विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

"एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन"सँ "मिथिलावादी पार्टी" धरि

हिमकर भारद्वाज · 2023-06-01 · अंक 371 · पृष्ठ 26–35

बहुत दुखदायी आ खीज भरल काज होइत छै जखन अहाँक कल्पनाक फ्रेम बहुत पैघ हो आ अहाँकेँ स्टाम्प साइज फोटो दऽ कहल जाए जे फोटो तेना कऽ लगाउ जे छवि दूरेसँ देखार भऽ जाए। हमरा नजरिमे मिथिला-मैथिली आन्दोलनक यथार्थ आ कल्पनामे किछु एहने सन अंतर छैक।
जून मासक पहिल सप्ताहमे मिथिलावादी पार्टीक राष्ट्रीय महासचिव उग्रनाथ भैयाक फोन आएल जे संगठन सर्वसम्मतिसँ निर्णय लेलक अछि जे अहाँ पार्टीक प्रदेश अध्यक्षक जिम्मेदारी ली। हम साफ-साफ मना करैत रहलियनि। कोरोना आ ओकर प्रभावक कारण कारोबार एकदम ठप्प भऽ गेल रहए। आर्थिक तंगीक बीच एहन निर्णय लेब बहुत कठिन आ सच पूछी तँ आत्मघाती सेहो होइत। भविष्यमे अपना माटि लेल किछु करबाक अवसरकेँ देखैत राति भरि तनावमे रहलहुँ। भोरे पहिलुक चाहक संग पत्नी (कविता) कहलनि- बाबू (मोहन भारद्वाज) लग की रहनि? सभ दिन दिक्कतेमे रहलाह सोचू ओहो जँ इएह सोचतथि तँ हमरा अहाँकेँ के चिन्हैत। संभावित डर एवं आशंकाकेँ बीच ओ अखबार दिस नजरि देने रहलीह आ चाह पिबैत रहलीह। हमरा लागल जेना जकड़न खुजि गेल हो। चाह पीलाक बाद पहिल काज कएल जे उग्रनाथ भैयाकेँ स्वीकृतिक मैसेज कऽ देल।
कोनो योजनापर काज करबासँ पहिने रिसोर्स मैपिंग जरूरी होइत छै। से हम पहुँचि गेलहुँ मधुबनी कार्यालय। जखन हम पहुँचलहुँ ओतए तँ एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर कोनो नीतिगत मामिलापर बैठक जारी रहए। एगारह बजेसँ शुरू भेल मीटिंग चारि बजे साँझमे समाप्त भेल। वैचारिक मतभिन्नताक बावजूद समाजिक जिम्मेदारी कतेक महत्वपूर्ण छैक से आइ देखबामे आएल। जखन एकटा गैर राजनीतिक छात्र संगठनकेँ विधानसभा चुनावमे कोन रूपें अपन भूमिका तय करबाक चाही ताहिपर विमर्श भऽ रहल छल।
हमरा सभहक समझ चुनाव पूर्व सांगठनिक स्तरपर विमर्श लेल दू टा मुख्य विषय रहए- पहिल जे मिथिलावादी पार्टीक मूल संगठन एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन जे कि घोषित रूपसँ एकटा गैर राजनीतिक संगठन छै ओकर विधान सभा चुनावमे कोन स्तरपर आ कतेक भूमिका होइक, दोसर- जे एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर साथी विधानसभा चुनावमे अपन उम्मेदवारी प्रस्तुत करथि वा कि नहि।
