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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक बालानां कृते

विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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(c)२००४-१७. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

 

वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

बालानां कृते

विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम

भाषापाक

डॉ॰ शशिधर कुमर “विदेह” - ४ गोट सचित्र बाल कविता

गिरगिट (बाल कविता)

 

गिरगिट मैथिली LIZARD CHAMELEON SAURIA MAITHILI 1.1.jpg

 


गिरगिट छेँ की ?

रंग बदलै छेँ खनें - खनें ।

गिरगिट केहेन ??

सोचए बच्चा मनें - मनें ।।*

 

वन-उपवन बाड़ी-झाड़ी, सभ ठाँ भेटैत अछि ।

ठण्ढीक भोरमे बैसल, ओ  रौदा  सेकैत अछि ।

घऽरमे  भेटैछ,

भेटैछ संगहि  रणे - बने ।*

गिरगिट छेँ की ?

रंग बदलै छेँ खनें - खनें ।।

 

पहिने रंग रहए जे चामक, चट दऽ बदलल ।

या रंगक विन्यास सकल, आमूलहि बदलल ।

देखि अचंभित,

चकित आँखि छै कने-कने ! *

गिरगिट छेँ की ?

रंग बदलै छेँ खनें - खनें ।।

 

गोहि आओर सनगोहि, भाए छी गिरगिट केर ।

मुदा पैघ ने, ओतेक  काय छी  गिरगिट केर ।

जीह निकालि कऽ,

पकड़ए कीड़ा क्षणें - क्षणें ।*

गिरगिट छेँ की ?

रंग बदलै छेँ खनें - खनें ।।

 

गिरगिट मैथिली LIZARD CHAMELEON SAURIA MAITHILI 2.1.jpg

 

संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

* - “गिरगिट” शब्दक अर्थ मैथिलीमे बहुत व्यापक अछि जे अपना आपमे सामान्य गिरगिट, ठिकठिकिआ / घरैया गिरगिट, गोहि, सनगोहि, डाइनोसॉर आदि सभकेँ समाहित करैत अछि । मैथिलीक गिरगिटक तुलना अंग्रेजीक LIZARD शब्दसँ कए सकैत छी जाहिमे COMMON GARDEN LIZARD, CHAMELEON आदि सभ आबैत अछि । गिरगिट शब्दसँ अमेरिकी महाद्वीपक  IGUANA नामक सरिसृपक केर सेहो बोध कहल जा सकैत अछि, हलाँकि ओ सामान्य गिरगिटसँ ओ बहुतहु बातमे भिन्न अछि । परिवेश वा इच्छानुसार चामक रंग बदलबाक गुण कमोबेश हर गिरगिटमे होइत अछि मुदा चमेलिओनाइडी / केमेलिओनाइडी कुल (Family - Chamaeleonidae; Eng. - Chameleons) केर गिरगिट सभमे ई गुण बहुत अधिक विकसित भेल अछि । चुँकि, मैथिलीमे ठिकठिकिआ, गोहि, सनगोहि आदि शब्द पुर्णतः परिभाषित अछि तेँ एकरा सभकेँ छोड़ि शेष सम्बन्धित प्राणीक लेल हम एहि ठाम “गिरगिट” शब्दक प्रयोग कएल अछि

* - सरिसृप वर्गक प्राणि होएबाक कारणेँ गिरगिट सेहो शीतरक्तीय प्राणी अछि आ तेँ ठण्ढीक समएमे भोरुका पहर रौद सेकैत आरामसँ देखल जा सकैत अछि ।

* - गिरगिट रंग बदलबामे माहिर होइत अछि । ओ अपन चामक रंग ओ रंगक विन्यास अपना आस - पासक परिवेशक अनुसार क्षण भरिमे बदलि लैत अछि । ओना तँऽ बहुत रास समुद्री जीवमे ई गुण पाओल जाइत अछि, मुदा धरती पर आ ओहो मनुक्खक आवास क्षेत्र केर आस - पास गिरगिटहि एहिमे सभसँ कुशल होइत अछि । जीव विज्ञानमे एहि तरहक घटनाकेँ छलावरण या छद्मावरण (CAMOUFLAGE) कहल जाइत अछि । ई छद्मावरण दू तरहेँ गिरगिटकेँ सुरक्षा प्रदान करेत हछि - पहिल तँऽ वातावरणक रंगमे स्वयंकेँ दुश्मनक नजरिसँ नुकाए लैत अछि आ दोसर आक्रामक रंग परिवर्तन कए प्रतिद्वन्दीकेँ डेराए दैत अछि ।

