विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

बीहनि कथाक विकास मे संपादक, आलोचकक योगदान

मुन्ना जी · 2024-09-15 · अंक 402 · पृष्ठ 53–58

कलम निर्जीव होइछ कखनो रूकि सकैछ।ओकर स्याही सूखि कखनो ओकर जिनगी स्याह क' सकैछ।
अहां त' सजीव छी।अपन उचित आ उच्च विचार सक्रिय राखू।अहांक ओंगरी विराम नै लिए।
उपरोक्त पांति सं उत्साह वर्धन करै छलाह संपादक लोकनि।मुदा पत्रिका मे छपवा बेर बीहनि कथा क जगह लघुकथा लिखि प्रसन्न चित्त।
भ' जाइ छलाह।इ स्थिति छल बीहनि कथा विधाक प्रारम्भिक अवस्था मे।

कोनो रचना आ रचनाकारक पहिचानक आधार होइछ ओकर प्रकाशित रचना।आ ओतै सं मूल्यांकनक बाट बनैछ।जकर पहिल दायित्व होइछ संपादकक।।
अंग्रेजी साहित्य अपन मूल रचना लेल प्रख्यात।हिन्दी साहित्य अंग्रेजी साहित्य सं प्रेरित आ मैथिली साहित्य हिन्दी सं आच्छादित सन।लेखके मे सं त' संपादक।तें मैथिलीयो संपादक हिन्दी बलाक चिलका ' लघुकथाक ' नाम त'र दबल बीहनि कथा कें कतियबैत रहलाह।
वर्ष- 2003 मे अपन संपादकीय धर्मक निर्वहन करैत पहिल बेर गाम- घर साप्ताहिकक संपादक श्री रामभरोस कापड़ि भ्रमर। श्री राजक " वात्सल्य " बीहनि कथाकें बीहनि कथा नामे छपवाक जीवटता देखौलनि।
फेर शुन्यता।
2008 मे मिथिलांगन,दिल्लीक पहिल अंकमे मुन्ना जीक बीहनि कथाकें बीहनि कथा नामे छपलनि संपादक श्री रविन्द्र दास ' सुमन जी'
2010 मे विदेहक संपादक श्री गजेंद्र ठाकुर विदेह इ पाक्षिकक अंक-62मे मुन्ना जीक बीहनि कथा -' निपुतराहा ' छपलनि।तकर पछाति मैथिली लेखकक बीच ऐ विधाक प्रति निन्न खूजल आ जिज्ञासा शुरू भेल।
आ अही वर्ष अक्तुबर (2010)कें विदेहक अंक-67,बीहनि कथा विशेषांक अबिते मैथिली साहित्य मे भूचाल आबि गेल।आ चारू भर मचल हरबिर्रो।किछु नकलची लेखक सब कहनाइ शुरू केलनि-इ सब लघुकथाक नाम बदलि देलनि।जहन कि सोलह आना सांच छै जे मैथिली मे विधाक नकल त' अंग्रेजी साहित्यक विधा सं भेलै।ओत' जे शॉर्ट स्टोरी छै सएह त' मैथिली मे कथा नामे लिखाइए।ओकर कायान्तरण आ नामान्तरण क' लघुकथा नामे मैथिलीयो मे किछु दिन तथाकथित कथाक लेखन भैल रहै। सांच इ छै जै ओहो ओही कथा परिवार यानी शार्ट स्टोरीक सदस्य छल।मैथिली कथा संग्रह मे अंग्रेजी मे लिखल रहैछ ' Collection of Short Story.आ मैथिली मे प्रकाशित लघुकथा संग्रह मे सेहो अंग्रेजी मे लिखल रहैछ-' collection of short story.विधागत दुनू एकहि ।कायान्तरण आ नामान्तरण मात्र।

