विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

मिथिला स्टूडेंट यूनियन: दशा, दिशा आ नेतृत्व

डॉ कैलाश कुमार मिश्र · 2023-06-01 · अंक 371 · पृष्ठ 59–64

डॉ कैलाश कुमार मिश्र-संपर्क-9810326983
मिथिला स्टूडेंट यूनियन: दशा, दिशा आ नेतृत्व
मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एम एस यू) केर प्रयोग जड़ि परक मैथिल आ प्रवासी मैथिल लेल एक मिश्रित अनुभूति अनलक। अहि पर किछु लिखबा सँ पुर्व किछु बात स्पष्ट करब अनिवार्य। हमरा अगर पुछल जाय जे मिथिला आ मैथिल लेल कार्य करय बला संस्था सभ मे सभ सँ उत्तम अहां ककरा मनैत छी, त हमर उत्तर हएत "मिथिला स्टूडेंट यूनियन "। यद्यपि ई उत्तर अहि द्वारे होयत जे मिथिला आ मैथिली लेल कुनो संस्था बहुत गम्भीर नहि अछि। बीच मे सखी बहिनपा समूह सँ आश जागल छल मुदा ओ सभ रचनात्मक शुन्य आ पूर्णकालिक उत्सवजन्य समूह बनल जा रहल छथि। मिथिला स्टूडेंट यूनियन बाढि आ किछु हद तक विमारी आ कोरोना काल मे यथासंभव नीक काज केने अछि मुदा एकर दिशा जेना गम्भीर नहि रहल हो। व्यक्ति विशेष एकरा पर हावी रहल छथि। व्यक्ति विशेष मे अधिकांश लोक बिलो एवरेज स्तर केर छथि। ई विद्यार्थी केर एहेन संस्था अछि जाहि मे विद्यार्थी कम आ अन्य लोक अधिक छथि। नीक कॉलेज, स्थान केर विद्यार्थी, गम्भीर विद्यार्थी आ सब वर्गक विद्यार्थी एहि संस्था सँ सतत दूरी बनेने रहैत छथि। आरो बहूत बात सब अछि।
चलू प्रारम्भ नीक द्रष्टव्य सँ करैत छी। एम् एस यू पहिल बेर एक सेतू बनल प्रवासी मैथिल आ जड़ि मे रहैत मैथिल केर बीच। पहिल बेर एहि संस्था केर सदस्य लोकनि मधुबनी, दरभंगा केर सीमा रेखा सं नैमित्तिक सही मुदा मिथिलाक आन सांस्कृतिक सह भौगोलिक क्षेत्रक लोक के प्रतिनिधि बनेलक। पहिल बेर गंभीरता संग थोड़बे संख्या मे सही मुदा ब्राह्मण आ कायस्थ जाति के अलावे अन्य जाति, अनुसूचित जाति आदि के लोकक समावेश केलक। शनैः - शनेः ई सब कार्यक विस्तार सेहो केलक। संस्था केर कार्यकारिणी संग अनुभवी, उद्योगपति, सांस्कृतिक आ सामाजिक लोक के अपन एडवाइजरी मण्डल मे नीतिगत बात आ विचार लेल रखलक। ई सभ प्रजातान्त्रिक ढांचा के मजबूत करैत ई निर्णय लेलक कोनो व्यक्ति एक बेर सं अधिक अध्यक्ष नहि रहत। नहुँ - नहुँ किछु स्त्रीगण सब सेहो एहि संस्था सँ जुड़े लगलीह। पहिल बेर ई संस्था समस्त मिथिला भू-भाग केर भाषा, साहित्य, संस्कृति, इंफ्रास्ट्रक्टरल डेवलपमेंट, रेल, सड़क, बिजली, हवाई जहाज, रोजगार, बंद पड़ल चीनी मील, जूट मील, वस्त्र मील आदि लेल माउथ पीस बनल। किताबी बात जन -जन लेल जनतब केर विषय बनल गेल। पहिल बेर एकर कार्यकर्त्ता अपना लेल ड्रेस कोड विकसित केलक (पियरका) आ पहिलबेर युवा जोश आ उग्रता प्रदर्शित केलक। ई दू डेग एम् एस यू लेल रामवाण भेलैक। पहिल बेर किछु करू अथवा मरू विचारधारा केर युवक एहि संस्था सं जुड़ल जाहि पंडौल सं पटना धरि आ दरभंगा सँ दिल्ली धरि लोक आ सरकारी तंत्र मे एक बात गेलैक जे ई सब अपन धरती, अपन लोक, अपन भाषा, संस्कृति, आ क्षेत्रक विकास लेल उग्रो रूप धारण करैत बहुत आगा धरि जा सकैत अछि। पहिल बेर अहि तरहेँ मैथिल सभक चूड़ा दही खाइत आ सुस्त रहैत इमेज सँ क्रन्तिकारी केर इमेज केर मेकिंग शुरू भेल। सब क्षेत्रक लोक उदार होइत एहि संस्था संग जुड़े लगलाह। यद्यपि विद्वान वर्ग नहिये जकाँ अएलाह। किछु एक्टिविस्ट्स सब जरूर आगा अएलाह। अहि संस्था केर कर्णधार सब नहुँ-नहुँ अन्य संस्था सब संग समन्वय बनाबय लगलनि। काज