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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह मिथिला रत्न

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(c)२००४-१२

 वि  दे   विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA.Read in your own script Roman(Eng) Gujarati Bangla Oriya Gurmukhi Telugu Tamil Kannada Malayalam Hindi

भारत आ नेपालक माटिमे पसरल मिथिलाक धरती प्राचीन कालहिसँ महान पुरुष ओ महिला लोकनिक कर्मभूमि रहल  अछि। प्रस्तुत अछि मिथिला रत्नक एकटा छोट संग्रह। एहि संग्रहकेँ पूर्ण करबाक हेतु अपन बहुमूल्य संग्रहकेँ  ggajendra@videha.com  केँ पठाऊ।  आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार, सम्बन्धित फोटोग्राफर आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। फोटो सभ पठएबाक लेल धन्यवाद पाठकगण। साभार पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल।

वैदिक जनक

'वैदेह राजा' ऋगवेदिक कालक नमी सप्याक नामसँ छलाह, यज्ञ करैत सदेह स्वर्ग गेलाह, ऋगवेदमे वर्णन अछि। इन्द्रक संग देलन्हि असुर नमुचीक विरुद्ध ताहिमे इन्द्र हुनका बचओलन्हि।शतपथ ब्राह्मणक विदेघमाथव पुराणक निमि दुनू गोटेक पुरोहित गौतम छथि से दुनू एके छथि एतएसँ विदेह राज्यक प्रारम्भ। माथवक पुरहित गौतम मित्रविन्द यज्ञक/ बलिक प्रारम्भ कएलन्हि पुनः एकर पुनःस्थापना भेल महाजनक- समयमे याज्ञवल्क्य द्वारा। निमि गौतमक आश्रमक लग जयन्त मिथि -जिनका मिथिला नामसँ सेहो सोर कएल जाइत छन्हि, मिथिला नगरक निर्माण कएलन्हि। निमीक जयन्तपुर वर्तमान जनकपुरमे छल, मिथी मिथिलानगरीक स्थान एखन धरि निर्धारित नहि भए सकल अछि, अनुमानित अछि जनकपुरक लग । सीरध्वज जनक’ सीताक पिता छथि एतयसँ मिथिलाक राजाक सुदृढ़ परम्परा देखबामे अबैत अछि। कृति जनक’ सीरध्वजक बादक 18 पुस्तमे भेल छलाह। कृति हिरण्यनाभक पुत्र छलाह जनक बहुलाश्वक पुत्र छलाह। याज्ञवलक्य हिरण्याभक शिष्य छलाह, हुनकासँ योगक शिक्षा लेने छलाह। कराल जनक द्वारा एकटा ब्राह्मण युवतीक शील-अपहरणक प्रयास भेल जनक राजवंश समाप्त भए गेल (संदर्भ अश्वघोष-बुद्धचरित कौटिल्य-अर्थशास्त्र)

वाल्मीकि

सीतापति राम

वैदेही सीता

लव कुश

विदेघमाथव

शतपथ ब्राह्मणक विदेघमाथव पुराणक निमि दुनू गोटेक पुरोहित गौतम छथि से दुनू एके छथि एतएसँ विदेह राज्यक प्रारम्भ।

वाजसनेयी याज्ञवल्क्य

याज्ञवल्क्य मिथिलाक दार्शनिक राजा कृति जनकक दरबारमे छलाह। हुनकर माताक वा पिताक नाम सम्भवतः वाजसनी छलन्हि। ओना हुनकर पिता देवरातकेँ मानल जाइत छन्हि। याज्ञवल्क्य . शुक्ल यजुरवेद, . शतपथ ब्राह्मण, .बृहदारण्यक उपनिषद .याज्ञवल्क्य स्मृतिक दृष्टा/लेखक छथि।

 

याज्ञवल्क्य पत्नी मैत्रेयी

याज्ञवल्क्यक दू टा पत्नी छलथिन्ह पहिल कात्यायनी दोसर मैत्रेयी। मैत्रेयी ब्रह्मवादिनी छलीह। कात्यायनीसँ हुनका तीनटा पुत्र छलन्हि- चन्द्रकान्ता, महामेघ विजय।

अंगराज कर्ण

वैशेषिक दर्शन कणाद

महावीर जैन 599-527

महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि।

गौतम बुद्ध BC 563-483

ओना तँ महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि मुदा बुद्ध एकोटा नै मुदा मिथिलामे बौद्ध धर्मक प्रभाव पछाति बढ़ल। बुद्ध वैशाली नगरीमे आम्रपालीक उद्यानमे लिच्छवीगणकेँ सन्देश देने छलाह।

चाणक्य BC 350-283

धर्म विधिक क्षेत्रमे कौटिल्यक अर्थशास्त्र याज्ञवल्क्य स्मृतिमे बड्ड समानता अछि जे चाणक्यक मिथिलावासी होयबाक प्रमाण अछि।

अर्थशास्त्रमे(. विनयाधिकारिके प्रथमाधिकरणे षडोऽध्यायः इन्द्रियजये अरिषड्वर्गत्यागः) कराल जनकक पतनक सेहो चर्चा अछि।

तद्विरुद्धवृत्तिरवश्येन्द्रियश्चातुरन्तोऽपि राजा सद्यो विनश्यति- यथा दाण्डक्यो नाम भोजः कामाद् ब्राह्मण कन्यायमभिमन्यमानः सबन्धराष्ट्रो विननाश करालश्च वैदेहः,...

चन्द्रगुप्त मौर्य चाणक्यक शिष्य BC 340-293

आर्यभट्ट वैज्ञानिक 476-550

पञ्जीमे आर्यभट्टक विवरण- (२७) (३४/०८) महिपतिय: मंगरौनी माण्डैर सै पीताम्ब सुत दामू दौ माण्ड्र सै वीजी त्रिनयनभट्ट: सुतो आर्यभट्ट: सुतो उदयभट्ट: सुतो विजयभट्ट सुतो सुलोचनभट (सुनयनभट्ट) सुतो भट्ट सुतो धर्मजटीमिश्र सुतो धाराजटी मिश्र सुतोब्रह्मजरी मिश्र सुतो त्रिपुरजटी मिश्र सुत विघुजटी मिश्र सुतो अजयसिंह: सुतो विजयसिंह: सुतो सुतो आदिवराह: सुतो महोवराह: सुतो दुर्योधन सिंह: सुतो सोढ़र जयसिंहर्काचार्यास्त्रस महास्त्र विद्या पारङगत महामहोपाध्या : नरसिंह:।।

सिद्ध सरहपाद 700-780

सरहपाद-“सिद्धिरत्थु मइ पढ़मे पढ़िअउ ,मण्ड पिबन्तोँ बिसरउ एमइउ”।मिथिलामे अक्षरारम्भ सिद्धिरस्तु जकर पूर्वमे सिद्धिरस्तु, गणेशजीक अंकुश आँजी, लिखल जाइत अछि। मिथिलामे ई धारणा जे माँड़ पिलासँ स्मरण शक्ति क्षीण होइत अछि; ई सरहपादक मिथिलावासी होएबाक प्रमाण अछि।

आदि शंकराचार्य 788-820 मंडन मिश्रसँ शास्त्रार्थ

..गोनू झा 1050-1150

करमहे सोनकरियाम गोनू झाक वर्णन पञ्जीमे अछि- महामहोपाध्याय धूर्तराज गोनू। पञ्जीक अनुसार पीढ़ीक गणना कएलासँ गोनूक जन्म ( गोनूक सोनकरियाम करमहे-वत्समे २४म पीढ़ी चलि रहल अछि) आर्यभट्टक बाद (आर्यभट्टक माण्डर-काश्यपमे ३९ पीढ़ी चलि रहल अछि) विद्यापतिक पहिने (विद्यापतिक विषएवार बिस्फी-काश्यपमे १४म पीढ़ी चलि रहल अछि) लगभग १०५० .मे सिद्ध होइत अछि। कारण एहि तरहेँ एक पीढ़ीकेँ ४० सँ गुणा केला सँ आर्यभट्टक जन्म लगभग ४७६ ई. आ विद्यापतिक जन्म लगभग १३५० ई. अबैत अछि जे इतिहाससम्मत अछि।

कृष्णाराम आ हाथी सुबरन

मिथिलाक यादव (गुआर) जातिक लोकदेवता कृष्णाराम अपन हाथी सुबरनपर सवार।

वंशीधर ब्राह्मण

छेछन महराज

मिथिलाक डोम जातिक लोकदेवता

दीना- भदरी

मिथिलाक मुसहर जातिक लोकदेवता

ज्योति पँजियार

मोतीदाइ

मिथिलाक रजक (धोबि) जातिक लोकदेवता

राजा सलहेस

मिथिलाक दूधवंशी (दुसाध) जातिक लोकदेवता

दुलरा दयाल

गोनू झाक गाम भरौड़ाक राजकुमार, "बहुरा गोढिन नटुआ दयाल" लोककथाक मलाह कथानायक। भरौड़ामे एखनो हिनकर गहबर छन्हि।

कालिदास

बोधि कायस्थ

राधाकृष्ण आ करताराम मल्लिक

मिथिलाक अमता घरेनक प्रारम्भिक गबैय्या

महाराज नान्यदेव

मिथिलाक कर्णाट वंशक 1097 . मे स्थापना। 1147 . मे मृत्यु।

मल्लदेव

मिथिलाक कर्णाट वंशक संस्थापक नान्यदेवक पुत्र। मिथिलाक गंधवरिया राजपूत मल्लदेवकेँ अपन बीजीपुरुष मानैत छथि।

महाराज हरसिंहदेव

मिथिलाक कर्णाट वंशक। ज्योतिरीश्वर ठाकुरक वर्ण-रत्नाकरमे हरसिंहदेव नायक आकि राजा छलाह। 1294 . मे जन्म आ 1307 . मे राजसिंहासन। घियासुद्दीन तुगलकसँ 1324-25 . मे हारिक बाद नेपाल पलायन। मिथिलाक पञ्जी-प्रबन्धक ब्राह्मण, कायस्थ आ क्षत्रिय मध्य आधिकारिक स्थापक, मैथिल ब्राह्मणक हेतु गुणाकर झा, कर्ण कायस्थक लेल शंकरदत्त, आ क्षत्रियक हेतु विजयदत्त एहि हेतु प्रथमतया नियुक्त्त भेलाह। हरसिंहदेवक प्रेरणासँ- आ ई हरसिंहदेव नान्यदेवक वंशज छलाह, जे नान्यदेव कार्णाट वंशक १००९ शाकेमे स्थापना केने रहथि- नन्दैद शुन्यं शशि शाक वर्षे (१०१९ शाके)... मिथिलाक पण्डित लोकनि शाके १२४८ तदनुसार १३२६ ई. मे पञ्जी-प्रबन्धक वर्तमान स्वरूपक प्रारम्भक निर्णय कएलन्हि। पुनः वर्तमान स्‍वरूपमे थोडे बुद्धि विलासी लोकनि मिथिलेश महाराज माधव सिंहसँ १७६० ई. मे आदेश करबाए पञ्जीकारसँ शाखा पुस्तकक प्रणयन करबओलन्हि। ओकर बाद पाँजिमे (कखनो काल वर्णित १६०० शाके माने १६७८ ई. वास्तवमे माधव सिंहक बादमे १८०० ई.क आसपास) श्रोत्रिय नामक एकटा नव ब्राह्मण उपजातिक मिथिलामे उत्पत्ति भेल।

