विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

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२.१८.गजेन्द्र ठाकुर- शरदिन्दु चौधरीक संस्मरणात्मक हास्य-व्यंग्य संग्रह- 'जँ हम जनितहुँ'

गजेन्द्र ठाकुर

शरदिन्दु चौधरीक संस्मरणात्मक हास्य-व्यंग्य संग्रह- 'जँ हम जनितहुँ'

 

हास्य-व्यंग्य संग्रह तँ फेर संस्मरण साहित्य केना भेल? एकर उत्तर शरदिन्दु स्वयं दैत छथि- "जँ हम जनितहुँ जे साहित्यिक क्षेत्रमे सेहो राजनीतिये जकाँ खेल होइत छैक तँ कथमपि एहि क्षेत्रमे पैर रखबाक दुस्साहस नहि करितहुँ मुदा आब तँ फँसि गेल छी दूध-माछ दुनू बांतरवला परि सन भऽ गेल अछि। ने उगिलते बनैछ ने घोँटिते।" आगाँ लिखैत छथि- "... जनिक चरित्र, हमरा हास्य-व्यंग्यमे फर्क छैक से नहि बुझय देलक जनिक सम्भाषण हमर लेखनक कथ्य बनल।... हमर पत्रकार प्रवृत्ति जहिया जे देखलक से लिखलक।" से सिद्ध भेल जे संस्मरणक पोथी थिक कॉमाक भीतर देल वक्तव्यमे कोनो नोन मिर्च नै-छै, हँ संस्मरणक हेडिंगमे इनवर्टेड कॉमाक बाहर नोन-मिर्च छै मुदा सेहो कने मने।

पोथीमे ११ टा संस्मरण अछि जे पुरस्कार लोलुप मैथिलीक मूल धाराक साहित्यकार, जइमे सभ जातिक साहित्यकार छथि, केर किरदानीक कारण हास्य-व्यंग्य संग्रह बनि गेल अछि। साहित्यकार सभक असली साहित्यिक नाम संग्रहमे देल गेल अछि जे एकर प्रामाणिकताकेँ बढ़बैत अछि, पोथी २००२ मे प्रकाशित भेल मुदा २०२२मे सेहो ओइ वर्णित साहित्यकार सभक ओहने छिच्छा छन्हि।

अथ ऑपरेशन साहित्य अकादेमी

संस्मरणमे मात्र सम्वाद अछि, इनवर्टेड कॉमाक भीतर। से कोनो नोन मिर्च नै, हेडिंग सेहो कम नोन-मिर्चक, 'अथ' संस्कृतक शब्द छिऐ, बिस्म्मिल्लाहक पर्याय, से 'अथ ऑपरेशन साहित्य अकादेमी'मे के सभ कलाकार छथि? विवरण नीचाँ अछि-

मुख्य कलाकार- मोहन भारद्वाज (आब स्वर्गीय) रमानन्द झा 'रमण'

किरदानी- लोकक (साहित्यकारक साहित्यक कुण्डली बाचब) मुदा बेसी काल आपसेमे टाल-गुल्ली खेलायब।  

सहायक कलाकार- एकटा 'साठा तब पाठा' कवि, एकटा ससुर-जमायक जोड़ी।

किरदानी- पहिलुके पोथीसँ पुरान कवि सभकेँ मूर्च्छित करब, साहित्य अकादेमीक अकासमे विचरण।

टेक्निक- एक दोसाराक पोथीक ढिलहो, चेतने समिति जकाँ कतबो कटाउझ होउ, राज कक्केक आकि भातिजेक।

अपील

मुख्य कलाकार- मोहन भारद्वाज (आब स्वर्गीय), बासुकीनाथ झा रमानन्द झा 'रमण'