आगा बढ़ैत गेल। ई मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर प्रभाव छल जे दिल्ली आ दरभंगा केर संस्था जे लोक सभ परिवार केर पॉकेट केर संस्था जकाँ सुस्त भेल चलबैत छलाह से सब एकाएक साकांक्ष भ गेलाह। अखिल भारतीय मिथिला संघक त बहुत हद धरि जीर्णोद्धार भ गेलैक। एतबे नहि मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर सेनानी सब बिहार आ पूर्वी उत्तर प्रदेशक अन्य भाषा आ बोली जेना कि भोजपुरी, मगही, अवधी आदि लेल प्रमाण आ अनुकरणीय दृष्टान्त बनल गेल। किछु लोक एहि कारणे सेहो एहि संस्था केर सेनानी सब संग ईर्ष्या करय लागल मुदा, मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर काज चलैत रहलैक। समय चलैत रहलैक। समय बढ़ैत रहलैक। चलैत आ बढ़ैत समयक गति सं संस्था गतिमान होइत रहल। बेगूसराय, सहरसा, सुपौल, कोशी अर्थात मिथिला केर पोर-पोर सं अपना आपके जोड़ैत रहल।
आब किछु बात जे हमरा गलत लगैत अछि तकरा दिस ध्यान देब सेहो आवश्यक अछि। मिथिला स्टूडेंट यूनियन चाहियो क ब्रहमणकेंद्रित आ ब्राह्मण सँ सम्पोषित संस्था बनल रहल अछि। एखन धरि दरियादिली देखबैत एकौ टा अध्यक्ष अन्य जाति अथवा वर्ग किंवा समुदाय केर लोक केँ नहि देल गेल अछि। ब्राह्मणेतर जाति केर लोक आ विद्यार्थी मे एखनो ई बात घर केने छैक जे सांस्कृतिक गतिविधि पर ब्राह्मण आ ताहू मे दरभंगा मधुबनी केर ब्राह्मण केर एकक्षत्र राज्य छनि। दुर्भाग्य सँ एम एस यू एहि मान्यता के निरर्थक साबित नहि क सकल। उलटे स्थापना वर्ष सँ आई धरि केवल दरभंगा आ मधुबनी ज़िला केर ब्राह्मण एकर अध्यक्ष बनैत रहलनि। परिणाम ई भेल जे दरभंगा मधुबनी केर अलावे अन्य ज़िला केर लोक आ ब्राह्मणेतर जाति आ समुदाय एहि संस्था सँ अपना आपके सहजता सँ नहि जोड़ि पाबि रहल अछि। एक बात अवश्य भेल छैक जे साहित्य आ संस्कृति केर क्षेत्र मे ब्राह्मणेतर जाति केर लोक आब साकांक्ष भेल जा रहल छथि। साहित्य अकादमी केर संयोजक नचिकेता जी बनल छथि। पहिल बेर सहरसा (सुपौल आदि) केर लोक, सब वर्ग केर प्रतिनिधि केर चयन ओ केलनि अछि। जगदीश प्रसाद मण्डल केर साहित्य अकादमी भेटब सेहो एक नव सांस्कृतिक उन्नयन केर परिचायक अछि। पहिल बेर नव रत्न केर चयन मे लोक सही व्यक्तित्व केर आभा देख रहल अछि। स्वतंत्र मिथिला राज्य लेल सेहो आब ब्राह्मणेतर जाति केर लोक आगा आबि रहल छथि। विशेष रूप सँ जाहि तरहेँ श्री रोहित यादव एवं अन्य युवक मिथिला केर गामे गाम घूमि लोक सभक ध्यान स्वतंत्र मिथिला राज्य लेल जगा रहल छथि से अनुकरणीय लागि रहल अछि। मुदा एहि परिवर्तन मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर कूनो महत्वपूर्ण योगदान नहि छैक।
इमहर दू तीन वर्ष सँ मिथिला केर आइडेंटिटी के सीता सँग जोड़बाक प्रयास भ रहल अछि। एहि बेर जेना अनेक संस्था संग मिथिला स्टूडेंट यूनियन आ गाम घरक संस्था सब जानकी नवमी पर जे कार्य कएलनि अछि ताहि सं लगैत अछि जे बहुत शीघ्र जानकी नवमी भारत आ नेपाल केर मिथिला लेल कल्चरल आइडेंटिटी केर सर्वमान्य उत्सव बनि जाएत जेना बैशाखी पँजाब लेल। अगर तटस्थ भेल देखी त एहि कार्य लेल अनेक संस्था संग मिथिला स्टूडेंट यूनियन सेहो अछि। कुनो ई कल्पना एकरे मात्र नहि छैक। से जे हो, सहयात्री त बनिए रहल छैक।
मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर जखन निर्माण केर शैशव अवस्था रहैक त संविधान मे प्रावधान रहैक जे एक व्यक्ति मात्र एक साल लेल अध्यक्ष हेताह। दोसर साल अर्थात प्रति वर्ष नव लोकक चयन (चुनाव) द्वारे हएत। मुदा किछुए दिनक बात एहि अनुच्छेद मे संशोधन भेलैक आ लोक आब 2 वर्ष धरि चयनित भ रहल छथि। ई कुनो उत्कीर्णा बला बात नहि भेल।
