
संतोष कुमार राय 'बटोही'
फ्री भेल बिजली
तेहन गरमी अछि
देह पसीज रहल अछि
जनता सँ बिन पुछने
फ्री भेल बिजली
भरि दिन कटले रहैत अछि
तैं तऽ फ्री भेल बिजली
के कहलकै नेता के ?
हमरा नहि फ्री चाही
पाय लऽ जाउ बिजली देल जाउ
एसी मे बैठनिहार सभ
कहियो गरीबक नहि होयत अछि ।
जनता भऽ जाउ सावधान
नहि तऽ आब देह होयत निलाम
नहि अछि सबको एसी/कुलर
नहि अछि सबको केसरिया चुनर
देश मे क्रांति हेबाक चाही
रेबरी बटनिहार के बहिष्कार हेबाक चाही ।
- संतोष कुमार राय ' बटोही '; ग्राम - मंगरौना
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