किरदानी- मैथिली अकादमी चेतना समितिक प्रकाशन गतिविधिपर कब्जा।  

सहायक कलाकार- पाठकजी, दिनेशजी, इन्द्रकान्त जी।

किरदानी- क्रमसँ क्रोधी, भोगी लोभी।

टेक्निक- विद्वताक ढेकार करैत कठहँसी।

ईहो पुरुष अलबत्ते

मुख्य कलाकार- एकटा संस्थाक उच्चाधिकारी

किरदानी- काज बेरमे हाथ थरथरेनाइ।  

सहायक कलाकार- रिक्त।

टेक्निक- कनफुसकीसँ प्रेरित भऽ समाज-सुधार भाषाक उद्धारक स्वांग।

देखल एकटा शूटिंग

मुख्य कलाकार- उपेन्द्रनाथ झा 'व्यास', मधुकान्त झा, मोहन भारद्वाज, रमानन्द झा 'रमण', रामदेव झा, पुर्णेन्दु चौधरी, चन्द्रनाथ मिश्र 'अमर'

किरदानी- मैथिली अकादमी चेतना समितिक साहित्यक गतिविधिपर कब्जा।  'अंग्रेजी फूलक चिट्ठी' प्रसंग। सोमदेव, रमानन्द रेणु हंसराजकेँ बालिग नै होमऽ देब। चटिसारक चेला भीमनाथ, जयमन्त मदनेश्वर।

सहायक कलाकार- जयकान्त मिश्र, देवकान्त झा, कुलानन्द मिश्र, राजमोहन झा, उदय चन्द्र झा 'विनोद', अशोक, अग्निपुष्प, केदार, तारानन्द वियोगी, रमेश, शिवशंकर।

किरदानी- राजमोहन झा द्वारा भीम भाइसँ पहिने पुरस्कार प्राप्ति लेल अपन कोरपच्छु अशोक, अग्निपुष्प, केदारकेँ आगाँ करब। शरदूक एक्के बोलपर विजय कुमार मिश्र विवेकानन्द मैदानसँ बाहर, वीरेन्द्र झा द्वारा अमरेश पाठककेँ पानि पिआयब। गोकुलनाथ द्वारा प्रवासीकेँ लुढ़कायब।

मदारी- छत्रानन्द सिंह झा (बटुक भाइ), गोपेशजी।

नेपथ्यमे (संरक्षक)- उषाकिरण खान मंत्रेश्वर झा।

अन्तिम प्रस्तोता- गुंजनजी।

टेक्निक- मोहन भारद्वाज द्वारा भीम भाइ रामदेव झाकेँ लड़ायब स्वयं साहित्य अकादेमी परामर्शदातृ समितिमे घुसब, रमणजी द्वारा गोविन्द झा अभिनन्दन ग्रंथ सहित आन-आन ठाम कोठीक धान ओइ कोठीमे करब चेतना समितिकेँ सोधब।

पुरस्कार लोलुपक तीर्थ स्थल (सन २००२ धरि)- पटनाक गुरुद्वारा (आर-ब्लॉक), दरभंगाक श्यामा मन्दिर (राजकुमार गंज) प्रयाग (पी.सी. बनर्जी रोड)

 

स्वास्थ्य-रक्षा पुरस्कार

कार्यक्रमक प्रेरणा- बिनाका गीतमाला।

उद्घोषक- मैथिलीक अमीन सयानी छत्रानन्द मुदा हुनकर बटुक हेबाक कारण भार अशोककेँ देल गेल।

प्रश्न- गोविन्द झाकेँ साहित्य अकादेमी पुरस्कार किए?

प्रश्नमंचमे के सभ शामिल नै?- रमानन्द रेणु, हंसराज, पूर्णेन्दु चौधरी, रहिकाक दुलहा उदयचन्द्र झा 'विनोद'

एक सदस्यीय निर्णायक मण्डल- सुमनजी।

के सभ बहिष्कार केलन्हि?- उपेन्द्रनाथ झा व्यास, डॉ. अमरेश पाठक आनन्द मिश्र (एक सदस्यीय निर्णायक मण्डलमे नै रखबाक कारणसँ)

सुमनजी द्वारा जारी १६ सदस्यीय प्रतियोगीक सूची- सुरेश्वर झा, राजमोहन झा, मार्कण्डेय प्रवासी, मोहन भारद्वाज, भीमनाथ झा, प्रभास कुमार चौधरी, जीवकान्त, शेफालिका वर्मा, कीर्तिनारायण मिश्र, मन्त्रेश्वर झा, अग्निपुष्प, सुभाषचन्द्र यादव, मायानन्द मिश्र, डॉ धीरेन्द्र, सोमदेव केदार कानन।

