२.७.प्रीति कुमारी- श्री लालदेव कामत जीक व्यक्तित्व आ कृतित्व
प्रीति कुमारी
श्री लालदेव कामत जीक व्यक्तित्व आ कृतित्व
विश्व कवि रविन्द्र नाथ टैगोर लिट्रेचर अवार्ड आ साहित्य अकादमी पुरस्कार ( मैथिली मूल) प्राप्तकर्ता श्री जगदीश प्रसाद मंडल जीके बिछल कथा (कथा संचयन) प्रो० रामसेवक सिंह - मैथिली हेड ,भागलपुर यूनिवर्सिटी (२०२५) केर लोकार्पणकर्ता श्री लालदेव कामतजी अन्तरमुखी व्यक्ति छथि। हिनक व्यक्तीत्व केँ जानय लेल बालपनके पृष्ठभूमिमे जाए पड़त। मोरंग काऊटन मिल्सके जोगबनी क्वाटरमे लालदेव जीके जन्म भेल रहनि। प्रदीप दाजूके अम्मा हिनक पुकारु नाउ - पबन रखलखिन। बालपनमे आन बच्चाक अपेक्षा ई दू मास पहिले चलब शुरू केलनि। एक दिन डेगाडेगी दैत पौरके बिजुआ आ सुखदेव जीके पछबरिया क्वाटरधरि चलि गेल छलैक। उत्तरबरिया अपना क्वाटरमे सुतल अवस्थामे ढोढीक मखठी मोलही देवी नोंचि नोकसान पहुचेने छलैन। से सैंली -मैली आ सानो के बहिण काँछी पकैड़ लेने रहैक। ओहि अबघात सँ गंगौली डाक्टर बचा लेने रहैनि। मैच फैक्टरी सँ मैज्यू छुट्टीमे अबथिन तँ भोजन सँ पहिले ओ पबनके दुलारथि आ लोरीक जगह जलजला टाकिजमे लागल फिल्मक गीत सुनाबथिन-:
साउनके महिना पबन करय शोर ...........
जियरा रे झूमे ऐसे , जैसन बनमा नाचे मोर!
ऐ गीतक मीठ धुन पर पबनके सँग पुष्पा, काली,कार्तिक,किशोर आ मंजू सेहो पहारी धियापुता आनन्द उठाबैक। कहय लागल रही २ अप्रिल १९७१ ई० केँ हटनी निवासी बाबूचन कामति उर्फ बाबूलाल केउट आ अरहुल देवी केर घर तेसर खेप एक बालकक जनम भेल रहय, जिनकर नाम जागेश्वर पड़ल। परँच छठिहारी पुकारू नाउ हुनक पितियौत बड़ बहिन लक्ष्मी देवी राखलनि लालदेब,से बहुचर्चित नाम टिप्पैणमे नहि छैक। शिवहरि बाजे ओतय एक सिलेट आ धार्मिक पोथी ल' केँ बहिन वैशाली उर्फ सरोस्वती संग पढय जा लागल तँ कैम्पसमे मदूमाके दूगोट हाँस खेहारलकनि। फेर नेपाल सँ नौआबाखर गाम आबि जाए गेलथि। हुनक छोटका ममा बिराटनगर सँ आबि अपर प्राइमरी स्कूल - नौआबाखर कचहरी पर पं०हेमकर झा, हेडमास्टर लग ल' जाकय पहिल वर्गमे नाम लिखा देलथिन। श्री लालदेव कामत मनोहर पोथी अपना वार्डक सज्जन चौधरीक मरबापर हरखित संगे जाकय सांझ- भोर ट्यूशन पढ़य जाए। ओतय पिरोजगढके काॅ० कामेश्वर राम खानगी रूपेँ मास्टरी करैत कड़ा सँ पढ़बथिन। हिनक संगी- तुरिया सब टिनही सिलेट आ काठक पाठी लऽ पैरमे खरपा पहिरके गुलाबजी सँगे टीशन पढ़य नितह जाई। सब सहपाठी हिनक हवाई चप्पल आ पाथरक सिलेटकेँ अचरज नजरिये देखय। श्री कामतजी तेहने पढ़ैयोमे लगनशील आ अकिलगर रहथि। दुसरा कक्षामे गेलापर जहरी दीदी दोकान सँ सदातावके कागत बेसाहि अपने सँ टाँकि लिखना काॅपी बना लेने रहथि। ओहिमे करचीक
