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हितनाथ झा- मैथिली साहित्यमे तारानाथ झा एवं हुनक परिवारक योगदान-१४

हितनाथ झा

(मैथिलीमे ग्रामगाथा विधाकेँ नव जीवन देनिहार, पाठकीय विधाक अगुआ। संपर्क-9430743070)

'प्रभात'मे प्रकाशित समाचार (गतांकसँ आगाँ)

08.अंक ५, मई, १९३४ ई.

कोइलख- गत १५ जनवरीक भूकम्प जन्य जाहि जमीनसँ बालु बहरेलैक तेकरा नाप करबाक हेतु ता.१०-४-३४ई.क सरकारी अमीन अयलाह। तीन चारि दिन रहि बालुकामय भूमि के नापि कय गेलाह।

कोइलख- ता.१४-४-३४ ई.क जूड़शीतल दिन पुबारि और दक्षिणबारि टोल के परस्पर माटि होयबाक चर्चा फगुआक बाद सँ बराबरि चल अबै छल। किछु गुंडा द्वारा बढ़ैत ई समस्या एतेक जटिल भय गेल जे माटि होयब अनिवार्य बुझना जाइ छल, परञ्च युवक संघक उद्योगक फलस्वरूप एक दिन पूर्वहि, पुलिस जमादार, दू पुलिसक सङ्ग घटनास्थलर पहुँचि गेलाह। गौआँ पर १४४क कार्यवाही सरकारक तरफसँ कयल गेल तकर संग२ इहो आदेश छल जे कोनो टोलक आदमी नवी पोखरिमे फुचुक्का नहि खेला सकैछ, जकरा सभ टोलक जनता पालन कयलक। तथापि दुसध टोलीक समीप लाठी-गड़ास बहराइये गेल, परन्तु ईश्वर केँ ओहि दिन रक्षा करबाक छलैन्ह अतः मारि नहि भेल।

कोइलख- ता.१५ अप्रैलक निशाभाग रातिमे श्री महादेव ठाकुरक घरमे केओ दुष्ट आगि लगा देलकैन्ह। हिनक कुल घर और सैकड़ो मन अनाज जरि कय स्वाहा भय गेलैन्ह। हिनक अतिरिक्त निकटवर्ती और पाँच-सात व्यक्तिक घर जरलैक।

कोइलख- श्री तारानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक तरफसँ दवा वितरण होयब पूर्ववत जारी अछि। दवा करीब दू-२ मास सँ वितरण कयल जा रहल अछि।

कोइलख- ता. २८ एप्रिलक बेरुका पहर पुबारि टोलक श्री श्रीनन्दन झाक पोखरिक मोहार पर गामक सैकड़ो आदमीक उपस्थितिमे दू जोड़ी कुस्ती भेल। पहिल जोड़ी सुखदेव झा और किसुनमा धानुक। जाहिमे सुखदेव झाक जीत भेलैन्ह। श्री ब्रजनाथ झा जीत' वला के दू रुपैया देवाक वचन वद्ध भेल छलाह अतः सुखदेव झाकेँ दुनू रुपैया दय असीम उत्साह दर्शोउलैन्ह। दोसर कुस्ती सुरेन्द्र झा और केदार पात्र के भेलैन्ह, ताहिमे सुरेन्द्र झा विजयी भेलाह। दंगलक समयमे डफरा- वांसी अखाड़ा केँ दलमला रहल छल।

