेल निभा रहल अईछ।
भारतीय मूलक पहिल व्यवसाई जे मात्र बारह बरख मे घर द्वार के छोईर कऽ अई अंजान दूनिया मे आयल। क्रमशः संघर्ष करईत आगु बढ़ईत अई मुकाम पर पहुंचल, एकटा सिनेमा के पटकथा जेकां लगईत अईछ।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः !
दुनिया मे कहैक लेल अतेक बदलाव आ विकास भेल छई, तखनो मानव जाति आ जनजाति के आचार, विचार आ परम्पराक नाम पर बहुतही विभेद देखऽ मे अबई छई। युरोप तऽ बहुत हद तक अपने-आप के विसंगति सब सऽ अलग करबा मे सफल भऽ गेल‌‌‌ अईछ, मूदा एशिया आ अफ्रीका मे अखनो कुरीति - कुप्रथा सब देखबा आ सुनबा मे अबईत रहई छई।अही सब मे सऽ सबसं वीभत्स प्रथा छई- " जनानी जननांग भंग ( Female Genital Mutilation) । दुनिया मे लिंगक आधार पर सबसं अमानवीय आ क्रुरतम हिंसा अकरा कहल जाई छई।
युगांडा मे FGM के खिलाफ सख्त कानून बनल छई, तखनो ई भईये रहल छई। अई कानून मे दस बरखक तक सजा के प्रावधान छई, तईयो अकर ओतेक असर देखबा मे नई अबई छई। आखिर अकर पाछु एहन कोन अवधारणा छई, जकर सामने सब हरदी- चुना बाईज जाईया।
एकटा पढ़ल लिखल स्त्री के कहब छईन - " जखईन उनकर विवाह भेल छलईन, तखईन ओ FGM नई करौने छलीह। उनकर बर आ सास, उनका पर जोड़ देलकईन आ नैहर पठा देलकईन जे आहां " ई " करा कऽ आऊ। ताबईत आहां घरक कोनो धार्मिक काज सं दूर रहु।
ई स्त्री अपन विवाह निभावऽ चाहई छलीह। ओ नैहर गेलीह आ अई काज मे सम्मिलित लोक सं सम्पर्क कैलीह आ करा कऽ एलीह।"
युगांडा मे " सबिनी " जनजाति मे ई सबसं बेशी प्रचलित छई।अकर अलावा " कारामोजा " क्षेत्र मे सेहो किछु जनजाति सब मे अकर चलन छई।ओना ई कुप्रथा सं युगांडा सहित तीस टा आर देश सेहो पीड़ित अईछ। अई मे बेशी अफ्रीकी देश अईछ आ किछु एशियाई आ मध्य पूर्व के देश सेहो अईछ। अई कुप्रथाक शिकार सयान होईत बुच्ची सब बेशी होईत छईथ।ओना बिबाहित स्त्री सब बारे मे सेहो सुनबा मे अबईत रहई छई।
सबिनी जनजाति मे अई FGM , एकटा संस्कार छई। अई संस्कार के ओ सब " बेसिबेने " कहई छई।जाबईत तक स्त्री के बेसिबेने नई भेल रहई छई, ओ अपन समाजक जग परोजन मे शामिल नई भऽ सकईत अईछ। अकरा सब मे सेहो गायक गोबर के बहुत महत्त्व छई। अतऊ घास फुसक घर के गायक गोबर सं लेबल जाई छई। ई गोबर सं लेबनाई बाला काज स्त्रीक हिस्सा मे छई। अई मे समानता हम मिथिलो के समाज सं देखलियई। हमरा मोन नई पड़ईत अईछ, जे कहियो कोनो पुरूख के गोबर सं मड़ई लेबईत देखने होईयई।अतुका जनजाति मे गायक घारी मे उयाह स्त्री जा कऽ गोबर आईन सकईत अईछ, जकर "बेसिबेने" भेल होई।अई गोबरक चक्कर मे सेहो अई कुप्रथा के शिकार अतुका निर्दोष स्त्री सब भऽ जाईत अईछ।
अकर पक्ष मे जे तर्क देल जाई छई, ओई अनुसारे बेसिबेने भेला सं यौनाचार, जवानी, बियाह सब मे मददे टा नई, अपितु सही स्त्रीत्व भेटई छई।अई सं स्त्री के सुंदरता आ आकर्षण बढ़बाक कुप्रचार सेहो जोर पर छई। स्त्री सब के अतिरिक्त वैवाहिक यौनेच्छा पर नियंत्रण होई छई।अहिना बेतुका आर आर बात सब।
सामाजिक बंधन ततेक ने प्रभावी छई, जे जकर कनिया के बेसिबेने नई भेल रहई छई ओ अपन कोनो सगा संबंधी आ संगी कतऽ कनिया संग नई जा सकईत अईछ। अतऽ सांय बहु के संग जयबाक परिपाटी छई , तहु लऽ कऽ स्त्रीगण सब FGM करवा लईत छई।कतेक जगह मे तऽ पुरूखे सब अपन कनिया के ई करबाक लेल प्रोत्साहित करईत छई।
ई जनजाति सब जई क्षेत्र मे बेशी रहईत अईछ, ओकर रस्तो बड्ड दुर्गम छई।ओतह सरकारी अमला के पहुंचनाई आसान नई छई। दोसर जे कियो अकर शिकायत सेहो नई करई छई।
अतऽ अखनो घरे पर बच्चा जन्म लई छई। ओतेक नई अस्पताल छई आ नई अस्पताल मे ओतेक सुविधा छई। " चमाईन " जेकां अकरो सबहक समाज मे एकटा पारंपरिक स्त्री होई छई, जे नवजातक जन्मक प्रक्रिया अपन देखरेख मे आ ओई मे मदद करई छई। ई चमाईन सब बच्चा के जन्मक समय मे जच्चा के बेसिबेने कऽ दई छई। लोक एकरा जन्मक काल मे मददक प्रक्रिया बुझई छलई।
सरकारक प्रतिनिधि सब आब अई चमाईन सब के सेहो अई कुप्रथा आ अकर स्वास्थ्य पर परऽ बला खराब असर के बारे मे बुझा रहल छई। चमाईन सब के दोसर तरहक काज मे प्रशिक्षित कैल जा रहल छई, जई सं ओ सब अपन आजीविका चला सकय।
अतबे नई जच्चा सब के सरकारी अस्पताल मे प्रसवक लेल प्रोत्साहित कैल जा रहल छई।स्कुल सब मे सरकारी अधिकारी सब विद्यार्थी सब के अकर खतरा सं अवगत करैल जा रहल छई। सरकार अपना दिस सं पुरा लागल अईछ, मूदा सफलता मे अखईन समय लगतई।
युगांडा मे सरकारी स्तर पर कुप्रथा सबहक खिलाफ सख्त कानुन सब बनल छई आ किछु पर बनबाक प्रक्रिया चईल रहल छई। असली दिक्कत , नाना तरहक जनजाति सब के पुर्वी अफ्रीका मे रहनाई छई। सब जनजाति के भिन्ने बथान छई। अई FGM के संपुष्टि कोनो भी धार्मिक पोथी सब नई केने छई, तखनो नई जाईन कतऽ सं अकर शुरुआत भऽ गेलई आ दुनिया के अतेक भाग मे पसईर गेलई।
अई कुप्रथा के बारे मे अतऽ आबऽ सं पहिने सुननेहो नई रही। आई बस अतबे। अगिला भाग मे फेर कोनो आर विषय पर।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः !
क्रांतिकारी एहन शब्द छई जे सुनला मात्र सं, मोन के उद्वेलित कऽ दईत छई। सब देशक अपन इतिहास छई आ कोनो न कोनो रूप मे क्रांति सब जगह भेल छई। क्रांति हमेशा हिंसके नई भेलई अईछ। कयेक बेर विचारधारा सेहो क्रांति आईन दई छई। युगांडा के इतिहास पढबा- बुझबा के क्रम मे हमरा अतुका " हीरोज डे " के बारे मे जानकारी भेटल। सब बरख ९ जून कऽ अतऽ हीरोज डे मनावल जाई छई। ई दिन अतुका एकटा क्रांतिकारी के शहादत के दिन छई।देश आ समाज ऊयाह महान कहबई छई, जतऽ बलिदानी के याद कैल जाई छई।आई हम बात युगांडा के हीरो " एडिडियन लुट्टामगुजी उर्फ लट्टा " के शहादत के बारे मे करब।
वर्तमान आ आधुनिक युगांडा के निर्माता योवेरी मुसेवनी छईथ।ईनका लंबा संघर्षक बाद सत्ता भेटल छईन।ओई संघर्ष गाथा मे लट्टा के योगदान अहम् छलई। एक समय एहन आईब गेल छलई, जखईन मुसेवनी तत्कालीन सेना के गिरफ्त मे आबऽ के करीब पहुंच चुकल छलाह।
लट्टा ओई समय मे जिला मे पुलिस अधिकारी छलाह। ओ नौकरी क संग संग वैज्ञानिक ढंग सं खेती-बाड़ी सेहो करई छलाह।मुसेवनी के छापामार सेना के प्रभाव लट्टा के गामक क्षेत्र मे बढ़ल जा रहल छलई। लट्टा नौकरी तऽ तत्कालीन सरकारक अधीन करई छलाह, मूदा विचारधारा सं क्रांतिकारी छलाह। ओ अपन अपरोक्ष समर्थन मुसेवनी आ ओकर संघर्ष के दई छलखिन।
सरकारक गुप्तचर सब मुसेवनी के पाछु लागल छलई। मुसेवनी अपन अड्डा, लट्टा के गामक फार्म मे बनौने छलाह।ई गाम शहर सं दूर बियाबान जगह मे छलई। ई गाम कमोबेश ओहिना छलई , जेहन जगह सं साऊथ अफ्रीका मे नेल्सन मंडेला पकड़ेलाह। आईयो ओई जगह के " मंडेला कैप्चर साईट " के नाम सं जानल जाई छई। डर्बन सं प्रिटोरिया बला उच्च पथ सं बहुत भीतर गेला पर ई जगह अबई छई। आब एकटा बेल्जियमक वास्तुकार ओतऽ लौहक एकटा कलाकृति बनौने अईछ , जईमे दुर सं मंडेलाक छवि देखाई छई लेकिन ओकर लग अयला पर लौहक खंभा मात्र बुझायत। अखनो ओ जगह अतेक दुरूह लगई छई, तहिया की स्थित हेतई, अंदाज लगा सकई छी।
एक हजार सं बेशी तत्कालीन सेना के जवान सब ९जून १९८१ कऽ लटृटा के गांव घेर लेलकई। धीरे-धीरे सैनिक सब लट्टा के घर तक आईब गेलई। अई सेना सब के एकटा हाजी रस्ता देखा रहल छलई।अही "हाजी" के बाद मे लट्टा के हत्याक लेल फांसी देल गेलई।
लट्टा समेत ग्यारह लोक के सेना सब पकड़लकई आर कहलकई-" या तऽ मुसेवनी के द दई जाऊ, नई त मरबा लेल तैयार भऽ जाऊ।"
लट्टा सं कठोर पुछताछ कैल गेलई। अकरा सब सं मुसेवनी के बारे मे कोनो राज नई उगलवा सकलई। लट्टा के अपन सहयोगी सबसं साफ कहब छलई- " क्रांति के ज्यों जिंदा रखबाक अईछ, तऽ चुप रहबाक पड़त।"
अंत मे जखईन लट्टा के लाश बाहर एलई तऽ ओकर माथ दु भाग मे कटल छलई। ११मे बाकी सब के माईर देल गेल छलई, बस एकटा के छोईर कऽ। ऊयाह एकटा जीवईत लोक के कहल गेलई जे तुं ई सब लहाश के एतऽ सं बाहर लऽ जो।
मुसेवनी ओई समय लट्टा के ऊयाह घर मे नुकायल छलाह। अगर लट्टा अपन जानक परवाह करितय, तऽ मुसेवनीक संग ई क्रांति सेहो खत्म भऽ जईतई।उनकर सामने के सारा घटनाक्रम छलईन।
लट्टा के शहादत सं प्रेरित भऽ कऽ मुसेवनी एकटा छापामार दस्ता बनेलाह, जकर नाम छलई- " लट्टा"।ई छापामार दस्ता के ओतुका संग्राम मे अहम योगदान रहलई।
बाद मे जखईन १९८६ मे मुसेवनी के युगांडा मे सत्ता भेटलईन, तऽ ओ अई शहीद लट्टा के याद मे " हीरोज डे " मनेनाई शुरू कैलाह।
युगांडा के धरती, जे विचारधारा के लड़ाई मे एहन वीर के जन्म देलक, ओ धन्य अईछ। अई तरहक समर्पित लोक जई देश मे रहतई, ओकर विकास के कोनो शक्ति रोईक नई सकईत अईछ। हमरा पुर्ण विश्वास अईछ कि आबऽ बला बरख मे, युगांडा एकटा शक्ति बईन कऽ अफ्रीका मे उभरत।
आई अतबे, बाकी दोसर किस्त मे।
अजगुत अफ्रीका क्रमशः !
कंपाला सं सटले शहर जिंजा छई। अई शहर मे घुसिते एकटा बड़की टा पेट्रोल पम्प भेटल। पुछला पर पता चलल जे एकरा मालिक भारतीय छथि। उनका सं गप शप भेल । ओ पहिले पीढ़ी के छईथ। अखईन भारतीय नागरिकता बचौने छईथ। अपने व्यवसाय ठाढ़ कैलाह अईछ। आब पुरा सुभ्यस्त भऽ गेल छईथ।
ओकर बाद किछु आर भारतीय लोक सब भेटेलाह। एक गोटे तऽ कहलाह - " हम पचास बरिस उम्र तक मेहसाणा, गुजरात मे बैंक मे मैनेजर रही। ओकर बाद गुजरातक व्यवसाई हमरा एतऽ अनलाह। आई हम दु टा चीनी मिल, एल्युमिनियम फैक्ट्री आ कृषि आधारित उद्योग सब अतऽ ठार केलऊं। पिछला बीस बरस मे भारत सं आयल कयेक लोक अतऽ बढ़िया काज कऽ रहल छईथ। ई मैनेजर आब अपन भाई, भातिज, भागिन सहित नौ गोटे सं व्यवसाय मे दिन राईत लागल छईथ।उत्साह मे आईब कऽ अपन फैक्ट्री सब घुमेलाह आ बजलाह- " जे भी भारतीय हमरा अतऽ नौकरी लेल अबई छईथ, उनका हम ज्यों नौकरी नई दऽ पबई छियईन, तऽ चाय आ भोजन जरूर करा कऽ वापस करई छियईन।" ईनकर फैक्ट्री मे भारतीय मेस छलईन। भारतीय कर्मी सबहक रहऽ लेल डारमेट्री जेकां हौल सब बनल छलईन। आब ई सच बजलाह, की फुईस? ई हम पता लगा कऽ कहब।
व्यवसाय के गप करी आ माधवानी ग्रुप के नाम नई लियह, तऽ बात अधुरा रहत। ई भारतक टाटा- बिड़ला भेल। अई ग्रुपक संस्थापक मुलजीभाई माधवानी छईथ। भारतीय सिनेमा के जानऽ बला लोक लेल, ई हीरोईन मुमताज के ससुर भेलाह। फरदीन खान क ददिया ससुर भेलाह। व्यवसाई आ फिल्मी दुनिया के घालमेल अद्भुत निराला छई।
मुलजी जखईन चौदह बरखक छलाह, तऽ पढ़ाई छोईर कऽ बिजनेस मे कुईद परलाह। अकर ई मतलब नई जे पढ़बा मे भोथ छलाह। ईनकर पिता गुजरात मे तहिया दोकानदारी करईत छलखिन आ कका विट्ठलदास युगांडा मे दोकान खोलने छलखिन।मुलजी के जेठ भाई सेहो कका लग रहि कऽ काज कऽ रहल छलाह।
विट्ठलदास १८९३ मे जिंजा शहर आयल छलाह। अतऽ किछु दोकान सब खुईज चुकल छलई। अतऽ सऽ ओ पैदले ईगांगा शहर विदा भऽ गेलाह आ पहुंचते दोकान खोललाह। थोड़ेक बरख बाद ई विट्ठलदास हरिदास &कम्पनी बनेलाह। अई कम्पनी के व्यापार ईगांगा,कलिरो आ जिंजा शहर मे फईल गेलई।ईनकर धंधा तेल, गुड़क चक्की, कपास,चीनी,साबुन आदि क्षेत्र मे मुख्यतः छलईन।
विट्ठलदास अपन एकटा दोकान जे कलिरो मे छलईन, मुलजी के चलबऽ लेल दऽ देलखिन।ई बात १९११ के छई। तीन बरख तक मुलजी के काज देखलाक बाद, उनकर कका सब ईनका जिंजा मे अपन दोकान खोलबा लेल कहलखिन।
मुलजी जखईन जिंजा अयलाह तऽ अतय अलीदिन विश्राम के कयेक तरहक व्यापारिक प्रतिष्ठान सब चईल रहल छलईन। अतई मुलजी आ विश्राम मे दोस्ती भेलईन। मुलजी के व्यक्तित्व पर विश्राम के बहुत प्रभाव पड़लईन। मुलजी विश्रामक बहुत रास सद्गुण के आत्मसात कैलाह।
मुलजी सबसं पहिने कपासक काज शुरू कैलाह।ओही साल एतऽ सुखाड़ भऽ गेलई।काज ठप्प भऽ गेलईन। तखईन ओ भारत सं कुसियारक बीया अनलाह। पहिल बेर उगांडा के धरती पर कुसियारक खेती भेल। ई काज चईल पड़लईन। ओ गुड़क चक्की सब १९२२ मे लगेलाह। खेती-बाड़ी आ व्यापार दुनु मे ईनका दक्षता छलईन।आब ईनकर कम्पनी खुशहाली के तरफ बईढ़ रहल छलईन।
१९३० मे ई चीनी मिल ककिरा मे खोललाह। पुरा पुर्वी अफ्रीका के ई पहिल चीनी मिल छलई। १९३३ अबईत अबईत ककिरा चीनी मिल के काज फईल गेलई।
१९४७ मे जखईन विट्ठलदास हरिदास & कम्पनी के आपस मे बंटवारा भेलई, तऽ मुलजी के ई पुरा ककिरा चीनी मिल हिस्सा पड़लईन।
आब मुलजी माधवानी, माधवानी ग्रुप के नाम सं अपन काज शुरू कैलाह। १९५० के आसपास केन्या मे प्लास्टिक आ स्टील रौलिंग मिल खोललाह। अतबे नई , भारत मे सेहो चाय बगान, चीनी मिल,नुन आ कपड़ा उद्योग ठार कैलाह। १९६० सं ७० के बीच मे माधवानी ग्रुप के व्यापार बहुत बेशी बईढ़ गेलई। पर्यटन, रीयल एस्टेट,पावर जेनरेशन, हार्टिकल्चर आ पैकेजिंग सब मे स्थापित भऽ गेल छलाह।
अई कम्पनी के जे दर्शन छलई - "वर्टिकल इंटीग्रेशन"!
