VIDEHA ISSN 2229-547X  ·  First Maithili Fortnightly eJournal  ·  Since 2000  ·  www.videha.co.in
विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
Twitter / X Facebook Archive

विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

विदेह

Videha

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका — First Maithili Fortnightly eJournal

विदेह नूतन अंक
वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA.


 

जगदानन्द झा "मनु"

आजुक बरसाइत

 

 

पतिकेँ अपन आंगुरपर नचबै बाली,
सेहो आइ बरसाइत करै छथि।
ठठड़ी बला कही-कही कऽ,
जे ठठड़ी बना देलनि,
सेहो आइ बरसाइत करै छथि।

 

मॉडल युग मे,
मॉडलो सभ आइ बरसाइत करै छथि।
होकती कोना आँचरसँ बियनि,
जिंसो बाली आइ बरसाइत करै छथि।

 

पुरुषक राजमे बाहर सुरक्षित नहि छली स्त्री,
स्त्री राजमे आइ घर-घरमे असुरक्षित अछि पुरुष।
असुरक्षित पुरुषक,
जोरगर सेहो आइ बरसाइत करै छथि।

 

सत्य-निष्ठा पतिव्रताक पावनि,
बनल जकर आइ मखौल अछि।
किछु तँ नव साड़ी लेल,
सेहो आइ बरसाइत करै छथि।

 

एक सावित्री मुइल पति केर जियाबक सामर्थ्य रखैत छली,
आइ लाखों जीबैतकेँ मरनासन्न लेस बरसाइत करै छथि।
एक दिनक वर्तसँ नहि चिरंजीवी हेता आजुक सत्यवान,
हुनका चाहियनि घरमे प्रेम, आदर आ सम्मान।

 

हे मातृशक्ति! अहाँ श्रेष्ठ छलौं, श्रेष्ठ छी आ श्रेष्ठ रहब,
काली, दुर्गा, रनचंडी अहीं छी।
परञ्च एहि रूपकेँ राखू स्वधर्म रक्षा लेल,
घरमे रहूँ लक्ष्मी बनि हँसैत अपन विष्णु संग।

 

अहाँक हँसैत ई लक्ष्मी रूपक सौंझा,
कोन यमराजक पावर विष्णुसँ लड़ता?
पूज्य छथि सत्यवानक सावित्री,
पूज्य छथि पतिक हियामे बसनाहरि स्त्री।

 

-जगदानन्द झा ‘मनु’, मो० न० +९१ ९२१२-४६-१००६

 

अपन मंतव्य editorial.staff.videha@zohomail.in पर पठाउ।