कलम - इंक दुआति ल' केँ 'चलो पाठशाला चलें ' पोथीक पाठ सँ देखशी लिखना उतारथि। चित्रकारी सेहो आ अक्षर हूबहू छापथि। घीनसी लिखना देखि टोलक सहपाठी दुर्गानन घर पर आबि एक पृष्ठमे मात्र ५ पाँति वाक्य लिखकेँ बतौलकनि। तखन दररोज तेहने लिखबाक अभ्यास करय लगलाह। हिसाबक जोड़- घटावधरि लिखने कोपीमे अभ्यास कय जमैलाक मोलबी साहेब (अनवारूल हक )केँ देखबय पड़ैन। हिनक सबसँ प्रिय अध्यापक दुर्गीपट्टीक यमुना साफीजी रहथिन,जिनका जन्मभूमि पर लोक गंगा साफी नामे जानैत रहलनि। ओ चनरदेव आ अकलेश केँ बाल वर्गमे सेहो पढ़य लेल सँग लगेलक आ नाऊ लिखबेलनि। जे चटिया तै जमानामे कहियो स्कूल जाय सँ नागा करै तँ साफीजी घर पर सँ ताकि आनथि आ करमीलाके छरी सँ ततारि दैथि। पंडित जी सबक सुनि कतेको चटियाकेँ दे धौल ....! धरि शनीचराक चाउर आ कैँचा लै ले हुनक छोट बालक हरेराम धार टपि आबि जाइन। अपना सँ छोट भायकेँ रानी मदन अमर नामक पीयर ढ़ाउस बड़का किताब केर सँग पहलामे नाम लिखा देलन्हि। ता पहिले खेप नि: शुल्क मैथिली पोथी - मीरा कमल दिनेश ,कर्पूरी जीक कृपा सँ बाल वर्गमे बितरीत भेलैक। ताहि समय हिनका गुलाबजी सँ भुली महिस बाला मैथिली पुस्तक सेहो पढ़बाक सौभाग्य भेलन्हि।
जहन चौथा वर्गमे रहथि तँ बुधदिन हटिया जाइतकाल पछोर लागि गेलाह। जहन बगरबोनी लग जीराय खातीर बैसलाह भोगी लालजी आ पाछाँ उनटि देखल तँ बजलथिन देखू काकी अहाँक लालदेब बौआ सेहो चलि आयल। आ बजारमे इसकुलिया बाकस कीनलक। ओहि दिन तारभुज खाइतेकाल मरचाई दोकान बाला लग मुर्छा आबि गेल छलैन्ह। सन् १९८० मे पाँचमाके छात्र कामत जीक बालवियाह २५ फरबरी केँ कु० सूमित्रा उर्फ मुन्नीजीक सँग भेलन्हि। ओहि समय सासुरमे मरजाद दिन अपन जेष्टसार श्री मंगनू जीकेँ गणितक ऐकिक नियम पाठ सँ हिसाबधरि सिखेने रहथि।
सन् १९८१ मे छठम वर्गमे हटनीके मध्य विद्यालयमे नामाकंन प्रधानाध्यापक उमेश झा लग करेलनि। कोशी मरनाधार टपिकय आ वर्षाकालिन ऋतुमे जूगत मियाँके नाह सँ पार होइत नितदिन पढाय करय जाथि। नाँह लिखबैसँ सालभरि पहिने शनिदिन बौएलाल जीक सँग हटनी मिडिलस्कूल पढ़य गेल रहथि। ओहि दिन रायजी गुरूजी सब विद्यार्थी सँ लोकगीत गबाबथि। हिनको पँतियानीमे क्रम अयलनि तँ चरफर सँ ठाढ़ भ' अपन मीठकंठ सँ निधोख छकरवाजी नाचमे लेबरा सँ सुनल गीत गौलथि -:
पीतरोके गहना द' केँ हमरा फुसिलेलह
सोना केँ नै पड़लै गतरमे - गतरमे! गतरमे !!
आब नै रहब देह जरूआक घरमे- घरमे !!