अइ विषयपर कोनो संशय नहि जे मिथिलावादी पार्टीक मूल आधार एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन एकटा मजगूत छात्र संगठन छै, जकरा दमपर आ जकरा काजक आधारपर मिथिलावदी पार्टीक परिकल्पना कएल गेल। मिथिलावादी पार्टीकेँ एकटा राजनीतिक पार्टीक रूपमे मान्यता तँ भेटल परंतु चुनाव काल धरि एकर कोनो सांगठनिक आकार-आधार नहि लेने रहए।
मिथिलावादी पार्टीक राष्ट्रीय अध्यक्ष हुकुमदेव यादव, महासचिव स्क्रीनिंग कमिटीक एग्यारह सदस्य, एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियनक राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव, संगठन मंत्री,, जिला अध्यक्षक संग कएक दिन कएक रांउड बैसारक बाद तय भेल जे पंचायत, प्रखंड, जिला आ विधानसभा स्तरपर चुनाव प्रभारीक संग बूथ प्रभारी तक पूरा चुनाव प्रचार आ राजनीति एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर साथी मिथिलावादी पार्टी आ उम्मेदवारक कोर टीमक संग समन्वय बैसा कऽ निमाहता।समन्वय स्थापित करबाक पहिल जिम्मेदारी प्रखंड अध्यक्ष आ विधानसभा प्रभारीकेँ देल गेल। संगहि बहुत विमर्शक बाद ईहो निर्णय लेल गेल जे ई पद सभ विधानसभा चुनावक मतगणनाक दिन स्वतः समाप्त भऽ जाएत। हमरा सभहक दोसर जे विचारणीय विषय रहए ओहिपर निर्णय करबामे बहुत समय नहि लागल। एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन एकटा छात्र संगठन छैक, एकटा संगठनक कार्यशैली आ एकटा राजनीतिक दलक कार्यप्रणालीमे बहुत अंतर होइत छै संगहि संग छात्र संघ चुनाव आ विधानसभा चुनावमे सेहो बहुत फर्क छै। तँइ अनुभवकेँ देखैत आ संगठनक साथी सभहक आर्थिक स्थितिकेँ देखैत सहज निर्णय भऽ गेल जे हमरा सभ चुनाव लड़बाक स्थितिमे नहि छी आ ने अनुभव अछि तँइ विधानसभा चुनावसँ अनुभव लऽ प्राथमिक स्तरक यानी पंचायत स्तरक चुनावमे हम सभ अपन दावेदारी प्रस्तुत करब ताकी संगठनकेँ जमीनी आ राजनीतिक दावेदारी सेहो मजगूतीक संग ठ़ाढ़ भऽ सकए।
जखन एहि दुनू विषयपर निर्णय भऽ गेल तखन नव समस्या ठाढ़ भेल जे विधानसभा चुनावमे मिथिलावदी पार्टी दिससँ के? हम सभ सैद्धांतिक रूपें अहि बातपर सहमत रही जे हम सभ ओ उम्मेदवारक समर्थन करब जे कोनो मिथिला-मैथिलीसँ जुड़ल पार्टी दिससँ ठाढ़ होथि आ हुनकर प्राथमिकतामे पहिलुक नम्बरपर मिथिला-मैथिली होइन। दोसर हमरा सभहक सैद्धांतिक समर्थनक आधारपर ओ उम्मेदवार रहथि जे पहिनेसँ हमरा सभहक संगठनकेँ नैतिक समर्थन करैत रहलाह। अति विमर्शक दौरान फेर 'किंतु' लागल जे कि हम सभ ओहन कोनो दलक उम्मेदवारकेँ समर्थन करब जे पहिने हमरा सभकेँ सभ तरहे मदति करैत रहलाह अछि? एकर उत्तर आएल- जँ ओ निर्दलीय छथि तखने अन्यथा नहि।
