विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

महाकवि विद्यापति अनुसंधान

आचार्य रामानंद मंडल · 2026-05-01 · अंक 441 · पृष्ठ 170–172

संयुक्त मिथिला मे अनेको कवि विद्यापति भेलन।परंच विभिन्न संपादक अपन संपादन मे अनेको कवि विद्यापति के पदावलि वा गीत के महाकवि विद्यापति के पदावलि मे शामिल कै लेलन आ अन्य कवि विद्यापति गण के नेपथ्य मे धकेल देलन।
अधिवक्ता आ लेखक गौरी शरण झा के अनुसार -
१.१०३४ ईस्वी मे पौरव वंश के ब्रह्मपुर मे सेहो एकटा विद्यापति भेल छलाह हुॅनका मोरध्वज के उपाधि प्रदान कयल गेल छल।ओ विद्यापति वरुणाश्रम मे आजीवन रहि कृष्ण राधा पर सैकड़ो कवितासब लिखलैन
२.रैका वंश मे सेहो एक विद्यापति भेल छथि लेकिन ओ आजन्म अविवाहित छलाह।राईमल्ल के पुरालेख आ १४१० ईस्वी के ताम्रपत्र मे एक आऔर विद्यापति के जिक्र अछि।
३.कलका मंगल के सेहो विद्यापति कहल गेल अछि मौलिक दृष्टि सॅं देवी महात्म्य के सुन्दर अनुवाद विद्याकाव्य कहि क' लिखनें छथि।
४.कंकण के एक कवि के नाम सेहो विद्यापति छल जिनकर पत्नी के प्रभा देवी छल।
५.उज्जयिनी के धनपति के नाम विद्यापति जिनकर पत्नी सुधिरा आ लहना छल।
६.चन्द्रकला,विद्यापति के पुत्रवधू नञि रहथिन्ह ओ तॅं जयदेव के भार्या रहथिन्ह।आ ई विद्यापति के जयदेव कहि देल गेल तैं मैथिल के इतिहास गणपति ठाकुर के पुत्र विद्यापति के विषय मे किछ नञि कहैत अछि।
७.पंच गौड़ेश्वर यशोदाराज सेहो विद्यापति छलाह। विद्यापति के सदृश हु-ब-हु गीत लिखलैन।
८.एक अध्ययन के अनुसार हुसैन साह के सेहो विद्यापति कहल गेल अछि।आ ओ विद्यापति सन गीत लिखै छलाह।
९.एक अध्ययन के अनुसार नासिरसाह सेहो विद्यापति छलाह आ विद्यापति जकाॅं कविता,गीत लिखनें छथि।
१०. राहुल महापण्डित राहुल सांकृत्यायन दक्षिणी हिन्दी काव्य धारा मे पृष्ठ संख्या ३ मे लिखनें छथि कि ख्वाजा बन्दानेवाज विद्यापति छलाह जिनकर जन्म १३४१ ईस्वी मे भेल छल।
११.बिसइवार-वंश के अनुसार जयदत्त ठाकुर के पुत्र गौरीपति ठाकुर उर्फ गोपाल ठाकुर आओर गणपति ठाकुर छथि एवं गणपति ठाकुर के एकमात्र पुत्र विद्यापति ठाकुर भेलाह।ई विद्यापति काल्पनिक लागै छथि।
१२.ओइनवार राजवंश के अनुसार प्रजापति के पुत्र उमापति आ वाचस्पति छथि आ उमापति के तीन पुत्र मे मझिला पुत्र के नाम विद्यापति छल विद्यापति के पुत्र जयपति आ देवपति भेलाह।
एक अध्ययन के अनुसार-
'शैवसर्वस्वसार' ग्रंथ विद्यापति के लिखल नहि थीक आओर ग्रंथ 'गंगावाक्यावली 'सेहो कोनो विद्यापति नञि अपितु विश्वास देवी लिखनें छथि।
भनइ जसोधर नव कविशेखर पुहवी दोसर काहाँ ।
शाह हुसेन भड्गसम नागर मालति सेनिक ताहाँ ॥