मंत्री गणेश्वर

मिथिलाक कर्णाट वंशक नरेश हरसिंहदेवक मंत्री। सुगतिसोपानमे मिथिलाक सांवैधानिक इतिहासक वर्णन।

बिहुला

चम्पानगरक बिहुला।

गांगो देवी

मिथिलाक मलाह जातिक लोकदेवता। गांगोदेवीक भगता अखनो मिथिलाक मलाह लोकनिमे प्रचलित अछि।

मीरां साहेब

मिथिलाक मुस्लिम लोकनिक बीच प्रसिद्ध लोकगाथाक नायक।

अमर बाबा

मिथिलाक मलाह जातिक लोकदेवता।

गरीबन बाबा

मिथिलाक धोबि जातिक लोकदेवता।

लालबन बाबा

मिथिलाक चर्मकार जातिक लोकदेवता।

बंठा चमार

कारिख पजियार

लोरिक

राय रणपाल

रेशमा, कुसुमा, फुल्वा

मोरंगक मोतीसायर

अयाची मिश्र

पन्द्रहम शताब्दीक भवनाथ मिश्र बड पैघ नैय्यायिक छलाह आ कहियो ककरोसँ कोनो वस्तुक याचना नहि कएलन्हि, ताहि लेल सभ हुनका अयाची मिश्र कहए लगलन्हि।

शंकर मिश्र

"बालोऽहं जगदानन्द मे बाला सरस्वती।

अपूर्णे पंचमे वर्षे वर्णयामि जगत्त्रयम् ॥" क वक्ता। पन्द्रहम शताब्दीमे भवनाथ मिश्रक घरमे मधुबनी जिलाक सरिसव ग्राममे शंकर मिश्रक जन्म भेल।शंकर मिश्र महाराज भैरव सिंहक कनिष्ठ पुत्र राजा पुरुषोत्तमदेवक आश्रित छलाह। एकर वर्णन रसार्णव ग्रंथमे भेटैत अछि। शंकर मिश्र कवि, नाटककार, धर्मशास्त्री न्याय-वैशेषिकक व्याख्याकार रहथि।शंकर मिश्र ग्रंथावली- .गौरी दिगम्बर प्रहसन २.कृष्ण विनोद नाटक .मनोभवपराभव नाटक४.रसार्णव५.दुर्गा-टीका६.वादिविनोद७.वैशेषिक सूत्र पर उपस्कार८.कुसुमांजलि पर आमोद९.खण्डनखण्ड-खाद्य टीका १०.छन्दोगाह्निकोद्धार ११.श्राद्ध प्रदीप १२.प्रायश्चित प्रदीप।

पक्षधर मिश्र

विद्यापतिक समकालीन जयदेव मिश्र, जे अपन अकाट्य तर्कक कारण पक्षधर मिश्रक नामसँ जानल गेलाह।

महाराज शिव सिंह

मिथिला नरेश विद्यापतिक आश्रयदाता ओइनवार वंशक महाराज शिव सिंह।

उगना महादेव

माहादेव विद्यापतिक अहिठाम गीत सुनबा लेल उगना नोकर बनि रहैत छलाह।

महाकवि विद्यापति ठाकुर 1350-1450

मैथिली भाषाक आदि कवि। अनेक गद्यग्रन्थहुक प्रणेता । कालजयी पद रचनाक अमर कवि । कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पुरुष परीक्षा, गोरक्षविजय, लिखनावली आदि ग्रंथ समेत विपुल संख्यामे कालजयी मैथिली पदक रचयिता ।

शंकरदेव 1449-1569

जगज्ज्योतिर्मल्ल १६१३-३७

लक्ष्मीनाथ गोसाई 1793-1872

कवि चन्दा झा 1831-1907

मूलनाम चन्द्रनाथ झा, ग्राम- पिण्डारुछ, दरभंगा। कवीश्वर, कविचन्द्र नामसँ विभूषित। ग्रिएर्सनकेँ मैथिलीक प्रसंगमे मुख्य सहायता केनिहार।

कृति- मिथिला भाषा रामायण, गीति-सुधा, महेशवाणी संग्रह, चन्द्र पदावली, लक्ष्मीश्वर विलास, अहिल्याचरित आऽ विद्यापति रचित संस्कृत पुरुष-परीक्षाक गद्य-पद्यमय अनुवाद।

सर जी. . ग्रियर्सन मैथिली प्रेमी 1851-1941

महाकवि लालदास 1856-1921

हिनक जन्म खड़ौआ ग्राममे १८५६ ई. मे तथा मृत्यु १९२१ ई. मे भेलन्हि । हिनक अनेक रचना उपलब्ध होइत अछि, यथारमेश्वर चरित रामायाण,’ स्त्री शिक्षा,’ ’सावित्री-सत्यवान,’ ’चण्डी चरित,’ ’विरुदावली,’ ’दुर्गा सप्तशती,’ तन्त्रोक्त मिथिला माहात्म्य’ आदि । मैथिलीक अतिरिक्त ई संस्कृत, हिन्दी तथा फारसीक ज्ञाता छलाह । कविताक अतिरिक्त गद्यमे सेहो ई रचना कएल । रमेश्वर चरित रामायण हिनक सभसँ विशिष्ट ग्रन्थ अछि । राम-कथाक उल्लेखमे सीताक महिमाक महत्त्व दए मिथिला तथा मैथिलीक प्रति ई अपन श्रद्धा तथा भक्तिकेँ व्यक्त कएल अछि ।

. . परमेश्वर झा 1856-1924

जन्म 1856 ई. मे तरौनी ग्राम (दरभंगा) जिलामे भेल छलन्हि तथा निधन 1924 ई. मे । संस्कृत व्याकरणक ई दिग्गज विद्वान् छलाह तथा वैयाकरण केशरी क उपाधिसँ विभूषित छलाह । मैथिली साहित्यमे अपन कृति मिथिलातत्त्व विमर्श तथा सीमंतिनी आख्यायिकाक कारणे महत्त्वपूर्ण स्थान रखैत छथि । ई महाराज रमेश्वर सिंहक दरवारमे राज-पंडितक पदपर अनेको वर्ष धरि सुप्रतिष्ठित छलाह ।

अवधबिहारी प्रसाद शाही 1859-1929

सर्वतंत्र स्वतंत्र बच्चा झा 1860-1921

मधुबनी जिलांतर्गत लवाणी(नवानी) गाममे हिनकर जन्म भेलन्हि।हिनक कृति सभ अछि। 1. सुलोचन-माधव चम्पू काव्य, 2.न्यायवार्त्तिक तात्पर्य व्याख्यान, 3.गूढ़ार्थ तत्त्वलोक(श्री मदभागवतगीता व्याख्याभूत मधुसूदनी टीका पर) 4.व्याप्तिपंचक टीका 5.अवच्छदकत्व निरुक्त्ति विवेचन 6.सव्यभिचार टिप्पण 7.सतप्रतिपक्ष टिप्पण 8.व्याप्तनुगन विवेचन 9.सिद्धांत लक्षण विवेक 10.व्युत्पत्तिवाद गूढार्थ तत्वालोक 11.शक्त्तिवाद टिप्पण 12.खण्डन-ख़ण्ड खाद्य टिप्पण 13. अद्वैत सिद्धि चन्द्रिका टिप्पण 14.कुकुकाञ्जलि प्रकाश टिप्पण।

. . शशिनाथ झा 1860-1930

मुंशी रघुनन्दन दास 1860-1945

गाम-सखबार, ज़िला-मधुबनी। "मिथिला नाटक" "दूतांगद व्यायोग"क लेखक।

डॉ. सर आशुतोष मुखर्जी मैथिली प्रेमी 1864-1924

मधुसूदन ओझा 1866-1939

म.म. मुरलीधर झा १८६८-१९२९

जन्म- गाम- भराम (जिला मधुबनी), अपन मातृक श्यामसीधपमे बसि गेलाह। काशीसँ १९०६ ई. मे ई "मिथिलामोद" नामक मासिक मैथिली पत्रिकाक प्रकाशन शुरु केलन्हि। हितोपदेश (अनुवाद), मैथिली व्याकरण, "अर्जुन तपस्या" (उपन्यास) प्रकाशित।

मुकुन्द झा "बख्शी" 1869-1936

जन्म हरिपुर बख्शी टोल ग्राम (मधुबनी जिला) मे 1869 ई. मे भेल तथा हिनक निधन काशीमे 1937 ई. मे भेलन्हि । हिनक लिखल संस्कृत मे अनेक ग्रंथ अछि । मैथिलीमे हिनक महत्त्वपूर्ण कृति अछि मिथिला भाषामय इतिहास । एकर अतिरिक्त मैथिलीमे हिनक स्फुट निबन्ध सभ सेहो प्रकाशित भेल । मिथिलाक ऐतिहासिक वर्णन सभसँ पहिने हिनके प्रकाशित भेल । एहि इतिहासमे मिथिलाक सर्वतोमुखी परिचय प्रस्तुत कएल गेल अछि ।

डॉ. सर गंगानाथ झा 1871-1941

जन्म मधुबनी जिलाक सरिसब-पाही ग्राममे 1871 ई. मे भेल तथा निधन प्रयागमे 1941 ई. मे । ई अपना समयक संस्कृतक प्रकाण्ड विद्वान म. म. चित्रधर मिश्र, म. म. जयदेव मिश्र तथा म. म. शिवकुमार शास्त्नीसँ मीमांसा एवं दर्शनक अध्ययन कएलन्हि तथा दर्शनक विभित्र दुरूह ग्रंथक अङरेजीमे अनुवाद कए पाश्चात्य संसारक ध्यान आकृष्ट कएलन्हि । ई गवर्नमेन्ट संस्कृत कॉलेज बनारसमे 1917 सँ 1923 धरि प्रिसिपल छलाह तथा एलाहाबाद विश्वविद्यालयक 1923 सँ 1932 पर्यन्त कुलपति रहलाह । मैथिलीमे हिनक सम्पादित चन्दा झाक महेशवाणी संग्रह तथा गणनाथ-विन्ध्यनाथ पदावली प्रकाशित अछि । मैथिली साहित्य परिषद् द्वारा प्रकाशित हिनक वेदान्त दीपक (दर्शन) विषयक अपूर्व ग्रंथ अछि । एहिसँ भिन्न हिनक निबंध सभ सामयिक मैथिली पत्न-पत्निकामे प्रकाशित अछि ।