समर्थन माने की? सामान्य नियम छैक जे विचारधारापर सहमति आ चुनाव प्रबंधनमे एक-दोसराकेँ सहयोग। विशाल छात्र संगठन हेबाक कारणे मिथिला-मैथिली संगठन तँ छोड़ू बहुत रास राज्य स्तरीय संगठन सेहो हमरा सभहक सहयोग चाहि रहल रहए। बहुत एहनो उम्मेदवार भेटलाह जे कोनो पैघ दलसँ संबंद्ध छथि, ओ कतबो मूल्य दऽ टिकट चाहि रहल छलाह मुदा टिकट नहि भेटलनि तँ हुनक इच्छा जे हम सभ हुनका निर्दलीय रूपमे समर्थन कऽ दियौन। इएह मंशा रहैत छलनि। हुनका अनुसारे समर्थन माने- ओ हमर दलक सदस्यता नहि लेताह, बैनरपर नाम नहि देताह। हमरा दलकेँ कोनो तरहक आर्थिक सहयोग नहि करताह ताहिपरसँ हम सभ, छात्र साथी हुनका लेल मुफ्तमे काज कऽ दियौन। दू मास मोटरसाइकिलमे तेल दिया भोरसँ साँझ धरि भूखे खटब। एकटा छात्र लेल काज करब कोना संभव छैक से हुनका सोचमे नहि रहनि। जखन कि ओ ओहि दलसँ पचासो लाख दऽ टिकट किनबा लेल तैयार छलाह, जाहि दल लेल ओ पछिला पाँच बर्खसँ ओ भीड़ जुटबैत रहालह, झंडा ढोइत रहलाह।
एहि मानसिकतापर जखन हम सोचब शुरू केलहुँ तँ लागल जेना हम मिथिला-मैथिली आंदोलनीकेँ ओ हँसेरी बुझैत छथि। आ बातो सही छै किएक तऽ मिथिलाक नामपर हमर पूर्वज सेन्टिमेंट जगा बेरपर कखनो भाजपा तँ केखनो कांग्रस वा कखनो आने दल संग सौदा कऽ मिथिलाक आन्दोलनकेँ दमित कऽ दैत छथिन।
कोनो राजनैतिक संगठनक विस्तार एवं आयु एहि बातपर निर्भर करैत छैक जे ओ वैचारिक रूपसँ कतेक मजगूत संगठन अछि। हमरा सभकेँ एहि विषयपर विचार करऽ पड़त जे भाजपा, आर.जे.डी, कांग्रेस, जे.डी.यू सभ राजनीतिक दलकेँ पिछलग्गू भऽ मिथिला विकासक परिकल्पना करी वा मिथिलामे मिथिला लेल मिथिलावादी विचारधाराकेँ आगू बढ़ाबी। कोनो चुनाव लड़बा लेल जाहि रूपमे धनक उपयोग भऽ रहल छै या कही तऽ महत्व बढ़ि रहल छै से दिनानुदिन लोकतांत्रिक व्यवस्था लेल बेसी खतरनाक भेल जा रहल छै। छोट दल धनक अइ बड़का खेलकेँ खेलबामे सक्षम नहि छैक। एहना स्थितिमे हमरा सभ लेल रस्ता आर दुरूह लागल। कएक टा एहन क्षेत्रीय दल हमरा सभहक सांगठनिक तागतकेँ देखैत समझौता करबा लेल पहल केलक जकरा पाइ तँ खूबे रहै आ सीटक हिसाबसँ संगठनकेँ मनमाफिक पाइ सेहो देबा लेल तैयार रहए मुदा ओ अपना सुविधानुसार हमरा सभकेँ विधानसभा क्षेत्रक चयन कऽ उम्मेदवार ठाढ़ करबा लेल दबाब देबाक मानसिकतामे सेहो रहए, जाहिपर हम सभ तैयार नहि। अंततः बात दू-तीन रांउडसँ आगू नहि बढ़ि सकल। खएर धन बला विषय अनुउत्तरिते रहि गेल। हमर किछु साथिक मानब रहनि जे पार्टी नव अछि, चुनाव चिह्न नहि अछि तऽ एहना स्थितिमे हमरा सभकेँ पाइ बला उम्मेदवारक समर्थनमे आगू एबाक चाही आ पाइक डिमांड करबाक चाही ताकी अहिबेर नहि तँ अगिला बेर लेल मजगूत आधार तैयार भऽ सकए। अधिकतर साथी अइ विचारसँ असहमत रहथि।