माईन लियह आहां "बीयर" बनबई छी। बीयर लेल आहां के बोतल चाही। आहां कियैक ने बोतल आ प्लास्टिक क्रैट सेहो बनाऊ।
अहिना दोसर दर्शन छलई जे जखन बीयर या बोतल या स्टील एक देश मे बढ़िया मुनाफा दऽ रहल अईछ,तऽ कियैक ने ईयाह बीयर या बोतल या स्टीलक कारखाना आनो आन देश मे खोली।
अही नीति आ दर्शन पर चलईत मुलजी भाई के कम्पनी आगु बढ़ईत रहलई। ओना १९७२ मे माधवानी परिवार के युगांडा छोड़ऽ पड़ल छलई।मुलजी के बेटा के निष्कासन के आदेश नई मानला पर जेहल सेहो जाय पड़लई। ईदी अमीन के शासन खत्म भेला पर माधवानी परिवार फेर सं अपन व्यापार के स्वामित्व लेलक।
ई परिवार के भारतक टाटा- बिड़ला परिवार जेकां युगांडा मे इज्जत शोहरत छई। अतुका स्थानीय जनजाति सबहक लेल बहुत रास कल्याणकारी काज अई कम्पनी के ट्रस्ट सब कऽ रहल अईछ। ओना माधवानी परिवार क बेशी लोक ब्रिटिश पासपोर्ट धारक सब छईथ। तखनो भारतीय मूलक लोक कहबईते छईथ। भारतक परम्परा सब निभावईत छईथ।
चौदह बरखक मुलजी के सपना के उनकर तेसर चारिम पीढ़ी के कर्ता धर्ता सब आगु बढ़ा रहल छईथ।
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अफ्रीका मे जखन हम सफल भारतीय मूलक व्यवसाई सबहक बारे मे देखई छी, हमरा एकटा समानता देखाईत अईछ। विश्वास अईछ अहुं सब सहमत होयब। सब व्यवसाई सब बड्ड कम ऊम्र मे व्यापार के बारे मे सोचलाह। किनको लग कोनो खास शैक्षणिक योग्यता वा सर्टिफिकेट नई छलईन। सब लगन, जुनून, मेहनत आ अनुभवक बल पर आगु बढ़ईत गेलाह। आहां सब के हम बता चुकल छी जे पहिल भारतीय मूलक व्यापारी अलीदिना विश्राम मात्र १२ बरख मे गुजरात सं जंजीबार, अफ्रीका आयल छलाह।
माधवानी ग्रुप के फाउंडर मूलजी माधवानी मात्र १४ बरख मे बिजनेस करबा लेल अपन कका लग अफ्रीका अयलाह। आई हम जिनकर चर्चा कऽ रहल छी,ओ जखईन १३ बरखक छलाह, तखने गोराना गाम, गुजरात सं विदेश लेल विदा भऽ गेलाह। ईनकर नाम ननजी भाई कालिदास मेहता छईन। हिनक जन्म १७ नवंबर १८८७ कऽ गुजरात मे भेल छलईन।आजूक विश्व विख्यात मेहता ग्रुपक संस्थापक ईयाह छईथ।
१३ बरखक किशोर बच्चा ननजी पहिल पहिल भारत सं मेडागास्कर लेल विदा भेलाह।ओतह ईनकर जेठ भाई के दोकान छलईन। मेडागास्कर मे ओ व्यवसायक नीक- बेजाय अपन भाई के दोकान पर बईसला बाद बुझऽ सुझऽ लगलाह। अपन मोन लगा कऽ दोकान चलबई छलाह।
किछू दिनक बाद मेडागास्कर मे प्लेग बीमारी फईल गेलई। प्लेग तहिया बीमारी नई, महामारी छलई। लोक सब ओतऽ सं पराय लागल। गामक गाम खाली भऽ गेलई। ननजी सेहो अपन भाई संग भाईग कऽ भारत घुईर गेलाह।
भारत घुरलाह के बाद ईनकर मोन फेर विदेश जेबाक लेल बेचैन होबऽ लगलईन। घरक लोक अईबेर ईनका विदेश नई पठेबाक के पक्ष मे रहईन।कतबो लोक मना करईत रहलईन, अई बेर फेर ई विदेश मे व्यापार करबा लेल विदा भऽ गेलाह।
ईनकर जेबी मे कतेक पाई छलईन, बिजनेस शुरू करबाक लेल?
जानब तं, विश्वास नई होयत।
मात्र ५५ टका।
मूदा अई बेर ओ मेडागास्कर नई गेलाह।ओ अयलाह अफ्रीका।
पनिया जहाज सं मोम्बासा पहुंचलाह। मोम्बासा आई केन्या के पैघ बंदरगाह छई।
तहिया साऊथ अफ्रीका मे गुजरातक बहुत रास लोक रहईत छल। ई भारतीय सब ओतऽ व्यापार करईत छल। अही गुजराती मूलक एकटा व्यापारी के केश लड़ऽ गांधीजी गेल छलाह। ई पच्चीस बरखक मोहनदास गांधी ओतई एकईस बरस रही गेलाह।
किछु भारतीय सब सुखी संपन्न सेहो साऊथ अफ्रीका मे भऽ गेल‌‌‌ छलई। ई खिस्सा सब ननजी सेहो अपन गाम घर मे सुनने छलाह। ओही सं उनको ओतऽ जाय आ धन कमाय के मोन छलईन।
साऊथ अफ्रीका जाय लेल तहियो परमिट लगईत छलई। ननजी पुरा प्रयास कैलाह, मूदा साऊथ अफ्रीका के परमिट नई भेंटलईन।कनेक निराश तऽ भेलाह, लेकिन हिम्मत नई हारलाह। ओ मोम्बासा सं जंजीबार द्वीप चईल गेलाह। जंजीबार के भारत मे जंगीबार द्वीप कहल जाई छलई। जंजीबार मे सेहो कतेक भारतीय सब व्यवसाय करईत छलाह। जंजीबार मे एकटा पैघ भारतीय कंपनी, केशवजी आनंदजी कम्पनी मे नौकरी भेट गेलईन। जेना आई काईल प्राईवेट कम्पनी मे " per annum salary " के चलन छई, तहिया सेहो ईयाह छलई। ईनकर तनख्वाह मात्र २०० भारतीय टका बरख भईर के छलईन। अकर बदला मे १८ घंटा रोज काज करबाक के छलईन। कोनो लेबर कोर्ट आ मानवाधिकार तहिया नई छलई।
ईनकर दिमाग मे सदिखन अपन व्यवसाय करबाक विचार घुमईत रहई छलईन।अतेक १८ घंटा काज अपन व्यवसाय मे लगेला पर सफलता भेटबे करतई, ई ईनकर विश्वास भेल जा रहल छलईन।
किछु बरख जंजीबार मे रहलाक बाद ईनकर लग किछु पाई सेहो जमा भऽ गेल‌‌‌ छलईन। ओ फेर घुईर कऽ मोम्बासा अयलाह। अई बेर ओ मोम्बासा मे रूकलाह नई। ओ सीधा युगांडा के सुदूर गाम दिशक रूख कयलाह।ओई समय तक भारत जेकां ब्रिटिश सरकार अतऊ रेलवे के जाल फईला चुकल छल, ट्रेन पकड़लाह आ नैरोबी पहुंचलाह। नैरोबी अखुनका केन्या देशक राजधानी छई। नैरोबी सं किसुमी लेल विदा भेलाह। किसुमी आई युगांडा आ केन्या के बोर्डर चेकपोस्ट छई। सड़क सं ज्यों आहां कम्पाला सं मसईमारा सैंक्चुअरी जायब तऽ किसूमी चेकपोस्ट पर इमीग्रेशन करबावह पड़त। किसुमी मे एकटा पैघ गुरूद्वारा छई,जकर इतिहास बहुत प्राचीन कहल जाई छई।
किसुमी सं नाव पकड़लाह आ फेर लंबा सफर करईत जिंजा शहर पहुंचलाह। जिंजा ऊयाह जगह छई, जतऽ " नील नदी " के उद्गम होई छईन। १९४८ मे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्थि विसर्जन अतऊ भेल छलईन। जिंजा मे ननजी के एकटा कका के दोकान छलईन। ननजी अपन कका लग पहुंचलाह।
ननजी अपन आत्मकथा " Dream Half -expressed " जे १९६६ मे प्रकाशित भेल छलईन,ओई मे स्पष्ट लिखने छईथ- " भाग्य मे जे लिखल रहई छई, से हाथ धरा कऽ करा दई छई।"
कका कतऽ अयला के बाद ओ रूकलाह नई। उनका युगांडा के धरती पर अईबते बुझा गेलईन जे ईयाह हमर अंतिम पड़ाव रहत। अतई अबई लेल हम बऊआईत छलऊं। एतऽ हम जे चाहब, से करब। ईनकर सब बेचैनी आ मोनक उद्विगनता अतऽ अबिते शांत भऽ गैलईन। ओ निर्णय लेलाह - "हम अतई अपन व्यापार शुरू करब। "
एक बरख तक ओ अपन कका के दोकान मे काज केलाह।ई दोकान कमुली मे छलईन। ननजी अपन दोकान सेहो कमुली मे खोललाह।ओ पहिले गुण अपना मे अनलाह- ओतुका स्थानीय जनजाति सबहक भाषा सीखलाह। दोसर ओतुका छोट आ पैघ, सब व्यवसाई सं जान-पहचान कैलाह। उनका कहब अनुसार जे ई दुई टा गुण व्यवसाय मे बड्ड मदद करई छई।
आब कमुली मे ई बाहर सं समान मंगा कऽ बेचऽ लगलाह आ अकर संग ओतुका गामघर मे बनल समान सब खरीदऽ लगलाह। अई गाम घरक खरीदल समान के बेचई लेल ओ जिंजा मे सेहो दोकान खोललाह। आब ईनकर दोकान चलऽ लगलईन। अकर बाद ओ टेसो आ लेंगो, दूनु शहर मे अपन दोकानक शाखा खोललाह।
अतबे पर ओ पुरा शांत चित्त नई भेलाह। व्यवसाय के जुनुन सफलता भेटला पर बईढ़ रहल छलईन। अतुका स्थानीय लोक सब सं किछु बेकार पड़ल जमीन लेलाह आ ओई मे तरकारी उपजावह लगलाह। जमीन ततेक ने उपजाऊ छलई, खुब तरकारी भेलईन।
आब ओ भारत सं कपासक तरह तरह के बीया सब मंगेलाह।कपासक खेती सेहो सुतईर गेलईन। अतुका जमीन मे नाइट्रोजन के मात्रा बेश रहबाक कारणे, पैदावार नीक होबऽ लगलईन।
असली सफलता तऽ उनका तखईन भेटलईन, जखईन ओ कुसियार के खेती शुरू केलाह। अकर बाद पहिने गुड़क चक्की आ फेर चीनी मिल बईसेलाह।
सफलता जखईन भेटऽ लगई छई तऽ लोक जोखिम उठबऽ लगईत अईछ। आब ननजी चाह आ काफी के बगान दिश दिमाग घुमेलाह। अजुका लुगाजी मे इनकर बड़की टटा चाह आ काफीक बगान सब छईन।
ननजीभाई कालिदास मेहता धीरे धीरे पूर्वी अफ्रीका के सफल व्यवसाई आ मेहता ग्रुप स्थापित ब्रांड भऽ गेलई। युगांडा आ केन्या मे लोकक खुशहाली, ईनकर सफलताक गवाही दऽ रहल छईन। तखुनका ब्रिटिश सरकार, ननजीभाई के " मेम्बर आफ द ब्रिटिश एम्पायर ( M.B.E.) " के मानद उपाधि सं सम्मानित कैने रहईन।
हालांकि १९६९ मे ननजी के स्वर्गवास भऽ गेलईन, तखनो ईनकर बेटा सब मेहता ग्रुप के व्यवसाय आगु बढ़बऽ मे लागल रहलाह। ईनकर ग्रुप आई भारत आ ब्रिटेन सहित कतेक देश मे फईल चुकल छईन। मेहता ग्रुप हमरा भारतक टाटा- बिड़ला ग्रुप जेकां लगईत अईछ, जे व्यवसाय के संग संग सामाजिक जिम्मेदारी सेहो निभावईत अईछ। मेहता ग्रुप अतऽ कतेक तरहक चैरिटी के काज स्थानीय जनजाति लेल करईत अईछ।
फिल्मी दुनिया के जानऽ बला लोक लेल ई परिवार फिल्म अभिनेत्री जुही चावला के सासुर भेलईन। ननजी के पोता जय मेहता सं जुही चावला के बियाह भेल छईन। व्यवसाय आ ग्लैमर दुनु के घालमेल अई परिवार मे देखायत। सबसं पैघ बात ई हमरा लागल जे अई भारतीय मूलक परिवार के अतुका लोक बहुतही आदर सं देखई छई।
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भारतक टाटा- बिड़ला के जेकां युगांडा के भारतीय मूलक परिवार के बारे मे आहां सब जाईन चुकल छी। अतऽ भारतक अंबानी जेकां सेहो एकटा नबका धनिक भारतीय मूलक परिवार बड्ड तेजी सं उभरलई अईछ। ईनकर नाम छईन " सुधीर रूपारेलिया "। पुरा पुर्वी अफ्रीका मे आई ई सबसं धनिक लोक मे गिनल जाई छईथ। जेना धीरूभाई अंबानी के भारत मे लोक पेट्रोल पम्प पर सं काज शुरू करईत अतेक पैघ व्यापारिक साम्राज्य के बनबऽ के खिस्सा सब कहईत भेटत, ओहिना सुधीर के बारे मे पुर्वी अफ्रीका मे।
हमरा जखईन भी ईनका सं भेट भेल, उज्जर पैंट शर्ट मे सींटल दाढ़ी मे भेटलाह। कखनो भी नई कोनो सुरक्षाकर्मी पूलिस आ नई निजी बाडीगार्ड संग देखेलाह।भारत मे अकर ईत्तर जहां दूं टा पाई ककरो भेलई, सबसं पहिने जोड़-तोड़ वा सिफारिश क कऽ अपन सुरक्षा मे पुलिस के राखत। ज्यों कोनो कारण सं सरकारी पुलिस के जवान नई भेटलई, तऽ निजी कंपनी सं बाड़ी गार्ड पाई द कऽ राखत। अफ्रीका के लोक पर सुधीर के अतेक विश्वास छई जे ओ ओहिना अबई जाई छईथ। अतबे नई,कम्पाला के ट्रैफिक जाम बड्ड बदनाम छई। लोकक कहब छईन जे कयेक बेर ट्रैफिक जाम मे सुधीर के विदेशी मोटरकार जखईन फंईस जाई छईन, तऽ ओ मोटर कार सं ऊतईर बोडा बोडा पर बईस कऽ चईल जाईत रहईत छईथ। बोडा बोडा भेल मोटरसाइकिल पर पाछु बईसबा के सवारी। बोडा बोडा एमहर ओमहर फुटपाथ पर सेहो जरूरत पड़ला पर चढ़ा कऽ आहां के गंतव्य पर पहुंचा देत।
अई बोडा बोडा पर सुधीर के सवारी के विषय मे अतुका लोकक कहब छईन जे मीटिंग मे समय पर पहुंचबा लेल ओ अकर उपयोग करई छईथ। उनका देरी सं अयबा के कारण, बाकी सबहक समय नई बर्बाद होई। समय के महत्त्व के बारे मे ऊनकर ई अवधारणा छईन। भारत मे मोटरसाइकिल की, अई तरहक लोक के आहां कखनो असगर नई देखब। हरदम बरियाती संगे भेटत। बहुत बेर सुधीर के लोक कम्पाला मे बोडाबोडा पर पाछु मे असगर बईसल चईल जाईत देखने छई।
अई सादगी के पाछु परिस्थित आ ओई सं उपजल बड़की टा सोच छई। सुधीर क पुरखा १९०३ मे भारत सं यूगांडा आयल छलईन।कसेसे शहर मे सुधीरक पिता के दुका छलईन। दोकान के अतुका भाषा मे दुका कहल जाई छई। साधारण ढंग सं गाड़ी खिंचा रहल छलईन।
१९७२ के विश्वविदित घटना सं संभवतः आहां सब परिचित होयब, जईमे युगांडा के निरंकुश शासक ईदी अमीन सब एशियाई के देश निकाला दऽ देने रहई। चुंकि युगांडा पहिने ब्रिटिश सरकार क उपनिवेश छलई आ दसे बरख शासन छोड़ला के भेल छलई, ओही लेल ई निष्कासित एशियाई मे सऽ सबसं बेसी लोक ब्रिटेन मे शरण लेलक। बाकी लोक कनाडा, अमेरिका सहित आन आन देश मे शरणार्थी बनल। किछु लोक भारतो घुरल।
शरणार्थी के जीवन बड्ड कठिन तहियो छलई आ आईयो छई। कोनो देश आहां के रखबाक लेल तैयार नई अईछ। डगरा के भांटा जेकां ईमहर सं ऊमहर डुगरईत रहु। सब देशक अपन अपन आंतरिक समस्या रहईत छई,जे अकरा आर जटील बना दई छई। अपनो देश मे अखुनका आंदोलन अकरे कड़ी मे देखल जा सकईत छई।
जखईन ई हजारों भारतीय ब्रिटेनक धरती पर पहूंचल तऽ ओतुका लोक अकर खिलाफ आंदोलन केलकई। ब्रिटिश सरकार आंदोलनकारी के आश्वासन देलकई - " ई सब किछुये दिन लेल आयल छईथ, फेर चईल जेताह।" एना कऽ कऽ स्थानीय ब्रिटिश लोकक आंदोलन के डिफ्युज केलकई।
ई निर्वासित एशियाई विशेष कऽ भारतीय सब ब्रिटेन मे दिन राईत मेहनत केलक। बाद मे ब्रिटिश सरकार ईनकर सबहक नीक बेबहार देख कऽ , ब्रिटेनक नागरिकता दऽ देलकईन। अही निर्वासित भारतीय मे सऽ सुधीर सेहो छलाह।
सुधीर १९७२ मे जहिया यूगांडा छोड़लाह, संग मे एकटा सुटकेश आ जेबी मे २० ब्रिटिश पौंड छलईन।
लंदन मे ओ ड्राईवरी सऽ लऽ कऽ सुपर मार्केट मे दैनिक मजुरी तक केलाह। दिन राईत भुत जेकां जे काज भेटलईन, केलाह। पाई जमा कऽ कऽ एकटा छोटछीन घर सेहो लंदन मे कीन लेलाह। अई सब भेलाक बादो ईनकर मोन युगांडे पर टीकल छलईन। सरकार के बदलला पर १९८५ मे ओ युगांडा घुरलाह।
एतऽ ओ सबसं पहिने बीयर बेचनाई शुरू कैलाह। बीयर खरीदई लेल कम्पाला मे बेशी बिदेशी सब अबई आ ओकरा सब लग युगांडन सीलिंग नई रहई छलई। ओई बिदेशी करेंशी के स्थानीय करेंसी मे बदलबाव के झमेला छलई। सुधीर के ई एकटा मौका बुझेलईन। ओ बीयरक संग संग करेंसी सेहो अदला-बदली के काज करऽ लगलाह। युगांडा मे पहिल फारेक्स ब्युरो खोललाह। आब ओ बीयरक स्टाकिस्ट भऽ गेल छलाह। फारेक्स ब्युरो के काज सेहो चईल पड़लईन।
१९९० मे प्रीमियर लाटरी के काज शुरू कैलाह। अहु मे चिक्कन पाई कमेलाह।
अही समय ओ क्रेन बैंक खोललाह। प्रसिद्धि आ पैसा दुनू ईनका अई बैंक सऽ भेंट रहल छलईन। पुरा युगांडा मे क्रेन बैंक के जाल बिछ गेल छलई। आब ओ युगांडा सऽ बाहर सेहो अपन बैंक के बढ़बऽ चहलाह। पड़ोसी देश कांगो मे ईनका बैंक चलबऽ के अनुमति सेहो भेंट गेलईन।
ईदी अमीन के शासन खत्म भेलाक बाद युगांडा के आर्थिक स्थित डगमगा गेल छलई। सुधीर बीयर,ब्यूरो आ बैंकक अलावा अतुका संभावित संपत्ति सब पर सेहो नजर रखलाह। शहर मे बहुत रास बेकार पड़ल जमीन सब कीनलाह। उनका अंदाजा छलईन जे आबऽ बला समय मे शहरक विकासक संग अई संपईतक महत्व बढ़बे टा करतई। शहर मे चारु तरफ सुधीरक प्लाट सब भऽ गेलईन।अई प्लाट सब पर मकान, आफिस आ दोकान बना कऽ किराया के रुप मे बढ़िया पाई आईब रहल छईन।
आब उनकर व्यवसाय शिक्षा, बीमा,होटल, कंस्ट्रक्शन, हार्टीकल्चर, मीडिया, बैंक, रीयल एस्टेट सब मे फईल गेल छईन।
अही समय २००७ मे कामनवेल्थ राष्ट्राध्यक्ष ( CHOGM) के सम्मेलन युगांडा मे भेलई। अई लेल उनकर मुन्योनो के होटल स्पीक रिसोर्ट के चुनल गेलई। अई सम्मेलन लेल ओ अपन रिसोर्ट मे एकटा अलगे विंग बना लेलाह। अई सं उनकर रिसोर्ट के दुनिया भईर मे पहचान भेटलईन। स्थानीय लोकक अनुसार तहिया एक महीना तक BBC, स्काई न्यूज, CNN आ अल- जंजीरा चैनल पर अई रिसोर्ट क विशेषताक समाचार अबिते रहलई।