कोइलख- ता.३० अप्रैलक सायंकाल स्थानीय चन्द्रानंद फ्री एम.ई स्कूलक मैदानमे करीब एक-डेढ़ सै जनताक उपस्थितिमे पंजिकार श्रीयुत ववुए मिश्रक सभापतित्वमे सनातन धर्मक सभा भेल। जाहिमे गौसपुर निवासी, लोहना संस्कृत विद्यापीठक अध्यक्ष प. श्रीयुत त्रिलोकनाथ मिश्रक प्रभावशाली भाषण करीब डेढ़ घण्टा तक भेल। ओहिमे निश्चय भेल जे असेम्बली मे पेश मन्दिर-प्रवेश-बिल जाहिसँ नहि पास हो तन्निमिति आगामी ६ मइ क' सभ केओ उपवास अथवा फलाहार करी और लाल झंडा लय बाजाक संग एक जुलूस निकाली, जे जुलूस देवालयमे जाय ईश्वर के आराधना करै। और एकर संग२ इहो निश्चय भेल जे आगामी बुध दिन हैदरपुरक मुकुन्द झाक पोखरि पर पुनः सभा होयत। तदनन्तर सभा विसर्जन भेल। सभा विसर्जन भेलाक बाद दू-चारि अछूतोद्धारक पक्षपाती द्वारा "सनातन धर्मक क्षय, गाँधीजीक जय" कहल गेल एवं दुनू पक्षक जयक्षयक ध्वनिसँ आकाश गूँजि उठल। एहि प्रकारे मिंटो तक भेलाक बाद एकर परिणाम एतेक तक भय गेल जे गारिक तँ कथे कोन, जूता चलवामे तथा शस्त्रास्त्र सँ माटि होयबामे कनेके कसरि रहल।

कोइलख- कतिपय युवकवृन्दक उत्साह सँ दुर्गा समिति नामक एक संस्था कायम भेलै।

कोइलख- स्थानीय हरिजन पाठशालामे छात्र के कांग्रेस-रिलीफ सोसाइटीसँ वस्त्र वितरण भेल।

बहुत हर्षक विषय थिक जे स्थानीय युवक संघक सभापति बाबू श्री उमानाथ झा इंजीनियरिंगक अन्तिम वर्षक परीक्षामे सेकंड डिवीज़नमे परीक्षोतीर्ण भेलाह।

युवक संघक सदस्य कोइलख निवासी बाबू श्री अनिरुद्ध मिश्र दरभंगा डिस्ट्रिक्ट बोर्डक इंजीनियरक हेतु उमेदवार छथि।१४ व्यक्तिमे ४ व्यक्ति चुनल गेलाह अछि ताहिमे एक इहो छथि।

युवक संघ श्री१०८ भद्रकाली सँ प्रार्थना कय रहल अछि जे आगामी ५ मईक अन्तिम चुनावमे हिनका सफलीभूत करथि।

श्री ५ मती रानी चन्द्रावती साहिबाक अपन नैहर प्रति स्नेह जन्य एकटा लटकाव वला पेट्रोमैक्स प्रेषित कय असीम यश के प्राप्त कयलैन्हि अछि।

 

9 अंक 6,जून-1934 ई.

कोइलख- ता.६मई १९३४ ई-सनातन सँ0 धर्मक गत सभाक अनुसार "मन्दिर-प्रवेश-बिल"क प्रदर्शनक हेतु करीब ९ बजे प्रातः काल श्री १०८ लक्ष्मीनारायण स्थानसँ एक सार्वजनिक जुलूस बहरैल जे गामक मुख्य २ मार्ग होइत श्री ०१०८ भद्रकाली स्थानमे पहुँचल। करीब ३ बजे सभा विसर्जन भेलाक बाद जुलूस पुनः श्री १०८ भुवनेश्वर स्थान आयल। ओत' सँ सायंकाल सभ केओ अपन-२ घरक रास्ता धयलैन्ह। एहि जुलूसमे करीब आठ-दस गामक जनता सम्मिलित छल।

कोइलख- ७ मई १९३४ ई.- ता. ६ मईक जुलूसक समाचार बड़ा लाट, छोटा लाट और सनातन धर्म महासभा काशी के तार द्वारा सूचित करावल गेलैन्ह।

कोइलख- श्री तारानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक तरफ सँ दवा वितरण होयब पूर्ववत जारी अछि। दवा करीब ३ महिना सँ वितरण भय रहल अछि।