* - गिरगिटक जीह बेङ्ग जेकाँ होइत अछि आ मूँहसँ बाहर शिकार पर दागल जाइत अछि । जीह केर अगिला भाग शिकारकेँ अपन लसलस लेरमे सटाए मुँहक भीतर नेने जाइत अछि ।

 

क्र॰

सं॰

जीवक मैथिली नाम

अंग्रेजी नाम

विशिष्ट गुण

गिरगिट

LIZARDS (Including CHAMELEONS

& IGUANAS & OTHERS)

·        रंग बदलबामे कुशल

·        बहुतहु गिरगिटक जीहक संरचना ओ कार्य-शैली बेङ्ग जेकाँ होइछ

ठिकठिकिआ

(ठिकठिकिया) / घरैया गिरगिट

COMMON HOUSE GECKOES / HOUSE LIZARDS

·        रंग बदलबामे बेसी कुशल नञि

·        खतरा पड़ला पर नाङ्गरिक पछिला भागक त्याग करैछ

गोहि

MONITOR LIZARDS  / VARANUSES (Including KOMODO DRAGONS)

·        साँप जेकाँ द्विभाजित जीह

·        गिरगिटसँ पैघ आकार

·        रंग बदलबाक गुण नञि

सनगोहि

GOLDEN / YELLOW MONITOR LIZARD

·        गोहि केर एक प्रकार

·        चामक रंग किछु पीताभ सनि होइछ आ अपना दिशि पाओल जाइछ

 

 

 

ठिकठिकिआ / ठिकठिकिया (बाल कविता)

 

ठिकठिकिआ या ठिकठिकिया या घरैया गिरगिट मैथिली HOUSE GECKO MAITHILI 3.1.jpg

 

 

गिरगिट छी,

पर नञि छी गिरगिट,

या छी घरैया गिरगिट ।

“ठिकठिकिआ”  सभ लोक कहैए,  छी से “घरैया गिरगिट” ।।*‍१

 

घरक भीत - देबाल आदि पर सदिखन भेटत ।

कोनहु इजोतक, लऽग - पासमे, अनुखन देखब ।

कीड़ी - फतिङ्गी लगीच इजोतक, खाए ठिकठिकिआ गिरगिट ।

“ठिकठिकिआ”  सभ लोक कहैए,  छी से “घरैया गिरगिट” ।।

 

बदलए चामक रंग, सहज गुण - से एकरामे ।

मुदा कने कमतर, बड़का गिरगिट  तुलनामे ।*

बहुत  प्रकारक  विश्वमे  होइए,  ई  ठिकठिकिआ गिरगिट ।

“ठिकठिकिआ”  सभ लोक कहैए,  छी से “घरैया गिरगिट” ।।

 

खतरा बुझने, पछिला नाङरि, चट दए छोड़ैछ ।

छटपटाइत ओ नाङ्गरि, दुश्मनसबकेँ धोखबैछ ।

प्राण   बचाए   भागैछ   बेचारा,  नाङ्गरिकट्टा  गिरगिट ।*

“ठिकठिकिआ”  सभ लोक कहैए,  छी से “घरैया गिरगिट” ।।

 

रातिचर ई गिरगिट, तेँ रातिमे, बेसी अभरैछ ।

वा दिनहु, अन्हार दोग दिशि, भागैत देखबैक ।

ठिक-ठिक-ठिक केर ध्वनिक कारणेँ, छै ठिकठिकिआ गिरगिट ।*

“ठिकठिकिआ”  सभ लोक कहैए,  छी से “घरैया गिरगिट” ।।

 

ठिकठिकिआ या ठिकठिकिया या घरैया गिरगिट मैथिली HOUSE GECKO MAITHILI 5.1.jpg

 

संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

* - सामान्य मैथिलीमे एकरा सेहो गिरगिट कहि देल जाइत अछि, किछु हद धरि से ठीकहु अछि, मुदा गलत सेहो । गिरगिटसँ अवश्यहि किछु विशिष्ट अन्तर अछि आ तेँ गिरगिटसँ पार्थक्य देखएबाक लेल एकरा “घरैया गिरगिट” (HOUSE LIZARD) कहल जाइत अछि । गाम घऽरमे एकरा ठिकठिकिआ या ठिकठिकिया (COMMON HOUSE GECKO) सेहो कहल जाइत अछि ।

* - एकर चामक रंग माटि या गोबरसँ नीपल भीतक देबालक रंगमे छपएबला होइत अछि । एकरहुमे रंग बदलबाक क्षमता रहैत अछि, मुदा गिरगिट (CHAMELEON) केर तुलनामे एहि तरहक समायोजनक क्षमता बहुत कम होइत अछि ।

* - गिरगिट (CHAMELEON) अपना सुरक्षाक लेल चामक रंग बदलि छलावरण या छद्मावरण (CAMOUFLAGE) केर सहारा लैत अछि । जखनि कि ठिकठिकिआ (HOUSE LIZARD / COMMON HOUSE GECKO) आवश्यकता पड़ला पर अपन नाङ्गरिक पछिला हिस्साकेँ अपन शरीरसँ अलग कऽ दैत अछि । धऽरसँ अलग भेल नाङ्गरि कने काल धरि छटपटाइत रहैत अछि जाहिसँ ठिकठिकिआक दुश्मन शिकारी जीव ओहिमे ओझराए जाइत अछि आ ठिकठिकिआ अपन जान बचाए भागि जाइत अछि । बादमे किछु दिन वा महीनामे ओ कटलाहा नाङ्गरि पुनः बढ़ि पहिने जेकाँ भऽ जाइत अछि ।

* - ई रातिचर प्राणी अछि आ दिनमे अन्हार जगह पर कोण-दोगमे नुकाएल रहैत अछि । तेँ अंग्रेजीमे एकरा “मून लिजार्ड / लिजर्ड” (MOON LIZARD) सेहो कहल जाइत अछि । ई एक प्रकारक ध्वनि निकालैत अछि जे सुनबामे मैथिलीक “ठिक-ठिक-ठिक” ध्वनि सन लगैत अछि । तेँ मैथिलीमे एकर नाम ठिकठिकिआ (या ठिकठिकिया) पड़ल होयत । मिथिला सहित पुबारी ओ उतरबारी भारतक आन बहुत रास क्षेत्र सभक जन सामान्यमे ई धारणा अछि कि कोनहु बातकेँ बजबा काल जँ ठिकठिकिआ “ठिक-ठिक-ठिक” ध्वनि बहार करैत अछि तँ ओ बात या तँऽ सत्य अछि या भविष्यमे सत्य होयत । ओना एहि धारणाक कोनहु वैज्ञानिक आधार नञि अछि, एहि ठाम बस प्रसंगवश उल्लेख कएल गेल अछि । अंग्रेज आ यूरोपीय लोक सभ ठिकठिकिआक ध्वनिकेँ “Gecko,Gecko,Gecko” सन बुझैत छथि आ तेँ एकर नाम GECKO / GEKKO राखि देल ।

-

 

 

गोहि (बाल कविता)

 

गोहि मैथिली MONITOR LIZARD VARANUS MAITHILI 2.1.jpg

 

संस्कृतक  जे “गोधिका”,

ताहिसँ निकसलि “गोधि”।

ताहि गोधि केर  रूप छी,

मिथिलाभाषाक “गोहि” ।।

 

पैघ-पैघ गिरगिटक नाँओ,

सामुहिक  रूपसँ  गोहि ।

संसारक हर-एक  भागमे,

भाँति-भाँति  केर गोहि ।।*

 

थलचर जीव ई गोहि छी,

प्रायः   बिलमे   रहैछ ।

बाढ़ि  आ  बरखा कालमे,

बेसी   ओ    अभरैछ ।।*

 

