logo   

वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक गद्य

 विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

Home ]

 

India Flag Nepal Flag

(c)२००४-२०२०.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतए लेखकक नाम नहि अछि ततए संपादकाधीन।

 

वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका  नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

 

योगेन्द्र पाठक वियोगी

नरक विजय

(एहि नाटकक एक संस्करण हमर पोथी ‘त्रिनाटकम्’ मे छपि गेल अछि। ओहि मे दृश्यक संख्या बहुत बेसी रहला सँ किछु निर्देशक लोकनि एकर मंचन पर प्रश्न चिन्ह लगौलनि। ओहि आलोचना कें ध्यान मे रखैत एकरा परिवर्धित कएल गेल। एकर बंगला अनुवाद श्री नवीन चौधरी केलनि अछि।- नाटककार)

 

पात्र परिचय

           मानव पात्र — रमेश, सुरेश, अनुपम अमित (वैज्ञानिक)

           पौराणिक पात्र — ब्रह्मा, विष्णु, महेश, नारद, यमराज, चित्रगुप्त, दू यमदूत

अंक 1

दृश्य 1

पर्दा उठबा सँ पहिने नेपथ्य मे घोषणा होइत अछि --

            आजुक टटका खबरि सुनू। दुर्दान्त बाहुबली रमेश सुरेश अपन शीर्ष राजनीतिक संरक्षक लोकनि कें जलसा मे बजाए बड़ी राति तक नाच गान भेलाक बाद बेहोसीक अवस्था मे पाँच गोटेक दनादन हत्या कऽ देलनि। तकर बाद कृत्रिम बुद्धि आ साइबोर्गक क्षेत्र मे अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक अनुपम अमितक अपहरण सेहो केलनि।

            पर्दा उठैत अछि। बीच मे उपर टाँगल अछि एकटा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, जे एखन स्विच-ऑफ अछि। मंच पर एक कोन मे टेबुल पर कम्प्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक यंत्र, किछु Do-It-Yourself (DIY) किट, किछु तार, सोल्जरिंग आयरन, अन्य उपकरण आदि अस्त व्यस्त दशा मे राखल। दोसर कोन मे टेबुल पर अनेको शास्त्र पुराणक मोट मोट पोथी सब सजाओल। मंचक बीच मे कने आगू दिश तीनटा कुर्सी राखल। कुर्सीक सामने छोट टेबुल पर जलक बोतल आ गिलास। बीच बीच मे नेपथ्य मे जंगली जानवर सबके शब्द सुनाइ पड़ैत अछि।  

वैज्ञानिक अनुपम स्लीपिंग सूट पहिरने छथि। वयस साठिक धक। चेहरा पर ओंघाएल आ थाकल हेबाक भाव। हुनका बन्हने रमेश सुरेशक प्रवेश। रमेश आ सुरेश दूनू प्रायः पचास-पचपनक वयस, बेस गठल शरीर, खाकी ड्रेस, मुह गमछा सँ झाँपल, दूनूक हाथ मे पिस्तौल छनि। प्रकाश वैज्ञानिकक चेहरा पर फोकस रहैत अछि आ जेना जेना ओ मंच पर आगू अबैत छथि, तेना तेना हुनका संग चलैत अछि। मंचक बीच पहुँचला पर पूरा मंच प्रकाशित होइत अछि। रमेश हुनकर बन्हन खोलैत छथि। सुरेश हुनका एक गिलास जल पीबै लेल दैत छनि। दूनू अपन मुहक गमछा खोलैत छथि)

वैज्ञानिक            (जल पीबि, घबराएल) हमरा किएक अपहरण केलहुँ ?

सुरेश        (कुर्सी दिस इसारा करैत) पहिने आसन ग्रहण कएल जाओ सर। (एक एक कए तीनू गोटे बैसैत छथि, दूनू बाहुबली अपन पिस्तौल टेबुल पर रखैत छथि।)

रमेश        घबरेबाक कोनो बात नहि सर, अपने आराम सँ बैसियौ। अहाँ सँ ने कोनो फिरौती लेब ने कोनो तरहक कष्ट देब। अहाँ तऽ हमरा सबहक पूज्य छी देशक गौरव। अहाँक सुरक्षा हमरो सब लेल बहुत जरूरी अछि। किछु गप सप केलाक बाद अहाँ कें एखनहि आपस पहुँचा देब।

नेपथ्य मे जंगली जानवर सबके शब्द सुनाइ पड़ैत अछि। वैज्ञानिक अकानैत छथि।   

वैज्ञानिक      हम सब जंगल मे छी की ?