आब इ नेपाल सं दिल्ली होइत पटना पहुंचि संपादककैं जगौलक।अप्रैल - जुन2012
मे चेतना समितिक पत्रिका " घर- बाहर " संपादक श्री बासुकीनाथ झा द्वारा मुन्ना जीक आलेख छपल।शीर्षक छल " बीहनि कथा संसार "
इ सब अल्प कालिक वा तात्कालिक प्रकाशन छल।2010 सं अद्यावदि मात्र विदेह मे निरन्तरता बनल रहल।
2012 सं किशन कारीगरक संपादन मे बहराइत " मिथिलांचल टुडे"क सब अंक मे बीहनि कथा प्रकाशित होइत रहल।
जतेक संपादक बीहनि कथाक विकास मे योगदान केलनि ताहि मे एकटा महत्वपूर्ण नाम ऐछ श्री मुकेश दत्त जीक।मिथिलांगन,दिल्लीक पत्रिका सं संपादक रूपें जुड़ला पछाति सब अंक मे बीहनि कथाकें भारी संख्या मे उपस्थिति रहैए।ओना ओइ भीड़ मे किछु अनावश्यक /निरर्थक रचना द' रचनाकार अपन उपस्थिति सेहो दर्ज करौलनि।से प्रारम्भिक अवस्था छल।आब संपादकक संपादन कार्य परिपक्वता दर्शबैए।आ अपन निश्शनताक द्योतक बनि सोझां ठाढ़ ऐछ।हिनक संपादन मे 2021 मे मिथिलांगनक " बीहनि कथा विशेषांक "बहरा चुकल ऐछ जे ऐ विधाक विकासक एकटा महत्वपूर्ण उपलब्धि कें रूपमे गिनल जा सकैए।

पहिने मैथिलीक संपादक सब तथाकथित लघुकथाक बोझ तर अपनो आ बीहनि कथाकें सेहो दाबि जीवन गार्त केने छलाह।5 जनवरी 2019कें मैथिली - भोजपुरी अकादमी, दिल्ली द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बीहनि कथा विमर्श सह गोष्ठी सं सबहक आंखि खुजलनि।आ ऐ विधाक पांखि खूजल।
2020 मे संपादक श्री रमानन्द झा रमण " घर- बाहर " मे मुन्ना जीक बहुत रास बीहनि कथाकें छपलनि।ओना तकर पछाति कने गरबराइत देखएल ।
2021 मे एक अंकमे डा.प्रमोद कुमारक बीहनि कथाकें बीहनि कथा नामे आ डा.आभा झाक बीहनि कथाकें लघुकथा नामे छपलनि।ओना आब ऐ द्वन्दता सं बहरएल देखाइ छथि।
2020 मे बीहनि कथाक मांजल,लोकप्रिय रचनाकार, संपादक श्री घनश्याम घनेरो जीक संपादन मे बहार होइ बला पत्रिका " पकठोस"क सब अंक बीहनि कथा सं पाटल रहै छल।
अही वर्ष राजविराज,नेपाल सं प्रकाशित साप्ताहिक " मिथिला ",संपादक श्री दैवैन्द्र मिश्र जी,अद्यावदि सब अंक मे बीहनि कथाकें निरन्तर प्रकाशित क' अपन संपादकीय धर्म आ जीवटताकें कायम रखने छथि।
एखन धरि बीहनि कथा गोटा गोटी प्रकाशित होइत रहल।एकरा विराट रूप देलनि विदेहक संपादक श्री गजेंद्र ठाकुर जी।विदेह इ पाक्षिकक अंक-317(मार्च 2021) बीहनि कथा विशेषांक -2 निकालि।ऐ मे करीब तीन दर्जन बीहनि कथाकारक रचना संग देश - विदेश सं उड़िया,पंजाबी,नेपाली, संस्कृत आ अंग्रेजीक ऐ समकक्ष विधाक निश्शन/ महत्वपूर्ण रचना/ आलैखकैं स्थान द' एकटा संपुष्ट विशेषांक सोझा अनलनि।जै ऐ विधाक लेल मीलक पाथर साबित भैल।
अही वर्ष यानी 2021 मधुबनी सं मैथिली पुनर्जागरण प्रकाश ,मैथिली दैनिक संपादक अजयनाथ शास्त्री आ सहयोगी सचिदानंद सच्चू जीक द्वारा बीहनिकथा नियमित प्रकाशन होइत रहल।
2022 मे कवि एकांत राजीव झा जीक संपादन मे मिथिला समाज ट्रस्ट, दिल्लीक पत्रिका " मिथिला समाज " मे बीहनि कथा आ आलेखकैं प्रमुखता सं स्थान देल जाइत रहल।
अही वर्ष सं मैसाम ,दिल्लीक पत्रिका " अपूर्वा " संपादक द्वय- संजीव सिन्हा, उज्ज्वल कुमार झा द्वारा बीहनि कथा प्रचुर मात्रा मे छापल जाइत रहल।

