विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

अगस्त्य संहिता- तीस बर्खक प्रतीक्षा

डा.श्री कृष्ण 'जुगनू' · 2025-10-15 · अंक 428 · पृष्ठ 136–138

(पुरातत्विद एवं अनेक संकृत पोथीक संपादक, राजस्थान। संपर्क-9672872766)
अगस्त्य संहिता: तीस बर्खक प्रतीक्षा
तीन दशक पहिने केर बात। ओहि समयमे हम भक्ति आंदोलनक संत सभपर लिखैत रहैत छलहुँ, ज्ञात भेल जे कि 'अगस्त्य संहिता'मे स्वामी रामानंदक जीवनवृत्ति आएल छै आ ओहिमे हुनक बारह शिष्यक परिचय सेहो छै... ई भागवत पुराणक बारह परम भागवते जकाँ वर्णित छै आ हुनका मनु, भीष्म आदिक अवतार कहल गेल छै। डॉ. पीतांबरदत्त बड़थ्वाल एकर उल्लेख की केलनि, अन्य, लेखक सभ सेहो हुनके अनुकरण केलक आ फेर ई रूढ़ भऽ गेलै।
हमरा ई आश्चर्य होइत छल जे यदि ई संदर्भ छै तँ 'अगस्त्य संहिता' बेसी पुरान ग्रंथ नहि हेतै मुदा चूँकि आचार्य हेमाद्रि 1260-70 ई. मे एहि ग्रंथक श्लोक उद्धृत केने छथिन, एहन अवस्थामे कि रामानंद केर विवरण बला पाठ प्रक्षिप्त छै...। फेर, ई श्लोक कल्याण केर अवतारकथा अंक मे सेहो उद्धृत कएल गेल छलै। बारम्बार ई समस्या हमर मनो-मस्तिष्कमे अबैत रहल। 'अगस्त्य संहिता' केर खोज जारी रहल, मुदा जे सभ एकर संदर्भ देथि, से सभ एकर स्रोत बतेबाक लेल तैयार नहि छलाह। मुजफ्फरनगरक एक विद्वानक लेखसँ ज्ञात भेल जे ई ग्रंथ 1906 ई. मे डाकोर केर रणवीर पुस्तकालयसँ प्रकाशित भेल छै तऽ हम डाकोर केर यात्रा सेहो केलहुँ, मुदा पता नहि चलल। तीस साल भऽ गेलै, साक्ष्य सभ ताकब बाँकी छल।
अही बीच, 'अगस्त्य संहिता' क 1898 ई. में प्रकाशित अयोध्या संस्करण बला पाठ हमरा मित्रवर श्री नरेंद्र उमरीकरक सहयोगसँ पूना केर एक संग्रहसँ भेटल, ताहिमे केवल संस्कृते पाठ छल।
हालहिमे श्री गुंजनक सहयोगसँ ई ग्रंथ सुलभ भेल तऽ चौंकि गेलहुँ। पटनाक पं. भवनाथ झा एकर पुनर्संपादन सहित अनुवाद सेहो केने छथि। पं भवनाथजी अनेको पांडुलिपिक आधारपर एकर संपादन करैत प्रमाणित केलाह जे रामानंद बला विवरण शुद्ध रूपसँ प्रक्षिप्त छै आ जाहि भविष्योत्तर खंडक बात कहल जाइत छै, ओ 1903 ई. सँ किछु समय पूर्वे जोड़ल गेल छै। मूल ग्रंथमे केवल 32 अध्याय छै आ एहिमे आर कोनो खण्ड नहि छै।
क्षेपककार अगस्त्य संहिताकेँ पढ़ने नहि छलाह, अन्यथा ओ 33म अध्यायसँ अपन पाठक आरंभ करैत जखन कि ओ 131म अध्यायसँ लेखन केने अछि...। एहिमे रामानंद सहित हुनक द्वादश शिष्यक जयन्तीक आयोजनक मुख्यध्येय लगैत अछि...। ई निश्चिते परवर्ती अछि।
हमर आशंकाक समाधान पं. भवनाथजीक एहि भूरिश्रमा ग्रंथसँ भेल अछि। 'अगस्त्य संहिता' राम केर पूजक सभ लेल आधारभूत सामग्री प्रस्तुत करऽ बला ग्रंथ अछि। पं भवनाथ झा जीकेँ आभार जे ओ हमर सुदीर्घ शंकाक समाधान करबाक मार्ग प्रशस्त केलाह...।
(हिंदी लेख केर मैथिली अनुवाद आशीष अनचिन्हार द्वारा)

Suggested citation: डा.श्री कृष्ण 'जुगनू'. “अगस्त्य संहिता- तीस बर्खक प्रतीक्षा.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 428, pp. 136–138, 2025-10-15. https://www.videha.co.in/research/2025/428/अगस्त्य-संहिता--तीस-बर्खक-प्रतीक्षा.htm

मूल विदेह अंक / Original issue