हमरा सभ केँ स्वतंत्रता संग्राम मादे बुझल अछि। हमरा सभ केँ बुझल अछि जे स्वतंत्रता सेनानी लोकनिक उद्देश्य ने मात्र अंग्रेज केँ देश सँ भगाएब छलनि, अपितु हुनका लोकनिक उद्देश्य भारतीय समाज मे व्याप्त अनेक तरहक कुरीति केँ दूर करबाक सेहो रहनि। सामाजिक कुरीति पैरक सभ सँ पैघ बेड़ी अछि आ आम जनमास केँ गुलामीक अन्हार मे धकेलैत अछि। एहि कुरीति केँ दूर कयने बिना स्वतंत्रताक लेल आवश्यक चेतनाक निर्माण नहि भ' सकैत अछि। महात्मा गाँधी सँ ल' क' कतेको छोट-पैघ नेता कुरीति केँ दूर करबा मे दिन-राति लागल रहलाह। फलस्वरूप आइ हम सभ एकटा स्वतंत्र देशक स्वतंत्र नागरिक छी।
जँ एकर चर्चा अहाँ मिथिला आ मैथिलीक संबंध मे करैत छी त' पबैत छी जे मिथिला समाज आइयो कतेको रंगक कुरीति सँ घेराएल अछि। व्यक्ति सँ ल' क' संस्था धरि अतीतजीवी अछि। अतीतक गौरवगान मे एतेक ने हम सभ मगन भ' जाइत छी वर्तमानक जे समस्या छै, वर्तमानक जे आवश्यकता छै, एकर जे चुनौती छै, ओकरो बिसरि जाइत छिऐक। अपन परंपराक गौरव बोध हैब नीक बात अछि। मुदा गौरवे आन्हर भ' जाएब एक तरहक कुरीति अछि जे भविष्यक प्रति आशंका उत्पन्न करैत अछि तें एहि कुरीति केँ दूर करब सेहो बहुत बेसी आवश्यक अछि। आइ मिथिला आ मैथिलीक नाम पर काज कयनिहार अधिकांश संस्था आ संगठन गौरवे आन्हर भ' गेल अछि आ इएह कारण छै जे एकर सबहक कोनो सामाजिक सरोकार नहि रहि गेल छैक।
आइ गाम सँ ल' क' शहर आ शहर सँ ल' क' महानगर धरि मिथिला मैथिली सँ जुड़ल कतेको संस्था सब सक्रिय अछि। साल भरि मे कतेको कार्यक्रमक आयोजन सेहो होइत छैक। मुदा एहि आयोजन सबहक फलाफल की निकलैत अछि, एहि पर विचार होमक चाही। जहिया विद्यापति पर्व समारोहक परिपाटी शुरू भेल रहै, तहिया भ' सकैत अछि जे एकर आवश्यकता होइक। शहर आ महानगर मे भेल एहन आयोजन सभ सँ एतेक जरूर भेलैक जे देशक विभिन्न भागक लोक सब मिथिलाक संस्कृति सँ परिचित भेलाह मुदा एहि आयोजन सबहक प्रभाव मैथिल समाज पर कतेक पड़लैक, अहू बात पर विचार होमक चाही। आइ एहि विद्यापति पर्व समारोह सबहक की स्वरूप रहि गेल छैक? नाच-तमाशा आ भोज-भात सँ बेसी एकर कोनो उपयोगिता त' हमरा देखबा मे नहि अबैत अछि।देश-दुनियाँ मे एहन आयोजनक लेल मैथिल लोकनि लाखो-करोड़ो प्रति साल खर्च करैत छथि मुदा एकर बादो ई संस्था सब अपन समाज मे चेतनाक निर्माण करबा मे सर्वथा विफल रहल अछि। आ एकर कारण हमरा इएह बुझि पड़ैत अछि जे ई सब संस्था समाजिक सरोकार सँ सर्वथा कटल अछि। गौरव गान करैत-करैत सब गौरवे आन्हर भ' गेल अछि। चेतना समिति सन-सन नामी-गामी संस्था सँ ल' क' अन्य संस्था सब सेहो एकहि नाव पर सवार अछि।