सुरेश        जी सर, एतए एकान्त मे अहाँ कें लऽ अनलहुँ मात्र अपन प्रोजेक्ट बुझबै लेल। हमरा सबहक प्रसिद्धिए तेहन भऽ गेल अछि जे अहाँक ऑफिस मे जाकए विजिटिंग कार्ड देखा कए गप नहि ने कऽ सकैत छलहुँ। तें अपहरणक नाटक करए पड़ल।

वैज्ञानिक      (चेहरा पर शांत भाव अनैत) एतए अहाँ सब कें पुलिसक डर नहि अछि ? एतेक पैघ कांड भेला पर पुलिस अहाँ सब कें चारू कात तकिते होएत ने।

रमेश        चिन्ता नहि सर। पुलिसकें रस्ते देखल नहि छैक आ यदि रस्ता भेटियो जेतैक तऽ आएल नहिए पार लगतै।

सुरेश        रस्ता पर पैघ गड्ढा बनाओल छैक जे हरदम पानि सँ भरल रहैत छैक। हम सब जखन आबऽ लगैत छी तऽ मोबाइल के रिमोट कन्ट्रोल द्वारा पानि उपछै लेल पम्प चला दैत छिऐक। आबि गेला पर फेर ओहि मे पानि भरि जाइत छैक। बहुत सुरक्षित छैक ई जगह सर।

रमेश        एकटा बात आर छैक सर जे अपने कें हमरा सबहिक विषय मे आश्वस्त करत।

सुरेश        पुलिस हमरा सब कें जीवित अवस्था मे कहियो नहि पकड़ि सकत। यदि कोनो असावधानी सँ कहियो घेराइयो जाएब तऽ पुलिस कें मृत शरीरे भेटतैक।

वैज्ञानिक      ठीक छैक, जल्दी अपन योजना कहल जाओ।

रमेश        देखियौ सर, एतेक दिनक अपराध यात्रा मे हम सब बहुत पाप केलहुँ। एतेक तरहक पाप जकर वर्णन शास्त्र पुराण मे भेटबो नहि करत।

सुरेश        हम सब एहि बीच शास्त्र पुराण सबके अध्ययन सेहो केलहुँ, मृत्यु उपरान्त स्वर्ग नरक भोगक जानकारी सेहो लेलहुँ। देखियौ पोथी सब (कोन दिस इंगित करैत छथि)

वैज्ञानिक      (कने मुस्किआइत) अच्छा !

रमेश        आइ हमरा दूनूक आत्मा कें अपूर्व शान्ति भेटि रहल अछि जे ओहि पाँचो पपियाहा दुष्टात्मा सब कें यमलोक पहुँचा देलियैक। एही दुष्ट राजनेता लोकनिक कारण हम सब अपराधक संसार मे घुसिया गेलहुँ। हमरा सबके आपराधिक जीवन एतहि शेष होइत अछि।

वैज्ञानिक      किन्तु अहाँक अपन कएल पापक दंड तऽ अहीं सब भोगबै। राजनेता सबके हत्या सेहो एहि पापक कड़ी मे जोड़ा गेल ने।

सुरेश        पापक प्रायश्चित्त करबाक लेल हम दूनू किछु अभिनव तरीका सोचने छी। एहि शरीरें तऽ अपराध छोड़ियो देला पर समाज हमरा दूनू कें स्वीकार नहिए करत। आ फेर कानूनी प्रक्रिया सेहो छैक।

रमेश        ओही प्रोजेक्टक लेल अपने सँ विमर्श करबाक अछि।

सुरेश        आब हम सब एक विशेष अभियान पर जाए चाहैत छी। एहि लेल हम सब अपना संग किछु चीज लऽ जाए चाहैत छी जे एतुका वैज्ञानिक आविष्कारक अभिनव नमूना होइक। ओही लेल अहाँक मदति चाही। हमर लिस्ट देखि लेल जाओ सर। (एकटा कागतक टुकड़ी हुनका दैत छथि)

वैज्ञानिक            (लिस्टक अध्ययन करैत) समय खर्च दूनू बेस लागत।

रमेश        ओकर चिन्ता नहि। एकटा आर अनुरोध अछि, एकरा देखियौ सर (दोसर कागत बढ़बैत छथि।)

वैज्ञानिक            मुदा अहाँ सब बुतें कोना पार लागत ?

