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रामभरोस कापडि
भ्रमर
एहि बेर सातम् अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन काठमाण्डूमे हयत
भारतक सम्विधानक आठम् अनुसूचिमे मैथिलीके सामेल करबाक तिथि २२ दिसम्वरकें स्मरणीय बनएबाक हेतु डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू विद्यापति सेवासंस्थानक अमलाक संग अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलनक रुपमे प्रत्येक वर्ष ताही तिथिकें मनबैत रहलाह अछि । ओहि सभ सम्मेलनमे दू चारि गोटे नेपालक प्रतिनिधि सहभागी भ अन्तराष्ट्रिय स्वरुप प्रदान करैत आएल अछि ।
एहु बेर ई सम्मेलन आन्ध्र प्रदेशक चित्तुर जिल्ला अन्तरगतक तिरुपतिमे आयोजित छल । संस्कृत विश्वविद्यालयक डीन झा जकि सहयोगे आयोजना होबा बला उक्त सम्मेलनमे वैजू बाबूक सभ तामझाम आमंत्रित छल ।
पहिने ई आयोजन विश्वविद्यालय परिसरमे सम्पन्न होइत, मुदा आन्ध्रप्रदेशमे चलैत तेलंगाना आन्दोलनक कारणें ई सम्मेलन तिरुपतिसं १० कि.मि. दक्षिण ब्रम्हर्षि आश्रममे सम्पन्न करबाक नेयार कएल गेल । ओत्तहि आवास, भोजन एवं कार्यक्रम स्थल । परिसर प्राकृतिक छटाक विच रमणीय छल ।
कार्यक्रम २२ दिसम्वर क ३ वजे प्रारंभ भेल । उद्घाटन कएलनि नेपालक सभासद् यदुवंश झा, प्रमुख अतिथि छलाह विश्वविद्यालयक रजिष्टार । विशिष्ट अतिथिमे दरिभंगाक विधायक सरावगी सहित पंक्ति लेखक सेहो रहथि । जेनाकि वैजूजीक सभ सम्मेलनमे होइत अछि कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहि छल । तत्काल अनुहार देखि बनाओल गेल हुनक कार्यक्रमक तीनटा चरण हेाइछ – पहिल शुभारंभ आ सम्मान, दोसर भाषण–भुषण आ तेसर सांस्कृतिक कार्यक्रम ।
एही तरहें एहु कार्यक्रममे सम्मान कएल गेल । हमरा लेखें दू गोट सम्मान महत्वपूर्ण छल – डा. प्रफुल्ल कुमार मौन आ अयोध्यानाथ चौधरीक । सभासद यदुवंशजीक सम्मान औपचारिक छल ।
कार्यक्रमक शुरुआतेमे एहि बेर अगिला सम्मेलन काठमाण्डूमे हयत से बात चर्चामे छल । दरिभंगा–जनकपुर आवतजावत कएनिहार समदिया सभ एकर वीडा–पान पूर्वेमे उठा लेने छलाह आ काठमाण्डू सम्मेलनक हेतु वाह–वाही लुटबाक आत्मरति करब शुरु क देने छलाह । ई बात डा. बैजूक महा सचिवीय भाषणमे प्रकट भेलै जकर कडा प्रतिवाद पंक्ति लेखक अपन भाषणमे कएलक ।
अन्तराष्ट्रिय सम्मेलनक आयोजन खेल नहि छिऐक । डा. बैजूक कएल–धएल पर सपरानी तीर्थयात्रामे जाएब एक बात छैं, आमंत्रित अतिथि लोकनिकें उचित सम्मानक संग कार्यक्रमके औचित्यपूर्ण बनाएब दोसर बात । हमर दृढ धारणा छल – जाहि तरहें बैजूबाबू कार्यक्रमक आयोजन अस्त व्यस्त हालतिमे करैत छथि तेहन काठमाण्डू मे नहि हयत ।मंचसं हम सम्पूर्ण श्रोता, दर्शक सभक आगां बाजल छलहुं–काठमाण्डूमे सातम् अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन हयत मुदा हमरा शर्त पर । अन्तराष्ट्रिय जिज्ञाशाक केन्द्रविन्दु काठमाण्डूमे महज भोज भातक हेतु भेडियाधसान उपस्थिति किन्नहुं नहि हयत । निर्धारित प्रतिनिधि, परिचयपत्र सहित सहभागी कराओल जएताह आ कार्यक्रममे स्थानीय कलाकार सभक सेहो उल्लेख्य उपस्थिति रहत । ई बात डा. बैजू आ काठमाण्डू आयोजक विच पूर्व निर्धारित रहत, जाहिमे फेरबदल संभव नहि ।
कहबाक जरुरति नहि हमर जानकारीसं वैजू बाबूक कैम्पमे निफिकिर भेाजन भात आ नंींदक आनन्दलेनिहार विच हडकम्प शुरु भ गेलै । बहुतोकें वुझएलै–काठमाण्डूक सम्मेलन आ पशुपतिक दर्शन कठिन भ गेल । यद्यपि वैजू बाबू मंचसं हमर शर्त आ प्रस्तावकें स्वीकार कएलनि मुदा अपन फौजकें तोष भरोस देबाक हेतु पशुपति दर्शनक युक्तिक आश्वासन दैत रहलाह ।
काठमाण्डू सम्मेलनक विशिष्ट पक्ष की ?