अरविन्द घोष मैथिली प्रेमी 1872-1950

जनार्दन झा जनसीदन 1872-1951

रासबिहारी लालदास 1872-1940

"मिथिला दर्पण" क लेखक।

रामचन्द्र मिश्र "चन्द्र" 1873-1937 मैथिल प्रभा

महावैय्याकरणाचार्य पं दीनबन्धु झा 1878-1955

भवनाथ मिश्र 1879-1933

मैथिली शब्दकोष "मिथिला शब्द प्रकाश"क लेखक।

कीर्त्यानन्द सिंह

टंकनाथ चौधरी 1884-1928

भवप्रीतानन्द ओझा 1886-1970

कपिलेश्वर मिश्र 1887-1987

गाम सलेमपुर, थाना- उजियारपुर, जिला समस्तीपुर। सीतादाइ पुस्तक भंडारसँ प्रकाशित।

बालकृष्ण मिश्र 1888-1948

सुनीति कुमार चटर्जी मैथिली प्रेमी 1890-1977

बलदेव मिश्र 1890-1975

हिनक जन्म सहरसा जिलाक वनगाँव ग्राममे 1890 ई. मे एवं निधन फरवरी, 1975मे भेलन्हि । प्रारम्भमे पं. गेनालाल चौधरीसँ ज्यौतिष पढ़ि ई काशीमे पं. सुधाकर द्विवेदीजीक शिष्य भेलाह । बहुत वर्ष धरि सरस्वती भवन (वाराणसी) मे हस्तलिखित विभागमे कार्य कएल । पश्चात् पटनाक काशीप्रसाद जयसवाल रिसर्च संस्थानमे अनेक प्राचीन तिब्बती हस्तलिपिकेँ देवनारीमे लिप्यन्तरित कएल। ’मिथिलामोद’ प्रकाशन एवं म.म. मुरलीधर झाक प्रोत्साहनसँ ज्यौतिषीजी १९१० ई.सँ ’मोद’मे लिखए लगलाह। हिनक प्रकाशित रचना अछि—’रामायण शिक्षा’, ’चन्दा झा’, ’संस्कृति’, ’भारत शिक्षा’, ’गप्प-सप्प विवेक’, ’समाज’ आदि । पण्डितजी यावत् धरि पटना रहलाह बराबरि ’मिहिर’मे लिखैत रहलाह ।

आचार्य रामलोचन शरण 1889-1971

सीतामढ़ीमे जन्म दरभंगामे मृत्यु। "मैथिली रामचरित मानस" सहित तुलसीदासक समस्त रचनाक मैथिलीमे लेखन। मिथिलाक्षरमे मैथिलीक प्रकाशनक प्रारम्भ केनिहार। प्रकाशन संस्था "पुस्तक भण्डार", लहेरियासराय, पटनाक संस्थापक।

सीताराम झा 1891-1975

जन्म चौगामा ग्राममे १८९१ ई.मे तथा निधन १९७५ ई. मे भेलन्हि । संस्कृतमे ज्योतिष शास्त्रक अनेक रचनाक .अतिरिक्त मैथिलीमे हिनक ’अम्ब चरित’ (महाकाव्य), ’सूक्ति सुधा,’ लोक लक्षण,’ ’पढ़ुआचरित,’ ’पूर्वापर व्यवहार,’ उनटा बसात,’ ’अलंकार दर्पण’, ’भूकम्प वर्णन’, ’काव्य षट-रस’, ’मैथिली काव्योपवन’, आदि ग्रन्थ उपलब्ध अछि । हिनक गीताक मैथिली अनुवाद सेहो उपलब्ध अछि । मिथिला मोदक सम्पादन १९२० ई.सँ १९२७ ई. धरि ई कएल ।

ताराचरण झा 1892-1928

बद्रीनाथ झा 1893-1973

जन्म मधुबनी जिलाक सरिसव ग्राममे १८९३ ई. मे भेलन्हि तथा १९१४ ई. मे ई काशी लाभ कएलिन्ह । बहुत दिन धरि ई मुजफ्फरपुरक धर्म्म समाज संस्कृत कॉलेजमे साहित्यक अध्यापक छलाह । मैथिलीक विख्यात कवि लोकनि यथा सुमनजी, मधुपजी, मोहनजी आदि हिनक शिष्य छथिन्ह । संस्कृत साहित्यमे हिनक अनेक रचना अछि । जाहिमे राधा परिणय’ (महाकाव्य) क स्थान विशिष्ट अछि । मैथिलीमे हिनक ’एकावली परिणय’ (महाकाव्य) एक नवीन कीर्तिमान स्थापित कएलक। कोनो अलंकारक दृष्टान्त तकबाक हेतु ’एकावली परिणय’ पर्याप्त अछि ।

जीवनाथ राय 1893-1964

उमेश मिश्र 1895-1967

जन्म मधुबनी जिलाक गजहरा ग्राममे 1895 ई. मे भेल छलन्हि । ई एकहतरि वर्षक आयुमे १९६७ ई. मे प्रयागमे स्वर्गवासी भेलाह । ई अपन स्वनाम-धन्य पिता म. म. जयदेव मिश्र तथा म. म. डा. गंगानाथ झाक सान्निध्यमे विद्यार्जन कएल। १९२३ सँ १९५९ धरि मिश्रजी एलाहाबाद विश्वविद्यालयमे संस्कृतक प्राध्यापक छलाह । दरभंगा ’मिथिला शोध संस्थान’क निदेशक पदपर किछु समय कार्य कए १९६२ सँ ६५ धरि कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालयक कुलपति रहलाह ।म. म. मुरलीधर झासँ प्रभावित भए ’मिथिलामोद’मे ई लिखब प्रारम्भ कएलन्हि तथा अपन विविध प्रकारक रचनासँ मैथिलीक गद्यकेँ समृद्ध् कएलन्हि । मैथिलीमे हिनक प्रसिद्ध ग्रन्थ अछि—’कमला’ (शेक्सपीयरक ’टेम्पेस्ट’क भावानुवाद), ’नलोपाख्यान’, मैथिली-संस्कृति’ तथा अनेक वर्णनात्मक एवं आलोचनात्मक निबन्ध; मनबोधक कृष्णजन्मक सम्पादन, विद्यापतिक कीर्तिलता, कीर्तिपताका, गोरक्ष विजय आदिक अनुवाद-सम्पादन सेहो कएल।

बाबू धनुषधारी लाल दास 1895-1965

मैथिलीमे बिहारी कविक अनुवाद प्रकाशित।

अमरनाथ झा 1897-1955

सरिसब पाहीटोल ग्राममे १८९७ ई. मे भेल । हिनक निधन पटनामे जखन ई बिहार लोक सेवा आयोगक अध्यक्ष छलाह, १९५५ मे भेलन्हि । ई एलाहाबाद विश्वविद्यालयक नओ वर्ष धरि कुलपति रहि पश्चात् हिन्दू विश्वविद्यालयक सेहो कुलपतिक पदकेँ सुशोभित कएलन्हि । ई अंगरेजीक प्रकाण्ड विद्वान् छलाह, ताहि संग हिन्दी, उर्दू, फारसी, संस्कृत, बङला एवं मैथिलीक सेहो अद्भुत विद्वान् छलाह ।मैथिलीमे हिनका द्वारा सम्पादित हर्षनाथ काव्य ग्रन्थावली तथा गोविन्ददासक श्रृग्ङारभजन महत्त्वपूर्ण अछि । एहिसँ भिन्न हिनक मैथिली साहित्य परिषदक अध्यक्षीय भाषण तथा अन्य लेख प्रकाशित अछि ।

भोलालाल दास 1897-1977

हिनक जन्म दरभंगा जिलाक कसरौर मे भेलन्हि । साहित्य सर्जनाक अतिरिक्त अपन संगठन क्षमता तथा मैथिली साहित्यक सर्वतोमुखी विकासक हेतु सतत तत्पर रहबाक कारणेँ भोला बाबू मैथिली संसारक एक स्तम्भक रूपमे रहलाह । हिनक निधन 1977 ई. मे भेल । मैथिलीक प्रचार-प्रसारमे ई अपन जीवन समपित कएने छलाह। पाठ्यक्रममे मैथिलीकेँ स्थान हो ताहि हेतु ई बीड़ा उठओलन्हि । विद्यालय स्तरक अनेक पोथीक निर्माण कएल । मैथिली साहित्य परिषदक ई संस्थापक मण्डलक सदस्य छलाह । 1931 सँ 1940 ई. पर्यन्त ओकर प्रधान मन्त्नी रहलाह । हिनक मन्त्नित्वकालमे ’भारती’ नामक मासिक पत्नक प्रकाशन भेल । एहिसँ पूर्व (१९२९-३१) कुशेश्वर कुमरजीक संग संयुक्त सम्पादनमे ’मिथिला’ नामक पत्न चलाओल । ई नवीन एवं प्रगतिशील विचारक लोक छलाह । ननव लेखककेँ प्रोत्साहित करब, शैलीमे एकरूपता आनब, नव प्रकाशनसँ मैथिलीक साहित्य भंडारक पूर्त्ति करब हिनक कर्त्तव्य बनि गेल छल । हिनक लिखल ‘मैथिली व्याकरण’ तथा हिनकहि द्वारा सम्पादित ‘गद्यकुसुमांजलि बहुत दिन धरि विद्यालयमे पढ़ाओल जाइत रहल । हिनक लिखल अनेक निबन्ध समालोचना, कविता, संस्मरण, जीवनी-साहित्य मैथिलीक पत्र-पत्निकामे छिड़िआएल अछि ।

कुमार गंगानन्द सिंह 1898-1971

जन्मबनैली राजपरिवारमे 24-9-1898, मृत्यु:-श्रीनगर पूर्णिञा 17-1-1970 । भूतपूर्व शिक्षामंत्नी, बिहार एबं कुलपति, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ।रचनाअगिलही (अपूर्ण उपन्यास) तथा अनेक कथा एवं एकांकी । युगक अनुरूप सामाजिक कुरीति आदिकेँ आधार बनाए सुधारवादी दृष्टिएँ कथा सभहिक रचना ।

ब्रजमोहन ठाकुर 1899-1977

रामवृक्ष बेनीपुरी 1899-1967

भुवनेश्वर प्रसाद 1902-

दरभंगा जिलाक बनौली गाम, निवास रायसाहेब पोखरि लहेरियासराय। सरस्वती स्कूल लहेरियासरायमे १९३०-१९६४ ई. धरि अध्यापन। मैथिलीमे "बाल रामायण प्रकाशित।

जयनारायण झा 'विनीत' 1902-1991

नरेन्द्र नाथ दास विद्यालंकार १९०४-१९९३

सुधाकर झा "शास्त्री" 1904-1974

दामोदर लाल दास विशारद 1904-1981

बबुआजी झा 'अज्ञात' 1904-1996

२००१- बबुआजी झा अज्ञात” (प्रतिज्ञा पाण्डव, महाकाव्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार।