दोसर पक्षकेँ मानब रहनि जे हमरा ओहन निर्दलीय उम्मेदवारक समर्थन करबाक चाही जे शुरूसँ हमरा सभहक संग रहल छथि आ निर्दलीय उम्मेदवारी प्रस्तुत कऽ रहल छथि चाहे ओ धनवान होथि वा गरीब। हमरा सभ दोसर पक्षपर सहमति बना लेलहुँ। कतहुँ-कतहुँ अनुभवजन्य गलतियो भेल। मुदा.... अइ कम्रमे कएक गोटे फोनसँ चिन्ता जाहिर केलनि जे अहाँक टीमक सदस्य जँ पाइ बला संग लगातार दू मास काज करता तऽ स्वाभाविक तौरपर हुनकर झुकाव ओहि दिस भऽ जेतनि। चिन्ता स्वाभाविक रहनि मुदा सच इएह रहै जे लोकसभा चुनावमे तऽ हमरा सभहक साथी व्यक्तिगत तौरपर अलग-अलग दलक उम्मेदवारक संग छलखिन तकरा बादो ओ आइ धरि हमरा सभहक संग छथि आ संगे-संग अपना क्षेत्रक उचित मुद्दाक पक्षमे लड़ियो रहल छथि। इएह एहि संगठनक अनुशासन ओ ट्रेनिंग छै।
एक विधानसभा क्षेत्रमे औसरन चालीस पंचायत होइत छैक। एक पंचायतमे औसतन तीन गाम। एहि बेर पछिला बेरक मुकाबले ४५ प्रतिशत बेसी बूथ बनाएल गेल रहै। मॅाक टेस्ट टाइम आ रियल भोटिंग टइमकेँ हिसाबसँ देखू तँ पाँच बजे भोरसँ सात बजे साँझ धरि पोलिंग बूथपर रहबाक चाही। यानी हरेक बूथपर दू पोलिंग एजेंट। बाहर पर्ची काटबा लेल कमसँ कम चारि आदमी यानी जँ हम एक विधानसभा मात्र खजौलीक बात करी तऽ ४८३ बूथ यानी ४८३X६=२८९८ कार्यकर्ताक भोटक दिन जरूरति छै। एकरा अतिरिक्त वार्डसँ अपना भोटरकेँ मोटिभेट कऽ पोलिंग बूथ धरि पहुँचेबाक लेल अलगसँ कार्यकर्ता आ साधनक जरूरति होइत छै से अलग। अतेक बर्खसँ मिथिला-मैथिलीक नामपर चुनावी राजनीतिक करऽ बला नेता सभ अइ मूल बातपर किएक नहि धेआन देलखिन, किएक ओतेक पुरान संस्था सभ जेबी संस्था बनि कऽ रहि गेल अछि। कारण तकबा लेल कोनो समुद्र मंथन करबाक जरूरति नै छैक। एक नजरिमे अंदाज भऽ जाएत जे हिनका लोकतांत्रिक व्यवस्थाक मध्यमे मिथिलाक बदलावकेँ कोनो इच्छा नहि छनि। हिनक उद्येश्य मिथिला-मैथिलीक नामपर चंदा उगाहब, अपन नाम चमकाएब बस अतबे छनि।