हमरो समय मे २०१९ मे कामनवेल्थ पार्लियामेट्री कांफ्रेंस अही स्पीक रिसोर्ट मे भेलई। ओतऽ गेलाह पर बहुत खुशी होई छई, जे एकटा भारतीय मूलक लोक के प्रतिष्ठान पर सब देशक लोक ठहरईत अईछ। अई रिसोर्टक अंदर हजार हजार लोकक मीटिंग, कांफ्रेंस आ रहबाक व्यवस्था छई। दिल्ली के विज्ञान भवन जेकां सब बड़का सरकारी मीटिंग अही रिसोर्ट मे होई छई। ई रिसोर्ट एकदम विक्टोरिया लेक के कात मे छई आ एंटेबे एयरपोर्ट सं लग सेहो पड़ई छई।
अतऽ शिक्षा प्रतिष्ठान मे दिल्ली पब्लिक स्कूल इन्टरनेशनल, कम्पाला पैरेंट स्कुल, कम्पाला इन्टरनेशनल स्कूल, विक्टोरिया युनिवर्सिटी सहित कयेक टा आर संस्थान सब छईन। ओ अपने नित्य सब संस्थानक कार्यकलाप पर निगरानी रखई छईथ। CBSE स्ं संबद्ध स्कूल भेला सं भारतीय सब के राहत छईन। भारत बदली भेला पर बच्चा सब के आब पढ़ौनी के पद्धति मे परिवर्तन नई हेतईन।सब संस्थान सफलता क संग चईल रहल छईन।
सुधीर क सबसं बेशी जोर अतूका स्थानीय लोक के रोजगार मुहैया करेबा पर छईन। ईनकर सब संस्थान आ प्रतिष्ठान मे संख्या बल बहुत भेटत। भारतीय सब सेहो खुब ईनकर कंपनी मे काज करई छईथ। सुधीर अपने अप्रवासी भारतीय कार्डधारक छईथ आ धुराजार हिंदी बजई छईथ। ओना पुर्वी अफ्रीका मे आहां के अंग्रेजी हिन्दी नई अबईत अईछ, तऽ कोनो बात नई। ज्यों गूजराती अबईत अईछ तऽ आहां के बिजनेस मे कोनो परेशानी नई होयत। मैथिली आ गुजराती मे बहुत समानता छई। मैथिली बजलो सं काज भऽ जायत।
सफलता क शिखर पर पहुंचबा लेल सुधीर चलायमान छईथ।
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जहिया आ जहिना गुलाम भारत मे विदेशी वस्त्र आ वस्तु के बहिष्कार क आंदोलन भ रहल छलई, ठीक ओही समय मे युगांडा मे सेहो अहीने आंदोलन चईल रहल छलई। स्वदेशी- विदेशी कहु वा स्थानीय- बाहरी कहु वा सुदेशी-विलैती, तात्पर्य एक्के जे बाहरबला के भगाऊ। लाठी डंडा स इ सब नई भागत, अकरा भगबई लेल अकर व्यापार क बहिष्कारे टा रस्ता छई। अही मनोभाव स भारत मे भी खुब जईम क ब्रिटेन क वस्तु जात के होलिका दहन कैल गेल।खादी आ आन आन स्थानीय वस्तु के उत्पादन भारत मे शुरू भेल ।
ब्रिटिश सरकार अपन उत्पाद के रक्षा लेल पुरा पुलिस बलक सहायता लेलक। पैघ स्तर पर गिरफ्तारी भेलई।धीरे धीरे आंदोलन नेपथ्य मे चईल गेल।आईयो हम सब " आत्मनिर्भर भारत " लेल संघर्षरत छी। भारत मे ब्रिटेन के खिलाफ आ युगांडा मे भारतीय व्यापारी के खिलाफ एक रंगाहे आंदोलन भेल छलई।
अंग्रेजी हुकूमत ब्रिटेन मे वस्तु के उत्पादन करईत छल आ ओकरा भारत क बाजार मे उतारईत छल। भारत क विशाल जनसंख्या ओकरा बाजार देखाईत छलई। अई व्यापार मे विदेशी सब खुब मुनाफा कमाईत छल। विदेशी वस्तु के बहिष्कार सं ओकर व्यवसायिक हित प्रभावित होई छलई, ताहि लेल मजबूती सं आंदोलन के कुचईल देलकई। हालाँकि अई आंदोलन स भारत मे बहुत रास स्वतंत्रता सेनानी सब उभईर क सोझां अयलाह।
अकर ईतर, युगांडा मे अधिकतर उत्पादन इकाई सब भारतीय मूलक लोक सबहक छलई। ओ सब ब्रिटिश सरकार के कर क रूप मे नीक पाई दई छलई। हालाँकि किछु कच्चा माल ब्रिटेन स सेहो अबईत छलई, तैयो प्रभुत्व भारतीय सबहक हाथ मे रहई। जखईन स्थानीयता के मुद्दा जोड़ पकड़लकई, ब्रिटिश साम्राज्य पुरा भारतीय सबहक संग देलकई।सब भारतीय कारखाना सब पर पुलिस बंदोबस्त बहुत दिन तक रहलई।हालाँकि भारत जेकां युगांडा मे सेहो स्वतंत्रता सेनानी सब अई आंदोलन मे जन्म लेलाह। ईयाह सब बाद मे युगांडा क भाग्य विधाता होई गेलाह।
स्थानीयता एहन मुद्दा छई जे भावना सं जल्दी जुईर जाई छई। पुरा दुनिया मे नेता सब अपना अनुसार अकर उपयोग करईत छई। नई किछु भेल, स्थानीयता क मुद्दा छेड़ दियऊ।
अकर दंश ततेक गहीर छई जे जतऽ भीतर-बाहर क आदान प्रदान नई भेल, ओ रेस मे बहुत पाछु चईल गेल। ओकर चर्चो केनाई आब मोनासिब नई बुझल जाई छई।
ई बतबऽ के पाछु आशय ई छल जे ब्रिटिश साम्राज्य के उद्देश्य व्यवसाय आ मूनाफा छलई। ओ भारत मे भारतीय के खिलाफ आ युगांडा मे स्थानीय क खिलाफ आ भारतीय के पक्ष मे छल।
अकरा भारतीय पक्ष नई कही कऽ, ब्रिटिश साम्राज्य क आर्थिक हित क रक्षा कही सकई छी।
ईयाह व्यापार मे भारतीय मूलक लोकक पकड़ अकरा कतेक के दुश्मन बना देलकई। भारतीय के खिलाफ बाईज क कतेक स्थानीय राजनेता अपन राजनीति चमकौने छथि। ईदी अमीन के शासन काल मे भारतीय के खिलाफ कैल गेल जुल्म स सारा दुनिया वाकिफ अईछ। 1972 मे ओ भारतीय (एशियाई) सब के अत स निष्कासित कैने छल। बहुत कम लोक के ई बुझल हेतईन जे 1969 मे युगांडा क तत्कालीन राष्ट्रपति ओबोटे जखईन कामनवेल्थ कांफ्रेंस मे इंग्लैंड गेल छलाय त ओ भारतीय सबहक निष्कासन क बात कैने रहय। ओकर मनोरथ मोने मे रही गेलई आ ईदी अमीन ओकर सरकार के खसा क सत्ता पर कब्जा जमा लेलक।
अखुनका सरकार भारत आ भारतीय सबहक हितचिंतक छई आ भारतीय सब दिन दुना आ राईत चौगुना तरक्की क रहल छथि।
ओबोटे भारतीय सब के निष्कासन क साहस नई जुटा सकल रहय।मूदा ओकर मंसुबा जगजाहिर भ गेल छलई। सत्ता भेटलाक बाद आदमी क असलियत सामने अबई छई।ई मानसिकता पुरा अफ्रीका मे हमरा लागल।
युगांडा क बगल तंजानिया मे जुलियस न्यरेरे राष्ट्रीयकरण क कऽ कतेक भारतीय व्यापारी के अपना समय मे सड़क पर आईन देने रहई। ओ बिना हो हल्ला मचेने भारतीय मूलक लोकक संपत्ति पर दखल क लेलक।राष्ट्रीयकरणक बाद ओतऊ स बहुत लोक परायल।जे जतेक विस्थापन देखलक, ओ ओतेक आगु बढ़ल। अंग्रेज सब अंचोके एकटा बड़का काज केलकई। ओ सब जखईन अफ्रीकाक अपन प्रभुत्व छोड़ऽ लागल, तखईन अपन लगुआ भगुआ सब के ब्रिटिश नागरिकता द देलकई। अई मे सबसं फायदा मे भारतीय मूलक लोक रहल। दरबारी मानसिकता वाला भारतीय सब मौकाक खुब फायदा ऊठेलाह।
हमरा किछु दिन पूर्व बुरुंडी देश मे व्यापार केनिहार एकटा भारतीय मूलक भलमानुष ब्रह्मभट्ट भेटलाह।ईनकर पितामह तंजानिया मे सामान्य व्यापारी छलाह। अंग्रेज जखईन तंजानिया छोईड़ क जाय लागल त ईनकर पितामह के ब्रिटिश नागरिकता द देलकईन। अही नागरिकता क बले ईनकर परिवार व्यवसाय मे आगु बढईत गेलईन। आई ईनकर व्यापार कयेक अफ्रीकी देश मे पहुँच गेलईन।फर्राटेदार हिंदी आ गुजराती बजई छईत। हिंदु धर्म क पालन करई छईत।बुरुंडी के शीर्ष नेतृत्वमे सेहो दखल बनौने छईथ। ब्रिटिश, अमेरिका आ आन युरोपीय देश क नागरिकता भेटनाई कतेक दुरुह छई, ई बात जे प्रवासी ओतह रहई छईथ, ऊयाह बुईझ सकई छईथ। आदर्श वादी गप्प छोड़ईत हम सब भारतीय नागरिकता छोड़नाई क आलोचना क सकईत छी, मूदा ई सच छई जे पिछला पांच बरख मे लगभग पांच लाख स बेशी भारतीय दोसर देशक नागरिकता लेलाह अईछ। विदेश मे आर किछु होई वा नई होई, ई बईसल खिन्नांस वाला मानसिकता त नई छई।
अखईन युगांडा मे त शीर्ष नेतृत्व के बेशी धीया पुता नई छईन, लेकिन बगले मे बुरुंडी के मौजूदा राष्ट्रपति के आठ टा धीया पुता छईन। जखईन की ई अखईन युवा छथि।अतेक धीया पुता एकटा पब्लिक फीगर के बारे मे सुनबा मे अजीब लागल। ओना बुरुंडी फ्रेंच कालोनी छलई। ओहिना तंजानियाक पहिल राष्ट्रपति जुलियस न्यरेरेक पिता क करीब दु दर्जन स बेशी कनिया छलईन।मूदा ओ समय किछु आर छलई। आब जनजाति मे भी सोच मे बहुत बदलाव भेल छई।
जुलियस न्यरेरे जे तंजानियाक रहनिहार छलाह, विश्वविद्यालय शिक्षाक कम्पाला स पुरा कयलाह। पुर्वी अफ्रीका मे ई लोकक एक देश स दोसर देश मे जाय के परिपाटी हमरा भारत- नेपाल जकां लगईत अईछ। स्वतंत्रता आंदोलन होई वा शिक्षा दीक्षा,बहुत रास उदाहरण भेटत। ओना भारत के आजादी स पूर्व वर्मा( मयन्मार), सीलोन ( श्रीलंका), चीन आ जापान आदि स अही तरहक आदान प्रदान होईत रहईत छलई।
जुलियस न्यरेरे जखईन कंपाला मे पढई छलाह, तखने उनकर " दांत भरायल " भेल छलईन। ई " दांत भराई " एकटा प्रथा छई जे अफ्रीका मे बदस्तुर जारी छई। भारतक मुड़न, उपनैन जेकां बुईझ लीयह। ओई मे केश कटाई छई आ अई मे दांत घीसाई छई ।अकरा आहां दांत चोख केनाई बुईझ सकई छी। सामने बला दांत के घईस क तिकोना नोखगर बनायल जाई छलई। जखईन ई पुरा भ जाई त दांत देखबा मे " V " आकारक लगई।
जेना मिथिला मे हर रीति रिवाज क पाछु आध्यात्मिक तर्क सुनबा मे आयत, ओहिना अतऊ सुनबई। अकर सबहक मान्यता छई जे दांत भराई भेला स मनुक्ख मे लोभ, क्रोध, ईर्ष्या आदि विकार सब कम भ जाई छई।मनुक्खक भीतर विद्यमान जे पाशविक प्रवृत्ति होई छई, ओई स मूक्त भ जाईत छई।
किछु जनजाति सब मे ईहो कहब छई जे दांत घिसाई यज्ञक बाद बच्चा, वयस्क भ जाईत अईछ। अकर बाद ओकरा सहवासक अनुमति आ विवाह क लेल योग्य घोषित क देल जाई छई।
ई तिकोना दांत के सुंदरता क मानक ई सब मानई छई। ई भेलाक बाद स्त्रीगण के पुरूख प्रेमी भेटबाक संभावना बईढ जाई छई। ओहिना पुरुख के प्रेमिका भेटबाक।
अई दांतक प्रथा मे जनजाति सब मे मतैक्य नई छई।कीछु मे कोनो दांत त कीछु मे कोनो आर। कीछु जनजाति सबहक कहब छई जे शरीर आ आत्मा, दुनु अलग अलग होईत छई। ज्यों शरीर, आत्मा के प्रसन्न नई करतई त आत्मा अई शरीर के छोईर दई छई।आ मनुक्खक मृत्यु भ जाईत छई। ओही लेल शरीर के आकर्षक होबाक चाही, तखने आत्मा ओईमे बास करतई।
जूलियस न्यरेरे अतऽ ईसाई धर्म क बारे मे जानई बुझई लेल चौदह माईल दुर मिशन मे जाई छलाह। ई ओहिना बुझाईत अईछ जेना लाल बहादुर शास्त्री गंगा नदी हेल क पढऽ जाई छलाह।कष्ट स भेटल शिक्षा बेशी लाभप्रद बुझाईत अईछ।
आजुक अफ्रीकी सब ई सब बात पुछला पर हंईस क टाईर देत। अखनो सुदूर क्षेत्र मे ई सब परिपाटी चईल रहल छई। अकर जईर बहुत गहीर छई।
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ई सबके बुझल छई जे दशरथ मांझी" माउंटेनमैन" के पहाड़ काटबाक प्रेरणा, हुनक पत्नी के कारण भेलईन। ई प्रेरणा ककरा आ कतऽ स अबई छई, अकर आकलन पहिने सऽ केनाई समझ बुझ स बाहर छई। कखनो काल एकरंगाहे परिस्थित सोझां अबई छई।
युगांडा मे एकटा स्थानीय लोक के बारे जानकारी भेटल कि ओ मगरमच्छ पकड़बा मे सिद्धहस्त छईत। ईनकर ई गुण हमरा उद्वेलित कैलक जे ई "महाशय" ईयाह क्षेत्र कियाह चुनलाह।
जखईन ईनकर बारे मे पता केलऊं त ई जानकारी भेटल जे 2015 मे हिनक पत्नी के एकटा मगरमच्छ खा लेलकईन। ओकर बाद ई मताऽ गेलाह। ओई मगरमच्छ के खोज मे दिन राईत लाईग गेलाह। बड्ड मशक्कत आ लंबा मेहनत के बाद ई अपन मिशन मे सफल भेलाह।इनकर प्रयास स वो खुनी मगरमच्छ पकड़ल गेल आ ओकरा दोसर जगह विस्थापित कैल गेलई।
ईनकर कहब छलईन जे ई मगरमच्छ ईनका विधूर आ तीन संतानके बिन माय बला बना देलकईन। ओकर स्त्री खेती- बाड़ी मे ओकरा संग दई छलई।अई स ओकर ऊपजा बारो खुब होई। आब ओ असकर की की करितय? सब घर गृहस्थी ओकर चौपट भ गेलई।अही ल कऽ वो नियाईर लेने छल जे अई मगरमच्छ के त नईये छोड़तई। ईयाह भेभो केलई। अदना सन लोक, जुनुनी भ कऽ मगरमच्छ पकड़ऽ के लेल अपना इलाका मे जनाय लागल।
आब ओकरा आन- आन जगह स भी मगरमच्छ पकड़ई लेल बजाहट आबऽ लगलई। ई एक दिनक काज नई होई छई। अई मे जानक सदिखन खतरा आ कयेक दिन राईत के एक करऽ परईत छई ओ अतुका सरकार स
जीवन यापन लेल मददक गुहार कैलक अछि। सरकारी अधिकारी के कहब छईन जे अई महानुभावक बारे मे हमहुं सब सुनलऊं अछि। ईनका एमहर - ओमहर झटहा फेकलाक जगह सही जगह पर आवेदन दईथ। फैसला त कागज पर हेतैक ने। कहला सुनला स सरकारी कागज थोड़हे बढ़ई छई। आब इनकर काज चर्चा मे आईब गेल छईन, किछु पारिश्रमिक भेटबे करतईन।
ईहो लोक एहन ने मगरमच्छक शिकार मे डुबल छथि जे दोसर काज आब ई कऽ नई सकई छथि।ईनका किछु प्रोत्साहन राशि भेटईत रहतईन त सरकारो लेल नीक। निरीह गामक लोकक जीवन मगरमच्छक निवाला होबऽ स बचत।
ई भारतक आदमखोर बाघ जकां भेल।जकर शिकार जंगल मे रहनिहार मनुक्ख होईत रहईत अईछ।अतऽ अखनो गामक लोक सब पाईनक लेल झील पर निर्भर अईछ। अही पाईन लेल जखईन गामक लोक झील मे घुसईत अईछ, ताक मे बईसल मगरमच्छ ओई मनुख के अपन भोजन बना लईत अईछ।
अई परिस्थितिक मारल आ बनल मगरमच्छक शिकारीक नाम मुबारक मुनाफु आल्या छई। ई अपन काज मे सतत लागल अईछ। अकर प्रसिद्धि क रफ्तारक ग्राफ तेजी स बईढ़ रहल छई। ओ दिन दुर नई जहिया ईनका मगरमच्छक नामी शिकारीक तगमा नई भेट जाईन।
ओना मगरमच्छक शिकारीक रुप मे युगांडा क पीटर आवांग के नाम सबस॔ ऊपर अबई छई। अतऽ किछु लोक के कहब छईन जे करीब 1200 मगरमच्छ छई, ओई मे 120 क करीब पीटर के पकड़ल छई।
युगांडा मे स्थानीय लोकक आब ई कहब छई जे मगरमच्छ सब आब माछ खेनाई छोईर देने छई।ओ आब मनुक्खक तलाश मे रहईत अईछ। ई ओहिना भेल जेना बाघ जखईन एक बेर मनुक्खक शोणित चीख लईत अईछ त फेर ओ जानवरक शिकार छोईर दईत अईछ।
पुर्वी अफ्रीका मे कतेक मगरमच्छ छई, तकर ठीक ठीक गनती अखनो नई भेल छई। अई मे आदमखोर मगरमच्छ कतेक, ई आर कठिन सवाल छई। ई आदमखोर मगरमच्छ सब बड्ड चुस्त आ चालाक होईत अईछ। ई गदहबेर, बीच राईत आ भरल दुपहरिया मे शिकार ताकऽ निकलईत अईछ।कियैक तऽ अई समय माहौल एकदम शांत रहईत छई।
2005 ईस्वी मे त एकटा एहन मगरमच्छ पकरायल छलई जकर वजन एक टन छलई। अकरा बारे मैं कहल जाई छई जे ई 83 टा मनुक्ख के पिछला 15 बरख मे खा चुकल अईछ।
अई आदमखोर प्रवृत्ति क पाछु लोकक कहब छई जे अतुका झील सब मे माछ कम भ गेल छई आ आसपास मनुक्खक रहनाई बेशी भ गेल छई। अहिनो कही सकईत छी जे माछ महंग आ मनुक्खक जान सस्त भ गेल छई। मनुक्ख माछ खेलक आ मगरमच्छ मनुक्ख खा रहल अईछ।
ओना त मगरमच्छक मुख्य भोजन माछ छई आ ई सब 90 स 100 बरख तक जीबईत अईछ। अकरा पकड़ऽ के तरीका अलग अलग छई। रतुका समय मे शिकारी सब नाव स झील मे जाईत अईछ आ बड़का टार्च स ईजोत चारु कात करईत अईछ। मगरमच्छक आंईख अई ईजोत पर नारंगी रंग मे चमकऽ लगईत छई। अकर बाद शिकारी सब जाल फेक क अकरा फंसबईत अईछ।
दिन मे बेशीतर मगरमच्छ सब झीलक कातक भूमि पर परऽ आईब जाई छई।परले मे शिकारी सब अकर रस्सी स जकईर क भाईग जाई छैत। फेर कने काल बाद काबू क लई छैत।
मुर्गा वा आन जानवर के लालच दिया कऽ अकरा शिकारी सब फंसबई छईत आ ऊपर - नीचा दुनु जबड़ा के बांईध क काबु करईत छईत।
नील नदीक मगरमच्छ सबसं बेशी आदमखोर कहल जाईत छ्ई।हर साल करीब 200 मनुक्ख के जान ई नील नदीक मगरमच्छ सब लई छई। अई धरती पर भेटयबाला सब जानवर स बेशी " काटबाक" शक्ति मगरमच्छ मे होईत छई। ई शक्ति करीब 500 पाऊंड क बराबर कहल जाईत छई।
किछु स्थानीय लोकक अनुसार अतुका मगरमच्छ सब पहिने जंगली हिरण आ जेब्रा के खाई छलाय। झीलक चारु कात ई जानवर सब खुब रहईत छलई।मनुक्खक मांस भी अहिनाहे होई छ्ई, तैं मगरमच्छ मनुक्खो के खेनाई शुरू क देलकई।कतेक एकरंगाहे छई?