स्वागत गीत- बुद्धिनाथ मिश्र शान्ति सुमन।

उत्तर- राजमोहन झा- गोविन्द झा द्वारा हिन्दीमे लिखल जयबाक आशंकाक (धमकीक) कारण।

घोषणाक उपरान्त- विनोद कुमार झा, अग्निपुष्प वियोगीक राजमोहन झाक कनहापर खुशीसँ झूमब। सुरेश्वर झा- जेँ हम प्रतिनिधि तेँ गोविन्द झाकेँ पुरस्कार। रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा महेन्द्रकेँ तलाक दऽ अशोक संग झूमब। प्रभास कुमार चौधरी- जेँ गोविन्द बाबू मनि लेलनि जे हुनकर कथा हमर मामा (गुंजन) सँ घटिया छनि, तेँ। अक्कूक ब्लड-प्रेसरक हाइ होयब, लटुआ कऽ खसब। विभारानीक आँचरसँ हवा करब, किशोर, रमेश कुमार शैलेन्द्रक ईर्ष्या। अशोक लंगूरभक्त भीमनाथकेँ आकृष्ट करैत छथि।

सुमनजी द्वारा अशोककेँ कहब- जयकान्त बाबूक जमाना नहि छनि जे सब काज पाइयेपर हेतै, आब किछु पैरबीयोपर हेतै।

अशोक- उमानाथ बाबू, चेतकर बाबू, सुभद्र बाबूकेँ देखिकेँ डरा जायब स्वास्थ्य रक्षा पुरस्कारक गप कहब। उत्तर ककर से लेखनाथ मिश्र डॉ. बासुकीनाथ झा द्वारा पूछब। मोहन भारद्वाज द्वारा आत्मप्रशंसा सुमनजी सँ फगुआ शिरोमणिक पुरस्कार। कुलानन्द मिश्र प्रतिज्ञा पूरा भेलापर अपन दाढ़ी छटयबाक लेल उपेन्द्र ठाकुरक घर दिस बिदा होइत छथि।

धन्य लालूजी जे आइ..

पं. ताराकान्त झा द्वारा मैथिलीकेँ बिहार लोक सेवा आयोगमे फेर सँ शामिल करबाबैले पटना उच्च न्यायालयमे जीत मुदा लालूजी द्वारा तकरा सर्वोच्चा न्यायालयमे लसकायब।

सम्पादकक नाम...

फचांड़ि मिसरक पत्र

एकालाप

मोहन भारद्वाजक साहित्य अकादेमी पुरस्कार नै भेटलापर आर्त्तनाद- राजमोहन झा अहाँक रक्षा ने गौरीनाथ ने अग्निपुष्प ने सुभाषचन्द्र यादव कऽ सकत।

भांग पिबैत शिष्य सभ: अशोकक नेतृत्वमे रमेश, वियोगी श्रीनिवास।

तारानन्द वियोगी (अशोककेँ)- लड़ाइये देलिअइ अशोक भाइ अहाँ दुनू पीठाचार्यकेँ (मोहन भारद्वाज राजमोहन झा)

पुनश्च: बादमे विद्यानाथ झा 'विदित'क उपन्यास 'विप्लवी बेसरा' कलमतोड़ (गदगदी पलंगतोड़ समीक्षाक पर्याय) समीक्षाक बादो हुनका पुरस्कार नै दियेलखिन्ह।

सफेदपोशक भतार

हवाला, यूरिया, वर्दीकाण्ड, पशुपालन, अलकतरा आदि घोटालाक वर्णन।

१०

जँ हम जनितहुँ

मूलधाराक मैथिलीक साहित्यकारकेँ देखबाक, चिन्हबाक भजारबाक अवसर।

११

प्लेटोक सपना, भारत कौमार्य-राजनीति

प्लेटोक रिपब्लिकक फिलास्फर किंग आइ-काल्हिक अविवाहित व्यक्तिक आचरणपर मनन।

 

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