मिथिलावादी पार्टीक मूल छात्र संगठन एम.स.यू लग ई तागति छैक जे ओ अपना साथी कार्यकर्ताक दमपर हर बूथपर अइसँ बेसी संख्यामे कार्यकर्ता ठाढ़़ कऽ सकैत अछि। चुनाव जतबा पैसाक खेल छै ततबा माइंड गेम सेहो। हमरा संगठनक इच्छा रहए जे पार्टी भने दस दिनक पुरान हो, चुनाव चिह्न नहि भेटल हो मुदा जँ हर बूथपर हम सभ पोलिंग एजेंट दऽ सकलहुँ तँ आन पार्टी सभकेँ मनोबलपर प्रभाव जरूर पड़तै, आगू ओकर राजनीति सेहो प्रभावित हेतै। मतलब जाहि मकिथिलासँ जितलाक बादो ओतुक्का जनप्रतिनिधि ओतुक्का सुपर स्ट्रक्चर वा स्ट्रक्चरक विकासपर धेआन नहि दैत छलाह हुनका आब धेआन देबऽ पड़तनि। आ से चुनावक बाद सांकेतिक रूपसँ देखबामे सेहो आएल। एतेक संख्यामे अइसँ पहिने कहियो मैथिलीमे शपथ नहि लेल गेल रहए। भने हमर फेसबुकिया मित्र सभ केखनो जातीय आधारपर आ केखनो दलगत आधारपर आँकड़ा प्रस्तुत कऽ ओकरा कमतर करबाक चेष्टा किएक ने केने होथि।
हम सभ आठो विधानसभा क्षेत्रमे अपन सांगठनिक तागत देखेबामे सक्षम भेलहुँ। भने भोटकेँ अपना दिस अनबामे बहुत सफल नहि रहलहुँ मुदा सभ बूथपर हम सभ कार्यकर्ता देलियै। हम, हमर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजित यादव, रत्नेश्वरजी आ पूरा टीम पछिला चुनाव सभहक आँकड़ा लऽ कऽ बैसल रही। हम सभ आँकड़ा विश्लेषणक आधारपर अइ निष्कर्षपर पहुँचलहुँ जे लगभग तीन हजारसँ पाँच हजार भोट सुप्त अवस्थामे मिथिला-मैथिलीक नामपर लगभग सभ विधानसभामे छै। इतिहासक विश्लेषण भविष्यक मार्ग निर्माणमे बहुत सहायक होइत छैक। आब हम सभ अइ विषयपर चर्चा करब शुरू केलहुँ जे अइ आधार भोटसँ आगू बढ़ेबा लेल कोन रस्ता अपनाएल जाए।
वर्तमानक लगभग सभ मिथिला-मैथिली संस्था समान्यतः दू बिंदुपर काज कऽ रहल अछि एकटा भाषा आ दोसर मिथिला राज्य। हमरा सभकेँ अइ बिन्दुसँ कनेको असहमति नै अछि जे मिथिला भाषाक विकास हेबाक चाही आ हमरा सभकेँ अपन सांस्कृतिक आ भूगोलक संग राज्य भेटबाक चाही। अइपर कोनो असहमति भइयो ने सकैत अछि। चुनावक क्रममे बहुतो लोकसँ गप्प भेल। किछु गोटेक आरोप रहनि जे अहाँक संगठन मैथिली भाषाक विकास लेल बहुत एग्रेसिव नहि अछि, मिथिला राज्यक माँग प्रमुखता संग किएक नहि रखैत अछि।
हमरा सभ अपना संगठनमे बौद्धिक विलासितासँ बेसी बौद्धिक विज्ञानिकतापर जोर देलियै। हमरा सभकेँ वुझा गेल जे मैथिली भाषाक सहारे बहुत विशाल संगठन ठाढ़ नहि कऽ सकैत छी। १९१०क मैथिलक महासभाक माध्यमसँ मैथिलक जातीय आधारपर तोड़बाक जे प्रयास शुरू भेल ओ तथाकथित संस्कृतनिष्ठ प्रांजल मैथिलीक सहारे आइयो चलि रहल अछि। वर्तमान राजनीतिक दल जाति-धर्मक आधारपर हमरा सभहक समेकित प्रतिरोधक क्षमताकेँ कम तँ कइए रहल अछि संगहि अपन गोटी लाल करबामे सेहो सफल भऽ रहल छथि।
