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राना.सुधाकरके स्मृति पुनः बिराटनगरमे / व्यक्तितत्व : फुले बाबू नँय रहलाथि

प्रीति कुमारी · Videha अंक ४५२ · 15 October 2026

प्रीति कुमारी बीए. बीएड.

राना.सुधाकरके स्मृति पुनः बिराटनगरमे / व्यक्तितत्व : फुले बाबू नँय रहलाथि

१

राना.सुधाकरके स्मृति पुनः बिराटनगरमे

एहिवर्ष २०२६ ई० मे विराटनगर फेर बनल राम ना० सुधाकर आ अन्यके स्मृतिक गबाह। मिथिला टाइम्स आ मैथिली सेवा समिति , मैथिली एसोसिएशन नेपाल, मैथिली विकास अभियान, विराट मैथिल नाट्यकला परिषद,आभा फाउण्डेशन , अपन विराटगढ़ , परोपकार समाज आ स्वर संगम संगीतालयके संयुक्त आयोजनमे गत १४ मार्च २०२६ ई० केँ श्रद्धांजलि सभा राना. सुधाकर स्मृति कथा विमर्श संयोजक श्री राम रिझन यादव आ संचालन श्री शिव नारायण सिंघल जी द्वारा सुसम्पन भेल रहय। ताहि कार्यक्रम केर अवसर पर विगत ३० गते फागुन २०८२ शनिवार केँ भारत- नेपाल राष्ट्रके साहित्यकार, मैथिली भाषा आन्दोलनी , नेपाल पत्रकार महासंघ 'क सभा हाॅलमे पैग जमघट लगौने रहथि। वक्तामे प्रमुख रूपेँ मधेश प्रदेश प्राज्ञा प्रतिष्ठानक अध्यक्ष श्री रामभरोस कापड़ी 'भ्रमर' , प्रदीप बिहारी , चन्द्रेश जी, रोशन जनकपुरी,प्राज्ञ द्वय खेम नेपाली आ गंगा सुवेदी , प्राध्यापक कृष्ण पोखरेल , प्रवीण नारायण चौधरी ,श्री डोमी कामत आदि रहथि। मैथिली सेवा समिति केर डॉ० एस एन झा'क अध्यक्षतामे नेपाली आ मैथिली साहित्यके प्रसिद्ध कथाकार स्व० राम नारायण सुधारकके तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि करैत अपन श्रधा सुमन अर्पित करयबालामे आभा अनुपमा ,बसुन्धरा झा, कुशेश्वर राई ,पंकज वर्मा, नवीन कर्ण , विद्या मिश्र , भगवान झा , श्रीमती लक्ष्मी अधिकारी आदि प्रबुद्धजन सँ भरल खुब झमटगर ओ क्षण छल । ओहिमे सँ श्रीयुत् रामरीझन यादव जीक संयोजन आ श्रीमान शिव नारायण सिंघलके संचालनमे राना सुधाकर आओर पूर्वांचल मैथिलीक कवि शिरोमणि दयानन्द दिक्पालके स्मरणमे ३ अक्टूबर २०२६ शैनदिन संध्याकाल सँ भरि राति अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कथा संगोष्ठी चलैत रहलैक। ' सगर राति दीप जरय ' के आयोजन विराटनगर - राम जानकी मंदिर परिसर ,जतुवा नेपालमे आयोजित कयल गेल रहय। मिथिला टाइम्स आ जतुवा नागरिक समाज विराटनगर केर संयुक्त तत्वावधानमे ई राष्ट्रगान आ मैथिलीकर्मी नन्द विलास राय जी द्वारा स्वागीत गीत सँ आरंभ कार्यक्रममे विद्युत संकट आ हथिया नक्षत्रक आकस्मिक बरखा सँ तत्काल पोथी लोकार्पण कार्यक्रम मोबाईल'क इजोत सँ कहुनाकेँ सम्पन्न भेल। एहि अवसर पर मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल डॉ० सुरेन्द्र लाभ , साहित्यकार मधुसूदन पोखरेल , साहित्य अकादमी सँ पुरस्कृत 'पंगू' उपन्याक रचैता जगदीश प्रसाद मंडल , अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदके महासचिव नारायण यादव,मोरंग उद्योग व्यापारक अध्यक्ष अनिल कुमार साह, रामकुमार कामत सामुहिक रुपेँ दीप प्रज्वलन करैत उदघाटन भेल। आ अपन ओजस्वी भाषण कला सँ आगंतुक साहित्य प्रेमी लोकनिक स्वागत करैत तत्कालीन प्रधानमंत्री जीके सलाहकार प्रो० रामरिझन यादव जी सब गोटेकेँ वेश आह्लादित कयलन्हि। एहि सुअवसर पर २५ टा हिन्दी, अंग्रेजी अनुवाद पोथी आ मैथिलीक मूल पोथीक लोकार्पण महामहिम राज्यपाल महोदय के कर कमल सँ भेलैक। संगहि अनुकूल वातावरण होइतहिं २५ गोट नूतन कथाके प्रस्तुति ६ पालीमे कथाकार लोकनि कयल,जकर त्वरित समीक्षा सेहो भेल। कथा पाठके अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक दुर्गा नन्द मंडल आ संचालन सम्पूर्ण रात्रि वरेन साहित्यकार नन्द विलास रायजी कयलाह।