किछु एहनहु छी गोहि जे,

पानिक   कात   रहैछ ।

गोंता मारि शिकार करैछ,

पानिमे   खूब  हेलैछ ।।*

 

बाध - बोन केर  बीचसँ,

सड़क - बाट जे जाइछ ।

तकरा  पार  करैत  ओ,

बहुधा  देखल  जाइछ ।।

 

गोहिमे किछु विषहीन छी,

आ किछु छी विषयुक्त ।

तेँ  जनमानस   धारणा,

गोहि  लेल  भययुक्त ।।*

 

इण्डोनेसियाक गोहि एक,

नाम  “कॉमोडो ड्रेगन” ।

गोहिमे सभसँ छी विशाल,

“दैत्य गोहि” ओ ड्रेगन ।।*

 

दैत्य गोहि मैथिली KOMODO DRAGON MAITHILI 1.2.jpg

दैत्य गोहि मैथिली KOMODO DRAGON MAITHILI 2.1.jpg

 

संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

* - आइ - काल्हि ओना तँऽ मैथिलीमे “गोहि” “सनगोहि” पर्यायवाची शब्द जेकाँ प्रयुक्त होइत अछि । किछु लोकक निजी धारणा इहो छन्हि जे सनगोहि गोहिसँ बेसी विषाह होइत अछि …….. आदि, आदि । मुदा वास्तवमे “गोहि” एकटा व्यापक शब्द अछि आ बहुतहु पैघ-पैघ गिरगिटसभक (जे सामान्य गिरगिट सभसँ बेस पैघ होइत अछि) लेल सामुहिक रूपसँ मैथिलीमे प्रयुक्त होइत अछि । गोहिकेँ अंग्रेजीमे मॉनीटर लिजार्ड्स या वैरानस (MONITOR LIZARDS / VARANUSES) कहल जाइत अछि ।

* - विश्वक बेसीतर गोहि थलचर (TERRESTRIAL) होइत अछि, आ जमीन पर बिल (बियरि) बनाए अथवा प्राकृतिक रूपसँ बनल बिलमे अथवा आन प्राणीसभ द्वारा बनाओल आ छोड़ल बिलमे रहैत अछि ।

* - किछु गोहि वृक्षाश्रयी (ARBOREAL) ओ आन किछु उभयचरी (AMPHIBIOUS) अर्थात् थल ओ जल दूनूमे विचरण करएबला होइत अछि । उभयचरी गोहि सेहो जमीनहि पर बिल बनाए रहैत अछि, मुदा पानिमे हेलि शिकार करबामे माहिर होइत अछि ।

* - विश्वक बेसीतर गोहि विषहीन होइत अछि, मुदा किछु प्रजाति विषयुक्त । मुदा मिथिला सहित पूरा भारतक जनमानसमे ई धारणा प्रबल अछि जे गोहि अतिशय विषयुक्त ओ बयानक प्राणी अछि । जकर कारणमेसँ किछु निम्न प्रकारेँ भऽ सकैत अछि -

·        गोहि केर हवामे लपलपाइत द्विभाजित जीह, साँप सदृश भयोत्पादक लगैछ

·        गोहि केर आकार गिरगिटसँ बहुत पैघ होयब

·        गोहि ओ साँपक अवास क्षेत्रमे समानता होयब

·        विषहीन ओ विषयुक्त गोहि केर पहिचान जन सामान्यक बीच नयि होयब

·        सम्भवतः ऐतिहासिक समएमे विषयुक्त गोहिक संख्या आजुक समएसँ बहुत बेसी होयब, आदि ।

              किछु लोकक कहब अछि जे गोहि जँ मनुक्ख वा सूतल नेनाकेँ फूकि दैत अछि तँऽ ओहि मनुक्ख वा नेनाक शरीर फुलि जाइत अछि जाहिसँ बादमे ओकर मृत्यु भए जाइछ वा जँ जिउतहु अछि तँऽ कोनहु काजक नञि रहि जाइछ । मुदा, यथार्थमे से नञि (अपवाद - दैत्य गोहि, मुदा भारतमे ओ ने तँऽ कहियो छल आ ने आइ अछि) होइत अछि ।