हमरा सभहक समाज जातीय आधारपर बाँटल अछि आ तँइ कही तँ भाषाई आधारपर सेहो। हमरा सभहक जातीय विषमता प्रत्यक्ष रूपें भाषाई विषमताकेँ सेहो बढ़ाबा दैत रहल अछि। तँइ हमरा सभहक संगठन ई मानैत अछि जे विभिन्न जातीय स्वरूप बला मिथिला समाजकेँ अपन गौरवशाली भाषा-सांस्कृतिक आधारपर एक सूत्रमे बान्हल जेबाक चाही। हम सभ अपना संगठनमे अइ विषमताकेँ खत्म करबाक जे प्रयास शुरू कएल ओकर साकारात्मक परिणाम सामने आबि रहल अछि। हम सभ अपना संगठनक साथीकेँ सदैव अइ बात लेल प्रेरित करैत छियनि जे ओ सार्वजनिक रूपसँ वा अपना बीच सामान्य चर्चाक दौरान अपन स्थानीय बोलपर कायम रहथि। यानि ओ अपना घरमे जाहि टोन आ शैलीमे गप्प करै छथि सएह टोन आ शैली सार्वजनिक भाषण वा गप्प-सप्पमे सेहो जारी राखथि। तखने हम सभ साथी जिनकर जातीय आधार अलग-अलग छनि ओहि अइ पुरातनपंथी-दकियानूसी ब्राह्मणक भाषा मैथिली मानसिकतासँ दूर हेताह आ स्वीकार करता हजे पासवानोक भाषा मैथिली, सहरसोक भाषा मैथिली, बेगूसरायोक भाषा मैथिली छै। आ फेर स्वतः भाषाई आधापर एकसूत्रमे बान्हल चलि जेताह। अहिना सांस्कृतिक तौरपर सेहो हम सभ काज कऽ रहल छी। कएक टा क्षेत्रीय गायक-गायिकाकेँ हम सभ ओकर अपन गायन शैली आ ओ सभ सफल भऽ रहल छथि। आ हम सभ एक भऽ रहल छी। भने अइ प्रयासकेँ व्यापक रूपें देखार हेबामे समय लागत परंतु हएत जरूर।
मिथिला भाषा आन्दोलन हो वा राज्य आन्दोलन कोनो आन्दोलन ताबत सफल नहि भऽ सकैत अछि जाबत एकटा स्पष्ट वैज्ञानिक सोचक संग मजगूत संगठनक निर्माण नहि होयत। कोनो आन्दोलन अपन समाजिक मान्यता तखने पबैत अछि जखन ओकर कोनो कानूनी आधार हो, कानूनी रूपसँ जे अधिकार अइ ओकर व्यावहारिक रूपें मान्यता सेहो भेटैक इएह सरकार दिससँ सेहो अपेक्षा अछि।
पहिनेसँ आ एखनो शिक्षा नीति त्रिभाषा फार्मूलापर आधारित अछि। व्यावहारिक तौरपर हम सभ अनेकानेक रूपमे सरकारसँ माँग तऽ कइए रहल छी जे मैथिली माध्यमसँ पढ़ौनी शुरू हो परंतु हम सभ सांगठनिक रूपसँ ई निर्णय कएल जे स्कूल खुजलाक बाद सभ पंचायत यूनिट अपना-अपना पंचायतक आँगनबाड़ी आ प्राथमिक सह उत्क्रमित विद्यालयमे का सिक्षक सभकेँ एहि बातपर सहमत करी जे ओ
G=Guava- अमरूद-लताम
R=Rat-चूहा-मूस
D=Dog-कुत्ता-कुक्कुर
पढ़बाक अइ पद्धतिकेँ अपनाबथि जाहिसँ शूद्ध रूपें त्रिभाषा फार्मूला व्यावहारिक रूपें तत्क्षण लागू भऽ जाए भने बिहार सरकार मानूनी रूपें एकरा एखन धरि स्वीकार नहि केने हो। ओना एहन पुस्तकक खगता हमरा सभकेँ अनुभव भऽ रहल अछि। लोकनृत्य बला पाठमे डांडिया-भाँगड़ा भेटैए झिझिया नहि जे दुखद अछि। हम सभ सदरिकाल अपना खेतिहर संस्कृतिपर गर्व करैत रहलहुँ अछि। माछ-मखान