२

व्यक्तितत्व : फुले बाबू नँय रहलाथि

मधुबनी जिलाक झंझारपुर नगर पंचायतमे ख्यातिनाम एक भण्डारी परिवार'क सुयश दहोदिश पसरल छैक। ऐ परिबारक स्व० गोपालजी भंडारी जीक मान्यजनीक भोज मादे अभिनव चर्च होइछ। ओ कोनो गामक भोजमे बिनु धोति लेने हाथी पर सँ नँय उतरैत रहथि। आओर जखन सिरखड़िया गामक भोजमे पहुँचलाह तँ सब नोतहारी पंचकेँ पातपर भात पड़ल आ मैनेजन भंडारी जीके पात पर एक स्वर्ण अशर्फी आ ५ टाका चानिक खुदरा पाई हुनका पातमे दैत अचरज उपस्थापित भेलैक। सब अवाक्.! छरीदारके जिज्ञासा पर बारिक सब कहलकैन अपने तँ अहिक भुखल छी ,तें लिअ। ताहि दिन सँ जातियातामे सामुदायिक भाव चेतलनि आ खाप पंचायतमे सेहो बैसय लगलाह। पछाति क्योटारेमे भ्रमण कय चन्दा संग्रह करैत भंडारी मंदिर बनाकेँ , राधाकृष्ण भगवान् भजनमे लीन भेलाह। गाममे एक भीठ जमीनमे लगावोल रामबाग नामे प्रसिद्ध आम गाछीक चर्चा पुरान लोक नवतुरिया वर्गकेँ खिस्सा रूपेँ सुनबैत गौरव बोधसँ भरि जाइत छथि। से बिनु पुछने ओ ४० बिगहामे राज दरबारक जगहमे कलम लगा देने रहथिन। हुनका मादे कियो संदेशवाहक महाराजा धिराज - दरिभंगा लग ऐ बिनु अधिकारक मसलाक बढ़िचढ़िकेँ चर्च केलकनि। राज घराना सँ पहुँचल मैनेजर साहेब भंडारी जीकेँ कहलकनि, अपनेके रैयत हसामी रूपेँ प्रशंसामे एक सभासदके बैसार आयोजित छैक,जाहिमे सादर उपस्थिति होइयौ! नियत समय पर गोपालजी भराड़ी अपन लाऊ लस्कर संग हाथी पर चढ़ि ओतय जुमि गेलाह। हुनक भव्य मुखाकृति ओ आभा देखि सबकेसब प्रशन्नतामे रहि कहलकनि एहन -एहन सम्पैतशाली रैयत एकाधटा तिरहुत राजमे रहना चाही। संगहि अपन जेष्ठ बालकके नीजी सलाहकार बनय लेल पठाबय राजाज्ञा पत्र देलकनि । समय सँ हुनक पैघ बेटा लक्ष्मी नारायण बाबू ओतय जाए हुनक सलाहकार बनि घर घुमलाह। कालांतरमे एक दिन नेपाल शिकार खेलय महाराजकेँ जेबाक नियारमे अपेक्षित रशदपानि कतेक लगितैन से भंडारी जी सँ पुछलथिन तँ ओ बतौलकनि। मुदा हुनका सँ द्वेष रखनिहार दरबारी कियो महराजकेँ चुगली करैत कहलकनि फाजिल बजट बतेलक अछि। अपन घर भरैय लेल भंडारी जी बतौलक अछि। गंतव्य धरि पहुँचय सँ पूर्व एक केबट गांवमे महराजकेँ पियास लगलन्हि। ओहिठाम अपन ईनार खुदबाकय जल पिलनि आ आगूक यात्रा करयमे रशद सामग्रीक अभाव देख मोन मलीन करैत भंडारी जी सँ ताकुत कयलन्हि। कथित सोईत लोकनि जे संगमे रहनि सेहो किंकर्तव्यविमूढ़ भऽ गेलाह । लक्ष्मी नारायण बाबू तरेतर जेथगरकेँ रशदपानिके ओरियाउन कयने रहथि। तेंँ कहथिन - आब आन राजपाटमे भीख माँगू! पुनः