एहि मे कवि यशोधर के हटाक' विद्यापति के नाम दय देल गेल अछि
करीब दू हजार पदावली पंचानन- कवि लिखने छथि तालपत्र पर जकरा विद्यापति के पदावली कहि देल गेल अछि ।
उमापति के बालक के नाम सेहो विद्यापति छल आ उमापति,प्रजापति के पुत्र छलैथ ओहो एक महान कवि छलाह एवं गीत -मोराहि रे अंगनमा चाँदन केर गछिया ताहि चढि कूररए काग रे--यैह विद्यापति लिखनें छथि
झारखण्ड पूर्व एकीकृत बिहार के अविनाशी घासी के सेहो विद्यापति - जयदेव कहल गेल अछि।
विद्यापति के असली नाम वसंत राय छल-कल्पतरु।
प्रो हीरा लाल कर्ण , नेपाल के अनुसार -
विद्यापति।ओ सभ एके समयके नहि छथि । पहिल विद्यापति दशम शताब्दी के छथि । हुनकर संस्कृत पद्य सभ कश्मीरके अभिनव गुप्तके ईश्वरप्रत्याभिज्ञा विमर्शिनीमें संकलित अछि । दोसर विद्यापति कल्चुरी नरेश कर्णदेवके दरबारी कवि रहथि । हुनकर संस्कृत पद्य सभ श्रीधरदासके सदुक्तिकर्णामृतमें संकलित अछि । तेसर विद्यापति गणपति ठाकुरके पुत्र मैथिली के महाकवि छथि । चारिम सतरहम शताब्दी के उमापति के पुत्र छथि । पाँचम विद्यापति सोरहम सत्रहम शताब्दी दिस बंगालमें भेल रहथि ।
आचार्य रामानंद मंडल सीतामढ़ी के अनुसार-
आदि कवि विद्यापति नाई -कविशेखर जोतिश्वर कृत वर्णरत्नाकर मे वर्णित विदापत नाच के जनक आदि कवि विद्यापति नाई के विदापत नाच के महाकवि विद्यापति के विदापत नाच कहल जा रहल हय जौं कि महान् साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु अपन एगो आलेख मे विदापत नाच के चर्चा करैत लिखैत छतन कि विदापत नाच से कुलिन वर्ग घृणा करैत हय आ वो वर्ग अइ नाच मे सम्मिलित नहि होइ छतन।विदापत नाच के मंगलाचरण -गननायकं फलदायकं पंडितं पतितं ..बतबैत छतन।
अन्य कवि विद्यापति दोनवार सिरहा नेपाल मे भेल रहलन।
हिनकर रचित पदावलि मिलल हय।परंच कवि चंदा झा हिनकर रचना के महाकवि विद्यापति के पदावलि मे शामिल कै लेलन। प्रसिद्ध आलोचक तारानंद वियोगी के अनुसार महाकवि विद्यापति के रचना जै जै भैरवि असुर भयावनि नहि हय। कवि रतन के लिखल अर्द्धनारीश्वर वंदना के महाकवि के रचना कह देल गेल। देखल जाय हय कि अनेको कवि विद्यापति के पदावलि के अनेको संपादक द्वारा महाकवि विद्यापति के पदावलि मे शामिल क लेल गेल।आ अनेको कवि विद्यापति के नेपथ्य मे ढ़केल देल गेल।
-आचार्य रामानंद मंडल, सीतामढ़ी।

Suggested citation: आचार्य रामानंद मंडल. “महाकवि विद्यापति अनुसंधान.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 441, pp. 170–172, 2026-05-01. https://www.videha.co.in/research/2026/441/महाकवि-विद्यापति-अनुसंधान.htm

मूल विदेह अंक / Original issue