असली बात त ऊयाह कहत जिनका मनूक्ख आ जेब्रा आ हिरण सबहक स्वादक अनूभव होईन। ओना ईहो कहब छई , एकबेर जे मगरमच्छ भईर पेट खा लईत अईछ, त ओकरा महिना दिन किछु खयबाक जरुरत नई छई। ओकरा शरीर मे पाचन क्रिया धीरे धीरे होईत रहई छई। जेना ऊंटक पाईन पीबाक बारे मे भारत मे सुनल जाई छई।
आई काईल तस्कर सबहक नजर सेहो अई पर छई। अकर चमड़ा, मांस आ लिंगक कीमत विश्व बाजार मे बहुत छई। अकर लिंगक मांस खेलाह स काम- शक्ति बढ़बाक बात चर्चा मे छई।अही सब लेल अतूका वन्य प्राणि विभाग अकर संरक्षण मे लागल अईछ। खाली आदमखोर मगरमच्छ के पकड़ई लेल कोनो हद तक जयबाक अनुमति देने छई।
अई सब तरहे ई स्पष्ट बुझाईत छई जे मगरमच्छक समस्या पुर्वी अफ्रीका मे भयावह छई।अपन पत्नीक मृत्यु स आक्रोशित भ मुबारक मुनाफु मगरमच्छ पकड़ऽ के अभियान मे जुटल अईछ। ई काज "पहाड़ काईट क रस्ता बनबऽ " स कनियो कम सामाजिक सरोकार वाला नई अईछ। ओकरा अपन मिशन मे सफलता भेटई आ माउंटेन मैन जकां अकरो यश भेटई।
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अफ्रीका मे एकटा बड़का रोजगार क्षेत्र छई, ओ छई " सुरक्षा कर्मी क।" संसारक सब पैघ सुरक्षा कम्पनीक बजार अफ्रीका मे फल फुईल रहल छई। बहुत देश मे त इमरजेंसी नम्मर प्राइवेट सुरक्षा कम्पनी क देल जाई छई, नई की सरकारी पुलिस थाना क।ई प्राइवेट कम्पनी के सेवा भी तहिना बढ़िया रहई छई। अगर सुरक्षा कर्मी क आबऽ मे विलंब भेलई, त कान्ट्रेक्ट मे दंडक प्रावधान सेहो रहईत छई।
जेहन सुरक्षा चाही, तेहन डांर ढील करऽ परत। ढऊआ खर्च करु आ सुरक्षित रहु।सरकारी पुलिस स बेशी दरमाहा आ सुविधा प्राइवेट सुरक्षा कम्पनी वाला दई छई। ओही स, पहिने प्राइवेट मे लोक प्रयास करईत अईछ, असफल रहला पर सरकारी मे आईब जाईत अईछ।
भारत मे सेहो पुलिस सेवाक लोक निजी क्षेत्र मे जाय लगलाह अईछ। बेशी लोक सेवानिवृत्त भेलाक बाद निजी क्षेत्र मे जाईत छईथ। सरकारी पेंशन आ ऊपर सं नबका नौकरी क दरमाहा आ सुविधा ।हम जखईन दिल्ली मेट्रो मे पदस्थापित रही त तहिया जे निजी सुरक्षा कम्पनी मेट्रो मे लागल छलई, ओई मे सीमा सुरक्षा बल क सेवानिवृत्त महानिरीक्षक कार्यरत छलाह। दिल्ली मेट्रो क सुरक्षा विभाग मे सेहो दिल्ली पुलिस क सेवानिवृत्त निरीक्षक कार्यरत छलाह। ओतबे नई, भारतीय पुलिस सेवाक जे अधिकारी केन्द्रीय सतर्कता आयोग तरफ सं पदस्थ छलीह, ओ किछु बरखक बाद भारतीय पुलिस सेवा स इस्तीफा द अई निजी सुरक्षा कम्पनी मे ज्वाईन क लेलीह। अई तरहक नियुक्ति विदेश मे संदेह क दायरा मे अबईत छई। अपन देश मे " सब चलता है " क मानसिकता अई तरहक नियुक्ति प्रथाक बढ़ावा दई छई।
अखनो दिल्ली मेट्रो मे सुरक्षा प्रमुख जे छईथ, वो भारतीय पुलिस सेवा स रिटायर्ड अधिकारी छईथ।हालक दिन मे कयेक टा दिल्ली पुलिस क निरीक्षक सब सेहो स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति ल कऽ दिल्ली मेट्रो ज्वाईन कयलाह अईछ। अई पर रोक लगबाक चाही, कियैक भारत मे बेरोजगारी भी बहुत छई आ टैलेंट भी अपार छई। कहलो गेल छई जे डाक्टर, मंत्री आ सुरक्षा क प्रमुख ओई व्यक्ति के बनाबी जे निर्भीक होईथ। " सत्य" सलाह देबाक साहस होईन। सही नियुक्ति नई क कऽ, "यस मैन" के वरीयता देला स नाशक सिवा किछु नई होई छई। " जब नाश मनुज पर छाता है, बुद्धि विवेक सब मर जाता है ।"अफ्रीका मे अई तरहक "मोरल इंटीग्रिटी " पर बहुत जोड़ रहईत छई। जहिना नियुक्ति क प्रक्रिया आसान, ओही स बेशी बर्खास्तगी प्रक्रिया सरल देखबा मे अतऽ आयत।ई व्यवस्था समयक जरूरत छई।
युगांडा मे शहरी क्षेत्र मे निजी सुरक्षा कर्मी चारु कात देखैत। एक त सस्त छई आ दोसर अकर रहला स कनीक सुरक्षा क भाव त अबिते टा छई। हमरा अई गार्ड सब स गप करबाक मे बड्ड नीक लगईत अईछ। ई सब अनुशासित आ हाजिर जवाब होईत अईछ।
सब घर, कोठी आ आफिसक आगु, गार्ड रुम बनल भेटत। अतई अखबारक हाॅकर रोज अखबार द जाई छई। जाबईत घरबईया वा आफिसक लोक लग अखबार जेतई, ताबत सुरक्षा कर्मी सब अखबार के चाईट जाई छई। ई सब वैवाहिक विज्ञापन स ल कऽ शोक संदेश तक पढई छई। अकरा स अखबार क कोनो समाचार पुईछ लियह, पुरा अद्यतन जानकारी बतायत।जेना अपना सब कतऽ चाहक दोकान, सैलुन आदि पर लोक अखबार पढईत भेटत, ओहिना गार्ड रुम सब मे । अखबार पढई लेल, कनेक इमहर ओमहर ई सब चलियो जायत।
ई देश दुनिया क बारे मे जनबाक जिज्ञासा अकरा सब के तार्किक सेहो बनबईत छई। सामान्य भारतीय क अफ्रीका क बारे मे ओतेक ज्ञान नई छईन, जतेक अकरा सब के भारत, पाकिस्तान, चीन सबहक बारे मे छई।
गरीबी अलग बात होई छई आ ज्ञानी दोसर बात छई। अई मामला मे पुरा मैथिल बला हाल छई। मैथिलक विद्वता के कोनो सानी नई। आत्म विश्वास क बाते अलग। गाम सब मे हमरा कतेक एहन लोक स भेट अईछ, जे कहियो दिल्ली की, पटनो नई गेल छईथ आ ऊनका स नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लॉक, संसद , लालकिला सब हक चर्चा एना सुनबईन जेना छह महीना दिल्ली मे हर साल रहई छईथ। अहिना युगांडा मे लोक सब के वर्णन क शैली अद्भुत छई। अई सबहक पाछु हमरा ईयाह समाचार पढबाक आ गुणबाक प्रवृत्ति लगईत अईछ।
युगांडा मे स्थानीय अश्वेत सबहक खिलाफ सबसं पैघ दोषारोपण ई छई कि ई सब " पाई" क मामला पर ईमानदार नई छई। कहबाक तात्पर्य ई जे पाई देखते अकर सबहक ईमान डोईल जाई छई। पाई के हिसाब किताब " लेखा विभाग " करई छई।अई मे ईमानदारी बहुत जरूरी छई। भारतीय उद्योगपति सब अई काजक लेल भारतीय सब के नियूक्त करई छईत। तर्क ईयाह जे भारतीय कर्मी ईमानदार होयत आ पाई ल क नई भागत। अकर बदला मे नीक दरमाहा अतऽ भेटई छईन। अकाउंट क योग्यता गौण, आ ईमानदारी मूख्य पैमाना होई छई।
अतऽ भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट ( CA) सब बहुत गोटे कार्यरत छईथ। अई बरख स सी ए क परीक्षाक केन्द्र कम्पाला सेहो भ गेल छई। बहुत लेखा विभाग मे कार्यरत भारतीय जे पुरा सी ए क परीक्षा नई पास कैने छईथ, ओ आब कम्पाला मे परीक्षा द क पास क सकई छईथ। ईनका सब लेल ई वरदान स कम नई छईन। सी ए बनबाक मौका हाथ मे आईब गेलईन।
भारत मे पास सी ए सब के एकटा स्थानीय परीक्षा पास करऽ परई छईन, तकर बाद अतऽ निजी प्रैक्टिस क सकई छईत। अपन सी ए कम्पनी खोईल सकई छईत। जेना भारत मे आहां अपना नाम स सी ए कम्पनी खोईल सकईत छी, ओना युगांडा मे कम्पनी के नाम राखऽ मे किछु बंधन छई। आहां कैट, डाग आदि नाम पर कम्पनी राईख सकई छी। अमेरिका मे सेहो आहां घरक आगु " नेम प्लेट" नई लगा सकईत छी। खाली घरक नम्बर लिखु सकईत छी। भ सकईत होई नस्लीय कोनो कारण होई अकर पाछां।
एक टा महिला सी ए भेटलीह। ओ तीन साल नौकरी आ दस साल सं प्रैक्टिस क रहल छईथ। भारतक दस लाख रूपया महिना स बेशी आमदनी छईन। अपन काज अ अतूका समाज स बहुत संतुष्ट छईथ। ऊनका युगांडा मे आबऽ बला समय मे अई क्षेत्र मे रोजगार क बहुत अवसर देखा रहल छईन। आई के तारीख मे तीन टा भारतीय महिला सी ए अतऽ स्वतंत्र रुपे प्रैक्टिस करईत छईत। ओ सब अपना जाॅब स॔ संतुष्ट छईथ। ऊनका सब के कवनो तरहक परेशानी अतऽ महिला भेलाक कारणे नई भेलईन। आनो लोक अतऽ आईब क अई क्षेत्र मे भाग्य अजमा सकई छईत।
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ओई दिन बुंदा बुंदी दुपहरिये स भऽ रहल छलई। मिथिला मे जकरा " लधने" कहल जाई छई, से हाल छलई। ओना कम्पाला मे एना लधनाई नहिये बराबर होईत छई। घंटे घंटा मौसम बदलईत रहत। सांझ मे अतऽ बरखा क संभावना बड्ड कम रहई छई।रतुका बेशी पार्टी खुल्ले मे होई छई। जहिना खुलल मौसम, तहिने खुलल स्थानीय समाज ।उम्मीद छल जे सांझु पहर उबेर भ जेतई। मूदा ओई दिन से नई भेलई।
कम्पाला के ट्रैफ़िक जाम दूनिया मे बदनाम छई। जहिना प्रिटोरिया मे ट्रैफ़िक व्यवस्था व्यवस्थित, ओहिना कम्पाला मे अकर उगरा भांर। कारण बहुत रास छई, लेकिन ओकर विवेचन कखनो आर।बरखा भेल, त बुझु जे महाजाम।आ अतऽ बरखा होईते रहई छई। इक्वेटर पर रहलाक प्रतिफल छई।
अई महाजाम मे रेडलाईटक दुनिया अलबेला भ जाई छई।
"रेडलाईट" शब्द सुनिते सब सं पहिने "वेश्या " स्मृति मे अबई छई।अतऊ रेडलाईट पर चारु कात छिड़ियायल युवक- युवती सब। वेश्यालय मे त शरीर बेचाई- कीनाई छई, लेकिन अई रेडलाईट पर समानक खरीद- बिक्री । ओहो खुईल कऽ, मोल- जोल सेहो।अकर ई मतलब नई निकाईल लेब जे सड़क पर समान बेचनाई वैद्ध छई।भारत जकां अतऊ ई खरीद- बिक्री गैरकानुनी छई। आ भारते जकां रेडलाईट पर बजार चलियो रहल छई। अतऊ सिविल विभाग छापा मारई छई, धर- पकड़ होई छई। रिजल्ट - ऊयाह ढाकक तीन पात। जहिया छापा पड़तई आ पड़ल हेतई, तहिया के गहमागहमी अलगे बुझा जायत। भारते जकां अतऊ छापाक सुचना अग्रिमे पहुँच जाई छई। भारतीय रेल होई वा चौक- चौराहा, सब जगह ई ध॔धा जीवंत भेटत। अनमन ओहिना कम्पाला मे आहां के अनुभव होयत।
हम साउथ अफ्रीका सं पुर्वी अफ्रीका आयल छलऊं। ताहि लेल सुरक्षा खातिर बेशी सशंकित रही। पहिल एक बरख त हम कम्पाला मे रेडलाईट पर नई कहियो गाड़ी के शीशा खोललऊं आ नई किछु कीनलऊं। मुलागो रेडलाईट पर धीरे धीरे चेहरा सब चिनहाय लागल। मुस्का- मुस्की हुआय लागल। घंटा क करीब समय बितबऽ पड़तई, त मनुक्खक बीच गाड़ी क शीशा कतीक काल बाधक बनतई। हमरो सब चेहरा जानल चिन्हल लागऽ लागल। अई रेडलाईट पर गामक हाट जकां सब वस्तु जात बिकाईत छई जेना कपड़ा, जुता - चप्पल, बिजली आ इलेक्ट्रॉनिक समान, बर्तन, लकड़ी क कलाकृति सब, तरकारी आ तमाम तरहक फल, मोटर पार्ट्स, मसाला , खाय- पीयक सामग्री आदि।
हमरो मोन पथिया मे राखल पाकल पाकल आम देखि क ललचाय लागल। एक दिन डराईते डराईते एकटा सं भईर पथिया आमक मोल पुछलियई। ओ आम बेचनिहार स्त्री , हमर सवाल सूईन क अकबका गेली। ओकरा त एकटा दु टा आम बेचबाक आदत छलई। ओ हमरा स॔ फेर स्पष्ट करेलक जे हम की पुईछ रहल छियई। हम जखईन ओकरा फेर आश्वस्त केलियई, तखईन ओ कनीकाल सोईच कऽ हमरा भईर छिट्टा आमक मोल बतेलक। हम ओतुका माॅल मे जे आम खरीदई छलऊं, ओई स बहुते सस्त हमरा लागल। आब ई कोन आम आ केहन स्वाद, खेलाक बादे पता चलत। हमरा त कलकतिया आ भदई आम सेहो नीक लगईत अईछ, ओही आत्म विश्वास पर जे केहनो स्वाद हेतई, हम आखिर सधाईये लेब।
हम ओकर सबटा आम कीन लेलियई। घर घुरला पर अतेक आम देखला पर श्रीमतीजी पहिने त नाराज भेलीह, जखईन हम अतेक आमक " मोल" बतेलियईन आ आम खयला बाद सम भाव मे भ गेलीह। नई बराई आ नई बुराई । पति के खरीददारी क प्रशंसा हुआय, ई संभवे नई थीक। आलोचना नई भेनाई भी प्रशंसे भेल। अहिना हमर रेडलाईट पर खरीदारी के शुरुआत भेल।
आब अपना अफसोस हुआय जे अतेक महंग कियैक आम अखईन तक किनईत छल॔ऊ। एक दिन अहिना सांझ मे घर घुरईत काल रेडलाईट पर रुकल रही। हमरा त ई रेडलाईट कृत्रिम लगईत छल। ई हाॅकर सब के ट्रैफ़िक पुलिस सं पक्का सांठ गांठ छई। जाईन बुईझ क मैनुअल ट्रैफ़िक चलबई छई। ओतुका स्थानीय लोक के समये समय छई। ओ सब आराम सं इंतजार करईत रहत। आब त आर मोबाइल भ गेल छई। ओही मे लागल रहत। भारत मे एना होई त ततेक ने हार्न बाजऽ लगतई, जे अंत मे ट्रैफ़िक चलबहे पडतई।
देखई छी जे पच्चीस तीस बरखक स्वस्थ, आकर्षक आ अनचिन्हार युवती हमर गाड़ी के आगु मुस्कियाईत ठार अईछ । ओ किछु कही रहल छल। हम गाड़ी के शीशा कनेक नीचा केलऊं। सुनबा मे आयल-
" ओई दिनक आमक स्वाद केहन लागल। हमरे स॔ आहां भईर छिट्टा आम कीनने रही।"
आब हम गौर सं देखलियई।
चिन्ह मे कनिको नई आयल।
ओकर गप करबाक ढंग स बुझा गेल जे हमरे बारे मे कही रहल अईछ।
ईयाह होई छई विदेश मे । छह महिना बादो कोनो दोकान मे जायब त ओ आहां के पहिचान जायत। ई ओहिना भेल जेना एकटा अंग्रेज कतऊ चईल जाय। सब मुरकेरी देने भेटत।
आब बुझायल ओई दिन हमर नजईर त आम पर छल।ओहु मे सस्तऊआ पाकल आम। आब ओकरा दिस नजर स्थिर क देखलियई। बहुतही सहज मुस्कान ओकर चेहरा पर आईब गेल छलई। अन्जान देश मे एना अपनैती स भरल आम लेबाक आग्रह केलक। नई , नई कहल गेल।
अहिना आब धीरे धीरे ओकरे स हम गाहे बेगाहे आम कीनऽ लगलऊं। अई आम के वो सब " एपल मैंगो" कहई छई। हमरो ई आम देखऽ आ खाय, दुनु मे नीक लागय लागल। ई नई छलई, जे मोल मोलई हम नई करी। कयेक बेर ओ पहिने मना करय, मूदा बाद मे हमर भाव पर द दियैह। नईयो आम कीनियई, तखनो हाय- हेलो आ परनाम पाती हेबे करय।ओ आब अपन आन संगी हाॅकर सब स सेहो भेट करबऽ लागल।
ई सब किछु ओतबे काल मे होई, जतबा काल रेड लाईट पर हम रुकी।
आब रेडलाईट हमरा बोझ नई लागय।आब हम मोने मोन अतुका ट्रैफ़िक व्यवस्था के गाईर नई पढियई। सब किछु सामान्य चलई छल। कयेक दिन पुरा ट्रैफिक निर्बाद्ध सेहो चलई छल।
एक बरख सं बेशी अहिना बीत गेल छल।इमहर दू - तीन दिन सं ओ आमवाली हमरा रेडलाईट पर नई अभरईत छल। एक दिन अनायास हमरा ट्रैफ़िक जाम के शुरूये मे भेटल।
आई ओकर आमक दाम महग छलई।
हम जतबा रेट मे पहिने कीनई छलऊं, ऊयाह मोल कहलियई।
ओ अई रेट पर नई तैयार भेल। कहलक-" ई रेट मुनासिब नई छई। आहां दोसरो आमवाली स पुईछ लियह। हमरा स कम रेट पर कियौ नई देत।"