श्रीवल्लभ झा हाटी 1905-1940

रमानाथ झा 1906-1971

जन्म दरभंगा जिलाक उजान (धर्मपुर) ग्राममे 1906 ई. मे एवं हिनक निधन दरभंगामे १९७१ ई. मे भेलन्हि । 1930 ई. मे अङरेजीमे एम. ए. कएलाक बाद ई कतोक वर्ष धरि मधेपुर उच्च विद्यालयक प्रधानाध्यापक छलाह, तकरा बाद दरभग्ङा-राज-लाइब्रेरीक पुस्तकालयाध्यक्षक रूपमे 1936 सँ अन्तिम समय धरि रहलाह । 1952 सँ 62 चन्द्रधारी मिथिला कॉलेजमे प्रो. झा अङरेजीक प्राध्यापक रूपेँ काजka पश्चात् ओही कॉलेजमे मैथिली विभागाध्यक्ष बनाओल गेलाह । 1965 मे रमानाथ बाबू साहित्य अकादमीक मैथिलीक प्रतिनिधि निर्वाचित भेलाह जाहि पद पर ओ जीवनक अन्त समय तक रहलाह ।

हिनक रचनाक क्षेत्न बहुत व्यापक छल । हिनक अनुसंधानात्मक निबंक दू गोट संग्रह निबन्धमाला तथा प्रबंध संग्रह प्रकाशित अछि । संकलित सम्पादित पुस्तक सभमे मैथिली पद्य-संग्रह, मैथिली गद्य-संग्रह, प्राचीन गीत, कथा काव्य, नवीन गीत, कविता कुसुम, कथा संग्रह आदि अछि । कथासरित्सागरक आधार पर प्राञ्जल गद्य शैलीमे हिनक उदयन-कथा तथा बररुचि-कथा बेश ख्याति पओलक । व्याकरणक मिथिला भाषा प्रकाश, अलक्ङारप्रवेश आदि अनेक ग्रन्थ प्रकाशित अछि । मैथिली साहित्य पत्र त्नैमासिक पत्रिकाक संपादक।

काशीकान्त मिश्र "मधुप" 1906-1987

१९७०- काशीकान्त मिश्र “मधुप” (राधा विरह, महाकाव्य) पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त मैथिलीक प्रशस्त कवि आ मैथिलीक प्रचार-प्रसारक समर्पित कार्यकर्ता ’झंकार’ कवितासँ क्रान्ति गीतक आह्वान कएलनि । प्रकृति प्रेमक विलक्षण कवि । ’घसल अठन्नी कविताक लेल कथ्य आ शिल्प-संवेदनादुहू स्तर पर चरम लोकप्रियता भेटलनि।

कांञ्चीनाथ झा "किरण" 1906-1988

जन्म स्थान-धर्मपुर,लोहना रोड, दरभंगा बिहार । मैथिली भाषा आंदोलनमे महत्वपूर्ण भूमिका। ’पराशर’ महाकाव्य लेल साहित्य अकादमी ओ ’कथा किरण’ लेल वैदेही पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: चंद्रग्रहण (उपन्यास), वीर-प्रसून (बालकथा), जय जन्मभूमि (एकांकी), विजेता विद्यापति (नाटक), कथा-किरण (कथा-संग्रह), किरण-कवितावली, कतेक दिनक बाद (कविता-संग्रह), पराशर (महाकाव्य) ओ किरण-निबंधावली (निबंध-संग्रह) आदि।१९८९- काञ्चीनाथ झा किरण” (पराशर, महाकाव्य)पर मैथिली मे साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित।

श्यामानन्द झा 1906-1949

रमाकांत झा, नेपाल 1907-1971

ईशनाथ झा 1907-1965

बहुमुखी प्रतिभाक कवि । प्राचीन आ नवीन पद्धतिक काव्य-रचनाक विलक्षण संयोग हिनकर कवितामे भेटैत अछि । दलित वर्ग, शोषणक समस्या, स्वदेश प्रेमक यथार्थवादी रचनाक संग संग व्यक्तिनिष्ठ कल्पनाक अनेक विशिष्ट विता मैथिलीमे लिखलनि ।

भुवनेश्वर सिंह 'भुवन' 1907-1944

अपन खाढ़ीक बहुमुखी प्रतिभाक कवि । प्राचीन आ नवीन रीतिक कविताक रचना विपुल संख्यामे कएलनि । ’भुवन भारती’ कविता संकलन प्रकाशनसँ मैथिली ओज आ नव चेतनाक शंख फुकलनि।

हरिमोहन झा 1908-1984

हिनकर मैथिली कृति १९३३ मे कन्यादान” (उपन्यास), १९४३ मे "द्विरागमन”(उपन्यास), १९४५ मे प्रणम्य देवता” (कथा-संग्रह), १९४९ मे रंगशाला”(कथा-संग्रह), १९६० मे चर्चरी”(कथा-संग्रह) आऽ १९४८ . मे खट्टर ककाक तरंग” (व्यंग्य) अछि। मृत्योपरांत १९८५मे (जीवन यात्रा, आत्मकथा)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित।

रामधारी सिंह 'दिनकर' मिथिला रत्न 1908-1974

माँगनि खबास 1908-1943 संगीतज्ञ

पचगछियामे जन्मअल्प बएसमे मृत्यु। पचगछियाक रायबहादुर लक्ष्मीनारायण सिंहक शिष्य।

सुभद्र झा 1909-2000

"फॉर्मेशन ऑफ मैथिली लैंगुएज" लेखक। १९८६- सुभद्र झा (नातिक पत्रक उत्तर, निबन्ध)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित।

स्नेहलता 1909-1993

गाम- डरोड़ी, समस्तीपुर। पूर्ण नाम- कपिलदेव ठाकुर "स्नेहलता" रामाश्रयी रसिक सम्प्रदायक संत। हिनकर रचित वैदेही विवाह संकीर्तन, विनय पदावली, शिववाणी, चेतावनी, झूला-संकीर्तन, सीतावतरण प्रबन्धकाव्य स्नेहशतक- दोहावली-कवित्त आदि मिथिलाक महिला वर्ग संकीर्तनकार लोकनिक कंठमे परिव्याप्त अछि लोकमंगलक अनुष्ठानमे व्यापक रूपेँ व्यवहृत अछि। हिनक "वैदेही विवाह" मिथिलाक कीर्तनिया नाट्य परम्पराकेँ लोकरुचिक अनुकूल बनौने अछि।

कालीकान्त झा 1909-

मूल गाम ढंगा (हरिपुर), मधुबनी। फेर मातृक बरदबट्टा,पो. उरलाहा, भाया- मदनपुर, जिला-पूर्णियामे बसि गेलाह। सतघरा (मधुबनी), मदनपुर आ काशीमे पाणिनी व्याकरणक अध्ययन। "हनुमान चरित"क लेखक।

तंत्रनाथ झा 1909-1984

जन्म १९०९ ई मे दरभंगा जिलाक धर्मपुर ग्राममे भेलन्हि मुत्यु ४-५-’८४,चन्द्रधारी मिथिला कॉलेजमे अर्थशास्त्नक प्राध्यापक छलाह । अवकाश ग्रहण क काव्य साधनामे लागल रहलाह । महाकाव्य, मुक्तक, एकांकी सभ विधामे ई सिद्ध हस्त छलाह । हिनक ’कीचक वंध’ महाकाव्य अङरेजीक ब्लैक्ङ भर्स (अमित्नाक्षर छन्द) म लिखल अछि । मैथिलीमे ’सौनेट’ एवं ब्लैक्ङ भर्सक ई प्रथम प्रयोक्ता थिकाह । संस्कृत परम्परामे काव्य रचना करितहुँ पाश्चात्य शैलीक नवीनता हिनका रचनामे भेल । हिनक ’कीचक वध कृष्ण चरित महाकाव्य—‘मङ्गल-पञ्चाशिका एवं नमस्या मैथिली साहित्यमे अपन विशिष्ट स्थान रखैछ । तकर अतिरिक्त मुक्तक काव्यमे विषय वस्तुक व्यापकता एवं शिल्प शैलिक प्रचुरता अबैत अछि । एक दिश यदि प्राचीन ढंगक ईश्बर वन्दनाक रचना कएलन्हि तँ दोसर दिस सौनेट (चतुर्दशपदी) बैलेड आदि लिखबामे पूर्ण सफलता प्राप्त कएलन्हि ।कृष्ण चरित महाकाव्य पर हिनका 1979 ई क साहित्यक अकादमी पुरस्कार भेटलन्हि । 1980 ई. मे हिनका अभिनन्दन ग्रन्थसमर्पित कएल गेलन्हि ।

जीवनाथ झा 1910-1977

सुरेन्द्र झा 'सुमन' 1910-2002

जन्म: ग्राम : बल्लीपुर, जिला-समस्तीपुर । प्रकाशित कृति: प्रतिपदा, अर्चना,साओन-भादव,अंकावली, अन्तर्नाद, पयस्विनी, उत्तरा आदि तीससँ अधिक मौलिक कविता-पुस्तक;पुरुष-परीक्षा, अनुगीतांजलि, ऋतु श्रृंगार तथा वर्णरत्नाकर, पारिजात-हरण, कृष्णजन्म, आनन्द-विजय आदि कतिपय ग्रन्थक अनुवाद-संपादन; ’मैथिली काव्य पर संस्कृतक प्रभाव’ नामक समीक्षा-ग्रंथ। ’पयस्विनी’ लेल १९७१ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार तथा ’उत्तरा’ पर १९१८ मे मैथिली अकादेमीक विद्यापति पुरस्कार प्राप्त । मैथिलीक प्रथम दैनिक पत्र ’स्वदेश’क लब्धप्रतिष्ठ सम्पादक।१९९५- सुरेन्द्र झा सुमन” (रवीन्द्र नाटकावली- रवीन्द्रनाथ टैगोर, बांग्ला)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। २००० .- पं.सुरेन्द्र झा सुमन”, दरभंगा;यात्री-चेतना पुरस्कार।

पं. रामचन्द्र झा 1910-

गाम तरौनी। काशी मिथिला ग्रन्थमालाक सम्पादक।

'नागार्जुन' वैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' 1911-1998

जन्म अपन मामागाम सतलखामे भेलन्हि, जे हुनकर गाम तरौनीक समीपहिमे अछि, जिला-दरभ्गा । मूल नाम: वैद्यनाथ मिश्र । हिन्दीमे नागार्जुन नामे प्रख्यात । प्रकाशित कृति: चित्रा, पत्रहीन नग्न गाछ (मैथिली कविता-संग्रह); पारो, बलचनमा, नवतुरिया (मैथिली उपन्यास); युगधारा, सतरंगे पंखोंवाली, प्यासी पथराई आंखें, खिचड़ी विप्लव देखा हमने, तुमने कहा था, हजार हजार बाहो वाली, पुरानी जूतियो का कोरस, रत्नगर्भा, ऐसे भी हम क्या ! ऐसे भी तुम क्या ! (हिन्दी कविता-संग्रह); रतिनाथ की चाची, बलचनमा, नई पौध, बाबा बटेसरनाथ, वरुण के बेटे, दुखमोचन, कुम्भीपाक, अभिनन्दन, उग्रतारा, इमरतिया (हिन्दी उपन्यास); आसमान में चन्दा तैरे (कहानी संग्रह); भस्मांकुर (हिन्दी खण्ड काव्य); अन्नहीनम् क्रियाहीनम् (निबन्ध-संग्रह); गीत गोविन्द; मेघदूत; विद्यापति के गीत, विद्यापति की कहानियां (अनुवाद) । ’पत्रहीन नग्न गाछ’ लेल १९६८ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त । यायावरी जीवन । मैथिली प्रतिनिधिक रूपमे रूस भ्रमण । नागार्जुन (स्व. श्री वैद्यनाथ मिश्र यात्री” ), हिन्दी आ मैथिली कवि, १९९४ ई.मे साहित्य अकादेमीक फेलो (भारत देशक सर्वोच्च साहित्यक पुरस्कार)।