कोइलख- ता.२५.५.३४ ई.क श्री इन्द्रनाथ झाक बा लक श्री जितेन्द्र नाथ झा, ज्येष्ठ भ्राता जगन्नाथ झाक बालक श्री अमरनाथ झा तथा लघु भ्राता बदरीनाथ झाक बालक श्री प्रेमनाथ झाक उपनयन एक मड़बापर एवं भोला झाक पुत्र श्री कुलकुल झा तथा श्री दुल्ली झा और श्री राम झाक पुत्रक उपनयन सानन्द समाप्त भय गेल।

कोइलख- ता.२७ मईक करीब ४ बजे दिनमे बटौआ धानुकक घरमे आगि लागि गेलैक। परञ्च ईश्वरक कृपाक फलस्वरूप शीघ्र अधिक संख्यामे जनसमुदाय सम्मिलित भय मिझेबाक यत्न करय लागल, जाहि कारण अपन प्रचण्ड रूप नहि धारण कय सकलाह।

हर्षक विषय थीक जे युवक संघक सदस्य श्री हरिनाथ मिश्र एहि वर्ष कलकत्ता यूनिवर्सिटी सँ I.A. परीक्षामे फस्ट डिवीजनमे उत्तीर्ण भेलाह अछि।

10. अंक ७, वर्ष-१९३४ ई.

कोइलख- ता.।२२-६-३४ई.क श्री डोमाइ मिश्र पंजिकार , श्री रघ्घू झा तथा श्री यशोधर झाक बालकक उपनयन निर्विघ्न समाप्त भय गेल।

कोइलख- ता. २४-६-३४ ई.क हरिपुरक श्री परमानन्द झाक ज्येष्ठ बालकक शुभ-विवाह श्री गोवर्द्धन झाक ज्येष्ठा कन्याक संग सानन्द समाप्त भय गेल।

कोइलख- श्री तारानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक तरफसँ दवा वितरण होयब पूर्ववत जारी अछि। दवा करीब ४ माससँ वितरण भय रहल अछि।

ता. २७ जूनक रामपट्टी टीम के लोहटक समीपस्थ गामक टीमक संग फुटबॉलक मैच रामपट्टीक मैदानमे भेलैक। दोसर समयमे लोहटक समीपस्थ गामक टीम नहि खेलेबाक कारण रामपट्टी टीम 'नेट' गोल कय देलकैक। रामपट्टीक तरफसँ कोइलख टीमौक श्री तारानाथ झा तथा श्री सहदेव झा खेलायल छलाह।

कोइलख- ता. २५ जूनक रात्रिमे रातिम मंगलाक बाद किशुन मिश्र और विशुन मिश्रमे मारि भय गेलैन्ह। जेकर फलस्वरूप विशुन मिश्र फौजदारी दायर कयलैन्ह। किशुन मिश्र, चिरंजीव मिश्र, बंगटू मिश्र और भिखारी मिश्रपर सम्मन जारी भेलैन्ह अछि।

11. अंक ८, अगस्त १९३४ई.

श्रीमती रानी साहिबा चन्द्रावती जी १५०/-रु. पुस्तकालयक मकानक हेतु दान दय असीम यशकेँ यश केँ प्राप्त कयलैन्हि।

कोइलख कम्पनीक रामलीला, जे करीब एक डेढ़ माससँ मधुबनीमे भय रहल छल से आव परस्पर विरोध भय जयबाक कारण सर्वदाक वास्ते समाप्त भय गेल।

किछु दिन पूर्व कोइलख मध्य चेचकक प्रकोप बहुत जोर छल से आब बन्दे कहक चाही। किन्तु ज्वर अपन आक्रमण जोरे सँ कयने जाइ अछि।

मंगल दिन प्रातक तदनुसार ता.४ जुलाईक प्रातःकाल स्थानीय श्री १०८ भद्रकालीक मन्दिरमे ५श्री रानी साहिबा चन्द्रावती जीक दीर्घ जीवनक हेतु दुर्गापाठ होयत। जेकर आयोजन युवक संघ कय रहल अछि।

12. अंक ९,सितम्बर १९३४ई.

