प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

विदेह नूतन अंक
वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA.

संतोष कुमार मिश्र (संपर्क- जनकपुर, 9851011941)

बाद कहिया आओत

बात बीस बर्ष पहिलुक अछि। हमर पहिल पोथी 'उदास मोन' विमोचन होबऽ बला छल। ओहि दिन आदरणीय कालीकान्त झा तृषित 'तृषितक फुलवारीमे अभिनव गीत नचारी' नामक पुस्तकक विमोचन सेहो छल। , दुनू पुस्तकक विमोचन करऽ आयल छलथि विशिष्ट अतिथि आदरणीय डा. रामावतार यादव। विमोचन भेल। बिभिन्न विद्याक चर्चापरिचर्चा चलल। मुदा, मैथिल नवयुवा साहित्य परिषद्क अध्यक्ष हम होइतो ओतऽ नहि तऽ हमर पुस्तक पर चर्चा भेल हमरा किछु कहबाक मौका सेहो नहि भेटल। कार्यक्रममे आयल विशिष्ट अतिथि आदरणीय डा. रामावतार यादव नहि तऽ हमरा सँ किछु पुछला नहि हमरा किछु कहबाक मौका भेटल।

हुनकासँ भेंट करबाक इच्छा मनमे लागले रहि गेल। एक बेर बहुत प्रयास कएलाक बाद हमरा हुनकर फोन नं. उपलव्ध भेल, बूढ़ा नीलकण्ठ स्कूलक। फोन कएलियनि। व्यस्त छलथि। बात नहि भेल। फेर किछु दिन बाद सम्पर्क करबाक प्रयास कएलियनि तऽ बिराटनगर चलि गेल छलथि। शायद विशिष्ट अतिथि महोदय सँ हमरा भाग्यमे भेंट होयबाक नहि अछि बात हमरा मोनमे भऽ गेल।

किछु दिन पहिने कवयित्री बिभा झाक कविता संग्रहक आङ्गल भाषामे अनुवाद हुनके सुपुत्र बिमर्श कएने छल। , ओहि अनुवाद पोथीक विमोचनक कार्यक्रम छलै। ओही कार्यक्रममे हम साहित्यकारक हिसाबे नहि, घरायसी सम्बन्धक हिसाबे नौतल छलौं। उपस्थित भेलौं। ओतहुँ वएह तरीका रहनि। किछु सिंडिकेट लगौनिहार साहित्यकार लोकनि आदरणीय डा. रामावतार यादवकेँ साथमे बैसल छलाह। बिमर्शक अनुवादित कविता क्राइ नो मोर सीता केर विमोचन सेहो हुनके सँ होबऽ के छलैक। विमोचन भेल। बहुत देर बाट तकैत एक बेर मौका हुनका लग पहुँचऽकेँ भेटल। हुनका कहलियनि अपनेके ऊपर एकटा किताब लिखल जा रहल अछि। किछु साथी सब हमरो सँ आलेख मँगने छथि। मुदा हमरा लग अपने बारेमे किछु नहि अछि। 'बादमे भेटब' कहलखिन। फेर बाद कहिया आओत, नहि जानि।

संपादकीय टिप्पणी- संतोषजीक एहि संस्मरणनुमा आलेखमे साहित्यसँ जुड़ल पाठककेँ कोनो गंभीरता नहि नजरि एतनि मुदा हमरा दू टा बात नजरि आएल। पहिल, जे अंततः हरेक विद्वान जनते-जनार्दन लेल होइत छथि तँइ जनता-जनार्दनकेँ ओहि विद्वान सभसँ किछु ने किछु अपेक्षा रहिते छनि। ओही किछु अपेक्षाक वाहक थिक लेख। पत्रिका, पोथी, संपादक, लेखक सभहक एकै काज छै सार्थक सूचनाक आदान-प्रदान करब। से संतोषजीक सूचना प्रो.डा. रामावतार यादवजी लग पहुँचतनि से हमरा विश्वास अछि। दोसर बात जे नेपालमे सेहो सिंडिकेट छै तकर जानकारी भेटैए मुदा एहिपर हम चर्चा नहि करब कारण इम्हर एहि पारक मैथिलीमे 'अखिल ब्रह्मांडीय सिंडिकेट' सभ छै तँइ आनक दोष देखबासँ पहिने हम अपन दोष देखब। पाठक संतोष कुमार मिश्रजीक चारि गोट पोथी- पोसपुत (लघुकथा-संग्रह), उदास मोन (लघुकथा-संग्रह), एना-किए (कविता-संग्रह) एवं, अएना (संपादन- कविता-संग्रह) विदेहपरसँ डाउनलोड कऽ पढ़ि सकै छथि।

 

 

अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।