आरसीप्रसाद सिंह 1911-1996

जन्म: ग्राम-एरौत, जिला-समस्तीपुर । प्रकाशित कृति: माटिक दीप, पूजाक फूल, सूर्यमुखी (कविता-संग्रह), मेघदूत (अनुवाद), आरसी, नन्ददास, संजीवनी (हिन्दी काव्य संग्रह)। ’सूर्यमुखी’ लेल १९८४ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त ।

 

गुरु जयदेव मिश्र 1911-1991 शिष्य गंगानाथ झा

यशोधर झा

मिथिला वैभव, दर्शन मैथिली पोथीपर 1966 मे पहिल साहित्य अकादमी पुरस्कार मैथिली लेल प्राप्त।

वैद्यनाथ मल्लिक 'विधु' 1912-1987

१९७६- वैद्यनाथ मल्लिक विधु” (सीतायन, महाकाव्य) लेल मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कार।

भीम झा 1912-

पूर्णिया जिलाक मदनपुर गामक। जन्म ५ नवम्बर १९१२ ई.। बनैलीक श्री श्यामानन्द सिंहक अध्यक्षतामे नारायण संकीर्तन महामण्डलीक स्थापना।

राधानाथ दास १९१२-

उपेन्द्र ठाकुर 'मोहन' 1913-1980

जन्म १९१३ ई. मे दरभंगा जिलाक चतरिया ग्राममे भेलन्हि । मृत्यु २४-५-१९८० । संस्कृत शिक्षामे साहित्याचार्य ओ बड़ौदा राजक विद्वत्-परीक्षासँ साहित्य-रत्न’क उपाधिसँ विभूषित भेलाह । दैनिक आर्यावर्तमे आदिअहिसँ, पश्चात् १९६० सँ मिथिला मिहिरक उप-सम्पादक एवं सह-सम्पादक रूपेँ कार्य करैत १९७७ मे सेवा निवृत भेलाह ।मोहनजी करीब पचास वर्ष साहित्य साधनामे लागल रहलाह । विजयानन्द, कुंजरंजन, सुदर्शन, पुण्डरीक, शास्त्नी, बामन आदि छद्म नामसँ पत्न-पत्निकामे विविध विषयपर हिनक लेख सभ प्रकाशित भेल अछि ।मोहन जीक बाजि उठल मुरली’मे १०१ गोट कविताक संकलन अछि जाहिमे हिनक सुदीर्घ काव्य-आराधनाक विभित्र विचारधाराक ओ विभित्र अनुभूतिक सामग्री उपलब्ध अछि । एहि पुस्तकपर मोहन’जीकेँ १९७८ मे साहित्य अकादम् पुरस्कार भेटलन्हि। एहिसँ बहुत पूर्व हिनक ’फुलडाली’ नामक कविता संग्रह सेहो प्रकाशित भेल छल ।

जयनाथ मिश्र 1913-1985

श्रीकांत ठाकुर "विद्यालंकार"

पञ्जीकार मोदानन्द झा 1914-1998

लब्ध धौत पञ्जीशास्त्र मार्त्तण्ड पञ्जीकार मोदानन्द झा, शिवनगर, अररिया, पूर्णिया। पिता-स्व. श्री भिखिया झा। गुरु- पञ्जीकार भिखिया झा। पूर्णिया जिलाक बनैली लगक शिवनगर गामक। जन्म २२ सितम्बर १९१४ ई.।सौराठमे अपन मौसा स्व. लूटनझा सँ पंजीशास्त्रक अध्ययन। १९४८-१९५१ ई. धरि दरभंगामे रहि आचार्य रमानाथ झाकेँ पाँजि पढ़ओलनि।शास्त्रार्थ परीक्षा- दरभंगा महाराज कुमार जीवेश्वर सिंहक यज्ञोपवीत संस्कारक अवसर पर महाराजाधिराज(दरभंगा) कामेश्वर सिंह द्वारा आयोजित परीक्षा-1937 . जाहिमे मौखिक परीक्षाक मुख्य परीक्षक .. डॉ. सर गंगानाथ झा छलाह।

आनन्द झा 1914-1988

बाबू साहेब चौधरी 1916-1998

दरभंगा जिलाक दुलारपुर गामक। १९४३ ई. मे जीविकार्थ कलकत्ता अएलाह। नवम कक्षामे स्वराज्य आन्दोलनमे बाझि कए शिक्षाक इतिश्री। कलकत्तामे स्थानीत मैथिल संघमे प्रवेश। कलकक्तामे मैथिली आर्ट प्रेस. ९/१, खिलात घोष लेन, कलकत्ता-७००००६ सँ मैथिली-मिथिला आन्दोलनमे सक्रिय। कुहेसचाणक्य दूटा नाटक। १९७१-७९ धरि मिथिला दर्शन मैथिली दर्शन मैथिली मासिकक सम्पादन।

लक्ष्मण झा 1916-2000

शुद्धदेव झा 'उत्पल' 1916-

गोड्डा जिलाक अलखदत्त-महेनपुरक निवासी। जन्म १६ अक्टूबर १९१६ ई.।

 

संगीत भाष्कर राजकुमार श्यामानन्द सिंह १९१६-१९९४

रामचरित्र पाण्डेय "अणु" १९१७-२०१०

लक्ष्मीनाथ झा मिथिला चित्रकला 1917-1990

उपेन्द्र नाथ झा 'व्यास' 1917-2002

जन्म स्थान-हरिपुर वकशीटोल, मधुबनी, बिहार । १९६९- उपेन्द्रनाथ झा “व्यास” (दू पत्र, उपन्यास) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । साहित्य अकादेमीक अनुवाद पुरस्कार प्राप्त । प्रकाशित कृति: कुमार, दू पत्र (उपन्यास), विडंबना, भजना भजले (कथा-संग्रह), पतन संन्यासी, प्रतीक (काव्य), महाभारत (पहिल दू पर्व) आदि।

मनमोहन झा 1918-2009

जन्म सरिसबमे, अश्रुकण, वीरभोग्या, मिथिलाक निशापुरमे।२००९- स्व.मनमोहन झा (गंगापुत्र, कथासंग्रह)पर मृत्योपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार।

ब्रजकिशोर वर्मा 'मणिपद्म' 1918-1986

जन्म स्थान-बहेड़ा, दरभंगा बिहार । १९७३- ब्रजकिशोर वर्मा “मणिपद्म” (नैका बनिजारा, उपन्यास) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । उपन्यासकार, कथाकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: कोब्रागर्ल, कनकी, अर्द्धनारीश्वर, लोरिक विजय, नैका-बनिजारा, लवहरि-कुशहरि, राय रणपाल, आदिम गुलाम आदि उपन्यास ओ कंठहार (नाटक) आदि।

पं. सहदेव झा १९१९-

"मिथिला की धरोहर" पोथी प्रकाशित।

स्वर्गीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद मंडल, राजनेता 1919-1982

जन्म २५ अगस्त १९१९, मृत्यु १३ अप्रैल १९८२

बुद्धिधारी सिंह रमाकर 1919-1991

जन्म मधुबनीमे 1919 ई. मे भेल । अपन पिता स्व. क्षेमधारी सिंहसँ विभित्र विषयक शिक्षा ग्रहण कएलन्हि । ई रामकृष्ण कॉलेज, मधुबनीक मैथिली विभागाध्यक्ष छलाह । जतएसँ अवकाश प्राप्त कएलन्हि । बाल्या-वस्थहिसँ ई कविकार्यमे लागल रहलाह अछि । संस्कृत तथा मैथिली दुनू भाषामे हिनक रचना प्रकाशित अछि । यथामैथिलीमे प्रयास (कथा-संग्रह), मधुमती, अमरबापू (कविता-संग्रह), शरशय्या (खंड-काव्य) स्मृति साहस्री (महाकाव्य) आदि ।

प्रो. रामशरण शर्मा १९२०-२०११

1 सितम्बर 1920 बरौनी (बिहार) मे जन्म , मृत्यु 21 अगस्त 2011 पटनामे। 15 देशी-विदेशी भाषामे 115 से बेशी किताब प्रकाशित, पहिल किताब "विश्व इतिहास की भूमिका (दू खंडमे) 1949 मे प्रकाशित, अंतिम पुस्तक "इकोनामिक हिस्ट्री आफ अर्ली इंडिया", भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषदक संस्थापक अध्यक्ष, जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप, यूजीसी नेशनल फेलोशिप वीके राजवाड़े लाइफटाइम अवार्ड।

आद्याचरण झा 1920-

फणीश्वर नाथ 'रेणु' मिथिला रत्न 1921-1977

जयकान्त मिश्र, पुत्री संग ' नेहरूक संग 1922-2009

चन्द्र भानु सिंह 1922-

२००४- चन्द्रभानु सिंह (शकुन्तला, महाकाव्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार।

सुधांशु शेखर चौधरी 1922-1990

जन्म दरभंगाक मिश्रटोलामे 1922 ई. मे भेलन्हि तथा मृत्यु 1990 ई. मे भेलन्हि । किछु दिन विभिन्न जीविकामे रहि पश्चात् साहित्यकारक जीवन प्रारम्भ कएल । किछु दिन ‘बैदेही’क सम्पादन श्री सुमनजी एवं श्री कृष्णकान्त मिश्रजीक संग कएल तत्पश्चात् 1960 ई. सँ 1982 ई. धरि पटनामे ‘मिथिला मिहिर’’क सफल सम्पादन कएल ।हिनक दू गोट नाट्यकृति-‘भफाइत चाहक जिनगी’, लेटाइत आँचर’, तथा ‘पहिल साँझ’ हिनक नाटकक नीक व्यावहारिक अनुभवक परिचायक अछि ।छद्मनामसँ हिनक दू गोट उपन्यास मिहिर’ मे प्रकाशित भेल अछि । हिनक उपन्यास ई वतहा संसार’ जे मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित भेल आ जाहि पर 1980 क साहित्य अकादमीक पुरस्कार देल गेल ।

गोविन्द झा 1923-

जन्मस्थान- इसहपुर, सरिसब पाही, मधुबनी, बिहार । सिद्ध कथाकार, उपन्यासकार, नाटककार, भाषा वैज्ञानिक ओ अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार, साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कारसँ सम्मानित। बिहार सरकारसँ कामिल बुल्के पुरस्कार, ग्रियर्सन पुरस्कार आदिसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: उपन्यास, नाटक, कथा, कविता, भाषा विज्ञान आदि विभिन्न विधामे अड़तीस टा पोथी प्रकाशित । प्रकाशन: सामाक पौती,नेपाली साहित्यक इतिहास (अनु) आदि । १९९३- गोविन्द झा (सामाक पौती, कथा)पुस्तक लेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।१९९३- गोविन्द झा (नेपाली साहित्यक इतिहास- कुमार प्रधान, अंग्रेजी) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार प्रबोध सम्मान 2006 सँ सम्मानित। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१० (समग्र योगदान लेल)