हम कहलियई- " आहां पहिनेहो अहिना बेशी दाम बतेने छी। बाद मे हमर दाम माईन लेने छी।
आहां हमर दोस्त छी। पुरान ग्राहक छी। हम आहां क खुशी लेल आहां के द दई छी। विशेष छुट अपना दिस स हम द दई छी।
हम आश्वस्त रही जे ई अई भाव मे माईने जायत।
जखईन नई मानलक, हम किछु रेट बढेलियई। तखनो ओ नई मानलक।
आब वो कहलक- " देखु। पहिने हम आहां के द दई छलऊं।आई हमर रेट स कम नई होयत। हमर हाथ देखु। तीन दिन पहिने घर जायकाल दुर्घटना मे चोटिल भ गेल छलऊं। अतऽ हम आम बेचऽ अबितो न्ई छलऊं। आइ एक्सीडेंट के बाद पहिले दिन ऐलऊं अईछ। देखु हाथ मे कतेक चोट अईछ।"
हमरा देखु।
हम ओकर बात पर कोनो ध्यान नई देलऊं।
ताबईत ट्रैफ़िक आगू घसकलई।
हमरा भेल कि वो पाछु स अयबे करत।
हम गाड़ी के साईड मिरर मे ओकरा ताकई छलऊं। वो नई आयल।
आब हम जांचक लेल दोसर आमवाली स भाव पुछलियई।
अकर भाव त आर महंग।
आब हमरा अपन आमवाली क कहल बात याद आबऽ लागल।
" हमरा स सस्त कियो नई देत। आहां पुईछ लियऊ।"
हमरा जेकां अविश्वासी देखु। चोरऊका मोल पतो क लेलऊं।
आब अपना व्यवहार पर पश्च्ताप होबऽ लागल। वो अपन बुईझ कऽ एक्सीडेंट के बात कहलक आ हम दाम कम करबा रहल छलऊं।हम ओकर चोट क तरफ ध्यानो नई देलियई। बुझाईत अईछ वो दुखी भ गेल। हमर व्यवहार स आहत भ गेल अईछ। तैं नई घुईर क आयल। आई तक एना नई भेल छलई। वो कयेक बेर अबई छलाय। हम किछु चुहुल क दईत छलियई। वो हंसिते रहय आ अंत मे हमरा आम पकडाईये दई छलाय।
हमर नजईर बार बार साईड मिररमे ओकरा तकई छलई। ओकर कोनो पता नई।
हम मोने मोन निर्णय कैलऊं जे जखने भेटायत हम अपन व्यवहार पर क्षमा मंगबई आ आम ओकरे दाम पर कीन लेबई। भ सकईत हो, ओकरा भरल आमक छिट्टा ऊठबऽ मे तकलीफ होई, घर मे चुल्हा नई जड़ल होई, तैं आम बेचऽ आयल हुआय।हमरा ई दु टा पाई बचेला स की होयत। आब कहियो मोल मोलई नई करबई।
वो आईब त जाय। मोन हुआय जे आन हाकर के कहियई ओकरा बजबई लेल। हमरा त ओकर नाम- गाम किछु नई बुझल अईछ। ओना लंबा कद आ निश्छल हंसी ओकर पहचान छई। हम त अही स चिन्हई छीयई। ओकर हंसी सबस॔ अलग छई। अतबा बतेबई त ओकरा लग समाद चईल जेतई। फेर लोकलाज ई सब करबा स रोईक देलक। ईयाह उधेरबुन मे फंसल रही।
अजुका ट्रैफ़िक जाम आन दिन स बेशी छल। लेकिन आई मोन अकच्छ नई भेल। ओकर इंतजार मे रही कि आईब जाय आ हम आम बिन मोलौने कीन ली।
ओ नईहे आयल। ट्रैफ़िक चईल पड़ल। हम कुमोने सिग्नल पार कय रहल छलऊं। तखने कतऽ स एकटा पुलिस वाला हमरा रुकय लेल इशारा कयलक। ईमहर हम रूकई छी कि ऊमहर स वो आमवाली आईब रहल छल।
वो सीधा हमर गाड़ी लग आयल- " आहां अखईन तक अतई छी। आई के जाम बड्ड भयानक। हमरा भेल की आहां चईल गेल होयब।"
हम कहलियई- " हम आहां क एक्सीडेंट क बारे मे नई पुछलऊं, ताहि लेल साॅरी फील क रहल छी। जल्दी स आम हमरा द दीयह। ई लीयह पुरा पाई। बिना मोल मोलई।
वो हंसऽ लागल। कहलक " आहां बहुत नीक छी। अपन देश हमरा ल चलु।"
ठीक छई। आहां के हम ल चलब। अखईन जल्दी स आम दीयह।
वो हंसईत गाड़ी क डिक्की मे आम रखलक । ट्रैफ़िक पुलिस हमरा आगु बढबाक इशारा क रहल छल।
हमर गाड़ी आगु बढ़ल आ माथ परहक पश्चातापक बोझ ऊतरल। एना बुईझ पड़ल जे मानो कोनो पूर्व जन्म क ऋण स उऋण भेलऊं ।
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दुनिया के सब देश मे रंग भेदक परिभाषा अलग अलग छलई।नब पीढ़ी के लोक अकर गंभीरता क अंदाजो नई लगा सकई छथि।
भारत मे ओना आन आन सामाजिक कुरीति सब छलई, जकर असर अखनो देखबा आ सुनबा मे आईब जाई छई। अंग्रेज सब भारत क किछु कुरीति सब पर अंकुश लगेबाक लेल कानुनो बनेलक आ ओई मे बहुत हद तक सफलो भेल।
अहिना एकटा रंगभेदक अनोखा कानून क बारे मे हमरा युगांडा मे पता चलल। भ सकईत अईछ जे आरो देश सब मे ई कानून लागू होई।
समय छलई 1931क ।डायोनाईसीयस बामुंडागा नामक एकटा अश्वेत डाक्टर , सरकारी अस्पताल, मोयो,वेस्ट नील क्षेत्र, युगांडा मे पदस्थापित छल ।
ओही समय मे नील नदी जकरा संसार क सबसा लंबा नदी सेहो कहल जाई छई, ओई पर अंग्रेजी हुकूमत पन बिजली परियोजना लगबऽ के बारे मे रिसर्च क रहल छलाय। पन बिजली संयंत्र कतऽ लगेनाई उचित, अई पर अग्रिम गहन चिंतन आवश्यक होईत छई। जल्दबाजी क हश्र की होई छई, से भारत क उतराखंड मे आयल त्रासदी स सीख लेल जा सकईत छई।
ताहि सभय मे ब्रिटिश सरकार अई विषयक विशेषज्ञ सबहक दल युगांडा मे बजेने रहय। ओ टीम अपन दिन- राईत रिसर्च मे लागल रहय।अही दरम्यान एकटा दुर्घटना घईट गेलई आ ओई टीमक एकटा सदस्य गंभीर रूप स चोटिल भ गेलाह।
कम्पाला ओतऽ स दुर छलई।
आनन-फानन मे उनका लगीचक अस्पताल, मोयो ल जायल गेलईन।ओतई डाक्टर बामुंडागा पोस्टेड छलाह।ओ मरीज के जांच कैलखिन।खुनक रिसाव बेशी भ रहल छलई। आर कोनो उपाय नई देख, जेब्रा जानवरक केश सं स्टीच क देलखिन। अई स खुन बहनाई रूईक गेलई आ मरीज कम्पाला ल जाय जोगर भ गेलई।
कम्पाला अस्पताल पहुंचला बाद ओतुका डाक्टर सब सर्जरी केलकईन आ मरीजक जान बांईच गेलईन। सब जगह सं अश्वेत डाक्टर बामुंडागा के वाहवाही भेटलईन आ उनकर द्वारा कयल प्राथमिक उपचार क प्रशंसा भेल।
अतऽ तक त सब ठीके ठीक रहल। आब शुरू भेल अई काजक जांच- पड़ताल ।
ओई समय मे कानून छलई जे युरोपियन श्वेत मरीजक स्वास्थ्य क हालात कतबो खराब होई, अफ्रीकी अश्वेत डाक्टर ओकर इलाज नई क सकईत अईछ। ई गैरकानुनी छलई आ अई कृत्य लेल सजाक प्रावधान छलई। अंत मे उयाह भेलई।
डाक्टर बामुंडागा पर कोर्ट मे मुकदमा चललईन आ आठ महीनाक जेलक सजा सुनावल गेलईन। जज साहब अपन फैसला मे लिखलाह - " हं ई सच छई जे ई एकटा जीवन के बचेलाह, मूदा युरोपियन मरीजक आपरेशन , अफ्रीकी द्वारा केनाई कानून क खिलाफ छई। अही कानून तोड़नाईक लेल डाक्टर के सजा देल जा रहल छईन।"
पहिल बेर अपन ड्यूटी निभेला पर सजा भेटबाक बात अतऽ सुनल, तैं घटना सांझा क रहल छी। ओना मरीज के देखनाई डाक्टरक धर्म होईत छई आ हम सब सुनईत आईब रहल छी- " धर्म करईत ज्यों होबय हानि,
तैयो नई छोड़ धर्म क माईन।
आई त ओना बेशी डाक्टरक दीन- धर्म " टके " टा छई।ओकर नजईर मरीजक "नब्ज " पर नई भ कऽ, मरीजक "जेबी " पर रहईत छई। जाबईत पाई नई जमा करेबई, मरीज के छुअत नई। अहुं सब अई बात स सहमईत होयब।
अई सौ बरख मे दुनिया कतेक बदईल गेलई। पहिने डाक्टर के इलाज कयला पर सजा भेटई छलई आ आब इलाज नई कयला पर भी ओकर खिलाफ किछु नई होईत देखाईत ।
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एन्टेबे हवाई अड्डा पर ओई दिन उतरईत सांझ भ गेल छल। हमहु चाहईत छलऊं कि दिन अछईते घर पहुँच जाई। कम्पाला शहरक स्थिति चुनाव क समय मे डगमगायल रहई छई।पिछला चुनावक समय कयेक दिन बिजली गुल रहलई।शहर मे कर्फ्यू जकां माहौल कहां दुन भ गेल छलई। लोक अग्रिमे खाय पीबाक सामग्री जमा क लेने छल। गैसक दु- तीन टा कनेक्शन तक लोक ल लेने छल। बिन गैस, चुल्हा कोना जड़तई। अही तरहे, जकरा जतेक दिमाग चललई, अपन-अपन तरह सं अनिष्ट समयक सामना करबाक तैयारी कैने छल। इयाह सब सुनईत छलऊं। एना भेलई........ओना भेलई.......जे पिछला चुनाव के समय छलाह, वो सब अई बेर अनुभवी मे गणल जाई छलाह।
अई बेर त "कोरोना" ल क पहिनेहे स कयेक तरहक बंधन थोपल छई। नौ बजे के बाद स्थायी कर्फ्यू शहर मे कयेक महिना स घोषित छई। सेनाक जवान पुरा शहर मे गमला जकां सजावल छई। वो सब मूंह स बाद मे बजई छई, पहिने ओकर राईफल बजई छई।ऊपर स इंटरनेट सेवा सेहो कयेक दिन स बंद छई।कुल मिला कऽ माहौल प्रतिकूल छलई।
एयरपोर्ट स बाहर अबई छी त देखई छी जे हमरा लेबई लेल महिला चालक आयल छईत। ओना एयरपोर्ट सुनसान जेकां लगई छलई। कोरोना ल क बेशी फ्लाईट सेवा शुरू नई भेल छलई।
हाय हेलो भेला बाद गाड़ी मे बईसलऊं। पहिल बेर महिला चालक, ओई मे ई अकाल समय, ऊपर स कोरोनाक खौफ आ सामने बिकराल आ रौद्र रुप मे विक्टोरिया लेक। किछु चिंता क रेखा अभरल। हम चट सं दिमाग बहटेरऽ के प्रयास शुरू कयलऊं। अई लेल सबसं बढिया रस्ता छई जे सामने वाला स गप्प केनाई शुरू क दियऊ। अतऽ त "वाला नई", वाली छल।
शहर के की हाल?
मौसम केहन?
चुनाव मे ककर पलरा भारी?
कतऽ कतऽ स हिंसाक आश॔का?
पिछला चुनाव क हाल?
कोरोनाक स्थिति ?
देश मे बेरोजगारी क समस्या?
युगांडा क कोन भागक लोक बेशी लाभान्वित?
भारतीय सबहक युगांडा मे उपस्थिति
आदि
आदि ।
ओकरा हम गप मे लटपटा देने रहियई। बीच- बीच मे ओहो कतऊ फोन करईत छल आ ओकरो फोनक घंटी घनघनाईत छलई। चिंताक रेखा ओकरो माथा पर स्पष्ट देखाईत छलई।
युगांडा मे एन्टेबे हवाई अड्डा सं कम्पाला मात्र 45 किलोमीटर छलई। समय सवा घंटा कम स कम लगिते छल। साऊथ अफ्रीका मे जोहान्सबर्ग हवाई अड्डा स प्रिटोरिया 65 किलोमीटर छल आ समय कहियो 45 मिनट सं बेशी नई लागल।अई स दुनु देशक शहर, सड़क आ ट्रैफ़िक क अंदाज लगा सकई छी।
भईर रस्ता जगह जगह जांच चौकी सब बनल। सब के पुरा खिस्सा फेर स सुनबियऊ। फलाँ काज लेल गेल रही, फलां जगह सं आईब रहल छी, फलां कारण देरी भ गेल, फलां समय सं अई देश मे छी, नियमक पालन करईत अयलंऊ अईछ, ई हमर कार्ड राखु, कहियो सेवाक मौका देब तऽ हमरा खुशी होयत आदि आदि ।
एक्के बात के बारम्बार बजला सं मोन खींज गेल छल।
लेकिन उपाय की?
नाटक करईत छलऊं। जबरदस्ती मुस्कियाईत आ साॅरी/ थैंक्यु कहईत घर घुईर रहल छलऊं।
आई साते बजे तकक अनुमति छई। हम त नौ बजे के गुमान मे रही। ई गुमान, चारु तरफ पसरल खौफ स उतईर गेल छल।
हमरो स बेशी खौफजदा वो महिला चालक छलीह । इनकर नाम "एनया" छलईन। वो ककरो फोन पर अपन भाषा मे निहोरा करईत छलीह- ई हमरा अखईन तक बुझा गेल छल।
हम पुछलियईन " आहां विवाहित छी?"
नई।
आई पतिदेव रहितैत, त आहां नई , ओ परेशान रहितैत जे आहां कोना घर घुरब।
हम विवाह पहिने कैने छलऊं। हमरा 14 बरखक बेटो अईछ।
आहां तलाकशूदा छी की?
हं। आहां तलाकशुदा कही सकईत छी।
तलाक न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेल होयत? समय बहुत लागल होयत?
नई। कोनो कोर्ट कचहरी हम नई गेलऊं। ओतऽ जाय के कवनो अनिवार्यता अतऽ नई छई।
तखईन।
हम छोईर देलियई ओकरा।
किछु लेब- देब करऽ पड़ल होयत?
नई। कथी लेब- देब। हम छोईर देलियई। ओ चईल गेल। बस भ गेल आहांक भाषा मे तलाक।
आहांक अई विवाह स॔ एकटा स॔तान भेल?
हं। एकटा भेल। ईयाह 14 बरखक बेटा अईछ। अकरे संग हम रहईत छी।
बेटा क कस्टडी ल कऽ आहां आ घरवाला मे विवाद न्ई भेल?
कथीक विवाद होयत। ओकरा छोईर देलियई आ वो चईल गेल। आब कोनो आन स्त्री संग रहईत होयत।
बेटा पर अधिकार लेल वो कौनो दबाव नई बनेलक?
बेटा हमर तहिया छोट छल। ओकरा पालन पोषण जिम्मेदारी स भरल काज छई। हमर पति के त अई स मूक्ति भेटलई। वो खुशी खुशी गेल।
ओना हमरा निजी प्रश्न नई पुछबाक चाही। आहां सबहक संबंध क बीच मे की कारण भेल अलगाव के?
हमर पति के एकटा आर औरत सं सबंध छलई। हमरा पता चईल गेल छल। हम नई किछु कहलियई, कियैक वो हमर बेटाक बाप छल। दोसर बात अतऽ बेशी पति अहने भेटत। जखने कियो दोसर औरत भेट जेतई, ओतई मूंह मारऽ लागत। अई स हमरा दिक्कत नई छल।
बाद मे वो कहऽ लागल जे आब हम ओई स्त्री के बियाह क कऽ घर आनबई।
ई हमरा बर्दाश्त नई भेल। हम अपन घरवाला संग दोसर स्त्री के तर मे नई रही सकई छी। हम साफ साफ शब्द मे अपन पति के बुझा देलियई। वो नई मानलक। हम ओकरा छोईर देलियई। ओकरा होई की हम ओहिना कही रहल छी। आब भोईग रहल छईथ। नई हमरा सनक स्वस्थ आ आकर्षक ओकर शरीर छई आ नई हमरा जेकां मेहनतकशे अईछ। आब कयेक बेर हमर पहिलका पति हमरा संग रहबाक निवेदन कयलक अईछ। हम नई मानलियई। हम अप्पन हालात मे खुश छी। बेटा के नीक स पढा लिखा रहल छी।
आहां अपन दोसर बियाहक पक्ष मे नई छी?
हम बियाह के पक्ष मे छी। प्रस्ताव सेहो आयल अईछ। ई सब " हाजी" अईछ। ओतऊ फेर दोसर- तेसर स्त्री बईन क रहऽ पड़त। ईयाह मंजूर नई अईछ। हम एक नम्मर मे रहऽ चाहईत छी।
एक नम्मर मे त पहिने रहबे करी आहां।अखईन कोनो एक नम्मर बला प्रस्ताव अईछ?
जकरा सं अखईन फोन पर गप करईत छलऊं, वो हमर प्रेमी संगी अईछ। अखईन वो गाड़ी ल कऽ आयत। कर्फ्यू रहलो पर वो हमरा हमर घर पहुंचा देत।
हमर सब गप वो मानईत अईछ।हम ओकरा ट्रायल पर रखने छी।ओकरो एकटा आर स्त्री संग अंतरंग दोस्ती छई। ईयाह हमरा परेशान क रहल अईछ। ओकरा तरफ स " हां" छई, हमर बेटा के अपनावह लेल सेहो तैयार अईछ। हमही प्रस्ताव लटकेने छी। एकबेर गलती क चुकल छी , तैं अई बेर जल्दबाजी नई करब।
हमर शुभकामना आहां संग अईछ।
हमर यात्रा लगचियाल जा रहल छल। अतेक दिलचस्प अंदाज मे एनया सब कहईत छल जे थोड़े काल खातिर कर्फ्यू आ कंपाला सब बिसरा गेल छल।
हम मोटर ड्राईविंग विधा मे छी। ई पुरुख प्रधान फील्ड छई।सब तरहक पुरूख स हमरा दिन राईत वास्ता पड़इत रहईत अईछ।हम आब पुरूखक मनोभाव खुब बुझऽ लगलियई अईछ।हमर महिला मित्र सब अपन जीवनसाथी के फैसला करऽ स पहिने हमरा स ओकरा भेट करवबई छईथ आ हमर विचार क महत्व दईत छईत। जे नई देलईन, वो पछतेलईन। आहां कहु त हम कही दी जे आहांक मोन मे अखईन की अईछ?
