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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक संपादकीय संदेश

 विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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(c)2004-15.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतए लेखकक नाम नहि अछि ततए संपादकाधीन।

 

वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका  नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

संपादकीय

कियो बूझि नै सकल हमरा-(गजलकार श्री ओम प्रकाश झा)

भदवारिमे मेघ लाधल रहै छै, विदागरी-तिदागरी नै होइ छै मुदा पनिऔरा फड़ै छै। भदवरिया लाधल छै, बितरोचारक कोनो खगता नै।

गोलैसी नीक गप नै। मुदा जँ कोनो बहर दिस झोंकान भऽ जाए तँ कोनो हर्ज नै। 

जँ मैथिली साहित्यमे बहरमे कहल गजल सभक संकलन हुअए तँ तकर सर्वश्रेष्ठ  कहबैका हेता ओम प्रकाश जी।

करेजासँ शोणित बहाबैत रहलौं
करेजामे प्रेम बसै छै ओइसँ शोणित बहि रहल छन्हि, तँ कियो चक्कू भोकने हेतन्हि तखने ने। के अछि एहेन चण्ठ! मुदा शेरक दोसर मिसरा कहैए..

विरह-नोर कखनो कहाँ खसल हमरा

इतिहास बनैत-बनैत रहि गेल कारण?

एकटा खिस्सा बनि जइते अहाँ संकेत जौं बुझितहुँ
हमही छलहुँ अहाँक मोनमे कखनो तँ कहितहुँ

से ने हिनके दोष ने हुनके।

से हिनकर इच्छा छन्हि जे जड़ैत करेज आगिमे जड़िते रहए:

पता नै कोन आगिमे जरैत रहल करेज हमर
पानि नै खाली घीए टा चाहैत रहल करेज हमर

तँ कोनो प्रेमीक प्रेमक आघात सहने छथि गजलकार, ओइ प्रेमीसँ एतेक लग छथि जे विरह-नोर बहेने ओकर बदनामी भऽ जेतै तेँ विरह नोर नै बहबै छथि। चाहै छथि जे करेज आगिमे जड़िते रहए, आगिमे पानि नै घी ढारल जाइत रहए।

लोककेँ होइ छै जे हुनकर हृदय मोन कठोर छन्हि! तेँ कहै छथि..

कहू की कियो बूझि नै सकल हमरा
हँसी सभक लागल बहुत ठरल हमरा

संगमे ईहो:

एतेक मारि खेलक झूठ प्रेमक खेलमे जमानासँ
कियो देखलक नै कुहरैत रहल करेज हमर

मुदा लोकक बुझब नै बूझब, किदन साती ले! ओ बहरे मुतकारिबमे कहल एकटा दोसर गजलमे कहै छथि..

भिड़त आबि हमरासँ औकाति ककरो कहाँ छै
जखन-जखन लडलौं हरदम अपनेसँ लडलौं हम

तँ की गजलकार घमण्डी छथि, नै सेहो नै, बहरे हजजमे कहै छथि:

कटऽ दियौ "ओम" मुड़ी आब दुनियाँ ले
जँ गाम बचै झुकैसँ तँ पाग निखरै छै
तँ की मैथिलीक गजलकार अखनो प्रेमे-विरहमे ओझराएल छथि? नव विषय नै पकड़ि रहल छथि? मुदा से नै छै, बहरे-सलीममे लिखल गजलक शेर सुनू:

धरले रहत सभ हथियार शस्त्रागार
बनलै मिसाइल भूखे झमारल लोक

बाल-गजल सुनू। बाल-कविता/ गजल सुनिते लोककेँ उल्लासक स्वर सुना पड़ै छै, मुदा बाल-मजदूरक  जिनगीमे से कतऽ पाबी, मुदा आस तँ छै, तेँ:-

चारू कात पसरल दुखक अन्हरिया छै
कटतै ई अन्हरिया आ बढ़बै हमहूँ

आस आनो गजलमे अछि:

सागरक कात सीप बिछैत रहब हम
कोनो सीपमे कखनो मोती भेटेबे करतै

ओम प्रकाश जीकेँ जहिया मोती भेटतन्हि तहिया, मुदा मैथिली साहित्यकेँ हुनका रूपमे एकटा मोती भेटि गेल छै, चीन्हि लेल गेल छथि, बूझि लेल गेल छथि।

-गजेन्द्र ठाकुर

 

विचार अछि जे विदेहक काशीकांत मिश्र "मधुप" विशेषांक ०१ जनवरी २०१५ अंकमे निकलत। सभ गोटासँ आग्रह जे मधुपजीपर केन्द्रित रचना जल्दीसँ ggajendra@videha.com पर पठाबथि।

पाठकीय प्रतिक्रिया:

विदेह भाषा सम्मानक संकल्पना आ ऐ बेरिक चयनित लेखक-अनुवादक सभकेँ हमरा सभक दिससँ बधाइ।

- नचिकेता (मिथिला दर्शन)

सभ सम्मानित साहित्यकारकेँ हमर अशेष शुभकामना। संगे विदेह ग्रुप आ गजेन्द्रजीकेँ मैथिलीकेँ एतेक सम्मानित करबा लेल असंख्य साधुवाद।

-शेफालिका वर्मा

 

विदेह भाषा सम्मान २०१४-२०१५ (समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान)

 २०१४ मूल पुरस्कार- श्री नन्द विलास राय (सखारी पेटारी- लघु कथा संग्रह)

२०१४ बाल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (नै धारैए- बाल उपन्यास)

२०१४ युवा पुरस्कार - श्री आशीष अनचिन्हार (अनचिन्हार आखर- गजल संग्रह)

२०१५ अनुवाद पुरस्कार - श्री शम्भु कुमार सिंह ( पाखलो-  तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद)

 

विदेह भाषा सम्मान २०१-१ (वैकल्पिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार)

२०१ बाल साहित्य पुरस्कार श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरी- “देवीजी” (बाल निबन्ध संग्रह) लेल।

२०१ मूल पुरस्कार - श्री बेचन ठाकुरकेँ "बेटीक अपमान आ छीनरदेवी" (नाटक संग्रह) लेल।

२०१३ युवा पुरस्कार- श्री उमेश मण्डलकेँ “निश्तुकी” (कविता संग्रह)लेल।

२०१४ अनुवाद पुरस्कार- श्री विनीत उत्पलकेँ “मोहनदास” (हिन्दी उपन्यास श्री उदय प्रकाश)क मैथिली अनुवाद लेल।

नेपाल विद्यापति पुरस्कार कोष द्धारा ऐ वर्ष प्रदान कएल गेल पुरस्कारक विवरणः

१. नेपाल विद्यापति मैथिली भाषा साहित्य पुरस्कार-– श्री रामानन्द युवा क्लब, जनकपुरधाम— पुरस्कार राशि रु. २ लाख ।

२. नेपाल विद्यापति मैथिली कला–संस्कृति पुरस्कार— श्री श्याम सुन्दर यादव – पुरस्कार राशि रु. १ लाख ।

३. नेपाल विद्यापति मैथिली अनुसन्धान पुरस्कार— डा. वासुदेव लाल दास— पुरस्कार राशि रु. १ लाख ।

४. नेपाल विद्यापति मैथिली पाण्डुलिपि पुरस्कार— श्री चन्द्रशेखर लाल शेखर — पुरस्कार राशि रु. १ लाख ।

५. नेपाल विद्यापति मैथिली अनुवाद पुरस्कार— श्री धीरेन्द्र प्रेमर्षि- पुरस्कार राशि रु. १ लाख ।

Maithili Books can be downloaded from:
https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/

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166 issues, 11000 manuscripts transcripted,50000 word Maithili-English database maintained,150+ hours audio files; 225+ hours Maithili Video files.+ Modern Photographs/ painting/mithila painting archive/ +scanned versions of Maithili Books for free download, Children literature archive.
 


अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।

गजेन्द्र ठाकुर

ggajendra@videha.com