कोइलख- मोतीपुरमे मधुबनी खादी भण्डारक शाखा श्री दामोदर मिश्रक संरक्षतामे खुजलै। एहि दुकानमे मधुबनीक दरसँ खद्दर विक्री भय रहल अछि। अतएब खद्दर एवं देशी कपड़ा खरीद वालाकेँ एहि दुकानसँ अत्यन्त लाभ भेलैन्ह अछि। आशा कयल जाइछ जे जाहिसँ ई दुकान चिरस्थायी रहि सकै, तेकर यत्न कोइलख तथा कोइलखक समीपस्थ गामक खद्दर प्रेमीवृन्द, करबामे तिलमात्रो पैर पाछू करबामे बाज नहि औताह।

गत अगस्त मासमे बड़गोरिया और नाहरक बीच फुटबॉलक मैच तीन बेर भेल। मध्य मे एक बेर पूर्व निश्चय भेलो पर बड़गोरियाक टीम नहि खेलेबाक कारण नाहरक प्लेयरक रास्तासँ घूमि आयल। पूर्व दू बेर खेल समान रहलैक। और अन्तिम खेलमे बड़गोरिया बाबू साहेबक टीम के कूमरि पोखरीक निकटवर्ती मैदानमे दू गोलसँ हरा देलकैन्ह। ओहि टीनू मैचमे कोइलख टीमक प्लेयर नाहर टीमक तरफसँ क्रमशः ७-८ एवं ४ खेलायल रहैन्ह।

कोइलख- ता.१३ अगस्तक मैथिल महासभाक तरफ़ सँ एहि गामक भूकम्प-पीड़ित मैथिल वृन्दके सहायतार्थ एक सज्जन प्रेषित कयल गेल छलाह। जे १३७ व्यक्तिकेँ दू-दू रुपैया तथा एक व्यक्ति केँ एक रुपैया अर्थात १३८ व्यक्तिकेँ २७५/-रु. प्रदान कय गेलाह। एहि निमित्त मैथिल महासभा के हार्दिक धन्यवादक संग२ महाराजाधिराज, दरभंगाकेँ कोटिशः धन्यवाद , आशा जे महाराजाधिराज कौन्सिलक अपन भत्ताक कुल ३७००/-रु. भूकम्प पीड़ित मनुष्यक दुःख निवारण काँ महासभा के दय देलैन्ह।

कोइलख- श्री तरानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक तरफसँ मुफ्त दवा वितरण पूर्ववत जारी अछि। दवा करीब ६ महिनासँ वितरण भय रहल अछि।

कोइलख- ता. २९ अगस्तक करीब १० बजे दिनमे १ मिनट तक लगातार भूकम्प होइत रहल। तदनन्तर तीस तारीखक सायंकाल ५ बजेक करीब पुनः किछु सेकंड्स तक भूकम्प भय गेल। उपर्युक्त भूकम्प कैक सप्ताहक बाद भेल छल।

13. अंक १०, अक्टूबर १९३४ई.

कोइलख- ता.२ सितम्बरक कोइलख एम.ई. स्कूलक बी. टीम के काको टीमक सङ्ग फुटबॉलक मैच काकोक मैदानमे भेलैक, जाहिमे स्कूलक बी.टीम एक गोलसँ जीतल।

ता. १७ और १८ सितम्बरक औनरेट शील्ड ब्रह्मोत्तरा और नेहराक बीच पंडौलक मैदानमे फुटबॉलक खेल भेलैक, जाहिमे कोइलखक ६ प्लेयर ब्रह्मोत्तराक तरफसँ सम्मिलित छलाह। पूर्व दिन समान खेल भय गेलैक, दोसर दिन ब्रह्मोत्तरा चारि गोलसँ जीतिसेमी-फाइनलमे खेलेबाक अधिकारी भय गेल।

 

कोइलख- मातृनवमीक निमित्त एहि गाम मध्य कतिपय मनुष्य सोमेदिन और कतिपय मंगल दिन भोजन करौलैन्ह।