अकरा मोने मे रहऽ दियऊ। आहां शुभ शुभ अपन घर पहुँच जाऊ।
आहां निश्चिंत रहू। हम घर पहुँच जायब।
ईयाह कही हम ओई दिन ओकरा स विदा लेलऊं।
सच मे युगांडाक स्त्री क ह्रदय बहुत पैघ होई छ्ई। परिवार आ बच्चा क पालन - पोषण ई सब अपन बूते करईत अईछ। ईयाह ऊमेद मे ई स्त्री सब बच्चाक परवरिश मे कोनो कमी नई छोड़ईत अईछ कि बाद मे ओ देखत।
सामाजिक स्थिति देखियऊ जे माय बाप अतऽ बेटीक घर पर नई जाईत छई। रहतई त बेटे संग।बेटी नैहर एतई, मूदा जमायक सासुर अयनाई नीक नई मानल जाईत छई।
माय बापक सेवा बेशी बेटी सब के अतऽ करईत देखई छियई, बिना अपना घर पर रखने। अजीब विरोधाभास छई, जहिना किछु मैथिल समाज मे बेटीक घरक अन्न पाईन ग्रहण ऊनकर मायबाप के लेल निषिद्ध कहल गेल छलई।सामाजिक मान्यता मे अतेक समानता दु महादेश के कतऊ ने कतऊ स जोईर रहल अईछ।

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पुरा पुर्वी अफ्रीका मे भारतीय क खिलाफ जे हवा पहिने बहल छई, से कमोबेश एकरंगाहे। केन्या मे 1982 मे एशियाई कहई लेल, वास्तव मे भारतीय के खिलाफ जबरदस्त हिंसा आ लुटपाट भेल छलई। एशियाई आ ओकर प्रतिष्ठान के ताईक ताईक क निशाना बनावल गेल छलई।बाद मे ई हिंसा बीभत्स रुप ल लेने छलई।
थोड़बे पाछु जायब त 1980 क तंजानियाक राष्ट्रीयकरण क नाम पर एशियाई के संपत्ति स बेदखलीक बात याद आईब जायत।
ओई स पाछु जायब त 1972 क युगांडा क ईदीअमीनक शासन काल मे भेल एशियाई सबहक सर्वविदित निष्कासन मोन पड़त।
ई सब एकटा कड़ी मे भेलई आ अई घटना सबहक पाछु मे एकटा समानता देखायत।
समय आ सोच आब बदईल गेल छई।केन्या मे संचालित एशियन अफ्रीकन हेरिटेज ट्रस्ट अई तरहक सोच आ समझ पर नजर रखने रहईत छई। अकर स्पष्ट कहब छई जे एशियाई सब अनमन तहिना छईत, जहिना स्थानीय अश्वेत जनजाति सब छई।
नैरोबी क नेशनल म्यूजियम मे एशियन अफ्रीकन हेरिटेज प्रदर्शनी क माध्यम स सेहो मानव जाति क क्रमिक विकास आ एशियाई क योगदान क बारे मे दर्शावल जा रहल छई। आई जे आधुनिक केन्या छई, ओकर यात्रा कतऽ आ कोना शुरू भेलई, अई सब बात क जानकारी देल गेल छई।
प्रदर्शनी मे, कोना भारतीय सब पहिल बेर पुर्वी अफ्रीका क धरती पर पैर रखलाह आ की की योगदान कयलाह, सब वर्णित छई। एकटा तिकोना नाव पर सवार भ कऽ मानसुन स दु दु हाथ करईत, हिंद महासागर क रस्ता स ई सब अत अयलाह, ईहो झांकी बना कऽ राखल छई।
19वीं सदी मे अई छोटकी नाव सं 34000 भारतीय सब केन्या मे गिरमिटिया मजुर बईन क अयलाह। ई सब ब्रिटिश ईस्ट अफ्रीकन रेल लाईन बनेलाह जे मोम्बासा स कम्पाला तक जाई छलई। कहबी छई जे अई रेलवे लाईन के बनबऽ मे हर एक माईल पर चाईर भारतीय मारल जाई छलाह। अई मे सऽ 28 गोटे अफ्रीकी शेरक ग्रास बनलाह। अही दिल दहलावह वाला बात पर 1996 मे " द घोस्ट एंड द डार्कनेस" नाम स सनीमा सेहो बनल छई।
रेलवे लाईन बनलाक बाद भारतीय सब अतऽ तरकारी क खेती शुरू कयलाह। ई सब ओई जमीन मे खेती करई छलाह जे ब्रिटिश क बंदोबस्ती क लेल सुरक्षित राखल जमीन स फराक छलई। जे खेती नई कयलाह ओ भारतीय सब छोटछीन अपन व्यापार करऽ लागल छलाह।
ओई समय स्थानीय अश्वेत जनजाति सब कनी मनी खेती आ चरवाहाक काज बेशी करईत छलाह।
बाद मे ई स्थानीय लोक सब " अफ्रीका फोर अफ्रीकन्स" क नारा बुलंद करऽ लागल छलाह। नस्ल वाद, राष्ट्रीयता क एकटा मुख्य घटक रहलई अईछ। अगर आहां अंग्रेजक खिलाफ, एशियाई क खिलाफ, केन्या मे बजई छी त आहां राष्ट्रवादी छी।ई तहिना छई जेना आहां हिंदू धर्म क खिलाफ भारत मे बजई छी, त आहां धर्म निरपेक्ष आ बुद्धिजीवी कहायब।
अई तरहक एकदिसाह पक्षपाती बेवजह सोच बनबाक जिम्मेदार ई भारतीये सब छईत।ओना आब अई मे सुधार आईन रहल छईत।
एकटा खिस्सा प्रचलित भेटत जे अतऽ सब तरहक महग मोटर कार देखबई।पार्किंग लाॅट मे गाड़ी मे खाली अश्वेत बईसल भेटताह। ओना आन जगह, आगुक सीट पर अश्वेत आ पाछु भारतीय बईसल भेटत।कहबाक मतलब " ड्राइवर " स्थानीय अश्वेत सब आ मोटर कारक मालिक भारतीय सब छईत।ईयाह आगु- पाछु बईसबाक कहानी छई। ओना भारतीय मालिकक गाड़ी क चालक भेनाई भी अतऽ नीक नौकरी कहबई छई।
अई मे भारतीय की करतई। स्थानीय सब अपने कोनो आर काजक लेल प्रयास नई करईत अईछ। भारतीय सब कयेक टा संस्था सब बना कऽ अतऽ आत्मनिर्भर भ गेल छईथ।
लोकक कहब छई जे जखईन 1998 मे अमेरिकी दूतावास, नैरोबी मे आतंकवादी हमला भेल छलई, त ओतुका सरकार मे अकर सामना करबाक लेल कोनो आपदा प्रबंधन तहिया उपलब्ध नई छलई। घंटा क भीतर भारतीय उद्योगपति सब क्रेन आ सवारी ल कऽ घटना स्थल पहुँच गेल।हजारों घायल सब के अस्पताल सब मे पहुँचायल गेल आ आवश्यक सब व्यवस्था सब कैल गेल। ई तहिना छई जेना भारत मे सिक्ख धर्मावलंबी आ आर एस एस क लोक सेवा भावना स पहुँच जाईत छईत।
केन्या क एहन कोनो क्षेत्र नई बांचल छई, जतऽ भारतीय क प्रभुत्व नई होई। एतऽ तक की माछ- मछुआरा स जुड़ल व्यापार मे भी भारतीय क कब्जा छई।
आई केन्याक हर तरहक समाज, भारतीय सब पर निर्भर छई। अतुका भारतीय के जर्मन ज्यु स तुलना करई छई। कयेक बेर आहां के भारतीय सब के प्रति अपमानजनक काॅमेट सेहो सुनऽ पड़त।
की सच, की फुईस। अफ्रीकी इतिहासकार क अनुसार प्रथम विश्व युद्ध मे भारतीय सब तरहे ब्रिटिश हुकूमत के संग रहय। ब्रिटिश सेनाक अधीन सुडान, मिडिल- ईस्ट आ युरोप मे युद्ध क दौरान भारतीय सब बईढ चईढ क हिस्सा लेने रहईत आ ब्रिटिश सरकार क विश्वास जीत लेने रहईत।
हेनरी जानसन नामक व्यक्ति त ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के सलाह देने रहथिन आ अई पर काज आगु बढलो रहई जे विश्व युद्ध क योगदान क ईनामक रूप मे भारतीय सब के पुर्वी अफ्रीकाक प्रभुत्व द देल जाईन। भारतीय क आखिर भेटलईन त किछु नई, ख्वामखाह स्थानीय अश्वेतक मोन मे नबका शोषक मे वर्गीकृत भ गेलाह।
आई अतऊ जरूरत छई, इतिहास के सापेक्ष लिखेयबाक, जेना भारत मे शुरूआत भेल छई।
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भारत क तुलना मे अफ्रीका मे विकासक रफ्तार बहुत ही सुस्त छलई। ओहो मे पुर्वी अफ्रीका मे त आर धीरे- धीरे आधुनिकीकरण भेलई।
हम सब बच्चा मे बैट्री मतलब " एक्साईड" बुझियई। ई अहिना छलई जेना गोदरेज माने अलमीरा, टाटा माने ट्रक आदि आदि । अई एक्साईड मोटर बैट्री के बारे मे युगांडा मे पता चलल जे पहिल बेर 1934 मे ई बैट्री के अतऽ मंगावल गेल छलई। ओई स पहिने बिन बैट्री अतऽ मोटर चलईत छलई। " अफ्रीका लिमिटेड " नामक एकटा ब्रिटिश कम्पनी छल जकर व्यापार युगांडा मे फईलल छलई, ऊयाह पहिल बेर एक्साईड बैट्री अतऽ आयात कयलक। बाद मे बजार बनला पर अतऽ अकर उत्पादन सेहो शुरू भ गेल। बिन बैट्री कोना मोटर स्टार्ट होईत हेतई , ई सोचऽ मे अजबे लगई छई। बैट्री अयलाक बाद मोटर कार क उद्योग मे एकाएक उछाल भेल छलई।
ई 90 बरख मे अफ्रीका मे कतेक तरहक परिवर्तन, उद्योग जगत आ जीवन यापन मे देखबा मे आईब रहल छई, से कहऽ सुनऽ स बाहर।
भारत मे तऽ राजा- रजवारा आ ओकर शान- शौकतक खिस्सा ककरो स छुपल नई छई। अई विषय मे सेहो अफ्रीका घुसकुनिये दईत बुझाईत अईछ।
ओहिना शैक्षणिक दृष्टिकोण स भी युगांडा क रफ्तार बेश थम्हल छई।स्थानीय अश्वेतक पहिल पी एच डी डिग्री लेबाक बात 1932 मे कहल जाई छई। टिमोती सेमोग्रेरे आ जोसेफ किवानुका के पहिल पहिल डाक्टरेट आफ कैनन लाॅ, ग्रेगोरियन युनिवर्सिटी, रोम, इटली स भेटल छलईन।युगांडा मे उपलब्ध कैथोलिक आ औपनिवेशक रिकार्ड क अनुसार त ई दुनु गोटे युगांडे नई, पुरा अफ्रीका मे पहिल भेलाह जिनका कैनन लाॅ मे पी एच डी भेटलईन।बाद मे एक गोटे मसाका आ दोसर गोटे रुबागा चर्च मे बिशपक पद के ग्रहण कयलाह। ओई समय मे चर्चक सेवा मे रहनिहार क मान - मर्यादा बहुत बेशी होईत छलई।
अही तरहे, युगांडा क पहिल ग्रेजुएट होबाक तगमा, बालाम जबेली मुकासा के भेटल छईन। 1929 ईस्वी मे ई मोरहाऊस कालेज, अमेरिका मे नाम लिखेला आ पढाई शुरू कयलाह। 1932 मे " राजनीतिक अर्थशास्त्र " विषय स ग्रैजुएट भेलाह। अकर बाद, अमेरिके मे बहुत रास कालेज सब मे अध्यापन कैलाह। 1937 मे याले विश्वविद्यालय स एम ए कयलाक बाद युगांडा घुरलाह। जेना भारत मे विदेश स पईढ क घुरला पर ताहि समय मे हाथे हाथ राखल जाई, ओहिना अतऊ भेलई।
बूनयोरो राज्य मे इनका सीधा प्रधानमंत्री के पद भेटलईन।
1954 मे जखईन " रेडियो युगांडा " शुरू भेलई त ई पहिल समाचार वाचक आ बाद मे टाॅक शो के सेहो पहिल होस्ट भेलाह।
1958 मे अतुका लेजिसलेटिव काउंसिल क सदस्य सेहो मनोनीत भेलाह। किछु बरखक बाद जे डेमोक्रेटिक पार्टी क सरकार बनलई, त ओई मे कृषि मंत्री क पद पर सेहो मनोनीत भेलाह।
ई सब ओहिना भ रहल छई, जेना भारतो मे सर्वोच्च योग्यता बला लोक सफलताक सीढी चढल जाईत छल।
भारत मे नेवीक इतिहास त बहुत पुरान छई। अकर कारण महासागर क तट छई। युगांडा मे नेवीक स्थापना 1973 मे भेल छई।जखने 1973 भेल, ईदी अमीनक शासन याद करऽ परत। ईदी अमीन नेवीक महत्ता बुझईत छल।ओ अपने व्यक्तिगत दिलचस्पी ल कऽ 200 सैनिक क भर्ती कयलक आ ट्रेनिंग क लेल लीबिया पठेलकईन। अतबे नई, ई युगांडन नेवी सैनिक सब इजिप्ट- इजरायल युद्ध मे सेहो भाग लई गेलाह। कहल जाई छई जे ईदी अमीन अपने ओई समयक लीबियाक राष्ट्रपति गद्दाफी के युगांडन प्रशिक्षु सब के इजिप्ट पठबई लेल कहलकई। ओतऽ ई ट्रेनी सब इजरायलक खिलाफ जंग लड़ल। ट्रेनी क जंग स बढ़िया प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कतऽ होईतईन। ओई समय अफ्रीका क आन कोनो देशक नौसेना क ई जंगक अनुभव नई भेटल छलई।
अहिना युगांडा मे आंश्रु गैसक पहिल प्रयोगक बात 1945 मे कहल जाईत छई। अतुका पुलिस उपद्रवी भीड़ के तितर बीतर करई लेल मेगो, एन्टेबे आ नाकासिरो, कम्पाला मे आश्रु गैसक गोला छोड़ने छल।
ओई समय तक युगांडा मे दंगा विरोधी पुलिस युनिटक गठन नई भेल छलई।स्थिति क निय॔त्रण करबाक लेल किंग अफ्रीकन राइफल के सैनिक टुकड़ी के नाकुरु, केन्या स बजावल गेल छलई।
ई बतेनाई जरूरी बुझना जाईत अईछ कि अई दंगाक शुरुआत ब्रिटिश हुकूमत आ भारतीय व्यापारी क खिलाफ भेल छलई।स्थानीय अश्वेत क कहब छलई जे अंग्रेज आ भारतीय दुनु हमरा सबहक शोषण आ दोहन क रहल अईछ।आंदोलन बाद मे बुगांडा मे हिंसक भ गेल छलई। स्थानीय अश्वेत सब ओतुका जनजाति क प्रधान के सेहो खिलाफ छलई।ओकर सबहक कहब छलई जे ओकर प्रधान के ब्रिटिश आ भारतीय व्यापारी सब स॔ घालमेल छई।आंदोलनकारी सब उद्योग विशेष क कपास मे भारतीय आ ब्रिटिश क एकाधिकार के मानई लेल तैयार नई छलई। बड्ड मशक्कत क बाद दंगा पर रोकथाम भेलई। युगांडा के अई आंदोलन मे कयेक टा राजनेता जन्म लेलाह , बाद मे सत्ता क बागडोर हासिल कयलाह।
अही सब तरहे ई स्पष्ट भेल जा रहल छई जे भारतीय सबहक खिलाफ एकटा माहौल हमेशा स पुर्वी अफ्रीका मे रहलई अईछ।
किछु दिन पूर्व हमरा एकटा अश्वेत स्थानीय शिक्षित केन्याई स गप शप भेल। ओ कहलक -" ई सच छई जे भारतीय सब 100 बरख सं बेशी समय स अतऽ छईत, मूदा हम सब अखनो ईनका " एशियाई " कहईत छियईन। ईनकर चमरीक रंग, जीबाक ढंग, पाबईन तेहार आ धन, हमरा सब संग रहितो अलग अस्तित्व बनेने छईन।
भारत मे त कई दशक पहिनेहे ई युनिट अस्तित्व मे आईब गेल छलई। युगांडन लोकक शांत प्रकृति क कारण ब्रिटिश हुकूमत के दंगा विरोधी दस्ता क आवश्यकता नई बुझेलई। अकर ईतर, भारत मे ब्रिटिश सरकार दंगा विरोधी युनिट बहुत पहिने गठन केलक आ आजादीक आंदोलन के कुचलबा मे खुब दुरुपयोग कैलक।

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अफ्रीका बिशेष कऽ पुर्वी अफ्रीका मे सुतऽ मे धुरंधर लोक भेटत। अतुका स्थानीय सब के कनियो काल के खाली समय भेटई छई, बस फोंफ कटनाई शुरू कऽ देत। सुतई लेल बिछान के कोनो जरूरत नई छई। रस्ता,पेरा, कुर्सी, टेबुल, यात्रा करईत, बईसल या भुमि पर कतऊ सुतल भेंट जायत। पांच मिनट आहां खाली छोईड़ दियऊ, हाफी लेनाई शुरू भ जेतई।
नीक नींद भेनाई , एकटा गुणे छई। हमरा होई छलाय जे ई सब घर पर नई सुतई अईछ, तैं बाहर अबिते नींद आईब जाई छई। पुछला पर पता चलल, ई सब सुतबा मे बीर बांकुरा अईछ। घरों मे ओहिना सुतई अईछ आ बाहरो जतई मौका हाथ लाईग जाय। घर- बाहर मे दु रंग बेबहार ई सब नई सीखलक। मिथिला मे किछु भोजवीर सब बरियाती आ गंवई भोज मे सैकड़ा मे मीटर खींच लेताह, मूदा अपन घर मे नियंत्रित भोजन करताह। पुछला पर जवाब रहतईन- " चामक पेट होई छई, जतेक हुआय लमाईर लियह।" अफ्रीकी सब जेहने घर, तेहने बाहर भेटत।
अई करोना के दौर मे सुतनाई सं संबंधित युगांडा क एकटा महामारी के बारे मे बता रहल छी। अकर विभीषिका के आकलन अही सं कऽ लियह जे तहिया यूगांडा मे ढ़ाई लाख लोक अई बीमारी सं जान धोने छल। अई बीमारी के नाम छई- " sleeping sickness ". आहां सब "नींद के बीमारी" कही सकई छी।
जखईन १९०० ईस्वी मे युगांडा, ब्रिटेनक प्रोटेक्टोरेट घोषित भेलई, तखने ई बीमारी के प्रकोप सामने एलई। ई बीमारी अपन चरम पर १९१० मे पहुंचल आ फेर शनैः शनैः समाप्त होईत गेल। १९२० मे आईब कऽ पूरा खत्म भेल। आजुक जेना सुचना प्रोद्योगिकी अतेक विकसित नई छलई, तैं दूनिया के दोसर भागक लोक अई सं अनजान छलय। लोकक अबरजात सेहो नई छलई। ओही सं बीमारी नई फैलई।
तखुनका ब्रितानी हुकूमत के अई बीमारी के रोकथाम करनाई आवश्यक छलई, कियैक अई सं मृत्यु दर बहुत बेशी भ गेल छलई। ताहि कारण अर्थव्यवस्था के ओधबाध भ रहल छलई।
ब्रिटेनक सरकार अविलंब अई बीमारी लेल रिसर्च सेन्टर खोललक आ नियंत्रण लेल किछू कदम उठेलक। जेना ओई ग्रसित क्षेत्र सं लोक के जबर्दस्ती निर्वासित केलक, लोकक आवाजाही पर प्रतिबंध आ आर्थिक गतिविधि पर रोक लगेलक।
स्लीपिंग सिकनेस बीमारी सं ग्रसित क्षेत्र छल- विक्टोरिया लेकक आसपास क एरिया।ओना ई बीमारी १९०१ सं पहिनेहो छलई, मूदा एकाएक बढंतीक कारण नब लोक के ओई क्षेत्र मे बढ़ल आवाजाही आ व्यापारक बढ़नाई छल।
यूगांडा क लोकक कहब छईन जे ई बीमारी संभवतः कांगो दिस सं या सुडानी सैनिक जे ईमहर आयल छलाह, ऊयाह फैलेने अईछ।समाज कतुको होई, बीमारीक कारण अपना सं कमजोरबे पर लगई छई।
ओना अई देश मे महामारी के अई सं पहिलुका इतिहास नई छई। अकर कारण ओ सब अपन बंद संस्कृति आ दुनिया सं कम संपर्क रहबाक दई छई।
सबसं पहिने स्लीपिंग सिकनेस कमीशन १९०१ मे अई बीमारी के स्रोत के चिन्हित कैलक। नील नदी के ३०/४० माईलक क्षेत्र मे ई बेशी पसरलं बुझेलई। जतेक उद्गम स्थलक लग जाऊ, ओतेक बेशी रोगी भेटलई। अई सब सर्वे के आधार पर बुसोगा क्षेत्र , एंटेबे आ सेसे आईलैण्ड सबसं प्रभावित छलई।
चिकित्सक क अध्ययन टीम अई निष्कर्ष पर पहुंचल जे एकटा मच्छर अई बीमारी के फैलबई छई। ई मच्छर लेक विक्टोरिया आ ओई मे बनल द्वीप सबहक गाछ बिरीछ, खेत पथार मे रहई छई।
तखूनका डाक्टर सब कयेक तरह सं अकर रोगी सब के उपचार शुरू कैलक। मूदा सफलता नई भेटई। अलग तरहक बीमारी आ ओकर सिमटम सैहो किछु अलगे। शुरुआत मे सिमटम फ्लु आ मलेरिया सनक लगई, फेर बाद मे बिना कोनो विशेष लक्षण के रोगी के प्राणांत भ जाई।
अंत मे हाईर कऽ, दोसर आन कोनो चारा नई भेटला पर,ओत सं लोक के हटेनाई शुरू कैलक। अतबे नई, ओई क्षेत्र मे कोनो भी काज केनाई के गैरकानूनी घोषित कयल गेलई।
हर व्यक्ति के अनिवार्य जांच आ जांचोपरांत जिनकर लक्षण पोजिटिव उनका एकटा आइसोलेशन कैंप मे आगू के इलाज लेल राखल गेलईन।
माछ मारनाई या माछक व्यवसाय केनाई, लकड़ी काटनाई, जंगली जानवर के शिकार केनाई वा लेकक दु माईलक क्षेत्र मे प्रवेश पर पुरा सख्ती सं प्रतिबंध लगाबल गेलई। १९०९ अबईत अबईत सब द्वीप परक लोक सब के ओत सं हटा लेल गेलई।
स्थानीय लोक के सैकड़ों बरख सं एक जगह रहईत रहला पर, ओत सं हटेनाई ओतेक आसान निर्णय नई रहई। स्थानीय जनजाति आ ओकर प्रमुख सब ब्रिटेन के अई रिलोकेशन के निर्णय के विरोध केलकई। ओकर सबहक चिंता छलई जे नब जगह पर खाना पीना के बेबसथा के करतई, कोना हेतई आ कहिया ओ सब अपन पुरान घर/ डीह पर घुरत।
जर्मनी सेहो अई बीमारी के इलाज लेल सेसे आईलैण्ड पर अपन रिसर्च टीम पठेलक।अई तरहे सेसे आईलैण्ड पर जर्मनी के पहिल पुर्वी अफ्रीकाक लेबोरेट्री खुजलई। ओतुका स्थानीय लोक सब पर ओकर शोध केन्द्रित रहलई। अंततोगत्वा जर्मनीक डाक्टर क टीम अई बीमारी के दवाई आ ओकर सफल परीक्षण क दावा केलक।
रिलोकेशन सं बढ़ईत मृत्यु दर पर नियंत्रण भेलई। धीरे धीरे अई बीमारी के प्रकोप कम भेलई। फेर स्थानीय सब वापस अपन पुरना डीह पर जाई गेलाह।
२००९ मे १०००० सं कम अई बीमारी सं लोक ग्रसित भेल। २०१८ मे संख्या घईट क ९७७ भ गेल छई।अई तरहे स्लीपिंग सिकनेस महामारी सं युगांडा निजात पैलक।
अजुका परिपेक्ष्य मे १२० बरख पहिने युगांडा मे भेल महामारी आ ओई सं पार पैबाक तरीका मे बहुत रास समानता देखा रहल अईछ।
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गाछ बिरीछ के जेना मिथिला के समाज मे पुजल जाई छई, ओहिना युगांडा क स्थानीय लोक सब सेहो किछु गाछ के भगवानक अंश मानईत अईछ।अपनो सब कतऽ ब्रह्मबाबाक स्थापना गाछक जईड़ लग मे भेटत। ब्रह्म बाबा के गाम समाज मे ग्राम देवताक रूप मे मान्यता छईन। कमोबेश सब गाम मे पुजा पद्धति मे भी समानता देखबई।
युगांडा मे अपना सब कतऽ जे एकाहरा अड़हुल फूल होईत अईछ, ओकरा सुखा कऽ बिकाईत देखलियई। अतुका लोक सब सुखायल अड़हुल फूल के पैकेट बना बना कऽ बेचईत अईछ। ई सब अई फूल के पाईन मे राईख कऽ बारह घंटा करीब छोईर दई छई आ फेर ओ ललौन पाईन पीबई छई। अकर सबहक मान्यता छई जे ई पाईन पीला सऽ खुन साफ रहई छई आ रक्तजनित रोग सं बचाव होई छई ।किछु के कहब छई जे, अई लऽ कऽ शरीर मे बीमारी सऽ प्रतिरोधक क्षमता बईढ़ जाई छई।
दोहारा अड़हुल हमरा बिकाईत नई देखायल अईछ।
जखईन अड़हुल के फूल अतेक फायदेमंद छई, तऽ अकर गाछ आहां सब रोपई किया नई छी?
