
विप्रकान्त मंडल
मशीन बनबाक उमेड़
गामक पुवरिया बाधक अन्तिम पुल पऽ कारी जिन्स आ उजर टी-शर्ट पहिरने बीस बरखक
भोला बैसल आछि । ठरल पछिया हवा संग डूबैत गोसाईं आ खाली बाधक दिश ओ टकटकी
लगौने देखि रहल अछि। बाध सन खालि मन मे गोसाईं सन रसे-रसे डूबि जाइत अछि ।
ओकरा मोन परैत अछि कोना शहरक 10×12 क छोट छीन कमरा मे ओ संकुचित जिनगी बिता
रहल अछि । भोर होएते नित क्रियाक बाद खाना बनौनाइ, नहाई-खाई कतैको
समस्यासॅं लरैत काज पर जएनाइ । भांति-भांतिक लोगसॅं मिलनाई । समयक अभाब मे
दस मिनट मे नस्ता केनाई । राति मे थाकल-थहियाल रूम पऽ घूरि एनाइ ,
रूखल-सुखल खाई सुति रहनाइ। जेना साफ्टवेयर मे प्रोग्राम फीड अछि । भोर
होएते क्लिक बटन दबा प्रोसेस शुरू । शहरक जगमगाईत इजोत मे ओ हेराय गेल अछि
मुदा परिवारक स्थिति सॅं मजबूर अछि। प्रसाद पुल पऽ गाड़ी रोकत अछि। गाड़ीक
आवाज सॅं भोलाक ध्यान खुइज जाएत अछि । ओ दुर सॅं आबि रहल लोचन केॅं देखि -
" की यो लोचन भाई ? "
लोचन -" हॅं-हॅं ! बहुते दिनक बाद एलो ? "
प्रसाद -" तीन-चाइर महीना पऽ। "
लोचन-" काम-काज ठीक चलि रहल अछि? "
प्रसाद -" हॅं ! " शहर मे तऽ काज मशीने द्वारा होएत अछि आ मशीन संगे
रहैत-रहैत आदमियों एगो उमड़क बाद मशीन बनि जाइत अछि । इच्छा कामना विहीन
मशीन ।
लोचन-" ठीके कहलो । "
प्रसादक गप सुनि भोलाक मन मे प्रश्न उठैत अछि की हमरो मशीन बनबाक उमेड़ भऽ
गेल ? फेर हमर अन्तरक भावनाक की हेतइ ?
-सगर राति दीप जरय 20 सितंबर 2025, स्थान: आभा पब्लिक स्कूल निर्मली मे
पठित।
नाम:विप्रकान्त मंडल,
पिता: राजदेव
मंडल,
पता: गाम-मुसहरनिया ,
पो-रतनसारा ,भाया-नरहिया , जिला-मधुबनी(बिहार) , पिनकोड -847108
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