किछु दिन पहिने मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) सँ हमर उमेद जागल छल। हमरा ई संगठन सामाजिक सरोकार सँ लबरेज बुझाइत छल। एकटा घटना मोन पड़ैत अछि। बरसातक मौसिम। सगरे मिथिला बाढ़ि सँ घेराएल छल। लोक त्राहि-त्राहि क' रहल छल। एहन स्थिति मे मिथिला मैथिलीक लेल संघर्ष केनिहार किछु संगठन सभ आगू अबैत अछि आ डूबि-भाँसि रहल लोकक प्राण रक्षक बनैत अछि। अन्न बेतरे काहि काटि रहल लोक धरि आवश्यक सामग्री पहुँचाओल जाइत अछि। तहन मिथिला वासी कें ई सभ देवदूत सन बुझाइ पड़ैत छनि। एना मिथिला मैथिलीक लेल भ' रहल आंदोलनक इतिहास मे पहिल बेर होइत अछि जे कोनो संगठन सभा जुलूस सँ अलग संकट मे पड़ल मैथिलक मदति अपन जान संकट मे द' क' करैत अछि। मिथिला मैथिलीक नाम पर संघर्ष केनिहार संगठन मे आएल सकारात्मक बदलावक प्रशंसा सेहो सभतरि खूब होइत अछि। हेबाको चाही एकर प्रशंसा।
ऐ सँ पहिने मुजफ्फरपुर जिलाक यजुआर गाम मे मिथिलाक छात्र राजनीति मे सक्रिय मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) द्वारा बिजलीक लेल संघर्ष कएल जाइत अछि। आजादीक बाद अखन धरि एहि गाम मे बिजली नहि पहुँच सकल छल। एमएसयूक कार्यकर्ता यजुआरक घर-घर मे जा क' लोक सभ केँ बिजलीक लेल जगबैत छथि। कार्यकर्ता सभ एहि गाम मे कैंप क' क' चरणबद्ध ढंग सँ बिजलीक लेल आंदोलन करैत छथि। परिणामस्वरूप एहि गाम मे बिजली लगेबाक काज सेहो शुरू होइत अछि आ पहिल बेर लोक ई जनैत अछि जे मिथिला मैथिलीक नाम पर संघर्ष केनिहार संगठन जन समस्या केँ ल' क' सेहो आंदोलन करैत अछि। स्पष्ट अछि जे ई संगठन छात्रक अछि आ युवा वर्गक सहभागिताक कारणें सोशल मीडिया पर सेहो एकर व्यापकता छै। सोशल मीडिया पर दमदार उपस्थितिक कारणें यजुआर आंदोलन जोर पकड़ैत अछि आ सफल होइत अछि।
ई संगठन कॉलेज आ यूनिवर्सिटी मे छात्रक समस्या सभ कें ल' क' सेहो सक्रिय रहैत अछि। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मे कतेको बेर एहि संगठन द्वारा छात्र हित मे आंदोलन कएल गेल। एकर किछु सकारात्मक परिणाम सेहो बाहर एलै। मुदा छात्रक समस्या सभ अखन धरि ओहिना अछि। विश्वविद्यालय मे संसाधनक अभाव छहिये। कॉलेज सभ मे पठन-पाठन व्यवस्था चौपट भ' गेल अछि। कॉलेज सभ मे जे संसाधन पहिने सँ उपलब्ध छलै, ओ सभ मृतप्राय भ' गेल अछि। छात्रक भीड़ बढ़ल जा रहल अछि आ संसाधन दिन प्रतिदिन घटल जा रहल अछि। वर्ग संचालन लगभग ठप भ' गेल अछि। एहन स्थिति मे छात्र संगठन सभ द्वारा एकटा जोरगर आंदोलनक खगता छलैक, जे नहि भ' रहल अछि। जँ एहि सभ मुद्दा कें ल' क' कतौ कोनो संगठन द्वारा आंदोलन भैयो रहल छै त' ओ अपन प्रभाव छोड़बा मे अखन धरि सफल नहि भ' सकल अछि। एहन स्थिति मे छात्र राजनीति छात्रक समस्या सँ हेंठ होइत बुझना जाइए।
एहन स्थिति मे एमएसयू सनक क्षेत्रीय छात्र संगठन पर पैघ जिम्मेवारी छलैक जे ओ सभ अपन विश्वविद्यालय मे व्याप्त समस्या सभ केँ ल' क' जोरगर आंदोलन करैत आ अपन विश्वविद्यालय मे गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल स्थापित करैत मुदा से अखन धरि देखबा मे नहि आएल अछि।