योगानन्द झा 1923-1986

हिनक जन्म मधुबनी जिलाक कोइलख ग्राममे 1923 ई. मे भेलन्हि । मृत्यु 1986 मे भेलनि । अग्रेजीमे एम. ए. कएलाक पश्चात् ई किछु दिन चन्द्रधरी मिथिला कॉलेजमे प्राध्यापक रहलाह । बिहार प्रशासनिक सेवामे 1981 धरि विभिन्न पदपर कार्य कएल । तत्पश्चात्मैथिली अकादमीक निदेशक ’84 धरि ।योगानन्द झाजी मैथिली साहित्यमे अपन उपन्यास ‘भलमानुस’ एवं ‘पवित्ना’क हेतु ख्यात छथि । हिनक नाटक ‘मुनिक मतिभ्रम’ एवं कथा संग्रह ‘उड़ैत वंशी’ यथेष्ट प्रतिष्ठा प्राप्त कएने अछि । एकर अतिरिक्त ई महात्मा गान्धीक आत्मकथाक अनुवाद एवं ‘आमक जलखरी’ नामक एक कथा संग्रहक सम्पादन सेहो कएने छथि ।

रामकृष्ण झा 'किसु' 1923-1970

आधुनिक धाराक विशिष्ट कवि, कथाकार, चिन्तक । प्रकाशित कृति: आत्मनेपद (कविता संग्रह), मैथिली नवकविता (सम्पादन)। मृतयुपरान्त ’किसुन रचनावली’ तीन खण्डमे प्रकाशित ।

उमानाथ झा 1923-2009

जन्म:-01-01-1923, मृत्यु 07-12-2009 महरैल, भधुबनी ।भूतपूर्व अङरेजी विभागाध्यक्ष एवं प्रति-कुलपति मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा । रचना:-रेखाचित्न, अतीत (कथा संग्रह); मैथिली नवीन साहित्य, इन्द्र धनुष, विद्यापति गीतशती (सम्पादन)।१९८७- उमानाथ झा (अतीत, कथा) पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित।

ज़टाशंकर दास 1923-2006

प्रबोध नारायण सिंह 1924-2005

हिन्दी, संस्कृत, मैथिली, पाली एवं फारसीक विद्वान्। मिथिला, मैथिल एवं मैथिलीक ई अनन्य भक्त छथि । कलकत्ता रहि मिथिला दर्शन’, मैथिली कविता’, मैथिली रंगमंच’ आदि पत्निकाक प्रकाशनक माध्यमसँ श्री प्रबोधजी मैथिलीक जे सेवा कएल अछि तकर वर्णन थोड़मे सम्भव नहि । अनेक बङला कृतिक ई अनुवाद सेहो कएल अछि ।हिन्दीमे सेहो हिनक ‘कविता संग्रह’ प्रकाशित अछि ।कलकत्ता विश्वविद्यालयमे हिन्दीक पूर्व अध्यक्ष २००२- डॉ. प्रबोध नारायण सिंह (पतझड़क स्वर- कुर्तुल ऐन हैदर, उर्दू) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

मदनेश्वर मिश्र 1924-2004

अमोघ नारायण झा "अमोघ" 1924-

मुरलीधर सिंह, ब्रजमोहन ठाकुर, शुभंकर झा, मदनेश्वर मिश्र 1924-2004, ललित नारायण मिश्र, देवनाथ राय

मतिनाथ मिश्र मतंग 1924-

आनन्द मिश्र 1924-2007

डॉ. जयमन्त मिश्र १९२५-२०१०

जन्म १५-१०-१९२५ मृत्यु ०७-०९-२०१०, गाम-ढंगा-हरिपुर-मजरही।

१९९५- जयमन्त मिश्र (कविता कुसुमांजलि, पद्य) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार- मैथिली।

चन्द्रनाथ मिश्र अमर 1925-

जन्म: खोजपुर, मधुबनी । वरिष्ठ कवि, कथाकार-उपन्यासकार । हास्य-व्यंग्यक कवितामे बेजोड़। मैथिलीक लेल समर्पित व्यक्तित्व । पांच दर्जनसं बेसी कथा आ विदागरी, वीरकन्या (उपन्यास) जल समाधि (कथा संग्रह) प्रकाशित ।१९८३- चन्द्रनाथ मिश्र अमर” (मैथिली पत्रकारिताक इतिहास) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। एम. एल. एकेडमी, लहेरिरियासरायसं शिक्षकक रूपमे अवकाश प्राप्त। आशा दिशा, गुदगुदी, युगचक्र, उनटा पाल आदि कविता संग्रह प्रकाशित। १९९८- चन्द्रनाथ मिश्र अमर” (परशुरामक बीछल बेरायल कथा- राजशेखर बसु, बांग्ला) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। चन्द्रनाथ मिश्र अमर २०१० मे मैथिली साहित्य लेल साहित्य अकादेमीक फेलो (भारत देशक सर्वोच्च साहित्यक पुरस्कार)।

मुक्तिनाथ झा (1926-2009)

शुभंकर झा 1926-

डॉ. हरिवंश तरुण 1927-2009

जन्म 21 जून 1927 .। गाम- चकसलेम, पो.- पटोरी, जिला- समस्तीपुर। तीन दर्जन सँ बेशी हिन्दी पोथी जाहिमे काव्य-कथा-प्रबन्ध सम्मिलित अछि।

दीनानाथ पाठक 'बन्धु' 1928-1962

बुचन भगत, संत 1928-1991

अनंत बिहारी लाल दास "इन्दु" 1928-2010

२००७- अनन्त बिहारी लाल दास इन्दु” (युद्ध योद्धा-अगम सिंह गिरि, नेपाली)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

जगदानन्द झा 1928-

दुर्गानाथ झा "श्रीश"

हिनकर जन्म मधुबनी जिलाक विट्ठो गाममे १९२९ ई. मे भेलन्हि। हिन्दी आ मैथिलीमे एम.ए. आ बी.एड. केलाक बाद किछु दिन स्कूलमे अध्यापन, फेर मिल्लत कॉलेज, लहेरियासरायमे मैथिली आ हिन्दी विभागक अध्यक्ष। मैथिली भाषामे पहिल पी.एच. डी.। "श्रीश" जीक मैथिलीमे प्रकाशित रचना अछि- "मैथिली साहित्यक इतिहास", "भुवन भारती" (सम्पादन), "महामत्स्य ओ मनु" (कविता), "नाट्य कथा सार"(सम्पादन), "पुरुषार्थ"(पद्य नाटक) आ अनेक कविता, एकांकी आ आलोचनात्मक निबन्ध।

राजकमल चौधरी 1929-1967

महिषी, सहरसा। रचना:- आदि कथा, आन्दोलन, पाथर फूल (उपन्यास), स्वरगंधा (कविता संग्रह), ललका पाग (कथा संग्रह), कथा पराग (कथा संग्रह सम्पादन) हिन्दीमे अनेक उपन्यास, कविताक रचना, चौरङ्गी (बङला उपन्यासक हिन्दी रूपान्तर) अत्यन्त प्रसिद्ध।

विश्वनाथ झा "विषपायी" 1929-2005

"राम सुयश सागर" (मैथिली रामायण) १९८० ई. मे प्रकाशित। २५ जनवरी २००५ केँ मृत्यु।

जयधारी सिंह 1929-2007

समीक्षक, कवि । प्रकाशन: बौद्धगानमे तांत्रिक सिद्धांत, समीक्षा शास्त्रा अदि । रामकृष्ण कॉलेज, मधुबनीमै मैथिली विभागक पूर्व अध्यक्ष ।

शैलेन्द्र मोहन झा 1929-1994

१९९२- शैलेन्द्र मोहन झा (शरतचन्द्र व्यक्ति कलाकार-सुबोधचन्द्र सेन, अंग्रेजी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

विजयनाथ ठाकुर 1929-2008

सुन्दर झा "शास्त्री" 1930-1998

जनकपुर, नेपाल, युवावस्थाक जेलक दुर्लभ फोटो।नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान मानद सदस्यता- स्व. सुन्दर झा शास्त्री

रमेशचन्द्र वर्मा 1930-

गणेश चंचल १९३०-२०११

गोपालजी झा 'गोपेश' 1931-2008

जन्म मधुबनी जिलाक मेहथ गाममे १९३१ .मे भेलन्हि।हिनकर रचित सोन दाइक चिट्ठी”, “गुम भेल ठाढ़ छी”, “एलबम” आब कहू मन केहन लगैए”, "मखानक पात" प्रकाशित भेल जाहिमे सोनदाइक चिट्ठी बेश लोकप्रिय भेल।२००६ .-श्री गोपालजी झा गोपेश, मेंहथ, मधुबनी;यात्री-चेतना पुरस्कार।

 

विवेकानन्द ठाकुर 1931-

२००५- विवेकानन्द ठाकुर (चानन घन गछिया, पद्य)मैथिली लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार।

ताराकांत मिश्र 1931-

ललित 1932-1983

जन्म स्थान बसैठ चानपुरा मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार ओ उपन्यासकार । प्रकाशित कृति: प्रतिनिधि, (कथा संग्रह), पृथ्वी-पुत्र (उपन्यास) आदि।

मुरारि मधुसूदन ठाकुर 1932-

ताराशंकर बंदोपाध्यायक बंगला उपन्यास "आरोग्य निकेतन" मैथिली अनुवाद लेल साहित्य अकादमीक अनुवाद पुरस्कार 1999 भेटल छन्हि।

विद्यानारायण ठाकुर 1933-

धूमकेतु 1932-2000

जन्म स्थान कोइलख, मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार, उपन्यासकार ओ कवि । प्रकाशित कृति : दू टा कथा संग्रह ओ एक टा उपन्यास ।

राजमोहन झा 1934-

जन्म स्थान कुमरबाजितपुर, वैशाली, बिहार प्रख्यात कथाकार संपादक आइ काल्हि परसू (कथा-संग्रह) लेल १९९६ मे साहित्य अकादेमीसँ सम्मानित प्रकाशित कृति : एक आदि एकांत, झूठ साँच, एकटा तेसर, अनुलग्नक, आइ काल्हि परसू (कथा संग्रह), गलतीनामा, भनहि विद्यापति, टीप्पणीत्यादि (आलोचना) आरम्भ’ पत्रिकाक संपादन।प्रबोध सम्मान 2009 सँ सम्मानित।

डॉ. धीरेन्द्र 1934-2004

जन्म स्थान लोहना, मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार,उपन्यासकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: कुहेस आ किरण, पझाइत घूरक आगि, शतरूपा ओ मनु अपन मन्दिर (कथासंग्रह) हैंगरमे टाँगल कोट, काल्हि ओ आइ (कविता संग्रह) सहित कैक विधामे विभिन्न पोथी।

