-प्रस्तुत अछि ग्रुप कैप्ट (डा.) वी एन झा जी क पहिल मैथिली आलेख अंतरिक्षपर। ग्रुप कैप्ट (डा.) वी एन झा (MBBS, AMD, MD, FeISAM) पूर्व वायुसेना अधिकारी व चिकित्सा अनुसंधान प्रमुख; बैंगलूर विश्वविद्यालय मे प्रोफेसर व स्नातकोत्तर परीक्षक तथा DRDO मे वरिष्ठ वैज्ञानिक (Sc 'F') व सह निदेशक छलाह I अंतरिक्ष विज्ञान मे हिनकर लिखल पुस्तक "Design Concepts in Human Space Missions) देश विदेश मे प्रचलित छन्हि- सम्पादक
'विदेह मे विज्ञान' विषय-वस्तु पर एक नवीन प्रयोग शुरू कए रहल छी। ओहना तँ विदेह पत्रिका मैथिली साहित्य मे एक विशेष प्रतिष्ठा राखैय अछि, मुदा कोनों भाषा के, ख़ास केँ प्राचीन सांस्कृतिक भाषा के विकास आओर सामूहिक ग्रहण-विग्रहण तावत समुचित नहिं होएत यावत् ओहि मे आधुनिक व समकालीन ज्ञान-विज्ञान व परिवेश के समुचित स्थान नहिं भेटत। जाहि समय सॅ आधुनिक शिक्षा प्रणाली मे मैथिली के समावेश भेल अछि, अधिकतम विद्यालय व महाविद्यालय मे मैथिली प्रायः अपन गद्य व पद्य मे प्रगति अवश्य कएलक किन्तु भाषा के गुणवत्ता मे प्रगति समीक्षा व चर्चा के विषय अवश्य रहैछ, जाहि मे मैथिली भाषाविद के विश्लेषण विशेष महत्त्व राखताह।
हम मैथिली भाषा के एक अदना छात्र रहल छलहुँ और गत ५० वर्ष सं मैथिली-भाषी के संपर्क सं विहीन छी। ओहु सं विशेष जे वायुसेना समाज मे रहि प्रायः अंगरेजी माध्यम मे ही बातचीत व लिखल-पढ़ल रहल। गत ४० वर्ष मे वातांक्षरिक्ष विज्ञान मे रत छी। बारम्बार मन मे आएल जे मैथिली मे वैज्ञानिक विषय-वस्तु पर किछु लिखल जाए। विज्ञान के विषय मे लिखैक हमर ई प्रथम प्रयास अछि । अतः भाषा व्याकरण आदि त्रुटि हेतु क्षमाप्रार्थी छी।
अंतरिक्ष मे उपग्रह (सॅटॅलाइट) टकराव के आशंका
आबए वाला दिन मे अंतरिक्ष मिशन के सफल व सक्षम होय लेल भगवान के आशीर्वाद के अवश्यकता बहुतहि बढ़त । वैज्ञानिक के अपन निष्कंटक शिल्प संरचना (डिजाइन) व निर्माण मे 'पूर्णता' प्राप्त करय के संग-संग विशिष्ट उद्देश्य पूर्ति (मिशन प्लानिंग) के निष्पादित करय के बावजूद परमेश्वर के ई आशीर्वाद सभु हितधारक के लेल आवश्यक होयत। पाठक लोकनि सोचि सकैत छथि जे किए? लगभग सभु अंतरिक्ष तकनीक उन्नत राष्ट्र ई आशंका स॑ सशंकित अछि । कारण काफी सरल छैक। अनेक प्रक्षेपण के दौरान किछु अप्रत्याशित घटनाक्रम के संभावना रहैत छैक चाहे ओ 0.001 प्रतिशत सँ कम किए नेँ हुए। एहि कारण अक्सर प्रक्षेपण सँ पहिनें परमेश्वर के आशीर्वाद सेहो लेल जाएत अछि। एहि मे प्रमोचनयान के टक्कर के संभावना सेहो अछि चाहे ओ प्रक्षेपण के दौरान होए अथवा अंतरिक्ष के कक्षा (orbit) मे उपग्रह स्थापन मे। पिछु किछु दशक मे अंतरिक्ष मे अनेकानेक उपग्रह के तैनाती के कारण अप्रत्याशित टकराव के आशंका प्रबल भ गेल अछि ।