विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

कुमार पवनक प्रसिद्ध कथा 'पइठ' क संग प्रकाशित संजू दासक कलाकृतिक सम्बन्धमे

गौरीनाथ · 2023-04-15 · अंक 368 · पृष्ठ 23–25

पन्द्रह साल पहिने 'अंतिका'क अप्रैल-जून 2008 अंक मे कुमार पवन क प्रसिद्ध कथा 'पइठ' क संग प्रकाशित संजू दास क कलाकृति पर जे टिप्पणी कयल जा रहल अछि ओकर संदर्भ मे किछु बात मिथिला संस्कृतिक तथाकथित रक्षक ऐ चित्र के लऽ कऽ कऽ रहल छथि ओ अत्यंत अफसोसजनक आ निन्दनीय अछि।
संजू दास हमरा लोकनिक समयक एकटा महत्वपूर्ण कलाकार छथि । संजू जी मे स्वस्थ आ गतिशील परंपराक प्रति जागरूक आ समृद्ध हेबाक अलाबे आइक बदलैत समय आ समाज के देखय आ परखय मे निपुण आधुनिक चित्रकारक नजरि छन्हि। हुनक चित्रक पाँति बजैत अछि, स्वस्थ मनुक्खक मोन केँ चिंतनशील बना दैत अछि । निश्चित रूपसँ ओ स्वशिक्षित चित्रकार छथि, मुदा ओ एकटा कुशल कलाकार छथि, जिनकर कलाक राष्ट्रीय स्तरक कएकटा चित्रकार आ कला समीक्षक सराहना केने छथि। बहुत रास महत्वपूर्ण सम्मानसँ सम्मानित संजू जी क पेंटिंग प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा मे संग्रहित भेटत।
दरभंगा जिलाक कमरौली गाममे जनमल संजू जी स्नातक छथि। हुनक पेंटिंग क॑ छअ टा एकल आ दर्जन बेर समूह प्रदर्शनी कएल गेल अछि। राष्ट्रीय स्तरक पत्रिका, अखबार आ किताबमे ऐ सब पर चर्चा भेल अछि। नारीवादी दृष्टिक समर्थक संजूक मानब अछि जे आइयो महिलाकेँ समाजमे उचित सम्मान नै मिलल छै आर जाधरि ई सहज नै भऽ जेतै, ताधरि महिला अपन इच्छाक अभिव्यक्तिक तरीका ताकैत रहतै। आइक नारीक संघर्षक संग-संग हुनक इच्छाक अभिव्यक्ति हुनक चित्रकला मे भेटैत अछि ।
संजू जीक विवाह आधुनिक चित्रकार रविन्द्र कुमार दाससँ भेल अछि । दुनू गोटे बहुत विचारशील कलाकार छथि जिनका पर कोनो समाज गर्व महसूस कऽ सकैत अछि । एहन चित्रकारकेँ कलाक बिना बुझने हुनकर चित्र पर ओछ टिप्पणी करय वाला लोक अपनाकेँ लेखक-कवि-चित्रकार, मिथिलाक संस्कृतिक रक्षक कहि सकैत छथि, मुदा संवेदनशील स्तर पर हुनका सब पर मनुष्य हेबाक बात पर संदेह भऽ सकैत अछि।
'अन्तिका' क संपादकक रूपमे हम एकर निंदा करैत छी जे एहेन टिप्पणी करैत छथि आ सभ जिम्मेदार सोच बला मित्र सँ उचित हस्तक्षेपक अपेक्षा करैत छी।
संजू दास मिथिला संस्कृतिक तथाकथित रक्षककेँ आहत करयबला पेंटिंगक विषय मे कहैत छथि, "हम गोवा बीच क दृश्य देखलाक बाद ई ड्राइंग बनौने रही। मिथिलाक एकटा महिला विदेशी पर्यटककेँ कोल्ड ड्रिंक बेच/पड़ोसि रहल छथि। अर्धनग्न महिला बिकनीमे एकटा विदेशी पर्यटक अछि।" मतलब जे पलायनक शिकार मैथिल ललना भूगोलक संग संग मानसिक वर्जनाक देवाल पार कऽ रहल छथि। अश्लीलता ऐ चित्रमे नहि, अधलाह विचारक लोकक नजरिमे अछि। अंग अश्लील नहि अछि आ ने ओकर चित्रण। जँ एहन रहैत तँ कोहबरक चित्र नहि बनैत।
(हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद आशीष अनचिन्हार)

Suggested citation: गौरीनाथ. “कुमार पवनक प्रसिद्ध कथा 'पइठ' क संग प्रकाशित संजू दासक कलाकृतिक सम्बन्धमे.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 368, pp. 23–25, 2023-04-15. https://www.videha.co.in/research/2023/368/कुमार-पवनक-प्रसिद्ध-कथा-पइठ-क-संग-प्रकाशित-संजू-दासक-कलाकृति-be43403b4e.htm

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