वर्ष 2023 सं समदिया मिथिला पटना मैथिली दैनिक,संपादक- सचिदानंद सच्चू एकर साहित्यिक पन्ना पर बीहनि कथाक उपस्थिति दर्ज करबैत रहलाह।
अही वर्ष केदार कानन जी द्वारा संपादित आ सुपौल सं प्रकाशित भारती- मंडन अपन युवा विशेषांक मे लघुकथा /बीहनि कथा स्तम्भ मे करीब आधा दर्जन युवा बीहनि कथाकारकें स्थान देने छलाह।
2024 मे सहरसा सं प्रकाशित साप्ताहिक सहर्ष मिथिला मे संपादक श्री किसलय कृष्ण जी बीहनि कथा प्रकाशन मे अपन उपस्थिति दर्ज करौलनि।
अही वर्ष लाल दासक जयन्ती पर निकल' बला स्मारिका मे संपादक श्री संजीव शमा बीहनि कथाकें स्थान देबाक सिनैह आ जीवटता देखौलनि ।

मैथिलीक एक मात्र अपन स्वतंत्र विधा बीहनि कथाक निश्शनता आ लोकप्रियता सं होइत पसार देखि मैथिलीक अतिरिक्त अन्यान्य भाषाक संपादक सैहो प्रमुखता सं स्थान दै छथि।
2015 सं पटना सं प्रकाशित हिन्दी दैनिक- दैनिक जागरण आ 2016 सं पटना सं प्रकाशित दैनिक भास्कर अपन साहित्यिक अंकमे बीहनि कथा मूल भाषा मैथिली मे प्रकाशित करैत रहै छथि।
श्री योगराज प्रभाकर जीक संपादन मै पटियाला,पंजाब सं प्रकाशित - लघुकथा कलश लघुकथा महा विशेषांक 2017 पहिल अंक सं अद्यावदि हिन्दी अनुदित रचना, आलैख प्रकाशित करैत रहलाह।
2018 मे लघुकथा टाइम्स पछाति लघुकथा वृत नामै आदरणीया कान्ता राय जीक संपादन मे लघुकथा शोध केन्द्र, भोपाल सं बहराइत ऐ पत्र मे हिन्दी अनुदित बीहनि कथा आ छपैत रहली।
2024 ,भागलपुर सं हिन्दी 'दैनिक अंग भारत ' मे डा. श्वेता जीक साहित्यिक संपादन मै मूल मैथिली मे छपैए बीहनि कथा।
उपरोक्तक अतिरिक्त
सूर्य किरण भुवनेश्वर द्वारा विनय दास
बांग्ला मे संपादक - बेबी कारफर्मा
नेपाली - गोरखा पत्र द्वारा गौरी आदि मे बीहनि कथाकें स्थान द' दूर आ आन भाषा भाषी धरि ऐ विधा आ मैथिलीक पसार मे महत्वपूर्ण योगदान दै बला सब संपादककैं आत्मीय आभार!

समालोचक:-
जहिना शुरू मे संपादकक हाल छलनि तहिना ऐ विधाक एतेक विकासक बादो समालोचकक उदासीनता खटकै बला ऐछ।
सम्प्रति मैथिलीक वरिष्ठ समालोचक श्री रमानन्द झा रमण द्वारा डा. प्रमोद कुमारक " कनकीरबा ' पर विस्तार सं लिखल गेलै ।तकर अतिरिक्त श्री गजेंद्र ठाकुरक किछु आलैख विदेह पर प्रकाशित ऐछ।
शेष शून्य ।

इ पन्ना मैथिलीक समालोचकक उदासीनता दूर होइन आ अपन कलम सं ऐ विधाकैं आओर समृद्ध करैत तकर बाट जोहैत........खाली ऐछ।

Suggested citation: मुन्ना जी. “बीहनि कथाक विकास मे संपादक, आलोचकक योगदान.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 402, pp. 53–58, 2024-09-15. https://www.videha.co.in/research/2024/402/बीहनि-कथाक-विकास-मे-संपादक-आलोचकक-योगदान.htm

मूल विदेह अंक / Original issue