छात्र संघक चुनाव मे सेहो ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मे एहि संगठनक दमदार उपस्थिति देखबा मे आएल। विभिन्न कॉलेज मे विभिन्न पद पर ने सिरिफ ऐ संगठनक उम्मीदवार अपन जीत दर्ज करौलनि, अपितु एहि संगठनक सक्रियता सँ कतेको नेशनल छात्र संगठन सभ मे घबराहटि नजरि आएल। ई सक्रियताक ओजह छल जे नेशनल छात्र संगठन सभ द्वारा चुनाव प्रचार मे अपन वरिष्ठ नेता सभ कें उतारल गेल। ई नेता लोकनि अपन - अपन पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवार केँ जीतेबाक आह्वान केलनि। तें ई कहि सकै छी जे विभिन्न कॉलेज मे एहि संगठनक प्रत्याशी हारियो क' जीत गेल। नेशनल संगठन मे घबराहटि एमएसयूक सफलता छल। मुदा ई सफलता कते दिन धरि बनल रहत, से प्रश्न अछि। किएक त' मुख्य धाराक राजनीति सँ कनियों अलग आब छात्र राजनीति नहि रहि गेल अछि। मुख्य धाराक राजनीतिक केंद्र मे जना सत्ता आबि गेल अछि, तहिना छात्र राजनीतिक केंद्र मे सेहो सत्ता आबि गेल अछि आ जहन उद्देश्य महज सत्ता प्राप्ति रहि जाइत अछि त' परिवर्तनक गप्प गौण भ' जाइत अछि।
क्षेत्रीय निष्ठा कें ल' क' सक्रिय भेल एमएसयू सँ ई उमेद रहैक जे ओ एहि व्यवस्था मे सकारात्मक बदलाव लाओत। किएक त' हालहि मे एहि संगठन द्वारा कएल गेल आंदोलन मे एकर झलकी देखबा मे आएल छल मुदा जहन एकर सांगठनिक ढांचा आ काज करबार रूप रेखा पर ध्यान दैत छी त' मोन मे ई शंका उत्पन्न होइत अछि जे ई सकारात्मक बदलाव आखरि कत्ते दिन धरि सकारात्मक रहत? अहाँ ध्यान देने हेबै जे एहि संगठनक विस्तार आ विकास मे सोशल मीडियाक अति महत्वपूर्ण भूमिका अछि। आ जहन एकर विस्तार आ विकास हम महज सोशल मीडिया सँ होइत देखैत छी त' हमरा मोन पड़ैत अछि अन्ना आंदोलन। दिल्लीक रामलीला मैदान। अहू आंदोलन कें महज सोशल मीडिया सँ ऊर्जा भेटल रहैक। एक्के बेर एहन आगि उठलै जे बुझेलै आब ई आंदोलन सभ किछु बदलि क' राखि देत। घपला-घोटाला आ भ्रष्टाचार आब इतिहास बनि क' रहि जाइत। पाँच अप्रैल 2011 सँ शुरू भेल एहि आंदोलनक व्यापक असरि देश भरि मे देखल गेल। अन्ना हजारेक समर्थन मे देश भरि धरना - प्रदर्शन कएल गेल आ जुलूस निकालल गेल। मुदा एकर बादो की भेल? बुढ़िया फूसि। जाहि लोकपाल विधेयक लेल आंदोलन कएल जा रहल छल, ओइ लोकपाल विधेयक केँ की भेल? हँ, ई आंदोलन जँ एकटा ठोस वैचारिक धरातल पर आगू बढ़ैत त' ई व्यापक असरि छोड़ि सकैत छल। एकर दूरगामी प्रभाव समाज आ राजनीति पर पड़ैत, जे नहि भ' सकल। सोशल मीडियाक प्रभाव क्षणिक होइत अछि आ अहू आंदोलन संगे सएह भेल। सोशल मीडिया सँ जे आंदोलनक धधरा उठल छल ओ किछुए समय मे पझा गेल। वैचारिक साम्य नहि रहला सँ आंदोलनकारी नेता लोकनि अलग-अलग संगठन मे बँटि गेला। अलग-अलग संगठनक उद्देश्य सेहो अलग-अलग भ' गेल।
अन्ना हजारे 22 मार्च 2018 सं फेर दिल्लीक रामलीला मैदान मे अनशन शुरू करै छथि मुदा एहि बेरक आंदोलन मे पहिने बला समर्थन देखबा मे नहि आएल। कारण? कारण पहिनहि ई आंदोलन बिखरावक भेंट चढ़ि चुकल छल। अन्ना भले अपना केँ गांधीवादी कहथि मुदा हिनका सभ संगे अखन धरि ठोस वैचारिक पृष्ठभूमिक अभाव नजरि अबिते अछि। दोसर सोशल मीडिया पर विश्वसनीयताक संकट पहिने सँ बेसी गाढ़ भेल अछि।