* - इण्डोनेसिया नामक देशक एक गोट निर्जन द्वीप पर “कॉमोडो ड्रेगन” (COMODO DRAGON) नामक विशालकाय ओ महाविषयुक्त गोहि पाओल जाइत अछि जकरा मैथिलीमे “दैत्य गोहि” कहि सकैत छी । ई दुनिञाक सभसँ पैघ गोहि अछि मुदा ओहि तथाकथित द्वीपक अतिरिक्त दुनिञामे आन कतहु नञि पाओल जाइत अछि ।

 

 

 

 

सनगोहि (बाल कविता)

सनगोहि मैथिली YELLOW GOLDEN MONITOR LIZARD VARANUS FLAVESCENS MAITHILI 1.jpg

 

बहुविध पैघ - पैघ  गिरगिटसभ,

कहल जाइछ  मिथिलामे गोहि ।

ताहि गोहिमे  किछु पीयर  सनि,

सएह  कहाबैत अछि सनगोहि ।।*

 

थलचर जीव छी  गोहि  समूहक,

पानिमे नञि ओ हेलि पाबैतछि ।

बाढ़ि आ बरखाक पानि बियरिमे,

तेँ मनुक्ख दिशि ओ भागैतछि ।।*

 

गोहि  साँप  दूनू  सरिसृप अछि,

जीह  कटल अछि  तेँ  आगाँसँ ।

सएह  देखि कए  लोक  डेराइछ,

मारि  दैछ   बरछी - भालासँ ।।*

 

कटल जीह केर  कारण कए ठाँ,

“सनगोहि साँप” एकर छी नाम ।

एखनहु खूब  भेटैतछि  जाहि ठाँ,

बाध - बोन केर संग छी गाम ।।*

 

संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

* -   आइ - काल्हि ओना तँऽ मैथिलीमे “गोहि” आ “सनगोहि” पर्यायवाची शब्द जेकाँ प्रयुक्त होइत अछि । किछु लोकक निजी धारणा इहो छन्हि जे सनगोहि गोहिसँ बेसी विषाह होइत अछि …….. आदि, आदि । मुदा वास्तवमे “गोहि” एकटा व्यापक शब्द अछि आ बहुतहु पैघ-पैघ गिरगिटसभक (जे सामान्य गिरगिट सभसँ बेस पैघ होइत अछि) लेल सामुहिक रूपसँ मैथिलीमे प्रयुक्त होइत अछि । गोहिकेँ अंग्रेजीमे मॉनीटर लिजार्ड्स या वैरानस (MONITOR LIZARDS / VARANUSES) कहल जाइत अछि ।

               एहि मे सँ एकटा विशेष प्रकारक गोहि जकर चामक रंग किछु पीयर सनि वा सोनाक रंग सनि होइत अछि, से सनगोहि कहबैत अछि । सनगोहिकेँ अंग्रेजीमे यॅलो या गोल्डेन मॉनीटर लिजार्ड (YELLOW / GOLDEN MONITOR LIZARD) कहल जाइत अछि । एकर जैव वैज्ञानिक नाँओ वैरानस फ्लॅवेस्सेन्स (Varanus flavescens) अछि ।

* - ई थलचर प्राणी अछि आ प्रायः नम (आर्द्र) ओ छाहरियुक्त जमीन पर बियरि (बिल) बनाए रहैत अछि । बाढ़िक समय बियरिमे पानि भरि जएबाक कारणेँ प्रायः मनुक्कक आवास-क्षेत्र दिशि बौआइत भेटैत अछि ।

* - सनगोहि साँप जेकाँ विषयुक्त नञि होइत अछि मुदा साँपहि जेकाँ ओकरहु जीह आगाँसँ कटि दू भागमे बँटल रहैत अछि । तेँ लोक विशेष डेराइत अछि आ बहुधा भाला, बर्छीसँ मारि दैत अछि ।

* - द्विभाजित जीहक (Bifid tongue) कारण सनगोहिकेँ मिथिलाक किछु भागमे “सनगोहि साँप” सेहो कहल जाइत अछि ।

 

 

 

ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।