कोइलख- ता. ९ मार्चसँ श्री तरानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक तरफसँ मुफ्त दवा वितरण कयल जाइ अछि। कोइलखक अतिरिक्त अनेक गामौक जनता मुफ्त दवा लय लाभ उठा रहल छथि।

१५ जनवरीक भूकम्पसँ ध्वस्तक कारण मधुबनीक सरकारी कचहरी के अन्यत्र लय जयबाक चर्चा महीनो सँ छल। परञ्च आब विश्वस्त रूपसँ पता लागल अछि जे मजिस्ट्रेटक वर्तमान वासाक रमनामे कचहरी बनाओल जायत।

गत २२ सितम्बरक विश्वेश्वर शील्डक फाइनल मैच जमालपुर टीम और कलकत्ता एरियन टीमक संग दरभंगाक मैदानमे भय गेलैक, जाहिमे जमालपुरक टीम दू गोलसँ जीतल।

14. अंक ११, नवम्बर १९३४ई.

कोइलख- स्थानीय श्री १०८ भद्रकालीक स्थानमे वृष्टि एवं झकासक कारण दशहराक अष्टमी ओ नवमी दिन नाच-तमाशा होयब त कथे कोन, लोक के भगवतीक दर्शनक हेतु जायब दुष्कर भय गेल छलैक। दशमीक मेलाक मौका पर एहन विकराल काल प्रायः चिरकाल पर भेल छलैक।

 

कोइलख- जेम्हर बाढ़िक आवागमन नहि छैक, तेम्हर वर्षाक अभावसँ कृषकवृन्दमे हाहाकार मचल अछि। कारण जे अधिकांश खेतमे धान सुखा क' पोआर जकाँ भय गेलैक अछि, एहन स्थितिमे शीश कोना क' फूटि सकैछ।बहुतो कृषक तँनिराश भय धानक फसल के काटि २ जानवरक हेतु घासक काजमे लाब लगलाह। यदि किछु दिन तक वर्षा नहि भेल त अनुमान कयल जाइछ जे दशांशो जमीनमे धान फूटि जाइ त गृहस्थक भाग्ये थिक।

कोइलख- ता. २९ अक्टूबरक प्रातःकाल करीब ४बजे मे किछु सेकंड तक भूकम्प होइत छल। ई भूकम्प बहुत दिनक बाद भेलाक कारण जनतामे पुनः नवीन डर उत्पन्न भय गेलैक अछि।

कोइलख- श्री तरानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक संघक दिशिसँ पूर्ववत बिना मूल्य औषध वितरण भय रहल अछि।औषध लगभग ८माससँ वितरण भय रहल अछि।

कोइलख- बोर्डक दिशिसँ श्री खर्गनाथ झाक दरबाजाक आगाँ पानिक कल लगावल गेलैक अछि। एहिसँ राही-बटोही तथा समीपस्थ निवासीकेँ अत्यन्त उपकार भय रहलैक अछि।

रानीटोलक श्री रामचन्द्र झा'चन्द्र' जे एहि प्रभातक उच्च श्रेणीक एक लेखक छथि, स्वरचित 'स्वर्णपुरी का राणा' नामक पुस्तक उक्त पत्रक सम्पादक केँ अढ़ाई आना मूल्य रहितहुँ प्रचारार्थ केवल एक आना मूल्य मे विक्रय करबाक हेतु प्रेषित कय देलथिन्ह अछि। वस्तुतः पुस्तक उत्तम छैक अतः प्रत्येक विद्या प्रेमीवृन्द अवश्य एक२ प्रति पुस्तक खरीद कय पढ़थि।

15. अंक १२, दिसम्बर १९३४ई.