रमेश नारायण १९३४- २०११

पूरा नाम- रमेश नारायण दास, जन्म १५ मार्च १९३४ केँ मधुबनीक बहेरा गाममे। पिता-श्री हरिवल्लभ लाल दास। शिक्षा मधेपुर, मधुबनी आ पटनामे। १९६१ ई.सँ १९९४ ई. धरि ए.एन. कॉलेज, पटनामे हिन्दी विभागमे अध्यापन। पाथरक नाव (मैथिली कथा संग्रह, १९७२) प्रकाशित। मृत्यु १२ जनवरी २०११ केँ पटनामे।

जमाहिरलाल जवाहरलाल नेहरू जयकान्त मिश्र बैद्यनाथ चौधरी

हरिमोहन झा, मायानन्द मिश्र, स्वरूप दास

बाबू श्री सत्यनारायण सिंह आ राघवाचार्य

बाबू श्री सत्यनारायण सिंह

मायानन्द मिश्र 1934-

हिनक जन्म १७ अगस्त १९३४ . केँ सुपौल जिलाक बनैनियाँ गाममे भेलनि।भाङ्क लोटा, आगि मोम आ’ पाथर आओर चन्द्र-बिन्दु- हिनकर कथा संग्रह सभ छन्हि। बिहाड़ि पात पाथर , मंत्र-पुत्र ,खोता आ’ चिडै आ’ सूर्यास्त हिनकर उपन्यास सभ अछि॥ दिशांतर हिनकर कविता संग्रह अछि। एकर अतिरिक्त सोने की नैय्या माटी के लोग, प्रथमं शैल पुत्री ,मंत्रपुत्र, पुरोहित आ’ स्त्री-धन हिनकर हिन्दीक कृति अछि।१९८८- मायानन्द मिश्र (मंत्रपुत्र, उपन्यास)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित।

प्रबोध सम्मान 2007सँ सम्मानित।

हरिशंकर श्रीवास्तव "शलभ" 1934-

सोमदेव 1934-

उपन्यासकार ओ कवि । साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: चानोदाइ, होटल अनारकली (उपन्यास), काल ध्वनि (कविता संग्रह), चरैवेति (गीति नाट्य) सोम सतसइ (दोहा)।२००२- सोमदेव (सहस्रमुखी चौक पर, पद्य) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। २००१ . - श्री सोमदेव, दरभंगा;यात्री-चेतना पुरस्कार, प्रबोध साहित्य सम्मान २०११।

राजनन्दन लाल दास 1934-

"कर्णामृतक" सम्पादन। "चित्रा-विचित्रा" प्रकाशित।

रमानन्द रेणु 1934-2011

जन्म स्थान उसमामठ, दरभंगा, बिहार । वरिष्ठ कवि, कथाकार ओ उपन्यासकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित। प्रकाशित कृति: कचोट, त्रिकोण, अंतहीन आकाश (कथा-संग्रह), दूधफूल (उपन्यास), अंतत:, ओकरे नाम (कविता-संग्रह)। २०००- रमानन्द रेणु (कतेक रास बात, पद्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१ (समग्र योगदान लेल)

कालीकांत झा "बूच" 1934-2009

हिनक जन्म, महान दार्शनिक उदयनाचार्यक कर्मभूमि समस्तीपुर जिलाक करियन ग्राममे 1934 . मे भेलनि पिता स्व. पंडित राजकिशोर झा गामक मध्य विद्यालयक प्रथम प्रधानाध्यापक छलाह माता स्व. कला देवी गृहिणी छलीह अंतरस्नातक समस्तीपुर काॅलेज, समस्तीपुरसँ कयलाक पश्चात् बिहार सरकारक प्रखंड कर्मचारीक रूपमे सेवा प्रारंभ कयलनि बालहिं कालसँ कविता लेखनमे विषेश रूचि छल मैथिली पत्रिका - मिथिला मिहिर, माटि - पानि, भाखा तथा मैथिली अकादमी पटना द्वारा प्रकाशित पत्रिकामे समय - समय पर हिनक रचना प्रकाशित होइत रहलनि जीवनक विविध विधाकेँ अपन कविता एवं गीत प्रस्तुत कयलनि साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा प्रकाशित मैथिली कथाक विकास (संपादक डाॅ बासुकीनाथ झा ) मे हास्य कथा कारक सूची मे डाॅ विद्यापति झा हिनक रचना ‘‘धर्म शास्त्राचार्यक उल्लेख कयलनि मैथिली कादमी पटना एवं मिथिला मिहिर द्वारा प्रशंसा पत्र भेजल जाइत छल ।श्रृंगाररस एवं हास्य रसक संग-संग विचार मूलक कविताक रचना सेहो कयलनि डाॅ दुर्गानाथ झा श्रीश संकलित मैथिली साहित्यक इतिहासमे कविक रूपमे हिनक उल्लेख कएल गेल अछि प्रकाशित कृति (मृत्योपरांत) : कलानिधि- कविता-संग्रह

श्याम चन्द्र 1934-

उपन्यास "रूपा दीदी" प्रकाशित। गाम मलंगिया, जिला- मधुबनी।

डोरीलाल शर्मा "श्रोत्रिय" १९३५-

"मिथिला की पाण्डित्य परम्परा" पोथी प्रकाशित।

तारानन्द तरुण १९३५-२०११

रामभद्र, धनुषा, नेपाल 1935-

साहित्य तथा अन्यान्य क्षेत्रक कतोक सफल व्यक्तिसभ अपन प्रेरणास्रोत आ पथ-प्रदर्शक मानैत छथि । मैथिली साहित्य-क्षेत्रमे हिनक परिचयक मादे एतबाए कहब पर्याप्त होएत जे मैथिलीक मूर्द्धन्य साहित्यकार डा. धीरेन्द्र हिनका मैथिली साहित्यक सर्वश्रेष्ठ कथाकार मानैत छथि ।हिनक कथामे प्रतीकात्मकताक अदभुत प्रयोगहिटा नहि, अपितु एकटा आदर्श कथाक समस्त वैशिष्टसभविद्यमान रहैत अछि । कथाकारक अतिरिक्त ई उत्कृष्ट समालोचक, नाटककार आ कवि सेहो छथि । नेपालमे मैथिलीक पहिल मोनोड्रामा लिखबाक श्रेय सेहो हिनका जाइत छनि ।सामाजिक कुरीतिसभकँ कुशलतासँ चित्रण करबामे, चिन्तनीय बनएबामे आ मन-मस्तिष्कपर अमिट छाप छोड़बामे रामभद्र सिद्धहस्त छथि । धनुषा जिलाक कुर्था गाममे जनमल रामभद्रक पूर्ण नाम रामभद्र कर्ण छनि । अग्ङरेजी विषयक अवकाशप्राप्त शिक्षक रामभद्र व्याकरण, पाठयपुस्तक आ सहायक पुस्तकसभ लिखबाक काजमे निरन्तर सक्रिय छथि।

केदारनाथ चौधरी 1936-

जन्म 3 जनवरी 1936 नेहरा, जिला दरभंगामे। 1958 .मे अर्थशास्त्रमे स्नातकोत्तर, 1959 .मे लॉ। 1969 .मे कैलिफोर्निया वि.वि.सँ अर्थस्थास्त्र मे स्नातकोत्तर, 1971 .मे सानफ्रांसिस्को वि.वि.सँ एम.बी.., 1978मे भारत आगमन। 1981-86 बीच तेहरान प्रैंकफुर्तमे। फेर बम्बई, पुणे होइत 2000 सँ लहेरियासरायमे निवास। मैथिली फिल्म 'ममता गाबय गीत' मदनमोहन दास उदयभानु सिंहक संग सह निर्माता। तीन टा उपन्यास 2004 मे चमेली रानी, 2006 मे करार, 2008 मे माहुर।

जीवकांत 1936-

नाम- जीवकान्त झा,पिता-गुणानन्द झा, माता-महेश्वरी देवी, जन्म-२५.०७.१९३६ अभुआढ़, जिला-सुपौल। नौकरी-विज्ञान शिक्षक (.वि.खजौली १९५७-८१), हिन्दी शिक्षक (.वि.डेओढ़ एवं .वि.पोखराम १९८१-९८)।पहिल रचना-इजोड़िया टिटही (कविता, जनवरी १९६५ मिथिला मिहिर)।पहिल छपल पोथी- दू कुहेसक बाट (उपन्यास १९६८)।नूतन पोथी-खिखिरक बीअरि (२००७ बाल पद्य कथा), अठन्नी खसलइ वनमे (पद्य-कथा संग्रह) पंजरि प्रेम प्रकासिया (जीवन-वृत्तक अंश)।पुरस्कार-साहित्य अकादेमी 1998 तकै अछि चिड़ै, पद्य , किरण सम्मान (१९९८), वैदेही सम्मान (१९८५)।प्रकाशित पोथी-

कविता संग्रह:नाचू हे पृथ्वी (७१), धार नहि होइछ मुक्त (९१), तकैत अछि चिड़ै (९५), खाँड़ो (१९९६), पानिमे जोगने अछि बस्ती (९८), फुनगी नीलाकाशमे (२०००), गाछ झूल-झूल (२००४), छाह सोहाओन (२००६), खिखिरिक बीअरि (२००७)

कथा-संग्रह:एकसरि ठाढ़ि कदम तर रे (७२), सूर्य गलि रहल अछि (७५), वस्तु (८३), करमी झील (९८)

उपन्यास:दू कुहेसक बाट(६८), पनिपत(७७), नहि, कतहु नहि (७६), पीयर गुलाब छल (७१), अगिनबान (८१)

हिन्दी अनुवाद- निशान्त की चिड़िया (तकैत अछि चिड़ै, साहित्य अकादमी, दिल्ली २००३)

प्रबोध सम्मान 2010 सँ सम्मानित।

देवकांत झा 1936-

डॉ अमरेश पाठक 1936-

हिनक जन्म सीतामढ़ी जिलाक अन्तर्गत सामारि ग्राममे १९३६ मे भेलन्हि । १९५७ मे पटना विश्वविद्यालयसँ मैथिलीक एम. ए. परीक्षामे प्रथम श्रेणीमे प्रथमस्थान पाओल । १९५७ सँ १९६० धरि रामकृष्ण महाविद्यालय, मधुबनीमे व्याख्याता रूपेँ तकरा बाद पटना विश्वविद्यालयमे व्याख्याता रूपमे कार्य करए लगलाह । पटना विश्वविद्यालयमे मैथिली विभागाध्यक्ष रूपेँ । मैथिली उपन्यासक आलोचनात्मक अध्ययन’ शोध प्रबन्धपर हिनका बिहार विश्व-विद्यालय द्वारा डि. लिट्क उपाधि भेटलन्हि । ई शोध प्रबन्ध पुस्तकाकार रूपेँ सेहो प्रकाशित भेल अछि बिहार राष्ट्रभाषा परिषदक विद्यापति ग्रन्थावलीक सम्पादक मण्डलक सदस्य । हिनक अन्य प्रकाशित रचना अछि ’निबन्ध संकलन’ । एकरा छोड़ि विभित्र पत्न-पत्निकामे हिनक कतेको निबन्ध प्रकाशित छन्हि । मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित कथा-संग्रहक इहो एक सम्पादक छथि । ई अधिकतर उच्च स्तरीय आलोचनात्मक निबन्ध लिखैत छथि । २०००- डॉ. अमरेश पाठक, (तमस- भीष्म साहनी, हिन्दी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