किछु एहने सन कमी हमरा मिथिला मैथिली लेल काज केनिहार एमएसयू आदि संगठन सभ लग नजरि अबैत अछि। एकर सांगठनिक ढांचा मे वैचारिक प्रतिबद्धताक अभाव त' खटकिते अछि, संगहि किछु युवा सभक अति उत्साह सेहो भविष्यक प्रति शंका उत्पन्न करैत अछि। ऐ संगठनक आलाकमान कोनो व्यक्ति नहि छथि। एकर नेतृत्व 11 सदस्यीय कमांडिंग टीम करैत अछि तें हम सभ ऐ बात स' आश्वस्त भ' सकै छी जे संगठन मे लोकतांत्रिक भावना बनल रहत।
दोसर जे मूल कमी हमरा नजरि अबैत अछि ओ ई अछि जे संगठनक एजेंडा मे छात्र राजनीति केर अलावा क्षेत्रक विकास अछि। ई संगठन क्षेत्रीय समस्या कें ल' क' बेसी आंदोलनरत बुझाइत अछि मुदा हमरा हिसाबे एकरा शैक्षणिक समस्या पर बेसी ध्यान देबाक चाही। क्षेत्रक अन्य समस्या कें एजेंडा नंबर दू मे राखल जा सकै छल। संगहि क्षेत्रक समस्याक संगहि ई संगठन क्षेत्रीय भाषाक विकासक लेल बेसी जिम्मेदार नहि बुझाइत अछि। कम सँ कम संगठनक कार्यकर्ता सभक गतिविधि सँ त' ई नजरि नहि अबैत अछि।
एकर अतिरिक्त युवा वर्गक किछु अन्य संगठन सेहो मिथिला मे सक्रिय अछि मुदा ई सभ कोनो पार्टी पोषित बुझाइत अछि, जकर राष्ट्रीय एजेंडा आ क्षेत्रीय एजेंडा मे विरोधाभास नजरि अबैत अछि। इहो कारण भ' सकैए जे एहि सभ संगठनक कोनो विशेष असरि मैथिल समाज मे अखन धरि देखबा मे नहि आबि सकल अछि।
किछु छोट-छीन आंदोलन सभ सँ चर्चा मे आएल ई संगठन आब चुनावी राजनीति मे सेहो सक्रिय होइत देखाय पड़ि रहल अछि। पिछला साल भेल पंचायत चुनाव मे एमएसयूक किछु सदस्य जिला परिषदक किछु सीट जीतबा मे सफल भेलाह। संभावना व्यक्त कयल जा रहल अछि जे ई लोकनि आब विधानसभा चुनाव मे सेहो अपन प्रत्याशी उतारता। माने ओ सामाजिक सरोकार जे बाढ़ि आ की अन्य संकटक-समस्याक घड़ी मे देखबा मे आएल छल, से अही लेल जे चुनाव मे ई संगठन सब अपन जनाधार केँ मजगूत क' सकय। हम एकरा व्यावसायिक राजनीति मानैत छिऐ जे निष्ठापूर्ण राजनीति सँ एकदम फराक होइत अछि। क्षेत्रीय विकासक लेल निष्ठापूर्ण राजनीतिक आवश्यकता छलैक, व्यावसायिक राजनीति त' पिछला कतेको दशक सँ मिथिला मे भइये रहल अछि। मुदा अहू व्यावसायिक राजनीतिक 'सौदा' मे एमएसयू आ कि एमएसयू सन-सन आन संगठन सब एकटा गलती क' रहल अछि आ ओ गलती अछि मिथिला राज्यक माँग।
अहाँ मिथिला राज्यक माँग करबै आ मिथिलाक आम जनमानस अहाँ सँ कटैत जाएत आ अहाँ केँ संदेहक दृष्टि सँ देखत। एकर बहुत रास सामाजिक आ राजनीतिक कारण छै। मिथिला राज्यक माँग केँ ल' क' दिल्ली मे भीड़ जुटायब ओतेक कठिन काज नहि छै, जतेक कठिन काज मिथिला राज्यक लेल जे चिह्नित जिला सभ अछि, ओहि जिला सभ मे जनसमर्थन जुटाएब। अहाँ ओहि जिला सबहक त' बात छोड़ू, जकरा मिथिलाक कथित हृदय स्थली मानल जाइत अछि, अहू ठाम मिथिला राज्यक लेल जनसमर्थन नहि अछि। अहू ठाम एकटा व्यापक समाज एहि आंदोलन केँ संदेहक नजरि सँ देखैत अछि। आ मिथिलाक आम जनमानसक ई संदेह हमरा निकट भविष्य मे खत्म होइत नहि बुझाइत अछि। आम जनमानसक एहि संदेह केँ दूर करबा लेल एहन संगठन सभ केँ सामाजिक सरोकार सँ जुड़य पड़तनि मुदा ई संगठन सभ त' पहिनहि सामाजिक सरोकार सँ च्युत भ' चुकल अछि।