कोइलख- ता. ९ मार्च १९३४ई.सँ श्री तारानाथ झाक अध्यक्षतामे युवक-संघक दिशिसँ बिना मूल्य औषध वितरण भय रहल अछि। कोइलखक अतिरिक्त अनेक समीपस्थ गामौक जनता विना मूल्य औषध लय लाभ उठा रहल छथि।

हर्षक विषय थिक जे राजग्राम निवासी श्री अयोध्या नाथ सिंह ठाकुर, जे सम्प्रति युवक संघक सदस्य छथि, दरभंगा राज्यमे केवल ६ मासक हेतु सहायक मैनेजरक पद पर सुशोभित कयल गेलाह अछि। तदनन्तर मैनेजरक स्थान भेटवाक आश्वासन राज्यक दिशि सँ देल गेलैन्ह अछि।

कोइलख- ता.१९ नवम्बरक स्थानीय फ्री. एम.ई.स्कूलक निरीक्षण करबाक हेतु स्कूल विभागक डेप्युटी इंस्पेक्टर पदार्पण कयने छलाह। स्कूलक कार्य्यवाहीसँ अति संतुष्ट भेलाह।

कोइलख- सम्प्रति दामस एवं मलेरिया ज्वरक पूर्ण प्रकोप अछि।।एहि दुःख सँ ग्रसित भय कतिपय मनुष्य विकराल कालक गालमे प्रवेशो कय रहलाह अछि।

प्रायः भारत वर्षक प्रत्येक प्रान्त मे असेम्बलीक सदस्यक हेतु अधिकांश कांग्रेस व्यक्तिए निर्वाचित भेलाह अछि। ताहूमे बिहारसँ कांग्रेसक अतिरिक्त एको व्यक्ति नहि भय सकलाह। दरभंगा और सारणसँ तीन व्यक्ति ठाढ़ भेल छलाह, जाहिमे कांग्रेसक उम्मीदवार श्री सत्यनारायण सिंहक विजय भेलैन्ह, जिनका ४१४६ भोट भेलैन्ह। कुमार गंगानन्द सिंह (दरभंगा राज्यक प्राइवेट सेक्रेटरी) और श्री रामकृष्ण झा (एडवोकेट, पटना) हारि गेलाह, जिनका क्रमशः १४१७ और ३४३ भोट भेलैन्ह। अत्यल्प भोट होयबाक कारण श्री रामकृष्ण झाक जमानतक रुपैया जप्त कय लेल गेलैन्ह।

कोइलख - प. श्री शिवनन्दन ठाकुर व्या.तीर्थ एहि वर्ष पुनः कलकत्ता यूनिवर्सिटी सँ सेकंड क्लासमे हिन्दीक एम.ए. क उपाधि प्राप्त कयलैन्ह अछि। एहिसँ पूर्वहु कलकत्ता तथा पटना यूनिवर्सिटी सँ क्रमशः फस्ट और सेकंड क्लासमे संस्कृतक एम.ए.क डिग्री प्राप्त कयने छथि।

ता. १५ सँ १७ नवम्बर तक दरभंगामे अखिल भारत वर्षीय मैथिल पण्डित महासम्मेलन दरभंगा महाराजक दिशिसँ बड़ा समारोहक संग भेल छल जाहिमे पण्डितवृन्द केँ भोजनक अतिरिक्त रेल भाड़ा इत्यादि राज्यक दिशिसँ देल गेलैन्ह।

कोइलख - ता.११ नवम्बरक पौने दशबजे दिनमे लगभग एक मिनट तक बहुत जोर सँ भूकम्प होइ छल, जाहिसँ जन समुदाय बहुत भयभीत भय गेल।

रामपट्टी- कार्तिक-पूर्णिमा मे कमला-स्नान करबाक हेतु करीब पच्चास-साठि हजार नर-नारी जमा भय गेल। एहन मेला बहुत वर्षक बाद लागल छल। नाशकारी जूआक खेलक खूब धूम छल।

ता.१७ नवम्बर केँ श्रीमान महाराज कुमार साहिब श्री विश्वेश्वर सिंह घोषणा कयलन्हि जे एक मास मध्य जे महानुभाववृन्द चिरस्मरणीय मैथिल शिरोमणि भूतपूर्व विद्यापति ठाकुरक विषयमे अर्थात हुनकर अतुल कीर्तिकीर्तन मिथिला भाषामे रचना लिखि प्रेषित करताह, ताहिमे सर्वोत्कृष्ट लेख जिनकर पावल जयतैन्हि, ओहि महानुभाव केँ एक शत (१००)रुपैया पारितोषिक भेटतैन्ह।(लेख यदि मिथिलाक्षर मे हो त उत्तम)