तकर कोनो ज़बाब नई।
मनमौजी सब होई छई। पाई रहलई जेबी मे, तऽ सुखायल फूल कीन लेलक। नई तऽ कोनो बात नई।
अहिना पाकल केरा के तऽ " बनाना " कहत, मूदा कांच केरा के ओ सब " मटोके " कहत। ओना मटोके अतुका एकटा केराक बनल तरकारी के सेहो कहल जाई छई।
कांच - पाकल मे नाम बदईल जाई छई, अकर पाछु की राज? से नई जाईन।
हंसी तखईन लगईत अईछ, जखईन उत्तर भारतीय सब के मूंह सं केरा के, मटोके कहईत सुनई छी।
अतऽ एकटा " नक्कीमा " गाछ छई, जकर दर्शन करई लेल युगांडे टा नई, रवांडा, बुरुंडी, तंजानिया, केन्या आ कांगो स भी श्रद्धालु अबई छई।अई गाछक जईड़ सब चारु कात करीब पचास मीटर दूर तक उभरल छई।ई जगह कम्पाला सं १७२ किलोमीटर पश्चिम आ मुबेंडे शहर सं सटले ३ किलोमीटर दुरी पर छई।
अई गाछक जईड़ सब के नौ टा भाग मे बांटल गेल छई। आहां दु जईड़क बीचक ९ टा खोंधियां बुईझ सकई छी। ई नवों खोंधिया मे ९ टा स्थानीय देवताक वास मानल जाई छईन।
पहिल खोंधिया के आहां रेस्तरां वा लाॅज के रिसेप्शन बुअईझ सकई छी। पुजारी आहां के सबसं पहिने अतई भेटत। ओकर बाद आहांक समस्या आ ईच्छा बुझलाक बाद अलग अलग देवता पितर के खोंधिया लग लऽ जायत।
दोसर खोंधिया " राजा निदाहुराक" कहल जाई छई। ओतऽ राजा , पुजारी आ आन श्रद्धालु के वास्ते ताजा फल देल जाई छई।
तेसर खोंधिया बियाह आ संतोनोत्पति के देवी " नबुजाना " के छईन। अतऽ बांझ स्त्री - पुरूख, संतानक कामना लऽ कऽ अबईत अईछ।
चारीम खोंधिया मे जंऊआ संतानक ईच्छा बला लोक प्रार्थना करऽ जाईत अईछ।अतऽ दु वा तीन मुंह बला घईलनुमा माईटक बासन सब राखल रहई छई। अई घईल सब मे पाईन जेकां द्रव भरल रहई छई। ज्यों आहां जऊवां बच्चा चाहई छी, तऽ दु मूंह वला घईलक पाईन पीब लीयह। तहिना ज्यों एक बेर मे तीनटा संतान चाहई छी, तऽ तीनमूंहां घईलक पाईन पीब लीयह। ध्यान ई रहय, जे ई पवित्र पाईन पीबा सं पहिने देवता के गोहार जरूरे लगाबी।
पाचम खोंधिया , बरखाक देवता " मुसोके " के छईन। अतऽ प्रार्थना कैलाक बाद आहां काॅफीक फर राईख दियऊ । अकर बाद बड़का कलश मे राखल पवित्र पाईन पीब लीयह।
छट्ठम खोंधिया, युद्ध आ सेनाक कमांडरक देवता " किवनुका " के छईन। ई देवता पुरा राज्य मे सुरक्षा आ शांति बनेने रखई छथिन आ दुश्मन सं भीड़ल रहईत छथिन।
सातम खोंधिया, पशुपालक के छईन।ईनका " कलीसा " कहल जाई छईन।कलीसा देवता, सब माल- मवेशी के देखभाल आ उपचार करई छथिन। ज्यों आहां के पास खराब नस्लक मवेशी अईछ, तऽ ई अभिशाप भेल। आहां के अतऽ आईब कऽ प्रार्थना करऽ पड़त, तखने नीक नस्लक मवेशी आहांक खुट्टा पर जन्म लेत।
आठम खोंधिया, शिकारक देवता के छईन। ईनका एतऽ " ददंगु " कहल जाई छईन। जखईन युगांडा मे बकेजी राजतंत्र रहई तऽ शिकारी, शिकार पर जाय सं पहिने अतऽ प्रार्थना करई छल। ओ नीक जानवरक शिकार आ ओकर मांसक संग जीबईत घुरबाक गोहार अपन देवता सं करईत छल। आब शिकार तऽ बन्न भऽ गेल‌‌‌ छई। ताहि लेल श्रद्धालु अपन बिजनेस मे बढ़न्तीक लेल अतऽ अबईत अईछ।
नवम खोंधिया पाईन आ माछक देवता के छईन। अई देवता के " मुकासा " कहल जाई छईन।माछक स्थान कतेक बेशी युगांडन समाज मे छई, से सर्व विदित छई। एक नीक संख्या मछुआरा के अतऽ छई। ताहि लेल मुकासा के श्रद्धालु बहुसंख्यक छईथ।
जखईन भी श्रद्धालु अपन मनौती लऽ कऽ अतऽ अबईत छईथ आ ओ पूर्ण भऽ जाई छईन, तखईन ओ सब वापिस अतऽ देवताक दरबार मे अबई छईथ।अपना संग ताजा फल आ भोज्य सामग्री अनई छईथ। ई भोज्य सामग्री के अतई पकावल जाई छई आ सब उपस्थित श्रद्धालु के बीच महाप्रसाद कही कऽ बांटल जाई छई।
अई सब देखला सुनला सं हमरा भारतक सिद्धस्थ स्थान सब मोन पड़ल। अहिना परिपाटी त अपनो कतऽ छई। विशेष कऽ जनजाति, दूनिया मे कतऊ के हुअय, ओ प्रकृति के लगीच अईछ।
भरल दुपहरिया आहां नक्कीमाक पवित्र गाछ लग जायब, ओतऽ सब उमीर के तीर्थयात्री भेटताह। कियो फुसफुसाईत, कियो जप करईत, कियो गीत गबईत, कियो ढोल बजबईत, कियो ताली बजबईत, कियो अपन भाषा मे किछु बजईत सब प्रार्थना करईत भेटत। बाकी लोक ओई गाछक नीचा जमीन पर ठेहुना टेकईत वा कोनो पटिया पर बईसल वा ओई गाछक फैलल जईड़ पर बईसल भेटताह।
कखनो देखबई, कियो उत्साही भक्त ओई गाछ पर चईढ़ जायत, आर ओकर नीचला ठाईर पर लटईक जायत।ओकर बाद ओतई नाचऽ लागत। गाछ पर चईढ़ कऽ नचनाई के देखला पर एहन लागत जेना अंकोलाक पारंपरिक नाच " एकिटागुरिरो" भऽ रहल अईछ।
अई गाछक आसपास क जमीन समाजक छई आ अकर इस्तेमाल सब माल- जाल के चरबई लेल होई छई।
अई परिसर मे घुसिते दुआईर पर गायक गोबर सं प्रज्जवलित एकटा हवन कुंड जेकां भेटत।अकरा ई सब " ईकूटो " कहई छई। कियो भी श्रद्धालु अई कुंड मे गाय के गोबर द कऽ धधरा बढ़ा सकईत अईछ।
अई गाछक सामने जखने कियो प्रार्थना करई छई, पहिने किरासन तेल मे दिया जकां ईजोत करतई। अकर सबहक मान्यता छई जे भगवान अन्हार मे नई, ईजोत मे काज करई छथिन।
पुजारी, भक्त द्वारा आनल सबटा वस्तु के जमा करई छईथ। बेशीतर करेंसी, गाय, भेड़, बकरी आर केरा लोक चढ़बई लेल अनईत अईछ।
जे भी श्रद्धालु दर्शन लेल अतऽ अऊताह, ओ अई गाछक पुवारी कात अपन चट्टी/ जुता निकाईल कऽ रखताह। ओकर बाद अपन मनौती लेल बईस कऽ भगवान के गोहरेताह। फेर अई सब लेल धन्यवाद कहथिन आ दक्षिण तरफ सं गाछ दिस जयताह आ तीन टा खोंदियानुमा कमराक चक्कर लगेताह। हमरा ई चारु कात चक्कर लगेनाई प्रदक्षिणा जेकां लागल।
सब भक्तक आशय अलग अलग रहई छई। कियो आशीर्वाद बनल रहय ओई लेल, कियो घरक सदस्यक बीच मे शांति, प्रेम, सद्भाव, भाग्य आ खुशहाली बनल रहय, ओकर प्रार्थना करईत अईछ।
पुजारी जेकां ओतऽ प्रवचन दईत लोक सेहो भेटायत। ओ बाजत- " बच्चा सब कियेक अपन माय बापक संग भोजन नई करईत अईछ, बच्चा स्कूल कियैक नई जाईत अईछ, परिवार मे जमीन- जायदाद क झगड़ा कियैक भऽ रहल अई," अई सबहक बारे मे देवता आहां के बतेताह। अतबे नई, की होबऽ बला छई, सेहो बतेताह।
अतऽ बहुत एहनो भक्त सब अबई छईथ जे दिन की, हफ्ता हफ्ता अतई प्रार्थना आ उपचार मे समय बितबई छईथ। अई मे किछु लोकक विश्वास छईन -" हीलिंग/ उपचार राईते टा मे होई छई। ईयाह ओ समय रहई छई, जखईन भगवान श्रद्धालु के प्रार्थना सुनई छथिन। दिनक समय श्रद्धालु के दिमाग भटकईत रहई छईन। ओ ठीक सं भगवान पर ध्यान केन्द्रित नई क पबई छईथ। ओही सं दिन मे कैल उनकर प्रार्थना सफल नई होईत छईन।
स्थानीय लोक सबहक कहब छई- "अई गाछक कृपा सं कतेक नेता सत्ता सुख भोईग रहल छईथ, कतेक बांझ दंपति के अतऽ अयलाक बाद संतान सुख भेटलईन अईछ, कतेक बेरोजगार के मनोनुकूल नौकरी भेटलईन आ कतेक व्यापारी आ महिला खुशहाल भेल छईथ।"
सब श्रद्धालु एतऽ अयलाक बाद अपन अपन जीवन मे आयल बदलाव के बारे मे बताबऽ लागत। ई मार्केटिंग भेल।लोक भगवानक छाया मे अतऽ राईतक राईत बीतबईत अईछ। राईत मे जे ठंडा हवा बहई छई, ओई मे हीलिंग पावर होई छई। लोक जे प्रसाद अपना संग अतऽ आईन कऽ चढ़बईत अईछ, ओकरा " ईकिगाबिरो " कहई छई। जे भी लोक सही इरादा सं अतऽ अबईत अईछ, ओकर मनौती निश्चिते पुरा होई छई।
अई सब बेबसथा के पाश्चात्य समाज अंधविश्वास कहई छई।
अई गाछक वैज्ञानिक नाम " पर्टोटगोटा माइल्डब्रीडी ( स्टेरिकियासी)" छई। अनुमान कैल जाई छई जे ४०० सं ६०० बरखक गाछ छई।किछु के कहब छई जे एकटा ओतुके राजकुमारी के आत्मा अई गाछ पर छई।ओ उज्जर धब धब कपड़ा मे कखनो कऽ गाछ पर देखाईतो छई।अई गाछ सं खसल लकड़ी के ओतुका लोक नई जड़बईत अईछ। ओ अपने सईड़ गईल जाई छई।
ओझा- गुणी के जगह सेहो लोक अकरा मानई छई।ओझा सब दारु सेहो चढ़बई लेल कहत। ओ सब एकटा विशेष तरहक पाईप सं धुआंक गुब्बार निकालत आ आत्मा सं गप्प करेबाक अनुमति जेकां देत। आश्चर्य जे मुस्लिम आ इसाई दुनु समाजक लोक अतऽ अबईत अईछ।
ई सब बात जनला पर की अपनो सब कतऽ के देवता पितर नई मोन पड़ल हेताह। तेसर अदृश्य शक्ति पर अतुका लोक के बहुत बेशी विश्वास छई।
आखिर किछु त शक्ति अवश्ये अई जगह मे छई जे अतेक श्रद्धालु अबई छई।ई एकटा पारंपरिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ विश्वस्त साधना शक्ति केन्द्र जेकां छई। अतऽ अयनिहार मे अतुका वर्तमान राष्ट्रपति मुसेवनी के नाम सेहो अबई छईन।सब कोई अपन समस्या के समाधान के ताक मे अतऽ अबईत अईछ।अपना अपना परंपरा के अनुसार जनजाति सब अपन आदर आ श्रद्धा अई गाछ के प्रति प्रकट करईत अईछ।
किछु लोकक अनुसार चेचक बीमारी अतऽ पहिने बड्ड पसरई।नक्कीमा नाम के राजकुमारी अतऽ रहई आ ओ चेचक सं बचाव आ इलाज दुनु करई।बड़का सं ल कऽ छोटका तक, बांझपन आ सामान्य बीमारी लेल नक्कीमा लग अबई छलई आ ओकरा इलाज भेटई छलई। उयाह परम्परा अखनो कायम छई। युगांडन सब अलग अलग खिस्सा खुब मोन सं अई नक्किमा पर सुनबईत रहत।
अफ्रीका के संग ई बड़का दुर्भाग्य छई जे अतुका इतिहास, घटना, परंपरा, संस्कृति, समाज आव्यक्तित्व सबहक बारे मे लिखल कम भेटत, बेशी गल्पे साहित्य छई माने सुनल।सच्चाई की आ कते छई, से त हम नई कही सकई छी, मूदा दिलचस्प हमरा लागल तैं साझां के रहल छी।
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भारतक लोक दुनिया मे जतऽ कतऊ गेल, ओतूका सामाजिक आ राजनीतिक सरोकार सं जुड़ल रहल। अखईन तक आहां सब के लगईत होयत जे भारतीय मूलक लोक पुर्वी अफ्रीका मे खाली व्यवसाये केलक। ई सत्य नई छई। जेना दक्षिण अफ्रीका मे रंगभेद के खिलाफ भारतीय मूलक लोक संघर्षक अगिला पांईत मे ठार छलाह, ओहिना पूर्वी अफ्रीका मे सेहो बईढ़ चईढ़ कऽ हिस्सा लेलाह। आई हम चर्च करब भारतीय मूलक , युगांडा के संसद के पहिल गैर ब्रिटिश स्पीकर श्री नरेन्द्र पटेल के बारे मे।
नरेन्द्र पटेल के जन्म गुजरातक खेड़ा जिला मे भेल छलईन। ओतई पढ़ला, लिखलाह आ बढ़लाह। कानुन के पढ़ाई लेल बम्बई गेलाह आ अतई सं १९४७ मे बैचलर आफ लाॅ केलाह। करीब एक बरख तक बम्बई हाई कोर्ट मे प्रैक्टिस सेहो कैलाह।
नरेन्द्र पटेल के पिता मनुभाई सेहो वकील छलाह आ तहीया कम्पाला मे प्रैक्टिस करई छलाह। ईनकर अपन लाॅ फर्म छलईन। नरेन्द्र पटेल सेहो १९४८ मे अपन पिता के फर्म मे काज करऽ लगलाह।ओई समय युगांडा , ब्रिटेन क उपनिवेश छलई। अतई ईनका लगलईन जे ब्रिटेनक डिग्री आवश्यक छई। १९५४ मे नरेंद्र आगु के पढ़ाई लेल ब्रिटेन गेलाह आ बैरिस्टर भ कऽ युगांडा घुरलाह। ओई समय गुजरातक लोक कानुनक डिग्री भेटलाक बाद, गूजराती बहुल देश सब मे वकालत करऽ खुब जाईत छल। गांधी जी सेहो अहिना दक्षिण अफ्रीका गेल छलाह।
नरेन्द्र क पिताक फर्म कम्पाला मे छलईने, अकरे शाखा ओ बाले शहर मे खोललाह। ओई समय मे स्थानीय लोक मे जागरण भऽ रहल छलई। अंग्रेजक अत्याचार के खिलाफ नरेन्द्र स्थानीय लोक क केश लड़ई छलाह। ओ फीसक जगह केशक मेरिट देखई छलाह। जई मे उनका बुझाईन जे अई केश मे अन्याय भेल छई, ओई मे ओ बिना फीसो के लड़ई छलाह। अई लऽ कऽ पाई तऽ बेशी नई होईन, मूदा स्थानीय लोकक बीच मे ईनकर लोकप्रियता बहुत बईढ़ गेलईन। कतऽ अंग्रेजक खिलाफ कियो बाजई लेल तैयार नई, ओतऽ नरेन्द्र स्थानीय लोकक तरफ सं केश पर केश फाईल कऽ रहल छलाह।
नरेन्द्र के गरीब आ शोषित लोकक लेल काज करईत देख हमरा ब्रिटेनक एकटा प्रवासी पंजाबी याद आईब जाई छईथ। उनकर नाम हमरा मोन नई पईड़ रहल अईछ। कहल जाई छई जे लंदन मे जई कम्पनी मे ओ काज करई छलाह, ओकर बेबहार ईनका प्रति उपयुक्त नई छलईन। एतबे नई ओकर प्रबंधन लेबर कानुनक खिलाफ काज करई छल।ई भारतीय मूलक पंजाबी व्यक्ति ओई कम्पनी के खिलाफ मोकदमा केलाह आ केश जीतबो केलाह। सबटा बकियौता पाई ओई कम्पनी सं भेटलईन। ओई समय मे लंदन मे एशियाई के गोरा प्रबंधनक खिलाफ जीत बड़का बात छलई। ईनकर केश जीतलाक बात , ओतुका एशियाई लोक मे चारू कात पसईर गेलई। एशियाई लोक सब जे दबल कुचलल रहय, ईनका लग सलाह मांगऽ आबऽ लागल। ई पंजाबी लोक, सबके बिना फीस लेने कानुनी मदद पहुंचाबऽ लगलखिन। लोक सब जे पहिने चूप भऽ कऽ शोषण सहईत रहय, से आब कोर्ट कचहरी जाय लागल। धीरे धीरे ईनकर लोकप्रियता एशियाई समाज मे बईढ़़ गेलईन आ उनका ब्रिटेनक प्रमुख राजनैतिक दल चुनाव मे टिकट देलखईन। बढ़िया बहुमत सं ओ चुनाव जीतलो छलाह।अतऽ खाली देश बदलल, किरदार एकरंगाहे छल।