सखी बहिनपा केर विस्तार आ महिला वर्ग में उत्साह देखैत लागि रहल अछि जे मैथिलानी आगा आबि रहल छथि। मिथिला स्टूडेंट यूनियन मुदा एक एहेन महिला केर चयन नहि क सकल अथवा नहि करय चाहैत अछि जे मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर भार वहन क सकथि। अगर कुनो महिला एकर अध्यक्ष भ जाथि त महिला वर्ग मे क्रान्ति आबि सकैत अछि संगहि संस्था केर काया पलट भ सकैत छैक।
मिथिला मैथिली केर एक बिडंबना रहल अछि जे मैथिली साहित्य के छोड़ि अन्य विद्वान वर्ग जेना कि दर्शन शास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी (भाषा आओर साहित्य) प्रबंधन आदि कुनो तरहक साहित्यिक आ सांस्कृतिक गतिविधि सँ उदासीन रहैत छथि। दुर्भाग्य सँ कुनो संस्था हुनका सभके अनबाक विशेष यत्नो नहि केलक अछि। अगर दिल्ली केर बात करी त 56 साल सँ अखिल भारतीय मिथिला संघ काज क रहल अछि। दिल्ली केर प्रथम उपराजयपाल छलाह आदित्यनाथ झा। हुनकर मैथिली प्रेम सब जनैत छी तथापि अखिल भारतीय मिथिला संघ कुनो ढ़ंग केर स्थान पर संस्था लेल ज़मीन नहि आबंटित करा सकल। कॉमरेड भोगेन्द्र झा शुरू सँ अंत धरि अखिल भारतीय मिथिला संघ के पॉकेट केर संस्था बना मज़दूर यूनियन जकाँ चलबैत रहलनि। दिल्ली यूनिवर्सिटी, जे एन यू, आई आई टी आदि केर विद्वान सभ अहि संस्था लेल कुनो उपयोग केर प्राणी नहि बुझल गेलाह। बाद मे की स्थिति भेल आ एखन कोना अछि तकरा सभ कियोक जनैत छी। गलती यद्यपि दुनू पक्ष सँ अछि। अगर झारखण्ड, उत्तराखण्ड आदि केर स्वतंत्र राज्य मे आबय केर इतिहास पढ़ब त आश्चर्य लागत जे कोना विद्वान, मीडियाकर्मी, विद्यार्थी, प्रवासी आ देशी, स्त्री आ पुरुष सभ कियो 100 प्रतिशत मनोयोग सँ लागल छल। मुदा एहेन एकाग्रता हमरालोकनि मे नहि अछि। ई कमी अथवा दोख मिथिला स्टूडेंट यूनियन मे सेहो स्पष्ट दृष्टिगोचर भ रहल अछि।
एक प्रवृत्ति इहो लागल जे मिथिला स्टूडेंट यूनियन सतत राज्य आ केंद्र सरकार केर विरोध आ खाश राजनैतिक दलक विरोधी रहल अछि। ई कने गंभीर मसला थिक। मैथिली आ मिथिला केर विकास के ध्यान रखैत एहेन बात सँ हमरा जनैत परहेज होबाक चाही। अगर अहाँ कुनो राजनैतिक दल सँ विरोधी तेवर रखबैक त भ सकैत अछि जे ओहि दल अथवा आइडियोलॉजी संग साम्य राखयबला विद्यार्थी आ लोक अहाँ सँ दूरी बना ले।
मिथिला स्टूडेंट यूनियन मिथिला मूल केर उद्यमी संग सेहो बड्ड सुन्दर नेटवर्क नहि स्थापित क सकल अछि। एहि पर थोड़े गंभीर भय एकरा सुधारल जा सकैत अछि। परामर्शदाता सब तरहक होथि से ध्यान राखक चाही। अध्यक्ष बहुत गंभीर, वेल इन्फोर्मेड, नेतृत्व क्षमता सँ पूर्ण, सहिष्णु, सब संग तालमेल रखनिहार, विनम्र होथि। सतत सिखबाक आकांक्षी होथि त ई संस्था आगा बढ़ि सकैत अछि।
ई सब हमर विचार अछि। सहमति आ असहमति पाठक लोकनि के ऊपर छनि। अंततः हमर त यैह सोच अछि जे अतेक कमी के बादो मिथिला स्टूडेंट यूनियन सब संस्था सँ नीक अछि।

Suggested citation: डॉ कैलाश कुमार मिश्र. “मिथिला स्टूडेंट यूनियन: दशा, दिशा आ नेतृत्व.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 371, pp. 59–64, 2023-06-01. https://www.videha.co.in/research/2023/371/मिथिला-स्टूडेंट-यूनियन-दशा-दिशा-आ-नेतृत्व.htm

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