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'प्रभात'क समाचार संकलनक व्यापकता आ खेल समाचारक मैथिली पत्रिकामे प्रारम्भ करबाक दूरदर्शिता पर मैथिलीक प्रसिद्ध आलोचक मोहन भारद्वाजक विश्लेषण हुनक एकल पाठ पोथीमे संकलित अछि, जे शोध पत्रिका ' जिज्ञासा'मे सेहो प्रकाशित भेल अछि-प्रस्तुत अछि- " समाचार खण्डक उक्त बानगीसँ पता चलैत अछि जे सम्पादकक दृष्टि कतेक व्यापक छलनि। समाचार संकलित करैत काल हुनका सम्मुख मिथिलाक विभिन्न क्षेत्र आ मिथिलाक गतिविधिक विभिन्न क्षेत्र तँ रहिते छलनि, मिथिलाक सभ जाति आ वर्गक लोक सेहो रहैत छलनि। हुनका लेल व्यक्ति नहि, व्यक्ति आ समाजक जीवन-स्थिति केँ प्रभावित करयवला घटना महत्वपूर्ण होइत छल। एकटा उदाहरण देखल जाय। अगिलग्गी ककरो लेखे बड़ पैघ घटना थिक। हम सभ जनैत छी जे पूर्णियाक श्रीनगर ड्योढ़ी अग्निकांडमे भस्म भs गेल। एक दिस ओ १३ अप्रैल १९३३ केँ श्रीनगर ड्योढ़ीक जरि केँ छाउर भs जयबाक पूर्ण विवरण संग महाराजाधिराज, दरभंगाक श्रीनगर ड्योढ़ीमे १७ जुलाई १९३३केँ करीब चारि घंटा रहबाक सूचना दैत छथि तँ दोसर दिस ई समाचार सेहो प्रकाशित करैत छथि जे २७मई,१९३४ केँ कोइलखक बटौआ धानुकक घरमे करीब चारि बजे दिनमे आगि लागि गेलैक जे जन-समुदायक तत्परतासँ विकराल रूप धारण करबासँ पूर्वहि शान्त कs देल गेल। एहिना कोइलखक महादेव ठाकुरक घरमे १५ अप्रैल १९३४केँ निशाभाग रात्रिमे कोनो दुष्ट द्वारा आगि लगायब आ हुनक सभ घर तथा सैकड़ो मन अनाजक जरि जायब उल्लेखनीय अछि तँ ओही गामक धोबि सभक घरक स्वाहा भs जयबो महत्वपूर्ण अछि।

एहि तरहेँ कहि सकैत छी जे 'प्रभात' मैथिलीमे समाचार-विचारक नेओं रखलक। साहित्यिक पत्रिकाक ओहि युगमे सामाजिक-राजनीतिक घटनाक प्रति अतिरिक्त अभिमुखता एकटा एहन पृष्ठिभूमिक निर्माण कयलक जकर फलाफल भेल ' दैनिकस्वदेश' (1955 ई.)। इएह दृष्टिकोण थिक जाहि कारणे प्रभातमे कविता-कथाक अपेक्षा निबन्धक संख्या बेसी अछि।"

समाचार संकलनक उपर्युक्त समाचार मात्र मैथिलीक एतय प्रस्तुत अछि, हिन्दीमे लिखित समाचार जखन हिन्दी खण्डक अलगसँ दोसर भागमे प्रकाशनक समय सम्मिलित कयल जायत। श्रीनगर ड्यौढ़ीक समाचार विस्तारसँ पंडित ब्रजनाथ झा लिखने छथि, ओ हिन्दीमे अछि आ कतिपय अन्य समाचार सेहो।

 

संपादकीय सूचना-एहि सिरीजक पुरान क्रम एहि लिंकपर जा कऽ पढ़ि सकैत छी-

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