व्यवस्थित होइत पारघाट लगेलकनि। हुनका एहि बौद्धिकता सँ प्रशन्न भ' ६०० बिगहा जागिर हुकुमनामा - पत्र दैत पुरस्कृत कयलकनि। इहो एक विडम्बना जे से छः सय बिगहा जायदाद स्व० भंडारी जी एकेदिन महंत आ अन्य खरीददार हाथे फरोख्त कयलाह। लक्ष्मी नारायण बाबू केँ एक पुत्र कृष्ण नारायण जी आ एक पुत्री जे मधेपुरमे विवाहित छथिन। कृष्ण नारायण बाबूकेँ दू पुत्र क्रमशः अधिवक्ता अरुण कुमार जी आ संजीव कुमार जी तथा तीन पुत्री क्रमशः सीता देवी, अनीता देवी आ साधना छथि। गोपाल जी बाबूकेँ दोसर पुत्र राम नारायण भंडारी ,जिनकर पुत्र भेलथिन - देवनारायण भंडारी । देवनारायण बाबूकें तीन पुत्र क्रमशः श्याम नारायण भंडारी, श्रीनारायण भंडारी उर्फ फुले बाबू आ बद्री नारायण भंडारी एवं एक पुत्री जे मधेपुरमे ससुरवास छथिन। गोपाल जी बाबूकेँ तेसर पुत्र रहथिन - स्वतंत्रता सेनानी श्री राम गुलाम भण्डारी । राम गुलाम बाबूक पहिले विवाह सिरखड़िया गाम आ द्वितीय वियाह माड़र गाम । हुनक एकमेव पुत्र लाल बाबु जी ,जिनक मातृक मारड़ गाम भेलनि। हुनक ससुराईर सरौती गामक पूर्व मुखिया स्व० राजकुमार कामत जी ओतय रहनि। एहि यशस्वी परिवारमेकेँ स्थानीय राजनीतिक केन्द्रविन्दु मानल जाईत छैक। ५मार्च १९५९ ई० केँ माता शकुन्तला देवी केँ द्वितीय पुत्र रत्न नैहर तेनूआही नाजीटोलमे भेलनि। बालपन सँ मेधावी फुले बाबुक शिक्षा दिक्षा पैतृक गाम झंझारपुर पुरानी बजारक विद्यालय सँ आरम्भ भेल छलन्हि। हुनक शुभ विवाह अलोला गाममे प्रभा देवी सँ भेलनि। गत १० अक्टूबर २०२६ केँ भोरमे एक शोकक लहैर आयल, जाहिक चपेट सँ खबेर पसरल अ० भा० कैवर्त्त कल्याण समिति (रजि०)केर राष्ट्रीय अध्यक्ष फुले भंडारी जी पटना मेदांता अस्पतालमे हृदयगति रुकलान्तर आकस्मिक निधन भ' गेलन्हि। ओ समाजसेवी आ मधुबनी जिला जद०(यू०) केर अध्यक्ष रहैत राजनीतिमे पैठ बनबैत जा रहल छलाह। पूर्वमे ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक -शाखा अररियाके प्रवन्धक पद सँ सेवानिवृत्त अढ़ाय साल पहिले भेल रहथि। हुनक अभाव ऐ धराधाम पर खासकय कियौट समाज बीच सदा अखरैत रहतैन । ओ अपना पाँछा भरल पुरल परिवार छोड़ि पुत्र ई० कमलेश भंडारी , पुत्र वधू ई० प्रियंका कामत(गड़बा) , पुत्री क्रमशः पुनीता कुमारी आ संगीता कुमारी आ समस्त रियाद वादकेँ छोड़ि गेलाह अछि। ओ एक सच्चा समाजसेवी छलाह। विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित! ऊँ शान्ति!!

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