जे केओ अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन बैजू संस्करणमे गेल हयताह ओ शुरु सं अन्त धरि सहभागिताक अव्यवस्था अवश्य देखने हयताह । कार्यक्रममे सम्मान प्रदान आ सांस्कृतिक कार्यक्रम मात्र आकर्षक होइछ । काठमाण्डू सम्मेलन निर्धारित प्रतिनिधिक संग विशिष्ट विद्वानक सहभागितामे हयत । जाहिमे सरिपहुं विदेशी विद्वान सभकें समावेश कएल जाएत । उद्घाटन राष्ट्रपति वा प्रधानमंत्रीक हाथें हो से आयोजक चाहत, जे असंभवो नहि छैक । तओं कार्यक्रमक गरिमा बढत ।
सम्मान देबाक हेतु एकटा विशेषज्ञ कमिटी गठन हयत जे विभिन्न भाषामे काज करितो मैथिली वा मातृभाषा प्रति विशेष लगावकें प्राथमिकतामे राखि सम्मानक हकदार निर्धारित करत । सम्मानमे एकटा छपल कागजक टुकडी खुल्ला नहि ताम्रपत्रमे लिखित आकर्षक फ्रेम लागल रहत । प्रतीक चिन्ह जानकी मंदिर, पशुपतिनाथ, स्वयंभूक सीसा जडित मौडल हयत जाहिमे पाग, दुपट्टा रहबे करत ।
औचित्यपूर्ण कार्यक्रमक हेतु एकटा गंभीर प्रकृतिक विचार गोष्ठीक आयोजन हयत, जत्त विभिन्न विषयमे लगभग तीन चारि घंटाक छलफल चलाओल जाएत । गोष्ठीक एकटा केन्द्रिय विषय निर्धारित कएल जाएत । एहि गोष्ठीमे विभिन्न भाषा–भाषी विद्वान सभकें सहभागिता सुनिश्चित कएल जाएत । तहिना मैथिलीक स्थापित विद्वान, साहित्यकार सभकें सहभागी कराओल जाएत ।
एकटा आकर्षक कवि गोष्ठीक आयोजन हयतैक, जाहिमे पठित कविता सभके सम्पादन क पुस्तकाकार प्रकाशनक योजना आयोजक के छन्हि ।
सांस्कृतिक कार्यक्रममे डा. बैजूक हेंड़मे सामिल बहुतो महत्वपूर्ण कलाकार मध्ये उत्कृष्टकें छानि आमंत्रित कएल जएतनि । सम्मेलनक सांस्कृतिक प्रभारी कमलाकान्त जी सं परामर्श क ई गुरुत्तर काज सम्पन्न कल जाएत । नेपालोक विशिष्ट सांस्कृतिक कलाकार सभकें अवसर उपलव्ध कराओल जएबाक कारणें सिमित समयमे सिमित कलाकारक प्रस्तुति आयोजक लोकनिकें बाध्यता हयतनि ।
एहि तरहें काठमाण्डू सम्मेलन आन समयक सम्मेलन सं किछु फूट आ सन्देशमूलक हयत । काठमाण्डू अन्तराष्ट्रिय मिडियाक चहल–पहल बला ठाम हयबाक कारणें जत्त कार्यक्रम पूर्ण कभरेज पाओत ओत्तहि ताहिमे पूस्तुत प्रत्येक गतिविधि संयमित, व्यवस्थित आ आकर्षक रखबाक जिम्मेवारी आयोजक लोकनिकें हयतनि ।
छठ्म अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलनक मंच सं भेल एहि तरहक उद्घोषकें सभ पक्ष स्वागत कएलक अछि । विश्वविद्यालयक कुलपति तत्काले अएबाक स्वीकृति प्रदान कएलनि अछि तं चेन्नईक भाइ मणिकान्त दास, कलकत्ताक कामदेव झा, अशोक, मुम्वईक सुशील झा दिल्लीक गंगेश गुंजन–काठमाण्डू सम्मेलनक आकर्षण हयताह ।
मैथिली अनुरागी लाखों सहृदयी सभक संग हम आयोजन पक्ष सेहो एहि सुखद क्षणक प्रतिक्षामे छी । तखन एकरा सफल बनएबालेल सभ पक्षक सभ तरहें सहयोग जरुरी छैक । कोनो जिज्ञासा क हेतु हमर निम्न सम्पर्क पर अवश्य खोजवीन क सकैछी ।
अध्यक्ष ः साझा प्रकाशन, पुलचोक, ललितपुर