अतबे नई, स्थानीय लोक के आर्थिक स्थित सुधारई लेल नरेन्द्र, कागज आ किताब बनबऽ के फर्म बनेलाह।अई मे अपन संगी सबहक सेहो मदद लेलाह। अई फर्म के तरफ सं स्थानीय लोक सब के नीक अर्थ उपार्जन होबऽ लगलई। नरेन्द्र भारतक गुलामी देख चुकल छलाह, ओही लेल ओ अतूका लोकक पक्ष मे हरदम दमखम सं लागल रहई छलाह।
धीरे धीरे पुरा युगांडा मे राष्ट्रीयता के भावना जोड़ पकईर रहल छलई। एशियाई सब नरेन्द्र के अगुआई मे स्थानीय सबहक पक्ष मे ठार छल। नरेन्द्र, युगांडा पीपुल्स कांग्रेस के सदस्य छलाह आ १९६२ के आम चुनाव मे बाले सं ठार भेलाह। भारी बहुमत सं ओ चुनाव जीतलाह आ संसद सदस्य चुनेलाह।
१९६२ मे जखईन युगांडा के आजादी भेटलई त अतुका संसद के चलबई लेल ब्रिटिश सरकार "सर जौन बाऊज ग्रिफिन " के अतई छोईर देने रहई। १९६३ मे ग्रिफिन वापस लंदन घुईर गेलाह। युगांडा के संसद सर्वसम्मति सं नरेन्द्र पटेल के स्पीकर चुनलकईन।
अकर बाद ओ लगातार १९६३ सं १९७१ तक ओतुका संसदक स्पीकर रहलाह, जाबईत ईदी अमीन सत्ता नई हथियेलकई आ संसद के भंग नई केलक। किछु लोकक कहब छईन जे तत्कालिन राष्ट्रपति ओबोटे के नीक बेजाय सब कदम के नरेन्द्र समर्थन केलखिन। तहिया ई ततेक प्रभावशाली छलाह, जे ओबोटे के गैरसंवैधानिक काज पर रोक लगा सकई छलाह। ईनके स्पीकर रहबाक समय मे ओबोटे अपन छोईर बाकी सब राजनीतिक दल पर बैन लगा देने छलई।
ओना ओतूका गोल्ड स्कैंडल मे ओ सरकार के क्लीन चिट नई देने छलखिन। ताहि लेल उनकर स्वविवेक पर कोनो प्रश्न चिन्ह उठेनाई उचित नई। समय समय पर ओ सरकार के चेतवईतो छलखिन। आबऽ बला समय, सबहक काजक लेखा जोखा अपना ढंग सं करई छई।
नरेन्द्र पटेल बहुतही पढ़ल लिखल, गुणल, देश-दुनिया के सब घटना सं अवगत रहऽ बाला एकटा साकांक्ष आ निरपेक्ष बुद्धिजीवी छलाह। जतबे कानुन आ परम्परा के ज्ञाता छलाह, ओतबे ओजस्वी वक्ता छलाह। यूगांडा के प्रतिनिधि बईन कऽ दुनिया मे जतऽ कतऽ गेलाह, संसदीय संस्थाक मान बढ़ेलाह।
ईदी अमीन के सत्तासीन भेला आ संसद के भंग केला के बाद ओ फेर सं ओतई अपन बैरिस्टरी के प्रैक्टिस करऽ लागल छलाह। १९७३ मे जखईन ईदी अमीन, एशियाई के देश निकाला कऽ देलकई, तऽ नरेन्द्र पटेल सपरिवार आस्ट्रेलिया चईल गेलाह आ ओतई वकालत करऽ लगलाह।
१९८० मे अपन कनिया संग एकबेर युगांडा आयल छलाह आ सब पसंदीदा जगह पर भईर पोंख घुमलाह। अतुका इंडियन एसोसिएशन के ओ आजन्म सदस्य छलाह।बहुतो लोक के युगांडा मे स्थापित करबा मे योगदान देने छलाह। बाद मे निर्वासन के आदेश सं ततेक दुखी भेलाह जे युगांडा मे रहऽ नई एलाह। काफी वृद्ध भेलाक बाद भारत घुईर गेल छलाह आ ओतई हिनक मृत्यु भेलईन।
आदमी अपन जीवन मे कतऽ कतऽ जाईया, रहईया आ की की ने योजना बनबईया। अंत मे अपन सोचल सब रहिये जाई छई आ विधाता के लिखल ही होईत छई। दूनिया याद सिर्फ कृतित्व के ही करई छई। नरेन्द्र पटेल आई दुनिया मे नई छईथ, मूदा उनकर बुद्धिमत्ता, व्यक्तित्व आ कृतित्वक चर्चा गाहे-बगाहे युगांडा मे सुनाईत रहईत अईछ।
प्रवासी भारतीय, जे अई तरहक ऊंचाई पर पहुंचल छईथ, उनकर बारे मे जानकारी अवश्य रहबाक चाही। हम अखईन तक नरेन्द्र पटेल के संसदीय व्यवस्था मे योगदान सं अनभिज्ञ छलऊं। आब हमरा पता लागल, तऽ सोचलऊं अहुं सब किछु युगांडा के बारे मे ज्ञान बढ़ाऊ।
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व्यापार के अपन अलग तरहक दर्शन होई छई। मैथिल संस्कारवश या भावूक स्वाभावक होबाक कारण, व्यवसाय मे ओतेक सफल नई भेलाह, जतेक आन क्षेत्रक लोक भेल। हमरा अतुका अंबानी माने सुधीर रूपारेलिया के बेटा राजीव रूपारेलिया के व्यवसाय मे डेगाडेगी देबाक समय के बारे मे जे किछु पता लागल, ओ सांझा करई छी। नवतुरिया व्यवसाई वा ऊनकर परिवारक लोक के ज्यों अई सं किछु सीख भेंटतईन, तऽ हमरा उनको सं बेशी खुशी होयत।
सुधीर रूपारेलिया के बारे मे अतुका भारतीय समुदाय के लोकक कहब छई -" अगर सुधीरक कनिया कोनो बिजनेस डील मे उनका सं किछु डिस्काउंट मंगतई, तऽ सुधीर ओकरो मना कऽ देतई ।" कहबाक जे पुरा प्रोफेशनल अंदाज बिजनेस मे ई परिवार रखईत अईछ। आब ईनकर सुपुत्र के केना की कहब छईन, से जानु।
राजीव रूपारेलिया, पूर्वी अफ्रीका के सबसं बेशी धनिक लोक के इकलौता बेटा छईथ। जखईन ई कम्पाला के स्कुल मे सीनियर क्लास मे पढ़ई छलाह, तऽ अपन संगी सब संग अतुका एकटा क्लब मे जखईन तखईन जाई छलाह। क्लब मे सब दिनक लीला एक्के रंग ईनका लगईन। धीरे धीरे ई सब संगी के अई सं बोरियत होबऽ लगलईन। बोरियत लगला सं आम लोक सीधा अर्थ निकालतई- " बोर होई छी, तऽ ओतऽ नई जाऊ।"
अतऽ बोरियत के भाव जगला मे सऽ व्यवसायक मौका निकललई।
राजीव आ ईनकर संगी सब स्कुलिया बच्चा होबाक बावजूद, ई निर्णय कैलाह - " नब नाइटक्लब खोलबाक "।
जे सब ईनका सब के तखुनका क्लब मे कमी बुझेलईन, ओई सब के अपन क्लब मे सुविधा देबाक विचार बनौने छलाह।
राजीव घर घुईर कऽ अपन पिता सुधीर रूपारेलिया सं अपन क्लब खोलबाक योजना के बारे मे कहलखिन।
सुधीरक कहब छलईन-" आहां विद्यार्थी छी। अखईन अपन पुरा ध्यान पढ़ाई आ स्कूल मे नीक नम्मर अनबा मे लगाऊ।"
राजीव के जवाब छलईन-" हम कैक टा काज एक संग करबाक मादा रखई छी।हम स्कुल मे नीक करबे करब, संग मे अई नाईट क्लब व्यवसाय मे सेहो।"
सुधीर शुरू मे बेटा के व्यवसाय करबाक प्रस्ताव के लेल तैयारे नई भेलखिन, ओ विरोधो केलखीन।
बारम्बार बेटाक निवेदन कैलाक बाद, सुधीर क्लब खोलबाक स्वस्ति दऽ देलखिन।
बड्ड धुमधाम सं " स्वे क्लब " के उदघाटन भेल। ओई समय के अतुका मार्केटिंग आ इन्टरटेनमेन्ट गुरु सब के मिला कऽ क्लब चलबऽ लेल टीम बनावल गेल।क्लबक बीच अपन स्थान बनबई लेल, ई फैसला लेल गेलई- " हम सब हर मौका पर नब आ जोरदार ढंग सं क्लब के आगु बढ़ेबई।"
नब तरीका मे किछु ईवेंट्स करबाक बात अयलई।आब क्लब मे व्हाईट पार्टी, बीच पार्टी आ स्पोर्ट्स पार्टी के आयोजन शुरू कैल गेल। अकर डेकसी मे आनो क्लब सब ई पार्टी आयोजित करऽ लागल।
दुनिया के नामी-गिरामी सितारा सब के सेहो क्लब मे बजावल जाय लगलईन।क्लब के धमाकेदार शुरुआत भऽ गेल छलई।कम्पाला मे आब ई क्लब नीक चईल रहल छलई।
अही बीच मे राजीव के स्कूलिया पढ़ाई खत्म भऽ गेलईन आ उनका युनिवर्सिटी के पढ़ौनी लेल अमेरिका जाय पड़लईन।
क्लब के संगी पार्टनर आ मैनेजर के भरोसे छोईर कऽ राजीव अमेरिका चईल गेलाह।
दुर्भाग्यवश, क्लबक प्रबंध ईनका सब बुते गड़बड़ा गेलईन।
आब नब नब प्रयोग केनाई क्लब के प्रबंधकर्ता लोकईन छोईर देलाह। काजो मे ओ जी जान लगबऽ बला मानसिकताक अभाव साफ देखाई पड़ऽ लगलई।
मैनेजर आब क्लबक कागज पत्तर सब नई ओरिया कऽ रखई छलाह आ ऊपर सं उधारी मे ढेरों खरीददारी कऽ रहल छलाह। देखरेख के अभाव मे समानक चोरी सब सेहो होबऽ लागल छलईन। क्लबक मकान किराया तक नई चुकावल जा रहल छलई। ओना ई मकान राजीवक पिता सुधीर रूपारेलिया के ही छलईन। तखनो किराया बकाया होबाक कारण सुधीर अई क्लब के दरवज्जा पर अपन ताला लगा देलखिन।
जखने ई तालाबंदी के समाचार राजीव के भेटलईन, ओ अपन पिता के अमेरिका सं फोन कैलाह- " किछु महिनाक समय दऽ दियऊ।"
सुधीर रूपारेलिया एकबेर मे साफ मना कऽ देलखिन। फेर बेटा के आग्रह पर उनका अपन प्रोपर्टी मैनेजर सं बात करई लेल सलाह देलखिन।
राजीव आब अपन बापक प्रोपर्टी मैनेजर सं गप कैलाह। ओ सब बात सुनलखिन आ किछु समय आर राजीव के किराया चुकबई लेल देलखिन।
ईमहर राजीव अमेरिका के पढ़ाई सं एक बरख के डेड ईयर लेलाह आ अपन क्लब के ठीक करऽ कम्पाला आईब गेलाह।अतऽ अयला पर क्लब के बारे मे जे सोचने छलाह, ओई सं बेशी बदतर हालात रहईन।सब चीज अस्त व्यस्त। नई कोनो आमदनी के हिसाब आ नई खर्चे के।
अई स्थित मे सबसं पहिने अपने नियुक्त कैल मैनेजर के हटेलाह।सब उधारी समान देबऽ बाला सं समय पर पाई नई देलाह के कारण माफी मंगलाह, आर किछु दिन के मोहलत लेलाह। सब पंसारी सब समान ईनकर क्लब के पठबईत रहलईन। राजीव अपन क्लब के खोवल प्रतिष्ठा आ सदस्य मे विश्वास जमबई के प्रयास मे जुटल छलाह।क्लबक घाटा बढ़ल जा रहल छलईन।
अंत मे हाईर कऽ एक गोटे के किराया पर क्लब दऽ देलाह।ओ तऽ उल्टे क्लब के सफाचट करऽ लागल। किराया तक नई देलकईन।घाटाक ग्राफ सुरसाक मूंह जेकां बढ़ल जा रहल छलईन।
आब आन कोनो रस्ता नई बचईत देखला पर अपन शुरू कैला पहिले बिजनेस के ओ बंद कऽ लेलाह। पहिल व्यापारक अनुभव बड्ड खराब रहलईन।
राजीव हिम्मत हारऽ बला लोक नई छलाह।अई घाटा के सौदा उनका बहुत तरहक अनुभव देलकईन। आब ओ कोना समान खरीदल जाई छई आ अई डील मे कोना निगोसिएशन कैल जाई छई, से सीख लेने छलाह।
स्वे क्लब बन्न भेला सं राजीव के हाथ मे समये समय छलईन। उनकर अनुसार सबसं बहुमूल्य " समय " छई, जे दोबारा वापस नई भेंट सकई छई। ओही लऽ कऽ किछु रचनात्मक काज होईत रहबाक चाही।
राजीव आब अपन पिताक कम्पनी मे काज केनाई शुरू कैला। क्लबक भूत दिमाग सं ऊतईर गेल छलईन। ईनका पहिल जिम्मेदारी भेटलईन- एकटा स्कुलक भवन निर्माण।
राजीव पुरा तरह सं अई काज मे अपना के झोंईक देलाह। अतऽ ओ समान के स्टोर मे कोना जमा कैल जाई छई, ओर्डर शीट के कोना जांचल जाई छई, स्टाक के कोना वेरिफाई कैल जेतई, कोना लेबर कान्ट्रेक्ट कैल जाई छई, केना अकर उपस्थिति सुनिश्चित कैल जाई छई, अहिना आन आन बात सब सीखलाह।
राजीव के अनुसार ई सब थकाऊ आ बोरिंग काज होई छई, मूदा ज्यों बिजनेस मे सफल होबाक अईछ, तऽ ई सब सीखऽ पड़त। आहां ज्यों ई बुझई छी जे कियो आन आहां लेल ई काज कऽ देत, बड़का गलतफहमी मे छी। ईनकर कहब छईन जे जाबईत आहां के ई काज सब आयत नई, आहां दोसरा के ई काज केनाई कोना सीखा सखई छियई ।
सबसं असली गुण होबाक चाही जे आहां के अबईत रहय कि कोना, कोनो वस्तुजात देल जाई छई। माईन लियह कियो आहां सऽ बीस बोरी सीमेट मंगलक। जखईन कि जरूरत पांचे बोरी के छई। आब सवाल ई ऊठई छई जे ई पन्द्रह बोरी कतऽ जा रहल अईछ।
कखनो कऽ लोकक कहब छईन - " ई छोट छोट चीज सब अतेक बड़का लोक के देखबा के नई छई।एक बोरी सीमेट क हिसाब खरबपति लोक कतऽ रखई।"
ईनकर कहब छईन- " आहां के ओई सब वस्तु के महत्त्व देबऽ पड़त, जकर स्वामित्व आहां के अईछ।"
अगर आहां अहिना छोट छोट बात पर ध्यान आ नियंत्रण नई राखब , तऽ आहां के प्रतिष्ठान सं समान सब गायब होईत रहत आ अंत मे आहां घाटा उठायब। ईयाह सीमेटक गड़बड़ी ज्यों पांच सै बेर हेतई, तऽ होबऽ बाला घाटा के अंदाज लगा लीयह। कहबाक जे अई तरहक प्रवृत्ति के कखनो नजरअंदाज नई करबाक चाही।अकर अलावा " खुब मेहनत करु आ सपना के पांछा करु। सफलता भेटबे करत।"
बिजनेस मे पईसा बनबऽ के सीधा सिद्धांत छई- " बिक्री बढ़ाऊ आ लागत घटाऊ"। ओ अही सिद्धांत पर चईल कऽ अपन कम्पनी के प्रोजेक्ट मे खर्चा कम करऽ मे सफल भेलाह।
ईनकर कहब छईन-
" क्लब स्वे " के बिजनेस सं हम आर किछु सीखलऊं वा नई सीखलऊं, मोल भाव केनाई नीक सं सीख गेलऊं।"
इनकर बिजनेस के अनुभव के देखईत, इनकर पिता सुधीर रूपारेलिया के इनका पर विश्वास बढ़लईन आ कंपनी के डायरेक्टर बना देलखिन।
राजीव के कहब छईन- " आहां किछु मांगब, आहां के भेटत।ज्यों अई लेल चोरी करब, आ पकड़ा गेलऊं, आहां लेल ई चीज सबदिना खातिर हाथ सं निकईल गेल‌‌‌।आहां अपन प्रतिष्ठा सेहो खत्म कऽ लेलऊं।"
कंपनी के डायरेक्टर बनलाक बाद राजीव अपन पारिवारिक ब्यापार के बढ़बऽ मे लागल छईथ।हालक दिन मे अपन पिताक संग अतुका इंडियन एसोसिएशन मे सेहो सक्रिय भेलाह अईछ। हमरा सब के अतबे सं खुशी जे भारतीय मूलक लोक अतेक तरक्की कऽ रहलाह अईछ। अई जगह पर एक राईत मे नहीं पहुंचलाह। निरंतर मेहनत आ अपन स्वप्न के पैबाक लग्न के बदौलत आई ई परिवार पुरा अफ्रीका मे सबसं धनिक कहा रहल अईछ।

Suggested citation: केशव भारद्वाज. “अजगुत अफ्रीका (अफ्रीका डायरी).” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 352, 2022-08-15. https://www.videha.co.in/research/2022/352/अजगुत-अफ्रीका-अफ्रीका-डायरी.htm

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