सुरेश        हम फीजिक्स मे एम.एस-सी. छी हमर सहयोगी इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर छथि। तऽ नियतिक दुश्चक्र जे हम दूनू अपराध जगत मे आबि गेलहुँ। नहि तऽ कोन ठेकान आइ अहींक प्रयोगशाला मे सहायक भेल काज करैत रहितहुँ।

रमेश        समय निकालि हम सब अहाँक टीम द्वारा कएल जा रहल वैज्ञानिक अनुसंधान आविष्कारक जानकारी सेहो लैत रहलहुँ। इलेक्ट्रॉनिक्स आ कम्प्यूटर सम्बन्धी लूरि बिसरी नहि ताहि लेल किछु किछु करैत रहलियैक (टेबुल दिस इंगित करैत छथि)

वैज्ञानिक      ठीक छैक, हम अहाँ सबहक अभियान मे मदति करबाक सक्क भरि कोशिश करब। आर किछु ?

सुरेश        नहि, खाली अहाँ सँ फेर कोना सम्पर्क करी से बता दिअऽ।

वैज्ञानिक      बेस, ई लिअऽ हमर विशेष कोड। (एकटा कागत पर किछु लीखि कए दैत छथि) एहि द्वारा ब्रह्मांडक कोनो जगह सँ स्मार्टफोन सँ एकरा डायल कऽ सकैत छिऐक मुदा ध्यान राखब अनका हाथ नहि पड़ैक कारण गुप्त कोड छिऐक, एहि पर फोन टैपिंग लागू नहि छैक। अहाँ दूनू हमरा फोटो लेबऽ दिअऽ, जे हम परिचय लेल अपना सिस्टम मे देबैक। परिचय नहि भेटला पर सिस्टम कॉल स्वीकारे नहि करत।

रमेश        एहि वेशभूषा मे फोटो जुनि लेल जाओ सर। हम दूनू अपन परिचय आ फोटो कालि अपनेक प्रयोगशाला मे पठबा देब।

वैज्ञानिक      ठीक छैक। फोटो एलाक बादे हम किछु काज आगू बढ़ा सकब। एतेक ध्यान राखू जे हमरा प्रयोगशाला मे एके बेर प्रवेश क सकब आ तकर बाद बाहरी संसार सँ कोनो सम्पर्क नहि रहत। मोबाइल आदि हम रखबा लेब। काज शेष भेलाक बादे बहरा सकब। मंजूर अछि ?

दूनू समवेत    एकदम मंजूर।

वैज्ञानिक      दू सप्ताहक समय दिअ

सुरेश        बेस, आब चलू, अहाँ कें आपस पहुँचा दैत छी (जाइत काल दूनू गोटे वैज्ञानिक कें पएर छूबि प्रणाम करैत अछि)।

(वैज्ञानिक आगू आगू आ रमेश, सुरेश हुनकर पाछू पाछू मंच सँ प्रस्थान, प्रकाश बंद। नेपथ्य मे दू गोटेक स्वर मे घोषणा)

एक          एखने खबरि आएल अछि जे वैज्ञानिक अनुपम आपस आबि गेलाह। ओ प्रेस वार्ता मे घोषित केलनि जे हुनकर अपहरणक घटना पुलिसक कल्पना छलैक। नेता सबहक हत्या सँ घबराएल पुलिस बिना किछु बुझने एहि तरहक प्रचार केलक। राति मे हुनका किछु अभिनव आइडिया आएल छलनि तकरे मंथन करबाक लेल ओ कने सबेरे टहलए चल गेल छलाह।

दू           वैज्ञानिक अनुपमक अभिनव आइडिया पर कार्य करबा लेल दू सप्ताह बाद दूटा अंतरिक्ष वैज्ञानिक औथिन। ओ तीनू प्रायः दू तीन मास प्रयोगशालाक एकान्त मे रहि काज करताह। एहि अवधि मे हुनका संग कोनो तरहक सम्पर्क संभव नहि होएत।

एक          प्रयोगशालाक सुरक्षा बढ़ा देल गेलैक आ प्रशासनक सर्वोच्च स्तर पर एकर सूचना सेहो पठा देल गेलैक।

दू           उड़ती खबरि इहो अछि जे दूनू बाहुबली आपराधिक जीवन छोड़ि देलनि। आब शहर मे शांति रहत, से आशा करू।

(अगिला अंकमे जारी)

 

अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।