हमरा सभहक संस्कृतिक मुख्य आधार अछि। खेती आ ओहिसँ जुड़ल पाबनि-तिहार हमरा सभहक संस्कृति केर मूल आधार रहल अछि। मुदा हमरा सभ एकटा आधार बना ने तऽ संपूर्ण मिथिलाकेँ एकसूत्रमे बान्हि सकलहुँ आ ने आर्थिक विकास कऽ सकलहुँ। माछ-मखानपर तऽ गर्व करैत छी मुदा पोखरि भरि कऽ मकान बनबैत छी, चाउमिन खा कऽ झिल्ली-कचरी-मुरही, कंसारकेँ छोड़ने जा रहल छी। पटुआक रस्सी छोड़ि प्लास्टिक धेलहुँ तऽ जूट उद्योगपर प्रभाव पड़ल, दलानपर गाए-महिस छोड़लहुँ तऽ सुधा केर दही जगह लेलक। आब तऽ गामक भोजमे बहुतो गोटे नामो लेबा जोगर दही पातपर नहि लैत छथि। जखन कि दही हमरा सभहक संस्कृतिक अभिन्न अंग रहल अछि। हम सभ भाँगड़ा आ डांडिया धेलहुँ तऽ झिझिया बिला गेल। मैथिल सभ झिझियापर रिसर्च करबा लेल आक्सफोर्ड यूनीवर्सिटीक सहारा लऽ रहल छथि। सोचू ने धनकटनीक बाद गहूँम, मसुरी बाउग करबा लेल जोतल खेतमे भाएकेँ बजा कऽ सामा-चकेवा पाबनि खेलब सेहो विलुप्त भऽ रहल अछि।
हम सभ अपना पार्टीक संविधानमे स्पष्ट रूपसँ अइ बातकेँ लिखलियैक जे कोनो शर्तपर हम सभ धार्मिक वा जतीय प्रकोष्ठक निर्माण दलकेँ आधार बनेबा लेल नहि करब, उम्मेदवारक चयनक आधार जातीय मत संख्याक आधारपर नहि होयत। हमरा सभ मिथिला क्षेत्रमे आर्थिक गतिविधिकेँ बढ़ाबा देबा लेल सर्वप्रथम हमरा सभकेँ समाजिक आ आर्थिक मिथिलावदक भावनाकेँ विकास करऽ पड़त तखने हमरा सभ जाति-भाषा-धर्मकेँ आधारपर बँटल मिथिलाकेँ एकसूत्रमे बान्हि सकब आ जँ ई काज भऽ गेल तँ सरकार संग राज्यो अपने हएत, अपन मिथिला राज्य।
आइ संविधानिक मर्यादामे रहैत सभ प्रदेश विकासक बाटपर आगू बढ़ि रहल अछि जतऽ भाषाई राष्ट्रीयताक भावना तेज अछि। अपना क्षेत्रक संस्कृतिपर गौरव करबाक भावना बलवती अछि आ एकर रक्षा लेल लड़बाक-मरबाक इच्छा अछि। परती पड़ल उपजाउ जमीन देखि कऽ कतेक दुखी होइ छै किसानक मोन तहिना हमरा-अहाँक हाल अछि। आउ वैज्ञानिक खेतीक माध्यमे जोत-कोड़ कऽ खेतमे हरियरी पसारि दी, खेत लहलहा दी।
आशा जगबैत कुलानंद मिश्रक किछु पाँति-
शीत त छँटबे करतै ओना
किछु धाह अखन जगलैए
किछु धाह अखन बाँकी छै
भोर त हेबे करतै........

Suggested citation: हिमकर भारद्वाज. “"एम.एस.यू (MSU)-मिथिला स्टूडेंट यूनियन"सँ "मिथिलावादी पार्टी" धरि.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 371, pp. 26–35, 2023-06-01. https://www.videha.co.in/research/2023/371/एम-एस-यू-msu--मिथिला-स्टूडेंट-यूनियन-सँ-मिथिलावादी-पार्टी-धरि.htm

मूल विदेह अंक / Original issue