एके अंतरा गीत सुनि सभ विद्यार्थी थपरी बजेलकनि तँ सतमाक चेष्टगर विद्यार्थी लोकनि पिहकारी पारलकनि। एक आरो प्रसँगक चरच सुनने छी -:
नेनपनमे जखन ओ तिसरेमे रहथि तँ पाँच नया पैसा सँ शिक्षक दिवसके टिकस वर्गशिक्षक सँ किनय पड़ल रहनि। से बेरियां पहरमे बजरंगी साह संगे ओकरा घर लगक घाट पर धार टपि दुर्गापूजा होय सँ मासदिन पहिले बनैत मूरूत देखय गेला, हटनीके धियापुता सब मूरूत नहिं देखय दैन। तखन दोसर दिन सँ सबदिन पाँच सितम्बर बाला वोयह टिकट बुसर्ट केर जेबी पर साटिकय जाथि आ अधिकार पूर्वक मैटिक मूरूत छलगरिया केँ बनाबैत देखथि। मधेपुरके कारीगर सँ लुरि मोनेमोन सीख , गामपर कुमरोटी माँटि सँ छोटगर मूर्ति यथा-: भोमरा,भाँटा, करेला ,ऊँट ,हाथी- कुत्ता बनाकय पीठार सँ ढ़ौरकेँ सीमक पातके रस,कुसूम फुलके आ खापरिक पेनी सँ कारिख ल' केँ रंगैत बार्षिक व्यवहारिक परीक्षामे डोरी- बाढ़ैन आ खर्रा सहित पंडीजी मासेएब केँ दैथि,परीक्षा पास करैले नारिकेल - छोहाराधरि छढ़ाबा करय पड़ैन। १९८१ ई०मे एक दिन इंग्लिश विषयके टीचर शंकर मिश्रजी रीडिंग दैलै कहलकैन, छठम् वर्गके सब छात्रकेँ बेराबेरी ठाढ़ करैत गेलाह। हिनकर प्रखर उच्चारण 'इट वाज सण्डे ,देयर वाज ए क्रिकेट मैच इन द स्कूल , पाल वाज कैप्टन .गार्डेन इन प्लेग्राउंड,गोपी .....कहैत काल शाबसी दैत बैसबाक संकेत केलकैन। ओहि दिन संयोगे क्रमांक १ . आशुतोष झा एवम् कुसूम लाल चौधरी वर्ग सँ अनुपस्थित छलैक। एक सोमदिन हटनीके विद्यालयमे बालवर्ग सँ अष्टम (नवीन) वर्गधरिक विद्यार्थीगण साढ़े दसवजे जुमि गेलैक आ वि० शिक्षक कृष्ण देब साहु आ महेश बाबू आयल रहथि। सब वर्गक छात्र - छात्राकेँ वरपिपर- पाखैर गाछतर विर्तमे बैसबैत सातगोट प्रश्न लिखाओल गेलैक। उत्तर पुस्तिका जाँचलेल जमा लेल गेल़ै तँ एकमेव उत्तीर्ण छात्र इयहटा रहथि। बहुत गोरे राष्ट्रीय गान आ गीतमे भ्रमित भऽ लिखने छलैक। एकदिन देवकान्त यादव शिक्षक हिनका हेडमास्टर उमेश जा लग भोजनावकाश समयमे कार्यालय लऽ गेलनि,आ १५ अगस्त पर भाषण सुनबय कहलकैन। से संभाषण कलामे प्रवीण बुझलकन्हि। आनछात्र - छात्राके बन्सव्त शिक्षक लोकनिक बीच हिनका मादे नीक धारणा बनल रहलन्हि। सन् १९८३ ई०मे गामक दक्षिण ३ किलोमीटर पर अवस्थित ने०रा०सा० उँच्च वि० सरौतीमे वर्ग अष्टममे मो० शगीर साहेब वर्ग शिक्षक लग नामांकन लेल दरखास्त आ विद्यालय स्थानांतरण प्रमाणपत्र तथा कौमनचार्य जम्मा देलनि। विद्यालय किरानी रामबाबू कामत लग पिऊन रामप्रकाश शर्मा बजाकय लऽ गेलनि ओतय बालचर रसीद भेटलनि। मैथिली विषय खूब नीकजेकाँ सीताराम कामत पढ़ाबनि। ओहि समय नवम् - दशम् वर्ग लेल मैथिली भाषा साहित्यमे गद्य-