 

बलराम 1936-2008

जन्म स्थान पचही, मधुबनी, बिहार । विशिष्ट कथाकार । प्रकाशित कृति : दकचल देबाल (कथा-संग्रह)।

मैथिलीपुत्र प्रदीप 1936-

ग्राम- कथवार, दरभंगा। प्रशिक्षित एम.., साहित्य रत्न, नवीन शास्त्री, पंचाग्नि साधक। हिनकर रचित "जगदम्ब अहीं अवलम्ब हमर" "सभक सुधि अहाँ लए छी हे अम्बे, हमरा किए बिसरै छी यै" मिथिलामे लेजेंड भए गेल अछि।

रामदेव झा 1936-

कथाकर, समीक्षक, अनुवादक, ग्रंथ सम्पादक । साहित्य अकादेमीक मूल एवं अनुवाद पुरस्कार प्राप्त कर्त्ता ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगाक मैथिली विभागक पूर्व प्राचार्य । प्रकाशन: पसिझैत पाथर, (अनु.) आदि । १९९१- रामदेव झा (पसिझैत पाथर, एकांकी)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।१९९४- रामदेव झा (सगाइ- राजिन्दर सिंह बेदी, उर्दू) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

 

रवीन्द्र नाथ ठाकुर 1936-

जन्म पूर्णिञा जिलाक धमदाहा ग्राममे 1936 ई. मे भेलन्हि । नेने अवस्थासँ गीत गएबामे एवं कविता लिखबामे विशेष रुचि । कोनो मंच पर ठाढ़ भेला पर ई सहजहि श्रीताकेँ आह्लादित करैत छथि । हिनक सात गोट मैथिलीक गीत संग्रह, एक मिनी महाकाव्य, एक प्रयोगधर्मी काव्य, एक उपन्यास, एक नाटक ‘एक राति’ एवं एक हिन्दी नाटक, प्रकाशित भेल छन्हि ।

बिनोद बिहारी वर्मा 1937-2003

मैथिल करण कायस्थक पाँजिक सर्वेक्षण, बलानक बोनिहार ओ पल्लवी तथा अन्य कथा (कथा संग्रह)

ललन कुमार वर्मा 1937-2001

सहरसा जिलाक डुमरा गामक। पिता श्री सूर्यनारायण लाल दास। पेशासँ वकील ललनजी मैथिली लेल कतेको केस सरकारक विरुद्ध लड़लाह।

वीरेन्द्र मल्लिक 1937-

जन्म- 3 जनबरी 1937 . परसौनी, मधुबनीमे।कवि, सम्पादक, समीक्षक आखर, अगनिपत्रक सम्पादन ।अग्नि-शिखा (कविता संग्रह)

कीर्तिनारायण मिश्र 1937-

जन्म १७ जुलाई १९३७ . केँ ग्राम शोकहारा (बरौनी), जिला बेगूसरायमे भेलन्हि। हुनकर प्रकाशित कृति अछि सीमान्त,महानगर (दीर्घ कविता), हम स्तवन नहि लिखब, ध्वस्त होइत शांति स्तूप (एहि पोथीपर साहित्य अकादमी 1997 पुरस्कार), आदमीकेँ जोहैत (कविता संग्रह)संस्मरण-अपन एकांतमे, स्मृति यात्रा, पत्रक दर्पणमे। सम्पादन- आखर मासिक पत्रिका, आधुनिक मैथिली साहित्य, '63, राजकमल जीवन आ साहित्य, '68, कथा-संकलन- काल कोठरी। आलोचना- अर्थांतर-2004

गौरीकांत चौधरीकांत 1937-2001

युगल किशोर मिश्र १९३८-२००७

प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' 1938-

ग्राम+पोस्ट- हसनपुर, जिला-समस्तीपुर।मैथिलीमे .नेपालक मैथिली साहित्यक इतिहास(विराटनगर,१९७२ई.), .ब्रह्मग्राम(रिपोर्ताज दरभंगा १९७२ .), .’मैथिली’ त्रैमासिकक सम्पादन (विराटनगर,नेपाल १९७०-७३ई.), .मैथिलीक नेनागीत (पटना, १९८८ .), .नेपालक आधुनिक मैथिली साहित्य (पटना, १९९८ .), . प्रेमचन्द चयनित कथा, भाग- आऽ (अनुवाद), . वाल्मीकिक देशमे (महनार, २००५ .)।२००४- डॉ. प्रफुल्ल कुमार सिंह मौन” (प्रेमचन्द की कहानी-प्रेमचन्द, हिन्दी) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

महेश्वरनाथ मल्लिक 1938-

परशुराम झा १९३८-

गाम- मेंहथ (मधुबनी), कृति- डाइमेन्शन्स ऑफ पीस इन इन्गलिश ड्रामा,क्रिश्चियन पोएटिक ड्रामा।

कुलानन्द मिश्र 1940-2000

जन्म पकड़ी कोठी, सीतामढ़ी, बिहार। सुविख्यात कवि,, संपादक, समालोचक। प्रकाशित कृति- तावत एतबे, भोरक प्रतीक्षामे (कविता संग्रह), भारतक भाषा सर्वेक्षण, पारो, राजकमल चौधरी की ग्यारह कहानियाँ (अनुवाद)

बिलट पासवान 'विहंगम' 1940-

जन्म मधुबनी जिलाक एकहत्था ग्राममे १९४० . मे भेलन्हि।

फजलुर रहमान हासमी 1940-2011

जन्म-पटना जिलाक बराह गाममे। वृत्ति अध्यापक। हिन्दी कविता संग्रह "रश्मि राशि" मैथिली कविता संग्रह "निर्मोही" प्रकाशित। १९९६मे अबुलकलाम आजाद- अब्दुलकवी देसनवी, उर्दूसँ मैथिली अनुवादपर साहित्य अकादमीक मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

प्रभास कुमार चौधरी 1941-1998

गाम- पिंडारुछ, जिला- दरभंगा प्रख्यात कथाकार ओ उपन्यासकार । प्रभासक प्रकाशित कृति : कथा-प्रभास, प्रभासक कथा, नव घर उठय पुरान घर खसय, दिदवल (कथासंग्रह), अभिशप्त, युगपुरुष, हमरा लग रहब, नवारम्भ, राजा पोखरिमे कतेक मछरी (उपन्यास) । विभिन्न महत्वपूर्ण पत्रिकाक सम्पादन । त्रैमासिक कथा गोष्ठी 'सगर राति दीप जरय' केर प्रारम्भ।१९९०- प्रभास कुमार चौधरी (प्रभासक कथा, कथा) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।

साकेतानन्द 1940-

वरिष्ठ कथाकार, गणनायक (कथा-संग्रह) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित। प्रकाशित कृति: मैथिली कथा साहित्यमे 1962 सक्रिय । गोडेक चालिस_पचास टा कथा, रिपोर्ताज. संस्मरण, यात्रा_विवरण मैथिलीमे प्रकाशित अधिकांश पत्र_पत्रिकामे छपल । पहिल मैथिली कथा ग्लेसियर” 1962मे मिथिलामिहिरमे प्रकाशित । हिन्दियोमे दू दर्जन कथा आदि प्रकाशित । सन 99मे छपल पहिल कथा_संग्रह गणनायकके ओही वर्ष साहित्य अकादमी पुरस्कार। पैघ बान्धअबैबला विपत्तिके रेखांकित करैत, पर्यावरण के कथा वस्तु बना कराजकमल प्रकाशन सप्रकाशित एवं अत्यंत चर्चित उपन्यास (डौकूमेंट्री फिक्शन’) “सर्वस्वांत ।आकाशवाणीक राष्ट्रीय कार्यक्रममे प्रसारित दू टा उल्लेखनीय वृत्त रूपक_ ‘महानन्दा अभयारण्यपर आधारित जंगल बोलता हैएवं झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रक ज्वलंत डाइनक समस्या पर आधारित वृत्तरूपक नैना जोगन चर्चित एवं प्रसिद्ध ।

रामावतार यादव, मैथिली भाषिकी, नेपाल 1942-

देश-विदेशक भाषाविज्ञान जर्नलमे पचासो आलेखक द्वारा मैथिलीक विशिष्टताकेँ उजागर केनिहार। मैथिली ध्वनिशास्त्र 1984 . मे जर्मनीसँ मैथिलीक सन्दर्भ व्याकरण 1996 . मे बर्लिन न्यूयार्कसँ प्रकाशित। 2000 ..मे लंदनसँ प्रकाशित भारतीय आर्यभाषा पुस्तक मे संकलित हिनकर मैथिली भाषा संबंधी आलेख विशेष उल्लेखनीय। नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानसँ पासाङ ल्हामु प्रज्ञा-पुरस्कारसँ सम्मानित।

गंगेश गुंजन 1942-

जन्म स्थान- पिलखबाड़, मधुबनी।श्री गंगेश गुंजन मैथिलीक प्रथम चौबटिया नाटक बुधिबधियाक लेखक छथि हिनका उचितवक्ता (कथा संग्रह) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल छन्हि। एकर अतिरिक्त्त मैथिलीमे हम एकटा मिथ्या परिचय, लोक सुनू (कविता संग्रह), अन्हार- इजोत (कथा संग्रह), पहिल लोक (उपन्यास), आइ भोर (नाटक)प्रकाशित। हिन्दीमे मिथिलांचल की लोक कथाएँ, मणिपद्मक नैका- बनिजाराक मैथिलीसँ हिन्दी अनुवाद शब्द तैयार है (कविता संग्रह)।१९९४- गंगेश गुंजन (उचितवक्ता, कथा)पुस्तक लेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।

प्रेमशंकर सिंह 1942-

ग्राम+पोस्ट- जोगियारा, थाना- जाले, जिला- दरभंगा।मौलिक मैथिली: .मैथिली नाटक रंगमंच,मैथिली अकादमी, पटना, १९७८ .मैथिली नाटक परिचय, मैथिली अकादमी, पटना, १९८१ .पुरुषार्थ विद्यापति, ऋचा प्रकाशन, भागलपुर, १९८६ .मिथिलाक विभूति जीवन झा, मैथिली अकादमी, पटना, १९८७५.नाट्यान्वाचय, शेखर प्रकाशन, पटना २००२ .आधुनिक मैथिली साहित्यमे हास्य-व्यंग्य, मैथिली अकादमी, पटना, २००४ .प्रपाणिका, कर्णगोष्ठी, कोलकाता २००५, .ईक्षण, ऋचा प्रकाशन भागलपुर २००८ .युगसंधिक प्रतिमान, ऋचा प्रकाशन, भागलपुर २००८ १०.चेतना समिति नाट्यमंच, चेतना समिति, पटना २००८।