वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Read in your own script Roman(Eng) Gujarati Bangla Oriya Gurmukhi Telugu Tamil Kannada Malayalam Hindi नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।
शिव
कुमार झा-किछु पद्य
३..शिव
कुमार झा ‘‘टिल्लू‘‘,नाम ः शिव कुमार झा,पिताक नाम ः स्व0 काली
कान्त झा ‘‘बूच‘‘,माताक नाम ः स्व0 चन्द्रकला देवी,जन्म तिथि ः
11-12-1973,शिक्षा ः स्नातक (प्रतिष्ठा),जन्म स्थान ः मातृक ः मालीपुर मोड़तर, जि0 -
बेगूसराय,मूलग्राम ः ग्राम $ पत्रालय - करियन,जिला - समस्तीपुर,पिन: 848101,संप्रति
ः प्रबंधक, संग्रहण,जे0 एम0 ए0 स्टोर्स लि0,मेन रोड, बिस्टुपुर
जमशेदपुर - 831 001, अन्य गतिविधि ः वर्ष 1996 सॅ वर्ष 2002 धरि विद्यापति परिषद
समस्तीपुरक सांस्कृतिक ,गतिवधि एवं मैथिलीक प्रचार - प्रसार हेतु डाॅ0 नरेश कुमार
विकल आ श्री उदय नारायण चैधरी (राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक) क नेतृत्व मे
संलग्न
!! आकुल जननी !!
(बाल साहित्य)
सूति रहू हमर लाल, अर्द्ध रैनि बीतल ।
अहॅक अविरल नयन सॅ आॅचर तीतल ।।
घोंटि अछिंजल काटि रहलहुॅ अछि जीवन,
तात दर्शनक आश छिन्न किएल अरपन,
क्षीर बिनु दुहू वक्ष शुष्क पड़ल ।
सूति रहू ....................................... ।।
कोन सियाही सॅ लिखल विधना हमर कपार ?
अपने प्रवास गेलनि छोड़ि हमरा व्यथा धार,
चानन सन नेनाक हिय, भूख सॅ कानल ।
सूति रहू ....................................... ।।
हुनके की दोष दिअऽ स्नेहक ओ दिव्यमूर्ति,
कायादीन विद्याविहीन करथि पंचजनक पूर्ति,
अहॅक अश्रु मातृ नयन शोणित भरल ।
सूति रहू ....................................... ।।
कहबनि गौमाता आनू औता फागुन मे
कामधेनुक सुधा भरब अहॅक कण-कण मे
अहाॅ निन्न हऽम कल्पना मे उड़ल ।
सूति रहू ....................................... ।।
!! लंका !!
खुरखुर भैया सूट सियौलनि,
बतही काकी क हाथ रूमाल ।
अध वयसि चोकटलही भौजी,
बाट पसारलि प्रेमाजाल
मैथिली कुहरथि पर्णकुटी मे,
सूर्पनखा बनली रानी ।
नेना पेट क्षीर विनु आकुल,
मोबाइल नचावथि पटरानी ।।
अद्र्धांगिंनी नेत्री सॅ कुपित भऽ
शंखनाद कयलनि मामा ।
हस्त ऊक लऽ मामी खेहलथिन्ह,
फूजल मामा केर पैजामा ।।
अपन पुतोहु केॅ झोंकि अन लमे,
बनि गेलीह गामक सरपंच ।
धर्माचार्य देव मंदिर केर,
मुदा हृदय भरल परपंच ।।
कतेक घऽर मे सान्हि काटि,
शांति समिति केर आव प्रधान ।
रक्षक छथि चुटकी मे वैसल,
कोना बाॅचत अवला केर मान ?
विद्यालय केॅ मुॅह नहि देखल,
धएने कुरसी शिक्षा सचिव ।
कुटिल तंत्र केर ईह लीला मे
मारल गेलन्हि मूक गरीब ।।
मुंडी इनार मे हुरहुर जनमल,
कमीशन लागत दस परसेन्ट ।
नौकरशाह मोटर मे घूमथि,
आॅखि गोगल्स काॅखि मे सेन्ट ।।
सभ काज मे दिऔक भएट,
शौच करू वा लघुशंका ।
रामराज्य केॅ बिसरि जाऊ,
आर्यावत्र्त आव सद्यः लंका ।।
राजनीति मे अज्ञ - विज्ञ केर,
नहि कोनो अछि वर्ग विभेद ।
अपने पीबथि ताड़ी दारू,
मंत्री विभाग मद्य निषेद्य
राग वसंतक गेल जमाना
सुनू ब्रितानी विकट संगीत ।
डंकन कुरथी पाक बनल
आ अप्पन वारिक पटुआ तीत ।।
!! होरी !!
हाथ अबीर काॅरव पिचकारी,
भाल पर गदरल चाह उमंग ।
पूरन भैया होरी खेलथि,
नव नौतारि सारि केर संग ।।
कखनहुॅ डुबकी लैत अधर मे,
जुट्टी मे कखनहुॅ हिलकोर ।
नील, वैंजनी लाल गुलाल सॅ,
रंगलनि चम्पा पोरे - पोर ।।
‘टिल्लू’ नयन पर अचरज पसरल,
देखि भ्राता केर बसन्ती वुन्न ।
एखनहुॅ श्रृंगारक आह भरल मुदा -
आॅखि अन्हार कान छन्हि सुन्न ।।
हऽम पुछलअनि कोना कऽ कयलहुॅ,
मधु सॅ उबडुव मधुर प्रबंध ।
सकल तन अछि बेकार मुदा हम,
ध्राण शक्ति सॅ सूॅघल गंध ।
भौजी लऽ वाढ़नि आ खापड़ि,
झाड़ि देलनि भैया केर अंग ।
कुरता फाटल नयन नोरायल
भूतल खसल होरी के रंग ।।
शिव कुमार झा
!! माॅडर्न जमाना !!
नुआ धोती मिल बरहर जनमल,
आयल बरमूडा मिनी स्कर्ट ।
मुन्ना भैया चुनरी ओढ़ू,
भौजी पहिरलनि जोलही सर्ट ।।
काकी मरौत काढ़ने बैसलि,
कक्का गऽर धरम केर वाना ।
कदली कनियाक हाथ मे वीयर,
आवि गेल माॅडर्न जमाना ।।
भरि दिवसक गणना जौ करवै,
बहुआसिनक सात वेरि सतमनि ।
भरल साॅझ स्वामी आयल छथि,
अॅइठार वैसलि लऽ मुॅह मे दतमनि ।।
अस्सी दशक मे माय सॅ मम्मी
फेर माॅम आब भेली मम्मा ।
मायक भ्राता केर नाम की राखब?
मामा पिघलि बनला झामा ।।
अपन नेना सॅ वेस पियरगर,
संकर झवड़ा चायनीज कुकुर ।
भुटका - नाथ केॅ छाड़ि घऽर मे
टाॅमी संग गेलि अंतःपुर ।।
चरण स्पर्श निर्वांण लेलक आव,
छुट्टो कैंचा केॅ भऽगेल वाय ।
भौजी एकसरि मधुशाला मे
भैया सॅ गेलनि मोन अघाय ।।
नेना पच्छिमक बोली उगलै ।
माॅ मैथिली कोना वजतीह दैया ।
बात अंगरेजिया माथ घुसल नहि,
मुदा करै छथि या ! या ! या !!
तिलकोर मखान नीक नहि लागय,
नहि सुस्वादु मकैयक लावा ।
पाॅपकाॅर्न चाउमीन दलिया लेल,
मोॅछ पिजौने बैसलनि वावा ।।
शिव कुमार झा

